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IND vs IRE: आयरलैंड ने रचा इतिहास, टीम इंडिया को 2-0 से हराकर किया क्लीन स्वीप

बेलफास्ट भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रविवार (28 जून) को खेला गया. बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में हुए इस मुकाबले में आयरलैंड ने 1 रन से जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही आयरलैंड ने सीरीज में भारत का 2-0 से सूपड़ा साफ कर दिया. आयरलैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीती है. मुकाबले में आयरलैंड ने भारतीय टीम को जीत के लिए 155 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन वो 9 विकेट पर 153 रन ही बना सकी. मौजूदा टी20 वर्ल्ड चैम्पियन भारत की हार का मुख्य कारण उसकी बैटिंग रही. भारत का टॉप आर्डर इस मैच में भी फ्लॉप रहा।  श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम सीरीज का पहला मुकाबला 34 रनों से गंवा बैठी थी. ऐसे में ये मुकाबला जीतना टीम इंडिया के बेहद जरूरी था, लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाई. आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 20 रन बनाने थे. हर्षित राणा (21 रन) ने जरूर कुछ शॉट्स खेलकर उम्मीदें जगाईं, लेकिन वो अहम मौके पर आउट हो गए. आखिरी बॉल पर प्रिंस यादव ने भी छक्का लगाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।  रनचेज में भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. उसने 35 रनों के स्कोर तक चार विकेट गंवा दिए. अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन तो गोल्डन डक पर आउट हुए. वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने 10 रन बनाए. इन तीनों ही बल्लेबाजों को जय मूंदरा ने पवेलियन भेजा. ईशान किशन 12 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुए. यहां से तिलक वर्मा और अक्षर पटेल ने 39 रन जोड़कर भारतीय पारी को संभाला. मैथ्यू हॉलार्ड ने अक्षर को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा।  शिवम दुबे और तिलक वर्मा ने मिलकर छठे विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की. लेकिन जब बड़े शॉट्स की दरकार थी, तब शिवम दुबे पवेलियन चल दिए. 20 रनों के निजी स्कोर पर शिवम दुबे को मैथ्यू हफ्रीज ने अपनी फिरकी में फंसाया. तिलक वर्मा ने फिफ्टी जड़ी, लेकिन वो भी मुश्किल वक्त में टीम का साथ छोड़ बैठे. तिलक ने 3 चौके और एक छक्के की मदद से 46 बॉल पर 55 रन बनाए. वहीं सूर्यांश शेडगे 1 रन बना सके. यहां से भारत के लिए मैच जीतना मुश्किल था और ऐसा ही हुआ. जय मूंदरा और मैथ्यू हॉलार्ड ने आयरलैंड के लिए तीन-तीन विकेट झटके।  ऐसी रही आयरलैंड की बैटिंग मुकाबले में आयरलैंड ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 8 विकेट पर 154 रन बनाए. आयरलैंड की शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही. हर्षित राणा ने दूसरे ही ओवर में टिम टेक्टर (5 रन) को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया. फिर अगले ओवर में अर्शदीप सिंह ने तूफानी बैटिंग कर रहे रॉस अडायर (16 रन) को आउट किया. कप्तान लोर्कन टकर (15 रन) इस मैच में बल्ले से प्रभावित नहीं कर पाए और उन्हें डेब्यूटेंट प्रिंस यादव ने पवेलियन भेजा. टकर के आउट होने के समय आयरलैंड का स्कोर 48/3 था।  यहां से बेंजामिन कैलिट्ज और हैरी टेक्टर ने चौथे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी कर पारी को संभाला. कैलिट्ज ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 23 बॉल पर 37 रन बनाए. शिवम दुबे ने लगातार गेंदों पर कैलिट्ज और गैरेथ डेलानी (0 रन) को चलता किया. इसके बाद जॉर्ज डॉकरेल और हैरी टेक्टर ने छठे विकेट के लिए 31 रन जोड़े और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।  हैरी टेक्टर ने 5 चौके और एक छक्के की मदद से 47 बॉल पर 53 रन बनाए. वहीं जॉर्ज डॉकरेल के बल्ले से 19 रन निकले. लियाम मैकार्थी 2 रन बनाकर आउट हुए. भारत की ओर से प्रिंस यादव ने तीन विकेट चटकाए. वहीं अर्शदीप सिंह और शिवम दुबे को 2-2 सफलताएं हासिल हुईं।  इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे और तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया. वॉशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा प्लेइंग-11 से बाहर रहे. हालांकि वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर बेंच पर बैठना पड़ा. वैभव के डेब्यू का इंतजार और लंबा हो चुका है।  भारत और आयरलैंड के बीच अब तक 10 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान टीम इंडिया ने 8 मुकाबले में जीत दर्ज की. जबकि आयरलैंड को 2 मैचों में सफलता हासिल हुई. यानी आंकड़ों में भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने की सौजन्य भेंट

