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13 जुलाई 2025 रविवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- कार्यों के प्रति जोश व उत्साह रहेगा। कारोबार में परिश्रम अधिक रहेगा। लाभ के अवसर भी मिलेंगे। संपत्ति का विस्तार हो सकता है। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि होगी। खर्चों में वृद्धि होगी। वृषभ राशि- वाणी में मधुरता रहेगी। परंतु मन परेशान हो सकता है। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। परिश्रम अधिक रहेगा। मिथुन राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। कारोबार में वृद्धि होगी। परिश्रम अधिक रहेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। वाहन सुख में कमी। कर्क राशि- आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। मन प्रसन्न रहेगा। किसी नए कारोबार की शुरुआत के योग बन रहे हैं। पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। लाभ में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। सिंह राशि- मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। अपनी भावनाओं को वश में रखें। कारोबार की वृद्धि में मित्र का सहयोग मिल सकता है। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। वाहन के रख-रखाव पर खर्च बढ़ सकता है। कन्या राशि- मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आय में वृद्धि होगी। तुला राशि- मन परेशान हो सकता है। संतान की सेहत का ध्यान रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। खर्चों की अधिकता रहेगी। पिता से आर्थिक सहयोग मिल सकता है। भागदौड़ अधिक होगी। वृश्चिक राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी बहुत रहेगा। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ में भी वृद्धि होगी। धनु राशि- मन अशांत रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। अपने परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आय में वृद्धि होगी। मकर राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। नौकरी के लिए साक्षात्कारादि कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। कुंभ राशि- मन अशांत रहेगा। संयत रहें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। माता-पिता का सान्निध्य मिलेगा। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। वाणी के प्रभाव में वृद्धि होगी। मीन राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। नौकरी में अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। भागदौड़ अधिक रहेगी।

धर्मांतरण को लेकर केशव मौर्य का हमला, कहा– चुनावी हिंदुओं की चुप्पी है खतरनाक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीखे शब्दों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और कथित धर्मनिरपेक्ष ताकतों पर करारा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा को मुस्लिम धर्मांतरण के नापाक हथकंडों से लगातार छलनी करने का षड्यंत्र किया जा रहा है, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि जिन्हें खुद को 'हिंदू' कहलाने का शौक सिर्फ चुनावी मौसम में चढ़ता है- उनकी जुबान पर आज भी तुष्टिकरण की राष्ट्रविरोधी परत चढ़ी हुई है. उनका यह बयान छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन प्रकरण के संदर्भ में था, जिसे हाल ही में अवैध धर्मांतरण कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. केशव प्रसाद मौर्य ने इस मामले में चुप्पी साधने के लिए विपक्ष की आलोचना की. उन्होने कहा कि कांग्रेस और सपा का असली चेहरा अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है. इन दलों की तुष्टिकरण की राजनीति, छलावरण से लिपटी धर्मनिरपेक्षता, और मजहबी वोटबैंक के लिए राष्ट्रहित से समझौता करने की नीति अब जनता को स्वीकार नहीं है. उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी पर प्रहार करते हुए कहा कि जो पार्टी ‘सांप्रदायिक सौहार्द्र बिल’ जैसे विधेयक लाने का दुस्साहस अपने शासनकाल में कर सकती है, उसका उद्देश्य हिंदू समाज को कानूनी रूप से अपमानित करना और कट्टरपंथी मानसिकता को प्रश्रय देना है.    भाजपा सरकार में तुष्टिकरण की कोई जगह नहीं: मौर्य यूपी के उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा, 'यह बिल सौहार्द्र का नहीं, धार्मिक पक्षपात का विधायी दस्तावेज था- जिसमें बहुसंख्यकों के अधिकारों को दबाकर, कट्टरपंथियों को ढाल देने की तैयारी की गई थी.' केशव मौर्य ने स्पष्ट कहा कि मोदी सरकार के रहते हुए धर्मांतरण के काले मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा और मोदी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र पर कार्य करती है- लेकिन इसमें 'तुष्टिकरण’ की कोई जगह नहीं है. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जो लोग भारत के सामाजिक ताने-बाने को तोड़कर वोटों की खेती करना चाहते हैं, वे जान लें कि जनता अब पूरी तरह जाग चुकी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेसी और उसके दरबारी कुनबे की इस साझा तुष्टिकरण मंडली को लोकतंत्र और राष्ट्र की जनता समय-समय पर लगातार करारा जवाब दे रही है और धर्मांतरण, तुष्टिकरण तथा राष्ट्रविरोधी सोच को अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि 75 वर्ष का होने के बाद सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए. उन्होंने नागपुर में एक कार्यक्रम में कहा था, 'जब आपको कोई 75 साल का होने पर बधाई देता है, तो इसका मतलब है कि आपको रुक जाना चाहिए. दूसरों को काम करने का मौका देना चाहिए.' इस पर बोलते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'सरसंघचालक जी के किसी बयान पर टिप्पणी करने का ना तो मुझे नैतिक अधिकार है और ना ही मैं उन पर कोई टिप्पणी कर सकता हूं.' विपक्षी दलों ने भागवत के इस बयान को पीएम मोदी के लिए संदेश बताया. अखिलेश का PDA है परिवार डेवलपमेंट एजेंसी: मौर्य उन्होंने सपा प्रमुख पर करारा हमला करते हुए कहा कि अखिलेश यादव अपने फर्जी पीडीए यानी परिवार डेवलपमेंट एजेंसी के चेयरमैन हैं और उनके परिवार के अलग-अलग लोग ही इसमें डायरेक्टर हैं. उन्होंने सपा को गुंडों, माफिया और अपराधियों का संरक्षक बताया और कहा कि उसका कोई राजनी​तिक भविष्य नहीं है. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जब तक भारत विकसित, आर्थिक महाशक्ति समेत सभी क्षेत्रों में अपना परचम नहीं लहरा देगा, तब तक भाजपा का कमल जनता खिलाती रहेगी और हमारी कोशिश रहेगी कि 2027 में समाजवादी पार्टी 47 का अकड़ा भी ना छू पाए. अब सपा, बसपा और कांग्रेस के लिए 2047 तक देश और प्रदेश में सत्ता के दरवाजे बंद हैं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को मुझसे डर लगा करता है. वह फर्जी पीडीए की बात करते हैं, लेकिन उनको पिछड़े वर्ग का नेता ही बर्दाश्त नहीं है. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इतिहास के पन्नों को खोलने पर पता चलता है कि उनकी भाषा निम्न स्तर की है, उनके कारनामों को हम उजागर करते रहेंगे और उनके पीडीए की हवा निकल चुकी है. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह विरासत की सियासत करते हैं और ऐसी बातें बोल देते हैं जो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्हें नहीं बोलनी चाहिए. झूठ के आधार पर कांग्रेस पिछले लोकसभा चुनावों में 99 सीटों तक पहुंच गई, लेकिन अब मुझे स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि 2047 तक वह अर्धशतक लगाने के लिए तरसेगी.

