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हूती ‘अपने कर्मों की भारी कीमत चुकाते रहेंगे, ‘यमन का अंजाम भी तेहरान जैसा ही होगा: नेतन्याहू

यरुशलम इजरायल ने यमन में हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले तीन प्रमुख बंदरगाहों- हुदैदाह, रस ईसा और सैफ- पर हवाई हमले किए हैं. इन हमलों से पहले इजरायली सेना ने इन क्षेत्रों के नागरिकों को तत्काल निकासी के आदेश जारी किए थे और हवाई हमलों की चेतावनी दी थी. इजरायल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने सोशल मीडिया पर हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि निशाना बनाए गए ठिकानों में एक पावर स्टेशन और 'गैलेक्सी लीडर' नामक एक कमर्शियल शिप भी शामिल है. दो साल पहले इस जहाज को हूती विद्रोहियों ने अपने कब्जे में ले लिया था. इजरायल की मानें तो इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की निगरानी के लिए किया जा रहा था. 'अपने कर्मों की कीमत चुकाते रहेंगे हूती' हूती-नियंत्रित यमन की मीडिया ने पुष्टि की है कि हवाई हमले हुदैदाह बंदरगाह पर हुए, लेकिन क्षति या हताहतों की कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. इस्राइल काट्ज ने बताया कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन ब्लैक फ्लैग' का हिस्सा है और चेतावनी दी कि हूती 'अपने कर्मों की भारी कीमत चुकाते रहेंगे.' उन्होंने एक्स पर कहा, 'यमन का अंजाम भी तेहरान जैसा ही होगा. जो भी इजरायल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे जवाब मिलेगा. जो इजरायल पर हाथ उठाएगा, उसका हाथ काट दिया जाएगा.' 'इजरायली नागरिकों पर हमलों के जवाब में की कार्रवाई'   इजरायल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान समर्थित हूती विद्रोही गाजा के फिलिस्तीनियों के समर्थन में इजरायल पर लगातार मिसाइल हमले कर रहे हैं और लाल सागर में कमर्शियल जहाजों को निशाना बना रहे हैं. इजरायली वायु सेना ने बयान में कहा कि यह ताजा हवाई हमला 'हूतियों की ओर से इजरायल और उसके नागरिकों पर बार-बार किए गए हमलों' की प्रतिक्रिया में किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि हमलों में वे बंदरगाह टारगेट किए गए हैं जिनका इस्तेमाल 'ईरानी शासन से हथियारों की सप्लाई और आतंकवादी साजिशों को अंजाम देने' के लिए किया जा रहा था. जहाज गैलेक्सी लीडर को हूतियों से मुक्‍त कराएगा इजरायल इजरायल ने यमन के हूती नियंत्रित क्षेत्रों में तीन बंदरगाहों और एक बिजली संयंत्र पर हमले किए हैं। इजरायली रक्षा मंत्री ने बताया है कि उनकी आर्मी ने कार्गो जहाज गैलेक्सी लीडर को भी टारगेट किया है। हूतियों ने 2023 में लाल सागर में गैलेक्सी लीडर नाम के जहाज को उस वक्त हाईजैक कर लिया था, जब वह भारत की ओर आ रहा था। इजरायल का कहना है कि गैलेक्सी लीडर पर हूतियों ने रडार सिस्टम लगा रखा है और इसका इस्तेमाल समुद्री जहाजों की निगरानी के लिए हो रहा है। हालांकि इजरायल ने ये साफ नहीं किया है कि हमलों में जहाज को कितना नुकसान हुआ है या वह इसे छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। अक्टूबर, 2023 में गाजा में इजरायल के हमलों के खिलाफ हूतियों ने लाल सागर में हमले शुरू किए थे। हूतियों ने नवंबर, 2023 में तुर्की के कोरफेज से भारत के पिपावाव की ओर आ रहे गैलेक्सी लीडर पर हमला करते हुए इसे अपने नियंत्रण में ले लिया था। इसके बाद हूती इस जहाज को यमन के तट पर ले गए थे। बीते 20 महीने ये यह जहाज हूतियों के नियंत्रण में है। ब्रिटिश कंपनी का है जहाज बहामास के झंडे वाला कार्गो जहाज गैलेक्सी लीडर सीधे इजरायलियों के स्वामित्व या संचालन में नहीं था। यह इजरायली नागरिक रामी उंगर की हिस्सादारी वाली ब्रिटिश कंपनी से एक जापानी कंपनी को पट्टे पर दिया गया था। यह जहाज यूके-पंजीकृत कंपनी रेकार कैरियर्स के स्वामित्व में था। इस कंपनी में इजरायली नागरिकों की हिस्सेदारी के चलते इसे निशाना बनाया गया। गैलेक्सी लीडर पर जिस दिन हमला किया गया, वह तुर्की के बंदरगाह से निकलकर भारत की ओर चला था। जहाज पर यूक्रेनियन, बुल्गारियाई, फिलिपिनो और मैक्सिकन सहित विभिन्न राष्ट्रीयताओं के 25 चालक दल के सदस्य सवार थे। इस जहाज पर कोई भी इजरायली नागरिक नहीं था लेकिन हूतियों ने सभी क्रू सदस्यों को बंधक बना लिया था। 14 महीने बाद हुई क्रू की रिहाई हूतियों ने जहाज को अगवा करने के करीब 14 महीने बाद इसी साल जनवरी में चालक दल को रिहा किया था। यह रिहाई गाजा में इस साल के शुरू में हुए युद्धविराम समझौते के समर्थन में की गई थी। गाजा में इस साल के शुरू में हुए सीजफायर के बाद हूतियों ने क्रू को छोड़ दिया था लेकिन जहाज को अपने कब्जे में रखा है। इजरायल ने ये भी कहा है कि यमन में हालिया हमले तब शुरू किए गए, जब रविवार को लाइबेरिया के झंडे वाला एक जहाज लाल सागर में हमले का शिकार हुआ। हमले के बाद इसमें आग लग गई, जिससे चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। हूतियों ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन इजरायल ने यमन में हमले किए हैं।

