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युवाओं के लिए खुशखबरी! योगी सरकार की नई योजना से बड़ी कंपनियों में मिलेगा रोजगार

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने रोजगार के लिए एक नया प्लान बनाया है. जीरो पावर्टी अभियान के अंतर्गत योगी सरकार ने एक ऐसी योजना का खाका तैयार किया है जो न सिर्फ ट्रेनिंग देगी, बल्कि कई बड़ी नामी कंपनियों में सीधे नौकरियों से जोड़ेगी.  इस अभियान की शुरुआत के पहले चरण में 300 गरीब परिवारों के मुखियाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर की जाएगी. जिससे उन्हें 18,400 रुपए प्रति महीने सैलरी  वाली नौकरियों से जोड़ा जा सकेगा. खास बात यह है कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन लोगों को नौकरी के लिए परेशान नहीं होना होगा. एक न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक कंपनियां खुद इन लोगों तक पहुंचेंगी. राज्य सरकार उन्हें सीधे टॉप कंपनियों में प्लेस कराएगी. इनमें होटल ताज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एल एंड टी लिमिटेड, अडानी ग्रुप जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक यह देश में पहली बार है जब कोई सरकार प्रत्यक्ष रूप से गरीबों को कॉर्पोरेट सेक्टर से जोड़ने जा रही है. अब काबिलियत होगी पहचान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि गरीबों को सिर्फ राहत की जरूरत नहीं, बल्कि अवसरों की जरूरत है. उन्हें अगर अवसर मिलें तो कोई भी परिवार आत्मनिर्भर बन सकता है. सरकार की सोच है कि दया नहीं, अवसर दें.  ताकि कमजोर वर्ग खुद पर गर्व कर सके. कौशल विकास विभाग के जिम्मे होगी ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन को इस अभियान की कमान सौंपी गई है. मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के अनुसार, पहले चरण में 300 परिवारों को चिन्हित कर लिया गया है. इसके बाद अभियान को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा. इसके लिए एक हज़ार से अधिक ट्रेनिंग पार्टनर प्रदेश भर में चयनित किए जा रहे हैं जो व्यावसायिक प्रशिक्षण की प्रक्रिया में भाग लेंगे. नौकरी के लिए हर पहलू पर तैयारी यह योजना पारंपरिक प्रशिक्षण से एकदम अलग होगी. यहां केवल तकनीकी जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा. 360 डिग्री मॉडल के तहत जिन क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा उनमें हॉस्पिटैलिटी, बुनियादी अंग्रेजी व संवाद कौशल, कस्टमर डीलिंग, कार्यालय और शौचालय की सफाई, गेस्ट अटेंडेंट, हाउसकीपिंग के काम है. ट्रेनिंग इस तरह तैयार की गई है कि सभी प्राइवेट सेक्टर की जरूरतों के अनुरूप ढल सकें और उन्हें काम मिलने में कोई बाधा न हो. 18,400 मासिक वेतन की न्यूनतम गारंटी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि चयनित और प्रशिक्षित परिवार प्रमुख को कम से कम ₹18,400 मासिक वेतन मिलेगा. यह राशि उन्हें सिर्फ नौकरी देने के नाम पर नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन देने की नीयत से तय की गई है. उद्योग जगत ने बढ़ाया हाथ अधिकारियों ने बताया कि इस योजना को न केवल देशभर के बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय जगत का भी समर्थन मिला है. अब तक 40 से अधिक बड़ी कंपनियों ने इन प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी देने की इच्छा जताई है.  मुख्य सचिव ने स्पष्ट करते हुए कहा, हम लोगों को हक़ दे रहे हैं काम करने का, आत्मनिर्भर बनने का. यह योजना किसी भी दृष्टि से दया या रियायत नहीं है, बल्कि सम्मानपूर्वक जीवन की दिशा में उठाया गया व्यावहारिक कदम है. विकास का हिस्सा बनेगा हर नागरिक मुख्य सचिव  ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा कहते हैं  कि जब तक समाज का सबसे पिछड़ा व्यक्ति आगे नहीं बढ़ता, विकास अधूरा रहता है. इस योजना में भी वही दर्शन झलकता है. यह नारा अब नीतियों में तब्दील हो चुका है.

