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सीएम योगी का साफ संदेश: आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

वाराणसी वाराणसी में बिरसा मुंडा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों पर जुबानी प्रहार करने वालों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कावंड यात्रा चल रही है। समाज के श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक लोग इसमें जुड़ते हैं। कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है न वर्ग का और न ही क्षेत्र का। हर- हर बम- बम बोलते हुए भक्ति भाव से चलते हैं। लेकिन इनका मीडिया ट्रायल होता है। बदनाम किया जाता है। ये मानसिकता भारत की विरासत को अपमानित करती है। कांवड़ियों को उपद्रवी कहना और अपमानित करना गलत है। कांवड़ियों को आतंकवादी बोला जाता है। विरासत और आस्था को अपमानित किया जाता है।  व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला मुख्यमंत्री ने समाज में विभेद पैदा करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर जातियों और समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो- तीन साल पहले एक आगजनी की घटना हुई थी। तब मैंने कहा था कि यह आगजनी किसी विशेष समुदाय ने नहीं की होगी। जांच में पता चला कि आगजनी करने वाला व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला। ऐसे लोगों को चिह्नित कर समाज से बाहर करना होगा, तभी राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं, वे वही हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष को बढ़ावा देते हैं। यह वही वर्ग है, जिसने आदिवासियों को भड़काने और भारत के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजाति समुदाय को भारत से अलग करने और भड़काने का प्रयास किया है। भारत के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हर स्तर पर षडयंत्र किए। ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करते हैं। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इन सबसे अगर सावधान रह करके अपने आपको और अपने समाज को सुरक्षित कर सकें तो राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने की भूमिका में हमारी से संस्थाएं बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जो विरासत है वो हमें राष्ट्रीय एकता की उन्हीं चुनौतियों से जूझने के लिए राष्ट्रीय एकता प्रदान कर रहा है। उस प्रेरणा से हम कुछ सबक सीख सकें। उन्होंने ब्रिटिशर्स और जमींदारी के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था। अगर हम इससे कुछ सीख सकेंगे तो आपकी चुनौती कम होगी।  सीएम ने कहा- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते सीएम ने कहा कि जौनपुर में जबरदस्ती ताजिया निकलते वक्त लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए। फिर सड़क जाम कर दिया गया, तो पुलिस द्वारा मुझसे पूछा गया कि क्या करना है तो मैंने कहा लाठी से मारकर बाहर निकालो। ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते। एक भी जगह सोशल मीडिया पर विरोध नहीं किया, सिर्फ उन्होंने ही किया। मुहर्रम पर अस्त्र शस्त्र इस्तेमाल पर रोक लगा दी।  दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय संघर्ष बढ़ाने वालों से सुरक्षित रहना होगा। किसी गांव के किसी दो लोगों का मामला है तो उसके लिए प्रशासन है। लेकिन तुम वहां पर जबरदस्ती दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे। जो बीच में आकर जबरन करने का प्रयास करते हैं उनको रोकना चाहिए।  