ट्रंप तक पहुंचा एपस्टीन फाइल विवाद, काश पटेल के इस्तीफे की चर्चा तेज, रिपोर्ट में गंभीर आरोप

नई दिल्ली अमेरिका में कुख्यात जेफरी एपस्टीन के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस बीच कहा जा रहा है कि इस मामले की आंच ट्रंप प्रशासन तक पहुंचनी शुरू हो गई है। हाल में एक खबर आई थी कि एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर डैन बोंगिनो इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, इसको लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इन सब के बीच एक एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एफबीआई निदेशक काश पटेल अपने पद से इस्तीफा देने पर विचार कर सकते हैं। माना जा रहा है कि का पटेल ऐसा कथित तौर पर उप निदेशक डैन बोंगिनो के साथ एकजुटता दिखाते हुए कर सकते हैं। एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर डैन बोंगिनो का अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी के साथ मतभेद चल रहा है। जानिए क्या है पूरा मामला? न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, असहमति न्याय विभाग (डीओजे) द्वारा जेफरी एपस्टीन की मौत की जांच और उनकी कथित ग्राहक सूची के बारे में विवादास्पद चर्चा में निहित है। दरअसल, कथित तौर इसी हफ्ते की शुरुआत में बोंगिनो और बॉन्डी के बीच में किसी बात को लेकर मतभेद देखने को मिला। इसके बाद दोनों के बीच का तनाव काफी आगे बढ़ गया। बता दें कि यह टकराव अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा एपस्टीन मामले से निपटने के तरीके को लेकर था। ये प्रकरण एक रिव्यू से जुड़ा हुआ है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ये रिव्यू अस्तित्व में ही नहीं है। ठीक इसी विवाद के बाद बोंगिनो के बारे में कहा जाने लगा कि वह अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। 'अधिकारियों के बीच बिगड़ गए हैं संबंध' वहीं, एक सूत्र ने द न्यू यॉर्क पोस्ट से बात करते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता कि अगर पाम रुकी रहीं तो डैन वापस आएंगे। सूत्र ने आगे बताया कि दोनों अधिकारियों के बीच संबंध इतने खराब हो चुके हैं कि उन्हें सुधारा नहीं जा सकता। हालांकि दोनों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि एपस्टीन फ़ाइल में कोई भी विस्फोटक खुलासा नहीं हुआ है, न तो उसकी मौत के बारे में और न ही उसके नेटवर्क के बारे में, लेकिन आंतरिक मतभेद अभी सुलझने से कोसों दूर है। काश पटेल भी जा सकते दे सकते हैं इस्तीफा: सूत्र इसके साथ ही न्याय विभाग के एक अधिकारी ने द न्यू यॉर्क पोस्ट से बात करते हुए बताया कि पटेल, जो बोंगिनो के करीबी माने जाते हैं, उनके साथ ही बाहर भी जा सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि काश और डैन हमेशा से एक-दूसरे के साथ रहे हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि उस स्थिति में क्या होगा, लेकिन, आप जानते हैं, दोनों ने पारदर्शिता के लिए लड़ाई लड़ी है, और ऐसी दुनिया में जहाँ इसे दबाया जा रहा है, उन्हें इसके लिए खड़ा होते देखना कोई चौंकाने वाली बात नहीं होगी।