भारत रत्न से सम्मानित होंगे तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा, चीन को फिर लगेगी मिर्ची

 नई दिल्ली  तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा इन दिनों लगातार चर्चा में हैं। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 90वां जन्मदिन मनाते हुए दलाई लामा ने अपने उत्तराधिकारी पर बड़ा एलान कर दिया, जिसके बाद चीन की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आना स्वाभाविक था। वहीं, अब दलाई लामा को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने की तैयारी हो रही है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सांसदों के ऑल पार्टी फोरम ने दलाई लामा को भारत रत्न देने का सुझाव दिया है। यही नहीं, 80 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। इसे जल्द ही प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के पास भेजा जा सकता है। सांसद फोरम ने CTA से की मुलाकात तिब्बत पर बनी सर्वदलीय भारतीय संसदीय मंच (All Party Indian Parliamentary Forum on Tibet) ने संयोजक भर्तृहरि महताब की अगवाई में कई बार केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) से मुलाकात की है। वहीं, राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार भी इस पहले में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सुजीत कुमार ने इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत के दौरान कहा-     80 सांसदों ने एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अभी 20 अन्य सांसदों के साइन करवाना बाकी है। 100 सांसदों के हस्ताक्षर होने के बाद इस प्रस्ताव को जमा किया जाएगा। चीन को दिया करारा जवाब दलाई लामा के उत्तराधिकारी पर चीन की टिप्पणी का जवाब देते हुए सुजीत कुमार ने कहा कि चीन को दलाई लामा का उत्तराधिकारी चुनने का कोई अधिकार नहीं है। फोरम ने तिब्बत का मुद्दा अलग-अलग मंचों पर उठाने का फैसला किया है। संसद में भी इसपर बात की जाएगी। उत्तराधिकारी पर चीन की बढ़ी चिंता बता दें कि 2 जुलाई को दलाई लामा ने अपने उत्तराधिकारी की घोषणा करते हुए यह अधिकार गादेन फोडरंग ट्र्स्ट को सौंपा है, जिसकी स्थापना खुद दलाई लामा ने की थी। मगर, चीन ने उनके इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। चीन का कहना है कि दलाई लामा का उत्तराधिकारी चुनना उनका आंतरिक मामला है और यह फैसला चीन की सरकार करेगी। अखबार से बातचीत में फोरम के पूर्व संयोजक और राज्यसभा सांसद सुजित कुमार ने कहा कि समूह दलाई लामा के लिए भारत रत्न की मांग कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी, 'इसकी मांग कर रहे मेमोरेंडम पर 80 से ज्यादा सांसदों से हस्ताक्षर मिल गए हैं और जैसे ही 100 सांसदों के दस्तखत मिल जाएंगे, तो इसे जमा कर दिया जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा है कि दलाई लामा का उत्तराधिकारी चुनने में चीन की कोई भूमिका नहीं है। साथ ही फोरम ने संसद समेत कई मंचों पर तिब्बत से जुड़े मुद्दे उठाने का फैसला किया है। खास बात है कि इस फोरम के 6 सांसद दिसंबर 2021 में हुई निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में शामिल हुए थे। खबर है कि तब चीनी दूतावास ने सांसदों को पत्र लिखा था, जिसमें तिब्बती ताकतों को समर्थन देने से बचने की बात कही गई थी। कौन चुनेगा उत्तराधिकारी तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने बुधवार को कहा था कि दलाई लामा संस्था जारी रहेगी और केवल ‘गादेन फोडरंग ट्रस्ट’ को ही उनके उत्तराधिकारी को मान्यता देने का अधिकार होगा। अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने गुरुवार को कहा कि अगले दलाई लामा पर फैसला सिर्फ स्थापित संस्था और दलाई लामा लेंगे। उन्होंने कहा कि इस फैसले में कोई और शामिल नहीं होगा। चीन को लगी मिर्ची चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने रीजीजू की टिप्पणियों को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए यहां प्रेस वार्ता में कहा कि भारत को 14वें दलाई लामा की चीन विरोधी अलगाववादी प्रकृति के प्रति स्पष्ट होना चाहिए और 'शिजांग' (तिब्बत) से संबंधित मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना चाहिए। चीन तिब्बत का उल्लेख 'शिजांग' के नाम से करता है। माओ ने कहा कि भारत को अपने शब्दों और कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए, शिजांग से संबंधित मुद्दों पर चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करना चाहिए और चीन-भारत संबंधों के सुधार और विकास को प्रभावित करने वाले मुद्दों से बचना चाहिए। माओ ने चीन के इस रुख को दोहराया कि दलाई लामा और तिब्बती बौद्ध धर्म के दूसरे सबसे बड़े धर्म गुरु 'पंचेन लामा' के उत्तराधिकारी के लिए घरेलू प्रक्रिया, ‘स्वर्ण कलश’ से निकाले गए भाग्य पत्र और केंद्र सरकार की मंजूरी के अनुरूप कठोर धार्मिक अनुष्ठानों और ऐतिहासिक परंपराओं के अनुसार होना चाहिए।  

प्रथम स्थान पाने वाले विकास खंड को 2.5 करोड़ रुपए , दूसरे को 1.5 करोड़ रुपए, तीसरे को 1 करोड़ रुपए देगी योगी सरकार

