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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप चल रहा विकसित यूपी @2047 महाभियान

विकसित उत्तर प्रदेश @2047 87.37 लाख से अधिक सुझाव रख रहे 'समर्थ यूपी' की नींव -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप चल रहा विकसित यूपी @2047 महाभियान -छात्र, शिक्षक, उद्यमी, महिलाएं और किसानों समेत समाज के सभी तबकों से भारी मात्रा में आ रहे सुझाव -ग्रामीण क्षेत्रों से 67.80 लाख व नगरीय क्षेत्रों से 19.57 लाख से अधिक आए सुझाव -जौनपुर, संभल, गाजीपुर, गाजियाबाद व हरदोई से मिले सर्वाधिक फीडबैक -नगर निकायों से लेकर ग्राम पंचायत तक की जा रहीं बैठकें, सम्मेलन व गोष्ठी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप, उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के लक्ष्य को लेकर चल रहा “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी पर्व महा अभियान” जनभागीदारी के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। प्रदेश के 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा भ्रमण कर विभिन्न लक्षित समूहों-छात्रों, शिक्षकों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संगठनों, मीडिया एवं आम नागरिकों से संवाद स्थापित किए गए। इस दौरान लोगों से प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य के रोडमैप पर सुझाव लिए गए। अब तक पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर 87.37 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से 67.80 लाख व नगरीय क्षेत्रों से 19.57 लाख से अधिक आए सुझाव samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक कुल 87,37,432 फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 67,80,358 सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 19,57,128 सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। इनमें 43,49,245 सुझाव आयु वर्ग 31 वर्ष से कम, 39,79,920 सुझाव 31-60 वर्ष के आयु वर्ग, तथा 4,08,276 सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए हैं। कृषि, पशुधन, डेयरी, इंडस्ट्री, पर्यटन आदि क्षेत्रों से मिले सर्वाधिक सुझाव इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से भी सुझाव मिले। कृषि क्षेत्र में 23,54,098, पशुधन एवं डेरी में 3,59,686, इंडस्ट्री में 3,46,555, आईटी एवं टेक में 2,59,822, पर्यटन में 2,10,143, ग्रामीण विकास में17,07,348, इन्फ्रा में 80,182, संतुलित विकास में 1,21,404, समाज कल्याण-6,60,665, नगरीय एवं स्वास्थ्य-5,89,658, शिक्षा क्षेत्र में18,82,676 तथा सुरक्षा सम्बंधित क्षे में कुल 1,65,206 सुझाव मिले हैं। जौनपुर, संभल, गाजीपुर, गाजियाबाद व हरदोई से मिले सर्वाधिक फीडबैक फीडबैक में टॉप पांच जनपदों में जौनपुर (818,599), संभल (751,586), गाजीपुर (351,198), गाजियाबाद (256,262) और हरदोई (221,520) शामिल हैं। आमजन ने भी दी अपनी राय – मथुरा से नीलम दुबे जी का सुझाव है कि "उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है। MSME क्षेत्र में खादी एवं ग्रामोद्योग, वस्न उद्योग और हस्तशिल्प क्षेत्र शामिल हैं, जो रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाते हैं। उद्योगों के विकास के लिए प्रमुख पहलेंः प्रधानमंत्री मुद्रा योजना गैर-कॉर्पनी, गैर-कृषि लघु सूक्ष्म उद्यमों को 10 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान करती है, जिससे उद्यमशीलता और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। उद्यम पंजीकरण: MSMES के लिए सरकारी लाभ और योजनाओं का लाभ उठाने के लिए एक सरल ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया है। चैंपियंस पोर्टल: MSMEs को उनकी समस्याओं का समाधान करने और मार्गदर्शन, समर्थन एवं सहायता प्रदान करने के लिए एक मंच है। "क्लस्टर विकास कार्यक्रम: पारंपरिक उद्योगों और हस्तशिल्प के जरिए उद्योगों और उद्यमों की क्षमता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।" – हापुड़ से विनय कुमार मिश्रा के अनुसार "तीर्थ नगरी बृजघाट पौराणिक स्थल है हरिद्वार उत्तराखंड में जाने के पश्चात उत्तर प्रदेश का एकमात्र स्थान बृजघाट है माननीय योगी जी से अनुरोध है गंगा जी का जलस्तर बढ़ता है घटना रहता है यात्री गंगा स्नान हेतु आते हैं अचानक से गहरे जल में जाने के कारण डूब जाते हैं कोई स्थाई व्यवस्था नहीं है इसके अलावा आने वाले यात्रियों को काफी सारी एस सुविधाओं का सामना करना पड़ता है महीने में 2 मेले लगते हैं पूर्णिमा और एवं अमावस्या हाईवे पर जाम लग जाता है 8-8 घंटे तक जाम रहता है यात्रियों के लिए अच्छे पेयजल एवं शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है बृजघाट की नगर पालिका गढ़मुक्तेश्वर होने के कारण बृजघाट वासियों को भी बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है तीर्थ नगरी बृजघाट से गढ़मुक्तेश्वर 8 किलोमीटर की दूरी पर है ब्रजघाट वाशियो को टोल देकर गढ़मुक्तेश्वर जाना होता है कृपया ध्यान दें।" – बहराइच से भानु प्रताप के अनुसार 'बेसिक शिक्षा को पेपरलेस बनाने के लिए 14 सूत्रीय सुझाव साझा किया गया जो कि निम्नवत है: 1. सभी विद्यालयीय रजिस्टर (हाज़िरी, नामांकन, MDM, अवकाश आदि) गूगल एक्सेल शीट में ऑनलाइन रखें। 2. शिक्षकों को टैबलेट/लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएं। 3. छात्रों का सम्पूर्ण डेटा यूडीआईएसई पर समय से अपलोड किया जाए। 4. विद्यालय स्तर पर व्हाट्सऐप/टेलीग्राम ग्रुप से त्वरित सूचना प्रसारण हो। 5. ई-ऑफिस प्रणाली से आदेश व पत्राचार पेपरलेस हो। 6. परीक्षा परिणाम व प्रगति पत्रक ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएं। 7. QR कोड आधारित उपस्थिति प्रणाली अपनाई जाए। 8. शिक्षकों की डायरी व मासिक रिपोर्ट गूगल फॉर्म से भरी जाए। 9. एमडीएम की दैनिक रिपोर्टिंग मोबाइल ऐप से हो। 10. ई-लाइब्रेरी व ई-कंटेंट को बढ़ावा दिया जाए। 11. सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम व बैठकें ऑनलाइन प्लेटफार्म पर संचालित हो। 12. अभिभावकों को SMS/ एप के माध्यम से सूचना दी जाए। 13. डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणन हो। 14. क्लाउड स्टोरेज में सुरक्षित डेटा बैकअप रखा जाए।" नगर निकायों से लेकर ग्राम पंचायत तक की जा रहीं बैठकें, सम्मेलन व गोष्ठी इस महाभियान के सम्बन्ध में जनसामान्य को जागरूक एवं सहभागी बनाने हेतु नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न विशेष बैठकें, सम्मेलन एवं गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के समस्त नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत में विशेष बैठकें एवं सम्मेलन/गोष्ठियाँ आयोजित किये जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त अभी तक 65 जिला पंचायतों में सम्मेलन/गोष्ठियों और 62 जिला पंचायतों में विशेष बैठकें एवं 817 क्षेत्र पंचायतों में सम्मेलन/गोष्ठियों और 824 क्षेत्र पंचायतों में विशेष बैठके सम्पन्न हुई हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश की 51,828 ग्राम पंचायतों के स्तर पर भी विशेष बैठकों का सफल आयोजन किया गया है। उल्लेखनीय है कि इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों के बीच संवाद-सम्पर्क को और अधिक सशक्त किया गया है। मुख्यमंत्री योगी के विजन "समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृधि का शताब्दी पर्व महाभियान के अनुरूप प्राप्त सुझावों … Read more

