samacharsecretary.com

युद्ध की आहट तेज! ईरान पर बड़े हमले की तैयारी, उड़ान भरते विमानों ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन

वाशिंगटन.
डोनाल्ड ट्रंप ने पूरे संकेत दे दिए हैं कि अमेरिका ईरान पर 28 फरवरी से भी बड़ा हमला करने वाला है। जानकारी के मुताबिक अमेरिका के 11 एयरफोर्स – सी 17ए विमान मध्य एशिया से यूरोप की ओर उड़ान फर चुके हैं। 28 फरवरी को हुए हमले से पहले भी ऐसी ही गतिविधियां देखने को मिली थी। बताया गया था कि डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरी समय में ईरान पर बड़े हमले को रद्द कर दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक कुछ अधिकारियों ने कहा कि अमेरका और इजरायल फिर से व्यापक सैन्य तैयारियां कर रहे हैं। अमेरिका के रक्षा मंत्री ने कहा था कि पेंटागन के पास कई योजनाएं हैं जिनमें जरूरत पड़ने पर युद्ध शुरू होना भी शामिल है।इसके अलावा परिस्थिति अनुसार सेना को कम या फिर वापस भी बुलाया जा सकता है।

यूरेनियम के भंडार पर हो सकता है हमला
रिपोर्ट में कहा गया कि अगर डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमला करते हैं तो इस बार सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया जाएगा। इसके अलावा यूरेनियम के संभावित भंडार को भी टारगेट किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि अमेरिका के 12 दिन के युद्ध के दौरान परमाणु ठिकाने तबाह हो गए थे लेकिन यूरेनियम के भंडार जमीन के नीचे दब गए थे।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप की शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद भी युद्ध को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया। मंगलवार को चीन से निकलने से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी और कहा कि अगर उसने समझौता नहीं किया तो उसे तबाह कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान से युद्धविराम बहुत नाजुक स्थित में है और फिर कभी भी हमला करना पड़ सकता है।

ईरान बोला- जवाब देने को तैयार
अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो निश्चित तौर पर एक बार फिर युद्ध छि़ड़ सकता है। ईरान में संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका की हर हरकत का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गलत फैसलों का परिणाम भी गलत ही होता है।

उधर पाकिस्तान के गृह मंत्री भी ईरान पहुंचे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक वह ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलेंगे। पाकिस्तान शुरू से ही ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर रहा है। उसेक प्रयास के बाद इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल मिले थे लेकिन कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला था। अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और ऐसे में दोनों देशों के बीच दूसरे चरण की वार्ता नहीं हो पाई।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here