पाकिस्तान से आए हिंदुओं को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, यूपी में विस्थापित हिंदुओं को राहत

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से विस्थापित होकर यूपी के विभिन्न जिलों में बसे परिवारों को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों को वैधानिक रूप से भूमि स्वामित्व का अधिकार दिया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल जमीन के कागज देने की बात नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों की पीड़ा और संघर्ष को स्वीकार कर उन्हें सम्मान लौटाने का समय है, जिन्होंने सीमाओं के उस पार से विस्थापित होकर भारत में शरण ली और पिछले कई दशकों से पुनर्वास की उम्मीद में दिन गिना है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मुद्दे को संवेदनशीलता से देखा जाए और प्रभावित परिवारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए. कब और कैसे बसे ये परिवार विभाजन के बाद, खासकर 1960 से 1975 के बीच पूर्वी पाकिस्तान से हजारों हिंदू परिवार जबरन विस्थापित होकर भारत आए. इनमें से बड़ी संख्या को यूपी के पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बिजनौर और रामपुर जनपदों में बसाया गया. प्रारंभिक दौर में इन्हें ट्रांजिट कैंपों के जरिए अस्थायी ठिकानों पर रखा गया और फिर विभिन्न गांवों में जमीन आवंटित की गई. लेकिन वर्षों बाद भी इनमें से अधिकतर परिवार विधिसम्मत भूस्वामी नहीं बन सके. क्या आ रही थी दिक्क्तें  – इन लोगों को जमीनें तो दी गईं, मगर कागज अधूरे रहे. – कई मामलों में जमीन वन विभाग के नाम दर्ज रही. – नामांतरण की प्रक्रिया लंबित पड़ी रही. – कुछ लोगों के पास कब्जा है लेकिन वैध दस्तावेज नहीं, वहीं कुछ गांवों में ऐसे परिवार अब मौजूद ही नहीं हैं जिनके नाम पर जमीन थी. – कुछ परिवारों ने कानूनी प्रक्रिया के बगैर कब्जा कर लिया, जिससे विवाद की स्थिति बनी. अधिकारियों ने बताया कि इन सभी परिस्थितियों के चलते हजारों परिवार आज भी उस ज़मीन पर सिर्फ खेती कर रहे हैं, लेकिन उनके नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि यह विषय कानूनी या प्रशासनिक समस्या मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी और मानवीय दायित्व है. उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भूमि पूर्व में Government Grant Act के तहत दी गई थी, वहां मौजूदा कानूनी ढांचे के अनुसार विकल्प तैयार किए जाएं, क्योंकि यह कानून 2018 में निरस्त हो चुका है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि इस पूरे मसले को केवल पुनर्वास योजना के रूप में न देखें, बल्कि यह सामाजिक न्याय, मानवता और राष्ट्रधर्म का विषय है.

जनता के बीच पहुंचे सीएम योगी, एक-एक पीड़ित की सुनी पीड़ा, अफसरों को दिए सख्त आदेश

 लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर 'जनता दर्शन' किया। उनके आवास पर प्रदेश भर से 50-55 पीड़ित पहुंचे थे। उन्होंने हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचकर समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। जनता दर्शन में पुलिस, राजस्व, चिकित्सा सहायता, रोजगार, शिक्षा, आवास, कब्जा, परिवार आदि से जुड़े मामले भी आए। जिस पर प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी की हर समस्या का निराकरण होगा। उत्तर प्रदेश के हर नागरिक की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है।  उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक की सेवा एवं सुरक्षा हमारी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। सभी जिलों में अधिकारियों को सक्रिय भी किया गया है और सभी प्रकार की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश-हर पीड़ित की समस्या पर करें तत्काल कार्रवाई मुख्यमंत्री ने दिव्यांग की बात सुनी और उन्हें मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दिलाने को निर्देशित किया। जनता की समस्या सुनते हुए सीएम ने अधिकारियों को त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। सबको न्याय मिलेगा। बच्चों को दुलारा और चॉकलेट भी दी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी बातचीत की। उनका हालचाल जाना, दुलार किया। बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। सीएम योगी ने चॉकलेट-टॉफी प्रदान कर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।  