41 हजार से अधिक किसानों से किया गया है धान क्रय

विपणन सत्र 2025-26: 3.58 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण  2.43 लाख मीट्रिक टन से अधिक की हो चुकी धान खरीद   41 हजार से अधिक किसानों से किया गया है धान क्रय  प्रदेश में 4110 क्रय केंद्र किए जा चुके हैं स्थापित  धान (कॉमन)-2369 व (ग्रेड-ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हो रही खरीद  पहली अक्टूबर से पश्चिम उत्तर प्रदेश व पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में शुरू हुई है धान खरीद  लखनऊ  योगी सरकार के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों को 'अन्नदाता किसान' का निरंतर साथ मिल रहा है। विपणन सत्र 2025-26 के अंतर्गत धान खरीद में हो रही वृद्धि इस बात को पुख्ता कर रही है। बुधवार अपराह्न साढ़े तीन बजे तक 41583 किसानों से 2.43 लाख मीट्रिक टन धान खरीद की जा चुकी है। इसके लिए प्रदेश में अब तक 4110 क्रय केंद्र भी स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं पहली सितंबर से अब तक 3,58,372 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है।  41 हजार से अधिक किसानों से हुई 2.43 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीद  खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक 2369 रुपये धान (कॉमन) तथा 2389 रुपये (ग्रेड-ए) प्रति कुंतल की दर से खऱीद हो रही है। बुधवार तक 41,583 किसानों से 2.43 लाख मीट्रिक टन धान खरीद की जा चुकी है। वहीं 3,58,372 किसानों ने अब तक धान बिक्री के लिए पंजीकरण भी करा लिया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी व सीतापुर में पहली अक्टूबर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के लखनऊ, उन्नाव व रायबरेली मं पहली नवंबर से धान खरीद शुरू हुई थी।  सीएम योगी के निर्देश पर 48 घंटे में किसानों को किया जा रहा भुगतान  सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान किया जा रहा है।  किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा। वहीं बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर मोटे अनाज की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। किसान अपनी समस्याएं टोल फ्री नंबर 18001800150 पर जानकारी ले सकते हैं या अपनी समस्या भी बता सकते हैं।  एक नजर  41 हजार से अधिक किसानों से 2.43 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीद  पहली सितंबर से प्रारंभ हुआ पंजीकरण, अब तक 3,58,372 किसानों ने करा लिया पंजीकरण 2369 रुपये कॉमन तथा 2389 रुपये (ग्रेड-ए) प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण अनिवार्य, पंजीकृत किसानों से ही हो रही खरीद  टोल फ्री नंबर 18001800150 से सहायता या जानकारी ले सकते हैं किसान

योगी सरकार का लक्ष्य, हर पात्र परिवार तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

उत्तर प्रदेश में जीरो पॉवर्टी अभियान को मिशन मोड में किया जाए 15 नवंबर तक प्रथम चरण और द्वितीय चरण की योजनाओं के सत्यापन की प्रक्रिया 30 नवंबर तक हो पूरी योगी सरकार का लक्ष्य, हर पात्र परिवार तक पहुंचे योजनाओं का लाभ एक माह का विशेष अभियान चलाकर  सभी पात्र लाभार्थियों को किया जाएगा चिन्हित लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश को गरीबी-मुक्त बनाने के अपने संकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। यूपी में “जीरो पॉवर्टी अभियान” को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी पात्र परिवार को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।      मुख्यमंत्री का कहना है कि इस अभियान का प्रथम चरण सात प्राथमिकता वाली योजनाओं के पूर्ण आच्छादन पर केंद्रित होगा। इनमें राशन कार्ड, दिव्यांगजन पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) शामिल हैं।      सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 15 नवंबर तक प्रथम चरण की सभी योजनाओं का आच्छादन पूरा कर लिया जाए, जबकि द्वितीय चरण के अंतर्गत आने वाली योजनाओं के सत्यापन की प्रक्रिया 30 नवंबर तक हर हाल में पूरी हो जानी चाहिए।       उन्होंने यह भी कहा कि एक माह का विशेष अभियान चलाकर उन सभी पात्र लाभार्थियों को चिन्हित किया जाए, जो किसी कारणवश अभी तक इन प्राथमिकता वाली योजनाओं से वंचित हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रत्येक पात्र परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना ही जीरो पॉवर्टी अभियान का मूल उद्देश्य है।       मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि चिन्हित परिवारों के प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवेदन सुनिश्चित किए जाएं और साथ ही यह भी देखा जाए कि सभी लाभार्थियों के पूरे परिवार का नाम राशन कार्ड में दर्ज हो।        यूपी सरकार की मंशा है कि इस विशेष अभियान के माध्यम से न केवल गरीब परिवारों को सामाजिक सुरक्षा मिले बल्कि उनकी बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और जिलों में अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग हो।