EU और मैक्सिको को ट्रंप की सख्त चेतावनी, टैरिफ बढ़ोतरी को लेकर भेजा पत्र

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय यूनियन और मैक्सिको को भी टैरिफ लेटर जारी कर दिया है। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट शेयर करके यह जानकारी दी है। अमेरिका ने मैक्सिको और यूरोपीय यूनियन (EU) पर 30 फीसदी का टैरिफ लगाया है। यह टैरिफ रेट 1 अगस्त से लागू होगी। अपने टैरिफ लेटर में डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको को अमेरिका में ड्रग्स तस्करी के लिए जिम्मेदार ठहराया है। वहीं ट्रंप ने कहा है कि ईयू की वजह से व्यापार में असंतुलन का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप ने छह व्यापारिक साझेदारों का टैरिफ लेटर जारी किया था। इसमें लीबिया, अल्जीरिया, इराक, मोल्दोवा, फ्लीपीन्स और ब्रुनोई शामिल थे। डोनाल्ड ट्रंप 20 से ज्यादा देशों के लिए टैरिफ का ऐलान कर चुके हैं। इनमें म्यांमार, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया और जापान भी शामिल है। गौर करने वाली बात है कि टैरिफ से डोनाल्ड ट्रंप ने अपने करीबी सहयोगियों को भी नहीं बख्शा है। वहीं भारत को लेकर सस्पेंस अब भी बरकरार है। फिलहाल अमेरिका ने भारत को टैरिफ लेटर नहीं भेजा है। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता होने की उम्मीद है। डोनाल्ड ट्रंप ने अल्जीरिया, इराक और लाबिया पर 30 फीसदी और ब्रुनेई, मोल्दोवा पर 25 फीसदी आयात शुल्क लगाया है। वहीं फिलीपीन्स पर 20 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया है। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप कजाकिस्तान, कंबोडिया, बोस्निया, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, मलेशिया, कोरिया, इंडोनेशिया और ब्राजील के लिए भी टैरिफ का ऐलान कर चुके हैं। अमेरिका ने कहा है कि 10 फीसदी की बेसिक ड्यूटी पहले की ही तरह बरकरार रहेगी। किस देश पर कितना टैरिफ अमेरिका ने ब्राजील पर सबसे ज्यादा 50 फीसदी का टैरिफ लगाया है। दूसरे नंबर पर म्यांमार और लाओस पर 40-40 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया है। कंबोडिया और थाईलैंड पर 36 फीसदी, बांग्लादेश और सर्बिया पर 35 फीसदी, इंडोनेशिया पर 32, बोस्निया और हर्जेगोविना पर 30 फीसदी, दक्षिण अफ्रीका पर 30 फ्रतिशत, जापान, कजाखस्तान, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और ट्यूनीशइया पर 25 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया गया है।  

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गाजियाबाद अलर्ट, 5 कंट्रोल रूम और हजारों ‘कांवड़ मित्र’ तैयार

