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डॉ. मुखर्जी ने धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के विचार को किया है क्रियान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सच्चे राष्ट्रभक्त और लोकतंत्र सेनानी थे डॉ. मुखर्जी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. मुखर्जी ने धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक देश एक विधान कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के योगदान का किया स्मरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया। वे लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे सच्चे नेता थे, जिन्होंने लोकतंत्र सेनानी के रूप में कोलकाता और पश्चिम बंगाल को बचाने का कार्य भी किया। उन्होंने राष्ट्रवादी संगठन जनसंघ की स्थापना तो की ही तत्कालीन केंद्र सरकार से स्वयं को अलग करते हुए निर्दलीय रूप से निर्वाचन का निर्णय लिया। शिक्षा के क्षेत्र से सार्वजनिक क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद ऐसी अनेक चुनौतियों का उन्होंने सामना किया जो राष्ट्रभक्त ही किया करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ.मुखर्जी ने कभी असंगत व्यवस्थाओं से समझौता नहीं किया। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम की हिंसा का उत्तर आपरेशन सिंदूर के माध्यम से दिया। स्वतंत्रता के बाद सर्वप्रथम डॉ. मुखर्जी ने ऐसी व्यवस्थाओं का विरोध किया था जो राष्ट्र हित में नहीं थीं। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के जीवन लक्ष्य को पूर्ण करते हुए कश्मीर से धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस तरह डॉ. मुखर्जी के संकल्प " एक निशान, एक विधान और एक प्रधान" को साकार करने का कार्य किया गया है। पूरे राष्ट्र ने एक स्वर से कश्मीर से धारा 370 हटाने का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125 वी जयंती के अवसर पर में "एक देश एक विधान" विषय पर आयोजित वैचारिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डॉ. मुखर्जी के विचार को प्रधानमंत्री मोदी ने किया क्रियान्वित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संविधान के अनुच्छेद 370 का विरोध करते हुए संसद में भाषण दिया था। वे कश्मीर को विशेष दर्जा देने के प्रबल विरोधी थे। उनका मानना था कि कश्मीर हमारे लिए केवल एक भू-भाग नहीं अपितु भारत की आत्मा है। डॉ. अम्बेडकर का भी यही विचार था। डॉ. मुखर्जी का मानना था कि भारत की एकता से कोई समझौता नहीं बल्कि संकल्प है। कश्मीर के मुद्दे पर भारतीय जनसंघ ने सत्याग्रह भी किया। डॉ. मुखर्जी 11 मई 1953 को परमिट सिस्टम का उल्लंघन कर कश्मीर पहुंचे वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और विषम परिस्थितियों में 23 जून 1953 को उनका स्वर्गवास हो गया। यह उनका बलिदान था। डॉ. मुखर्जी ने बताया राष्ट्र के लिए कैसी हो हमारी दृष्टि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रवासियों को यह बताया कि राष्ट्र के लिए हमारी दृष्टि कैसी होनी चाहिए। आज भारत दुनिया का बड़ा लोकतांत्रिक देश है। स्वतंत्रता के समय हुई त्रुटियों को याद रखने की आवश्यकता है। डॉ. मुखर्जी जैसे महापुरूषों के योगदान का इसलिए निरंतर स्मरण करना जरूरी है। आज प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र के शत्रुओं को उनके घर में घुसकर मारने का हौसला रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम के लिए आयोजक और प्रतिभागियों, विशेष रूप से विद्यार्थियों को बधाई दी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजीव कुमार पांडे ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का कश्मीर के मुद्दे पर जो योगदान है उसके बारे में अक्सर चर्चा होती है। डॉ. मुखर्जी का एक दूसरा योगदान भी इतना ही बड़ा है जिस पर कम चर्चा होती है, वह है कोलकाता और पश्चिम बंगाल के संबंध में। कोलकाता भारत का अभिन्न हिस्सा है। पूर्वोत्तर के गलियारे से क्षेत्र के सभी राज्य परस्पर जुड़े हैं। इस इलाके के अस्तित्व को बनाए रखने से पाकिस्तान का भूमि संपर्क नहीं हो सका। आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है। डॉ. मुखर्जी ने इन प्राथमिकताओं और राष्ट्र हित से जुड़े अति-महत्वपूर्ण विषय को समय रहते समझा और आवश्यक संघर्ष किया। इस तरह डॉ. मुखर्जी का योगदान ऐतिहासिक है। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि धरती पर बमुश्किल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसा महापुरूष पैदा होता है। डॉ. मुखर्जी नेहरू जी के मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री थे। नेहरू जी से मतभेदों के चलते डॉ. मुखर्जी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। डॉ. मुखर्जी प्रखर देशभक्त थे। उन्होंने देश की अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रविंद्र यति आदि उपस्थित थे। प्रमुख सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।  

