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सीएम बुधवार को डीजीपी आवास के सामने एकता वन में आयोजित कार्यक्रम में 72 आवंटियों को सौंपेंगे चाबी

सीएम सौंपेंगे माफिया मुख्तार से खाली कराई गई जमीन पर बने फ्लैट की चाबी   सीएम बुधवार को डीजीपी आवास के सामने एकता वन में आयोजित कार्यक्रम में 72 आवंटियों को सौंपेंगे चाबी   योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत माफिया मुख्तार के कब्जे से अवैध जमीन को कराया था खाली  – माफिया मुख्तार ने अवैध रूप से हजरतगंज के डालीबाग के पास बेशकीमती जीमन पर कर रखा था कब्जा – सरदार वल्लभ भाई पटेल अावासीय योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बनाए गए ईडब्ल्यूएस फ्लैट  – फ्लैट से बालू अड्डा, 1090 चौराहा, नरही, सिकन्दरबाग एवं हजरतगंज चौराहा महज पांच से 10 मिनट की दूरी पर लखनऊ मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ बुधवार को हजरतगंज के पॉश इलाके डालीबाग में माफिया मुख्तार अंसारी से खाली कराई गई जमीन पर बने ईडब्ल्यूएस फ्लैट की चाबी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाभार्थियों को सौंपेंगे। सीएम योगी डीजीपी आवास के सामने एकता वन में आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों को चाबी सौंपेंगे। यह फ्लैट सरदार वल्लभ भाई पटेल आवासीय योजना के तहत बनाए गए हैं। इनकी कुल संख्या 72 हैं। इन फ्लैट्स की कीमत 10.70 लाख रुपये है, मंगलवार को लाटरी की प्रक्रिया संपन्न हुई। ग्राउंड प्लस थ्री स्ट्रक्चर के 3 ब्लॉक में 36.65 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनाए गए 72 फ्लैट एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश भर में अभियान चलाकर माफिया के कब्जे से अवैध भूमि को खाली कराया गया था। इसी क्रम में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप हजरतगंज के पॉश इलाके डालीबाग में माफिया मुख्तार के कब्जे से अवैध जमीन को मुक्त कराया गया था। इसके सीएम योगी के निर्देश पर एलडीए की आेर से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाए गए। डालीबाग में अवैध कब्जे से खाली करायी गयी लगभग 2,322 वर्गमीटर भूमि पर एलडीए ने सरदार वल्लभ भाई पटेल आवासीय योजना लांच की। एलडीए वीसी ने बताया कि योजना में ग्राउंड प्लस थ्री स्ट्रक्चर के 3 ब्लॉक में 36.65 वर्गमीटर क्षेत्रफल के कुल 72 फ्लैट बनाये गये हैं। योजना की लोकेशन काफी प्राइम है। 20 मीटर चौड़ी बंधा रोड पर स्थित इस योजना से बालू अड्डा, 1090 चौराहा, नरही, सिकन्दरबाग एवं हजरतगंज चौराहा महज पांच से 10 मिनट की दूरी पर है। ईडब्ल्यूएस श्रेणी के इन भवनों की कीमत 10.70 लाख रुपये रखी गयी है। योजना में स्वच्छ जल एवं विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था व दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है।  यहां पर बाह्य विकास कार्य जैसे रोड और पार्क का निर्माण भी किया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को लॉटरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को डीजीपी आवास के सामने एकता वन में आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों को चाबी सौंपेंगे।  8000 लोगों ने किया आवेदन  सरदार वल्लभ भाई पटेल आवासीय योजना के भवनों के लिए 4 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025 के मध्य ऑनलाइन पंजीकरण खोला गया था। सोमवार को पंजीकरण अवधि समाप्त होने तक लगभग 8000 लोगों ने पंजीकरण कराया।

योगी पर बरसाए गए फूल, फुलझड़ियां और पटाखे जलाकर जनता ने किया स्वागत

सीएम योगी के रोड शो में उमड़ा जनसैलाब, बुलडोजर बाबा-हिंदू हृदय सम्राट जिंदाबाद के नारे से गूंजा दरभंगा एनडीए प्रत्याशी के समर्थन में सीएम योगी ने विपक्ष को ललकारा बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री योगी को देखकर लोगों में जबरदस्त उत्साह योगी पर बरसाए गए फूल, फुलझड़ियां और पटाखे जलाकर जनता ने किया स्वागत दरभंगा  बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के अंतिम दिन दरभंगा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रोड शो के दौरान भारी जनसमूह उमड़ा। लोहिया चौक से प्रारंभ होकर मछली चौक तक चले इस भव्य रोड शो में लोगों का उत्साह चरम पर रहा। सड़क के दोनों ओर और छतों पर खड़े लोगों ने योगी योगी, जय श्री राम, भारत माता की जय, मिथिला धाम की जय, माता जानकी की जय और हर हर महादेव के नारे लगाए। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखने और उनसे मिलने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्सुकता रही। लोग बुलडोजर बाबा जिंदाबाद और हिंदू हृदय सम्राट योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद के नारे लगाते हुए आगे बढ़ते जा रहे थे। हाथों में कमल निशान और झंडे थामे लाखों लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ साथ चलते हुए एनडीए गठबंधन जिंदाबाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाते रहे। लोगों ने मुख्यमंत्री योगी पर फूल बरसाए, वहीं कई स्थानों पर फुलझड़ियां और पटाखे जलाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी ने जनता का अभिवादन करते हुए कहा कि आज के इस ऐतिहासिक रोडशो में दरभंगा नगर वासियों ने जो उत्साह दिखाया है, खास तौर पर यहां के युवाओं और सामाजिक संगठनों ने, इसके प्रति मैं आप सभी का हृदय से अभिनंदन करता हूं। बिहार में सुशासन की सुदृढ़ नींव पर एक समृद्ध और विकसित बिहार के निर्माण के लिए एनडीए की सरकार फिर से बिहार के अंदर आए, इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए ने संजय जी को फिर से अपना प्रत्याशी बनाकर आपके बीच में उतारा है। लगातार उन्हें आपका आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। फिर एक बार उन्हें अपना आशीर्वाद देकर एनडीए की सरकार बनाने में अपना योगदान दें, इसके लिए मैं आप सभी से अपील करने के लिए आया हूं। आप सभी लोग संजय जी को अपना आशीर्वाद दें। सीएम योगी ने आगे सियावर रामचंद्र की जय और मां जानकी की जय, जय श्री राम के नारे लगाकर लोगों में जोश भर दिया।

जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

जनता की समस्याओं के समाधान को संकल्पित है सरकार : मुख्यमंत्री जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं अधिकारियों को दिए निर्देश – शीघ्रता से करें समस्याओं का निस्तारण गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता की समस्याओं के समाधान को संकल्पबद्ध है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया वे तत्परता और संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जबरन जमीन कब्जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और बिना भेदभाव सबको न्याय मिले।  प्रतिकूल मौसम के चलते इस बार जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में किया गया था। जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। सीएम से मिलकर अपनी समस्या बताने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक रही। सभागार में कुर्सियों पर बैठे लोगों के पास सीएम योगी खुद गए। उनकी समस्याओं व शिकायतों को इत्मीनान से सुना और समझा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। अपराध से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।  हर बार की तरह इस बार भी जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। उनसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।

गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार से शुरू होगा प्रथम गोरखपुर पुस्तक महोत्सव, 9 नवंबर तक चलेगा

गोरखपुर में ‘साहित्यिक महाकुंभ’ का मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार से शुरू होगा प्रथम गोरखपुर पुस्तक महोत्सव, 9 नवंबर तक चलेगा नेशनल बुक ट्रस्ट कर रहा आयोजन, पुस्तकों के स्टाल के साथ ही सजेंगे बाल मंडप और साहित्यिक मंच गोरखपुर  प्रयागराज में धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के अद्वितीय महाकुंभ का भव्य और दिव्य आयोजन सबकी स्मृतियों में रच-बस गया है। अब बारी ‘साहित्यिक महाकुंभ’ की है। साहित्यिक महाकुंभ का यह आयोजन गोरखपुर पुस्तक महोत्सव के रूप में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के परिसर में होने जा रहा है। 1 नवंबर से 9 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को करेंगे। गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में ‘प्रथम गोरखपुर पुस्तक महोत्सव’ का आयोजन नेशनल बुक ट्रस्ट (राष्ट्रीय पुस्तक न्यास) की तरफ से किया जा रहा है। यह आयोजन नगर की गहरी आध्यात्मिक, कलात्मक और साहित्यिक विरासत का एक भव्य उत्सव होगा। पुस्तक महोत्सव में आमजन प्रतिदिन पूर्वाह्न 11 बजे से रात 8 बजे तक शामिल हो सकेंगे। इसमें सभी के लिए प्रवेश निशुल्क होगा। पुस्तक महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे।  नेशनल बुक ट्रस्ट के निदेशक युवराज मलिक के अनुसार प्रथम पुस्तक महोत्सव में 100 से अधिक प्रकाशकों के 200 से भी अधिक पुस्तकों के स्टॉल लगेंगे, जहां हिंदी, अंग्रेजी और अनेक भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी। साथ ही, बाल मंडप और साहित्यिक मंच पर नामचीन लेखकों-वक्ताओं के साथ संवाद, कार्यशालाएं और चर्चाएं भी आयोजित होंगी। बच्चों के लिए होंगी आकर्षक गतिविधियां बाल मंडप में बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसमें कहानी सत्र, कठपुतली शो, आर्ट एंड क्राफ्ट वर्कशॉप, चित्रांकन और डूडलिंग प्रतियोगिताएं, ओरिगेमी और क्ले आर्ट, सुलेख और रंगमंच कार्यशालाएं तथा म्यूजिकल स्टोरीज सेशन शामिल होंगे। ताकि बच्चे पुस्तकों की दुनिया से आनंदपूर्वक तरीके से जुड़ सकें। जानी-मानी साहित्यिक हस्तियों को सुनने का मिलेगा अवसर साहित्यिक मंच पर गोरखपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों से जुड़ी अनेक जानी-मानी साहित्यिक हस्तियाें को सुनने का अवसर मिलेगा। जिनमें अवध संस्कार : लोकाचार और लोकगीत की लेखिका डाॅ. मनोरमा मिश्रा, विद्वान साहित्यकार डाॅ. रामदेव शुक्ल, प्रसिद्ध कवि-आलोचक व्यमोश शुक्ल (प्रधानमंत्री, नागरी प्रचारिणी सभा), वरिष्ठ लेखिका एवं अनुवादक आशा प्रभात, युवा लेखिका डाॅ. निधि अग्रवाल,  पत्रकार-उपन्यासकार उमा, वरिष्ठ कवि अष्टभुजा शुक्ल, पूर्व पुलिस अधिकारी एवं विविध पुस्तकों की लेखिका डाॅ. सत्या सिंह, अरविंद त्रिपाठी, अमित कुमार, कवयित्री सुनीता अबाबील तथा गोरखपुर के प्रतिष्ठित लेखक सुभाष यादव आदि शामिल हैं। सांस्कृतिक संध्या में होंगे समृद्ध विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रम सांस्कृतिक संध्याओं में भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रम होंगे, जिनमें बिरजू महाराज कथक संस्थान (लखनऊ) के कलाकारों द्वारा शास्त्रीय नृत्य एवं गायन, कव्वाली प्रस्तुति, तथा ‘फोक क्वीन ऑफ इंडिया’ मालिनी अवस्थी की एक विशेष प्रस्तुति शामिल है। इनके अलावा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) का नाटक, सूफी एवं बॉलीवुड फ्यूजन म्यूजिक, कवि सम्मेलन, और ‘द युवाम प्रोजेक्ट’ के साथ एक विशेष म्यूजिकल ईवनिंग आयोजित की जाएगी। जिससे यह आयोजन साहित्य, कला और संस्कृति का एक भव्य महोत्सव बन जाएगा। ई-लाइब्रेरी का भी ले सकेंगे अनुभव दर्शक यहां ‘राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय (नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया)’ का अनुभव भी ले सकेंगे, जहां 3,000 से अधिक ई-पुस्तकों तक निशुल्क पहुंचा जा सकता है। यह पारंपरिक पढ़ने की आदत का डिजिटल ज्ञान की दुनिया के साथ सुंदर समन्वय होगा।

