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BTech में दाखिले का मौका! छत्तीसगढ़ में कल से शुरू होगी ऑनलाइन काउंसिलिंग

दुर्ग. इस वर्ष प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए तकनीकी शिक्षा संचालनालय (डीटीई) द्वारा बीटेक प्रवेश के लिए ऑनलाईन काउंसिलिंग प्रक्रिया 30 जून से प्रारंभ हो रही है। यह समय उन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जिन्होंने पीईटी परीक्षा दी है और अब अपने भविष्य के लिए कॉलेज एवं ब्रांच का चयन करेंगे। डीटीई ने बीटेक काउंसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसके अनुसार प्रथम चरण की काउंसिलिंग 30 जून से प्रारंभ हो रही है। इस वर्ष व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा 14 मई को प्रवेश परीक्षा पीईटी आयोजित की गयी। इस परीक्षा में दुर्ग शहर के केंद्रों में 2362 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 1951 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 411 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। दुर्ग शहर में लगभग 7 इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित हैं। जिससे विद्यार्थियों के पास अनेक विकल्प उपलब्ध है। ऐसे में केवल प्रवेश लेना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि सही कॉलेज और सही ब्रांच का चयन करना अधिक महत्वपूर्ण है।

कबीर जयंती महोत्सव में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, असंग देव कबीर आश्रम में करेंगे संबोधन

रायपुर. मुख्यमंत्री आज सोमवार को रायपुर और जांजगीर-चांपा जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे असंग देव कबीर आश्रम, सोनपैरी में आयोजित कबीर जयंती महोत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद हेलीकॉप्टर से चांपा पहुंचकर विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 11:00 बजे मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन, रायपुर से कार द्वारा प्रस्थान करेंगे और असंग देव कबीर आश्रम, सोनपैरी पहुंचेंगे। यहां दोपहर तक आयोजित कबीर जयंती महोत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री सोनपैरी से रवाना होकर 12:55 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड, रायपुर पहुंचेंगे और दोपहर 1:00 बजे हेलीकॉप्टर से चांपा के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 1:45 बजे भालेराय मैदान हेलीपेड, चांपा पहुंचने के बाद वे 1:55 बजे देवांगन धर्मशाला, थाना पारा पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री का दोपहर 2 बजे से 2.30 बजे तक का समय आरक्षित रखा गया है। इसके बाद वे 2:30 बजे देवांगन धर्मशाला से रवाना होकर 2:35 बजे हेलीपेड पहुंचेंगे और 2:40 बजे हेलीकॉप्टर से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 3:25 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड, रायपुर पहुंचेंगे और वहां से 3:30 बजे मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना होंगे। दोपहर 3:35 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचने के बाद उनका समय आरक्षित रहेगा।

मुंबई में मानसून का कहर! सड़कों पर भरा पानी, अंधेरी सबवे बंद, ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई

मुंबई मुंबई में मॉनसून की जोरदार बारिश ने शहर के कई इलाकों को पानी-पानी कर दिया है. सड़कें तालाब बन गई हैं, ट्रैफिक ठप हो गया है. लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अंधेरी सबवे (अंडरपास) में इतना पानी भर गया है कि उसे यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।  रातभर की बारिश से अंधेरी, बांद्रा, खार, मालाड, गोरेगांव, जुहू, वर्सोवा जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा असर देखा गया है. वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी पानी भरने से गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मुताबिक, अंधेरी सबवे में पानी भर गया है, जिसके बाद उसे बंद करना पड़ा।  बता दें कि अंधेरी सबवे मुंबई का एक ऐसा रास्ता है जो पूर्व और पश्चिम को जोड़ता है. हर रोज हजारों गाड़ियां और लोग यहां से गुजरते हैं. मॉनसून की बारिश में अंधेरी सबवे में जलजमाव होना पुरानी समस्या है।  शहर के निचले इलाकों में कई जगहों पर भारी जलभराव की तस्वीरें सामने आ रही हैं. जलजमाव को देखते हुए एहतियातन अंधेरी सबवे को देर रात 1:45 बजे से यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है. किसी भी अप्रिय घटना या हादसे को रोकने के लिए सबवे के बाहर पुलिस बंदोबस्त किया गया है।  एक तरफ जोरदार बारिश से मुंबईवासियों को उमस और गर्मी से तो बड़ी राहत मिली है, तो वहीं सुबह-सुबह दफ्तर और काम पर जाने वालों को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।  भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए आज भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है. बता दें कि मॉनसून इस बार 13 दिन देरी से मुंबई पहुंचा था। 