विष्णुपुरा उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'आकांक्षात्मक विकास खण्ड' योजना के तहत वर्ष 2024-25 की वार्षिक डेल्टा रैंकिंग जारी की गई है. जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विकास खंडों को 20 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन विकास खंडों को सम्मानित करेंगे. प्रदेश के नियोजन विभाग की ओर से की गई रैंकिंग में जालौन, रामपुरा (जालौन), देवकली (गाजीपुर), विष्णुपुरा (कुशीनगर) और मड़िहान (मिर्जापुर) विकास खंडों ने टॉप 5 में जगह बनाई है. इन विकास खंडों को उनके समग्र विकास जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचा और सामाजिक प्रगति में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए यह सम्मान दिया जाएगा. रैंकिंग के आधार पर तय हुई राशि प्रोत्साहन राशि को प्रदर्शन के क्रम में बांटा गया है. प्रथम स्थान पाने वाले विकास खंड को 2.5 करोड़ रुपए , दूसरे को 1.5 करोड़ रुपए, तीसरे को 1 करोड़ रुपए और शेष दो टॉप परफॉर्मर्स को 50-50 लाख रुपए दिए जाएंगे. योगी सरकार का मानना है कि इससे अन्य विकास खंडों को भी प्रेरणा मिलेगी और जिलेवार प्रतिस्पर्धा के माध्यम से समग्र ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में जालौन का जलवा रैंकिंग के अनुसार, रामपुरा (जालौन) ने स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि खेसराहा (सिद्धार्थनगर) और जालौन विकास खंड ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान पाया है. शिक्षा के क्षेत्र में भी जालौन और रामपुरा ने पहला और दूसरा स्थान अर्जित किया, जबकि देवकली (गाजीपुर) तीसरे स्थान पर रहा. वहीं बलिया, सोनभद्र और बदायूं के कुछ विकास खंडों का प्रदर्शन शिक्षा व स्वास्थ्य दोनों में कमजोर रहा. कृषि और बुनियादी ढांचे में भी दिखा असर कृषि क्षेत्र में विष्णुपुरा (कुशीनगर) सबसे आगे रहा. जबकि अंबेडकरनगर के टांडा और संभल का संभल विकास खंड भी टॉप तीन में शामिल हुए. बुनियादी ढांचे के विकास में सैदनगर (रामपुर) शीर्ष पर रहा, जबकि नवाबगंज (फर्रूखाबाद) और असफपुर (बदायूं) ने भी उल्लेखनीय सुधार दिखाया. सामाजिक विकास में सैदनगर सबसे आगे सामाजिक विकास श्रेणी में भी सैदनगर (रामपुर) पहले स्थान पर रहा. इसके अलावा पीलीभीत का पूरनपुर, मीरजापुर का मड़िहान, संभल का राजपुरा और चित्रकूट का पहाड़ी विकास खंड भी बेहतर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे. जहां विकास की रफ्तार धीमी रही रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कुछ विकास खंड अब भी पिछड़े हुए हैं. शुकुलबाजार (अमेठी), गौरीबाजार (देवरिया) और निचलौल (महराजगंज) जैसे क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक विकास के क्षेत्र में अब भी तेज़ प्रयासों की आवश्यकता है. सरकार ने संकेत दिए हैं कि इन क्षेत्रों में अतिरिक्त संसाधन और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी.

चिटफंड के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अनुराग वंशल व आरती वंशल को पुलिस ने इंदौर से गिरफ्तार किया

सिंगरौली सिंगरौली (म.प्र.) के निवासी हैं और उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के कई जिलों में लोगों को "पैसा डबल" स्कीम के नाम पर झांसे में लेते थे। सिंगरौली सहित कई जिलों में ठगी का है आरोप ।

राम मंदिर में पहली बार होगा ध्वजारोहण समारोह, प्रधानमंत्री मोदी और हजारों विशिष्ट अतिथि रहेंगे मौजूद