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए राज्यपाल श्री गहलोत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर आत्मीय चर्चा हुई।

मध्यप्रदेश को मिलेगी 2 नई सौर परियोजनाओं की सौगात, CM डॉ. मोहन यादव करेंगे उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण 440 मेगावॉट की मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का होगा पीपीए 1553.98 करोड़ की औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का होगा भूमि-पूजन और लोकार्पण केंद्रीय मंत्री जोशी और प्रदेश के मंत्री शुक्ला रहेंगे मौजूद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जून को नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 मेगावॉट के सौर पार्क का उद्घाटन करेंगे। परियोजनाओं, 440 मेगावॉट की सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना पॉवर परचेज एग्रीमेंट और 1553.98 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री जोशी के साथ प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला की उपस्थिति में भोपाल में 440 मेगावॉट के मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का पॉवर परचेज एग्रीमेंट होगा। मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज प्रदेश की पहली सोलर ऊर्जा भण्डारण परियोजना है। इस परियोजना में 2 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट की दर निविदा पर प्राप्त हुई है, जो देश में न्यूनतम है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री नीमच में 500 मेगावॉट के नीमच सोलर पार्क और 450 मेगावॉट के शाजापुर सोलर पार्क का शुभारंभ करेंगे। दोनों सौर परियोजनाओं की 2 रुपये 14 पैसे प्रति यूनिट की दर आयी है, जो कि देश की न्यूनतम दरों में शामिल है। एमडी मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर ने बताया कि लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री जोशी 1593.98 करोड़ की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। परियोजनाओं का विवरण नीमच सोलर पार्क (500 मेगावॉट) – यूनिट-1 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट, यूनिट-2 : 2.14 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-3 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट। शाजापुर सोलर पार्क (450 मेगावॉट) – यूनिट-1 : 2.35 रुपये प्रति यूनिट, यूनिट-2 : 2.33 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-3 : 2.339 रुपये प्रति यूनिट। आगर सोलर पार्क (550 मेगावॉट) (निर्माणाधीन) – यूनिट-1 : 2.45 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-2 : 2.44 रुपये प्रति यूनिट।  

बांग्लादेश की राजनीति में हलचल, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वापसी और सजा पर दिया बयान