CM साय और डिप्टी सीएम ट्रेन से अंबिकापुर के लिए रवाना हुए ,आज BJP के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे

रायपुर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के मैनपाट में आज से सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के लिए तीन-दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत होने वाली है. इसमें शामिल होने के लिए सीएम विष्णु देव साय इस बार ट्रेन से रवाना हुए. राजधानी रायपुर से अंबिकापुर के लिए रविवार की रात को ट्रेन में सवार हुए. उनके साथ डिप्टी सीएम विजय शर्मा,  सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी भी थे.  उत्साहित दिखे CM रायपुर से अंबिकापुर तक की ट्रेन यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा बेहद उत्साहित दिखे. सीएम ने कहा कि कहा ट्रेन की यात्रा हमेशा स्मृतियों को ताजा कर देती है. इस बार ट्रेन से अंबिकापुर तक जाने का फैसला भी इसीलिए ही लिया है.  ये है कार्यक्रम  बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज मैनपाट में सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के लिए तीन-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे. सीएम ने बताया कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान कई विषयों पर व्याख्यान होंगे.उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समापन समारोह को संबोधित करेंगे.साय ने कहा कि कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी व्याख्यान देंगे. उन्होंने कहा कि यह विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहायक होगा. राजधानी रायपुर से अंबिकापुर तक करेंगे रेल का सफर, ट्रेन यात्रा को लेकर उत्साहित दिखे मुख्यमंत्री, कहा – ट्रेन की यात्रा हमेशा स्मृतियों को ताजा कर देती है .सफर में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी भी मौजूद

प्रदेश में अब तक 255.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज, बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 427.4 मि.मी. वर्षा

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 255.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 427.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 84.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 228.4 मि.मी., सूरजपुर में 272.4 मि.मी., जशपुर में 393.9 मि.मी., कोरिया में 336.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 242.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 418.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 202.0 मि.मी., गरियाबंद में 211.5 मि.मी., महासमुंद में 199.5 मि.मी. और धमतरी में 193.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 188.4 मि.मी., मुंगेली में 222.8 मि.मी., रायगढ़ में 417.1 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 297.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 323.0 मि.मी., सक्ती में 298.8 मि.मी. कोरबा में 325.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 238.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 121.2 मि.मी., कबीरधाम में 143.9 मि.मी., राजनांदगांव में 109.2 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 295.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 132.8 मि.मी., बालोद में 171.5 मि.मी. और बस्तर जिले में 394.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 229.3 मि.मी., कांकेर में 266.4 मि.मी., नारायणपुर में 267.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 368.2 मि.मी. और सुकमा में 179.1 मि.मी. और बीजपुर जिले में 398.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

इंडिया ने रच दिया 93 साल में पहली बार टेस्ट क्रिकेट में यह इतिहास, एक मैच में 1000 रन बनाने वाली बनी पांचवी टीम

