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भारी बारिश के चलते जबलपुर के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित, बालाघाट के कई गांवों का मुख्यालय से सड़क संपर्क टूटा

 जबलपुर  मध्यप्रदेश के महाकौशल अंचल में 4 दिन से लगातार भारी बारिश हो रही है. जिसके चलते जिले बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण रेड अलर्ट जारी किया गया है.जबलपुर जिले लगातार हो रही बारिश और बरगी बांध के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. गौरीघाट की सड़कों तक पानी आ चुका है. जबकि नरसिंहपुर, नर्मदापुरम सहित कई जिलों के घाट डूब चुके हैं.भारी बारिश को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने आज और कल सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है. जबलपुर में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। इसी बीच मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से अलर्ट जारी करने के बाद जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने आदेश जारी कर अगले दो दिन 7 और 8 जुलाई को जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। जबलपुर व जबलपुर के आसपास के जिलों में लगातार हो रही बारिश से नर्मदा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जो आदेश जारी किया है उसमें लिखा है- जिला जबलपुर में पिछले 48 घंटों से लगातार अतिवृष्टिजारी है तथा मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। अत: विद्यार्थियों को होने वाली परेशानी, जोखिम एवं छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए दिनांक 7 व 8 जुलाई 2025 को जिले के संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई, नवोदय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित जाता है। ये आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। बरगी डैम के गेट खुले मंडला, डिंडौरी, जबलपुर आदि जिलों में हो रही लगातार बारिश के कारण नर्मदा नदी उफान पर आ गई है। नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और तेजी से नदी में बढ़ रहे पानी के कारण रविवार को जबलपुर में बरगी बांध के 9 गेट खोले गए हैं। बरगी बांध के गेट खोले जाने से नर्मदा का जलस्तर निचले इलाकों में और तेजी से बढ़ेगा जिसे देखते हुए जिला प्रशासन के साथ ही बरगी बांध प्रबंधन ने भी नर्मदा से सटे इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। मंडला और डिंडोरी में लगातार हो रही बारिश के कारण रविवार दोपहर को बरगी बांध के 21 में से 9 गेटों को खोल दिया गया. जिससे करीब 52 हजार क्यूसेक पानी को छोड़ा जा रहा है.बरगी डैम के नौ गेट खुलने के बाद फैमिली सहित टूरिस्ट इस विहंगम नजारे को देखने के लिए पहुंच रहे हैं और यादों को संजोने सेल्फी ले रहे हैं. टूरिस्ट पंकज पटेल ने बताया काफी दिनों से गेट खुलने का इंतजार था,       

आसिम मुनीर का ढोंग- पाकिस्तान का दोगलापन, कारगिल युद्ध में मारे गए जिस जवान का शव लेने से किया था इनकार