नई दिल्ली बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और दो साल पहले हुए सत्ता परिवर्तन की वजह से अपना देश छोड़कर भारत आने वाली शेख हसीना ने वापसी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वह इसी साल बांग्लादेश वापस लौट जाएंगी। उन्होंने अवामी लीग को सिर्फ एक दल नहीं, बल्कि अपनी ताकत बताया। बांग्लादेश में साल 2024 के मध्य में बड़े पैमाने पर विरोध और हिंसा हुई थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री आवास तक भीड़ पहुंच गई। इसके चलते उन्हें अपने देश को छोड़कर भागना पड़ा और भारत से अच्छे संबंध होने की वजह से वे नई दिल्ली में तब से रह रही हैं। हसीना ने साफ कर दिया है कि इस साल के आखिरी में वह बांग्लादेश लौट जाएंगी। हसीना को बांग्लादेश में फांसी की सजा मिली हुई है। शेख हसीना के भारत आने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद से भी हटा दिया गया था। उनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर काफी गुस्सा था। हालांकि, बाद में पूरी दुनिया को पता चल गया कि वह आंदोलन कोई बांग्लादेश के भलाई के लिए नहीं, बल्कि उसे और कट्टरता की ओर ले जाने के लिए ही था। हसीना के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार चली, जिसमें जमकर दंगे हुए। हिंदुओं को जमकर प्रताड़ित किया गया। कई को तो जिंदा ही मार डाला गया और ज्यादातर के मंदिरों, घरों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस साल फरवरी में हुए आम चुनाव में बांग्लादेश में यूनुस से बांग्लादेश का पीछा छूटा और तारिक रहमान प्रधानमंत्री बने। इसके बाद, भारत और बांग्लादेश के संबंध बेहतर होने लगे हैं। ‘मैं इसी साल बांग्लादेश वापस लौट जाऊंगी’ एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में जब शेख हसीना से पूछा गया कि आपने कई बार संकेत दिया है कि आप जल्द ही बांग्लादेश लौट सकती हैं, तो इस पर उन्होंने जवाब दिया, ''मेरी वापसी कोई पर्सनल एम्बिशन का सवाल नहीं है। यह एक बहुत बड़े सवाल से जुड़ा है। बांग्लादेश के लोगों के पॉलिटिकल राइट्स, लोकतंत्र की बहाली, कानून का राज स्थापित करना बहुत जरूरी है। मैं सत्ता के लिए राजनीति नहीं करती हूं और बांग्लादेश के लोगों की भलाई के लिए राजनीति करती हूं। मैं बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के सोनार बांग्ला बनाने के सपने को पूरा करने के लिए राजनीति में आई और उसे पूरा करने के लिए काम करती हूं। मैं साफ-साफ कह देना चाहती हूं कि हर रुकावट और साजिश को पार करते हुए मैं इस साल अपने देश वापस लौट जाऊंगी।'' मौत की सजा को बताया गैर-कानूनी शेख हसीना ने बांग्लादेश में मिली मौत की सजा पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला मेरे लिए न्याय नहीं है। यह गैर-कानूनी, गैर-संवैधानिक और राजनीति से प्रेरित है। ज्यूडिशियरी को अवामी लीग की लीडरशिप से बदला लेने के लिए एक जरिया बना दिया गया। इस तरह की कोशिशें पहले भी हुईं, तब भी फेल रहीं, अब भी फेल रहेंगी। उन्होंने आगे कहा कि मैं मौत से नहीं डरती हूं। 1975 में मैंने अपने पिता, अपने भाइयों और लगभग अपने पूरे परिवार को खो दिया। 21 अगस्त को मुझे ग्रेनेड से मारने की कोशिश हुई थी। मेरे खिलाफ कई बार साजिशें रची गईं, लेकिन हर बार उससे बाहर आई। उन्होंने आगे कहा कि मैं बांग्लादेश के लोगों के लिए हमेशा खड़ी रही हूं। पांच बार जनता के वोटों से प्रधानमंत्री चुनी गई और देश के विकास के लिए लगातार काम किया। शेख हसीना ने आगे बताया कि अवामी लीग कोई कागज का संगठन नहीं है। यह एक ऐसी ताकत है, जोकि बंगाल की मिट्टी, बंगाल के लोगों, बंगाल के इतिहास और बंगाली राष्ट्र की पहचान में बसी हुई है। 77 साल के इतिहास में अवामी लीग पर कई बार हमले हुए हैं, कई बार खून भी बहा है और उस पर बैन भी लगाया गया, लेकिन हर बार यह लोगों की ताकत से वापस उठ खड़ी हुई है।

जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन पर आज विशेष ग्राम सभाएँ, जल संरक्षण का लिया जाएगा संकल्प

जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन दिवस पर होंगी विशेष ग्राम सभाएँ मुख्यमंत्री के संदेश का किया जायेगा वाचन अभियान अंतर्गत हुए कार्यों का होगा प्रस्तुतिकरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर 19 मार्च से प्रारंभ हुए जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन 30 जून 2026 को होगा। अभियान के दौरान लगभग 3.62 लाख से अधिक कार्यों का क्रियान्वयन किया गया है, जिनमें ग्रामीण, नगरीय, वन, सिंचाई, शिक्षा, औ‌द्योगिक तथा अन्य क्षेत्रों में जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, जल गुणवता परीक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, नदी पुनर्जीवन तथा जन-जागरुकता से संबंधित विविध गतिविधियाँ सम्मिलित हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान 2026" का समापन जिले के प्रभारी मंत्रियों की उपस्थिति में समारोह पूर्वक किया जा रहा है। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया जायेगा सम्मानित अभियान के समापन के अवसर पर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष ग्राम सभा आयोजित कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संदेश का वाचन किया जाएगा और जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत निष्पादित कार्यों, उपलब्धियों तथा लाभान्वित परिवारों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। जन-सहभागिता, श्रमदान एवं नवाचार के माध्यम से उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों, जलदूतों एवं सामुदायिक संगठनों का सम्मान किया जाएगा। जल संरक्षण, जल सुरक्षा, भू-जल संवर्धन तथा वर्षा जल संचयन की भावी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी तथा ग्राम स्तर पर आगामी वर्ष के लिये कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। आगामी 01 जुलाई 2026 से प्रारंभ होने वाली "विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (VBG RAM G)" के विभिन्न आयामों एवं संभावित लाभों के संबंध में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही अभियान के अंतर्गत निर्मित अथवा पूर्ण हुई महत्वपूर्ण जल संरचनाओं का जनप्रतिनिधियों द्वारा लोकार्पण कराया जाएगा।  

Noida Fire News: एसी ब्लास्ट के बाद हाइराइज सोसायटी में भड़की भीषण आग, मची भगदड़

 नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में आग का तांडव जारी है. अब एनसीआर के तहत आने वाले उत्तर प्रदेश के नोएडा में आग लगने की घटना हुई है. नोएडा की एक हाईराइज सोसाइटी में सोमवार की सुबह भीषण आग लग गई. सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग की विकराल लपटों पर काबू पाया।  इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है. घटना नोएडा के सेक्टर 119 स्थित एक सोसाइटी की है. जानकारी के मुताबिक नोएडा सेक्टर 119 की अरण्य सोसाइटी के एक टावर से सोमवार की सुबह धुआं उठता दिखा. देखते ही देखते इसने आग की लपटों का रूप ले लिया. आग लगने की जानकारी आसपास के लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को दी और अपने स्तर से भी आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दीं।  आग की लपटों ने देखते ही देखते पास के एक फ्लैट को भी अपनी चपेट में ले लिया. लोगों ने आसपास के लोगों से भी फ्लैट खाली करने की अपील की. सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं. फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग की विकराल लपटों पर काबू पाया. आग 22वीं मंजिल पर लगी थी और इसकी वजह से आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।  नोएडा के चीफ फायर अफसर भी खुद मौके पर पहुंचे. सीएफओ के साथ ही पुलिस भी मौके पर मौजूद है. इस घटना के पीछे एसी ब्लास्ट को वजह बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि 22वें फ्लोर पर स्थित एक फ्लैट की बालकनी में लगी एसी में विस्फोट हुआ. इसके बाद लगी आग ने पास के एक फ्लैट को भी आगोश में ले लिया। 

Stock Market Crash: बाजार में बड़ी गिरावट, मिड-स्मॉल कैप धड़ाम, निफ्टी 24,000 के करीब पहुंचा