अयोध्या  रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की ऐतिहासिक गूंज अभी भी जनमानस में ताजा है। राम मंदिर ट्रस्ट अब एक और भव्य अध्याय जोड़ने जा रहा है। नवंबर में प्रस्तावित ध्वजारोहण समारोह को लेकर तैयारियों ने गति पकड़ ली है। इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन एक बार फिर अयोध्या को भक्तिभाव, वैदिक अनुष्ठानों और विश्व भर से जुटने वाले श्रद्धालुओं से सराबोर कर देगा। ध्वजारोहण समारोह को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तर्ज पर ही भव्यता प्रदान की जाएगी। मंदिर ट्रस्ट की ओर से मेहमानों की सूची तैयार की जा रही है, जिनमें देश-विदेश के संत, धर्माचार्य, प्रतिष्ठित गणमान्य अतिथि और रामभक्त शामिल रहेंगे। अनुमान है कि हजारों की संख्या में अतिथि इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे। अयोध्या में मेहमानों की आगवानी के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। ट्रस्ट और प्रशासनिक तंत्र ने कमरे बुक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रमुख होटल, धर्मशालाएं और गेस्ट हाउसों में आवास की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी चाक-चौबंद किया जा रहा है। नवंबर में समारेाह के लिए शुभ मुहूर्त भी ज्योतिषियों से निकलवाया जा रहा है। 16 नवंबर व 25 नवंबर दो शुभ तिथियों में से किसी एक तिथि के चयन पर विमर्श हो रहा है।   161 फीट ऊंचे शिखर पर होगा ध्वजारोहण राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर रामध्वज फहराया जाएगा। इसके अलावा परिसर के अन्य सभी मंदिरों के शिखर पर ध्वज फहराया जाएगा। रामध्वज का आरोहण केवल एक प्रतीकात्मक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम की विजय और धर्म की प्रतिष्ठा का उद्घोष होगा। यह आयोजन मंदिर निर्माण की पूर्णता की ओर बढ़ते कदम का संकेत भी माना जा रहा है। ध्वज पताका को वैदिक मंत्रोच्चार, संगीत, और विशेष पूजा विधियों के साथ मंदिर के शिखर पर फहराया जाएगा। कार्यक्रम में विविध प्रकार के अनुष्ठान भी होंगे। रामकथा का भी आयोजन संभव है। इस अवसर पर देश के कई प्रसिद्ध संगीतज्ञ व कलाकार प्रस्तुतियां देंगे, जिससे समारोह की भव्यता बढ़ेगी।  

नई 381 दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर 9500 दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी प्रणाली से जोड़ा गया- मुख्यमंत्री

प्रदेश के 50 प्रतिशत ग्रामों को जोड़ेंगे दुग्ध नेटवर्क से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर किसानों और पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रतिबद्ध  नई 381 दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर 9500 दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी प्रणाली से जोड़ा गया- मुख्यमंत्री  भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर किसानों और पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के 50 प्रतिशत गांवों को दुग्ध नेटवर्क में लाने की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। नई 381 दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर 9500 दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी प्रणाली से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास में पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग के वरष्ठि अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के लिए डेयरी विकास योजना को क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक संशोधन कर अधिक लाभकारी बनाने के निर्देश दिए थे। अब राज्य में दुग्ध उत्पादन की 72 प्रतिशत संभावित क्षमता को कवर करने और बाजार पहुंच को 15प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दुग्ध संग्रहण बढ़ाने, दुधारू पशुओं की नस्ल सुधार, राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से देशी नस्ल के पशुओं के लिए मॉडल फार्म विकसित करने, सांची ब्रांड की लोकप्रियता बढ़ाने, भोपाल दुग्ध संघ के अंतर्गत हीफर रियरिंग सेंटर की स्थापना, दुग्ध उत्पादक किसानों को खरीदे गए दूध की कीमत का समय पर भुगतान, डिजीटाइजेशन वर्क की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। दुग्ध संघों ने बढ़ाई है ढाई से छह रुपए प्रति लीटर राशि इस अवसर पर बताया गया कि प्रदेश के दुग्ध संघों में न सिर्फ दुग्ध संग्रहण बढ़ रहा है, बल्कि किसानों और दुग्ध उत्पादकों का हित भी सुनिश्चित हो रहा है। दुग्ध संघों में दुग्ध मूल्यों में ढाई रुपए से लेकर छह रुपए तक प्रति लीटर वृद्धि का कार्य किया है। प्रदेश में दो दुग्ध संघों जबलपुर और ग्वालियर में दुग्ध संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जबलपुर और ग्वालियर दुग्ध संघ को दुग्ध उत्पादकों के लंबित भुगतान के लिए दो-दो करोड़ रुपए की कार्यशील पूंजी भी उपलब्ध करवाई गई है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के हर कोने को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए संकल्पित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के हर कोने को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और संकल्पों को जमीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर सुशासन की स्थापना की दिशा में निरंतर प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत आधारभूत ढाँचे और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए अनेक योजनाओं को तेज़ी से क्रियान्वित किया जा रहा है।     मुख्यमंत्री साय आज पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के महतारी अलंकरण सम्मान समारोह में वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंडरिया क्षेत्र को समृद्ध, सशक्त और विकसित बनाने की पहल प्रारंभ हो चुकी है। इस दिशा में अनेक योजनाओं और विकास कार्यों की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन किया जा रहा है।     मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने रणवीरपुर में नवीन उप तहसील की स्थापना, आगामी शिक्षा सत्र से बिरेंद्र नगर में महाविद्यालय प्रारंभ करने, पंडरिया में 250 सीटर नवीन नालंदा परिसर, कुण्डा में महाविद्यालय के लिए नवीन भवन और पंडरिया में नवीन नगर पालिका भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-130 ए के 2.1 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण कर इसे 4 लेन में उन्नत किया जाएगा।     कार्यक्रम में 72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अधोसंरचना विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी मुख्यमंत्री के करकमलों से सम्पन्न हुआ। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अंचलों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र अब तक 1,460 ग्राम पंचायतों में स्थापित किए जा चुके हैं और आगामी एक वर्ष में यह सुविधा सभी पंचायतों तक पहुँचाई जाएगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और कम खर्चीला बनाया गया है ताकि आम नागरिकों को किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।     मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रीय विधायक श्रीमती भावना बोहरा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि छात्राओं के लिए 5 निःशुल्क बस सेवाओं की शुरुआत केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि बेटियों के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे अब छात्राओं को महाविद्यालय आने-जाने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पंडरिया के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है, जब 72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण तथा बेटियों के लिए 5 निःशुल्क बसों की शुरुआत हो रही है। यह छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की अनूठी पहल है।     उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में विकास अब केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर गाँव और क्षेत्र में समान रूप से पहुँच रहा है। आने वाला समय छत्तीसगढ़ की प्रगति का नया अध्याय होगा।     लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि यह पहल बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए महत्त्वपूर्ण साबित होगी। निःशुल्क बस सुविधा से छात्राओं को अपने सपनों को साकार करने में और अधिक संबल मिलेगा।     क्षेत्रीय विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने बताया कि पहले 3 निःशुल्क बसों का संचालन किया जा रहा था, जिन्हें अब बढ़ाकर 8 कर दिया गया है। यह सेवा पंडरिया, पांडातराई, पिपरिया, सहसपुर लोहारा एवं कवर्धा के महाविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए संबल बनेगी। उन्होंने कहा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में पिछले डेढ़ वर्षों में लगभग 600 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त हुई है। हरिनाला पुल, बाईपास और अनेक बहुप्रतीक्षित कार्य अब गति पकड़ चुके हैं।     कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और गृह मंत्री विजय शर्मा वर्चुअल रूप से जुड़े। पंडरिया के पीएम स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक श्रीमती भावना बोहरा तथा अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