लाहौर  पाकिस्तान का दोहरा चेहरा एक बार फिर बेनकाब हुआ है। दरअसल, बात शनिवार की है, जब मुल्क के सेना प्रमुख आसिम मुनीर समेत कई बड़े अधिकारियों ने कैप्टन करनाल शेर खान शहीद को श्रद्धांजलि दी। खबरें हैं कि यह वही कैप्टन खान हैं, जिनका शव पाकिस्तान ने स्वीकार तक करने से इनकार कर दिया था। पाकिस्तानी सेना के प्रमुख कैप्टन खान को करगिल युद्ध के दौरान दिए गए योगदान को याद कर रहे थे। मुनीर समेत बड़े सैन्य अधिकारियों ने 26 वें शहीद दिवस पर कैप्टन खान को याद किया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जब द्रास सब सेक्टर में टाइगर हिल में कैप्टन खान का शव मिला था, तो पाकिस्तान ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। खास बात है कि भारतीय दूतावास की एक पुरानी विज्ञप्ति से पता चला है कि पाकिस्तान ने करगिल की हिमाकत में मुल्क के नियमित सैनिकों के शामिल होने से इनकार किया था। इसके तहत ही पाकिस्तान ने भारत की तरफ से जानकारी दिए जाने के बाद भी खान को पहचानने से मना कर दिया था। रिपोर्ट में वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास की तरफ से 15 जुलाई 1999 में जारी की गई विज्ञप्ति के हवाले से यह बात कही गई है। खबर है कि भारत ने 12 जुलाई को पाकिस्तान से संपर्क किया था और कहा था कि वह पाकिस्तान सेना को शव सौंपना चाहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दूतावास ने बयान दिया था, 'यह साफ है कि पाकिस्तान इन शवों की पहचान के बारे में जानता है, लेकिन वह इसे स्वीकार नहीं करना चाहता है। क्यों कि इससे उनकी सेना के करगिल में शामिल होने का पर्दाफाश हो जाएगा। ऐसा करने से वो अपने सैनिकों को परिवारों के प्रति और हर जगह सशस्त्र बलों की परंपराओं का अपमान कर रहे हैं।' कब माना पाकिस्तान खबर है कि 13 जुलाई को ICRC यानी इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेड क्रॉस ने भारत से संपर्क किया और कहा कि पाकिस्तान ने उनसे भारत से बातचीत करने का अनुरोध किया है, ताकि दो अधिकारियों के शव उन्हें सौंपे जा सकें। तब दूतावास ने बयान जारी किया था, 'पाकिस्तान के पास जानकारी होने के बाद भी उनकी तरफ से किए गए अनुरोध में दो अधिकारियों के नाम और पहचान नहीं बताए गए हैं। इसका कारण स्पष्ट है। पाकिस्तानी अधिकारियों को एहसास हो गया है कि अगर वो इन दो अधिकारियों की पहचान मान लेते हैं, तो उनका झूठ पकड़ा जाएगा कि पाकिस्तानी सेना करगिल में शामिल नहीं थी।' भारतीय सेना के अफसर की इंसानियत को सलाम  पाकिस्तान की सेना ने आज कैप्टन कर्नल शेर खान को उनकी 26वीं शहादत के मौके पर श्रद्धांजलि दी है। कैप्टन कर्नल शेर खान, पाकिस्तानी सेना के वही जवान हैं, जिनकी बहादुरी के कायल भारत के अधिकारी हो गये थे और पाकिस्तानी सेना से उन्हें सम्मानित करने की सिफारिश की थी। