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माघ मेले में पहली बार पर्यटन विभाग की तरफ से 04 अस्थाई पर्यटन सूचना केंद्रों की होगी स्थापना

सूचना केंद्रों में पर्यटकों के लिए उपलब्ध रहेगी पर्यटन स्थलों, पेईंग गेस्ट हाउस और प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड की जानकारी लखनऊ वर्ष 2025 में योगी सरकार के प्रयास से संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित दिव्य , भव्य और स्वच्छ कुंभ के सफल आयोजन को पूरी दुनिया ने सराहा।   यूनेस्को द्वारा इसे 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। आयोजन की भव्य सफलता के बाद अब संगम नगरी   महाकुंभ के बात माघ मेला 2026 का इंतजार कर रही है। 3 जनवरी 2026 में आयोजित होने जा रहे आस्था के इस महा समागम में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुमान को देखते हुए पर्यटन विभाग भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।  पहली बार माघ मेले में 04 अस्थाई पर्यटन सूचना केंद्र की स्थापना महाकुंभ 2025 के दिव्य और भव्य आयोजन के बाद प्रयागराज को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है। पर्यटकों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी इसका संकेत दे रही है। प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी अपराजिता सिंह का कहना है कि वर्ष 2020 में प्रयागराज में पर्यटकों की संख्या 31933758 थी, जो  2021 में 11213496, वर्ष 2022 में 26047166, वर्ष 2023 में 50671622 , वर्ष 2024 में 5,12,6,2806 और 2025 जनवरी से सितंबर तक 68,21,50806 तक पहुंच गई। संगम नगरी में पर्यटकों की आई इस सूनामी से पर्यटन विभाग उत्साहित है। इस बार 3 जनवरी 2026 से शुरू होकर 44 दिन तक होने जा रहे माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम नगरी पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए माघ मेले में 04 अस्थाई सूचना पर्यटन केंद्र बनाए जा रहे हैं।  पर्यटन सूचना केंद्रों में मिलेंगी ये सुविधाएं उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की तरफ से स्थापित जा रहे इन पर्यटन सूचना केंद्रों में प्रयागराज के सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों की जानकारी की पुस्तिका हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी। डिजिटल फॉर्मेट में भी इसे उपलब्ध कराया जायेगा। सूचना केंद्र में एक गाइड बुक भी होगी । पर्यटकों को टूरिज्म की जानकारी देने के लिए यहां पर एक प्रशिक्षित गाइड की सूची भी उपलब्ध रहेगी। पर्यटकों के ठहरने की जानकारी देने के लिए यहां पर रजिस्टर्ड पेइंग गेस्ट हाउस की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व सहूलियत शीर्ष प्राथमिकता हो : सीएम योगी

20 दिसंबर तक पूर्ण कर लें खिचड़ी मेले से जुड़े सभी कार्य : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व सहूलियत शीर्ष प्राथमिकता हो : सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेला की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की समीक्षा गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति पर लगने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेले से जुड़े सभी कार्य 20 दिसंबर तक हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं। खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व सहूलियत प्राथमिकता होनी चाहिए। यह ध्यान रखा जाए कि श्रद्धालुओं को कहीं कोई दिक्कत न हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार पूर्वाह्न गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में खिचड़ी मेला की तैयारियों को लेकर महापौर और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेले से न सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश वरन बिहार, नेपाल से लगायत देश-दुनिया के सनातन मतावलंबियों की आस्था जुड़ी है। इसके दृष्टिगत मेले में सभी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जाये जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। दूरदर्शन व आकाशवाणी के जरिए मेले का सजीव प्रसारण किया जाएगा ताकि वे लोग भी मेले में वर्चुअल सहभागी हो सकें जो किंचित कारणों से इसमें शामिल नहीं हो पा रहे हों। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की तरफ से खिचड़ी मेला को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कहा कि जो भी कार्य शेष रह गए हैं, उन्हें शीघ्रता से पूरा कर लिया जाए। ध्यान रहे सभी कार्य 20 दिसंबर तक पूरे हो जाने चाहिए। सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खिचड़ी मेला में स्वच्छता और सफाई पर खास ध्यान देने के साथ इस मेले को जीरो वेस्ट इवेंट बनाने के लिए नगर निगम को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र मे पर्याप्त स्थायी एंव अस्थायी प्रकाश व्यवस्था भी कराएं। उन्होंने कहा कि समय रहते मंदिर मार्ग की सभी स्ट्रीट लाइट का परीक्षण कर कोई दिक्कत मिलने पर उसे दुरुस्त कर लिया जाए। खिचड़ी मेला स्पेशल ट्रेनों का भी होगा संचलन बैठक में सीएम योगी ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खिचड़ी मेला स्पेशल ट्रेनों का संचलन किया जाएगा। इसके लिए रेलवे प्रशासन से संवाद कर अलग-अलग स्टेशनों से मेला स्पेशल ट्रेनों