ग्वालियर में सीनियर रेजिडेंट की भर्ती शुरू, 137 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित

ग्वालियर ग्वालियर कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने सीनियर रेजिडेंट (Senior Resident Vacancy) के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। जो उम्मीदवार इस पद के लिए इच्छुक हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। भर्ती के तहत कुल 137 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।   वॉक इन इंटरव्यू की तारीखें इन पदों के लिए वॉक इन इंटरव्यू 15 और 16 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। इंटरव्यू में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सुबह नौ बजे से 11 बजे तक रिपोर्ट करना होगा। आयु सीमा उम्मीदवार की अधिकतम आयु 45 साल होनी चाहिए। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। शैक्षणिक योग्यता उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से (MBBS Vacancy in MP) एमबीबीएस, पीजी डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए। इसके साथ ही अन्य निर्धारित योग्यताओं का भी पालन अनिवार्य है। आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन के लिए 300 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट बनवाना होगा। एससी, एसटी, दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 75 रुपये निर्धारित किया गया है। जरूरी दस्तावेज आयु प्रमाण पत्र, एमबीबीएस की डिग्री, पीजी डिग्री या डिप्लोमा प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साइज फोटो

18 जुलाई को पीएम कर सकते हैं किसान सम्मान निधि का पैसा ट्रासंफर, बिहार के 76 लाख किसानों का इंतजार खत्म