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर, संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष, वायु सेना प्रमुख, नौसेना प्रमुख और पाकिस्तान के सशस्त्र बल कैप्टन कर्नल शेर खान शहीद को उनकी 26वीं शहादत के मौके पर श्रद्धांजलि दी है। भारतीय अधिकारी की सिफारिश पर उन्हें पाकिस्तानी सेना का सर्वोच्च सम्मान निशान-ए-हैदर दिया गया था। पाकिस्तानी सेना के कैप्टन कर्नल शेर खान की वीरता को उस समय सम्मान मिला, जब भारतीय सेना के ब्रिगेडियर एम. पी. एस. बजवा ने खुद एक सिफारिश-पत्र उनके शव के साथ उनके कपड़ों की जेब में रखकर लौटाया था, ताकि पाकिस्तान सरकार को उनकी वीरता का पता चल सके कारगिल युद्ध में हार के बाद पाकिस्तान ने अपने मरे हुए सैनिकों को कारगिल की ही पहाड़ी पर छोड़ दिया था। युद्ध में मारे गये कैप्टन खान को भी शुरू में उनके देश ने छोड़ दिया था। क्योंकि पाकिस्तान शुरू में ये मानने के लिए तैयार नहीं था कि कारगिल में पाकिस्तानी सैनिक लड़ रहे हैं। लेकिन फिर पाकिस्तान ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान सेना के जवान ही कारगिल में लड़ रहे हैं, तो उसके बाद कर्नल शेर खान को निशान-ए-हैदर दिया गया। ब्रिगेडियर एम.पी.एस. बाजवा, जो उस वक्त 192 माउंटेन ब्रिगेड की कमान संभाल रहे थे, उन्होंने ही कर्नल शेर खान को सम्मानित करने की सिफारिश की थी। कारगिल युद्ध में टाइगर हिल की लड़ाई दिप्रिंट की एक रिपोर्ट में बात करते हुए ब्रिगेडियर बाजवा ने कहा था कि "उनकी ब्रिगेड को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण टाइगर हिल पर कब्जा करने का काम सौंपा गया था। उन्होंने यह जिम्मेदारी 18 ग्रेनेडियर्स को सौंपी, जो पहले टोलोलिंग की लड़ाई में शामिल थी और जिसमें लगभग 60 लोग हताहत हुए थे और 8वीं बटालियन सिख रेजिमेंट, जो पहले से ही टाइगर हिल के आस-पास के मजबूत बेस में थी, वो पहले की झड़पों में लगभग 25 लोग खो चुकी थी।" उन्होंने कहा कि "मैंने 18 ग्रेनेडियर्स को उनकी घातक प्लाटून और दक्षिण-पश्चिम और पूर्व की अन्य कंपनियों के साथ टाइगर हिल टॉप पर कब्ज़ा करने का काम सौंपा था। मैंने 8 सिख के कमांडिंग ऑफिसर को चेतावनी दी थी कि वे टाइगर हिल टॉप पर किसी भी तरह के जवाबी हमले को रोकने के लिए दक्षिण-पश्चिमी रिज लाइन पर दो अधिकारियों के साथ लगभग 50 कर्मियों को तैनात रखें।" 4 जुलाई 1999 को 18 ग्रेनेडियर्स के कैप्टन बलवान सिंह के नेतृत्व में घातक प्लाटून टाइगर हिल टॉप पर कब्जा करने में कामयाब रही, लेकिन लड़ाई उसके बाद भी जारी थी और 18 ग्रेनेडियर्स के अन्य सैनिकों को प्लाटून का समर्थन करने के लिए भेजा गया था। ब्रिगेडियर बाजवा ने कहा कि "इस बीच, दक्षिण-पश्चिमी रिज लाइन से संभावित जवाबी हमले की आशंका के चलते, मैंने 8 सिख रेजिमंट को, जिसमें 52 सैनिक थे, उन्हें कब्जा करने का आदेश दिया।" कर्नल शेर खान के लिए सम्मान की सिफारिश इस दौरान कैप्टन शेर खान, जिनकी पोस्टिंग कारगिल के टाइगर हिल और बटलिक सेक्टर के बीच थी, उन्होंने अपने आखिरी दम तक अदम्य साहस और नेतृत्व का परिचय दिया। जब भारतीय सेना ने उनकी चौकी पर कब्जा किया, तो पता चला कि वे आखिरी सांस तक अपने साथियों के साथ मोर्चे पर डटे रहे। इस वीरता ने ब्रिगेडियर बजवा के मन एक दुश्मन सैनिक के लिए सम्मान पैदा कर दिया और उन्होंने अपने 'दुश्मन' की बहादुरी को … Read more

एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर अंतिम फैसला आज, हाईकोर्ट में सुनवाई

जयपुर राजस्थान की बहुचर्चित एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर आज का दिन बेहद अहम है। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच इस मामले में आज यानी 7 जुलाई को अपना फैसला सुनाने वाली है। यह फैसला तय करेगा कि क्या यह भर्ती प्रक्रिया रद्द होगी या फिर बहाल रहेगी। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में स्पष्ट किया था कि अगली सुनवाई में वह अंतिम निर्णय देगा। क्या है पूरा मामला? साल 2021 में राजस्थान पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के 859 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इस भर्ती में पेपर लीक, डमी कैंडिडेट की भागीदारी और संगठित तरीके से घोटाले की शिकायतें सामने आई थीं। परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो गया था और कुछ अभ्यर्थियों की जगह डमी कैंडिडेट परीक्षा में बैठाए गए थे। इन गड़बड़ियों के बाद मामला तूल पकड़ गया और राजस्थान सरकार ने विशेष अभियान दल को इसकी जांच सौंपी। घोटाले में अब तक की कार्रवाई में 50 ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर और राजस्थान लोक सेवा आयोग के दो सदस्यों समेत कुल 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके कारण न केवल अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है, बल्कि राज्य की चयन प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान सरकार ने हाल ही में कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि सरकार की इस भर्ती को रद्द करने की कोई मंशा नहीं है। सरकार का कहना है कि वह दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के पक्ष में है, लेकिन निर्दोष अभ्यर्थियों को सजा नहीं देना चाहती। आज कोर्ट में तीन मुख्य बिंदुओं पर फैसला संभावित होगा। पहला भर्ती प्रक्रिया की वैधता को लेकर विचार किया जाएगा कि क्या पेपर लीक की वजह से पूरी भर्ती रद्द होनी चाहिए? दूसरा दोषी ट्रेनी एसआई को सेवा में बनाए रखा जाएगा या नहीं? और तीसरा- क्या चयन की पूरी प्रक्रिया दोबारा होगी या केवल दोषियों को हटाया जाएगा? भर्ती को लेकर पिछले तीन वर्षों से लड़ रहे हजारों अभ्यर्थी आज कोर्ट के फैसले पर निगाहें टिकाए बैठे हैं। कई अभ्यर्थी ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं और ड्यूटी पर हैं, वहीं कुछ की नियुक्ति अब भी रुकी हुई है। आज आने वाला फैसला न केवल एसआई भर्ती 2021 के भविष्य को तय करेगा, बल्कि राजस्थान में अन्य लंबित या विवादित भर्तियों के लिए भी एक मॉडल निर्णय बन सकता है।