का संचलन कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। स्पेशल ट्रेनों के संबंध में व्यापक प्रचार, प्रसार भी किया जाए। शहर के ठहराव वाले स्टेशनों से इलेक्ट्रिक सिटी बसों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। खिचड़ी मेला को लेकर विशेष तैयारी करे परिवहन विभाग बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेला में आने के लिए श्रद्धालुओं को सुदूर ग्रामीण क्षेत्र तक परिवहन की सुविधा मिलनी चाहिए। परिवहन विभाग इसके लिए अभी से बसों के इंतजाम की तैयारी शुरू कर दे। किन स्थानों से खिचड़ी मेला स्पेशल बसों का संचलन किया जाएगा, इसका व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जाए। पर्याप्त अलाव जलवाने के हों इंतजाम मुख्यमंत्री ने कहा कि खिचड़ी मेला के समय शीतलहर का भी दौर रहता है। इस दौरान आमजन की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में अलाव जलवाने के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था के लिए उन्होंने वन विभाग को निर्देशित किया। चुस्त दुरुस्त रहे सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण पर हो पूरा फोकस सीएम योगी ने खिचड़ी मेला में सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा चुस्त दुरुस्त होनी चाहिए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस की पर्याप्त संख्या में तैनाती और महिला हेल्प डेस्क की स्थापना सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की कंट्रोल रूम से एकीकृत निगरानी करने के साथ ही पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मेले के दौरान पीए सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को लगातार जरूरी जानकारी भी देती रहे। इसके साथ ही मुख्य मेला दिन और भीड़ होने के अन्य दिनों पर भीड़ नियंत्रण पर पूरा फोकस होना चाहिए। उन्होंने भीड़ नियंत्रण के लिए एनसीसी और सिविल डिफेंस की सेवा लेने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को सुरक्षा और सतर्कता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यातायात प्रबंधन पर भी दें ध्यान सीएम योगी ने कहा कि यातायात प्रबंधन के लिए पर्याप्त यातयात पुलिस और होमगार्ड्स की तैनाती के साथ लगातार सीसीटीवी मॉनिटरिंग की जाए। वाहनों की पार्किंग और डायवर्जन की तैयारी अभी से होनी चाहिए। ठीक कर लें सड़कें, स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट रहे बैठक में सीएम योगी ने निर्देश दिया कि नगर निगम, गोरखपुर विकास प्राधिकरण तथा लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी है कि वे सभी सड़कों को भी समयबद्ध ढंग से ठीक करायें जिससेे किसी को भी आवगमन में असुविधा न हो। सीएम योगी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को मेला के दौरान विशेष तौर पर अलर्ट रहना होगा। मेला परिसर में हेल्थ कैम्प भी लगाया जाए। अस्पतालों को भी एलर्ट मोड पर रखने की आवश्यकता होगी ताकि आकस्मिक जरूरत पर किसी तरह की परेशानी न हो। रैन बसेरों में हों सभी जरूरी इंतजाम मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी ध्यान रखा जाए कि खिचड़ी मेले में आने वाला कोई भी श्रद्धालु खुले में न सोये, उसे निकट के रैन बसेरों में सम्मानपूर्वक आवासित कराया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी रैन बसेरों में पर्याप्त बिस्तर, कंबल तथा सफाई आदि की व्यवस्था बेहतर हो। सभी रैन बसेरों में जरूरी इंतजाम अभी से सुनिश्चित किए जाएं। श्रद्धालुओं के भोजन संबंधी सुविधा के लिए सीएम योगी ने कम्युनिटी किचन और भंडारों के आयोजन के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता भी जताई। दुकानों की इलेक्ट्रिक सेफ्टी की हो जांच, खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित हो मुख्यमंत्री ने कहा कि खिचड़ी मेले में बहुत सी अस्थायी दुकानें भी लगती हैं। इन सभी दुकानों की समय रहते इलेक्ट्रिक सेफ्टी जांच हो जानी चाहिए। मेले में लग रहे झूलों की सुरक्षा की समय रहते परख कर ली जाए। इसके साथ … Read more

अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगरा के सर्वोदय विद्यालय ने किया शानदार प्रदर्शन, वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में रचा इतिहास

योगी सरकार की खेल नीति का कमाल: उत्तर प्रदेश के गुरु-शिष्य की जोड़ी ने कोलंबो में जीता गोल्ड-सिल्वर मेडल , देश का नाम किया रोशन अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगरा के सर्वोदय विद्यालय ने किया शानदार प्रदर्शन, वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में रचा इतिहास व्यायाम शिक्षक हरीश चंद्र 77 किग्रा भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीत बने विश्व चैंपियन छात्र रमन कुमार ने 56 किग्रा भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर तिरंगे का बढ़ाया मान कोलंबो में मिली यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय लखनऊ   उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की खेल और युवा कल्याण नीति अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर परिणाम दे रही है। इसी का प्रमाण है श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित वर्ल्ड पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में आगरा जनपद के