एजबेस्टन में भारत बनाम इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया ने कुछ ऐसा कर दिखाया, जो पिछले 93 सालों में कभी नहीं हुआ था। शुभमन गिल की शानदार पारी की बदौलत भारत ने इस मैच में दोनों पारियों को मिलाकर 1000 से ज्यादा रन बना दिए। इससे पहले टेस्ट इतिहास में सिर्फ चार ही टीमों ने ऐसा कारनामा किया है। एजबेस्टन भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का दूसरा मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 336 रनों से जीत हासिल की. मुकाबले में इंग्लैंड को जीत के लिए 608 रनों का टारगेट मिला था, जिसका पीछा करते हुए उसकी पूरी टीम पांचवें दिन के दूसरे सेशन में 271 रनों पर ऑलआउट हो गई. इंग्लैंड की दूसरी पारी में आकाश दीप ने 6 विकेट झटके. शुभमन गिल की कप्तान में ये भारत की पहली जीत रही. शुभमन ने इस मैच में 269 और 161 रन बनाए थे. इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है. सीरीज का तीसरा मुकाबला 10 जुलाई से लॉर्ड्स में खेला जाएगा. विदेश में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत, 58 साल का सूखा खत्म देखा जाए तो भारत ने पहली बार बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर टेस्ट जीत हासिल की है. इससे पहले जो उसने इस मैदान पर 8 टेस्ट मैच खेले थे, उसमें से सात में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था. जबकि एक मुकाबला ड्रॉ पर छूटा. भारतीय टीम ने इस मैदान पर पहला टेस्ट जुलाई 1967 में खेला था, जिसमें उसे 132 रनों से पराजय का मुंह देखना पड़ा था. अब भारत ने 58 साल का सूखा खत्म किया है. भारत की विदेशी जमीन पर ये रनों के लिहाज से सबसे बड़ी टेस्ट जीत भी रही. इससे पहले 2019 में एंटीगा टेस्ट में भारत ने वेस्टइंडीज को 318 रनों से हराया था. बता दें कि भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी 427/6 के स्कोर पर घोषित की थी. मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 587 और इंग्लैंड ने अपनी पहली इनिंग्स में 407 रन बनाए. पहली पारी के आधार पर भारत को 180 रनों की बड़ी लीड मिली थी. इंग्लैंड की ऐसी रही दूसरी पारी विशाल टारगेट का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और उसने 50 रनों तक अपने तीन विकेट गंवा दिए. जैक क्राउली (0) को मोहम्मद सिराज ने आउट किया. वहीं बेन डकेट (25) और जो रूट (6) को आकाश दीप ने चलता किया. इसके बाद ओली पोप और हैरी ब्रूक ने चौथे दिन (5 जुलाई) के खेल में इंग्लैंड को कोई और नुकसान नहीं होने दिया था. पांचवें दिन जब बारिश के खलल के बाद मुकाबला शुरू हुआ तो आकाश दीप ने भारत को जल्द ही सफलता दिला दी. आकाश ने सेट बल्लेबाज ओली पोप को बोल्ड कर दिया, जो 24 रन बना पाए. फिर आकाश ने हैरी ब्रूक (23 रन) को आउट करके भारत को पांचवीं सफलता दिला दी. ब्रूक के आउट होने के बाद बेन स्टोक्स और जेमी स्मिथ ने छठे विकेट के लिए 70 रनों की साझेदारी करके इंग्लैंड को संभालने की कोशिश की. वॉशिंगटन सुंदर ने लंच से ठीक पहले बेन