चार महीने बंद रहा होर्मुज, फिर भी नहीं थमी भारत की रफ्तार, जानिए कैसे

नई दिल्ली  मिडिल ईस्ट में संघर्ष और होर्मुज के बंद होने के कारण पूरे विश्व में हाहाकार मचा हुआ था। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भी भारत सीना तान खड़ा रहा है और अपनी कुशल रणनीति और पूर्व तैयारी के बल पर ईंधन संकट को पूरी तरह टाल लिया। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग के चार महीने तक बंद रहने के बावजूद देश में पेट्रोल पंपों पर कोई लंबी कतारें नहीं लगीं, घरों में एलपीजी सिलेंडर की कमी नहीं हुई और आर्थिक गतिविधियां लगभग सामान्य रहीं। सरकार के दूरदर्शी बुनियादी ढांचा विकास, आपूर्ति विविधीकरण और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ने इस अभूतपूर्व चुनौती को सफलतापूर्वक पार किया। दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर दिया। यह समुद्री जल मार्ग विश्व के कुल तेल परिवहन का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है। बंदी के तुरंत बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में भारी व्यवधान उत्पन्न हो गया और कीमतों में आग लग गई। यहां आपको बता दें कि भारत अपने कच्चे तेल का करीब 90 प्रतिशत और एलपीजी का 60 प्रतिशत आयात करता है, विशेष रूप से प्रभावित होने वाला देश था। देश के कुल तेल आयात का लगभग 50 प्रतिशत और एलपीजी आयात का 90 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता था। संकट लगभग चार महीने तक चला। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश होने के कारण इस संकट का सीधा असर उसकी अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका थी। कीमतों में भारी उछाल संकट लंबा खिंचने से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गईं। भारतीय कच्चे तेल की कीमतें संकट से पहले के 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से बढ़कर चार सप्ताह के अंदर 120 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गईं। ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्चतम स्तर को छू गया। सऊदी अरब में एलपीजी अनुबंध मूल्य में फरवरी से जून के बीच करीब 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की आयात लागत 1600 रुपये से ऊपर पहुंच गई। युद्ध-जोखिम बीमा दरों में कई गुना वृद्धि हुई, जिससे आयात और महंगा हो गया। भारत की सफल रणनीति सरकार ने संकट शुरू होते ही कुछ ही दिनों में सख्त नियंत्रण आदेश जारी कर दिए। रणनीति के तहत सरकार ने घरेलू उत्पादन में तीव्र वृद्धि की। पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में छूट, आक्रामक आपूर्ति स्रोत विविधीकरण और सक्रिय ऊर्जा कूटनीति पर जो दिया। सरकार ने मांग प्रबंधन पर जोर दिया और फैसला लिया कि लागत का बोझ आम परिवारों पर न डाला जाए, बल्कि इसे सार्वजनिक क्षेत्र की विपणन कंपनियों के माध्यम से वहन किया जाए। इस फैसले से ईंधन की घरेलू उपलब्धता बनी रही। पिछले दस वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किए गए भारी निवेश ने संकट के समय काम किया। एलपीजी आयात टर्मिनलों की संख्या 2014 में 11 से बढ़कर वर्तमान में 22 हो गई है। आयात क्षमता भी 12 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़कर 2026 में 32.3 मिलियन टन प्रति वर्ष पहुंच गई। कच्चे तेल की खरीद के स्रोतों में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ। 2014 में 27 देशों से आयात करने वाला भारत अब 2026 में 41 देशों से तेल खरीद रहा है। लीबिया, गैबॉन, इक्वेटोरियल गिनी और गुयाना जैसे नए आपूर्तिकर्ता जुड़े, जबकि अमेरिका और रूस से आयात में खासी बढ़ोतरी हुई। परिणामस्वरूप, होर्मुज पर निर्भरता पहले की तुलना में काफी कम हो गई। वहीं, एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के विस्तार से भी हर साल कच्चे तेल के आयात में बड़ी बचत हो रही है, जो संरचनात्मक संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध हुआ। आर्थिक प्रभाव और सरकार का खर्च दो महीने से अधिक समय तक खुदरा कीमतों को स्थिर रखने के बाद विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। फिलहाल तेल कंपनियां प्रतिदिन करीब 650 करोड़ रुपये की वसूली में असफल हो रही हैं, जो पहले 1000 करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर थी। सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की, जिससे राजस्व में लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस तिमाही में तेल और गैस कंपनियों को 1 लाख से 1.2 लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि, सरकार का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और होर्मुज के फिर से खुलने से आने वाले महीनों में खुदरा कीमतों में गिरावट आएगी। अन्य देशों की तुलना में भारत का बेहतर प्रदर्शन होर्मुज संकट से निपटने के लिए दुनिया भर के देशों ने अलग-अलग रणनीतियां अपनाईं। कई एशियाई आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं को ईंधन की कमी का सामना करना पड़ा। श्रीलंका ने दो सप्ताह में पेट्रोल राशनिंग लागू कर दी और सरकारी कामकाज को चार दिन के सप्ताह में सीमित कर दिया। पाकिस्तान ने स्कूल बंद किए और कार्य सप्ताह छोटा किया। म्यांमार ने विषम-सम ड्राइविंग और क्यूआर कोड आधारित राशनिंग लागू की। बांग्लादेश ने तेल भंडारों पर सेना तैनात कर दी, जबकि इथियोपिया ने कुछ क्षेत्रों में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह रोक दी। धनी देशों ने भी रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों का इस्तेमाल किया। जापान ने भंडार कम किए और सब्सिडी दी, दक्षिण कोरिया ने 30 वर्षों में पहली बार कीमतों पर नियंत्रण लगाया। यूरोपीय संघ के 22 सदस्य देशों ने अप्रैल के मध्य तक 9 अरब यूरो से अधिक की राहत पैकेज घोषित किए। इसके विपरीत, भारत ने न तो आपातकाल घोषित किया, न राशनिंग लगाई और न ही स्कूल या कार्य घंटे कम किए। केवल व्यावसायिक और थोक एलपीजी, डीजल तथा एविएशन ईंधन के निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए, ताकि घरेलू जरूरतें पूरी हो सकें। आर्थिक स्थिरता बरकरार संकट के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा भंडार 728 अरब डॉलर से अधिक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया और पूरे संकट काल में स्थिर रहा। जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत के आसपास बनी रही। चालू खाता घाटा नियंत्रण में रहा और खुदरा मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक के लक्ष्य के अंदर रही। होर्मुज खुलने के बाद अब क्या? जून में अमेरिका-ईरान शांति समझौते के … Read more