वैशाली के लालगंज विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार सिंह के समर्थन में सीएम योगी ने मांगा वोट

बिहार विधानसभा चुनाव चुनाव में राहुल गांधी की इंट्री, बीजेपी व एनडीए की जीत की गारंटी- योगी आदित्यनाथ  वैशाली के लालगंज विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार सिंह के समर्थन में सीएम योगी ने मांगा वोट भारी बारिश के बीच सीएम योगी की रैली में उमड़ा जनसैलाब, 'जय श्री राम' और 'हर हर महादेव' के नारों से गूंजायमान हो उठा वातावरण  – भारी बारिश के बीच भीड़ का उत्साह देख बोले सीएम योगी, यह कीचड़ में कमल खिलाने का संकेत है – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास और सुरक्षा दोनों के नए मानक स्थापित किए हैं- सीएम योगी  – बोले सीएम योगी, यूपी की तरह बिहार से भी माफियाओं का होगा सफाया – आज का नया भारत रुकता नहीं, झुकता नहीं और आतंकवाद-नक्सलवाद को उसकी मांद में घुसकर मारना जानता है- मुख्यमंत्री – लौह पुरुष पटेल ने देश को अखंड बनाया, आज प्रधानमंत्री मोदी उसी एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं- मुख्यमंत्री – वैशाली की यह भूमि लोकतंत्र की जननी है, जिसने नालंदा विश्वविद्यालय और भगवान महावीर जैसी विरासत दी- योगी – कांग्रेस और आरजेडी ने 15 साल लगातार राज किया, लेकिन गरीब को छत तक नहीं दे पाए- योगी – उत्तर प्रदेश अब विरासत और विकास दोनों का मॉडल है, यहां न माफिया बचता है, न भ्रष्टाचार पनपता है- मुख्यमंत्री वैशाली भारी बारिश के बावजूद ब्रह्मानंद पंजियार कॉमर्स कॉलेज मैदान में जनसैलाब उमड़ पड़ा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी सभा में 'जय श्री राम' और 'हर हर महादेव' के नारों से वातावरण गूंजायमान हो उठा। लालगंज विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार सिंह के समर्थन में बोलते हुए योगी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी प्रचार में आ गए, तो एनडीए की विजय सुनिश्चित है। बारिश में भीड़ का उत्साह देख सीएम योगी ने कहा कि यह कीचड़ में कमल खिलाने का संकेत है। सीएम योगी ने कहा कि वैशाली की यह भूमि लोकतंत्र की जननी है, जिसने नालंदा विश्वविद्यालय और भगवान महावीर जैसी विरासत दी। आज यह धरती एक बार फिर नए भारत के संकल्प की गवाह बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का नया भारत रुकता नहीं, झुकता नहीं और आतंकवाद-नक्सलवाद को उसकी मांद में घुसकर मारना जानता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास और सुरक्षा दोनों के नए मानक स्थापित किए हैं। यह नया भारत सबका साथ, सबका विकास करता है, लेकिन तुष्टिकरण किसी का नहीं करता। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का एकमात्र देश है जो 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन, 50 करोड़ को मुफ्त इलाज और हर गरीब को आवास, शौचालय और बिजली की सुविधा दे रहा है। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और आरजेडी ने 15 साल लगातार राज किया, लेकिन गरीब को छत तक नहीं दे पाए। मोदी जी ने 10 साल में वो कर दिखाया जो इनसे नहीं हुआ। एनडीए की जीत की गारंटी हैं राहुल गांधी- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल गांधी जब भी प्रचार करने आते हैं, एनडीए की जीत तय हो जाती है। वे बीजेपी और एनडीए की जीत की सबसे बड़ी गारंटी हैं। सीएम योगी ने कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग सत्ता में आएंगे तो फिर माफिया राज, लूट, अपहरण और बेटियों की असुरक्षा का दौर लौट आएगा। गरीबों का राशन लूटेंगे, व्यापारियों को डराएंगे। लेकिन एनडीए यह नहीं होने देगा। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे यहां माफिया के लिए कोई जगह नहीं है। यूपी में जो माफिया पहले सत्ता का हिस्सा बनते थे, आज जेल में हैं या प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं। हमारे बुलडोजर जब चलते हैं, तो माफिया की अवैध संपत्तियां ढहती हैं और उन्हीं जमीनों पर गरीबों के लिए मकान बनते हैं। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विरासत और विकास दोनों का मॉडल है। यहां न माफिया बचता है, न भ्रष्टाचार पनपता है। सरदार पटेल ने देश को अखंड बनाया- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का स्मरण करते हुए कहा कि भारत की एकता के शिल्पी लौह पुरुष पटेल ने ब्रिटिशों की विभाजन की साजिश को नाकाम कर देश को अखंड बनाया। आज प्रधानमंत्री मोदी उसी एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिहार को भी विकसित बनाना है, तो एनडीए की डबल इंजन सरकार को मजबूत करना होगा।  सीएम योगी ने बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार सिंह के समर्थन में मांगा वोट संजय कुमार सिंह जैसे जनसेवक को जिताना बिहार के भविष्य को सुरक्षित करना है। बारिश और कीचड़ में भी जो भीड़ जुटी है, वह बताती है कि लालगंज से इस बार कमल जरूर खिलेगा। आप बस घर-घर जाकर वोट मांगिए, बिहार भी यूपी की तरह अपराध और अराजकता से मुक्त होगा। विकसित बिहार, विकसित भारत का मार्ग यहीं से निकलेगा।

