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चेन्नई से दिल्ली तक बवाल: के. वेंकट नारायण की नियुक्ति पर विपक्ष ने उठाए सवाल

चेन्नई
तमिलनाडु सरकार के एक फैसले ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कारोबारी और फिल्म प्रोड्यूसर के. वेंकट नारायण को नई दिल्ली में तमिलनाडु का विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया है। इस पद को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। विपक्ष ने इस नियुक्ति को लेकर सरकार पर सवालों की बौछार कर दी है।
एक साल के लिए बनाया गया नया पद

राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह पद फिलहाल एक साल के लिए बनाया गया है। मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया। नियुक्ति की बाकी शर्तों की घोषणा बाद में की जाएगी।

क्या होता है स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव का काम?
नई दिल्ली में तमिलनाडु के स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच तालमेल बनाने की होती है।

इस पद पर बैठा व्यक्ति मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की बैठकों का समन्वय करता है, केंद्र की योजनाओं और फंडिंग पर नजर रखता है, नीति से जुड़े मामलों की निगरानी करता है और संसद सत्र के दौरान राज्य के सांसदों के साथ समन्वय बनाने में मदद करता है।

अब तक इस अहम पद पर आमतौर पर अनुभवी राजनेताओं की नियुक्ति होती रही है।
कौन हैं के. वेंकट नारायण?

के. वेंकट नारायण बेंगलुरु स्थित KVN ग्रुप के चेयरमैन हैं। उनकी कंपनी रियल एस्टेट और एंटरटेनमेंट सेक्टर में काम करती है।

वह पहले प्रेस्टीज ग्रुप के CEO भी रह चुके हैं। साल 2020 में उन्होंने KVN प्रोडक्शंस की शुरुआत की और अब वही कंपनी मुख्यमंत्री विजय की आखिरी फिल्म 'जना नायकन' को प्रोड्यूस कर रही है। माना जा रहा है कि राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले यह विजय की अंतिम फिल्म होगी।
विपक्ष ने उठाए सवाल

इस नियुक्ति को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है।
DMK के राज्यसभा सांसद पी. विल्सन ने कहा कि तमिलनाडु के हितों की रक्षा करने वाले इतने अहम पद पर एक फिल्म प्रोड्यूसर की नियुक्ति करना उस पद की गरिमा को कम करता है।

वहीं BJP के तमिलनाडु अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने सवाल उठाया कि कर्नाटक से करीबी संबंध रखने वाला व्यक्ति दिल्ली में तमिलनाडु का प्रभावी प्रतिनिधित्व कैसे करेगा। उन्होंने इसे राज्य के लोगों के साथ "बड़ा विश्वासघात" बताया।

AIADMK ने आरोप लगाया कि सरकार कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के इशारों पर काम कर रही है, जबकि AMMK प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने कहा कि सरकार प्रशासनिक योग्यता के बजाय निजी करीबी लोगों को बड़े पद दे रही है।
TVK ने किया बचाव

विजय की पार्टी TVK ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया।
पार्टी नेताओं का कहना है कि वेंकट नारायण ने फिल्म 'जना नायकन' के निर्माण के दौरान विजय का मुश्किल समय में साथ दिया था और यह नियुक्ति उसी सहयोग के प्रति आभार जताने का तरीका है।

पार्टी का यह भी कहना है कि वेंकट नारायण को बड़े कॉर्पोरेट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट संभालने का लंबा अनुभव है, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पहले ज्योतिषी, अब प्रोड्यूसर… बढ़ा विवाद
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री विजय अपने करीबी लोगों की नियुक्तियों को लेकर विवादों में आए हैं।

इससे पहले उनके लंबे समय से मैनेजर रहे जगदीश पलानीस्वामी को प्राइवेट सेक्रेटरी (पॉलिटिकल) बनाया गया था।

वहीं ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (पॉलिटिकल) (OSD) नियुक्त किया गया था, लेकिन भारी आलोचना के बाद सरकार को वह फैसला वापस लेना पड़ा।

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