UP में सियासी हलचल! संगठनात्मक बदलाव को लेकर CM योगी की बीजेपी नेतृत्व से बैठक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश बीजेपी की नई सियासी प्रयोगशाला बनती जा रही है. 2024 के लोकसभा चुनाव में घटी सीटों ने बीजेपी के लिए 2027 की चिंता बढ़ा दी है, जिसे लेकर लखनऊ से दिल्ली तक राजनीतिक एक्सरसाइज शुरू है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार और संगठन में फेरबदल की संभावनाओं के बीच  दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उसके बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बैक टू बैक मुलाकात की. योगी की ये तीनों मुलाकातें करीब तीन घंटे की रहीं, जिसके सियासी मायने और राजनीतिक मकसद भी है. सूत्रों की मानें तो सीएम योगी ने बीजेपी हाईकमान के सामने अपनी बात को मजबूती से रखा है. खासकर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर, उन्होंने पार्टी के टॉप थ्री लीडरशिप को बता दिया है कि यूपी में प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी किसे सौंपी जानी चाहिए. सीएम योगी ने अपनी पसंद ही नहीं बताया बल्कि ये भी बताया कि यूपी के सियासी समीकरण के लिहाज से पार्टी के लिए कौन बेहतर रहेगा. यूपी में नए पार्टी अध्यक्ष की तलाश दरअसल, यूपी में बीजेपी भूपेंद्र चौधरी की जगह नए अध्यक्ष की तलाश में है, जिसे लेकर सियासी माथापच्ची काफी दिनों से चल रही है, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है कि किसे प्रदेश संगठन की बागडोर सौंपी जाए. इसकी वजह यह भी है कि पार्टी जिसे बागडोर सौंपेगी, उसके अगुवाई में ही 2027 का विधानसभा चुनाव होना है. यही वजह है कि बीजेपी काफी सोच समझकर प्रदेश अध्यक्ष का फैसला करना चाह रही है और ऐसे में सीएम का पसंद का भी ख्याल रखना है ताकि सरकार और संगठन का बेहतर तालमेल हो सके. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व से सीएम योगी से मुलाकात के दौरान यूपी नेताओं की नाराजगी और शिकायतों को लेकर बात हुई. सूत्रों ने बताया कि बीजेपी की टॉप लीडरशिप ने योगी के सामने बीजेपी और सहयोगी दलों की उन तमाम शिकायतों को रखा, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उन सभी नेताओं के पूरा चिट्ठे खोलकर रख दिए. नाराजगी जाहिर करने वालों नेताओं की कामकाज से लेकर सारी उनके बात को रखी. इसके अलावा नौकरशाही के के नेताओं के न सुनने वाले नेताओं के मुद्दे पर भी बात हुई है. मंत्रिमंडल में जल्द होगा फेरबदल यूपी बीजेपी अध्यक्ष के चयन में देरी हो रही है. माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद यूपी प्रदेश अध्यक्ष का फैसला होगा. इस तरह से प्रदेश अध्यक्ष का निर्णय से पहले यूपी में कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है. सूत्रों की मानें तो इसे लेकर भी सीएम योगी ने पीएम मोदी से लेकर अमित शाह और जेपी नड्डा से बात हुई है. इस बीच योगी कैबिनेट से कुछ नेताओं के जल्द छुट्टी हो सकती है तो कुछ नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है. सीएम योगी ने बीजेपी हाईकमान से अपनी कैबिनेट से किसे हटाने और किन चेहरों को शामिल करने है, उसे लेकर भी अपनी राय ही ही. शीर्ष नेतृत्व ने गंभीरता से सुनी योगी की बात बीजेपी सूत्रों ने बताया है कि सीएम योगी ने मोदी, अमित शाह और नड्डा के सामने जो भी बात रखी है, उसे बीजेपी के तीनों ही लीडरों ने गंभीरता से सुनी है. इसके अलावा अपनी भी बातें रखी है. सूत्रों ने ये भी बताया है कि सीएम योगी को बीजेपी नेताओं के साथ-साथ सहयोगी दलों के साथ भी सियासी बैलेंस बनाकर चलने का संदेश दिया है.  इसके अलावा यूपी के सियासी बैलेंस बनाकर चलने के साथ-साथ सरकार और संगठन में भी बेहतर तालमेल बनाकर चलने की बात कही गई है. इसके बाद ही दोनों डिप्टी सीएम और सीएम योगी एक साथ पश्चिम यूपी में नजर आए हैं.