इटौरा स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के व्यायाम शिक्षक हरीश चंद्र और कक्षा 11 के छात्र रमन कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया है। हरीश चंद्र ने 77 किग्रा भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर विश्व चैंपियन का खिताब हासिल किया, जबकि युवा छात्र रमन कुमार ने 56 किग्रा भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया। वर्ल्ड चैंपियनशिप में लहराया यूपी का परचम श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित वर्ल्ड पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में 40 से अधिक देशों के एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर, गुरु और शिष्य की जोड़ी ने देश के लिए गौरव के पल लाए। शिक्षक हरीश चंद्र ने 77 किग्रा भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर विश्व चैंपियन का खिताब हासिल किया। वहीं छात्र रमन कुमार ने 56 किग्रा भार वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं हरीश और रमन योगी सरकार प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। सरकार की खेल नीतियों के कारण दोनों खिलाड़ियों का चयन हाल ही में गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उनके दमदार प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। हरीश चंद्र ने सीनियर 77 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीतने के साथ ही डेडलिफ्ट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था, जबकि रमन कुमार ने सब-जूनियर 56 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता था। यह सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी संस्थानों में भी गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जा रहा है। समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने इस उपलब्धि पर दोनों खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोलंबो में मिली यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। सर्वोदय विद्यालय इटौरा के छात्र और शिक्षक ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर जो प्रदर्शन किया है, वह आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। योगी सरकार हमेशा खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ₹10 लाख से बनेगी अत्याधुनिक लैब समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सर्वोदय विद्यालय इटौरा लगातार खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में अग्रणी रहा है। विभाग अब इस सफलता को आगे बढ़ाने के लिए सुविधाओं को और मजबूत कर रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी घासीराम प्रजापति ने बताया कि जल्द ही विद्यालय में अत्याधुनिक पावर लिफ्टिंग लैब बनकर तैयार हो जाएगी। इसके लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा 10 लाख रुपए की धनराशि भी दी गई है। यह राशि लैब में पावर लिफ्टिंग के अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने में खर्च होगी। उन्होंने कहा इससे विद्यालय में अन्य विद्यार्थियों को भी सही प्रशिक्षण के साथ आगे आने का मौका मिलेगा। ग्रामीण प्रतिभाओं को मिला सही मंच समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक एवं योजनाधिकारी जे. राम ने कहा कि इस जीत से भविष्य में विद्यालय से और भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन निकलने की उम्मीद और मजबूत हुई है। हरीश चंद्र और रमन कुमार की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार की नीतियां ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सही मंच और संसाधन उपलब्ध करा रही हैं, ताकि वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर सकें।

यूपी के प्रमुख डैम और जलाशयों पर एडवेंचर और वॉटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं विकसित होंगी, जिससे इको टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत यूपी इको टूरिज्म बोर्ड और सिंचाई विभाग के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख बांधों और जलाशयों पर एडवेंचर और वॉटर स्पोर्ट्स आधारित पर्यटन सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। इस योजना से पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। योजना के तहत झांसी की गढ़मऊ झील, बांदा का नवाब टैंक, महोबा का अर्जुन डैम, सोनभद्र का ढंढरौल डैम, हमीरपुर का मौदहा डैम, चित्रकूट का गुंता डैम और सिद्धार्थनगर का मझौली सागर इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किए जाएंगे। इन स्थानों पर प्रवेश द्वार, कॉटेज, टिकट काउंटर, कैंटीन, चिल्ड्रन प्ले एरिया, इंटरप्रिटेशन सेंटर, लैंडस्केपिंग, सोलर लाइटिंग और सेल्फी प्वाइंट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही बोटिंग, फिशिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और एक्वा प्रेशर वॉकवे जैसी गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करेंगी। इनमें सिद्धार्थनगर का मझौली सागर सबसे बड़ी परियोजना है, जहां 88.2 हेक्टेयर क्षेत्र में इंटरप्रिटेशन सेंटर, फ्लोटिंग जेट्टी, टॉय ट्रेन, कॉटेज और रेस्टोरेंट सहित कई सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। सोनभद्र के ढंढरौल डैम क्षेत्र