सीएम योगी का साफ संदेश: आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

वाराणसी वाराणसी में बिरसा मुंडा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों पर जुबानी प्रहार करने वालों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कावंड यात्रा चल रही है। समाज के श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक लोग इसमें जुड़ते हैं। कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है न वर्ग का और न ही क्षेत्र का। हर- हर बम- बम बोलते हुए भक्ति भाव से चलते हैं। लेकिन इनका मीडिया ट्रायल होता है। बदनाम किया जाता है। ये मानसिकता भारत की विरासत को अपमानित करती है। कांवड़ियों को उपद्रवी कहना और अपमानित करना गलत है। कांवड़ियों को आतंकवादी बोला जाता है। विरासत और आस्था को अपमानित किया जाता है।  व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला मुख्यमंत्री ने समाज में विभेद पैदा करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर जातियों और समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो- तीन साल पहले एक आगजनी की घटना हुई थी। तब मैंने कहा था कि यह आगजनी किसी विशेष समुदाय ने नहीं की होगी। जांच में पता चला कि आगजनी करने वाला व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला। ऐसे लोगों को चिह्नित कर समाज से बाहर करना होगा, तभी राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं, वे वही हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष को बढ़ावा देते हैं। यह वही वर्ग है, जिसने आदिवासियों को भड़काने और भारत के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजाति समुदाय को भारत से अलग करने और भड़काने का प्रयास किया है। भारत के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हर स्तर पर षडयंत्र किए। ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करते हैं। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इन सबसे अगर सावधान रह करके अपने आपको और अपने समाज को सुरक्षित कर सकें तो राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने की भूमिका में हमारी से संस्थाएं बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जो विरासत है वो हमें राष्ट्रीय एकता की उन्हीं चुनौतियों से जूझने के लिए राष्ट्रीय एकता प्रदान कर रहा है। उस प्रेरणा से हम कुछ सबक सीख सकें। उन्होंने ब्रिटिशर्स और जमींदारी के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था। अगर हम इससे कुछ सीख सकेंगे तो आपकी चुनौती कम होगी।  सीएम ने कहा- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते सीएम ने कहा कि जौनपुर में जबरदस्ती ताजिया निकलते वक्त लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए। फिर सड़क जाम कर दिया गया, तो पुलिस द्वारा मुझसे पूछा गया कि क्या करना है तो मैंने कहा लाठी से मारकर बाहर निकालो। ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते। एक भी जगह सोशल मीडिया पर विरोध नहीं किया, सिर्फ उन्होंने ही किया। मुहर्रम पर अस्त्र शस्त्र इस्तेमाल पर रोक लगा दी।  दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय संघर्ष बढ़ाने वालों से सुरक्षित रहना होगा। किसी गांव के किसी दो लोगों का मामला है तो उसके लिए प्रशासन है। लेकिन तुम वहां पर जबरदस्ती दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे। जो बीच में आकर जबरन करने का प्रयास करते हैं उनको रोकना चाहिए।  

ग्राम प्रधान से लेकर मुख्यमंत्री तक बनेगा एकीकृत सिस्टम, यूपी में डिजिटल प्रशासन का नया मॉडल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार जल्द ऐसी तकनीकी व्यवस्था लागू करने जा रही है जिससे मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर ग्राम प्रधान तक और सभी विभाग एक ही नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। वन स्टेट वन नेटवर्क योजना आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक विभाग तैयार कर रहा है। जिससे प्रदेश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा। यह जानकारी बुधवार को आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने दी। अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालय और ग्राम सभा स्तर तक सभी संस्थाएं मजबूत डिजिटल नेटवर्क से जोड़ी जाएंगी। विभागों में बेहतर तालमेल होगा और कामकाज में तेजी के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी। डेटा सुरक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लागू की जा रही इस योजना के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न एजेंसियों के साथ मंथन किया जा रहा है। राजधानी में एआई सिटी की स्थापना की जा रही उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रयोग को देखते हुए राजधानी में एआई सिटी की स्थापना की जा रही है। जमीन आवंटन का कार्य किया जा रहा है और जल्द दूसरे शहरों में भी एआई सिटी स्थापित की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पालिसी भी लागू होने वाली है। मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत वे उपकरण और पुर्जे, जो अभी विदेशों से मंगाए जाते हैं, उन्हें अब उत्तर प्रदेश में ही तैयार किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और नई कंपनियां आएंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंत्री ने बताया कि योजना को अमली जामा पहनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न एजेंसियों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। डाटा सुरक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। मंत्री ने जानकारी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) के बढ़ते उपयोग को देखते हुए लखनऊ में एआइ सिटी की स्थापना की जा रही है। इसके लिए जल्द ही जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी एआइ सिटी विकसित की जाएगी। प्रदेश में जल्द ही इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पालिसी भी लागू होने वाली है। मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत वे उपकरण और पुर्जे, जो अभी विदेशों से मंगाए जाते हैं, उन्हें अब उत्तर प्रदेश में ही तैयार किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और नई कंपनियां आएंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। वार्ता के दौरान सरकारी स्कूलों के विलय और धर्मांतरण से जुड़े सवालों पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष अच्छे कार्यों में भी बाधा डालता है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण मामले में सिर्फ छांगुर नाम का एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा गिरोह सक्रिय है, जिसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सपा को परिवारवाद की पार्टी बताया और कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित लोकतांत्रिक पार्टी है, जो राष्ट्रहित में निर्णय लेती है। मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने सपा पर हमला बोला उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के कार्य में सिर्फ छांगुर ही नहीं बल्कि पूरा गिरोह सक्रिय है और किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा। स्कूल मर्जर और अन्य मुद्दों पर उन्होंने विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया और कहां की वह हर अच्छे कार्य में अवरोध पैदा करता है। सपा परिवारवादी पार्टी है और भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है ।

महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए योगी सरकार का एक्शन प्लान तैयार, खास इंतजाम किए गए

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कांवड़ यात्रा में महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर इस बार विशेष तैयारियां की हैं। सीएम योगी के निर्देश पर कांवड़ मार्गों पर 10 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। ताकि यात्रा में शामिल महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक इस बार कुल 66 हजार से अधिक पुलिसकर्मी यात्रा रूट पर तैनात किए गए हैं। इनमें 8 हजार से अधिक महिला सिपाही और 1,486 महिला उपनिरीक्षक शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक  इस बार यात्रा में लगभग 6 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। जिनमें 60 से 70 लाख महिलाएं हो सकती हैं। महिला केंद्रित सुरक्षा मॉडल की शुरुआत सीएम योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में महिला केंद्रित सुरक्षा मॉडल अपनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेशभर में महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्प डेस्क, रात में महिला बल की तैनाती और QR (क्विक रिस्पॉन्स टीम) में महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित की गई है। सावन कांवड़ यात्रा में महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए योगी सरकार की विशेष तैयारी, 10 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी तैनात यात्रा रूट पर 150 से अधिक महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। जहां महिला कांस्टेबल न सिर्फ सहायता करेंगी, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर परामर्श भी उपलब्ध कराएंगी। साथ ही ‘शक्ति हेल्प बूथ’ के ज़रिए महिला श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन, विश्राम और मेडिकल सलाह की सुविधा दी जा रही है। मेरठ जोन में सबसे बड़ा महिला बल कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्ग मेरठ ज़ोन में सबसे अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मेरठ, मुज़फ्फरनगर, बागपत, हापुड़ और गाजियाबाद जिलों में कुल मिलाकर 3,200 महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी पर हैं। इन जिलों में संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी के अलावा, हर कुछ किलोमीटर पर सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं। सुरक्षा को और पुख़्ता करने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क की मदद से यात्रा मार्गों की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों की भी बारीकी से मॉनिटरिंग हो रही है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था को समय रहते रोका जा सके। 11 जोन में 24×7 कंट्रोल रूम प्रदेश में कांवड़ यात्रा के लिए 11 ज़ोन में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। जिनकी निगरानी महिला अधिकारियों द्वारा 24×7 की जा रही है। साथ ही, हेल्पलाइन नंबरों पर भी महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगी। जिससे महिला यात्रियों को किसी भी वक्त त्वरित सहायता मिल सके।

KGMU पहुंचें मुख्यमंत्री योगी, 900 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का किया उद्घाटन

