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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में काशीवासियों की समस्याओं से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने काशी में किया 'जनता दर्शन', हर फरियादी की सुनीं समस्याएं  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में काशीवासियों की समस्याओं से रूबरू हुए मुख्यमंत्री  100 से अधिक लोगों की सुनीं फरियाद, अधिकारियों को तत्काल निस्तारण का दिया निर्देश  मुख्यमंत्री ने कहा- प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील  वाराणसी  काशीवासियों के लिए शनिवार की सुबह नई आशा और विश्वास की रही, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में 'जनता दर्शन' किया। उन्होंने यहां हर फरियादी की समस्याएं सुनीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में हुए 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में 100 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री सभी के पास गए, उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द निराकरण का  आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए तत्काल निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान ही सरकार का ध्येय है। प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील है।  हर पीड़ित के पास पहुंचे मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 'जनता दर्शन' किया। जानकारी होते ही फरियादी सुबह ही सर्किट हाउस पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने लगभग 100 से अधिक लोगों की समस्याएं सुनी और प्रार्थना पत्र लिया। मुख्यमंत्री ने आयुक्त, पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी समेत आलाधिकारियों को समस्या के त्वरित निस्तारण कराने और पीड़ितों से फ़ीडबैक लेने के लिए निर्देशित किया।  सीवर कनेक्शन, सड़क, राजस्व, पुलिस आदि से जुड़े मामले आए 'जनता दर्शन' में पहुंचे दिव्यांग फरियादी ने नेत्रहीनों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी और एक कलाकार ने प्रदर्शनी लगाने के लिए उचित दर पर हॉल की मांग की। जनता दर्शन में सीवर कनेक्शन, कच्ची सड़कों के पक्का करने, जमीन और चक रोड से सम्बंधित मामले भी आए। राजस्व से संबंधित शिकायतें भी पहुंचीं। चंदौली से आए फरियादी ने मुआवजा न मिलने की शिकायत की। पुलिस से जुड़ीं शिकायतें भी लेकर लोग यहां पहुंचे। एक निजी स्कूल के मृतक शिक्षक की पत्नी ने भी मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की।  सीएम ने दिया निर्देश- जनता का फीडबैक भी लें अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान ही सरकार का ध्येय है। प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समस्याओं पर कार्रवाई करते हुए त्वरित निस्तारण करने और फरियादियों का फीडबैक लेने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में सरकार के मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक-पुलिस के आलाधिकारी भी उपस्थित रहे।  बच्चों का भी पूछा हाल, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामना मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के साथ आए बच्चों से भी मिले। सीएम ने उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। सीएम ने पूछा कि स्कूल जाते हो या नहीं, पढ़ाई कैसी चल रही है। मन लगाकर पढ़ाई करना। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की भी शुभकामनाएं दीं।  

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे सीएम योगी, तीसरी बार हुआ परिसर में आगमन

दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए हरसंभव सहयोग देगी प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे सीएम योगी, तीसरी बार हुआ परिसर में आगमन वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के बीच हुआ मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत सीएम योगी ने राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत संरक्षण कार्यों का किया निरीक्षण पांडुलिपियों के संरक्षण को और तीव्रता से आगे बढ़ाने का निर्देश वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में स्थित राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के अंतर्गत चल रहे संरक्षण कार्यों के निरीक्षण के लिए पहुंचे। यह उनका विश्वविद्यालय परिसर में तीसरा आगमन था। विश्वविद्यालय परिवार ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत विद्यार्थियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के बीच किया। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलसचिव राकेश कुमार और वित्त अधिकारी सहित आचार्यों ने उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री योगी ने दुर्लभ पांडुलिपियों एवं उनके संरक्षण कार्यों की प्रगति का सूक्ष्मता से अवलोकन किया और कार्यों की गति और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की धरोहर इन पांडुलिपियों का संरक्षण एक सराहनीय कार्य है और इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को संरक्षित करना आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण दायित्व है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के विस्तार भवन में भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन द्वारा चल रहे संरक्षण कार्यों की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने ऐतिहासिक सरस्वती भवन पुस्तकालय और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का तीसरी बार विश्वविद्यालय आगमन होना संस्कृत भाषा, विश्वविद्यालय और देववाणी के लिए गौरव और हर्ष की बात है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पांडुलिपियों के संरक्षण के इस अभियान को गति देने में विश्वविद्यालय पूरी तरह से तत्पर है। इस मौके पर विश्वविद्यालय परिवार से कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र, प्रो. जितेंद्र कुमार, प्रो. महेंद्र पांडेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. राजनाथ, अभियंता रामविजय सिंह, जनसंपर्क अधिकारी शशिंद्र मिश्र सहित कई आचार्य और अधिकारी उपस्थित रहे।