में फसाड लाइटिंग, पार्किंग, जेट्टी और सूचना केंद्र, बांदा के नवाब टैंक में म्यूजिकल फाउंटेन और वाटर स्क्रीन, महोबा के अर्जुन डैम में सन मंदिर क्षेत्र में नई पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसी क्रम में चित्रकूट के गुंता डैम में प्रवेश द्वार और बच्चों के लिए सुविधा क्षेत्र, झांसी की गढ़मऊ झील में पाथवे और कैफेटेरिया तथा मौदहा डैम में ओपन एयर थिएटर, वॉच टावर और पार्क विकसित करने की योजना है। पर्यटन विभाग ने बताया कि इन परियोजनाओं से जिन क्षेत्रों में पहले से धार्मिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन मौजूद है, वहां पर्यटकों को नए अनुभव मिलेंगे और पर्यटन श्रृंखला और मजबूत होगी। परियोजनाओं को सिंचाई विभाग की स्वीकृति के बाद आगे बढ़ाया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होते ही इन क्षेत्रों में पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है, जिससे प्रदेश के राजस्व और स्थानीय रोजगार दोनों में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण

उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः  सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर दिया जोर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति के सम्बंध में अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दिये आवश्यक दिशा निर्देश गौतमबुद्धनगर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था समेत विभिन्न निर्माण गतिविधियों की वास्तविक प्रगति का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।  सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें सीएम  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सभी सुरक्षा मानकों को तत्काल पूर्ण किया जाए। साथ ही शीघ्र अति शीघ्र सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एयरपोर्ट प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए जहां भी सुरक्षा या अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें तेज गति और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।”  सीएम का निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्घाटन समारोह की तैयारियों को पूर्ण करें। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होने पर जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, इसका विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा, जो इसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा। निरीक्षण व बैठक के दौरान लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, विधायक धीरेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर मौजूद रहे। सीएम ने सचिव नगर विमानन मंत्रालय, अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन, निदेशक नागरिक उड्डयन, डीजी डीजीसीए, डीजी नगर विमानन सुरक्षा, डीआईजीसीआईएसएफ, एयरपोर्ट एथोरिटी ऑफ इंडिया, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ और नोडल ऑफिसर, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तृत पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई।

खेतों में अब सूरज की गर्मी के साथ मिलेगा सिंचाई का सहारा, रोशनी से निकलेगा पानी

बरेली के किसानों पर मेहरबान योगी सरकार, भारी छूट पर मिलेंगे 1002 सोलर पंप खेतों में अब सूरज की गर्मी के साथ मिलेगा सिंचाई का सहारा, रोशनी से निकलेगा पानी पीएम कुसुम योजना में बरेली में लगेंगे सोलर पंप-15 दिसंबर तक मौका, लाखों की मिलेगी सब्सिडी सिंचाई पर खत्म होगी बिजली-डीजल की मार, किसानों को मिलेंगे 2.5 लाख तक के सोलर पंप बरेली योगी सरकार ने बरेली के अन्नदाता किसानों को बड़ी सौगात दी है। किसानों की समृद्धि और सिंचाई संकट को दूर करने के लिए इस बार बरेली जिले को विशेष प्राथमिकता में रखा है। पीएम कुसुम योजना के तहत जहां पूरे प्रदेश में 40,521 सोलर पंप वितरित किए जाएंगे, वहीं बरेली जनपद के लिए 1002 सोलर पंप का लक्ष्य तय किया गया है। कृषि विभाग ने जिले के किसानों से 15 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। उपनिदेशक कृषि अमरपाल सिंह ने बताया कि यह योजना बरेली के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है। जिले में जिन किसानों ने पंजीकरण कराया है, उन्हें ई–लॉटरी के माध्यम से सोलर पंप आवंटित किए जाएंगे। आवेदन केवल कृषि विभाग की वेबसाइट पर किया जाएगा। बरेली के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ-महज पांच हजार में शुरू होगी प्रक्रिया पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन के समय किसानों को सिर्फ 5,000 रुपये टोकन मनी जमा करनी होगी। इसके बाद मोबाइल पर बुकिंग कन्फर्मेशन आएगा। अनुदान घटाने के बाद बची राशि किसान ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर किसान बैंक से ऋण लेकर भी किसान अंश जमा कर सकते हैं, जिस पर AIF योजना के तहत 6 प्रतिशत ब्याज में छूट मिलेगी। उपनिदेशक अमरपाल सिंह के ने बताया कि बरेली में पंप आवंटन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से होगा। तय नियमों के अनुसार बोरिंग और जमीन सत्यापन पूरा होने पर किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। बरेली में कौन-कौन से पंप सबसे ज्यादा मांग में बरेली में 2 एचपी