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बिहार के स्कूलों में बदला परीक्षा पैटर्न, दो घंटे में पेपर पूरा करना बच्चों के लिए चुनौती

पटना
जिले के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में मंगलवार से कक्षा एक से आठवीं तक की अर्द्धवार्षिक सह-मूल्यांकन परीक्षा शुरू हो गई। इस बार परीक्षा के प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव किया गया है। खासकर कक्षा तीन से आठवीं तक के बच्चों को नए पैटर्न में पहले की तुलना में अधिक लिखना पड़ रहा है।

शिक्षकों के अनुसार बदले हुए प्रश्नपत्र और सीमित समय के कारण बच्चों पर परीक्षा के दौरान समय का दबाव बढ़ गया है।

50 अंकों की परीक्षा में बदला सवालों का पैटर्न
कक्षा तीन से आठवीं तक की परीक्षा कुल 50 अंकों की हो रही है। प्रधान शिक्षकों के अनुसार पहले 10 अंकों के 10 प्रश्न पूछे जाते थे।

इस बार प्रश्नपत्र में पांच-पांच अंकों के तीन प्रश्नों के साथ 15 अंकों के अति लघु उत्तरीय प्रश्न शामिल किए गए हैं। इससे बच्चों को उत्तर लिखने में पहले की अपेक्षा ज्यादा समय लग रहा है।

बोर्ड पर सवाल लिखने में भी लग रहा समय
विभिन्न स्कूलों के प्रधान शिक्षकों ने बताया कि प्रश्नपत्र की छपाई के बजाय बोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा ली जा रही है। शिक्षक को परीक्षा के दौरान लगातार सवाल लिखने और फिर उन्हें मिटाने पड़ते हैं।

दूसरी ओर बच्चों को बोर्ड पर लिखे सवाल देखकर उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिका में हल करना होता है। इससे परीक्षा का समय प्रभावित होने की बात शिक्षक बता रहे हैं।

दो घंटे की परीक्षा, समय को लेकर दबाव
परीक्षा के लिए बच्चों को कुल दो घंटे का समय दिया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि बोर्ड पर प्रश्न लिखने में लगने वाला समय भी इसी अवधि में शामिल हो जाता है।

ऐसे में बच्चों को प्रश्न पढ़ने, समझने और उत्तर लिखने के लिए अपेक्षाकृत कम समय मिल रहा है। शास्त्री नगर के प्रधानाचार्य मधुरेंद्र कुमार मधुप ने बताया कि इस बार बच्चों के लिए परीक्षा लंबी हो गई है और परीक्षा के दौरान समय का दबाव बना रहता है।

कक्षा एक-दो की मौखिक, तीन से आठवीं की लिखित परीक्षा
कन्या मध्य विद्यालय लोहिया नगर के प्रधान शिक्षक सुबोध कुमार ओझा के अनुसार पहले दिन कक्षा एक से आठवीं तक हिंदी, उर्दू और बंगला की परीक्षा हुई।

वहीं कक्षा पांचवीं से आठवीं तक विज्ञान की परीक्षा भी ली गई। कक्षा एक और दो के बच्चों की मौखिक परीक्षा हुई, जबकि कक्षा तीन से आठवीं तक के बच्चों ने लिखित परीक्षा दी।

19 सितंबर तक चलेगी अर्द्धवार्षिक परीक्षा
अर्द्धवार्षिक सह-मूल्यांकन परीक्षा 19 सितंबर तक चलेगी। 16 सितंबर को कक्षा एक से आठवीं तक अंग्रेजी तथा कक्षा तीन से आठवीं तक पर्यावरण अध्ययन एवं सामाजिक विज्ञान की परीक्षा निर्धारित है। परीक्षा शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देश के अनुसार कराई जा रही है।

15 अंकों के अति लघु उत्तरीय प्रश्न भी शामिल
इस बार प्रश्नपत्र के बदले पैटर्न में 15 अंकों के अति लघु उत्तरीय प्रश्न शामिल किए गए हैं। शिक्षकों के अनुसार प्रश्नों का पैटर्न बदलने और बोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा कराने के कारण दो घंटे की अवधि में बच्चों को पूरा प्रश्नपत्र हल करने में परेशानी हो रही है।

 

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