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला का भी हो रहा आधुनिकीकरण

गोरखपुर में विश्व स्तरीय विज्ञान पार्क बना रही योगी सरकार वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला का भी हो रहा आधुनिकीकरण नक्षत्रशाला परिसर में ही ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के नाम पर बन रहा प्रदेश का दूसरा विज्ञान पार्क 15.89 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा विज्ञान पार्क का निर्माण, 46.88 करोड़ रुपये से नक्षत्रशाला का कायाकल्प ऑडोटोरियम में होगा थ्री डी थिएटर, एक्टिविटी लैब और साइंस गैलरी भी होगी तारों की दुनिया की आभासी यात्रा करने के साथ खेल-खेल में विज्ञान सीखेंगे बच्चे गोरखपुर  योगी सरकार गोरखपुर में विश्व स्तरीय ज्ञान विज्ञान पार्क बनवा रही है। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के नाम पर बन रहे ज्ञान विज्ञान पार्क का निर्माण मार्च 2026 तक पूर्ण होना प्रस्तावित है। यह प्रदेश का दूसरा विज्ञान पार्क होगा। इसके निर्माण पर 15 करोड़ 89 लाख रुपये की लागत आएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशानिर्देश पर 46 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण भी कराया जा रहा है। नक्षत्रशाला के कायाकल्प और इसके कैम्पस में ज्ञान विज्ञान पार्क की स्थापना के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अक्टूबर 2022 में नक्षत्रशाला का दौरा करने के दौरान दिए थे। तब सीएम ने यहां आकर आंशिक सूर्य ग्रहण का नजारा देखा था और नक्षत्रशाला को विश्व स्तरीय स्तर पर अत्याधुनिक बनाने की मंशा जताई थी। उनके निर्देश के बाद डीपीआर बनाकर 5 जुलाई 2024 से नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण और 5 मई 2025 से ज्ञान विज्ञान पार्क के निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ। विज्ञान पार्क का कार्य मार्च 2026 तथा नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण का कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है।  नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण और इसके परिसर में ज्ञान विज्ञान पार्क की स्थापना से विद्यार्थी तारों की दुनिया की आभासी यात्रा कर सकेंगे। खेल-खेल में विज्ञान सीख सकेंगे, गूढ़ रहस्यों को समझ सकेंगे। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के प्रभारी डॉ. महादेव पांडेय के मुताबिक आधुनिकीकरण से नक्षत्रशाला को विश्व स्तरीय बनाया जा रहा है। विज्ञान से संबंधित कई विशिष्ट उपकरण मंगाए जा रहे हैं। थ्री डी प्रोजेक्टर लगाने के साथ ही एम्फी थिएटर बनाया जा रहा है। नक्षत्रशाला में स्पेशल साइंस गैलरी बनाई जा रही है। सबसे खास आकर्षण एक्टिविटी लैब होगी। इस लैब में विद्यार्थी कई प्रायोगिक गतिविधियों में शामिल होकर विज्ञान की बारीकियों को सीख सकेंगे।  विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने लिया निर्माणाधीन विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला का जायजा प्रदेश के के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  मंत्री अनिल कुमार ने बुधवार को वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण कार्य एवं निर्माणाधीन विज्ञान पार्क का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नक्षत्रशाला को आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक उपकरणों से सुसज्जित किया जाए। ताकि विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं आम जनमानस को विज्ञान एवं खगोल संबंधी जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सके। उन्होंने विज्ञान पार्क के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण एजेंसी को कार्य की गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।  उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पार्क का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि यह न केवल गोरखपुर, बल्कि पूरे पूर्वांचल क्षेत्र के लिए विज्ञान शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन सके। उन्होंने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। नक्षत्रशाला एवं विज्ञान पार्क इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

युवा नेतृत्व, अनुशासन और नवाचार का संगम बनेगा 19वां राष्ट्रीय जम्बूरी

61 वर्षों बाद लखनऊ में फिर गूंजेगा राष्ट्रीय जम्बूरी का स्वर युवा नेतृत्व, अनुशासन और नवाचार का संगम बनेगा 19वां राष्ट्रीय जम्बूरी 300 एकड़ की टेंट सिटी में सजेगा स्मार्ट और हरित जम्बूरी मंच 32,000 स्काउट्स और 2,000 विदेशी प्रतिनिधि होंगे सहभागी रोबोटिक्स, डिजिटल स्ट्रीमिंग और तकनीक से परिपूर्ण होगा जम्बूरी स्काउट शिविर सांस्कृतिक संवाद और हरित ऊर्जा का प्रतीक बनेगा लखनऊ जम्बूरी 2025 लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक ऐतिहासिक अवसर की गवाह बनने जा रही है। 61 वर्षों के अंतराल के बाद भारत स्काउट्स और गाइड्स का 19वां राष्ट्रीय जम्बूरी 23 से 29 नवम्बर तक वृंदावन योजना स्थित रक्षा एक्सपो ग्राउंड में आयोजित होगा। यह आयोजन न केवल स्काउटिंग परंपरा का उत्सव है, बल्कि विकसित भारत के युवा नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का भी प्रतीक बनेगा। लगभग 300 एकड़ क्षेत्र में फैले इस आयोजन में 32,000 से अधिक प्रतिभागी सम्मिलित होंगे, जिनमें देशभर के स्काउट्स के साथ एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 2,000 प्रतिनिधि भी शामिल हैं। जम्बूरी स्थल पर 3,500 टेंट, 100 रसोई, 4 सेंट्रल किचन, और 30,000 सीटों वाला मुख्य एरीना स्टेडियम तैयार किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक एलईडी स्क्रीन, डिजिटल कंट्रोल रूम और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को राज्य की संस्कृति, परंपरा और नवाचार की झलक के रूप में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है कुछ समय पूर्व उन्होंने तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश दिया था कि एक्सपो ग्राउंड में राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, रोबोटिक्स, सोलर और आर्मी पवेलियन भी लगाए जाएं। जम्बूरी का यह संस्करण तकनीकी दृष्टि से भी ऐतिहासिक रहेगा। पहली बार डिजिटल लाइव स्ट्रीमिंग, आरएफआईडी (RFID)  आधारित स्मार्ट आईडी कार्ड, और व्हाट्सएप कम्युनिकेशन सिस्टम के माध्यम से प्रतिभागियों को रियल-टाइम सूचनाएं मिलेंगी। साथ ही दो दिवसीय ड्रोन शो में सैकड़ों ड्रोन मिलकर स्काउटिंग और युवा सशक्तीकरण की कहानी आकाश में चित्रित करेंगे। युवाओं में नवाचार और नेतृत्व कौशल को प्रोत्साहित करने हेतु आयोजन स्थल पर आईटी एवं एआई हब स्थापित किया जा रहा है। यहां डिजिटल लर्निंग, इनोवेशन, और लीडरशिप से जुड़े वर्कशॉप्स आयोजित होंगे। स्काउट्स को  शिक्षा, रोबोटिक्स, और साइंस एक्सपो के माध्यम से आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के उच्च मानकों को ध्यान में रखते हुए परिसर में 100 बेड का अस्पताल, 16 डिस्पेंसरी, फायर स्टेशन, सीसीटीवी निगरानी तंत्र, और ग्रीन एनर्जी सिस्टम की व्यवस्था की गई है। सम्पूर्ण आयोजन को प्लास्टिक-फ्री, कचरा पृथक्करण और कम्पोस्टिंग आधारित बनाया जा रहा है। लखनऊ जम्बूरी न केवल एक शिविर है, बल्कि यह भारत की युवा शक्ति, सांस्कृतिक विविधता, और सतत विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा। परंपरा, तकनीक और सेवा भावना के इस अद्भुत संगम से यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे उत्सव का शुभारंभ, जनजातीय समाज को समर्पित होगा पूरा सप्ताह