सबमर्सिबल, 3 एचपी डीसी सबमर्सिबल, 5 एचपी सबमर्सिबल की मांग सबसे ज्यादा है। बरेली के ब्लॉकों में भोजीपुरा, मीरगंज, फतेहगंज, सेंथल, बहेड़ी और फरीदपुर में इन पंपों की सबसे अधिक मांग देखी जा रही है। गंगापुर, बिशारतगंज और नवाबगंज क्षेत्र में भी किसान तेजी से आवेदन कर रहे हैं। सोलर पंप के लिए बोरिंग को लेकर विभाग ने नियम स्पष्ट किए हैं। इसमें 2 एचपी पंप के लिये 4 इंच बोरिंग, 3 व 5 एचपी पंप के लिये 6 इंच बोरिंग, 7.5 व 10 एचपी पंप के लिये 8 इंच बोरिंग होना चाहिये। सत्यापन के समय बोरिंग न मिलने पर टोकन मनी जब्त हो जाएगी और आवेदन निरस्त माना जाएगा। बरेली के किसानों को कितना अनुदान मिलेगा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को भारी छूट दे रही है कि 2 एचपी सरफेस पंप : 98,593 अनुदान, 2 एचपी डीसी सबमर्सिबल : 1,00,215 अनुदान, 3 एचपी डीसी सबमर्सिबल : 1,33,621 अनुदान,  5 एचपी एसी सबमर्सिबल : 1,88,038 अनुदान, 7.5-10 एचपी पंप : 2,54,983 तक का सर्वाधिक अनुदान मिलेगा। यह छूट सीधे किसानों की लागत को कम कर रही है और बिजली निर्भरता खत्म कर किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है। उपनिदेशक कृषि अमरपाल सिंह ने बताया कि इस योजना से बरेली जिले में सिंचाई पर आने वाली लागत में भारी कमी आएगी। डीजल और बिजली दोनों से किसानों को राहत मिलेगी। हमारा लक्ष्य है कि जिले के अधिक से अधिक अन्नदाता सोलर पंप का लाभ लें और आत्मनिर्भर बनें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में किया मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन

अच्छा प्रयास नाम के साथ ब्रांड बन जाता हैः सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में किया मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन मुख्यमंत्री राहत कोष से एक वर्ष में इलाज के लिए दिए गए 1300 करोड़ः मुख्यमंत्री  पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की गारंटी, गरीब से गरीब व्यक्ति भी अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का हकदारः सीएम योगी  नोएडा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नोएडा में मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। सीएम ने निरीक्षण कर यहां की व्यवस्थाओं के बारे में जाना और इसे क्वालिटी हेल्थ सर्विसेज का बेहतरीन सेंटर बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल सुपर स्पेशियिलिटी हॉस्पिटल ही नहीं, बल्कि एक छत के नीचे ढेर सारा रोजगार व यूपी को बड़ा निवेश भी दे रहा है। सीएम ने मेदांता की तारीफ करते हुए कहा कि नाम ही काफी है। जब भी हम अपने परिश्रम, प्रयास से सही दिशा को चुनते हैं तो उसके परिणाम भी अच्छे आते हैं। अच्छा प्रयास नाम के साथ ब्रांड बन जाता है और बेहतरीन-क्वालिटी हेल्थ सर्विसेज में मेदांता देश में ब्रांड बना है।  बेहतरीन सेवा से मेदांता ने लखनऊ में भी बनाई पहचान सीएम योगी ने कहा कि गुड़गांव के बाद जब लखनऊ में मेदांता का शुभारंभ होना था तो लोग पूछते थे कि क्या यह चल पाएगा, हमें तब भी संदेह नहीं था। मेदांता ने लखनऊ में भी बेहतरीन सेवा से पहचान बनाई है। कोविड के दौरान वह हॉस्पिटल यूपी वासियों के लिए बहुत उपयोगी साबित हुआ। सीएम ने कहा कि पश्चिम यूपी में बहुत दिनों से और भी अच्छे हॉस्पिटल की मांग होती थी। सीएम ने यहां की सर्विसेज की तारीफ की।  8-10 वर्ष पहले गरीब के लिए उपचार कराना होता था कठिन सीएम योगी ने कहा कि दुनिया काफी आगे बढ़ चुकी है, इसलिए बेहतरीन हेल्थ सर्विसेज में भी पीछे नहीं रह सकते। 8-10 वर्ष पहले गरीब के लिए उपचार कराना कठिन होता था। किडनी, कैंसर, लीवर सिरोसिस, बाईपास सर्जरी आदि के लिए गरीब के पास सामर्थ्य नहीं होता था। वह जमीन बेचता या महिलाओं के जेवर गिरवी रखता था। फिर हमारे पास भी हॉस्पिटल को पत्र लिखने और डॉक्टर से बात करने की सिफारिश आती थी। सीएम ने बताया कि पिछले छह-सात वर्ष में प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश के अंदर 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य की फ्री सेवा उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। यूपी में हमने उसके दायरे को बढ़ाया है। यूपी में जो तबका इसके दायरे में नहीं आ पा रहा था, लेकिन जरूरतमंद था। उसे भी राज्य की ओर से इस सुविधा से जोड़ने का कार्य किया गया।  मुख्यमंत्री राहत कोष से एक वर्ष में दिए गए 1300 करोड़  सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से धनराशि देना शुरू किया। यह सुविधा हर वर्ष उपलब्ध करा रहे हैं। इस कोष से एक वर्ष में 1300 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवा के लिए गरीबों को उपलब्ध कराए गए। प्रदेश के इन्पैन्ल्ड हॉस्पिटल, जहां उसका उपचार हो रहा है, वहां धनराशि उपलब्ध कराई गई। सीएम योगी ने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी अच्छी स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने का हकदार है। पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने यह गारंटी दी है।  