देश और सनातन पर आए संकट में जनजातीय समाज सबसे आगे: योगी आदित्यनाथ

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश या सनातन धर्म के सामने जब कोई चुनौती आई तो भारत का जनजातीय समाज आगे बढ़कर खड़ा हुआ। भगवान राम के वनवास के 12 वर्ष कुशलतापूर्वक संपन्न हुए। उसके बाद माता सीता का अपहरण हो गया। तब राम के पास न तो अयोध्या न ही जनकपुर की सेना थी। तब जनजातीय समाज ने आगे बढ़कर उनका स्वागत और सहयोग किया। भगवान कृष्ण को भी सहयोग मिला। योगी शुक्रवार को वसंत महिला महाविद्यालय में आइसीएसएसआर के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का विषय बिरसा मुंडा की विरासत आदिवासी सशक्तीकरण और राष्ट्रीय आंदोलन है। योगी ने महाविद्यालय परिवार को बिरसा मुंडा की राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि महाविद्यालय के पास भी अपनी एक विरासत है। जिस प्रकार बिरसा मु़ंडा ने छोड़ा है। कृष्णमुर्ति फाउंडेशन इस महाविद्यालय के संचालन में अपनी भूमिका अदा करती है। जो एक विरासत है। उन्होंने एनी विसेंट के योगदान को भी याद किया। मदन मोहन मालवीय को याद करते हुए उनके द्वारा बीएचयू जैसी विरासत को छोड़ने का उल्लेख किया। कहा हम सभी को महापुरूषों की विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए। महाविद्यालय परिसर की तारीफ करते हुए कहा आप प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। जो जैसा दिखेगा वैसा बिकेगा का उल्लेख करते हुए कहा परिसर में प्रवेश करते ही लगा कि आपने भारत की गौरवशाली गुरुकुल परंपरा की स्मृतियों को ताजा करता है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता पद्म पुरस्कार विजेता अशोक भगत का उल्लेख करते हुए कहा कि आपने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में जीवन जीया। उस क्षेत्र में गए जो लोग पिछड़े थे जहां तक सरकार नहीं पहुंच पाई। इसलिए इनका जीवन जनजातीय समाज की स्थिति, संघर्ष, उनकी विरासत आदि को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, श्रम व सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टांप मंत्री रवींद्र जायसवाल, विधायक डा. नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, एमएलसी धर्मेंद्र राय, अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी महाराज, सतुआबाबा संतोषाचार्य महाराज, प्रबंधक एसएन दूबे, प्राचार्य अलका सिंह, कार्यक्रम कन्वेनर रंजना सिंह आदि मौजूद रहे। योगी दो दिवसीय काशी दौरे पर थे। वह गुरुवार को विकास कार्य और कानून व्यवस्था की समीक्षा के साथ ही कुछ परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। आज सुबह कुछ विशिष्टजन से मिले। वह दोपहर 12 बजे के करीब हेलीकाप्टर से वापस चले गए।  