योगी सरकार का राम की पैड़ी पर 26.11 लाख दीप प्रज्वलित करने का है लक्ष्य

दीपोत्सव 2025 रिकॉर्ड बनाने को 32 हजार वालंटियर बिछायेंगे 28 लाख दीप योगी सरकार का राम की पैड़ी पर 26.11 लाख दीप प्रज्वलित करने का है लक्ष्य -एडीएम सिटी मुख्य व अन्य विभागों से 20 नोडल बनाए गए -सूचना विभाग साकेत महाविद्यालय से निकालेगा 11 झांकियां लेजर लाइट व ग्रीन आतिशबाजी से सजेगी 19 अक्टूबर की शाम अयोध्या  श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर दीपोत्सव के भव्य आयोजन के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस बार राम की पैड़ी पर नौवें आयोजन के दौरान 26.11 लाख दीप प्रज्वलन का लक्ष्य रखा है । इसके लिए 28 लाख दीप बिछाने की योजना बनाई गई है। इस महायज्ञ में 32 हजार वॉलंटियर्स की सेना उतरेगी, जो दीपों को सजाने और प्रज्वलित करने का कार्य संभालेगी। 19 अक्टूबर की शाम को होने वाला यह आयोजन लेजर लाइट शो और ग्रीन आतिशबाजी से और भी आकर्षक होगा। प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अयोध्या के एडीएम सिटी योगेंद्र पाण्डेय को मुख्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि विभिन्न विभागों से 20 नोडल अधिकारी बनाए गए हैं, जो आयोजन की हर बारीकी पर नजर रखेंगे। दीपोत्सव की तैयारियों में स्वच्छता, सुरक्षा और व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। राम की पैड़ी को दीपों से सजाने के लिए विशेष डिजाइन तैयार किए गए हैं, जो भगवान राम की लीलाओं को दर्शाएंगे। इन दीपों को जलाने के लिए सरसों तेल और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग होगा, ताकि पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे। रामकथा पार्क तक जाएंगी झांकियां सूचना विभाग की ओर से साकेत महाविद्यालय से 11 झांकियों का आयोजन किया जाएगा। ये झांकियां रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत करेंगी और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगी। इन झांकियों में आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा, जिससे दर्शकों को एक अनूठा अनुभव मिलेगा। झाकियां यहां से निकलकर रामकथा पार्क तक जाएंगी। मंत्रमुग्ध हो जाएंगे पर्यटक व श्रद्धालु 19 अक्टूबर की शाम को लेजर लाइट शो और ग्रीन आतिशबाजी का प्रदर्शन होगा, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देगा। यह आतिशबाजी पर्यावरण के अनुकूल होगी, जिससे प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। दीपोत्सव के इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की भी भारी भीड़ की उम्मीद है।रामलीलाओं का होगा मंचन।पिछले वर्ष सरयू में सामूहिक सरयू आरती का बना था वर्ल्ड रिकॉर्ड। एक बार फिर सामूहिक वर्ल्ड रिकॉर्ड सरयू आरती का बनाने का किया जाएगा प्रयास। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए: डीएम जिलाधिकारी निखिल टीकाराम ने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ मेडिकल टीमें भी तैनात रहेंगी। स्वच्छता के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा, ताकि राम की पैड़ी और आसपास का क्षेत्र स्वच्छ और सुंदर बना रहे। जानिए, कब कितने दीप जले  वर्ष                जले दीप 2017             1.71 लाख 2018             3.01 लाख 2019             4.04 लाख 2020             6.06 लाख 2021             9.41 लाख 2022           15.76 लाख 2023           22.23 लाख 2024                25 लाख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे

बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए-योगी आदित्यनाथ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे – विकास परियोजनाओं एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए – मॉरीशस के प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही अन्य सभी तैयारियां समय से करें पूरी : सीएम योगी  – सरकारी अस्पतालों में घूमने वाले दलालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री  – प्रोफेशनल ब्लड डोनरों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ ठोस कार्यवाही करें : सीएम योगी  – सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा करने वाले दबंगों पर कड़ी कार्यवाही करें – वर्तमान में 66 बड़ी परियोजनाएं वाराणसी में गतिमान, कीमत लगभग 15000 करोड़ वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने जिले में चल रही विकास परियोजनाओं, कानून-व्यवस्था और बाढ़ राहत कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए और उनकी बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से मुआवजा वितरण हो और राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि जिले में चल रही सभी विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने रिंग रोड फेज-2 को जनवरी 2026 तक तथा कज्जाकपुरा फ्लाईओवर को नवंबर 2025 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 66 बड़ी परियोजनाएं लगभग 15,000 करोड़ की लागत से जनपद में गतिमान हैं। कानून-व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय स्पष्ट दिखना चाहिए। थानों में नियमित जनसुनवाई हो और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यातायात प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए ऑटो-टैक्सी स्टैंड और वेंडिंग जोनों को व्यवस्थित करने का भी निर्देश दिया। सीएम योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में घूमने वाले दलालों पर कठोर कार्रवाई हो तथा प्रोफेशनल ब्लड डोनरों की पहचान कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए। वाराणसी को शीघ्र टीबी मुक्त करने के लिए प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। गोवंश और आवारा कुत्तों की समस्या पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में बेहतर सुविधाएं, हरे चारे की उपलब्धता और बीमार पशुओं के त्वरित उपचार का प्रबंध सुनिश्चित करने के आदेश दिए। साथ ही नगर निगम, पंचायती राज और पशु चिकित्सा विभाग को मिलकर आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने को कहा। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वीडीए और यूपीसीडा द्वारा आवंटित भूमि पर समय से विकास कार्य न होने पर जुर्माना लगाकर वसूली की जाएगी। उन्होंने उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के भी निर्देश दिए। आगामी दिनों में वाराणसी दौरे पर प्रस्तावित मॉरीशस के प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था और स्वागत की तैयारियां समय से पूर्ण करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह अवसर काशी की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा। बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर सहित मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर, डीआईजी व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

योगी सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में शिक्षा व रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

गुरू जम्भेश्वर व मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में 518 शैक्षिक पदों का सृजन योगी सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में शिक्षा व रोजगार को मिलेगी नई उड़ान उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी होगी दूर, प्रदेश के युवाओं को मिलेगा अवसर स्थानीय स्तर पर शिक्षण एवं शोध से जुड़े रोजगार के अवसरों का भिन्होगा विस्तार लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद एवं मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर में कुल 518 अस्थायी शैक्षिक पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की है। गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 273 पद तो वहीं मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 245 पद सृजित किए गए हैं।  गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता में कमी न रहे। इन पदों के सृजन से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा और शोध के अवसर मिलेंगे। स्थानीय युवाओं को मिलेगा लाभ मंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों से न केवल शिक्षकों की कमी पूरी होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार और शोध के अवसर भी मिलेंगे। सभी नियुक्तियां शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया व आरक्षण नियमों का पालन करते हुए की जाएंगी। पदों का विवरण गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद प्रोफेसर – 39 एसोसिएट प्रोफेसर – 78 असिस्टेंट प्रोफेसर – 156 कुल – 273 पद मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर प्रोफेसर – 35 एसोसिएट प्रोफेसर – 70 असिस्टेंट प्रोफेसर – 140 कुल – 245 पद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सतत मॉनीटरिंग के बाद प्रभारी मंत्रियों को सौंपी राहत कार्यों की कमान