गाजियाबाद सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जिले में 85 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा और सुविधा के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने कांवड़ मार्ग को 124 बीट में विभाजित किया है, प्रत्येक बीट की लंबाई 700-800 मीटर है। हर बीट में एक सब-इंस्पेक्टर की अगुवाई में चार पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो दिन-रात ड्यूटी पर रहकर समस्याओं का तुरंत समाधान करेंगे। इसके अलावा, 10,000 कांवड़ मित्र नियुक्त किए गए हैं, जो पुलिस के साथ मिलकर कांवड़ियों की मदद करेंगे। ये कांवड़ मित्र कांवड़ियों की सुविधा और यात्रा को निर्बाध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कांवड़ मार्ग की निगरानी के लिए गाजियाबाद में पांच मुख्य कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जिनमें मेरठ तिराहा और तीनों जोनल कंट्रोल रूम शामिल हैं। इनके अधीन अस्थायी उप-कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जैसे राज चौपला, निवाड़ी रोड और एनएच-9 चौराहा। इन कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से पूरे मार्ग पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। दूधेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मंदिर पर 550 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि भक्त आसानी से दर्शन कर सकें। पिछले साल मंदिर के प्रवेश द्वार पर भीड़ के दबाव को देखते हुए इस बार एक बफर जोन बनाया गया है, जिससे भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी। मंदिर प्रशासन के साथ समन्वय कर सीसीटीवी की व्यवस्था भी की गई है। कांवड़ियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। अगर किसी कांवड़िए की कांवड़ खंडित हो जाती है, तो उन्हें तुरंत गंगाजल उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार से 1,400 लीटर गंगाजल मंगवाया गया है। यह गंगाजल विभिन्न थानों में वितरित किया गया है, ताकि कांवड़िए बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें। गाजियाबाद के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने कहा, "हमारा उद्देश्य कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाना है। सभी व्यवस्थाएं इस तरह की गई हैं कि कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो और वे अपना जलाभिषेक शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कर सकें।"

यात्रियों के लिए खुशखबरी! मुजफ्फरपुर-प्रयागराज ट्रेन में बढ़े AC-3 कोच, कई अपडेट जारी

मुजफ्फरपुर 12538/37 प्रयागराज-मुजफ्फरपुर-प्रयागराज एक्सप्रेस में एसी-थ्री के तीन नए कोच जुटेंगे। इसके साथ ही इस ट्रेन का नंबर भी बदल जाएगा। एक सितंबर से नए नंबर से यह ट्रेन चलाई जाएगी। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि उक्त ट्रेन में एसी-थ्री के एक तथा एसी-थ्री-ई के दो अतिरिक्त कोच जोड़ा जाएगा। एक सितंबर से नए नंबर से यह ट्रेन चलेगी। मुजफ्फरपुर-प्रयागराज के बीच चलने वाली इस ट्रेन में तीन नए कोच लगाए जाएंगे। इस ट्रेन में कोचों की कुल संख्या 18 से बढ़कर 21 हो जाएगी। एक सितंबर से गाड़ी संख्या 12538/12537 प्रयागराज-मुजफ्फरपुर -प्रयागराज एक्सप्रेस का परिचालन परिवर्तित नंबर 14112/14111 से किया जाएगा। 20 कोच के साथ चलेगी पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस पटना -हावड़ा के बीच चलने वाली 22348/22347 पटना-हावड़ा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस में चार कोच अतिरिक्त जोड़कर 20 कर दिया गया है। इसके पहले 16 कोच के साथ चलायी जा रही थी। यात्रियों की मांग के मद्देनजर उनकी सुविधा हेतु के लिए 20 कोचों के साथ इसका परिचालन शुरू हो गया है। महिला डिब्बे में 1176 पुरुष यात्री धराए पूर्व मध्य रेल (पूमरे) की ओर से बिना पर्याप्त कारण अवैध रूप से चेन पुलिंग करके ट्रेनों को जहां-तहां रोकने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही। पूर्व मध्य रेल में आरपीएफ द्वारा आपरेशन समय पालन के तहत ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही। ताकि विलंब ना हो। 15 जून से 30 जून तक रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने चेन पुलिंग करने के आरोप में 612 लोगों को हिरासत में लिया है। उन लोगों के विरुद्ध रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई की गई। 327 लोग दानापुर मंडल में पकड़े गए जबकि समस्तीपुर मंडल में 136, सोनपुर मंडल में 64, पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 40 तथा धनबाद मंडल में 45 लोगों को हिरासत में लिया गया। आपरेशन महिला सुरक्षा के मद्देनजर पिछले महीने के 15 दिनों में रेल अधिनियम की धारा 162 के तहत 1176 पुरुष यात्रियों को हिरासत में लिया गया। इनमें सर्वाधिक 420 लोग दानापुर मंडल में जबकि धनबाद मंडल में 342, सोनपुर मंडल में 275, समस्तीपुर मंडल में 78 तथा पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 61 पुरुष यात्रियों पकड़ा गया। इस बात की जानकारी पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने शुक्रवार को दी।