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में सोमवार को 941 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने 92 बेड के कार्डियोलाॅजी आईसीयू भवन और 340 बेड के ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 300 बेड की क्षमता वाले जनरल सर्जरी विभाग के नए भवन, 500 बेड वाले ट्रामा-2 भवन, नए प्रशासनिक भवन, 450 बिस्तरों की क्षमता वाला पांच मंजिला डायग्नोस्टिक सेंटर और 14 नए कमरों वाले गेस्ट हाउस शिलान्यास भी किया। इस माैके पर स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक और स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा, कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद और प्रो केके सिंह मौजूद रहे . अत्याधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में एक ही छत के नीचे आर्थोपेडिक सर्जरी, स्पोर्ट्स मेडिसिन, पीडियाट्रिक सर्जरी, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी जैसी सुविधाएं होंगी। सात मंजिला भवन में 220 बेड आर्थोपेडिक्स, 60-60 बेड स्पोर्ट्स और पीडियाट्रिक आर्थो, 24 HDU बेड, 8 ऑपरेशन थिएटर, और 24 प्राइवेट रूम होंगे। नए कार्डियोलॉजी ब्लॉक से लारी कार्डियोलॉजी ICU की क्षमता 84 से बढ़कर 180 बेड हो जाएगी। इसमें दो कैथ लैब, 6 ईको मशीन, 96 बेड साइड मॉनिटर, 120 सिरिंज पंप और एडवांस कार्डियोलॉजी उपकरण शामिल होंगे। हड्डी का एक छत के नीचे पूरा इलाज केजीएमयू के आठ मंजिला सेंटर फॉर आर्थोपैडिक्स एवं सुपर स्पेशिलयालिटी भवन में एक छत के नीचे डॉक्टर की सलाह, जांच व भर्ती होगी। लगभग 86 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस भवन में कुल 340 बेड होंगे। जिसमें 24 प्राइवेट रूम शामिल हैं। 24 आईसीयू बेड हैं। आठ ऑपरेशन थिएटर हैं। आठ ओपीडी रूम हैं। आर्थोपैडिक्स सर्जरी, पीडियाट्रिक आर्थोपैडिक्स, स्पोर्ट मेडिसिन विभाग हैं। बोन बैंक के लिए भी स्थान तय है। रेडियोडायग्नोसिस व पैथोलॉजी सेंटर भी है। सिटी स्कैन, एक्सरे मशीन लग गई है। सस्ती दवाओं के लिए एचआरएफ काउंटर है। यहां आर्थोप्लास्ट, नी-हिप रिप्लेसमेंट आधुनिक सुविधा है। 500 बेड ट्रॉमा टू का शिलान्यास मुख्यमंत्री गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए ट्रॉमा टू का शिलान्यास करेंगे। इसमें 500 बेड होंगे। इसमें घायलों को भर्ती कर इलाज मुहैया कराया जाएगा। जबकि पुराने ट्रॉमा सेंटर में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। पेसेन्ट यूटिलिटी काम्पेक्स भी बनेगा। इन पर करीब 296 करोड़ रुपए की लागत से ट्रॉमा-2 तैयार किया जाएगा। मौजूदा समय में ट्रॉमा सेंटर में करीब 466 बेड हैं। प्रदेश भर से मरीज आ रहे हैं। बेड फुल होने की दशा में मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं। 300 बेड होंगे जनरल सर्जरी विभाग में मुख्यमंत्री जनरल सर्जरी विभाग का नवीन भवन का शिलान्यास करेंगे। 9.62 एकड़ में तैयार होने वाली बिल्डिंग में 300 बेड होंगे। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा होगी। 315 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान है। 11 मंजिला भवन बनेगा। 12 ऑपरेशन थिएटर होंगे। जिसमें एक एडवांस रोबोटिक सर्जरी की ओटी, 11 माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें छह ओटी लैप्रोस्कोप सिस्टम से लैस होंगी। भवन में ऑडिटोरियम समेत अन्य सुविधाएं होंगी। 48 करोड़ रुपए की लागत से नवीन प्रशासनिक भवन बनेगा। डायग्नोस्टिक सेन्टर एवं पीआरए फैसेलिटी ब्लॉक बनेगा। इस पर करीब 48 करोड रुपए खर्च होंगे। न्यू गेस्ट हाउस का विस्तार का भी शिलान्यास करेंगे। किरकिरी के बाद बदला फैसला लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार जनरल सर्जरी विभाग की नई बिल्डिंग शताब्दी भवन के पास बनेगी। केजीएमयू प्रशासन इस भवन को दूसरी जगह शिफ्ट कराना चाह रहा था। इसको लेकर काफी पत्राचार भी किया। इससे शासन प्रशासन की काफी किरकिरी भी हुई। अधिकारियों का कहना है कि भवन की डिजाइन, नक्शा, निर्माण एजेंसी व बजट पास होने के बाद स्थान बदलने की कवायद उचित नहीं थी। इसमें समय की बर्बादी थी। नए स्थान पर भवन बनाने के लिए फिर से मिट्टी की जांच, नक्शा आदि पास कराना पड़ता। इससे निर्माण में देरी होती। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता। दो बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास मुख्यमंत्री 500 बेड वाले ट्रॉमा-2 सेंटर और 300 बेड की क्षमता वाले जनरल सर्जरी विभाग का शिलान्यास भी करेंगे। ट्रॉमा सेंटर पर 296 करोड़, जबकि जनरल सर्जरी भवन पर 315 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जनरल सर्जरी भवन में 12 ऑपरेशन थिएटर, जिनमें एक एडवांस रोबोटिक ओटी शामिल है, और दो मंजिला अंडरग्राउंड पार्किंग भी होगी।

सीएम योगी ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व पर संदेश यात्रा का शुभारंभ किया