यूपी में बाढ़ : इस साल 43 जनपदों पर नदियां हुईं नाराज़, योगी सरकार बनी ढाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सतत मॉनीटरिंग के बाद प्रभारी मंत्रियों को सौंपी राहत कार्यों की कमान   इस वर्ष यूपी के 43 जिले बाढ़ से रहे हैं प्रभावित, फिलहाल 18 जिलों में बाढ़ की स्थिति इस वर्ष 9.55 लाख से अधिक जनसंख्या आई बाढ़ की चपेट में, अब केवल 2.46 लाख जनता, जिनका सरकार रख रही पूरा ध्यान   1273 मेडिकल टीमों ने अबतक निभाई सक्रिय भूमिका, 1796 बाढ़ चौकियों ने पहुंचा प्रभावितों को राहत   3579 नावें और मोटरबोट ने बचाव कार्य में लगकर बचाई जिंदगियां   अबतक 43 जनपदों के लिए 1391 शरणालय बनाए गए थे, वर्तमान में 18 जनपदों के लिए 557 संचालित लखनऊ  बढ़ते जलवायु परिवर्तन के इस दौर में नदियों का कोप बढ़ने लगा है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश में मानसून के दौरान बरसात और नदियों के प्रकोप ने प्रदेश के 43 जिलों को प्रभावित किया। बावजूद इसके योगी सरकार अपनी जनता के लिए ढाल की तरह खड़ी रही। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अबतक 116 तहसीलें, 2673 ग्राम और 123 वार्ड जलभराव से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की चपेट में कुल 9,55,654 से अधिक लोग आए हैं। इस आपदा से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत और बचाव कार्य तेज़ी से संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों को लगातार निर्देशित कर रहे हैं। बीते दिन उन्होंने सभी प्रभारी मंत्रियों को आदेशित किया कि वे अपने-अपने जिलों में बाढ़ राहत कार्यों की कमान खुद संभालें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस संकट की घड़ी में सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी के मुताबिक अब तक प्रदेश में 1796 बाढ़ चौकियां स्थापित की गईं हैं और 1273 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है। 3579 नाव एवं मोटरबोट बचाव कार्य में लगाए गए। वहीं, 1391 बाढ़ शरणालय बनाए गए जिनमें से 557 वर्तमान में संचालित हैं, जहां 79,958 लोग आश्रय लिए हुए हैं। अब तक 1,00,404 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। सरकार ने प्रभावितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब तक 1,82,216 खाद्यान्न पैकेट और 10,30,534 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। 774 मकान क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें से 637 को सहायता राशि दी गई है, बाकियों को भी जल्द से जल्द सहायता राशि प्रदान करने की कवायद चल रही है। पशुओं के लिए 14,740 क्विंटल भूसा, पीने के पानी की शुद्धता के लिए 92,020 क्लोरीन टैबलेट और स्वास्थ्य की दृष्टि से 3,58,555 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विषैले जीव-जंतुओं से बचाव के लिए एंटी स्नेक वैनम और एंटी रैबिज टीकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि “आपदा की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है और किसी को भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”  इस वर्ष बाढ़ प्रभावित जिलों में…  बलिया, बहराइच, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गोंडा, गाजीपुर, हरदोई, कानपुर नगर, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मीरजापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, शाहजहांपुर, उन्नाव, वाराणसी, मऊ, औरैया, अमरोहा, बस्ती, बांदा, बाराबंकी, कन्नौज, हापुड़, बिजनौर, संभल, संत कबीर नगर, गौतमबुद्ध नगर, गोरखपुर, मुरादाबाद, कानपुर देहात, फतेहपुर, अयोध्या, जालौन, आगरा, इटावा, चित्रकूट, हमीरपुर, भदोही, मथुरा और श्रावस्ती समेत 43 जिले शामिल रहे। आज तक की स्थिति फिलहाल प्रदेश में बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या घटकर 18 रह गई है, इनमें- बलिया, बहराइच, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गोंडा, गाजीपुर, हरदोई, कानपुर नगर, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मीरजापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी शामिल हैं।  अब तक के आंकड़े साफ बताते हैं कि योगी सरकार ने हर स्तर पर तत्परता दिखाते हुए जन-जीवन की रक्षा की है।

वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण 2023-24 के नतीजों में कारखानों से लेकर जीवीए तक हर मोर्चे पर यूपी नंबर वन

उत्तर प्रदेश ने तोड़े सभी रिकार्ड, उद्योग वृद्धि में बना देश का चैम्पियन राज्य वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण 2023-24 के नतीजों में कारखानों से लेकर जीवीए तक हर मोर्चे पर यूपी नंबर वन प्रदेश के जीवीए में हुई 25.03% की ऐतिहासिक वृद्धि, अखिल भारतीय औसत से दोगुने से भी अधिक प्रदेश में कारखानों की संख्या में 15.91% की वृद्धि, राष्ट्रीय औसत से लगभग 7 गुना अधिक कार्यरत कर्मियों की संख्या में भी 9.37% की वृद्धि जो देश की औसत वृद्धि 5.9% से बेहतर योगी सरकार के विज़न के चलते यूपी में शुरू हुआ औद्योगिक क्रांति का युग सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश की नई औद्योगिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) भारत सरकार द्वारा जारी वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI) 2023-24 के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश ने कारखानों की संख्या, कार्यरत कर्मियों और सकल मूल्य संवर्धन (GVA) – तीनों ही मोर्चों पर देश के सभी बड़े औद्योगिक राज्यों को पछाड़ दिया है।  औद्योगिक विकास के इस रिकॉर्ड प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब देश की नई औद्योगिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर है। जीवीए वृद्धि दर में उत्तर प्रदेश ने तोड़ा रिकॉर्ड वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI) 2023-24 रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश का सकल मूल्य संवर्धन (GVA) वर्ष 2022-23 के ₹1.34 लाख करोड़ से बढ़कर 2023-24 में ₹1.67 लाख करोड़ हो गया, यानी इसने 25.03% की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है। यह दर अखिल भारतीय औसत (11.9%) से दोगुने से भी अधिक है। इस तरह उत्तर प्रदेश इस मामले में देश में प्रथम स्थान पर है। कारखानों और रोजगार की संख्या में अभूतपूर्व उछाल रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदेश में कारखानों की संख्या 19,102 (2022-23) से बढ़कर 22,141 (2023-24) हो गई है, जो 15.91% की वृद्धि दर्शाती है। यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत (2.7%) से लगभग 7 गुना अधिक है। इसी तरह, कार्यरत कर्मियों की संख्या भी 14.86 लाख से बढ़कर 16.26 लाख तक पहुंच गई है, यानी 9.37% की वृद्धि जो देश की औसत वृद्धि (5.9%) से बहुत आगे है। योगी सरकार के प्रयासों का असर उद्योग वृद्धि में उत्तर प्रदेश के इस उल्लेखनीय प्रदर्शन में योगी सरकार की औद्योगिक नीतियों, निवेश प्रोत्साहन और बेहतर कानून-व्यवस्था को मुख्य कारण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के चलते उत्तर प्रदेश आज देश का औद्योगिक हब बनने की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है। यह उपलब्धि निवेशकों के विश्वास, श्रमिकों की मेहनत और सरकार की पारदर्शी नीतियों का परिणाम है।  टेबल अन्य राज्यों से तुलना में यूपी सबसे आगे राज्य, कारखानों की संख्या, कुल कर्मियों की संख्या, जीवीए उत्तर प्रदेश 15.91% 9.37% 25.03% कर्नाटक 3.27% 1.36% 18.76%  तमिलनाडु 1.15% 7.55% 11.16% महाराष्ट्र 0.35% 6.79% 9.27% गुजरात 7.35% 9.63% 7.51% भारत 2.7% 5.9% 11.9%