सीएम योगी का निर्देश: फेक अकाउंट्स के खिलाफ अफसर करें कड़ी कार्रवाई

लखनऊ  यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ अब और अधिक सख्ती बरती जाएगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी नामों और फेक अकाउंट के जरिए समाज में जातीय मनमुटाव, धार्मिक उन्माद या अराजकता फैलाने की कोशिश करने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए. उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को कोई छूट न मिले. निगरानी के लिए लोकल इंटेलिजेंस मजबूत करने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया एक शक्तिशाली माध्यम बन चुका है, लेकिन कुछ लोग इसका इस्तेमाल समाज को तोड़ने, अफवाह फैलाने और माहौल को खराब बनाने के लिए कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि फेक आईडी बनाकर नफरत फैलाने वाले अब कानून से नहीं बच सकेंगे. सीएम ने लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) और पुलिस की साइबर विंग को और अधिक सक्रिय एवं सुदृढ़ बनाए जाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि तकनीकी संसाधनों और स्थानीय इनपुट के आधार पर ऐसे तत्वों को पहले ही पहचान कर, उनके खिलाफ साक्ष्य आधारित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. जातीय तनाव, धार्मिक उन्माद फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो जातीय तनाव, धार्मिक उन्माद या सामाजिक अस्थिरता फैलाने का प्रयास करता है, वह प्रदेश की एकता और विकास में बाधा है. ऐसे लोगों के साथ पूरी सख्ती से निपटा जाएगा. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को पहचानकर, उन पर तत्काल प्रभावी और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को यह भी निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित टीम तैनात करें जो 24×7 इनपुट एकत्र कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए. सीमावर्ती जिलों में अवैध गतिविधियों पर सख्ती का आदेश वाराणसी में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती जिलों में नशा, शराब और अन्य अवैध गतिविधियों को पूरी तरह खत्म करने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि अवैध शराब के ट्रांजिट रूट, गो-तस्करी और नशीले पदार्थों के व्यापार में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन माफियाओं के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए. न सिर्फ गिरफ्तारी, बल्कि इनकी संपत्ति को जब्त कर कानूनी कार्रवाई भी की जाए, ताकि इनकी आर्थिक कमर तोड़ी जा सके. विकास कार्यों को गति देने के निर्देश, सड़क चौड़ीकरण पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गतिमान परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूर्ण कराया जाए. उन्होंने खासतौर पर सड़क चौड़ीकरण से संबंधित कार्यों पर फोकस करते हुए कहा कि जहां धार्मिक स्थल कार्य में बाधा बनते हैं, वहां स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर, उपयुक्त वैकल्पिक स्थल विधि-विधान के साथ चिन्हित किए जाएं और स्थानांतरित किया जाए. सीएम ने कहा कि कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करें, अन्यथा उन पर कार्रवाई तय होगी. स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा पर विशेष निर्देश वाराणसी को स्वच्छता में देश के अग्रणी शहरों में लाने की मंशा दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर में नियमित स्वच्छता अभियान चलाया जाए. उन्होंने कहा, वाराणसी जैसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शहर की पहचान स्वच्छता के स्तर से भी होनी चाहिए. इसे टॉप-5 स्वच्छ शहरों में लाना हमारी प्राथमिकता है. बच्चों के लिए भी दिए आदेश  शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि परिषदीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यालय अध्यापक विहीन न रहे, और सभी बच्चों को बैग, जूते-मोजे व ड्रेस समय से उपलब्ध कराई जाए. टीबी उन्मूलन के प्रयासों को लेकर भी मुख्यमंत्री गंभीर दिखे. उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि वाराणसी को नवंबर 2025 तक पूरी तरह टीबी मुक्त घोषित किया जाना चाहिए. इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता, जनप्रतिनिधियों का सहयोग और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि विद्युत विभाग जनपद में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करे, ताकि किसी भी क्षेत्र में अनावश्यक कटौती न . आईजीआरएस और जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने का निर्देश सीएम योगी ने जनसुनवाई पोर्टल, आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा. उन्होंने कहा कि इन माध्यमों से प्राप्त होने वाली जनशिकायतों का निष्पक्ष, समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. शिकायतकर्ता को यह अनुभव होना चाहिए कि शासन-प्रशासन उसकी आवाज सुन रहा है और उसका समाधान कर रहा है. 64 बड़ी परियोजनाएं प्रगति पर, 15000 करोड़ का निवेश बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने प्रेजेंटेशन के जरिए जनपद की 64 बड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी, जिनकी कुल लागत लगभग ₹15,000 करोड़ है. उन्होंने बताया कि कज्जाकपुरा फ्लाईओवर का कार्य सितंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को श्रावण मास, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी. वहीं, एडीजी ज़ोन पीयूष मोर्डिया ने जोन के अन्य जनपदों में चल रहे गो-तस्करी और शराब माफिया के खिलाफ अभियानों की जानकारी दी.