धरती आबा बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर जनजाति भागीदारी उत्सव से गूंजेगा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे उत्सव का शुभारंभ, जनजातीय समाज को समर्पित होगा पूरा सप्ताह 13 से 18 नवम्बर तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान बनेगा जनजातीय संस्कृति का संगम स्थल देशभर की जनजातियों के लोकनृत्य, लोकगीत और शिल्पकला से सजेगा छह दिवसीय महोत्सव अरुणाचल प्रदेश बनेगा सह-आमंत्रित राज्य, पूर्वोत्तर भारत की झलक पेश करेगा विशेष मंडप 1090 चौराहे से निकलेगी भव्य सांस्कृतिक समागम शोभा यात्रा, जनजातीय रंगों से सजेगी राजधानी मुखौटा प्रदर्शनी, धरती आबा नाटक, माटी कला और जनजातीय व्यंजनों का ‘जेवनार’ बनेंगे उत्सव के आकर्षण शिल्प मेला से लेकर सांस्कृतिक संध्या तक, जनजातीय आत्मगौरव का होगा भव्य उत्सव जनजातीय समाज के उत्थान और आत्मनिर्भरता के लिए संकल्पबद्ध है योगी सरकार प्रधानमंत्री वन धन योजना से जनजातीय समुदायों को मिल रहा आजीविका सृजन का नया आधार प्रदेश के 517 जनजाति बाहुल्य ग्रामों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ से आया विकास का नया सवेरा वनाधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत बुक्सा, गोंड, बैगा, थारु और सहरिया जनजातियों को मिला आवास का अधिकार मुख्यमंत्री आवास योजना से अब वनवासी परिवारों के जीवन में आया स्थायित्व और सम्मान एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों और जयप्रकाश नारायण सर्वोदय छात्रावासों से जनजातीय बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लखीमपुर-खीरी, बहराइच, सोनभद्र और ललितपुर में एकलव्य विद्यालय 09 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में जनजातीय छात्र-छात्राओं को मिल रही निःशुल्क शिक्षा, आवास, वस्त्र और पुस्तकें थारु, बुक्सा, भोटिया, जौनसारी और राजी समेत प्रदेश की जनजातियाँ बन रही हैं ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की नई शक्ति बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संग्रहालय स्थापित, मीरजापुर, सोनभद्र और महराजगंज में नए संग्रहालयों की स्थापना प्रक्रियाधीन लखनऊ  धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राजधानी लखनऊ में गुरुवार से 'जनजाति भागीदारी उत्सव' का भव्य शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन करेंगे। छह दिवसीय यह महोत्सव 13 से 18 नवंबर तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगा, जो देश की विविध जनजातीय संस्कृतियों का अद्वितीय संगम बनेगा। जनजातीय अस्मिता, कला, परंपरा और जीवन मूल्यों का यह उत्सव “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को नई ऊंचाई देगा। पूरे सप्ताह राजधानी लखनऊ जनजातीय रंगों से सजेगी। 1090 चौराहे से भव्य सांस्कृतिक शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें देशभर की जनजातियों के लोकनृत्य, पारंपरिक परिधान, मुखौटे और वाद्ययंत्र झांकियों के रूप में दिखाई देंगे। अरुणाचल प्रदेश इस आयोजन का सह-आमंत्रित राज्य होगा और पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करेगा। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के प्रांगण में जनजातीय शिल्प मेला, लोकनृत्य-लोकगीत प्रस्तुतियां, मुखौटा प्रदर्शनी, धरती आबा नाटक और माटी कला प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहेंगे। साथ ही, जनजातीय व्यंजनों का “जेवनार” (फूड फेस्ट) भी आगंतुकों को वनवासी समाज की परंपरागत स्वाद संस्कृति से परिचित कराएगा। सुबह 11 बजे से मेला और प्रदर्शनी खुलेंगे, जबकि प्रतिदिन शाम 5 से 9 बजे तक सांस्कृतिक संध्या में देश के 18 राज्यों के 600 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। बता दें कि बीते साढ़े 08 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जे जनजातीय समाज के समग्र उत्थान को अपनी प्राथमिकता में रखा है। प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत राज्य के जनजातीय समुदायों को आजीविका सृजन का नया आधार मिला है। प्रदेश के 517 जनजाति बाहुल्य ग्रामों में संचालित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से विकास और सशक्तिकरण की नई दिशा मिली है। इसी तरह, वनाधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत बुक्सा, गोंड, बैगा, थारु और सहरिया जनजातियों को आवासीय अधिकार प्राप्त हुए हैं, जिससे मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए वनवासी परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सम्मान का नया अध्याय जुड़ा है। शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार ने जनजातीय बालकों के भविष्य को मजबूत आधार दिया है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय और जयप्रकाश नारायण सर्वोदय छात्रावासों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई राह खुली है। लखीमपुर-खीरी, बहराइच, सोनभद्र और ललितपुर में एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, जबकि नौ राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में जनजातीय छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आवास, वस्त्र, पुस्तकें और शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य की थारु, बुक्सा, भोटिया, जौनसारी और राजी जनजातियाँ आज विकसित उत्तर प्रदेश की नई शक्ति बनकर उभर रही हैं। बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संग्रहालय स्थापित किया गया है, जबकि मीरजापुर, सोनभद्र और महराजगंज में नए जनजातीय संग्रहालयों की स्थापना प्रक्रिया में है।