लखनऊ में ‘रन फॉर यूनिटी’ के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री, सरदार पटेल के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि

राष्ट्र की अखंडता के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार्य नहींः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में ‘रन फॉर यूनिटी’ के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री, सरदार पटेल के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रनिर्माताओं को सम्मान देने की परंपरा स्थापित हुईः मुख्यमंत्री सीएम बोले- सरदार पटेल ने 563 रियासतों को जोड़कर गढ़ा अखंड भारत का स्वरूप प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 हटाकर पटेल के संकल्प को साकार कियाः सीएम योगी जातिवाद, परिवारवाद और छुआछूत के विरुद्ध एकता की मशाल जलाएंः मुख्यमंत्री सीएम योगी का आह्वान, जातिवाद, परिवारवाद या छुआछूत के आधार पर समाज को बांटने वालों का करें विरोध सरदार पटेल से प्रेरणा लेकर हर उस शक्ति का विरोध करना चाहिए जो राष्ट्र की एकता को कमजोर करने का प्रयास करेः सीएम मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण भारत रत्न सरदार पटेल को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर प्रदेशवासियों को एकता दिवस की दी बधाई लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और कहा कि भारत की अखंडता और एकता के लिए जिन्होंने अपना जीवन समर्पित किया, उन लौह पुरुष सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन, समर्पण और त्याग आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। आइए, इस राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम संकल्प लें कि जाति, भाषा, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर भारत की एकता और अखंडता को सुदृढ़ बनाएंगे। सरदार पटेल के आदर्शों को आचरण में लाना ही सच्ची श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से ही देश में उन महान सपूतों को सम्मान देने की परंपरा शुरू हुई है, जिन्होंने भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि आज पूरे देश में 600 से अधिक स्थानों पर ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति और एकता की भावना को प्रबल करने का यह अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी भारतीय परंपरा में कहा गया है कि“शिवो भूत्वा शिवं यजेत”, अर्थात जिसे हम पूजते हैं, उसके अनुरूप हमें स्वयं को ढालना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल भाषणों में नहीं, बल्कि व्यवहार में भी एकता और अखंडता के मूल्यों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केवड़िया (गुजरात) में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के रूप में सरदार पटेल की स्मृति को जीवंत बनाया गया है, जो आज राष्ट्रीय प्रेरणास्थली बन चुकी है। 563 रियासतों को जोड़कर अखंड भारत की नींव रखी मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद ब्रिटिश साजिशों को नाकाम करते हुए 563 रियासतों को भारत गणराज्य में शामिल कर अखंड भारत का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि जब हैदराबाद और जूनागढ़ की रियासतों ने भारत में विलय से इनकार किया, तब लौह पुरुष ने पहले संवाद का रास्ता अपनाया, लेकिन जब राष्ट्र की अखंडता पर संकट आया, तब उन्होंने कठोर निर्णय लेकर भारत की एकता को सुरक्षित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि भारत की अखंडता के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर अखंड भारत के उस संकल्प को साकार किया, जो सरदार पटेल ने देखा था। यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उत्तर प्रदेश से केवड़िया जाएगा सांस्कृतिक दल मुख्यमंत्री ने बताया कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश से एक सांस्कृतिक दल और हस्तशिल्पियों का प्रतिनिधिमंडल केवड़िया जाएगा। राज्यपाल महोदया के नेतृत्व में 12 नवंबर को केवड़िया में सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी अभियान’ को मज़बूती देने के साथ उत्तर प्रदेश के कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का यह अवसर भी है। 75 जिलों में गूंजी राष्ट्रीय एकता की भावना मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आज ‘रन फॉर यूनिटी’ के कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें लाखों युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। जातिवाद, परिवारवाद और छुआछूत से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य करें मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हमें उन सभी कुत्सित प्रयासों का विरोध करना चाहिए जो जातिवाद, परिवारवाद या छुआछूत के आधार पर समाज को बांटने का काम करते हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस का यही संदेश है कि हम सब मिलकर भारत की अखंडता को सशक्त बनाएं और सामाजिक एकता को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें हर उस शक्ति का विरोध करना चाहिए जो राष्ट्र की एकता को कमजोर करने का प्रयास करती है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल एवं विधायक गण उपस्थित रहे। एक्स पर भी मुख्यमंत्री ने दी लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर भी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं और भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल को विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, लौह पुरुष, 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं प्रदेश वासियों को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की हार्दिक बधाई। भारत की आंतरिक सुरक्षा और अखण्डता हेतु 'सरदार साहब' द्वारा किए गए अथक प्रयास हमें 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की संकल्पना की सिद्धि हेतु सदैव प्रेरित करते रहेंगे।"