आपदा मित्रों को होमगार्ड स्वयंसेवकों के रूप में तैनाती देने के लिए जनपदवार कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्डों के रिक्त पदों पर नए एनरोलमेंट की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए आपदा मित्रों को होमगार्ड स्वयंसेवकों के रूप में तैनाती देने के लिए जनपदवार कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए: मुख्यमंत्री समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष एनरोलमेंट के लिए पुलिस भर्ती एवं प्रशिक्षण बोर्ड की मदद से गठित होगा नया बोर्ड: मुख्यमंत्री एनरोलमेंट नियमों में बदलाव पर मुख्यमंत्री का जोर, अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष करने और लिखित परीक्षा की व्यवस्था पर बल आपदा प्रबंधन का अनुभव या प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को होमगार्ड एनरोलमेंट में मिलेगी प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाये रखने, यातायात नियंत्रण तथा आपदा की स्थिति में होमगार्डों की कर्तव्य परायणता सराहनीय: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में होमगार्डों के रिक्त पदों पर नए एनरोलमेंट की प्रक्रिया तत्काल प्रारम्भ करने के निर्देश दिए हैं। बदलते समय और बढ़ते दायित्वों को देखते हुए होमगार्ड एनरोलमेंट से जुड़े नियमों में संशोधन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष एनरोलमेंट सुनिश्चित करने के लिए पुलिस भर्ती एवं प्रशिक्षण बोर्ड के सहयोग से नया बोर्ड गठित करने के भी निर्देश दिए हैं। गुरुवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण तथा आपदा की परिस्थितियों में होमगार्ड स्वयंसेवकों की भूमिका की सराहना की। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 1,18,348 स्वीकृत पदों के विरुद्ध 71,155 होमगार्ड सक्रिय हैं। अगले दस वर्षों में लगभग 38,000 स्वयंसेवक सेवानिवृत्त होंगे, जबकि मौजूदा बल में पचास वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 51 प्रतिशत से अधिक स्वयंसेवक कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अधिक अवसर देने और सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पात्रता, परीक्षा और चयन से संबंधित प्रावधानों में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बल को और अधिक युवा स्वरूप देने के लिए एनरोलमेंट की अधिकतम आयु 30 वर्ष हो। साथ ही, चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा अनिवार्य की जाए, पात्रता मानकों को समयानुकूल बनाया जाए और परीक्षण प्रणाली को सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन से संबंधित अनुभव या प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई एनरोलमेंट व्यवस्था शीघ्र तैयार की जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रिक्तियों की पूर्ति से उत्तर प्रदेश का होमगार्ड संगठन और अधिक प्रशिक्षित, सक्षम और जनसेवा के प्रति समर्पित स्वरूप में सामने आएगा। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि होमगार्ड्स की सेवाएं पुलिस प्रशासन, यातायात प्रबंधन, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन, खनन, नगरीय निकायों, दूरदर्शन, आकाशवाणी, एफसीआई और विकास प्राधिकरणों सहित विभिन्न क्षेत्रों में ली जा रही हैं। हाल ही में हुए लोकसभा व विधानसभा चुनावों, विभिन्न राज्यों के निर्वाचन कार्य तथा महाकुंभ-2025 जैसे आयोजनों में भी होमगार्ड्स ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विभाग की समस्त प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। ड्यूटी आवंटन, भत्तों का भुगतान, अनुग्रह राशि और पेंशन जैसी व्यवस्थाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी हैं। होमगार्ड मित्र ऐप जैसी पहल ने कार्यप्रणाली को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाया है। प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान और 12 मंडलीय प्रशिक्षण केंद्र सक्रिय हैं, जहां प्रतिवर्ष 15,000 से अधिक स्वयंसेवकों को नियमित और उन्नत प्रशिक्षण दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि नई नामांकन व्यवस्था लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश का होमगार्ड बल और अधिक पेशेवर बनेगा तथा जनता की सेवा में पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- बड़े औद्योगिक और श्रम सुधारों की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाना समय की मांग है और औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी सुनिश्चित करना भी जरुरी है। श्री योगी ने गुरुवार को यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘श्रमेव जयते’ के भाव को आत्मसात करते हुए हमें ऐसे सुधार करने होंगे, जो उद्यमियों और श्रमिकों; दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हों।” मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार शीघ्र ही ‘सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ लाने जा रही है। इसके अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को अधिक व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा। इनमें जहाँ पहले कारावास की सज़ा का प्रावधान था, वहां अब अधिक आर्थिक दंड व प्रशासनिक कार्रवाई को वरीयता देने की योजना है। नए प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त कर, उनकी जगह पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना समय की मांग है। बैठक में बताया गया कि इस विधेयक पर संबंधित 14 विभागों से राय ली गई है। अधिकांश विभाग सहमत हैं, जबकि कुछ ने आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए विधेयक को ऐसा स्वरूप दिया जाए, जो उद्योग और श्रमिकों के हितों में संतुलित हो। बैठक में श्रम कानूनों के सरलीकरण पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावों में फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से जहां उद्योगों का बोझ कम होगा, वहीं श्रमिकों का हित भी सुरक्षित होगा। सुधारों की शृंखला में ‘निवेश मित्र 3.0’ पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके तहत निवेशकों की आवेदन व अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा। कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म, पैन-आधारित पहचान, स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सहायता और एआई चैटबॉट जैसी सुविधाएँ जोड़ी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी और निवेशकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल का नया संस्करण शीघ्र ही लॉन्च किया जाए, जिससे ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को नई मजबूती मिलेगी।  

सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ जल्द होगा पेश, 13 राज्य अधिनियमों के 99% आपराधिक कानून होंगे समाप्त: CM योगी

बड़े औद्योगिक और श्रम सुधारों की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश, आसान होगा व्यापार, श्रमिक हित होगा सुरक्षित: मुख्यमंत्री सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ जल्द होगा पेश, 13 राज्य अधिनियमों के 99% आपराधिक कानून होंगे समाप्त: CM योगी  कारावास की जगह आर्थिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई को मिलेगी वरीयता: CM योगी  देश का पहला राज्य होगा यूपी, जहां इतनी बड़ी संख्या में आपराधिक कानूनों को गैर-आपराधिक श्रेणी में बदला जाएगा श्रम कानून सरलीकरण: फैक्ट्री लाइसेंस अवधि बढ़ाने और महिलाओं को अधिक अवसर देने का प्रस्ताव शीघ्र लांच होगा ‘निवेश मित्र 3.0’, आवेदन-अनुमोदन प्रक्रिया होगी पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के अनुरूप आगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक व श्रम सुधारों की दिशा में बड़े कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य में उद्योग और व्यापार से जुड़े 13 राज्य अधिनियमों में लगभग 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधान समाप्त करने की तैयारी हो रही है। शीघ्र ही उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो व्यावहारिकता के दृष्टिकोण से इतने बड़े पैमाने पर आपराधिक प्रावधानों को गैर-आपराधिक श्रेणी में परिवर्तित करेगा। गुरुवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाना समय की मांग है। साथ ही यह भी उतना ही आवश्यक है कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी सुनिश्चित हो। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘श्रमेव जयते’ के भाव को आत्मसात करते हुए हमें ऐसे सुधार करने होंगे, जो उद्यमियों और श्रमिकों; दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हों। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार शीघ्र ही ‘सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ लाने जा रही है। इसके अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को अधिक व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा। इनमें जहाँ पहले कारावास की सज़ा का प्रावधान था, वहां अब अधिक आर्थिक दंड व प्रशासनिक कार्रवाई को वरीयता देने की योजना है। नए प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त कर, उनकी जगह पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना समय की मांग है। बैठक में अवगत कराया गया कि इस विधेयक पर संबंधित 14 विभागों से राय ली गई है। अधिकांश विभाग सहमत हैं, जबकि कुछ ने आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए विधेयक को ऐसा स्वरूप दिया जाए, जो उद्योग और श्रमिकों के हितों में संतुलित हो। बैठक में श्रम कानूनों के सरलीकरण पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावों में फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से जहां उद्योगों का बोझ कम होगा, वहीं श्रमिकों का हित भी सुरक्षित होगा। सुधारों की शृंखला में ‘निवेश मित्र 3.0’ पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके तहत निवेशकों की आवेदन व अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा। कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म, पैन-आधारित पहचान, स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सहायता और एआई चैटबॉट जैसी सुविधाएँ जोड़ी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी और निवेशकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल का नया संस्करण शीघ्र ही लॉन्च किया जाए, जिससे ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को नई मजबूती मिलेगी।