विशेष आर्टिकल- नंद बाबा दुग्ध मिशन: यूपी में डेयरी क्रांति, किसानों की आय बढ़ी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था बनी आत्मनिर्भर

लखनऊ नंद बाबा दुग्ध मिशन (Nand Baba Dugdh Mission) उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 6 जून 2023 को लॉन्च किया गया। यह मिशन भगवान कृष्ण (नंद बाबा) के नाम पर नामित है, जो गौ-पालन की सांस्कृतिक परंपरा को आर्थिक शक्ति से जोड़ता है। ₹1000 करोड़ की लागत से 5 वर्षीय (2023-2028) यह योजना दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय दोगुनी करने और देसी गायों के संरक्षण पर केंद्रित है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह द्वारा अनावरणित, यह हर गांव में दुग्ध सहकारी समितियां गठित कर दूध का उचित मूल्य सुनिश्चित करती है। UP Dairy Policy 2022 के साथ एकीकृत, मिशन ने 2025 तक 4,922 नई समितियां स्थापित कीं, दूध उत्पादन 38.78 मिलियन टन (देश का 16%) पहुंचाया। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना जैसे उप-योजनाओं से ₹11.80 लाख तक सब्सिडी मिल रही है, जो ग्रामीण रोजगार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है। यह PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन का हिस्सा है। मिशन का उद्देश्य: दुग्ध उत्पादन से आत्मनिर्भरता तक मिशन का मुख्य लक्ष्य दुग्ध उत्पादकों को गांव स्तर पर उचित मूल्य प्रदान करना और देसी नस्लों (साहीवाल, गिर, थार पारकर) को प्रोत्साहित करना है। प्रमुख उद्देश्य: •    आय वृद्धि: किसानों की मासिक आय ₹5,000 से बढ़ाकर ₹50,000+ करना। •    संरक्षण: देसी गायों की संख्या बढ़ाना, स्ट्रे कैटल प्रबंधन। •    रोजगार: 1 करोड़+ ग्रामीण नौकरियां (विजन 2047)। •    मार्केटिंग: UP Mart लिंकेज से निर्यात बढ़ावा। •    महिला फोकस: SHG के माध्यम 41,000+ महिलाओं को जोड़ना। मिशन की प्रमुख योजनाएं: विस्तृत संरचना मिशन के तहत 4 मुख्य उप-योजनाएं संचालित हैं, जो FPOs, सहकारी संस्थाओं और निजी उद्यमियों को लाभ पहुंचाती हैं: योजना का नाम    विवरण    लाभ/सब्सिडी    लक्ष्य (2025-26) नंदिनी कृषक समृद्धि योजना    10 दुधारू देसी गायों की इकाई स्थापना; प्रशिक्षण और फीड सहायता।    ₹11.80 लाख तक (50% अनुदान, कुल लागत ₹23.60 लाख)    600 इकाइयां (प्रदेश स्तर) मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना    2 दुधारू देसी गायों पर फोकस; चारा/आहार इकाई स्थापना।    ₹80,000 तक अनुदान (2 गायों के लिए)    2,100 इकाइयां (75 जिलों में) मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना    8-12 लीटर दूध वाली गाय: ₹10,000; 12+ लीटर: ₹15,000 प्रोत्साहन।    ₹10,000-₹15,000/गाय    11,000+ देसी गायें प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समिति गठन    गांव स्तर पर समितियां; डिजिटल भुगतान और बाजार लिंकेज।    5% ब्याज सब्सिडी (₹1 करोड़ तक)    8,600+ समितियां (नई 4,922) आवेदन प्रक्रिया: •    ऑनलाइन पोर्टल: nandbabadugdhmission.up.gov.in पर रजिस्ट्रेशन। •    दस्तावेज: आधार, बैंक पासबुक, भूमि प्रमाण-पत्र। •    चयन: ई-लॉटरी + जिला समिति सत्यापन (अंतिम तिथि: 23 अगस्त 2025 मिनी नंदिनी के लिए)। •    हेल्पलाइन: 1800-XXX-XXXX (जल्द शुरू)। प्रभाव: 2025 तक ₹36 लाख करोड़ निवेश प्रस्ताव, NPA 2.5% से कम, मार्केट साइज ₹1,837 अरब (CAGR 14%)। प्रेरक उदाहरण: मिशन से जीवन परिवर्तन 1.    झांसी की बालिनी SHG (महिला समूह): नंदिनी योजना से 10 गायों की इकाई। ₹150 करोड़ टर्नओवर, 41,000 महिलाएं लाभान्वित। "मिशन ने हमें आत्मनिर्भर बनाया।" 2.    चंदौली के रामू यादव (स्वदेशी गौ-संवर्धन): 2 गायों पर ₹80,000 अनुदान। मासिक आय ₹50,000, पलायन रुका। 3.    गाजियाबाद के पशुपालक (प्रगतिशील योजना): 12 लीटर वाली गाय पर ₹15,000। 11,000 देसी गायें जिले में, आय दोगुनी। योगी आदित्यनाथ की दृष्टि: मिशन पर प्रेरक उद्धरण CM योगी ने मिशन को 'गौ-रक्षा की आर्थिक क्रांति' बताया: •    लॉन्च समारोह (6 जून 2023): "नंद बाबा मिशन से किसानों की आय दोगुनी होगी। ₹1000 करोड़ से देसी गायें संरक्षित, ग्रामीण UP आत्मनिर्भर बनेगा।" •    बजट समीक्षा 2025: "मिशन से 1 करोड़ नौकरियां। स्वदेशी गौ-संवर्धन से सांस्कृतिक धरोहर आर्थिक शक्ति बनेगी।" •    NDDB MoU (जून 2025): "नंद बाबा + डेयरी पॉलिसी से UP दूध उत्पादन में नंबर-1। महिलाओं को प्राथमिकता।" •    X पर योगी जी: #NandBabaMission – "एक गाय, एक परिवार की समृद्धि!" निष्कर्ष: नंद बाबा – UP का दुग्ध भविष्य नंद बाबा दुग्ध मिशन ने देसी गायों को आर्थिक इंजन बनाया, जहां ₹11.80 लाख सब्सिडी से लाखों किसान सशक्त हो रहे हैं। योगी सरकार का यह प्रयास विकसित भारत-2047 का आधार बनेगा। आवेदन करें, आत्मनिर्भर बनें! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