भारतीय नौसेना की अदम्य वीरता और सामुद्रिक क्षमता का जीवंत प्रतीक होगी यह परियोजना: मुख्यमंत्री

लखनऊ में शीघ्र तैयार होगा ‘नौसेना शौर्य संग्रहालय’ भारतीय नौसेना की अदम्य वीरता और सामुद्रिक क्षमता का जीवंत प्रतीक होगी यह परियोजना: मुख्यमंत्री भारत की समुद्री आत्मा और सभ्यता की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुँचाएगा यह संग्रहालय: मुख्यमंत्री जहाज के अमूर्त रूप में होगा संग्रहालय का स्वरूप, नौसैनिक वास्तुकला, समुद्री प्रतीकों और हरित निर्माण तकनीक से बनेगी विशिष्ट पहचान मुख्यमंत्री का निर्देश, संग्रहालय केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि ‘अनुभव का केंद्र’ बने, डिजिटल, इंटरएक्टिव और इमर्सिव तकनीकों से हो प्रस्तुति आईएनएस गोमती और ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ होंगे खास, फ्रिगेट, टीयू-142 विमान और सी किंग हेलीकॉप्टर होंगे मुख्य आकर्षण संग्रहालय परिसर में 7D थिएटर, एयरक्राफ्ट कैरियर लैंडिंग सिम्युलेटर, डिजिटल वाटर स्क्रीन शो और ‘ड्रेस लाइक योर हीरोज’ जैसी सहभागितापरक गतिविधियाँ होंगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित ‘नौसेना शौर्य संग्रहालय’ की प्रस्तुति का अवलोकन करते हुए इसके शीघ्र निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारतीय नौसेना की अदम्य शौर्यगाथाओं और हिन्द महासागर क्षेत्र में भारत की सामुद्रिक क्षमता का जीवंत प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समुद्र भारत की सभ्यता का मंथन स्थल रहा है, और भारतीय नौसेना उस गौरवशाली परंपरा की आधुनिक अभिव्यक्ति है। लखनऊ का यह संग्रहालय उसी परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा। बैठक में बताया गया कि संग्रहालय का स्वरूप एक जहाज के अमूर्त रूप में होगा। जहाज की रेलिंग, पोर्थोल जैसी खिड़कियाँ, नौसैनिक वास्तुकला और समुद्री प्रतीकों के साथ इसे विशिष्ट पहचान दी जाने की योजना है। परिसर में इंटरप्रिटेशन सेंटर, सेंट्रल डेक, ओपन एयर मेमोरियल, थीमैटिक वॉकवे, प्रदर्शनी गैलरी, फाउंटेन और लाइट-एंड-साउंड एरिना शामिल होंगे। डिज़ाइन को ऊर्जा-संवेदनशील रखा गया है, जिसमें प्राकृतिक रोशनी, वेंटिलेशन और हरित निर्माण तकनीक का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय को केवल देखने योग्य नहीं बल्कि 'अनुभव का केंद्र' बनाया जाए, जहाँ दर्शक इतिहास को महसूस कर सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि डिस्प्ले में डिजिटल, इंटरएक्टिव और इमर्सिव तकनीकों का प्रयोग हो, ताकि लोग नौसेना के अभियान, युद्ध और तकनीकी प्रगति को प्रत्यक्ष अनुभव कर सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि नौसेना संग्रहालय में छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में आवश्यक जानाकरी उपलब्ध कराई जाए। प्रस्तुति में बताया गया कि परियोजना दो प्रमुख हिस्सों में विकसित हो रही है। पहली-‘आईएनएस गोमती शौर्य स्मारक’ और दूसरी-‘नौसेना शौर्य वाटिका’। बताया गया कि ‘आईएनएस गोमती (F-21)’ गोदावरी श्रेणी का स्वदेशी मिसाइल फ्रिगेट है जिसने 34 वर्षों तक भारतीय नौसेना में सेवा दी और ‘ऑपरेशन कैक्टस’, ‘ऑपरेशन पराक्रम’ जैसे अभियानों में भाग लिया। इसे संरक्षित कर संग्रहालय परिसर में प्रदर्शित किया जाएगा ताकि नागरिक और युवा उसकी बहादुरी की कहानी को प्रत्यक्ष देख सकें। मुख्यमंत्री ने ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ को परियोजना का विशेष आकर्षण बताते हुए इसके शीघ्र पूर्ण होने के निर्देश दिए। इस वाटिका में टीयू-142 विमान, जो 29 वर्षों तक नौसेना की समुद्री निगरानी और आपदा राहत अभियानों में सक्रिय रहा, स्थापित किया जा रहा है। साथ ही सी किंग एसके-42बी हेलीकॉप्टर की प्रदर्शनी भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वाटिका युवाओं को आधुनिक नौसैनिक अभियानों और प्रौद्योगिकी से जोड़ने वाला सजीव अनुभव स्थल बनेगी। बैठक में बताया गया कि संग्रहालय परिसर में 7D थिएटर, एयरक्राफ्ट कैरियर लैंडिंग सिम्युलेटर, वॉरशिप सिम्युलेटर, सबमर्ज्ड द्वारका मॉडल, डिजिटल वाटर स्क्रीन शो, मरीन लाइफ एक्वेरियम तथा ‘ड्रेस लाइक योर हीरोज़' जैसी सहभागितापरक गतिविधियाँ होंगी। इसके अतिरिक्त नौसेना के वीरता पुरस्कारों, ऐतिहासिक अभियानों और स्वदेशी रक्षा नवाचारों से जुड़ी इंटरएक्टिव गैलरियाँ भी विकसित की जाएंगी। परियोजना की निगरानी हेतु महानिदेशक पर्यटन की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जिसमें मेरिटाइम हेरिटेज सोसाइटी, यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन और नौसेना विशेषज्ञ सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश में समुद्री गौरव की वह चेतना पुनः जागृत होगी जो कभी भारत के तटीय व्यापार और हिंद महासागर की सांस्कृतिक कड़ी रही है। उन्होंने कहा, लखनऊ का यह संग्रहालय भारतीय नौसेना की वीरता का ही नहीं, बल्कि भारत की समुद्री आत्मा का भी प्रतीक बनेगा। यह उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक नई, गौरवपूर्ण पहचान देगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की देव दीपावली तैयारियों की समीक्षा