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व पर राजधानी लखनऊ से दिल्ली तक के लिए निकली संदेश यात्रा का शुभारंभ किया। सीएम योगी यात्रा में शामिल हुए और दिल्ली के लिए रवाना किया। यात्रा गुरुद्वारा नाका हिंडोला से निकली और सीएम आवास तक गई। सीएम योगी ने यात्रा का स्वागत पुष्पवर्षा के साथ किया। योगी अपने सिर पर गुरु ग्रंथ साहिब जी को लेकर इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए। सीएम योगी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित भी किया। साथ ही शबद कीर्तन एवं कथा विचार के बाद गुरु लंगर वितरित किया गया। गौरतलब हो कि यात्रा यूपी से दिल्ली जाएगी। लखनऊ के बाद यात्रा कानपुर, इटावा, आगरा के रास्ते दिल्ली के चांदनी चौक, शीशगंज स्थित गुरुद्वारा पहुंचेगी। सीएम योगी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा की, औरंगजेब क्रूर शासक था, जिसने जबरन धर्म परिवर्तन की नीतियां अपनाईं। औरंगजेब ने भय, प्रलोभन और तरह-तरह के अत्याचार के जरिए गुरु तेग बहादुर जी पर इस्लाम कुबूल करने का दबाव बनाया। लेकिन गुरु तेग बहादुर जी ने उसका डटकर मुकाबला किया और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने अपनी शहादत देकर आने वाली पीढ़ी को एक प्रेरणा दी। धर्मांतरण को लेकर सीएम योगी भड़के और इसपर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम राष्ट्रविरोधी साजिशों का पर्दाफाश कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि आज भी देश में धर्मांतरण की साजिशें चल रही हैं। बलरामपुर में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग हो रही थी। धर्मांतरण के लिए रेट तय किए गए थे। जांच में 100 करोड़ रुपए के लेन-देन का खुलासा हुआ है। देश के स्वरूप को बदलने की कोशिश की जा रही है। लोगों को ऐसे षड्यंत्रकारियों से सावधान रहने की जरूरत है और समाज को तोड़ने वाली ताकतों को नाकाम करें। सीएम योगी ने कहा कि सिख गुरुओं ने जिस बलिदान और त्याग की परंपरा की नींव रखी थी, उसे हमें आज भी जीवंत बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिंदू और सिखों के बीच फूट डालने के प्रयास कभी भी होते रहेंगे, लेकिन हमें सतर्क रहना होगा और इन साजिशों को नाकाम करना होगा।

सीएम योगी करेंगे पांच बहुमंजिला भवनों का लोकार्पण—KGMU में स्वास्थ्य संरचना को और मिलेगा बल

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचकर रोगियों को सुविधाओं की साैगात देंगे। इसके तहत दो भवनों का लोकार्पण और तीन का शिलान्यास होना है। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि सोमवार को शाम 4.00 बजे मुख्यमंत्री ने लोकार्पण और शिलान्यास के लिए समय दिया है। इसके तहत कार्डियोलाॅजी भवन और ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही जनरल सर्जरी के नए भवन, नए प्रशासनिक भवन और ट्रामा-2 का शिलान्यास किया जाएगा। 300 बेड का होगा जनरल सर्जरी विस्तार भवन केजीएमयू में जनरल सर्जरी विभाग का नया भवन बनाया जाना है। 9.62 एकड़ में 37,128.76 वर्ग मीटर में बनने वाले इस विस्तार भवन के निर्माण में करीब 315 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। इस भवन में कार पार्किंग के लिए दो मंजिला अंडर ग्राउंड बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर समेत कुल 11 मंजिला भवन बनाया जाएगा। नए भवन में कुल 300 बेड की क्षमता होगी। 12 ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें एक एडवांस रोबोटिक सर्जरी की ओटी, 11 माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें छह ओटी लैप्रोस्कोप सिस्टम से लैस होंगी। भवन में ऑडिटोरियम समेत अन्य सुविधाएं होंगी। दोगुनी हो जाएगी कार्डियोलाॅजी भवन की क्षमता केजीएमयू के लारी कार्डियोलाॅजी विभाग में छह महीने से नया भवन बनकर तैयार है। इसकी शुरुआत होने पर दिल के रोगियों का इलाज करने की क्षमता दोगुने से ज्यादा हो जाएगी। यहां आईसीयू के बेड की क्षमता 84 से बढ़कर 180 हो जाएगी। इस 10 मंजिला भवन के छह मंजिलों पर मरीजों को भर्ती, इलाज की सुविधा मिलेगी। प्रशासनिक भवन भी होंगे। नीचे की चार मंजिलों पर मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा रहेगी। इसकी शुरुआत होने पर कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में मचने वाला घमासान कम हो जाएगा। ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में होगे 340 बेड केजीएमयू के ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में हड्डी रोग के तीन विभाग आर्थोपेडिक सर्जरी, स्पोर्ट्स मेडिसिन और पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक शिफ्ट किए जाएंगे। नए भवन में 340 बेड पर मरीज भर्ती करने की क्षमता है। ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर भवन में सभी जांचों की सुविधा एक ही भवन में मिल जाएगी। यहां एमआरआई, खून की जांच, सीटी स्कैन और एक्सरे जांच की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी। यहां 24 प्राइवेट रूम, 24 आईसीयू, 340 बेड, आठ ओटी, आठ ओपीडी रूम, एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, खून की जांच, हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड की सस्ती दर की दुकान, डॉक्टरों के कमरे, बेसमेंट में पार्किंग, कैंटीन की सुविधा मिलेगी।   ट्राॅमा-2 के निर्माण से मिलेगी गंभीर मरीजों को राहत केजीएमयू में ट्रॉमा सेंटर फेज-2 का निर्माण होने पर गंभीर मरीजों को काफी राहत मिलेगी। इस पर करीब 296 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। नए भवन में पांच सौ बेड पर भर्ती की सुविधा मिलेगी। ट्रॉमा सेंटर फेज-2 के नए भवन में सड़क दुर्घटना वाले मरीजों को भर्ती किया जाएगा, जबकि पुराना भवन गंभीर रोगियों के लिए आरक्षित रहेगा। इस समय ट्रॉमा सेंटर में घायल और अन्य प्रकार के रोगी एक ही साथ भर्ती किए जा रहे हैं। वर्तमान ट्राॅमा सेंटर की क्षमता 466 बेड की है। लखनऊ ही नहीं, यहां पूरे प्रदेश से गंभीर मरीज लाए जाते हैं। क्षमता के मुकाबले ज्यादा मरीज आने से रोजाना 30 से 40 मरीज वापस किए जाते हैं। इसको देखते हुए नया भवन बनाया जा रहा है। नया प्रशासनिक भवन केजीएमयू में माैजूदा कुलसचिव कार्यालय के बगल में नया प्रशासनिक भवन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इसकाशिलान्यास करेंगे। इससे यहां कामकाज में आसानी होगी।  