सीएम योगी का निर्देश: फेक अकाउंट्स के खिलाफ अफसर करें कड़ी कार्रवाई

लखनऊ  यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ अब और अधिक सख्ती बरती जाएगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी नामों और फेक अकाउंट के जरिए समाज में जातीय मनमुटाव, धार्मिक उन्माद या अराजकता फैलाने की कोशिश करने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए. उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को कोई छूट न मिले. निगरानी के लिए लोकल इंटेलिजेंस मजबूत करने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया एक शक्तिशाली माध्यम बन चुका है, लेकिन कुछ लोग इसका इस्तेमाल समाज को तोड़ने, अफवाह फैलाने और माहौल को खराब बनाने के लिए कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि फेक आईडी बनाकर नफरत फैलाने वाले अब कानून से नहीं बच सकेंगे. सीएम ने लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) और पुलिस की साइबर विंग को और अधिक सक्रिय एवं सुदृढ़ बनाए जाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि तकनीकी संसाधनों और स्थानीय इनपुट के आधार पर ऐसे तत्वों को पहले ही पहचान कर, उनके खिलाफ साक्ष्य आधारित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. जातीय तनाव, धार्मिक उन्माद फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो जातीय तनाव, धार्मिक उन्माद या सामाजिक अस्थिरता फैलाने का प्रयास करता है, वह प्रदेश की एकता और विकास में बाधा है. ऐसे लोगों के साथ पूरी सख्ती से निपटा जाएगा. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को पहचानकर, उन पर तत्काल प्रभावी और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को यह भी निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित टीम तैनात करें जो 24×7 इनपुट एकत्र कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए. सीमावर्ती जिलों में अवैध गतिविधियों पर सख्ती का आदेश वाराणसी में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती जिलों में नशा, शराब और अन्य अवैध गतिविधियों को पूरी तरह खत्म करने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि अवैध शराब के ट्रांजिट रूट, गो-तस्करी और नशीले पदार्थों के व्यापार में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन माफियाओं के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए. न सिर्फ गिरफ्तारी, बल्कि इनकी संपत्ति को जब्त कर कानूनी कार्रवाई भी की जाए, ताकि इनकी आर्थिक कमर तोड़ी जा सके. विकास कार्यों को गति देने के निर्देश, सड़क चौड़ीकरण पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गतिमान परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूर्ण कराया जाए. उन्होंने खासतौर पर सड़क चौड़ीकरण से संबंधित कार्यों पर फोकस करते हुए कहा कि जहां धार्मिक स्थल कार्य में बाधा बनते हैं, वहां स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर, उपयुक्त वैकल्पिक स्थल विधि-विधान के साथ चिन्हित किए जाएं और स्थानांतरित किया जाए. सीएम ने कहा कि कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करें, अन्यथा उन पर कार्रवाई तय होगी. स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा पर विशेष निर्देश वाराणसी को स्वच्छता में देश के अग्रणी शहरों में लाने की मंशा दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर में नियमित स्वच्छता अभियान चलाया जाए. उन्होंने कहा, वाराणसी जैसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शहर की पहचान स्वच्छता के स्तर से भी होनी चाहिए. इसे टॉप-5 स्वच्छ शहरों में लाना हमारी प्राथमिकता है. बच्चों के लिए भी दिए आदेश  शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि परिषदीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यालय अध्यापक विहीन न रहे, और सभी बच्चों को बैग, जूते-मोजे व ड्रेस समय से उपलब्ध कराई जाए. टीबी उन्मूलन के प्रयासों को लेकर भी मुख्यमंत्री गंभीर दिखे. उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि वाराणसी को नवंबर 2025 तक पूरी तरह टीबी मुक्त घोषित किया जाना चाहिए. इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता, जनप्रतिनिधियों का सहयोग और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि विद्युत विभाग जनपद में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करे, ताकि किसी भी क्षेत्र में अनावश्यक कटौती न . आईजीआरएस और जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने का निर्देश सीएम योगी ने जनसुनवाई पोर्टल, आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा. उन्होंने कहा कि इन माध्यमों से प्राप्त होने वाली जनशिकायतों का निष्पक्ष, समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. शिकायतकर्ता को यह अनुभव होना चाहिए कि शासन-प्रशासन उसकी आवाज सुन रहा है और उसका समाधान कर रहा है. 64 बड़ी परियोजनाएं प्रगति पर, 15000 करोड़ का निवेश बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने प्रेजेंटेशन के जरिए जनपद की 64 बड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी, जिनकी कुल लागत लगभग ₹15,000 करोड़ है. उन्होंने बताया कि कज्जाकपुरा फ्लाईओवर का कार्य सितंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को श्रावण मास, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी. वहीं, एडीजी ज़ोन पीयूष मोर्डिया ने जोन के अन्य जनपदों में चल रहे गो-तस्करी और शराब माफिया के खिलाफ अभियानों की जानकारी दी.

