जयपुर
राजस्थानके लिए केंद्र सरकार की ओर से एक 'गुड न्यूज़' सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्ग-25 (NH-25) के एक अहम हिस्से को 4-लेन बनाने के लिए अपनी औपचारिक स्वीकृति दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत बालोतरा जिले से गुजरने वाले एनएच-25 पर पचपदरा बाईपास से पटाऊ इंटरचेंज तक के मार्ग को 4-लेन मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के निर्माण कार्य पर कुल ₹485.88 करोड़ की लागत आएगी। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है।
सीएम और डिप्टी सीएम ने जताया आभार
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लिखा, "राजस्थान के बालोतरा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-25 के पचपदरा बाईपास से पटाऊ इंटरचेंज तक 19.22 किमी लंबे मार्ग को 4-लेन मानकों के अनुरूप विकसित करने हेतु ₹485.88 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर राजस्थान में आधुनिक सड़क अवसंरचना के विस्तार एवं विकास को निरंतर गति देने के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी का बहुत-बहुत आभार एवं धन्यवाद।"
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और क्षेत्रफल
मार्ग की लंबाई: पचपदरा बाईपास से पटाऊ इंटरचेंज तक कुल 19.22 किलोमीटर लंबा यह हिस्सा 4-लेन में तब्दील होगा।
वित्तीय स्वीकृति: इस कार्य के लिए केंद्र सरकार की ओर से ₹485.88 करोड़ की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है।
आधुनिक मानक: सड़क को अत्याधुनिक इंजीनियरिंग मानकों, मजबूत डामरीकरण और सुरक्षा प्रबंधों के साथ तैयार किया जाएगा ताकि भारी ट्रैफिक का दबाव आसानी से झेला जा सके।
बालोतरा और पचपदरा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में औद्योगिक गतिविधियों और यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा है। इस 19 किलोमीटर लंबे नए 4-लेन प्रोजेक्ट के पूरा होने से कई बहुआयामी लाभ मिलने की उम्मीद है:
सुगम और सुरक्षित यातायात: सड़क चौड़ी होने से हादसों की आशंका घटेगी और यात्रियों को सुरक्षित व आरामदायक सफर मिलेगा।
रिफाइनरी और एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी: इस मार्ग के 4-लेन बनने से एचपीसीएल (HPCL) पचपदरा रिफाइनरी, औद्योगिक क्षेत्रों और देश के प्रमुख अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे तक पहुंच बेहद आसान और तेज हो जाएगी।
व्यापार और माल परिवहन को गति: कच्चे माल, औद्योगिक उत्पादों और कमर्शियल वाहनों की आवाजाही सुगम होने से पश्चिमी राजस्थान में व्यापार, निवेश और स्थानीय रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।




