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MP में अल्पसंख्यकों के नागरिकता आवेदनों की पड़ताल तेज, लंबित मामलों का ब्योरा तलब

ग्वालियर
 मध्य प्रदेश में अल्पसंख्यकों की नागरिकता को लेकर सरकार पड़ताल कर रही है। अल्पसंख्यकों की नागरिकता के कितने आवेदन किस किस जिलों में लंबित हैं, इसको लेकर पूरा डाटा मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने मांगा है। इसको लेकर जनगणना के निदेशक से गृह विभाग ने कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।

प्रदेश के महानगरों में नागरिकता आवेदनों को डील करने वाले अधिकारियों के स्तर पर आंकड़ा क्या है, इसके अलावा नान सीएए अल्पसंख्यक संबंधी आवेदन, जिलेवार और प्रदेश में नागरिकता मामले के आवेदनों को लेकर क्या स्थिति है, यह बारीक आंकड़े मांगे गए हैं।

गृह विभाग के वरिष्ठ अफसरों को पूरी रिपोर्ट जाएगी
गृह विभाग के वरिष्ठ अफसरों को यह पूरी रिपोर्ट जाएगी। इस जानकारी में इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट भी शामिल होगी। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है, जिससे पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) की नागरिकता से जुड़ी प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव किए गए हैं।

जनगणना निदेशक से कई बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी मांगी
नए संशोधन के बाद से ही प्रदेशों और जिलों में इसको लेकर सभी मापदंडों पर पड़ताल बढ़ी और नागरिकता आवेदनों को लेकर अलग अलग स्तर से दिशा निर्देश जारी हुए। गृह विभाग ने जनगणना निदेशक से इसको लेकर कई बिंदुओं पर जानकारी विस्तार से मांगी है । जिससे मौजूदा स्थिति के विषय में पूरी जानकारी का चल सके।

मप्र में लंबित नागरिकता मामलों की स्थिति
इंदौर में कुल लंबित मामलों की संख्या 374 है और आईबी रिपोर्ट लंबित का आंकड़ा 31 है। इसी तरह भोपाल में 55, जलबपुर में आठ, रतलाम में सात, उज्जैन में तीन, होशंगाबाद और विदिशा में दो दो व सीहोर,बालाघाट, बैतूल व मंदसौर में एक एक आवेदन लंबित है। इस तरह जिलों में लंबित नागरिकता मामलों का आंकड़ा 460 है।
नॉन सीएए अल्पसंख्यक संबंधी लंबित आवेदनों की स्थिति

इंदौर में कुल आवेदन संख्या 2896 है। प्रदान की गई नागरिकता 2399 और अस्वीकृत आवेदन 48 है। वहीं लंबित आवेदनों की संख्या 449 है। इसी तरह भोपाल में कुल आवेदन 244, प्रदान की गई स्वीकृति का आंकड़ा 184 और अस्वीकृत आवेदन की संख्या छह है।

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