सीएम योगी का साफ संदेश: आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

वाराणसी वाराणसी में बिरसा मुंडा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों पर जुबानी प्रहार करने वालों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कावंड यात्रा चल रही है। समाज के श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक लोग इसमें जुड़ते हैं। कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है न वर्ग का और न ही क्षेत्र का। हर- हर बम- बम बोलते हुए भक्ति भाव से चलते हैं। लेकिन इनका मीडिया ट्रायल होता है। बदनाम किया जाता है। ये मानसिकता भारत की विरासत को अपमानित करती है। कांवड़ियों को उपद्रवी कहना और अपमानित करना गलत है। कांवड़ियों को आतंकवादी बोला जाता है। विरासत और आस्था को अपमानित किया जाता है।  व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला मुख्यमंत्री ने समाज में विभेद पैदा करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर जातियों और समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो- तीन साल पहले एक आगजनी की घटना हुई थी। तब मैंने कहा था कि यह आगजनी किसी विशेष समुदाय ने नहीं की होगी। जांच में पता चला कि आगजनी करने वाला व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला। ऐसे लोगों को चिह्नित कर समाज से बाहर करना होगा, तभी राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं, वे वही हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष को बढ़ावा देते हैं। यह वही वर्ग है, जिसने आदिवासियों को भड़काने और भारत के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजाति समुदाय को भारत से अलग करने और भड़काने का प्रयास किया है। भारत के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हर स्तर पर षडयंत्र किए। ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करते हैं। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इन सबसे अगर सावधान रह करके अपने आपको और अपने समाज को सुरक्षित कर सकें तो राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने की भूमिका में हमारी से संस्थाएं बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जो विरासत है वो हमें राष्ट्रीय एकता की उन्हीं चुनौतियों से जूझने के लिए राष्ट्रीय एकता प्रदान कर रहा है। उस प्रेरणा से हम कुछ सबक सीख सकें। उन्होंने ब्रिटिशर्स और जमींदारी के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था। अगर हम इससे कुछ सीख सकेंगे तो आपकी चुनौती कम होगी।  सीएम ने कहा- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते सीएम ने कहा कि जौनपुर में जबरदस्ती ताजिया निकलते वक्त लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए। फिर सड़क जाम कर दिया गया, तो पुलिस द्वारा मुझसे पूछा गया कि क्या करना है तो मैंने कहा लाठी से मारकर बाहर निकालो। ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते। एक भी जगह सोशल मीडिया पर विरोध नहीं किया, सिर्फ उन्होंने ही किया। मुहर्रम पर अस्त्र शस्त्र इस्तेमाल पर रोक लगा दी।  दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय संघर्ष बढ़ाने वालों से सुरक्षित रहना होगा। किसी गांव के किसी दो लोगों का मामला है तो उसके लिए प्रशासन है। लेकिन तुम वहां पर जबरदस्ती दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे। जो बीच में आकर जबरन करने का प्रयास करते हैं उनको रोकना चाहिए।  

सीएम योगी का साफ संदेश: आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

वाराणसी वाराणसी में बिरसा मुंडा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों पर जुबानी प्रहार करने वालों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कावंड यात्रा चल रही है। समाज के श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक लोग इसमें जुड़ते हैं। कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है न वर्ग का और न ही क्षेत्र का। हर- हर बम- बम बोलते हुए भक्ति भाव से चलते हैं। लेकिन इनका मीडिया ट्रायल होता है। बदनाम किया जाता है। ये मानसिकता भारत की विरासत को अपमानित करती है। कांवड़ियों को उपद्रवी कहना और अपमानित करना गलत है। कांवड़ियों को आतंकवादी बोला जाता है। विरासत और आस्था को अपमानित किया जाता है।  व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला मुख्यमंत्री ने समाज में विभेद पैदा करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर जातियों और समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो- तीन साल पहले एक आगजनी की घटना हुई थी। तब मैंने कहा था कि यह आगजनी किसी विशेष समुदाय ने नहीं की होगी। जांच में पता चला कि आगजनी करने वाला व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला। ऐसे लोगों को चिह्नित कर समाज से बाहर करना होगा, तभी राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं, वे वही हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष को बढ़ावा देते हैं। यह वही वर्ग है, जिसने आदिवासियों को भड़काने और भारत के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजाति समुदाय को भारत से अलग करने और भड़काने का प्रयास किया है। भारत के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हर स्तर पर षडयंत्र किए। ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करते हैं। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इन सबसे अगर सावधान रह करके अपने आपको और अपने समाज को सुरक्षित कर सकें तो राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने की भूमिका में हमारी से संस्थाएं बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जो विरासत है वो हमें राष्ट्रीय एकता की उन्हीं चुनौतियों से जूझने के लिए राष्ट्रीय एकता प्रदान कर रहा है। उस प्रेरणा से हम कुछ सबक सीख सकें। उन्होंने ब्रिटिशर्स और जमींदारी के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था। अगर हम इससे कुछ सीख सकेंगे तो आपकी चुनौती कम होगी।  सीएम ने कहा- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते सीएम ने कहा कि जौनपुर में जबरदस्ती ताजिया निकलते वक्त लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए। फिर सड़क जाम कर दिया गया, तो पुलिस द्वारा मुझसे पूछा गया कि क्या करना है तो मैंने कहा लाठी से मारकर बाहर निकालो। ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते। एक भी जगह सोशल मीडिया पर विरोध नहीं किया, सिर्फ उन्होंने ही किया। मुहर्रम पर अस्त्र शस्त्र इस्तेमाल पर रोक लगा दी।  दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय संघर्ष बढ़ाने वालों से सुरक्षित रहना होगा। किसी गांव के किसी दो लोगों का मामला है तो उसके लिए प्रशासन है। लेकिन तुम वहां पर जबरदस्ती दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे। जो बीच में आकर जबरन करने का प्रयास करते हैं उनको रोकना चाहिए।  