स्टोक्स (33 रन) को आउट करके इस पार्टनरशिप को तोड़ा. लंच के बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने क्रिस वोक्स (7) को आउट किया. वहीं आकाश दीप ने जेमी स्मिथ को आउट करके पारी में पांच विकेट हॉल पूरे किए. आकाश ने पहली बारी टेस्ट पारी में 5 विकेट झटके हैं. स्मिथ ने 99 गेंदों पर 88 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और चार छक्के शामिल रहे. जोश टंग (2) नौवें विकेट के रूप में आउट हुए और उन्हें रवींद्र जडेजा ने चलता किया. वहीं ब्रायडन कार्स (38) को आउट करके आकाश ने भारत को जीत दिला दी. आकाश ने मैच में कुल 10 विकेट झटके. टेस्ट इतिहास में एक मैच में सबसे ज्यादा टीम टोटल (दोनों पारियों को मिलाकर):     इंग्लैंड – 1121 रन बनाम वेस्टइंडीज, किंग्स्टन, 1930     पाकिस्तान – 1078 रन बनाम भारत, फैसलाबाद, 2006     ऑस्ट्रेलिया – 1028 रन बनाम इंग्लैंड, द ओवल, 1934     भारत – 1014 रन बनाम इंग्लैंड, एजबेस्टन, 2025*     ऑस्ट्रेलिया – 1013 रन बनाम वेस्टइंडीज, सिडनी, 1969     दक्षिण अफ्रीका – 1011 रन बनाम इंग्लैंड, डरबन, 1939 अगर शुभमन गिल की बात करें, तो उन्होंने इस मैच में दो शतक जमाकर (269 और 161) अकेले ही 430 रन बना दिए। उनकी शानदार बल्लेबाजी ने भारत को इस ऐतिहासिक माइलस्टोन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। जीत के हीरो  शुभमन गिल- बर्मिंघम में ऐतिहासिक जीत में भारतीय टीम के लिए कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया. कप्तान शुभमन गिल ने मैच की दोनों पारी में सेंचुरी लगाई. गिल ने पहली पारी में 269 रन बनाए और दूसरी पारी में 161 रन बनाए. आकाश दीप- आकाश दीप को सीरीज के पहले टेस्ट मैच में मौका नहीं मिला था. दूसरे मैच में आकाश दीप जसप्रीत बुमराह की जगह पर गए. आकाश दीप ने मैच में बुमराह की कमी खलने नहीं दी. आकाशदीप ने पहली पारी में 4 विकेट लिए और दूसरी पारी में 6 विकेट लिए. बर्मिंघम टेस्ट में जीत में आकाश दीप का बड़ा रोल रहा. मोहम्मद सिराज– आकाशदीप के अलावा बाकी बॉलर्स ने भी शानदार बॉलिंग की. मोहम्मद सिराज इस समय भारतीय टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं. दूसरे मैच की पहली पारी में मोहम्मद सिराज ने आकाश दीप के साथ मिलकर शानदार बॉलिंग की. मोहम्मद सिराज ने पहली पारी में पांच विकेट लिए. रविन्द्र जडेजा- पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन न करने की वजह से ऑलराउंडर रविन्द्र जडेजा की काफी आलोचना हुई थी. बर्मिंघम में रविन्द्र जडेजा ने जीत में अहम रोल निभाया. दोनों पारियों में जडेजा ने गिल के साथ अच्छी पार्टनरशिप की. रविन्द्र जडेजा ने दोनों पारियों में फिफ्टी जड़ी. बॉलिंग में रविन्द्र जडेजा को इस मैच में 1 विकेट मिला. सधी बॉलिंग से जडेजा ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव जरूर बनाया. भारत ने तोड़ा 21 साल पुराना रिकॉर्ड भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड की धरती पर इतिहास रचते हुए 21 साल पुराना … Read more