छत्तीसगढ़ के परिवार का शहडोल में एक्सीडेंट , 3 महिलाओं की मौत, चार लोग गंभीर

शहडोल/रायपुर मध्यप्रदेश में रफ्तार का कहर थम नहीं रहा है। तेज रफ्तार वाहनों के अनियंत्रित होने से रोज रोज सड़क हादसे हो रहे हैं। ताजा मामला प्रदेश के शहडोल जिले का है जहां भीषण सड़क हादसे में तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई 4 लोग गंभीर रूप से घायल है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। दरअसल घटना शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के जोरा की है। अयोध्या दर्शन कर लौट रहे परिवार का वाहन पेड़ से टकरा गया। इस हादसे में तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। चार लोगों की हालत गंभीर है। गंभीर लोगों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल ब्यौहारी के डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया है। मृतकों में गायत्री कवर 55, मालती पटेल 50 एवं इंदिरा बाई शामिल है। सभी छत्तीसगढ़ की रहने वाली और अयोध्या दर्शन कर लौट रहीं थीं। बताया जाता है कि तूफान वाहन में कुल 20 लोग सवार थे।

श्रद्धालुओं को सेव टमाटर की जगह परोसा मटन, राजवीर के नाम से जावेद चला रहा था ढाबा; जांच में चौंकाने वाला खुलासा

 खंडवा मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में धूनीवाले दादाजी धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल गुरु पूर्णिमा पर्व पर धूनीवाले दादाजी धाम में दर्शन के लिए पूरे देश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु खंडवा पहुंच रहे हैं। धार्मिक आस्था से ओतप्रोत इन भक्तों का स्वागत जगह-जगह निशुल्क भंडारों और जलसेवा के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन इस श्रद्धा और भक्ति के माहौल को ठेस पहुंचाने वाली एक गंभीर और संवेदनशील घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, रविवार को बोरगांव बुजुर्ग गांव से पैदल यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं का एक समूह खंडवा के पंधाना थाना क्षेत्र के डुल्हार गांव के पास स्थित राजवीर ढाबा पर भोजन के लिए रुका। उन्होंने ढाबे से सेव टमाटर की सब्जी और रोटी मांगी, परंतु परोसे गए भोजन में मटन की मिलावट पाई गई। जब श्रद्धालुओं ने सब्जी में मांस के टुकड़े देखे, तो वे भड़क उठे और मौके पर हंगामा हो गया। सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंचे और पंधाना पुलिस को मामले से अवगत कराया गया। जांच में सामने आया कि ‘राजवीर ढाबा’ नाम से चल रहे इस प्रतिष्ठान को मुस्लिम युवक जावेद चला रहा था। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने किचन में जाकर की जांच निशान यात्रा लेकर खंडवा रहे श्रद्धालुओं की शिकायत पर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने राजवीर ढाबा पहुंचकर यहां किचन में जाकर जब जांच किया, तब यहां स्थिति बिल्कुल अलग थी। एक ही बर्तन में नॉनवेज और भेज दोनों रखे हुए थे। तत्काल हिंदू जागरण के कार्यकर्ताओं ने यहां खंडवा एसपी को घटना की जानकारी दी और ढाबा संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जांच के लिए अधिकारी पहुंचे घटना में के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई नहीं होने पर हाईवे जाम की धमकी दी थी। कार्यकर्ताओं की धमकी को तत्काल ध्यान रखते हुए प्रधान थाना प्रभारी दिलीप देवड़ा खंडवा डीएसपी हेडक्वार्टर अनिल चौहान मौके पर पहुंचे। डीएसपी हेडक्वार्टर ने यहां तहसीलदार को भी मौके पर बुलाया और इस मामले में गंभीरता से जांच की। जांच में रसोईया जावेद ने बताया कि वह अक्सर एक ही तेल और एक ही बर्तन में वेज नॉनवेज खाना बनाया करते हैं। इस बात से प्रशासन ने और भी नाराजगी जताई। जांच के बाद तत्काल ढाबा किया गया सील खंडवा जिला प्रशासन की जांच के बाद राजवीर ढाबा को सील कर दिया गया। इस मामले में खंडवा जिला प्रशासन ने ऐसे जितने भी वेज और नॉनवेज ढाबे हैं, जिससे लोगों की आस्था आहत हो सकती है, उसकी जांच करने का आश्वासन दिलाया है। खंडवा डीएसपी अनिल चौहान ने कहा है किसी की भी आस्था को आहत नहीं होने दिया जाएगा। ढाबा संचालक के खिलाफ थाने में किया गया मामला दर्ज इस पूरे मामले में खंडवा जिला प्रशासन ने सराहनीय भूमिका निभाते हुए तत्काल कोई बड़ा बवाल ना हो। इसलिए मामले के गंभीरता से जांच कर ढाबा संचालक जावेद जो ढाबा का नाम बदलकर लंबे समय से यह ढाबा संचालित कर रहा था, उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 और 196 के तहत fir दर्ज कर ली है। जावेद को प्रधान पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है। उसे सोमवार को खंडवा न्यायालय में पेश किया जाएगा। प्रशासन की सख्त कार्रवाई घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम पंधाना दिनेश सावले और एसडीएम खंडवा बजरंग बहादुर सिंह ने तत्काल मौके पर पहुंचकर ढाबे को सील करने के आदेश दिए। पुलिस ने ढाबा संचालक जावेद और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में ले लिया, और पूछताछ के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध शराब भी जब्त की गई है। सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों में आक्रोश मामले से कई संगठनों में आक्रोश रहा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए मांग की है कि जिले के सभी ढाबों और होटलों पर संचालकों के नाम स्पष्ट रूप से दर्शाए जाएं। गुरु पूर्णिमा पर्व के दौरान तीन दिनों तक खंडवा जिले में मांस और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तर्ज पर मांग घटना के बाद जिले में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरह धार्मिक स्थलों और मेलों के दौरान विशेष निगरानी और प्रतिबंध लागू करने की मांग तेज़ हो गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आस्था की रक्षा के लिए प्रशासन से सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की अपेक्षा की जा रही है। बता दें कि हर साल धूनीवाले दादाजी की समाधि पर शीश नवाने के लिए हजारों श्रद्धालु खंडवा पहुंचते हैं। पैदल यात्राओं के मार्ग में भंडारे और सेवा केंद्र लगते हैं। 