ग्राम प्रधान से लेकर मुख्यमंत्री तक बनेगा एकीकृत सिस्टम, यूपी में डिजिटल प्रशासन का नया मॉडल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार जल्द ऐसी तकनीकी व्यवस्था लागू करने जा रही है जिससे मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर ग्राम प्रधान तक और सभी विभाग एक ही नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। वन स्टेट वन नेटवर्क योजना आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक विभाग तैयार कर रहा है। जिससे प्रदेश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा। यह जानकारी बुधवार को आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने दी। अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालय और ग्राम सभा स्तर तक सभी संस्थाएं मजबूत डिजिटल नेटवर्क से जोड़ी जाएंगी। विभागों में बेहतर तालमेल होगा और कामकाज में तेजी के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी। डेटा सुरक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लागू की जा रही इस योजना के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न एजेंसियों के साथ मंथन किया जा रहा है। राजधानी में एआई सिटी की स्थापना की जा रही उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रयोग को देखते हुए राजधानी में एआई सिटी की स्थापना की जा रही है। जमीन आवंटन का कार्य किया जा रहा है और जल्द दूसरे शहरों में भी एआई सिटी स्थापित की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पालिसी भी लागू होने वाली है। मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत वे उपकरण और पुर्जे, जो अभी विदेशों से मंगाए जाते हैं, उन्हें अब उत्तर प्रदेश में ही तैयार किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और नई कंपनियां आएंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंत्री ने बताया कि योजना को अमली जामा पहनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न एजेंसियों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। डाटा सुरक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। मंत्री ने जानकारी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) के बढ़ते उपयोग को देखते हुए लखनऊ में एआइ सिटी की स्थापना की जा रही है। इसके लिए जल्द ही जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी एआइ सिटी विकसित की जाएगी। प्रदेश में जल्द ही इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पालिसी भी लागू होने वाली है। मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत वे उपकरण और पुर्जे, जो अभी विदेशों से मंगाए जाते हैं, उन्हें अब उत्तर प्रदेश में ही तैयार किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और नई कंपनियां आएंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। वार्ता के दौरान सरकारी स्कूलों के विलय और धर्मांतरण से जुड़े सवालों पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष अच्छे कार्यों में भी बाधा डालता है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण मामले में सिर्फ छांगुर नाम का एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा गिरोह सक्रिय है, जिसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सपा को परिवारवाद की पार्टी बताया और कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित लोकतांत्रिक पार्टी है, जो राष्ट्रहित में निर्णय लेती है। मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने सपा पर हमला बोला उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के कार्य में सिर्फ छांगुर ही नहीं बल्कि पूरा गिरोह सक्रिय है और किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा। स्कूल मर्जर और अन्य मुद्दों पर उन्होंने विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया और कहां की वह हर अच्छे कार्य में अवरोध पैदा करता है। सपा परिवारवादी पार्टी है और भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है ।