उत्तर प्रदेश ने 8 वर्ष में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बेहतर कदम बढ़ाए हैं सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 8 वर्ष में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बेहतर कदम बढ़ाए हैं। इससे पहले यूपी की पहचान वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया थी। हमने उस पहचान को हटाकर यूपी को वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज से जोड़ा है। हर जनपद में अच्छे हॉस्पिटल खुलें, इसके लिए पॉलिसी के दायरे में लाकर उन्हें सुविधा देना प्रारंभ किया। हाउसिंग के रूल में संशोधन किया। पहले हॉस्पिटल बनाने के लिए 18 मीटर की सड़क आवश्यक थी। हमने कहा कि 7 मीटर की सड़क में भी हॉस्पिटल बनाइए, हम नक्शा पास करेंगे और कनेक्टिविटी समेत सभी सुविधा देंगे। आज बड़े पैमाने पर लोग यूपी में आ रहे हैं।   तकनीक का उपयोग कर आमजन को उपलब्ध करा सकते अच्छी सर्विस  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में आज 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत व मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के जरिए सुविधाओं से जोड़ रहे हैं। आज यूपी सरकार द्वारा आईआईटी कानपुर के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (मेडटेक) का कार्य हो रहा है। तकनीक का उपयोग करते हुए अच्छी सर्विस आमजन को उपलब्ध करा सकते हैं। एआई का बेहतर उपयोग करके कैथलेक को बेहतर बना सकते हैं। एक छत के नीचे सुविधाएं प्राप्त होना बड़ी बात है।  डॉक्टर पर मरीज का बहुत बड़ा विश्वास होता है सीएम योगी ने मेदांता गुड़गांव से जुड़ा संस्मरण सुनाते हुए कहाकि मरीज का डॉक्टर पर बहुत बड़ा विश्वास होता है। बताया कि मेरे गुरु की आयु लगभग 94 वर्ष थी। अस्वस्थ होने पर भी वे कहते थे कि हॉस्पिटल नहीं जाऊंगा, तब मैं डॉ. प्रवीण चंद्रा को फोन करता था कि आप फोन करके गुरु जी को बुलवा लीजिए। इस पर गुरु जी हॉस्पिटल जाने को तैयार हो जाते थे। वहां एडमिट थे पर जब डॉ. नरेश त्रेहन व उनकी टीम, फिर डॉ. चंद्रा कहते थे कि आप स्वस्थ हैं तो गुरु जी छड़ी उठाकर कहते थे कि चलो, अब चला जाए। डॉक्टर ने कह दिया, अब मैं स्वस्थ हूं। 96 वर्ष में उनका शरीर शांत हुआ था। चिकित्सक ने कह दिया कि आप स्वस्थ हैं तो उस आयु में भी बेड से खड़े होकर छड़ी लेकर चल देते थे।  दूरदराज के क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग पर जोर  सीएम ने दूरदराज के क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। बताया कि कोविड के समय हब एंड स्पोक मॉडल पर वर्चुअल आईसीयू शुरू किया था। इस समय एसजीपीजीआई लखनऊ व मेदांता लखनऊ ने भी इस प्रक्रिया को दूरदराज के क्षेत्रों में अपनाया है। पहले चरण में वर्चुअल आईसीयू के माध्यम से टीम के प्रशिक्षण देने के साथ ही सर्विसेज दी जा रही है। उन्होंने बताया कि केजीएमयू में प्रतिदिन 10-12 हजार लोग ओपीडी में आते हैं। सीएम ने कहा कि सर्दी-जुकाम, सामान्य वायरल फीवर वाले को टेलीकन्सलटेशन की सुविधा देकर उसके खर्चे को भी रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि 11 … Read more

गोरखपुर के दक्षिणांचल में भी बसेगी उद्योग नगरी: CM योगी

पूर्वांचल गढ़ रहा प्रगति की नई मिसाल: CM योगी  गोरखपुर के दक्षिणांचल में भी बसेगी उद्योग नगरी: CM योगी  धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में उद्योग लगाने के लिए मिलने लगे निवेश प्रस्ताव एक्सप्रेसवे समीप होने से बड़े निवेशकों को भाने लगा गीडा का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट: CM योगी  एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से लिखी जाएगी औद्योगिक प्रगति की नई इबारत गोरखपुर  दशकों तक पिछड़ेपन का दंश झेलने को मजबूर रहा पूर्वांचल योगी सरकार की संकल्पशक्ति से प्रगति की नई मिसाल कायम कर रहा है। और इस मिसाल की नई बानगी है गोरखपुर के दक्षिणांचल में बस रहा धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की शानदार रोड कनेक्टिविटी से यहां औद्योगिक प्रगति की नई इबारत लिखी जाएगी। इस इंडस्ट्रियल टाउनशिप के जरिये गोरखपुर के दक्षिणांचल हिस्से में एक बड़े ऊसर भूभाग में अब उद्योगों की फसल लहलहाएगी। गोरखपुर का दक्षिणांचल उद्योग नगरी की पहचान हासिल करेगा। इसकी शुरुआत दो बड़े निवेशकों को औद्योगिक भूमि आवंटन और एक बड़े निवेशक की तरफ से पसंद की गई भूमि के साथ हो भी गई है।  गोरखपुर के जिस दक्षिणांचल को सबसे पिछड़ा क्षेत्र मान लिया गया था, अब वह आने वाले समय में विकास और नई औद्योगिक पहचान की आभा से चहक उठेगा। इसका आधार बनेगा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे। लिंक एक्सप्रेसवे की शानदार रोड कनेक्टिविटी के चलते योगी सरकार दक्षिणांचल के धुरियापार में नए इंडस्ट्रियल टाउनशिप की परिकल्पना को साकार कर रही है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को आकार देने की गति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री इस टाउनशिप को ग्रेटर गीडा के रूप में देखना चाहते हैं।  धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को 6876 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। यह औद्योगिक क्षेत्र 17 अधिसूचित ग्रामों में विस्तृत है। यह इंडस्ट्रियल टाउनशिप पूर्वांचल के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल लैंड बैंक वाली होगी। इस इंडस्ट्रियल टाउनशिप के पहले फेज में गीडा द्वारा 800 एकड़ भूमि को अधिग्रहित कर उसे इंडस्ट्री की डिमांड के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक के अनुसार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के औद्योगिक सेक्टर एस-5 में दो बड़े निवेशकों को जमीन आवंटित कर दी गई है। टाउनशिप में एक अन्य बड़े निवेशक ने भी जमीन पसंद कर ली है। अडानी समूह ने अंबुजा सीमेंट की यूनिट के लिए 46.63 एकड़ जबकि श्रेयश डिस्टिलरी-एनर्जी लिमिटेड ने 60.48 एकड़ भूमि आवंटित कराई है। इन दोनों भूमि आवंटन के सापेक्ष 4200 करोड़ रुपये का निवेश आना और 6500 लोगों के लिए रोजगार सृजन प्रस्तावित है। इसके अलावा रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने 300 करोड़ रुपये के निवेश से कैम्पा कोला कोल्ड ड्रिंक ब्रांड की यूनिट लगाने के लिए इसी इंडस्ट्रियल टाउनशिप में करीब 50 एकड़ जमीन पसंद की है। जल्द ही इसके आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा अन्य कई निवेशक यहां अपनी पसंद की जमीन देख रहे हैं।  गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक बताती हैं कि मूर्त रूप में आने के बाद धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप धुरियापार समेत समूचे गोरखपुर दक्षिणांचल के लिए गेम चेंजर साबित होगी। धुरियापार की पहचान अति पिछड़े क्षेत्र के रूप में रही लेकिन आने वाले दिनों में इसकी ख्याति गोरखपुर के नए औद्योगिक क्षेत्र के गेटवे के रूप में होगी। औद्योगिक विकास के साथ ही यहां रोजगार की बहार भी बहेगी।

1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर बढ़ते प्रदेश में परामर्श आधारित विकास मॉडल प्रभावी रूप से हो रहा लागू

विकसित उत्तर प्रदेश – 2047’: मुख्यमंत्री योगी की प्राथमिकताओं में इंडस्ट्रियल व इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार मुख्य रूप से शामिल 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर बढ़ते प्रदेश में परामर्श आधारित विकास मॉडल प्रभावी रूप से हो रहा लागू  औद्योगिक तथा अवसंरचनात्मक परिवर्तन को प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार दीर्घकालिक रणनीति पर कर रही कार्य लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक देश के विकसित राज्यों की अग्रिम श्रेणी में लाने के लिए योगी सरकार अवसंरचना तथा औद्योगिक विस्तार पर केंद्रित व्यापक रणनीति लागू करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ के लिए विजन डॉक्यूमेंट का निर्माण कार्य निरंतर जारी है और सरकार अब तक 98 लाख से अधिक नागरिकों और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव प्राप्त कर चुकी है। इनमें सबसे अधिक सुझाव कृषि, ग्रामीण विकास और शिक्षा से संबंधित हैं। स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश की विकास यात्रा में जनता की सक्रिय भागीदारी का सकारात्मक संकेत बताया है। औद्योगिक विकास को नई गति देने की तैयारी राज्य एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की दिशा में दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रहा है, जबकि वर्ष 2047 तक छह ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए 15 से 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर आवश्यक मानी गई है। औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसके अंतर्गत पात्र इकाइयों को 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड को औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने के उद्देश्य से यह सीमा 45 करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। स्टांप ड्यूटी में छूट ने निवेशकों का बढ़ाया विश्वास भूमि क्रय को सरल और सुलभ बनाने के लिए लागू की गई स्टांप ड्यूटी छूट निवेशकों के लिए बड़ा प्रोत्साहन बनी है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड में 100 प्रतिशत, मध्यांचल और पश्चिमांचल में 75 प्रतिशत तथा नोएडा–गाजियाबाद में 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है। सरकार का मानना है कि यह कदम नए औद्योगिक निवेशों को आकर्षित करेगा और मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार को गति देगा। सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही विकास की राह पिछले वर्षों में योगी सरकार ने अवसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए इसका व्यापक स्तर पर विस्तार किया है। आज उत्तर प्रदेश 13 एक्सप्रेस-वे और पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ देश का सबसे बड़ा कनेक्टिविटी नेटवर्क प्रदान करने वाला राज्य बन चुका है। यह सुदृढ़ नेटवर्क प्रदेश को तेजी से उभरते लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित कर रहा है और उद्योगों को विश्वस्तरीय संपर्क सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश की औद्योगिक क्षमता में होगी वृद्धि, बढ़ेंगे रोजगार सृजन के अवसर वित्तीय वर्ष 2025–26 में घोषित 8,08,736 करोड़ रुपये के बजट में से लगभग 22 प्रतिशत राशि अवस्थापना विकास के लिए आवंटित की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर, वेयरहाउसिंग, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब और नई औद्योगिक नगरियों के विस्तार में गति लायी जा रही है। योगी सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से प्रदेश की औद्योगिक क्षमता में कई गुना वृद्धि होगी और रोजगार सृजन के नए अवसर विकसित होंगे। ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ का विजन अब ऐसी प्रक्रिया के रूप में आकार ले रहा है जिसमें नीति, विकास और जनता की सहभागिता मिलकर एक समृद्ध भविष्य की नींव तैयार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर में गुफा मंदिर का शुभारंभ किया

भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथाः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर में गुफा मंदिर का शुभारंभ किया  राम मंदिर का जिक्र कर बोले सीएम- पूरी दुनिया व देश ने भारत के सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया  हमारी सरकार ने फाजिलनगर (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ायाः सीएम योगी  गाजियाबाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथा है। युगों-युगों से यह महागाथा विश्व मानवता के लिए प्रेरणा रही है। विश्व मानवता ने इस महागाथा का श्रवण व प्रेरणा प्राप्त कर भविष्य को तय किया है। भारत के अंदर आज भी पवित्र उपासना विधियां श्रद्धाभाव के साथ कार्य करते हुए इस व्यवस्था को बढ़ा रही हैं। तीन दिन पूर्व अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य को पूर्ण करने के महायज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ ही पीएम मोदी के करकमलों से भव्य भगवा ध्वज का आरोहण संपन्न हुआ। पूरी दुनिया व देश ने भारत के इस सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया।   सीएम योगी गुरुवार को तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर पहुंचे। उन्होंने यहां पंचकल्याणक महामहोत्सव के अंतर्गत 100 दिन में निर्मित गुफा मंदिर का उद्घाटन किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान पार्श्वनाथ जी व संत तरुण सागर जी महाराज का स्मरण किया। सीएम ने मेरी बिटिया व अंतर्मना दिव्य मंगल पाठ पुस्तक का विमोचन भी किया।  यूपी का सौभाग्य, यहां अनेक जैन तीर्थंकरों का हुआ जन्म  मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का सौभाग्य है कि अयोध्या में प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव व चार जैन तीर्थंकर पैदा हुए। दुनिया ने काशी में चार जैन तीर्थंकरों को अवतरित होते हुए देखा है। श्रावस्ती में जैन तीर्थंकर भगवान संभवनाथ का जन्म हुआ। भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण कुशीनगर के पावागढ़ में हुआ था। हमारी सरकार ने फाजिलनगर का नाम (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ाया है।  24 जैन तीर्थंकरों ने विश्व मानवता को दी करुणा, मैत्री व अहिंसा की प्रेरणा  सीएम योगी ने कहा कि 24 जैन तीर्थंकरों ने समाज को नई दिशा और विश्व मानवता को करुणा, मैत्री, अहिंसा व ‘जियो-जीने दो’ की प्रेरणा दी। उन्होंने सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव-जंतु के लिए नई प्रेरणा प्रदान की, जिसकी प्रासंगिकता आज भी उसी रूप में बनी हुई है। मानव सभ्यता को विकास की नित नई ऊंचाइयों तक पहुंचना है तो उन्हें भारत के अध्यात्म की शरण में जाना होगा। अध्यात्म के साथ ही भौतिक विकास, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक उन्नयन के लिए सुरक्षित, सुसभ्य, साफ-सुथरा वातावरण चाहिए, जिसे भारत ने पहले भी दुनिया को दिया है और भारत, ऋषि-मुनियों, परंपरा व भारतीय संस्कृति का संदेश आज भी विश्व मानवता के लिए यही है।  ऋषि-मुनियों के संदेश को आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है  सीएम योगी ने कहा कि ऋषि-मुनि परंपरा ने जो संदेश दिया है, हम उसे आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। सीएम योगी ने कहा कि गत वर्ष अप्रैल में पीएम मोदी ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर वन वर्ल्ड-वन चैन कार्यक्रम का उद्घाटन किया था और हम सभी को नौ संकल्प (पानी की बचत, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता का मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश-दर्शन, नेचुरल फॉर्मिंग, हेल्दी लाइफ स्टाइल, योग व खेल को जीवन में लाना, गरीब कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना) प्रदान किया था। जैन मुनियों की परंपरा उसी को बढ़ाने का कार्य कर रही है।  सीएम ने जैन मुनियों की साधना, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का किया उल्लेख  सीएम योगी ने कहा कि आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज व उपाध्याय मुनि पीयूष सागर जी महाराज की दिनचर्या को देखा। 557 दिन की कठोर साधना, 496 दिन का निर्जल उपवास, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला है। यह चीजें दिखाती हैं कि यदि हम संकल्प ले लें तो जो कुछ हमें बाहर दिखाई दे रहा है, वह सब कुछ इस शरीर में अनुभव होते हुए भी दिखाई देगा। प्रसन्न सागर जी महाराज की साधना के माध्यम से यह देखने व अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ है।  समारोह में आचार्यश्री प्रसन्न सागर जी महाराज, पीयूष सागर जी महाराज, नवपद्म सागर जी महाराज, परिमल सागर जी महाराज, प्रदेश सरकार के मंत्री सुनील शर्मा, नरेंद्र कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, अजीत पाल, पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर, भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, तरुण सागरम् तीर्थ के अध्यक्ष सुनील जैन, संरक्षक रवि त्यागी आदि मौजूद रहे।