जनता की पुकार पर मुख्यमंत्री योगी का भरोसा, बोले- कोई भी असहाय नहीं रहेगा अकेला

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान उन्होंने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और कहा कि परेशान मत हों, आपकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबंधित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। जनता दर्शन में एक महिला इलाज के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई तो उन्होंने कहा कि इलाज का इस्टीमेट मंगा लीजिए, सरकार भरपूर मदद करेगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर परिसर में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर पीड़ा का निवारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में एक महिला समेत कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए।  

छांगुर बाबा को बताया जल्लाद, CM योगी बोले– कानून ने दिखाया अपना असर

आजमगढ़ आजमगढ़ पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने अवैध धर्मांतरण रैकेट के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- अभी आपने देखा होगा कि कैसे बलरामपुर में समाज विरोधी, राष्ट्रद्रोही कार्यो में लिप्त तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की गई. आपने देखा होगा कैसे एक जल्लाद को हमने गिरफ्तार किया, जो हिंदू बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता था, उनकी सौदेबाजी करता था.  सीएम योगी ने धर्मांतरण मामले में बोलते हुए आगे कहा कि अब ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्ती की जा रही है. हम समाज को टूटने नहीं देंगे. राष्ट्र विरोधी, समाज विरोधी तत्वों को चकनाचूर कर के रहेंगे. कानून के तहत इनको कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे. साथ ही धरती माता की रक्षा भी करेंगे.  दरअसल, सीएम योगी वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होने आजमगढ़ पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि धरती मां के स्वास्थ्य की रक्षा करेंगे और मां की स्मृतियों को भी जीवंत बनाएंगे. यह वृक्षारोपण अभियान इसी का परिणाम है. आपको बता दें कि धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पुलिस की गिरफ्त में है. उसके खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. बीते दिन बलरामपुर में स्थित उसकी अवैध आलीशान कोठी पर बुलडोजर चला और अब ED भी बाबा पर शिकंजा कसने की तैयारी में है.  आजमगढ़ में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में वन माफिया, खनन माफिया के द्वारा अव्यवस्था फैलाई गई थी, विकास नहीं होता था, न वनाच्छादन होता था, हमने जो अभियान 8 वर्ष पहले शुरू किया था, वो अबतक 204 करोड़ पेड़ लगाने तक पहुंच चुका है. अबतक 8 वर्ष में 204 करोड़ वृक्षारोपण किया गया है. पिछली सरकार ने आजमगढ़ के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था. आज आजमगढ़ का नौजवान कहीं जाता है तो देखने वालों की आंखे चमक जाती हैं. 