Mivi ने अपने नए AI बड्स किए लॉन्च, इंसानों की तरह ही कर सकते हैं बात

नई दिल्ली Mivi ने अपने नए AI बड्स लॉन्च किए हैं, जो तकनीक और संगीत का एक अनूठा संगम हैं। कंपनी का दावा है कि ये बड्स जबरदस्त साउंड के साथ AI संग बातचीत का एक्सपीरियंस भी देते हैं। इन बड्स की खासियल है कि यह यूजर्स के साथ न सिर्फ इंसानों की तरह बात कर सकते हैं बल्कि उनकी कई कामों में मदद भी कर सकते हैं। Mivi की ओर से Mivi AI Buds नाम से नए इयरबड्स मार्केट में उतारे हैं। कंपनी का दावा है कि Mivi AI Buds शानदार आवाज के साथ-साथ कमाल के AI एक्सपीरियंस के साथ आते हैं। इन बड्स की खासियत है कि यह अपने यूजर के साथ इंसानों की तरह ही बात कर सकते हैं। इन मेड इन इंडिया बड्स की मदद से बिना किसी स्क्रीन से AI को एक्सेस किया जा सकता है। Mivi AI Buds की कीमत Mivi AI Buds को 6,999 रुपये की कीमत पर लॉन्च किया गया है। इन्हें फ्लिपकार्ट* और Mivi की ऑफिशियल वेबसाइट www.Mivi.in पर खरीदा जा सकता है। चलिए इन बड्स के बारे में डिटेल में जानते हैं। मिवी AI बड्स की खासियत Mivi AI Buds किसी भी आम बड्स से काफी अलग हैं। इसका सीधा सा कारण हैं इनमें मौजूद AI फीचर। इतना ही नहीं कंपनी का कहना है कि इनमें मौजूद AI भी आम AI से काफी अलग है। ये बड्स आपकी बातों को याद रखते हैं, आपकी पसंद को समझते हैं और इंसानों की तरह जवाब देते हैं। आप इनसे नौकरी के इंटरव्यू की तैयारी, खाना बनाने की टिप्स या किसी भी सवाल का जवाब ले सकते हैं। ये 8 भारतीय भाषाओं जैसे कि हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, कन्नड़, मलयालम और गुजराती में यूजर से बात कर सकते हैं। इनके बारे में कंपनी के को-फाउंडर मिधुला देवभक्तुनी का कहना है कि “मिवी AI बड्स के साथ हम एक नया प्रोडक्ट नहीं, बल्कि AI के साथ बातचीत का नया तरीका ला रहे हैं। यह भारत के लिए गर्व का पल है। ये बड्स स्मार्ट और सेंसटिव हैं। हम इस बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “भारत सरकार के 2000 करोड़ रुपये के AI निवेश के साथ, Mivi का यह प्रोडक्ट भारत को दुनिया में AI का बड़ा खिलाड़ी बनाता है।” Mivi AI Buds के फीचर्स Mivi के इन नए ईयरबड्स के फीचर्स की बात करें, तो यह एक नए डिजाइन के साथ आते हैं जो कि कान में आरामदायक और स्टाइलिश महसूस होता है। इनके AI को एक्टिवेट करने के लिए यूजर को बड्स पहनने के बाद “Hi Mivi” कहकर बात शुरू करनी होगी। इन बड्स की सेटिंग्स को Mivi AI App के जरिए बदला जा सकता है। यहां से आप अपने AI की आवाज को अपनी पसंद के मुताबिक सेट कर सकते हैं। इतना ही नहीं मिवी AI में कई खास अवतार हैं, जो अलग-अलग कामों में मदद करते हैं। इनमें पहला है गुरु अवतार जो किसी भी सवाल का आसान जवाब देता है, जैसे अंतरिक्ष, इतिहास या रोजमर्रा की बातें। इसके अलावा इंटरव्यूअर अवतार जो कि इंटरव्यू की तैयारी में मदद करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है। इसके शेफ अवतार और वेलनेस कोच अवतार भी खास हैं जो खाना बनाने में स्टेप बाय स्टेप मदद करने के साथ तनाव या खुशी में आपकी बात सुनता है और बिना जजमेंट के सपोर्ट करता है। इन सबके अलावा इसका एक न्यूज रिपोर्टर अवतार भी आता है। इसकी मदद से आप आपनी पसंद की खबरें, जैसे खेल या विश्व समाचार, आसान भाषा में सुन सकते हैं। Mivi AI Buds के स्पेसिफिकेशन Mivi AI Buds हाई-रेज ऑडियो और LDAC को सपोर्ट करते हैं। इनकी मदद से आप लॉसलेस म्यूजिक का भी आनंद ले पाएंगे। यह 3D साउंड और स्पैटियल ऑडियो जैसी म्यूजिक के अनुभव को खास बनाने वाली टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं। इसमें ANC के लिए क्वाड माइक दिए गए हैं और यह 40 घंटे की बैटरी लाइफ के साथ आते हैं।

यंग इंडिया के तत्वाधान में मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन

रायपुर विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर दिव्यांगजनों को रोजगार देने के उद्देश्य से यंग इंडिया के तत्वाधान में मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन करने जा रहा है. यह कैंप 7 जुलाई को शासकीय आईटीआई सड्डू रायपुर में लगेगा. विशेष रोजगार अधिकारी डॉ. शारदा वर्मा ने बताया कि प्लेसमेंट कैंप सुबह 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित होगा. प्लेसमेंट कैंप में 20 विभिन्न निजी क्षेत्र की राइस मिल, पेट्रोल पम्प, स्पंज आयरन, वेयर हाऊस आदि प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा दिव्यांगजनों की भर्ती की जाएगी. इनका कार्यक्षेत्र उरला, सिलतरा और रायपुर शहर होगा. विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को 10 हजार से लेकर 20 हजार रुपए तक का मासिक वेतनमान दिया जाएगा. इसके अतिरिक्त दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए रोजगार संबंधी परामर्श, पंजीयन और मार्गदर्शन की भी व्यवस्था की गई है. इस अवसर का लाभ उठाने के लिए रायपुर जिले सहित आसपास के 18 से 40 वर्ष तक के योग्य दिव्यांगजन भाग ले सकते हैं. अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा. इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए दिव्यांगजन कार्यालय के दूरभाष नंबर 0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं.