भीषण सड़क हादसा अयोध्या दर्शन से लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी पेड़ से टकराई, 3 महिलाओं की मौत, 15 घायल

शहडोल  मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं का टेम्पो ट्रैक्स वाहन (CG 10 BP 8657) अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराया, जिसमें तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा ब्यौहारी थाना क्षेत्र के जोरा गांव के समीप सोमवार सुबह करीब 4:40 बजे हुआ। हादसे के वक्त वाहन में कुल 20 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल थे। बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जो अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। मृतकों में तीनों महिलाएं, 15 अन्य घायल इस हादसे में जिन तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हुई, उनकी पहचान गायत्री कंवर (55), मालती पटेल (50) और इंदिरा बाई के रूप में हुई है। वहीं अन्य 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल ब्यौहारी अस्पताल लाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया गया है।

सेंट्रल जेल के कैदियों को मिलेगी नई सुविधा, 16 नए वीसी रूम का निर्माण कार्य शुरू, इसी से पेशी भी होगी

भोपाल भोपाल सेंट्रल जेल जल्द ही पहले से अधिक हाईटेक होने जा रहा है। अब तक यहां केवल 11 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम होते थे। जिसके माध्यम से आतंकियों और हाईप्रोफाइल कैदियों की ही पेशी करा पाना जेल प्रशासन के लिए संभव होता था। जल्द यहां 16 नए वीसी रूम का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। इसके लिए मुख्यालय से बजट पास कर दिया गया है। इसका उद्देश्य कैदियों को अदालत में पेशी के लिए जेल से बाहर ले जाने की आवश्यकता को कम करना है, और सुरक्षा, दक्षता में सुधार करना है। मुलाकात प्रक्रिया आसान होगी जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि यह कदम कैदियों को उनके परिवार से जोड़े रखने और उन्हें सामाजिक रूप से जुड़े रहने में मदद करेगा। साथ ही, इससे जेलों में मुलाकातों की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी, जिससे कैदियों और उनके परिजनों दोनों को सुविधा होगी। वीसी रूम के माध्यम से, कैदियों को अदालत में शारीरिक रूप से पेश होने की आवश्यकता कम होती है। सुरक्षा जोखिम कम होता है वीसी से पेशी कराने पर सुरक्षा जोखिम कम होता है। वीसी के माध्यम से, कैदी अपने परिवार और दोस्तों से आसानी से मिल सकते हैं, जिससे उनके मानसिक सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वीसी अदालती कार्यवाही और अन्य जेल गतिविधियों को अधिक कुशल बना सकता है। वीसी के उपयोग से यात्रा और सुरक्षा लागतों को कम किया जाने में भी फायदा मिलेगा। हाल ही में हाई सिक्योरिटी सेल का भी निर्माण हुआ है हाल ही में जेल में 12 नई हाई सिक्योरिटी सेल का निर्माण कराया गया है। जिसके लिए 1.20 करोड़ का बजट पारित हुआ था। करीब दो साल में यह हाई सिक्योरिटी सेल बनकर तैयार हुई हैं। जल्द ही इनमें कुख्यात आतंकियों को शिफ्ट किया जाएगा। हाई सिक्योरिटी सेल में क्षमता से अधिक कैदी बंद जेल में हाई सिक्योरिटी सेल की क्षमता 58 हैं। वर्तमान में 69 आतंकियों को यहां रखा गया है। जल्द नई हाई सिक्योरिटी सेल में भी आतंकियों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग की ली समीक्षा बैठक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आवास एवं पर्यावरण विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अतंर्गत संचालित कार्यो की जानकारी लेते हुए अधिकरियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वित्त एवं आवास पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव आवास एवं पर्यावरण अंकित आंनद, एन आर डी ए के सी.ई.ओ चंदन कुमार, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त अवनीश शरण, रायपुर विकास प्राधिकरण के सी.ई.ओ. आकाश छिकारा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर का सुव्यवस्थित विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है। नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित विकास किया जायेगा। नवा रायपुर देश की सबसे आधुनिक व खुबसूरत राजधानी है। देश के आई.आई.एम., ट्रिपल आई.टी., नेशनल लॉ विश्वविद्यालय जैसे शीर्ष शिक्षण संस्थान यहां स्थापित किए गए हैं। भविष्य में नवा रायपुर में बसाहट और बढ़ेगी इसलिए यह आवश्यक है कि आगमाी जरूरतों के हिसाब से यहां नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। भारत सरकार द्वारा परमालकसा – खरसिया नई रेलवे लाईन का निर्माण बलौदाबाजार जिले से होकर किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस रेल लाईन को नवा रायपुर से जोड़ने की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि इससे नवा रायपुर में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा और आम नागरिको को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने भारत माला परियोजना के अंतर्गत विशाखापट्टनम को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण विकास के साथ आयात और निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु नवा रायपुर अटल नगर में एक लॉजिस्टीक हब की निर्माण आवश्यकता पर बल दिया। अधिकाारियों ने बाताया कि छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण लगभग 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसके बनने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी 100 कि.मी. कम हो जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कि नई औद्योगिक नीति से बड़ी संख्या में निवेशक आकर्षित हो रहे है। इससे यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में ऑक्सीजोन निर्माण के अंतर्गत पीपल, बरगद, करंज, नीम, अशोक, अमलतास, गुलमोहर आदि पौधों के रोपण एवं ग्रोथ कि जानकारी ली। बैठक मे अधिकरियों ने बताया कि नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य में राज्य सरकार के विभिन्न आयोग-बोर्ड-निगम आदि के लिए आयोग बिडिंग कॉम्पलेक्स तैयार करने की योजना है। इसके अलावा काम-काजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, 100 बिस्तर अस्पताल, नवा रायपुर में एक और नवीन थाना की स्थापना का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर क्षेत्र में नवीन भवनों के निर्माण के लिए आबंटित भू-खण्डों का समूचित उपयोग किया जाए।  मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत शामिल – छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा), रायपुर विकास प्राधिकरण के काम-काज की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