मुंबई  अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को फिर से जंग शुरू हो गई थी, जिसके बाद तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली. इनका असर एशिया समेत भारतीय बजार में दिखाई दे रहा है. भारतीय बाजार में गिरावट आई है. सेंसेक्‍स 200 अंक से ज्‍यादा टूट चुका है, जबकि निफ्टी भी फ्लैट कारोबार कर रहा है. सबसे ज्‍यादा दर्द मिडकैप और स्‍मॉल कैप में है, जो क्रमश: 0.34 फीसदी और 0.55 फीसदी तक गिर चुके हैं।  बीएसई के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 17 शेयरों में तेजी है और 13 शेयर गिरकर कारोबार कर रहे हैं. सबसे ज्‍यादा गिरावट कोटक महिंद्रा बैंक में 3 फीसदी की रही है, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा, अडानी पोर्ट और कुछ अन्‍य शेयरों में 1 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है।  9.30 बजे तक सेंसेक्‍स करीब 200 अंक गिरकर 76,910.61 पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 40 अंक गिरकर  24,020 पर था. निफ्टी बैंक में 200 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट देखने को मिली. ग्‍लोबल तनाव के साथ ही कई अन्‍य वहजों से मार्केट में गिरावट आई है. आइए जानते हैं…  क्‍यों आई शेयर बाजार में गिरावट?      सबसे बडी वजह तेल कीमतों में तेजी देखी जा रही है. ब्रेंट क्रूड वायदा 0.85% बढ़कर 72.6 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1% से अधिक बढ़कर 70.01 डॉलर प्रति बैरल हो गया।      एशिाई बाजारों में भी दबाव दिखाई दे रहा है. निक्केई 1 फीसदी गिर चुका है और कोस्‍पी में 2 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. वहीं ग्‍लोबल मार्केट में भी दबाव बना हुआ है।      अमेरिका-ईरान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और आशंका है कि कहीं शांति समझौता बीच में ही ना टूट जाए।      फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से अगली बैठक में ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है. इस अनुमान के कारण शेयर बाजारों में दबाव दिखाई दे रहा है।  124 शेयरों में लोअर सर्किट बीएसई पर आज ट्रेड करने वाले 3,768 शेयरों में से 1,543 शेयरों में तेजी है और 2,002 शेयर गिरे हुए हैं. 223 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. वहीं 86 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर हैं और 46 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर कारोाबर कर रहे हैं. 96 शेयरों में अपर सर्किट है और 124 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है। 

फडणवीस-उद्धव की मुलाकात पर शिंदे का तंज, बोले ‘चालाक दोस्त से रहें सावधान’

 मुंबई  महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय अचानक सरगर्मी बढ़ गई, जब दो धुर विरोधी नेता एक ही फ्लाइट में एक साथ सफर करते नजर आएं। दोनों नेता मुंबई से नागपुर जा रही एक फ्लाइट में बैठे थे। सीएम देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे की इस हवाई यात्रा खबरों पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का रिएक्शन आया है। दरअसल, शिंदे से जब फडणवीस और उद्धव के एक ही विमान में सफर करने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस इतने समझदार हैं कि उन्हें अच्छी तरह पता है कि चालाक और षड्यंत्रकारी दोस्त कितना खतरनाक हो सकता है। 2019 चुनाव को लेकर क्या कहा? एकनाथ शिंदे ने 2019 चुनाव की ओर इशारा करते हुए बोले कि जब भाजपा और तत्कालीन अविभाजित शिवसेना ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ा था, लेकिन बाद में ठाकरे द्वारा कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार बनाने के बाद वे अलग हो गए थे। आने वाले दिनों में पता चलेगा परिणाम ठाकरे से उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के साथ एक ही विमान में यात्रा करने के बारे में पूछा गया, तो शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने कहा कि दोनों के बीच उच्च स्तरीय चर्चा हुई थी। वहीं जब उनसे बातचीत के परिणाम के बारे में पूछा गया, तो ठाकरे ने कहा कि आने वाले दिनों में इसका परिणाम पता चल जाएगा, जिससे राजनीतिक चर्चाओं को और हवा मिली। हालांकि, भाजपा ने बैठक के किसी भी राजनीतिक महत्व को खारिज करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद विभिन्न दलों के नेता अक्सर सौहार्दपूर्ण व्यक्तिगत संबंध साझा करते हैं।

निवेशकों के लिए अहम रहेगा नया सप्ताह, भारत-अमेरिका ट्रेड डील और आर्थिक आंकड़ों पर टिकी बाजार की नजर