डीजीपी नियुक्ति के बाद प्रशासनिक हलचल तेज, पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल की तैयारी

जयपुर राजस्थान में डीजीपी पद पर आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार शर्मा की नियुक्ति के बाद अब पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार जल्द ही वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं और तबादलों की सूची को अंतिम रूप दे सकती है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और नव नियुक्त डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के बीच संभावित बैठक के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल राज्य में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक सहित कई शीर्ष पद खाली हैं। एसीबी प्रमुख का पद लंबे समय से रिक्त है। इसके अलावा आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अन्य पदों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, जबकि 12 नवआरक्षित आईपीएस अधिकारी हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और पांच अधिकारी अवकाश पर हैं। ऐसे में विभाग में कार्यभार संतुलन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार तैयार कर रही तबादला सूची राज्य सरकार रिक्त पदों को भरने और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है। बताया जा रहा है कि सूची में अधिकारियों की विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर नई जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा। इस फेरबदल के जरिए प्रशासनिक स्थायित्व और दक्षता को मजबूती देने की योजना बनाई गई है। नए डीजीपी से नई उम्मीदें डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस महकमे में बदलाव को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उनके कार्यशैली को लेकर पुलिस विभाग सहित राजनीतिक गलियारों में भी उत्सुकता है। माना जा रहा है कि यह फेरबदल विभाग को नई दिशा देगा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मददगार साबित होगा। विभाग के भीतर पारदर्शी और योग्यता आधारित तबादले की मांग भी उठ रही है। ऐसे में सरकार से तेज़ और सटीक निर्णय की अपेक्षा की जा रही है। संभावित तबादला सूची पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं, जो राजस्थान पुलिस के भविष्य की दिशा और दशा तय कर सकती है।  

राजस्थान में बारिश का कहर जारी, सवाई माधोपुर में बाढ़ जैसे हालात

जयपुर राजस्थान में मानसून का दौर लगातार जारी है। सोमवार को भी प्रदेश के 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटे में सवाई माधोपुर, टोंक, सीकर, नागौर, जयपुर, अजमेर समेत कई जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे ज्यादा बारिश सवाई माधोपुर में प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में दर्ज की गई, जहां 214 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा सवाई माधोपुर शहर में 124 मिमी, बौंली में 130 मिमी, मित्रपुरा में 50 मिमी, खंडार और मलारना डूंगर क्षेत्र में 44 मिमी बारिश दर्ज की गई। चौथ का बरवाड़ा में जलभराव के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। यहां तक कि कलेक्ट्रेट ऑफिस में भी पानी भर गया। राजधानी जयपुर सहित अन्य जिलों में भी तेज बारिश जयपुर, सीकर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, झुंझुनूं सहित अन्य जिलों में 1 से 2 इंच तक वर्षा हुई। बीसलपुर बांध, जो जयपुर को पानी सप्लाई करता है, उसका जलस्तर बढ़कर 313.74 मीटर हो गया है और त्रिवेणी नदी से लगातार पानी की आवक हो रही है। राज्य में अब तक सामान्य से 137 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। 1 जून से 4 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 70.5 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक 167.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

सीजीपीएससी और व्यावसायिक परीक्षा मंडल की सभी भर्ती परीक्षाओं में आवेदकों को करवाना होगा आधार कार्ड से ई-केवाईसी

