samacharsecretary.com

त्विषा शर्मा केस में नया मोड़, कोर्ट में दोनों पक्षों ने दायर किए नए आवेदन; CBI के सवालों पर पूर्व जज की सफाई

भोपाल.

बहुचर्चित एक्ट्रेस त्विषा शर्मा मौत मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कानूनी दांव-पेंच और तीखे होते जा रहे हैं। भोपाल कोर्ट में दोनों पक्षों ने कॉल रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट खंगालने के लिए 3 नए आवेदन लगाए हैं। सीबीआई के तीखे सवालों पर पूर्व जिला जज ने माना कि एफआईआर से पहले अग्रिम जमानत की अर्जी लगाना उनकी बड़ी भूल थी।

मामले की कमान संभालते ही सीबीआई ने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की घेराबंदी शुरू कर दी है। शुरुआती पूछताछ में जब उनसे पूछा गया कि- "अगर आपकी कोई गलती नहीं थी, तो आपने एफआईआर दर्ज होने से पहले ही इतनी जल्दबाजी में अग्रिम जमानत की अर्जी क्यों लगाई? और बेटे समर्थ को फरार होने के लिए क्यों कहा? इस सवाल पर कानून की जानकार गिरिबाला सिंह पहले तो पूरी तरह खामोश रहीं। हालांकि, बाद में उन्होंने इसे अपनी बड़ी रणनीतिक भूल स्वीकार करते हुए कहा कि "उन्हें इस बात का रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि इस कदम से उन पर ही संदेह और ज्यादा मजबूत हो जाएगा।" भोपाल कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से कुल तीन नए आवेदन दाखिल किए गए हैं, जिसने इस मिस्ट्री को और उलझा दिया है।

1. त्विषा के वकील (अंकुर पांडे) का आवेदन: उन्होंने अदालत से मांग की है कि 12 से 20 मई के बीच पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। इसके साथ ही एम्स (AIIMS) में पोस्टमार्टम के समय के सीसीटीवी फुटेज को भी सीबीआई अपनी कस्टडी में लेकर सुरक्षित करे।
2. गिरिबाला सिंह की ओर से दो आवेदन: पूर्व जज के वकील ने त्विषा के परिजनों के कॉल रिकॉर्ड निकालने और त्विषा के बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका दावा है कि त्विषा को करीब 7 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

परिजनों का बड़ा आरोप: त्विषा के परिवार का दावा है कि मौत की वारदात के ठीक बाद पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने शहर के 46 प्रभावशाली लोगों को लगातार फोन किए थे। यही वजह है कि उनके कॉल रिकॉर्ड्स को खंगालना बेहद जरूरी है। सीबीआई ने इन तीनों आवेदनों पर अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट से समय मांगा है।

केस डायरी में साइन कराने पहुंचे एसीपी; डमी पुतले से होगा टेस्ट
शनिवार दोपहर करीब 1 बजे सीबीआई के अधिकारी, एफआईआर में फरियादी बनाए गए एसीपी रजनीश कश्यप के साथ भोपाल कोर्ट पहुंचे। केस डायरी में कई महत्वपूर्ण जगहों पर उनके हस्ताक्षर बाकी थे, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरा कराया गया। इसके तुरंत बाद, सीबीआई की टीम ट्विशा के हुबहू वजन और ऊंचाई का एक डमी पुतला तैयार कर घटनास्थल पर पूरा क्राइम सीन री-क्रिएट करने की तैयारी में जुट गई है।

गिरिबाला से पूछे जाएंगे 50 सवाल; सीबीआई की 'चेकलिस्ट' तैयार
सीबीआई ने पूर्व जज से पूछताछ के लिए 50 से ज्यादा तीखे सवालों की एक विस्तृत लिस्ट तैयार की है, जिसमें शामिल हैं ऐसे कुछ अहम बिंदु:

  • एम्स पहुंचने के बाद भी स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी गई?
  • वारदात के बाद बेटे समर्थ को अचानक फरार होने के लिए क्यों कहा गया?
  • घर में सीसीटीवी लगाने वाले वेंडर को फुटेज डिलीट करने या छेड़छाड़ के लिए कॉल क्यों किए गए?
  • ब्यूटी पार्लर से सीसीटीवी फुटेज निकलवाने के पीछे क्या मकसद था?
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में त्विषा के शरीर पर मिले चोट के निशान कैसे आए?
  • त्विषा की प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) को लेकर दोनों पक्षों के बीच क्या विवाद चल रहा था?
  • क्या आप प्रभावशाली लोगों को फोन कर दबाव बना रही थीं?
  • क्या आप दबाव बनाकर त्विषा के बिजनेस शेयर अपने नाम कराना चाहती थीं?

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here