सीएम योगी ने पहली रैली में रक्सौल से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटिया से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील की

योगी ने कांग्रेस व राजद को धोया, बोले- अराजकता पैदा करना इनका जन्मसिद्ध अधिकार बिहार विधानसभा चुनाव (कंपाइल खबर) सीएम योगी ने पहली रैली में रक्सौल से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटिया से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील की योगी ने दूसरी रैली में लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी को फिर से विधानसभा में भेजने का किया आग्रह सीएम योगी ने ढाका विधानसभा से एनडीए प्रत्याशी पवन कुमार जायसवाल के समर्थन में मांगा वोट लालटेन की केरोसिन बेचकर बिहार में अंधेरा करने वाले अब राशन हजम करने की तैयारी में हैंः सीएम योगी ने विपक्षी दलों को घेरा, बोले-नौकरी के बहाने नौजवानों की जमीन हड़प लेते थे, महागठबंधन फिर नौकरी के नाम पर धोखा देने निकला है योगी ने दिखाया आईना- महागठबंधन में हिम्मत नहीं कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर सकें, यूपी में माफिया की छाती पर चलता है बुलडोजर तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाने का कार्य किया, मैंने भी गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को ही दी ढाका में घुसपैठियों के आका को भी लगाएंगे ठिकानेः सीएम योगी रैलियों में योगी को देखने उमड़ा जनसैलाब, बुलडोजर बाबा जिंदाबाद से गूंज उठा बिहार पूर्वी चम्पारण/पश्चिम चंपारण उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले चरण के मतदान के अगले दिन शुक्रवार को बिहार में राजद-कांग्रेस पर ऐसा तीखा प्रहार किया कि जनसभा में पहुंची जनता का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। सीएम ने पहली रैली में रक्सौल से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटियागंज से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील की। दूसरी रैली में लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी को फिर से विधानसभा में भेजने का आग्रह किया। तीसरी रैली में उन्होंने ढाका से पवन कुमार जायसवाल के लिए वोट मांगा। रैलियों में योगी आदित्यनाथ को देखने जनसैलाब उमड़ा। पूरा बिहार बुलडोजर बाबा जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा। सीएम ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अराजकता इनका जन्मसिद्ध अधिकार है। चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का सीएम योगी ने कहा कि जो लोग लालटेन की केरोसिन बेचकर बिहार को अंधेरे में झोंकते थे, फिर से वही आपका राशन हजम करने आए हैं। यह चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का है। बिहार को 1990 से 2005 के बीच जातीय संघर्ष, नरसंहार, अपहरण और डकैती के दौर में झोंकने वाले अब फिर नई पैकिंग में वोट मांगने निकले हैं। यह वही लोग हैं, जिन्होंने लालटेन की धुंधली लाइट में बिहार में जातीय संघर्ष करवाया था। यह लोग लालटेन की केरोसिन को बेच करके अंधेरा करते थे, फिर घरों में डकैती भी डालते थे। जो लोग पहले चारा खा गए, अब राशन खाने आए हैं। यह वही लोग हैं जिन्होंने नौजवानों को बेरोजगारी और अपराध के अंधेरे में धकेला। अब फिर जातीय नफरत और लूट का राज वापस लाना चाहते हैं, लेकिन बिहार की जनता अब विकास और विरासत के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जैसे उत्तर प्रदेश में माफिया की संपत्ति जब्त कर गरीबों के घर बनाए गए, वैसे ही बिहार में भी सुशासन से अपराध और नक्सलवाद को समाप्त किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प लिया है कि 2026 तक देश से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। कार्रवाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी तत्कालीन सरकार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरी रैली में कांग्रेस व राजद पर हमला बोलते हुए कहा कि यह लोग विकास, गरीब कल्याण की योजनाएं रोक देंगे और फिर से जंगलराज पैदा करेंगे। कांग्रेस व राजद के समय में बिहार में व्यापारी, इंजीनियर, चिकित्सक, बेटियों का लगातार अपहरण होता था। सरकार कार्रवाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी। महागठबंधन में हिम्मत नहीं है कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर सके। यूपी को देखें, जब वहां माफिया की छाती पर बुलडोजर गड़गड़ाकर चलता है तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं। कांग्रेस, राजद व इनके पार्टनर दंगाइयों को प्रश्रय, व्यापारियों का सरेआम अपहरण करने वालों और खानदानी माफिया को गले से लगाते हैं। सीएम योगी ने मतदाताओं को चेताया कि राजद, कांग्रेस वाले बहकाने आएंगे। जब यह 15 वर्ष सत्ता में थे तो नौजवानों को ठगते थे। नौकरी के बहाने उनकी जमीन हड़प डाली थी। अपहरण उद्योग बन चुका था। नया उद्योग नहीं लगता था। नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपहरण उद्योग बंद हुआ। सीएम योगी ने अपील की कि जिन्होंने 2005 के पहले बिहार के जंगलराज, अराजकता, गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार को देखा है, वे वर्तमान पीढ़ी को भी बताएं। सीएम योगी ने कहा कि भोजपुरी की मिठास दुनिया में हर जगह पहुंची है। भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाया। भोजपुरी संस्कृति जहां भी गई, उस क्षेत्र को उपजाऊ बनाया। कलाकार भगवान की अनमोल धरोहर होते हैं। कला का सम्मान होना चाहिए। मैंने गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को दी। ढाका में घुसपैठियों के आका को भी ठिकाने लगाएंगे सीएम योगी ने तीसरी रैली में कहा कि कांग्रेस और आरजेडी ने बिहार की गौरवशाली परंपरा को कलंकित किया है। इन दलों ने बिहार को जातीय आधार पर बांटा, नौजवानों को पहचान के संकट में धकेला और विकास की गति को रोक दिया। ढाका में घुसपैठियों के आका को भी ठिकाने लगाएंगे। नौजवान बिहार को बांटने वालों के बहकावे में नहीं आएंगे। बिहार अब विकास चुन रहा है, एनडीए की सरकार चुन रहा है। सीएम योगी ने कहा कि एनडीए के समर्थन में पहले चरण में बिहार की माताओं, किसानों, नौजवानों का उत्साह दिखा। बिहार की धरती पर 65 फीसदी मतदान बताता है कि 14 नवंबर को ईवीएम खुलेगी तो फिर एक बार एनडीए सरकार का नारा साकार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार में विकास भी है और विरासत का सम्मान भी। सड़क, बिजली, पानी, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज जैसी सुविधाओं से बिहार नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी पर हमला करते हुए कहा कि ये वही दल हैं जो ढाका जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों को घुसपैठ का केंद्र बनाकर अराजकता … Read more