योगी सरकार पौधरोपण अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए, नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को को जनांदोलन बनाया जाए

 अयोध्या  उत्तर प्रदेश में 9 जुलाई को इतिहास रचने का दावा किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान के तहत पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 37 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा. यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या और आजमगढ़ में पौधरोपण कर इस महाअभियान का शुभारंभ करेंगे. इसी दिन प्रदेश के सभी मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी अपने-अपने जिलों में पौधरोपण कर इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बनेंगे. प्रदेश सरकार द्वारा इस अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी विभागों और नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को जनांदोलन बनाया जाए. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बाराबंकी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मेरठ और ब्रजेश पाठक लखनऊ में पौधरोपण करेंगे. वहीं, वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना अयोध्या और आजमगढ़ में सीएम के साथ मौजूद रहेंगे. सभी 18 मंडलों में चलेगा अभियान पौधरोपण महाभियान प्रदेश के सभी 18 मंडलों में एक साथ संचालित किया जाएगा. लखनऊ मंडल में सर्वाधिक पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए सभी मंडलों में विभागीय समन्वय, नोडल अधिकारियों की तैनाती और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है. वन विभाग लगाएगा सबसे अधिक पौधे महाअभियान में वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण विभाग प्रमुख भूमिका निभा रहा है. विभाग की ओर से 14 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा, जो इस अभियान का सबसे बड़ा हिस्सा होगा. इसके लिए विभाग ने नर्सरियों में पौधों की पर्याप्त व्यवस्था पहले ही कर ली है. थीम आधारित ‘हरियाली वन’ की स्थापना होगी पौधरोपण अभियान के दौरान थीम आधारित विशेष वन क्षेत्रों की भी स्थापना की जाएगी. इनमें शामिल हैं.अटल वन (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में), शौर्य वन (सैनिकों की वीरता को समर्पित), एकता वन (राष्ट्रीय एकता के प्रतीक), त्रिवेणी वन (पवित्र नदियों के संगम की प्रेरणा से) इन स्थलों पर विशेष देखरेख और जनभागीदारी के साथ पौधरोपण किया जाएगा ताकि ये स्थान भविष्य में पर्यावरणीय पर्यटन और जनजागरूकता के केंद्र बन सकें. गरीबों को जोड़ेगी 'सहजन भंडारा योजना' अभियान में गरीब और पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 'सहजन भंडारा योजना' चलाई जा रही है. इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम के लाभार्थियों द्वारा सहजन के दो-दो पौधे रोपे जाएंगे. इस कदम से पर्यावरणीय संवेदनशीलता के साथ सामाजिक समावेशिता को भी बल मिलेगा. नदियों के किनारे 3.5 करोड़ पौधों से हरियाली का घेरा अभियान के तहत प्रदेश की 13 प्रमुख नदियों, जिनमें गंगा, यमुना, सरयू, राप्ती, घाघरा आदि शामिल हैं, के किनारे 21313.52 हेक्टेयर भूमि पर 3.56 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे. इसका उद्देश्य न केवल हरियाली बढ़ाना है, बल्कि नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों का संरक्षण भी करना है. एक्सप्रेसवे और सड़कों पर भी होगा वृक्षारोपण प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे और सड़क मार्गों के किनारे भी विशेष वृक्षारोपण किया जाएगा. इसके तहत 1.14 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जिससे न केवल सौंदर्य बढ़ेगा बल्कि वायु प्रदूषण भी नियंत्रित होगा. 2.50 लाख पौधे विशेष रूप से एक्सप्रेसवे के किनारे लगाए जाएंगे. तैयारियों को मिला अंतिम रूप मुख्यमंत्री के निर्देश पर नामित नोडल अधिकारियों में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अफसरों ने अपने-अपने जिलों में पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया और कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया. अभियान के तहत मुख्यमंत्री जनसंवाद करेंगे और पर्यावरणीय प्रयासों में सहभागी सात किसानों को कार्बन क्रेडिट के तहत चेक भी सौंपेंगे. यह पहल ना सिर्फ हरियाली बढ़ाएगी, बल्कि हर नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी देगी.