IND vs IRE: आयरलैंड ने रचा इतिहास, टीम इंडिया को 2-0 से हराकर किया क्लीन स्वीप

बेलफास्ट भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रविवार (28 जून) को खेला गया. बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में हुए इस मुकाबले में आयरलैंड ने 1 रन से जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही आयरलैंड ने सीरीज में भारत का 2-0 से सूपड़ा साफ कर दिया. आयरलैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीती है. मुकाबले में आयरलैंड ने भारतीय टीम को जीत के लिए 155 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन वो 9 विकेट पर 153 रन ही बना सकी. मौजूदा टी20 वर्ल्ड चैम्पियन भारत की हार का मुख्य कारण उसकी बैटिंग रही. भारत का टॉप आर्डर इस मैच में भी फ्लॉप रहा।  श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम सीरीज का पहला मुकाबला 34 रनों से गंवा बैठी थी. ऐसे में ये मुकाबला जीतना टीम इंडिया के बेहद जरूरी था, लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाई. आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 20 रन बनाने थे. हर्षित राणा (21 रन) ने जरूर कुछ शॉट्स खेलकर उम्मीदें जगाईं, लेकिन वो अहम मौके पर आउट हो गए. आखिरी बॉल पर प्रिंस यादव ने भी छक्का लगाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।  रनचेज में भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. उसने 35 रनों के स्कोर तक चार विकेट गंवा दिए. अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन तो गोल्डन डक पर आउट हुए. वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने 10 रन बनाए. इन तीनों ही बल्लेबाजों को जय मूंदरा ने पवेलियन भेजा. ईशान किशन 12 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुए. यहां से तिलक वर्मा और अक्षर पटेल ने 39 रन जोड़कर भारतीय पारी को संभाला. मैथ्यू हॉलार्ड ने अक्षर को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा।  शिवम दुबे और तिलक वर्मा ने मिलकर छठे विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की. लेकिन जब बड़े शॉट्स की दरकार थी, तब शिवम दुबे पवेलियन चल दिए. 20 रनों के निजी स्कोर पर शिवम दुबे को मैथ्यू हफ्रीज ने अपनी फिरकी में फंसाया. तिलक वर्मा ने फिफ्टी जड़ी, लेकिन वो भी मुश्किल वक्त में टीम का साथ छोड़ बैठे. तिलक ने 3 चौके और एक छक्के की मदद से 46 बॉल पर 55 रन बनाए. वहीं सूर्यांश शेडगे 1 रन बना सके. यहां से भारत के लिए मैच जीतना मुश्किल था और ऐसा ही हुआ. जय मूंदरा और मैथ्यू हॉलार्ड ने आयरलैंड के लिए तीन-तीन विकेट झटके।  ऐसी रही आयरलैंड की बैटिंग मुकाबले में आयरलैंड ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 8 विकेट पर 154 रन बनाए. आयरलैंड की शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही. हर्षित राणा ने दूसरे ही ओवर में टिम टेक्टर (5 रन) को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया. फिर अगले ओवर में अर्शदीप सिंह ने तूफानी बैटिंग कर रहे रॉस अडायर (16 रन) को आउट किया. कप्तान लोर्कन टकर (15 रन) इस मैच में बल्ले से प्रभावित नहीं कर पाए और उन्हें डेब्यूटेंट प्रिंस यादव ने पवेलियन भेजा. टकर के आउट होने के समय आयरलैंड का स्कोर 48/3 था।  यहां से बेंजामिन कैलिट्ज और हैरी टेक्टर ने चौथे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी कर पारी को संभाला. कैलिट्ज ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 23 बॉल पर 37 रन बनाए. शिवम दुबे ने लगातार गेंदों पर कैलिट्ज और गैरेथ डेलानी (0 रन) को चलता किया. इसके बाद जॉर्ज डॉकरेल और हैरी टेक्टर ने छठे विकेट के लिए 31 रन जोड़े और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।  