NIA को मिली बड़ी सफलता, खालिस्तानी आतंकी हैप्पी पासिया लाया जा रहा भारत

नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को एक बड़ी कामयाबी मिली है. खालिस्तानी आतंकी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया को अमेरिका के सैक्रामेंटो में गिरफ्तार कर लिया गया है. उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय एजेंसियां जल्द ही उसे भारत लाने की प्रक्रिया पूरी कर रही हैं. हैप्पी पासिया को 17 अप्रैल को अमेरिका में एफबीआई और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की संयुक्त कार्रवाई में हिरासत में लिया गया था. वह अब दिल्ली हवाई अड्डे के रास्ते भारत लाया जा रहा है. हैप्पी पासिया पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के साथ मिलकर पंजाब में कई आतंकी वारदातों को अंजाम देने का आरोप है. पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ लगातार खुफिया जानकारी साझा कर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी थी. एनआईए ने चंडीगढ़ में सितंबर 2024 में हुए ग्रेनेड हमले के सिलसिले में उस पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा था. यह हमला एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के घर पर किया गया था. हैप्पी पासिया की आतंकी गतिविधियों का सिलसिला लंबा है. वह 2023 से 2025 के बीच पंजाब में 16 से अधिक आतंकी घटनाओं में शामिल रहा, जिनमें 14 ग्रेनेड हमले, एक IED विस्फोट और एक रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) हमला शामिल है. इनमें से कई हमले पुलिस स्टेशनों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक हस्तियों के घरों को निशाना बनाकर किए गए. कुछ प्रमुख घटनाएं 27 नवंबर, 2024: गुरबख्श नगर की बंद पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला. 2 दिसंबर, 2024: SBS नगर के काठगढ़ थाने पर ग्रेनेड विस्फोट, जिसमें तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया गया. 4 दिसंबर, 2024: मजीठा थाने पर ग्रेनेड हमला, जिसे पुलिस ने टायर फटने की घटना बताने की कोशिश की. पूर्व विधायक बिक्रम मजीठिया ने इसे आतंकी हमला करार दिया. 13 दिसंबर, 2024: अलीवाल बटाला थाने पर ग्रेनेड विस्फोट, जिसकी जिम्मेदारी हैप्पी पासिया ने ली. 17 दिसंबर, 2024: इस्लामाबाद थाने पर ग्रेनेड हमला. शुरू में पुलिस ने इसे नकारा, लेकिन DGP पंजाब ने इसे आतंकी घटना माना. 16 जनवरी, 2025: जैंतीपुर गांव में शराब कारोबारी अमनदीप जैंतीपुरिया के घर पर ग्रेनेड हमला. 19 जनवरी, 2025: गुमटाला चौकी पर विस्फोट, जिसकी जिम्मेदारी BKI ने ली. 3 फरवरी, 2025: फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर बंद पुलिस चौकी पर लो-इंटेंसिटी विस्फोट. 14 फरवरी, 2025: डेरा बाबा नानक में पुलिसकर्मी के घर पर लो-इंटेंसिटी धमाका. 15 मार्च, 2025: ठाकुरद्वारा मंदिर पर हमला, जिसमें आरोपी गुरसिदक सिंह मुठभेड़ में मारा गया. अमृतसर का रहने वाला पासिया हैप्पी पासिया अमृतसर के पासिया गांव का रहने वाला है. उसने शुरू में जग्गू भगवानपुरिया गैंग के साथ काम किया और बाद में पाकिस्तान स्थित BKI आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के साथ जुड़ गया. दोनों ने मिलकर पंजाब में आतंक और उगाही का नेटवर्क खड़ा किया, जिसमें शराब ठेकेदारों, कारोबारियों और हिंदू नेताओं को निशाना बनाया गया. सूत्रों के अनुसार हैप्पी पासिया ISI के शीर्ष अधिकारियों के संपर्क में था और खालिस्तानी समूहों से उसे पूरा समर्थन मिल रहा था. वह 2018 में दुबई गया, 2019 में भारत लौटा, फिर 2020 में यूके और 2021 में मेक्सिको के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका पहुंचा. उसने बर्नर फोन और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर अपनी गतिविधियों को छिपाया. NIA ने उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत चार्जशीट दाखिल की है.हैप्पी पासिया की गिरफ्तारी को पंजाब पुलिस ने ISI समर्थित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है. अब भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेजी से चल रही है. यह कदम भारत-अमेरिका आतंकवाद विरोधी सहयोग को और मजबूत करता है.