विकसित मध्यप्रदेश 2047 की दिशा में वित्तीय अनुशासन की मजबूत नींव

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट अनुमान और वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इसके लिये वित्त विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं। इस बार भी राज्य सरकार द्वारा शून्य आधार बजटिंग (Zero Base Budgeting) की प्रक्रिया को जारी रखते हुए वित्तीय अनुशासन और परिणाम आधारित बजट निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही सरकार ने पहली बार वर्ष 2027-28 एवं वर्ष 2028-29 के लिए “त्रिवर्षीय रोलिंग बजट” तैयार करने का निर्णय लिया गया है, जो प्रदेश की दीर्घकालिक विकास रणनीति ‘विकसित मध्यप्रदेश 2047’ पर केन्द्रित है। बजट स्वीकृति के पहले हर योजना का होगा मूल्यांकन वित्त विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक योजना के लिए यह स्पष्ट करना आवश्यक होगा कि उस पर खर्च क्यों किया जा रहा है, उसका लाभ किसे होगा और उसका सामाजिक व आर्थिक असर क्या होगा। इस प्रक्रिया में गैर-प्रभावी योजनाओं को समाप्त करने और समान प्रकृति की योजनाओं को एकीकृत करने पर भी विचार किया जाएगा। बजट निर्माण की प्रमुख तिथियां     28–31 जुलाई 2025: विभागीय प्रशिक्षण और प्रारंभिक चर्चा।     10 सितम्बर 2025: IFMIS में आंकड़े भरने की अंतिम तिथि।     15–30 सितम्बर 2025 : प्रथम चरण चर्चा।     31 अक्टूबर: नवीन योजनाओं के प्रस्ताव की अंतिम तिथि।     1 अक्टूबर – 15 नवम्बर: द्वितीय चरण चर्चा।     दिसम्बर–जनवरी: मंत्री स्तरीय बैठकें।     31 मार्च 2026: समायोजन प्रस्तावों की अंतिम तिथि। वेतन, भत्ते और स्थायी व्यय की भी अलग होगी गणना     विभागों को अपने स्थायी खर्चों जैसे वेतन, पेंशन, भत्तों की गणना करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।     प्रत्येक वित्तीय वर्ष के वेतन में 3% वार्षिक वृद्धि जोड़ी जाएगी।     महंगाई भत्ते की गणना क्रमशः 74%, 84% और 94% के हिसाब से होगी।     संविदा कर्मचारियों के वेतन में 4% वार्षिक वृद्धि का भी प्रावधान रहेगा। अजा-अजजा उपयोजना के लिए न्यूनतम बजट सुनिश्चित करना होगा अनिवार्य वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए न्यूनतम 16% और अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए न्यूनतम 23% बजट सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य रहेगा। इसके लिए सेगमेंट कोडिंग व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता आएगी। ऑफ-बजट व्यय और केंद्रीय योजनाओं पर भी निगरानी जिन विभागों को भारत सरकार से सीधे फंड प्राप्त होता है, उन्हें वह राशि भी बजट प्रस्ताव में दर्शानी होगी। इसके अलावा, ऑफ-बजट ऋण, प्रोत्साहन योजनाओं का वित्तीय असर, और नवीन योजनाओं की स्वीकृति की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया गया है। सभी प्रस्ताव तय समय पर IFMIS में हों दर्ज सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि बजट की तैयारी के लिए जो आई.एफ.एम.आई.एस. (IFMIS) प्रणाली अपनाई गई है, उसमें तय समय के बाद प्रविष्टि की अनुमति नहीं दी जाएगी। विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे सभी प्रस्ताव निर्धारित समयसीमा में दर्ज करें और विभागीय बैठक के पूर्व पूरी जानकारी तैयार रखें। जनहित में होगा व्यय शून्य आधार बजटिंग प्रणाली से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि हर योजना के पीछे ठोस उद्देश्य हो, उसका समाज पर प्रभाव दिखे और प्रत्येक व्यय राज्य की विकास प्राथमिकताओं से मेल खाता हो। राज्य सरकार का यह प्रयास केवल राजकोषीय अनुशासन की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्रभावी शासन और नागरिक सेवा सुधार के लिए भी सराहनीय कदम साबित होगा।  