योगी ने विपक्षी दलों को घेरा, बोले-नौकरी के बहाने नौजवानों की जमीन हड़प लेते थे

अराजकता पैदा करना राजद का जन्मसिद्ध अधिकारः योगी बिहार का रण उप्र के मुख्यमंत्री ने लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी को फिर से विधानसभा में भेजने की अपील की योगी ने विपक्षी दलों को घेरा, बोले-नौकरी के बहाने नौजवानों की जमीन हड़प लेते थे लगाया आरोप- कार्रवाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी तत्कालीन सरकार योगी ने दिखाया आईना- महागठबंधन में हिम्मत नहीं कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर सकें, यूपी में माफिया की छाती पर चलता है बुलडोजर तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं योगी की लौरियावासियों से अपील- भोजपुरी कलाकार को फिर से जिताएं, मैंने भी गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को ही दी भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाने का कार्य कियाः योगी योगी को देखने उमड़ा जनसैलाब, बुलडोजर बाबा जिंदाबाद से गूंज उठा लौरिया पश्चिम चंपारण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार चुनाव प्रचार में शुक्रवार को भी कांग्रेस व राजद को निशाने पर रखा। उन्होंने कहा कि राजद के लोग लालटेन लेकर आते थे, केरोसिन बेच देते थे। फिर अंधेरे में डकैती डालते थे। अराजकता पैदा करना इनका जन्मसिद्ध अधिकार है। पशुओं का चारा खाने वाले आपका राशन भी नहीं छोड़ेंगे। यह लोग विकास, गरीब कल्याण की योजनाएं रोक देंगे और फिर से जंगलराज पैदा करेंगे। कांग्रेस व राजद के समय में बिहार में 60 से अधिक जातीय नरसंहार हुए थे। अपहरण की 30 हजार से अधिक घटनाएं हुईं। व्यापारी, इंजीनियर, चिकित्सक, बेटियों का लगातार अपहरण होता था। सरकार कार्रवाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी। महागठबंधन में हिम्मत नहीं है कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर सके। यूपी को देखें, जब वहां माफिया की छाती पर बुलडोजर गड़गड़ाकर चलता है तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं। कांग्रेस, राजद व इनके पार्टनर आमजन की आस्था का अपमान, दंगाइयों को प्रश्रय, व्यापारियों का सरेआम अपहरण करने वालों और खानदानी माफिया को गले से लगाते हैं। इनकी संवेदना गरीबों के प्रति नहीं, बल्कि माफिया-गुंडों के प्रति है। सीएम योगी ने लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी के पक्ष में शुक्रवार को जनसभा की और उन्हें फिर से विधानसभा में भेजने की अपील की। नौकरी के बहाने नौजवानों की हड़प लेते थे जमीन सीएम योगी ने मतदाताओं को चेताया कि राजद, कांग्रेस वाले बहकाने आएंगे। जब यह 15 वर्ष सत्ता में थे तो नौजवानों को ठगते थे। नौकरी के बहाने उनकी जमीन हड़प डाली थी। अपहरण उद्योग बन चुका था। नया उद्योग नहीं लगता था। नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपहरण उद्योग बंद हुआ। गुंडागर्दी रोकने पर प्रभावी कदम उठाए गए। विकास कार्यों को तेजी से बढ़ाया गया। अब नए भारत का नया बिहार है। जब बिहार समृद्ध होता है तो भारत समृद्ध होता है। सीएम ने स्वर्णिम बिहार के लिए एनडीए प्रत्याशी को जिताने की अपील की। योगी की अपील- वर्तमान पीढ़ी को बताएं जंगलराज सीएम योगी ने लोगों से अपील की कि जिन्होंने 2005 के पहले बिहार के जंगलराज, अराजकता, गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार को देखा है, वे वर्तमान पीढ़ी को भी बताएं। अब लालटेन का समय नहीं है। बिहार पीएम मोदी के मार्गदर्शन व नीतीश बाबू के नेतृत्व में एलईडी की दूधिया रोशनी में सुशासन की सुदृढ़ नींव बनाने की ओर अग्रसर हुआ है। एनडीए ने पिछले 20 वर्ष राजद व कांग्रेस के पापों के गड्ढों को भरने, अराजकता-भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने व सुशासन की आधारशिला को सुदृढ़ करने में लगाया। समृद्ध बिहार की नींव पुख्ता करने के लिए प्रदेश बढ़ चुका है, इसलिए एनडीए सरकार बिहार में फिर से आवश्यक है। सीएम ने केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाया। बोले-मोदी जी ने 11 वर्ष में विकास की अनेक योजनाएं चलाईं तो बिहार में भी विकास की हर योजनाएं हैं। कांग्रेस की सरकार के समय में 50 हजार रुपये में सिलेंडर ब्लैक होता था, जबकि मोदी जी ने 10 करोड़ गरीबों को फ्री में रसोई गैस का सिलेंडर दिया। भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाने का कार्य किया सीएम योगी ने कहा कि भोजपुरी की मिठास दुनिया में हर जगह पहुंची है। भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाने का कार्य किया है। भोजपुरी संस्कृति जहां भी गई, उस क्षेत्र को उपजाऊ बनाया। बिहार मैथिली और भोजपुरी छठ गीतों के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाने वाली शारदा सिन्हा की भी धरा है। उन्हें पद्म पुरस्कार एनडीए सरकार ने ही दिया। मैंने भी गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को दिया सीएम योगी ने कहा कि कलाकार भगवान की अनमोल धरोहर होते हैं। कला का सम्मान होना चाहिए। एनडीए ने भोजपुरी के बड़े कलाकार को लौरिया से मैदान में उतारा है। हमने भी यूपी में भोजपुरी के दो कलाकारों को चुनाव लड़ाया। मैंने गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को दी। भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल यादव को भी हमने आजमगढ़ से सांसद बनवाया था। सुशासन की सुदृढ़ नींव में ही स्वर्णिम बिहार की संकल्पना साकार होगी। लौरियावालों को अर्जुन की तरह एकटक निशाना केवल कमल के फूल पर रखकर ईवीएम बटन दबाना है। पहले चरण का उत्साह बताता है कि 14 नवंबर को फिर से एनडीए सरकार का नारा होगा साकार सीएम योगी ने कहा कि एनडीए के समर्थन में पहले चरण में बिहार की माताओं, किसानों, नौजवानों का उत्साह दिखा। बिहार की धरती पर 65 फीसदी मतदान बताता है कि 14 नवंबर को ईवीएम खुलेगी तो फिर एक बार एनडीए सरकार का नारा साकार होगा। सीएम ने कहा कि आज वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण हुए हैं। 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने भारत की स्वाधीनता के लिए नौजवानों के मन में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व राजनैतिक चेतना को नया स्वर देने के लिए जिस कृति की रचना की, वन्दे मातरम् उसका अमर गीत बन गया। इसे गाते-गाते भारत का नौजवान फांसी के फंदे पर झूल जाता था, लेकिन स्वाधीनता के मंत्र से कभी भटका नहीं। डबल इंजन सरकार आई तो यूपी में बना राम मंदिर सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस कहती है कि राम-कृष्ण हुए ही नहीं। मोदी … Read more