पटना पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त का इंतजार करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। 18 जुलाई को पीएम किसान सम्मान निधि का 20वीं किस्त किसानों के खाते में आ सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी का 18 जुलाई को बिहार दौरा प्रस्तावित है। हालांकि इसकी अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन, बीजेपी के सूत्रों का कहना है पीएम 18 जुलाई को बिहार आयेंगे। 18 जुलाई को पीएम कर सकते हैं पैसा ट्रासंफर पीएम मोतिहारी से इस दफा किसान सम्मान निधि का 20वीं किस्त ट्रांसफर कर सकते हैं। पीएम मोदी इससे पहले भागलपुर से 24 फरवरी, 2025 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त ट्रांसफर किया था। इसी प्रकार पिछले महीने जून में पीएम मोदी बिहार के सीवान से ही पीएम आवास योजना के लाभार्थियों का पैसा ट्रांसफर किया था। इसको लेकर यह उम्मीद किया जा रहा है कि पीएम मोतिहारी से पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त ट्रांसफर कर सकते हैं।   पीएम मोदी का बिहार दौरा प्रधानमंत्री मोदी अभी विदेश दौरे पर हैं। 9 जुलाई को वो भारत आ रहे हैं। पीएम का बिहार के मोतिहारी में 18 जुलाई को कार्यक्रम प्रस्तावित है। कहा जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी इस दिन बिहार को कई बड़ी सौगात दे सकते हैं। पीएम एक साथ कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। 19वीं किस्त भी बिहार से हुई थी ट्रांसफर पीएम किसान निधि का पैसा प्रधानमंत्री मोदी खुद ही ट्रांसफर करते हैं। इसलिए यह संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि पीएम मोतिहारी दौरा के समय किसानों के लिए गुड न्यूज लेकर आए। इससे पहले पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त 24 फरवरी, 2025 को भागलपुर से करीब 9.8 करोड़ किसानों के खाते में ट्रांसफर किया था। जबकि पीएम किसान की 18वीं किस्त 5 अक्टूबर, 2024 को पीएम मोदी ने महाराष्ट्र से ट्रांसफर किया था। इसी प्रकार पीएम मोदी ने किसान सम्मान योजना की 17वीं किस्त पीएम मोदी ने वाराणसी से, 16वीं किस्त महाराष्ट्र के यवतमाल से और 15वीं किस्त झारखंड के खूंटी से ट्रांसफर किया था। बिहार में कितने किसान पात्र हैं बिहार में 76 लाख 12 हजार 642 किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ा पैसा आयेगा। लेकिन, जिन किसानों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी नहीं कराया है, उन्हें तगड़ा झटका लग सकता है। केंद्र सरकार बार-बार इसे करने के लिए कह रही है। जो लोग पीएम किसान सम्मान निधि के लिए आपने ई-केवाईसी नहीं कराया है वे तत्काल करा लें। इसके साथ ही अपना फार्म भी रजिस्ट्रेशन करा लें। जो ऐसा नहीं करायेंगे उनका पैसा रूक जायेगा। उनको इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। कब-कब मिलते हैं पैसा प्रत्येक साल पहली किस्त 1 अप्रैल से 31 जुलाई, दूसरी किस्त 1 अगस्त से 30 नवंबर और तीसरी किस्त 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच किसानों के बैंक खातों में केंद्र सरकार द्वारा डाल दी जाती है। पैसा नहीं आए तो ऐसे करें चेक     https://pmkisan.gov.in/) अपना रजिस्ट्रेशन स्टेटस चेक करें।     हेल्पलाइन: 011-23381092, 155261 (Toll-free)     गड़बड़ी की शिकायत: pmkisan-ict@gov.in पर ईमेल करें।

श्रीमहाकाल महालोक में सावन माह में प्रतिदिन शाम को होगी सावन की सांस्कृतिक संध्या: सीएम

