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मेष संक्रांति पर ‘वैधृति योग’ का साया, 14 मई तक इन 3 राशियों पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा

 हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मेष संक्रांति कहा जाता है. इस बार की संक्रांति खुशियों से ज्यादा चेतावनी लेकर आ रही है. ज्योतिष गणना के अनुसार, इस दिन सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति से वैधृति योग का निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत अशुभ माना गया है. यह योग 14 मई तक बना रहेगा. यह योग अचानक होने वाली घटनाओं, विवादों और आर्थिक नुकसान का कारक बनता है. आइए जानते हैं किन 3 राशियों को इस दौरान सबसे ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है.

इन 3 राशियों पर मंडरा रहा है खतरा
1. मेष राशि (Aries)
सूर्य आपकी ही राशि में प्रवेश कर रहे हैं, अशुभ योग का असर सबसे ज्यादा आप पर दिखेगा. आर्थिक निवेश से बचें, भारी धन हानि के संकेत हैं.  मानसिक तनाव, सिरदर्द और अनिद्रा जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. वाणी पर संयम रखें, वरना अपनों से विवाद हो सकता है.

2. कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि वालों के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा लेने वाला होगा. पैसों के लेन-देन और शॉर्टकट से कमाई करने के चक्कर में न पड़ें. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से अनबन हो सकती है. वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, चोट या दुर्घटना का योग बन रहा है.

3. धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि के जातकों को करियर और पारिवारिक मोर्चे पर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. प्रोफेशनल लाइफ में तालमेल की कमी रहेगी. नई योजनाओं को फिलहाल टाल दें.  माता-पिता के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं. दूसरों की सलाह को अनसुना करना आपकी सामाजिक छवि बिगाड़ सकता है.

वैधृति योग के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
अगर आपकी राशि ऊपर दी गई लिस्ट में है, तो घबराएं नहीं.  ज्योतिष शास्त्र में कुछ सरल उपाय बताए गए हैं जो इस नकारात्मकता को कम कर सकते हैं.

शिवलिंग अभिषेक: मंदिर जाकर महादेव का दूध या गंगाजल से अभिषेक करें.
मंत्र जाप: 'ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें.
हनुमान चालीसा: मंगलवार का दिन होने के कारण हनुमान चालीसा का पाठ विशेष फलदायी रहेगा.
रुद्राक्ष: मानसिक शांति के लिए पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करना भी शुभ माना जाता है.

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