छांगुर बाबा अवैध धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार, ईडी करेगी विदेशी फंडिंग की जांच, 100 करोड़ का मालिक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश एटीएस ने अवैध धर्मांतरण मामले में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया है। एटीएस की टीम ने छांगुर बाबा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी संपत्ति और नेटवर्क की परतें उधेड़ दी हैं। छांगुर बाबा एक समय सड़कों पर नग और अंगूठी बेचने का काम करता था। आज यह व्यक्ति 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का मालिक बन बैठा है। एटीएस की जांच में छांगुर बाबा और उसकी फर्जी संस्थाओं के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का पता चला है। ईडी को सौंपी गई रिपोर्ट उत्तर प्रदेश एटीएस टीम ने अपनी डि़टेल्ड जांच रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंप दी है। अब ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच कर सकता है। एटीएस ने रिपोर्ट में बताया गया कि छांगुर बाबा ने पिछले 5-6 वर्षों में चौंकाने वाली गति से 100 करोड़ की दौलत और धर्मांतरण नेटवर्क खड़ा किया। आलीशान कोठियां, लग्जरी गाड़ियां और एक कॉलेज खोलने की योजना इसी का हिस्सा थीं। मधुपुर कोठी बना नेटवर्क का अड्डा बलरामपुर के मधुपुर गांव के छांगुर बाबा की आलीशान कोठी अवैध धर्मांतरण नेटवर्क का मुख्य अड्डा थी। इसी कोठी से पूरे भारत में फैले नेटवर्क का काम होता था। जांच में पता चला है कि छांगुर बाबा ने इसी परिसर में डिग्री कॉलेज शुरू करने की योजना भी बनाई थी, जिसके लिए भवन का निर्माण कार्य भी शुरू किया जा चुका था। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी के बाद यह योजना अधर में लटक गई है। 14 सहयोगियों की तलाश जारी, पत्रकार भी शामिल एटीएस और एसटीएफ की टीमें छांगुर बाबा के 14 मुख्य फरार सहयोगियों की तलाश में जुटी हैं। इनमें कथित पत्रकार पैमैन रिजवी सहित पिंकी हरिजन, महबूब, हाजिरा शंकर और सगीर जैसे नामचीन चेहरे शामिल हैं। गिरोह के सदस्य आजमगढ़, औरैया और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों से ताल्लुक रखते हैं। कई पर पहले से मुकदमे दर्ज हैं। विदेश यात्राएं और खाड़ी देशों से फंडिंग यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश के अनुसार, छांगुर बाबा अब तक 40 से 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा कर चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि बलरामपुर में उसने कई संपत्तियां खरीदी हैं और खाड़ी देशों से उसे भारी विदेशी फंडिंग मिली है। एटीएस इस विदेश कनेक्शन की भी गहराई से जांच कर रही है। 14 सहयोगियों की तलाश, देशभर में फैला नेटवर्क छांगुर बाबा के नेटवर्क के 14 मुख्य सहयोगियों की तलाश में एटीएस और एसटीएफ की टीमें जुटी हैं. इनमें कथित पत्रकार से लेकर अन्य नामचीन चेहरे शामिल हैं. जिन नामों की तलाश है उनमें महबूब, पिंकी हरिजन, हाजिरा शंकर, पैमैन रिजवी (कथित पत्रकार) और सगीर शामिल हैं. इनकी गिरफ्तारी से गिरोह के नेटवर्क के और गहरे राज सामने आ सकते हैं. गिरोह के कई सदस्य आजमगढ़, औरैया, सिद्धार्थनगर जैसे जिलों से हैं और इनके खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज है. कॉलेज खोलने की योजना मधपुर में आलीशान कोठी बनाने के बाद, झांगुर बाबा ने उसी परिसर में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना बनाई थी. इसके लिए उसने भवन का निर्माण भी शुरू कर दिया था. फिलहाल उसकी ये योजनाएं उसकी गिरफ्तारी और जांच के चलते ठप पड़ गई हैं. बाबा ने 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा की यूपी के ADGP (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश ने बताया कि जमालुद्दीन बाबा ने अब तक 40 से 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा की है. जांच में यह भी पाया गया है कि बलरामपुर में उसने कई संपत्तियां भी खरीदी हैं. उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और यूपी एटीएस जांच कर रही है. फिलहाल इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एसटीएफ का कहना है कि इस नेटवर्क की पहुंच पूरे भारत में फैली हुई है. विदेशी फंडिंग खासकर खाड़ी देशों से आने की बात सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है. दो गिरफ्तार, जांच जारी फिलहाल इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एसटीएफ ने बताया कि यह नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है। एजेंसियों की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में बड़े खुलासे होने की संभावना है।