सीएम योगी ने रक्सौल व नरकटियागंज में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को किया संबोधित

बिहार विधानसभा चुनाव लालटेन की केरोसिन बेचकर बिहार में अंधेरा करने वाले अब राशन हजम करने की तैयारी में हैं – सीएम योगी  सीएम योगी ने रक्सौल व नरकटियागंज में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को किया संबोधित सीएम योगी ने की रक्सौल से बीजेपी प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटिया से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील – बोले सीएम योगी – जंगलराज नहीं, सुशासन चाहिए, बिहार को स्वर्ण युग में ले जाएगा डबल इंजन सरकार – बिहार को अब जंगलराज नहीं, बल्कि सुशासन और समृद्धि की राह पर बढ़ाना है- सीएम योगी – महागठबंधन अब नौकरी के नाम पर धोखा देने निकला है, जो आपकी जमीन और चारा हड़प गए, वे नौकरी क्या देंगे – एनडीए सरकार में बिहार ने विकास की नई उड़ान भरी है, यह चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का है – योगी – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर चलने की नई परंपरा दी है पूर्वी चम्पारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार चुनाव के पहले चरण के मतदान के ठीक बाद RJD-कांग्रेस पर ऐसा तीखा प्रहार किया कि जनसभा में पहुंची जनता का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। रक्सौल से बीजेपी प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा और नरकटिया से जदयू प्रत्याशी विशाल कुमार को जिताने की अपील करते हुए योगी ने महागठबंधन पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि जो लोग लालटेन की केरोसिन बेचकर बिहार को अंधेरे में झोंकते थे, वही अब फिर आए हैं आपका राशन हजम करने के लिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को अब जंगलराज नहीं, बल्कि सुशासन और समृद्धि की राह पर बढ़ाना है और यह काम केवल एनडीए की डबल इंजन सरकार ही कर सकती है। यह चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का है- योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने कहा कि यह चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का है। उन्होंने कहा कि बिहार को 1990 से 2005 के बीच जातीय संघर्ष, नरसंहार, अपहरण और डकैती के दौर में झोंकने वाले अब फिर नई पैकिंग में वोट मांगने निकले हैं। याद करिए ना, यह वही लोग हैं जिन लोगों ने लालटेन की धुंधली लाइट में बिहार में जातीय संघर्ष करवाया था। यह वही लोग हैं, जो लालटेन की केरोसिन को बेच करके अंधेरा करते थे, फिर घरों में डकैती भी डालते थे। एनडीए सरकार में बिहार ने विकास की नई उड़ान भरी है- योगी सीएम योगी ने कहा कि एनडीए सरकार में बिहार ने विकास की नई उड़ान भरी है। आज यहां सड़क, रेल, एयर कनेक्टिविटी, मेट्रो, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल संस्थान और एम्स तक हैं। सुशासन और सुरक्षा की नींव पर ही निवेश आता है, और निवेश से ही रोजगार पैदा होते हैं। उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमने यूपी में 8 साल में 8.5 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी, 2 करोड़ से अधिक को स्व-रोजगार से जोड़ा। अब नौजवान पलायन नहीं करते, क्योंकि रोजगार घर के पास है और यही मॉडल बिहार में भी लाना है। विपक्ष पर प्रहार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो लोग पहले चारा खा गए, अब राशन खाने आए हैं। यह वही लोग हैं जिन्होंने नौजवानों को बेरोजगारी और अपराध के अंधेरे में धकेला। अब फिर जातीय नफरत और लूट का राज वापस लाना चाहते हैं। लेकिन बिहार की जनता अब समझदार है वह विकास और विरासत के साथ खड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर चलने की परंपरा दी उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर चलने की परंपरा दी है। कांग्रेस और राजद ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था, लेकिन आज अयोध्या में भव्य रामलला मंदिर बनकर तैयार है। अब सीतामढ़ी में मां जानकी के मंदिर का भव्य निर्माण भी चल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि ये सब कार्य वही कर सकते हैं जो विरासत का सम्मान जानते हैं, विकास का अर्थ समझते हैं।  प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 50 करोड़ को ₹5 लाख तक की स्वास्थ्य सुविधा, 4 करोड़ घरों में बिजली कनेक्शन, 3 करोड़ आवास और एक करोड़ 41 लाख बहनों के खातों में सीधे पैसे भेजने का काम केवल एनडीए ने किया है। यह वादे नहीं, धरातल पर उतरे परिवर्तन हैं। महागठबंधन अब नौकरी के नाम पर धोखा देने निकला है, जो आपकी जमीन और चारा हड़प गए, वे नौकरी क्या देंगे मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि महागठबंधन अब नौकरी के नाम पर धोखा देने निकला है। जो आपकी जमीन और चारा हड़प गए, वे नौकरी क्या देंगे? बिहार की जनता को इनके झूठे वादों से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे उत्तर प्रदेश में माफिया की संपत्ति जब्त कर गरीबों के घर बनाए गए, वैसे ही बिहार में भी सुशासन से अपराध और नक्सलवाद को समाप्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह जी ने संकल्प लिया है कि 2026 तक देश से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। सीएम योगी ने कहा कि जो राम का है, वही हमारे काम का है। जो राम का नहीं, वह हमारे किसी काम का नहीं। उन्होंने लोगों से अपील की कि रक्सौल में कमल और नरकटिया में तीर पर बटन दबाकर एनडीए प्रत्याशियों को विजयी बनाएं ताकि बिहार का विकास अविराम जारी रह सके।