हैरी टेक्टर ने 5 चौके और एक छक्के की मदद से 47 बॉल पर 53 रन बनाए. वहीं जॉर्ज डॉकरेल के बल्ले से 19 रन निकले. लियाम मैकार्थी 2 रन बनाकर आउट हुए. भारत की ओर से प्रिंस यादव ने तीन विकेट चटकाए. वहीं अर्शदीप सिंह और शिवम दुबे को 2-2 सफलताएं हासिल हुईं।  इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे और तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया. वॉशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा प्लेइंग-11 से बाहर रहे. हालांकि वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर बेंच पर बैठना पड़ा. वैभव के डेब्यू का इंतजार और लंबा हो चुका है।  भारत और आयरलैंड के बीच अब तक 10 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान टीम इंडिया ने 8 मुकाबले में जीत दर्ज की. जबकि आयरलैंड को 2 मैचों में सफलता हासिल हुई. यानी आंकड़ों में भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने की सौजन्य भेंट

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए राज्यपाल श्री गहलोत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर आत्मीय चर्चा हुई।

मध्यप्रदेश को मिलेगी 2 नई सौर परियोजनाओं की सौगात, CM डॉ. मोहन यादव करेंगे उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण 440 मेगावॉट की मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का होगा पीपीए 1553.98 करोड़ की औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का होगा भूमि-पूजन और लोकार्पण केंद्रीय मंत्री जोशी और प्रदेश के मंत्री शुक्ला रहेंगे मौजूद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जून को नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 मेगावॉट के सौर पार्क का उद्घाटन करेंगे। परियोजनाओं, 440 मेगावॉट की सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना पॉवर परचेज एग्रीमेंट और 1553.98 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री जोशी के साथ प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला की उपस्थिति में भोपाल में 440 मेगावॉट के मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का पॉवर परचेज एग्रीमेंट होगा। मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज प्रदेश की पहली सोलर ऊर्जा भण्डारण परियोजना है। इस परियोजना में 2 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट की दर निविदा पर प्राप्त हुई है, जो देश में न्यूनतम है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री नीमच में 500 मेगावॉट के नीमच सोलर पार्क और 450 मेगावॉट के शाजापुर सोलर पार्क का शुभारंभ करेंगे। दोनों सौर परियोजनाओं की 2 रुपये 14 पैसे प्रति यूनिट की दर आयी है, जो कि देश की न्यूनतम दरों में शामिल है। एमडी मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर ने बताया कि लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री जोशी 1593.98 करोड़ की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। परियोजनाओं का विवरण नीमच सोलर पार्क (500 मेगावॉट) – यूनिट-1 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट, यूनिट-2 : 2.14 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-3 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट। शाजापुर सोलर पार्क (450 मेगावॉट) – यूनिट-1 : 2.35 रुपये प्रति यूनिट, यूनिट-2 : 2.33 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-3 : 2.339 रुपये प्रति यूनिट। आगर सोलर पार्क (550 मेगावॉट) (निर्माणाधीन) – यूनिट-1 : 2.45 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-2 : 2.44 रुपये प्रति यूनिट।  

