samacharsecretary.com

डीएम को फोन पर दी घेरकर मारने की धमकी, किसान यूनियन का प्रदेश सचिव चढ़ा पुलिस के हत्थे, भेजा गया जेल

पीलीभीत

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में जिलाधिकारी को फोन पर धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोपी ने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया बल्कि पूरनपुर मंडी आने पर जिलाधिकारी को घेरकर मारपीट करने की धमकी भी दी. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

जानकारी के अनुसार 6 अप्रैल को कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में बर्ड फ्लू की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक चल रही थी. इसी दौरान उनके सीयूजी नंबर पर एक कॉल आई, जिसे उनके आशुलिपिक ने रिसीव किया. फोन करने वाले ने खुद को बलजिंदर सिंह बताया और गेहूं खरीद को लेकर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया. आरोपी ने कहा कि यदि डीएम पूरनपुर मंडी आए तो उसे घेरकर मारा जाएगा और यह बात रिकॉर्ड कर लेने की भी बात कही.

हैरानी की बात यह रही कि आरोपी ने खुद इस कॉल की रिकॉर्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया. जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की. तहरीर के आधार पर पूरनपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने आरोपी बलजिंदर सिंह, निवासी मुझा कला, को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी खुद को किसान यूनियन (अन्नदाता गुट) का प्रदेश सचिव बताता है.

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि कॉल के दौरान अभद्र भाषा और धमकी दी गई थी. जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया है. घटना के बाद आरोपी का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वह माफी मांगता नजर आ रहा है. उसने कहा कि उसके पिता कई दिनों से गेहूं बेचने के लिए केंद्र पर परेशान थे, इसी तनाव में उससे गलत शब्द निकल गए.

इधर, इस घटना के बाद पूरनपुर मंडी में हलचल बढ़ गई है. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद मौके पर पहुंचे. वहीं थाने के बाहर किसान नेताओं की भीड़ जमा हो गई और कुछ लोगों ने नारेबाजी भी की. किसानों का आरोप है कि जिले में गेहूं की सरकारी खरीद न होने से वे परेशान हैं हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी को धमकी देना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here