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गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनवरत 10वीं बार रामनगरी में जले आस्था और आत्मीयता के दीप

अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की प्राणप्रिय नगरी अयोध्या में शनिवार को ‘सरयू के कनक कछार’ पर उस समय त्रेता युग जैसा उल्लास दिखा, जब 36 लाख से अधिक दीपों की कतार में राष्ट्र आस्था का वितान जगमगाने लगा। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनवरत 10वीं बार रामनगरी में सरयू तट पर आस्था और आत्मीयता के दीप प्रज्वलित हुए। उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम की पैड़ी पर श्रद्धा, आस्था के दीप प्रज्वलित किए। अतिथियों ने उप्र पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई रामायण के विभिन्न प्रसंगों का 3डी होलोग्राफी प्रोजेक्शन मैपिंग तथा लाइव परफॉर्मेंस के साथ भव्य लेजर शो के माध्यम से अवलोकन भी किया। उप राष्ट्रपति ने अपने भाषण में इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर भगवान राम के अयोध्या नगरी आगमन पर भव्य आतिशबाजी भी की गई।

हर आंख अपलक निहारती रहीं ‘अपने राम’ की प्राणप्रिय नगरी
शनिवार की सांझ रामनगरी में फिर अद्भुत, अलौकिक, अविस्मरणीय व कल्पनातीत सौंदर्य दिखा। दीपोत्सव-2026 में 36 लाख से अधिक दीपों से जगमगाती रामनगरी को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर हर कोई अपलक निहारता ही रह गया। प्रभु श्रीराम की अपनी नगरी अयोध्या के वासी हों, भारत के अनेक राज्यों से आए श्रद्धालु या फिर दुनिया के कोने-कोने से आए पर्यटक, सभी अवधपुरी के कण-कण, रज-रज में मर्यादा पुरुषोत्तम राम की छवि देख रहे थे। हर दिशा में ‘श्रीराम, जय राम, जय जय राम’ गुंजायमान रहा। हर श्रद्धालु के मन में उमंगें हिलोरे ले रही थीं। सहज आह्लाद के साथ आत्मीयता के भावों को संजोए हुए आराध्य प्रभु के प्रति आस्था निवेदित करते हुए श्रद्धालुओं को सरयू तीरे (राम की पैड़ी) जल रहे दीपों के बीच हर्ष और उल्लास की अनुभूति हो रही थी। 'राम राम जय राजा राम', 'जय सिया राम', 'सियावर रामचन्द्र की जय'  के उद्घोष के साथ सरयू की लहरों में उठती तरंगें देख ऐसा लगा कि मानो सरयू मैया भी 'अपने राम' का स्वागत कर रही हों। अयोध्या के मंदिरों, छोटी गलियों से लेकर मुख्य मार्गों, सभी सरकारी, धार्मिक भवनों पर तो आकर्षक प्रकाश व्यवस्था की गई थी। नगरवासियों ने भी अपने राम के लिए घरों में दीप जलाए।

रामनगरी में 56 घाटों पर जले 36 लाख से अधिक दीप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आग्रह पर शनिवार को रामनगरी अयोध्या के घर-घर, मठ-मंदिर, आश्रम, चौराहों, भवनों समेत हर जगह दीप प्रज्वलित किए गए। राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 36 लाख से अधिक दीप जलाए गए। इसके लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्विद्यालय, महाविद्यालयों, इंटर कॉलेजों व स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े 35 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने दीप बिछाए और उनमें तेल-बाती डालकर दीप प्रज्ज्वलन में महती भूमिका निभाई। वहीं देश-विदेश से आए आगंतुक सुरम्य, स्वच्छ, सक्षम, नव्य, भव्य व दिव्य अयोध्या का दर्शन कर भाव-विह्वल हो गए।  

मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ किया पूजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ रामकथा पार्क अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, मां सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, संकटमोचन हनुमान व ऋषि-मुनियों की आरती उतारी, उन्हें तिलक लगाकर व पुष्पमाला पहनाकर श्रद्धा निवेदित की। यहां राम परिवार व ऋषि-मुनियों का पूजन भी किया गया। मंच पर मुख्यमंत्री, संतों व मंत्रियों ने श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक भी किया।

हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा, मुख्यमंत्री ने खींचा रथ 
अवधपुरी में पुष्पक विमान से 'राम-लक्ष्मण व मां सीता' उतरीं तो हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री समेत अनेक मंत्रियों व जनप्रतिनिधियों ने उनका रथ भी खींचा। अयोध्या में अपने राजा के प्रति श्रद्धा का यह नजारा देख विह्वल श्रद्धालुओं की आंखों से खुशी की अश्रुधारा बह निकली। हर साधु-संत, सनातन धर्मावलंबियों व आमजनमानस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आशीर्वाद से अभिसिंचित किया।

उपराष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने किया भगवान श्रीराम का राजतिलक
अयोध्या में भव्य दीपोत्सव पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भगवान श्रीराम का राजतिलक किया और उनकी आरती उतारी। सभी ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी को तिलक लगाकर और उपहार भेंट कर श्रद्धा प्रकट की। इसके पश्चात साधु-संतों, अन्य मंत्रियों ने भी प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया और आरती उतारकर अपनी श्रद्धा निवेदित की। पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा। 

सियावर रामचंद्र, पवनसुत हनुमान, वृंदावन बिहारी लाल, सरयू मैया की जयकार से योगी ने की भावांजलि
योगी आदित्यनाथ ने 2017 में प्रदेश की बागडोर संभालने के पश्चात दीपोत्सव की परिकल्पना की। उनके प्रयास से प्रतिवर्ष इसकी भव्यता बढ़ती चली गई और इस वर्ष 36 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित हुए। समूची अयोध्या हर तरफ बस ‘श्री राम-मेरे राम’ से गुंजायमान हो उठी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राम कथा पार्क व राम की पैड़ी पर ‘सियावर रामचंद्र भगवान, पवनसुत हनुमान, वृंदावन बिहारी लाल, सरयू मैया, भारत माता, हर हर महादेव’ की जयकार से अपना उद्बोधन प्रारंभ किया। समापन भी ‘जय जय श्रीराम’ से ही किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना 'एक भारत- श्रेष्ठ भारत' का शानदार नजारा भी शनिवार को अयोध्या में दिखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुए दीपोत्सव में यहां हर प्रांत, भाषा, समुदाय, जाति, विधा के लोग आस्था का दीप जलाने पहुंचे।

दीपों से विश्वगौरव तक, सीएम योगी के संकल्प की साक्षी बनी अवधपुरी
त्रेतायुग की अयोध्या की शोभा शनिवार को कलियुग में भी अलौकिक दिखी। दीपों से लेकर विश्वगौरव तक, अवधपुरी सीएम योगी के संकल्प की साक्षी बनी। दीपोत्सव में सभी ने अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा के दीप जलाए। श्रीराम मंदिर के प्रमुख गेटों पर तोरणद्वार बनाए गए। कई कुंतल फूलों से पूरी अयोध्या नगरी सजाई गई। सुबह शोभायात्रा में 21 झांकियां निकलीं। अन्य देशों के कलाकारों ने भी रामलीला का मंचन किया। देश-विदेश व प्रदेश के 2500 से अधिक कलाकारों की प्रतिभा को रामनगरी में मंच मिला। चौराहों पर रंगोली बनाकर समृद्धि की कामना की गई।

उप राष्ट्रपति व सीएम ने की सरयू मैया की आरती 
'प्रभु श्रीराम की उपस्थिति' में हुए दीपोत्सव में वेदाचार्यों ने सरयू आरती की। उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सरयू मैया की आरती उतारी। इस दौरान योगी कैबिनेट के अन्य सहयोगी भी शामिल हुए। यहां साधु-संतों के साथ अनेक विशिष्ट जनों द्वारा भी आरती की गई। इसके लिए कई मंच तैयार किए गए थे। 

स्वदेशी ड्रोन शो, यूपी समेत कई राज्यों के कलाकारों ने दी प्रस्तुति 
दीपोत्सव में स्वदेशी ड्रोन के साथ अयोध्या के आकाश में श्रीराम की कृति बनी। रामायण के विविध प्रसंगों की झलकियां देख कोई भाव-विह्वल हो गया तो कोई आह्लादित हो उठा। दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के कलाकारों ने अपनी लोकसंस्कृति से परिचित कराया। भगवान राम के शुभागमन पर भव्य आतिशबाजी भी हुई।

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