श्रावण महोत्सव में विभिन्न कलाकारों द्वारा दी जाएंगी आकर्षक प्रस्तुतियां पहली सवारी की थीम होगी वैदिक उद्घोष भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप इस बार भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी और अधिक भव्य रूप में निकाली जाएगी। आगामी श्रावण-भादो-मास में भगवान श्री महाकालेश्वर की निकलने वाली सवारियों की अलग-अलग थीम होगी और पहली सवारी वैदिक उद्घोष की थीम पर होगी। सावन माह में प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित की जाएगी जिसमें प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियाँ भी होगी। भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रथम सवारी 14 जुलाई, द्वितीय सवारी 21 जुलाई, तृतीय सवारी 28 जुलाई, चतुर्थ सवारी 4 अगस्त, पंचम सवारी 11 अगस्त और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी। प्रथम सवारी में पालकी में श्री मनमहेश, द्वितीय सवारी में पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर और हाथी पर श्री मनमहेश, तृतीय सवारी में पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर हाथी पर श्री मनमहेश और गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव, चतुर्थ सवारी में पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव और नंदी रथ पर श्री उमा महेश, पांचवी सवारी में पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव नंदी रथ पर श्री उमा महेश और रथ पर श्री होलकर स्टेट और राजसी सवारी में पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर ,हाथी पर श्री मन महेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव नंदी रथ पर श्री उमा महेश, रथ पर श्री होलकर स्टेट और रथ पर श्री सप्तधान मुखारविंद के रूप में भगवान विराजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश अनुसार इस बार सवारियों में विशेष आयोजन किए जाएंगे। प्रत्येक सवारी की थीम अलग-अलग होगी। प्रथम सवारी वैदिक उद्घोष थीम पर निकाली जाएगी। इस दौरान रामघाट और दत्त अखाड़ा पर बटुकों द्वारा भव्य वैदिक उद्घोष किया जाएगा और बटुकों द्वारा सवारी मार्ग में वैदिक उद्घोष किया जायेगा। इसी के साथ विभिन्न जनजातियों के समूहों द्वारा भगवान श्री महाकाल की सवारी में मनमोहक प्रस्तुती दी जायेगी। द्वितीय सवारी में लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें लोक नृत्य मटकी नृत्य मध्यप्रदेश, गणगौर नृत्य राजस्थान, बिहू नृत्य आसाम, भवाई नृत्य गुजरात, पुलियाट्म या टाइगर नृत्य कर्नाटक की प्रस्तुति रामघाट पर दी जाएगी। भगवान महाकालेश्वर की तीसरी सवारी में पुलिस बैंड, आर्मी बैंड, होमगार्ड बैंड और निजी बैंड के द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी जाएगी। भगवान महाकालेश्वर की चतुर्थ सवारी में पर्यटन की थीम पर मांडू के महल, सांची के स्तूप, खजुराहो के शिव मंदिर, देवी अहिल्या किला महेश्वर, भीमबेटका, ग्वालियर का किला, उदयगिरि की गुफाएं, विदिशा बाग की गुफाएं, धार की झांकियां निकाली जाएंगी। भगवान श्री महाकालेश्वर की पंचम सवारी में धार्मिक थीम रहेगी जिसमें श्री कृष्ण पाथेय और प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों व मंदिरों की झांकी निकाली जाएंगी। साथ ही सवारियों में विभिन्न जिलों के पृथक-पृथक जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति भी दी जाएगी। राजसी सवारी में 70 से अधिक भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रावण महोत्सव हर शनिवार को शाम 7:00 बजे से त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के सभा कक्ष में आयोजित किया जाएगा। श्री महाकाल महालोक में सावन माह में प्रतिदिन शाम को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। श्रावण महोत्सव में इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अतिरिक्त 13 जुलाई से लेकर 16 अगस्त तक 23 दिवसों में (श्रावण महोत्सव के दिन, सवारी के दिन, नाग पंचमी और 15 अगस्त को छोड़कर) श्री महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या नाम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनकी प्रस्तुती श्री महाकाल महालोक परिसर में सप्त ऋषियों की मूर्ति के समीप शाम को 6 बजे से 8 बजे तक दी जाएगी, जिसमें देशभर से 47 कलाकार समूह प्रस्तुति देंगे।श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के द्वारा सवारी मार्ग में हर 200-200 मीटर पर पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा पीए सिस्टम और कैमरे भी मंदिर समिति के द्वारा लगाये जाएंगे।