 नई दिल्ली  भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई का रुझान और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से शेयर बाजार की चाल निर्धारित होगी। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अगले हफ्ते निवेशकों की निगाहें रहेंगी। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं। उनका यह बयान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात के बाद आया था। दोनों देशों के व्यापारिक संबंध मजबूत होने की उम्मीद इस प्रस्तावित समझौते से दोनों देशों के व्यापारिक संबंध मजबूत होने की उम्मीद है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसकी वजह ईरान द्वारा हॉर्मुज स्ट्रेट पर मालवाहक जहाज को निशाना बनाना था। हालांकि, हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है और ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर के आसपास बना हुआ है। घरेलू आर्थिक डेटा भी बाजार की चाल को प्रभावित करेगा। इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट का डेटा आएगा 29 जून को इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट का डेटा जारी होगा। 30 जून को मई का राजकोषीय घाटे और व्यापार संतुलन, 1 जुलाई को जीएसटी, ऑटो सेल्स एवं मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और 2 जुलाई को सर्विसेज और कंपोजिट पीएमआई और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े आएगा। बीता हफ्ता शेयर बाजार के लिए कैसा रहा? इस हफ्ते सेंसेक्स 0.39 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,056 पर बंद हुआ। इसके अतिरिक्त, कच्चे तेल की कम कीमतों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में सुधार के संकेतों के कारण इस हफ्ते भारतीय रुपया मजबूत हुआ। हालांकि, निवेशक यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बदलाव की संभावना को लेकर सतर्क बने रहे, क्योंकि इससे ग्लोबल कैपिटल फ्लो पर असर पड़ सकता है।  

अयोध्या पर बयान के बाद योगी का पलटवार, बोले- मथुरा पर रुख साफ करें अखिलेश यादव

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। योगी ने अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह धार्मिक बनने का प्रयास कर रहे हैं तो अब उन्हें मथुरा के बारे में भी बोलना चाहिए। अखिलेश के अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने के बयान सीएम योगी ने कहा, मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने वले अयोध्या को क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे?वह पहले आप अपना इतिहास देखें। अखिलेश ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर जारी जांच के बीच शनिवार को कहा था कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है और अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह अयोध्या को एक ‘बेमिसाल’ धार्मिक व पवित्र नगरी के रूप में विकसित करेंगे। सपा प्रमुख पर सीएम योगी का तंज योगी ने हाथरस में एक सभा को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख का नाम लेते हुए तंज कसा, ‘अखिलेश जी, अयोध्या को तो राम भक्तों ने संवार दिया। आप मथुरा की बात करिए। अगर सचमुच अपने आपको धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हो तो मथुरा-वृंदावन पर खुलकर बोलिए, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलिए। यह भी कहिए कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का अभियान चलना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए। हमारी सरकार सुविधाएं उपलब्ध करा रही है लेकिन आपमें (अखिलेश में) हिम्मत नहीं है, क्योंकि आपने एक वर्ग के सामने घुटने टेकने के अलावा प्रदेश के विकास के लिए कोई एजेंडा नहीं रखा है।’ अयोध्या अपनी पहचान के लिए आप पर मोहताज नहीं योगी ने जोर देकर कहा, 'बात अयोध्या, मथुरा और काशी के उत्थान तथा उनकी पौराणिक पहचान को सुदृढ़ करने की होनी चाहिए। धूल झोंकने का काम मत करिए। अयोध्या अपनी पहचान के लिए आप पर मोहताज नहीं है।' उन्होंने कहा, 'अयोध्या की अपनी पहचान है और उसने दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।' मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अखिलेश यादव एक बयान में कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएगी। अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे? अपना इतिहास देखिए। राम भक्तों पर गोली आपके ही लोगों ने चलाई थी। आपकी ही समाजवादी पार्टी की सरकार ने गोली चलवाई थी।’ जेलों में जन्माष्टमी के आयोजन पर सपा सरकार ने लगाई थी रोक सीएम योगी ने कहा, 'आप (अखिलेश) भूल गए कि आपने थानों और जेलों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन तक को रोक दिया था। कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था। जब हमारे जनप्रतिनिधि कह रहे थे कि हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण हुआ तो क्या यह सपा शासन में संभव था? उनके समय में यह संभव नहीं था।' पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को आजमगढ़ में एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी निंदनीय और चिंता का विषय है। अखिलेश ने कहा, 'दान में गबन की खबरों के बाद सरकार को दबाव में आकर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करना पड़ा। हालांकि, इससे यह सवाल उठता है कि एसआईटी की रिपोर्ट एक खास व्यक्ति को ही क्यों सौंपी गई है।'