बांग्लादेश की राजनीति में हलचल, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वापसी और सजा पर दिया बयान

नई दिल्ली बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और दो साल पहले हुए सत्ता परिवर्तन की वजह से अपना देश छोड़कर भारत आने वाली शेख हसीना ने वापसी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वह इसी साल बांग्लादेश वापस लौट जाएंगी। उन्होंने अवामी लीग को सिर्फ एक दल नहीं, बल्कि अपनी ताकत बताया। बांग्लादेश में साल 2024 के मध्य में बड़े पैमाने पर विरोध और हिंसा हुई थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री आवास तक भीड़ पहुंच गई। इसके चलते उन्हें अपने देश को छोड़कर भागना पड़ा और भारत से अच्छे संबंध होने की वजह से वे नई दिल्ली में तब से रह रही हैं। हसीना ने साफ कर दिया है कि इस साल के आखिरी में वह बांग्लादेश लौट जाएंगी। हसीना को बांग्लादेश में फांसी की सजा मिली हुई है। शेख हसीना के भारत आने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद से भी हटा दिया गया था। उनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर काफी गुस्सा था। हालांकि, बाद में पूरी दुनिया को पता चल गया कि वह आंदोलन कोई बांग्लादेश के भलाई के लिए नहीं, बल्कि उसे और कट्टरता की ओर ले जाने के लिए ही था। हसीना के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार चली, जिसमें जमकर दंगे हुए। हिंदुओं को जमकर प्रताड़ित किया गया। कई को तो जिंदा ही मार डाला गया और ज्यादातर के मंदिरों, घरों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस साल फरवरी में हुए आम चुनाव में बांग्लादेश में यूनुस से बांग्लादेश का पीछा छूटा और तारिक रहमान प्रधानमंत्री बने। इसके बाद, भारत और बांग्लादेश के संबंध बेहतर होने लगे हैं। ‘मैं इसी साल बांग्लादेश वापस लौट जाऊंगी’ एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में जब शेख हसीना से पूछा गया कि आपने कई बार संकेत दिया है कि आप जल्द ही बांग्लादेश लौट सकती हैं, तो इस पर उन्होंने जवाब दिया, ''मेरी वापसी कोई पर्सनल एम्बिशन का सवाल नहीं है। यह एक बहुत बड़े सवाल से जुड़ा है। बांग्लादेश के लोगों के पॉलिटिकल राइट्स, लोकतंत्र की बहाली, कानून का राज स्थापित करना बहुत जरूरी है। मैं सत्ता के लिए राजनीति नहीं करती हूं और बांग्लादेश के लोगों की भलाई के लिए राजनीति करती हूं। मैं बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के सोनार बांग्ला बनाने के सपने को पूरा करने के लिए राजनीति में आई और उसे पूरा करने के लिए काम करती हूं। मैं साफ-साफ कह देना चाहती हूं कि हर रुकावट और साजिश को पार करते हुए मैं इस साल अपने देश वापस लौट जाऊंगी।'' मौत की सजा को बताया गैर-कानूनी शेख हसीना ने बांग्लादेश में मिली मौत की सजा पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला मेरे लिए न्याय नहीं है। यह गैर-कानूनी, गैर-संवैधानिक और राजनीति से प्रेरित है। ज्यूडिशियरी को अवामी लीग की लीडरशिप से बदला लेने के लिए एक जरिया बना दिया गया। इस तरह की कोशिशें पहले भी हुईं, तब भी फेल रहीं, अब भी फेल रहेंगी। उन्होंने आगे कहा कि मैं मौत से नहीं डरती हूं। 1975 में मैंने अपने पिता, अपने भाइयों और लगभग अपने पूरे परिवार को खो दिया। 21 अगस्त को मुझे ग्रेनेड से मारने की कोशिश हुई थी। मेरे खिलाफ कई बार साजिशें रची गईं, लेकिन हर बार उससे बाहर आई। उन्होंने आगे कहा कि मैं बांग्लादेश के लोगों के लिए हमेशा खड़ी रही हूं। पांच बार जनता के वोटों से प्रधानमंत्री चुनी गई और देश के विकास के लिए लगातार काम किया। शेख हसीना ने आगे बताया कि अवामी लीग कोई कागज का संगठन नहीं है। यह एक ऐसी ताकत है, जोकि बंगाल की मिट्टी, बंगाल के लोगों, बंगाल के इतिहास और बंगाली राष्ट्र की पहचान में बसी हुई है। 77 साल के इतिहास में अवामी लीग पर कई बार हमले हुए हैं, कई बार खून भी बहा है और उस पर बैन भी लगाया गया, लेकिन हर बार यह लोगों की ताकत से वापस उठ खड़ी हुई है।

जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन पर आज विशेष ग्राम सभाएँ, जल संरक्षण का लिया जाएगा संकल्प

जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन दिवस पर होंगी विशेष ग्राम सभाएँ मुख्यमंत्री के संदेश का किया जायेगा वाचन अभियान अंतर्गत हुए कार्यों का होगा प्रस्तुतिकरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर 19 मार्च से प्रारंभ हुए जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन 30 जून 2026 को होगा। अभियान के दौरान लगभग 3.62 लाख से अधिक कार्यों का क्रियान्वयन किया गया है, जिनमें ग्रामीण, नगरीय, वन, सिंचाई, शिक्षा, औ‌द्योगिक तथा अन्य क्षेत्रों में जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, जल गुणवता परीक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, नदी पुनर्जीवन तथा जन-जागरुकता से संबंधित विविध गतिविधियाँ सम्मिलित हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान 2026" का समापन जिले के प्रभारी मंत्रियों की उपस्थिति में समारोह पूर्वक किया जा रहा है। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया जायेगा सम्मानित अभियान के समापन के अवसर पर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष ग्राम सभा आयोजित कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संदेश का वाचन किया जाएगा और जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत निष्पादित कार्यों, उपलब्धियों तथा लाभान्वित परिवारों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। जन-सहभागिता, श्रमदान एवं नवाचार के माध्यम से उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों, जलदूतों एवं सामुदायिक संगठनों का सम्मान किया जाएगा। जल संरक्षण, जल सुरक्षा, भू-जल संवर्धन तथा वर्षा जल संचयन की भावी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी तथा ग्राम स्तर पर आगामी वर्ष के लिये कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। आगामी 01 जुलाई 2026 से प्रारंभ होने वाली "विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (VBG RAM G)" के विभिन्न आयामों एवं संभावित लाभों के संबंध में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही अभियान के अंतर्गत निर्मित अथवा पूर्ण हुई महत्वपूर्ण जल संरचनाओं का जनप्रतिनिधियों द्वारा लोकार्पण कराया जाएगा।  

Noida Fire News: एसी ब्लास्ट के बाद हाइराइज सोसायटी में भड़की भीषण आग, मची भगदड़

 नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में आग का तांडव जारी है. अब एनसीआर के तहत आने वाले उत्तर प्रदेश के नोएडा में आग लगने की घटना हुई है. नोएडा की एक हाईराइज सोसाइटी में सोमवार की सुबह भीषण आग लग गई. सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग की विकराल लपटों पर काबू पाया।  इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है. घटना नोएडा के सेक्टर 119 स्थित एक सोसाइटी की है. जानकारी के मुताबिक नोएडा सेक्टर 119 की अरण्य सोसाइटी के एक टावर से सोमवार की सुबह धुआं उठता दिखा. देखते ही देखते इसने आग की लपटों का रूप ले लिया. आग लगने की जानकारी आसपास के लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को दी और अपने स्तर से भी आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दीं।  आग की लपटों ने देखते ही देखते पास के एक फ्लैट को भी अपनी चपेट में ले लिया. लोगों ने आसपास के लोगों से भी फ्लैट खाली करने की अपील की. सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं. फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग की विकराल लपटों पर काबू पाया. आग 22वीं मंजिल पर लगी थी और इसकी वजह से आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।  नोएडा के चीफ फायर अफसर भी खुद मौके पर पहुंचे. सीएफओ के साथ ही पुलिस भी मौके पर मौजूद है. इस घटना के पीछे एसी ब्लास्ट को वजह बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि 22वें फ्लोर पर स्थित एक फ्लैट की बालकनी में लगी एसी में विस्फोट हुआ. इसके बाद लगी आग ने पास के एक फ्लैट को भी आगोश में ले लिया।