काशी की सनातन परंपरा, गंगा आराधना और लोकआस्था का अद्वितीय संगम है देव दीपावली: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की देव दीपावली तैयारियों की समीक्षा 01 से 04 नवंबर तक आयोजित होगा गंगा महोत्सव, 05 नवंबर को गंगा तट पर भव्य देव दीपावली घाटों पर प्रकाश, सजावट, दीपदान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी उच्च गुणवत्ता व समयबद्धता से पूरी करने के निर्देश गंगा तट पर दीपदान का दृश्य श्रद्धा और अनुशासन की मिसाल बने, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहे: मुख्यमंत्री चेत सिंह घाट पर 25 मिनट की प्रोजेक्शन सहित प्रतिदिन 03 बार लेज़र शो होगा देव दीपावली में स्मार्ट लाइटिंग, थीम आधारित इंस्टालेशन, ड्रोन और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु शौचालय, पेयजल, चिकित्सा, कंट्रोल रूम और सफाई कर्मियों की तैनाती 24×7 सक्रिय रखने का निर्देश नाविक समुदाय को देव दीपावली की गरिमा का हिस्सा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, उन्हें सुरक्षा उपकरण, लाइफ जैकेट और पूर्ण सहयोग दिया जाए क्लीन काशी, ग्रीन काशी, डिवाइन काशी’ के दर्शन से अभिभूत होंगे श्रद्धालु: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में 05 नवम्बर को वाराणसी में आयोजित होने वाली देव दीपावली 2025 की तैयारियों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि देव दीपावली काशी की सनातन परंपरा, गंगा आराधना और लोकआस्था का अद्वितीय संगम है। यह पर्व भारत की उस अनादि परंपरा का सजीव प्रतीक है, जहाँ दीप केवल ज्योति नहीं, बल्कि धर्म, कर्तव्य और राष्ट्रभाव का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी की देव दीपावली का आयोजन इस प्रकार किया जाए कि यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा और आध्यात्मिक चेतना का विश्व संदेश बने। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि देव दीपावली से पूर्व आयोजित गंगा महोत्सव (01 से 04 नवम्बर) और मुख्य आयोजन देव दीपावली (05 नवम्बर) की सभी तैयारियाँ समयबद्ध, व्यवस्थित और उच्च गुणवत्ता की हों। घाटों की प्रकाश सज्जा, दीपदान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनसहभागिता की तैयारियाँ इस प्रकार हों कि श्रद्धा, अनुशासन और सौंदर्य का संतुलन प्रदर्शित हो। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर दीपदान का दृश्य श्रद्धा और अनुशासन की मिसाल बने। इसके लिए घाटों पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या अवरोध न हो। मुख्यमंत्री ने पर्यटन, नगर निगम, पुलिस, जल पुलिस, संस्कृति, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, विद्युत व स्वास्थ्य विभागों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे अपनी जिम्मेदारी के अनुरूप आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि देव दीपावली के अवसर पर घाटों पर स्मार्ट लाइटिंग, आकर्षक फ्लोरल डेकोरेशन, थीम-आधारित इंस्टालेशन तथा ड्रोन और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि घाटों, गलियों और प्रमुख मार्गों की सफाई और सजावट पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा प्रत्येक घाट पर पर्याप्त सफाई कर्मी तैनात रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहे और कमांड सेंटर से सीसीटीवी फीड की निगरानी निरंतर की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त शौचालय, पेयजल व्यवस्था, चिकित्सीय सहायता और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएँ। घाटों के समीप आपातकालीन नौका एवं एम्बुलेंस सेवाएँ उपलब्ध रहें। नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें लाइफ जैकेट, पंजीकरण टैग और निर्धारित रूट की जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने नमो घाट, राजघाट, राजेन्द्र प्रसाद घटा, दशाश्वमेध घाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर आयोजित होने वाले दीपोत्सव की तैयारियों की भी समीक्षा की और कहा कि वहाँ दीप सज्जा, पर्यटक सुविधाएँ और सुरक्षा उपाय उच्च स्तर पर किए जाएँ। उन्होंने कहा कि नाविक समुदाय काशी की परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, उनका उत्साह और योगदान देव दीपावली की गरिमा को और बढ़ाता है। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि उन्हें पर्याप्त सहयोग मिले और श्रद्धालुओं को सुरक्षित नौका सेवाएँ प्राप्त हों। बैठक में बताया गया कि चेत सिंह घाट पर 25 मिनट की प्रोजेक्शन सहित प्रतिदिन 03 बार लेज़र शो का आयोजन करने की योजना है। इसी तरह, काशी विश्वनाथ घाट और चेत सिंह घाट के बीच रेत की सैंड आर्ट इंस्टॉलेशन लगाई जाएगी। ग्रीन आतिशबाजी, लेज़र शो और संगीत कार्यक्रम के साथ काशी विश्वनाथ धाम घाट के सामने 10 मिनट का ग्रीन फायरक्रैकर शो आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देव दीपावली का आयोजन ‘क्लीन काशी, ग्रीन काशी, डिवाइन काशी’ के भाव को साकार करने वाला हो। घाटों से लेकर गलियों तक स्वच्छता, सुगमता और प्रकाश व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने यातायात प्रबंधन, पार्किंग, बैरिकेडिंग, शटल सेवाओं, विद्युत आपूर्ति और चिकित्सा सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए ताकि किसी भी क्षेत्र में जाम या अव्यवस्था न हो। उन्होंने कहा कि गंगा तटों पर आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला समूहों और धर्माचार्यों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। यह आयोजन जनसहयोग, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी का यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और आत्मबल का उत्सव है। काशी आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ की पावनता, व्यवस्था और अनुशासन देखकर ‘अतिथि देवो भवः’ की भारतीय परंपरा को अनुभव करें।