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) और व्यावसायिक परीक्षा मंडल(व्यापमं) की तरफ से होने वाली भर्ती परीक्षाओं के लिए अब आधार कार्ड के जरिए ई-केवाईसी करवान अनिवार्य होगा। राज्य शासन की तरफ से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। बता दें कि परीक्षाओं में होने वाले फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है। प्रदेश में सीजीपीएससी और व्यापमं ही सबसे ज्यादा भर्ती परीक्षाएं करवाते हैं। भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन करने के समय ही अभ्यर्थी को आधार कार्ड के माध्यम से ई-केवाईसी करवान होगा। परीक्षा केंद्र में आधार कार्ड से मिलान होने के बाद ही अभ्यर्थी को परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। परीक्षाओं में कई बार अभ्यर्थी की जगह दूसरा व्यक्ति बैठकर परीक्षा देता है। ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है। इंजीनियरिंग और मेडिकल के लिए होने वाली जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं में यह व्यवस्था लागू है। इसमें फर्जीवाड़ा होने की संभावनाएं बिल्कुल नहीं रहती है। आवेदन करने के समय ई-केवाईसी करने से अभ्यर्थी का पूरा डेटा पीएससी और व्यापमं के पास पहुंच जाएगा। परीक्षा केंद्रों में थंब लगवाकर पूरी जानकारी का होगा मिलान परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थी से थंब लगवाया जाएगा। थंब लगाते ही अभ्यर्थी का पूरा डेटा दिख जाएगा। इसमें अभ्यर्थी की फोटो भी दिखेगी, साथ ही पूरा डिटेल रहेगा। जिससे अभ्यर्थी की पहचान की जा सकेगी। डेटा मिलान के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने दिया जाएगा। बता दें कि, राज्य की प्रमुख प्रशासनिक सेवाओं में भर्ती के लिए सीजीपीएससी की ओर से हर साल परीक्षा आयोजिक करवाई जाती है। जो कि 3 चरणों में आयोजित होती है। प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू। तीनों चरणों की परीक्षा पास करने के बाद अभ्यार्थी राज्य सेवा में एसडीएम और डीएसपी सहित अन्य पद पर नियुक्त होता है।

राजस्थान में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में राहत, टेंडर के बाद वित्तीय स्वीकृति के लिए नहीं भेजना होगा प्रस्ताव

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार आमजन को भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सुशासन देने के लिए कृत संकल्पित है। विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक त्वरित रूप से पहुंचे, इसके लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। इसी नीति के तहत मुख्यमंत्री के निर्देश पर विकास कार्यों में तेजी लाने तथा प्रक्रिया में लगने वाले समय को न्यूनतम करने के लिए राज्य में अब नई व्यवस्था लागू की गई है। टेंडर के बाद प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए कार्यकारी विभाग द्वारा वित्त विभाग को फाइल भेजने की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। गत सरकार के समय शुरू हुई इस प्रक्रिया के कारण विकास कार्यों के शुरू होने में अनावश्यक विलंब हो रहा था। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य में यह नई व्यवस्था लागू की गई है। विकास कार्यों की घोषणा कर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने में जानबूझ कर देरी करने की नीयत से गत सरकार के समय व्यवस्था की गई कि कार्यकारी विभाग जब कार्य की स्वीकृति के प्रस्ताव के साथ वित्त विभाग को भिजवाता था, तब वित्त विभाग इस स्वीकृति के बजाय कार्य की केवल सैद्धांतिक स्वीकृति देता था। इसके बाद प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए संबंधित कार्यकारी विभाग को प्रस्ताव पुनः वित्त विभाग को भेजना पड़ता था। इस दोहरी प्रक्रिया में 15 से 30 दिन का अतिरिक्त समय लग रहा था। इससे एक ओर विकास कार्य की लागत बढ़ रही थी, वहीं दूसरी ओर आमजन को इनका समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा इस व्यवस्था में सुधार के निर्देशानुसार प्रक्रिया में संशोधन कर इसे प्रभावी बना दिया गया है। अब कार्यकारी विभाग से प्राप्त प्रस्ताव वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत होते ही निविदा उपरान्त कार्यादेश जारी करने के लिए कार्यकारी विभाग को ही सक्षम बना दिया गया है। कार्यकारी विभाग निविदा के उपरांत कार्यादेश राशि के आधार पर प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृत राशि को स्वयं ही पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। अतः प्रक्रिया के दूसरे चरण में पत्रावली वित्त विभाग को प्रेषित करने की आवश्यकता नही रहेगी। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से विकास कार्यों में तेजी आएगी और निर्धारित समय सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ विकास कार्य करवाने का राज्य सरकार का संकल्प धरातल पर साकार हो सकेगा।