मुख्यमंत्री ने की निर्माण कार्य की समीक्षा, जनवरी तक भवन निर्माण हर हाल में पूरा करने के निर्देश

भारत के शौर्य, स्वाभिमान और सांस्कृतिक वैभव का प्रेरणास्थल होगा छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने की निर्माण कार्य की समीक्षा, जनवरी तक भवन निर्माण हर हाल में पूरा करने के निर्देश संग्रहालय में केवल इतिहास का स्थिर प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की गौरवगाथा का जीवंत अनुभव हो: मुख्यमंत्री ‘शिवाजी एवं द ग्रेट एस्केप गैलरी’ में 7D तकनीक से आगरा किले से शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक मुक्ति का सजीव चित्रण होगा ‘अग्रदूतों की गैलरी’ में 1857 के अमर सेनानियों की गाथा आधुनिक तकनीक से प्रदर्शित होगी, लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, तात्या टोपे जैसी विभूतियों को मिलेगा स्थान ‘त्योहारों’ और ‘नदियों’ की गैलरियों में उत्तर प्रदेश की आस्था, लोकजीवन और उत्सव परंपराओं का इंटरएक्टिव चित्रण होगा मुख्यमंत्री का निर्देश, हर गैलरी और स्थापत्य तत्व उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतिनिधित्व करे लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में आगरा में बन रहे छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारत के स्वाभिमान, सांस्कृतिक वैभव और वीरता का प्रेरणास्थल बनेगा। मुख्यमंत्री ने अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि भवन का निर्माण कार्य जनवरी तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए, ताकि संग्रहालय का स्वरूप देने का काम तय समय पर पूरा हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय केवल इतिहास का स्थिर प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक जीवंत अनुभव होना चाहिए, जहाँ आगंतुक भारत की गौरवगाथा को महसूस कर सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि संग्रहालय की प्रत्येक गैलरी को ऐसी थीमैटिक और इंटरएक्टिव प्रस्तुति दी जाए, जिससे आगंतुक केवल दर्शक न रहकर सहभागी बनें। मुख्यमंत्री ने ‘शिवाजी एवं द ग्रेट एस्केप गैलरी’ के संबंध में निर्देश दिए कि इसमें आगरा किले से छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक मुक्ति की घटना को 7D तकनीक, डिजिटल साउंड, लाइट और विजुअल इफेक्ट्स के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए ताकि आगंतुक उस क्षण की वीरता और रणनीति को सजीव रूप में अनुभव कर सकें। उन्होंने कहा कि यह अनुभाग शिवाजी महाराज के स्वराज्य संकल्प का प्रतीक बने। मुख्यमंत्री ने ‘अग्रदूतों की गैलरी’ में प्रथम स्वाधीनता संग्राम 1857 के अमर सेनानियों से जुड़ी वस्तुओं, स्मृतियों और दस्तावेजों को सुरक्षित प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह गैलरी उन अग्रदूतों की गाथा कहे जिन्होंने स्वतंत्रता की नींव रखी। यहाँ झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, तात्या टोपे और अनेक वीरों की स्मृतियाँ आधुनिक तकनीक के साथ प्रदर्शित हों। मुख्यमंत्री ने ‘त्योहारों की गैलरी’ के संबंध में कहा कि इसमें काशी की महाशिवरात्रि और देव दीपावली, ब्रज का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और रंगोत्सव, तथा प्रयागराज का महाकुंभ जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्वों का जीवंत चित्रण हो। उन्होंने निर्देश दिया कि यहाँ केवल तस्वीरें न लगाई जाएं, बल्कि प्रत्येक पर्व को इंटरएक्टिव अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया जाए, जहाँ प्रकाश, ध्वनि, संगीत और रंगों के माध्यम से आगंतुक उत्सव का अनुभव कर सकें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ‘नदियों की गैलरी’ में गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा जैसी नदियों से जुड़ी आस्था, संस्कृति और लोकजीवन का सजीव चित्रण हो। साथ ही ‘देवासुर संग्राम’ जैसे अनुभाग के माध्यम से सृष्टि, धर्म और मानव मूल्यों की भारतीय व्याख्या को भी दर्शाया जाए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय परिसर में स्थापित सभी कलाकृतियाँ, मूर्तियाँ और स्थापत्य तत्व उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतिनिधित्व करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय की प्रत्येक दीवार, आंगन और कलाकृति बोलती हुई कहानी बने, जिसमें लोककला, पारंपरिक शिल्प और आधुनिक कला का समन्वय झलके। मुख्यमंत्री ने ‘आगरा गैलरी’ में शहर की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए ताकि आगंतुकों को मुगलकालीन स्थापत्य, ब्रज संस्कृति और आधुनिक आगरा का समग्र परिदृश्य एक साथ देखने को मिले। उन्होंने ‘ओरिएंटेशन गैलरी’ को संग्रहालय की प्रस्तावना के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, जहाँ आगंतुकों को संग्रहालय के उद्देश्य, छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उस कालखंड के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश का परिचय मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय का उद्देश्य केवल अतीत का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा केंद्र बनना है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी गैलरियों और अनुभव क्षेत्रों में इंटरएक्टिव तकनीक, वर्चुअल रियलिटी, साउंड-लाइट शो और डिजिटल आर्काइव्स का प्रयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि परियोजना की साप्ताहिक समीक्षा करते हुए सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता और समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय आगरा की पहचान को नई ऊँचाई देगा और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक गौरव का जीवंत प्रतीक बनेगा।

लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत छह जिलों में होगा स्पेशल प्रोजेक्ट, CM के निर्देश जारी

लखनऊ  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के औद्योगिक और अवसंरचनात्मक विकास को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में बन रहे एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़कों का नेटवर्क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक रीढ़ हैं, जो आने वाले वर्षों में उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे. मुख्यमंत्री ने यह बातें उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहीं. बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य दिसंबर तक हर हाल में पूरा कराया जाए. सीएम ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को जोड़ेगा और उत्तर प्रदेश के विकास का नया मार्ग बनेगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य की गति के साथ-साथ गुणवत्ता पर भी कोई समझौता न हो. हर परियोजना की साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट तैयार की जाए और समय-सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल किया जाए. एक्सप्रेसवे नेटवर्क को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विकसित किए जा रहे नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर भी विस्तृत चर्चा की. इनमें मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे, और विंध्य एक्सप्रेसवे व विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नई परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करते समय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे और हाइवे नेटवर्क को ध्यान में रखा जाए, ताकि दोहराव से बचते हुए एक संतुलित, समन्वित और एकीकृत सड़क तंत्र विकसित किया जा सके. उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश का भविष्य ऐसे ही प्रोजेक्ट्स पर निर्भर है, जो सुविधा, सुरक्षा और निवेश तीनों पहलुओं को साथ लेकर चलें. छह जिलों में विशेष काम, डिफेंस कॉरिडोर पर सीएम का जोर मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े सभी नोड्स लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट में विशेष काम की रूपरेखा तय करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इन छह जिलों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जाएं, ताकि स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रक्षा उद्योग से जोड़ा जा सके. इससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि प्रदेश की आत्मनिर्भरता को भी बल मिलेगा. सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा प्रतिभाशाली हैं. अगर उन्हें सही दिशा और प्रशिक्षण मिले, तो वे रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में देश की ताकत बन सकते हैं. हमारे डिफेंस कॉरिडोर का उद्देश्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि युवाओं के हाथों में हुनर देना भी है. बैठक में बताया गया कि डिफेंस कॉरिडोर के लिए अब तक 30,819 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. कुल 5039 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है, और कई कंपनियों ने अपने प्रोजेक्ट्स पर काम भी शुरू कर दिया है.  भूमि आवंटन पर सख्त निर्देश न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी ने भूमि आवंटन नीति पर भी सख्ती दिखाई. उन्होंने कहा कि अगर किसी निवेशक को भूमि आवंटन के तीन वर्ष के भीतर परियोजना पर काम शुरू नहीं किया गया, तो ऐसा आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाए. उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि भूमि उपयोग की पारदर्शी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि हर निवेशक अपनी प्रगति की रिपोर्ट समय-समय पर साझा करे. उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेशकों का स्वागत है, लेकिन भूमि उन्हीं को मिलेगी जो प्रदेश के विकास के प्रति गंभीर हैं. जो केवल जमीन लेकर बैठे रहेंगे, उन्हें कोई रियायत नहीं दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निवेशकों को आगे की सुविधाएं और प्रोत्साहन केवल तभी दिए जाएं, जब उनके प्रोजेक्ट्स जमीन पर वास्तविक प्रगति दिखाएं. एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा औद्योगिक तंत्र बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं. यूपीडा ने इन क्षेत्रों में बिजली, जलापूर्ति, ट्रक टर्मिनल, हेल्थ-इमरजेंसी और अन्य आधारभूत सुविधाओं के लिए समयबद्ध योजना तैयार की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे केवल यात्रा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये भविष्य में उद्योग, व्यापार और रोजगार के मुख्य केंद्र बनने जा रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने वाले क्लस्टरों में एमएसएमई और स्थानीय उद्यमियों को भी प्राथमिकता दी जाए, ताकि छोटे उद्योगों को भी बड़ी परियोजनाओं से लाभ मिल सके. निवेश के लिए आकर्षक माहौल बनाने पर फोकस बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए कई नीतियों को और सरल और पारदर्शी बनाया गया है. यूपीडा ने हाल ही में भूमि आवंटन, पंजीकरण और परियोजना अनुमोदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लागू किया है. सीएम योगी ने कहा कि निवेशकों को भरोसा और सुविधा दोनों मिले, यही हमारी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे सुरक्षित और स्थिर निवेश केंद्र बन चुका है. एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क और डिफेंस कॉरिडोर इस परिवर्तन के सशक्त प्रतीक हैं.  नई परियोजनाओं पर आगे बढ़ेगा यूपी बैठक में यह भी तय हुआ कि आने वाले समय में प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में नए लिंक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. विंध्य और पूर्वांचल क्षेत्रों को जोड़ने वाला विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे विकास के नए द्वार खोलेगा. इसके अलावा, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे मध्य भारत के औद्योगिक गलियारों से उत्तर प्रदेश की सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परियोजना केवल सड़क निर्माण का काम नहीं, बल्कि रोजगार, उद्योग और सामाजिक विकास का माध्यम है.