पीएम मोदी और ओडिशा सीएम मोहन माझी की बैठक, राज्य के विकास पर हुई चर्चा

नई दिल्ली ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। पीएम मोदी से सीएम माझी की यह मुलाकात ओडिशा में विकास कार्यों को गति देने और केंद्र-राज्य सहयोग को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री माझी ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं ओडिशा के विकास के लिए उनके निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के लिए आभारी हूं।” उन्होंने बताया कि बैठक में ओडिशा के विकास के रोडमैप, भविष्य की योजनाओं और केंद्र-राज्य के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई। माझी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर एक समृद्ध ओडिशा और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बैठक में ओडिशा में चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं पर जोर दिया गया। इस मुलाकात के दौरान सीएम माझी ने प्रधानमंत्री मोदी को राज्य में कल्याणकारी योजनाओं को तेजी से लागू करने की योजना के बारे में बताया। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से ओडिशा के लिए और अधिक सहयोग की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस मुलाकात को सकारात्मक बताया और ओडिशा की प्रगति के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। दोनों नेताओं ने यह सुनिश्चित करने पर सहमति जताई कि केंद्र और राज्य मिलकर जनता के कल्याण और विकास के लिए काम करेंगे। इस मुलाकात को ओडिशा में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में प्रगति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2024 के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों की घोषणा की, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

भोपाल  केन्द्र सरकार द्वारा शनिवार वर्ष 2024 के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इन सम्मानों में स्वच्छता लीग सम्मान, राष्ट्रपति सम्मान, देश और राज्यों की विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निकायों को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिये 17 जुलाई को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में एक गरिमामय आयोजन होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू करेंगी। मध्यप्रदेश के आठ शहर होंगे सम्मानित हर वर्ष की तरह मध्यप्रदेश ने इस वर्ष भी अपनी विजय पताका फहराई है। प्रदेश के आठ शहरों को इस राष्ट्रीय आयोजन में सम्मानित किया जाएगा। इसमें सुपर लीग श्रेणी में इंदौर, उज्जैन और बुधनी हैं। इस श्रेणी में सिर्फ वे शहर शामिल किए जाते हैं, जिन्होंने पिछले तीन सालों में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया हो और उत्तरोत्तर प्रगति की संभावनाएं सृजित की हों। राष्ट्रपति सम्मान इसी प्रकार राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त करने वाले शहरों में भोपाल, देवास और शाहगंज शामिल हैं। इसके अलावा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी द्वारा प्रदेश के जबलपुर और ग्वालियर को उनके उल्लेखनीय प्रयासों के लिये सम्मानित किया जाएगा। कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग और ओडीएफ/ वॉटर प्लस के परिणाम भी उसी दिन जारी किए जाएंगे। प्रदेश से इस आयोजन में विभागीय मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी के साथ विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधियों की बड़ी टीम इस आयोजन में शिरकत करेगी।  

झुग्गी बचाओ मुहिम पर आतिशी आक्रामक, कहा– सड़क से सदन तक करेंगे विरोध

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी ने मटियाला विधानसभा स्थित नंगली डेयरी की झुग्गियां तोड़ने की तैयारी कर रही दिल्ली सरकार पर आरोप लगाए है। 'आप’ की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि मद्रासी कैंप, जेलरवाला बाग, भूमिहीन कैंप तोड़ने के बाद दिल्ली सरकार की नजर अब नंगली डेयरी की झुग्गियां पर पड़ गई है। भाजपा की एमसीडी ने झुग्गियों में नोटिस लगा दिया है और पांच दिन में कागज नहीं दिखाने पर झुग्गियों पर बुलडोजर चलाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा के नेताओं ने इन झुग्गियों में रात्रि प्रवास किया था और जहां झुग्गी-वहां मकान का कार्ड दिया था। लेकिन सरकार में आते ही भाजपा लगातार गरीबों की झुग्गियां तोड़ रही है। आम आदमी पार्टी इन गरीबों के साथ खड़ी है। हम झुग्गियां बचाने के लिए विधानसभा से लेकर सड़क तक लड़ाई लड़ेगे। आतिशी ने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा के नेताओं ने दिल्ली की अलग-अलग झुग्गियों में प्रवास किया। झुग्गीवालों के साथ खाना खाया, बच्चों के साथ लूडो-कैरम खेला और झुग्गीवालों को ‘जहां झुग्गी वहीं मकान’ के कार्ड दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार-बार कहा कि दिल्ली में एक भी झुग्गी को नहीं तोड़ा जाएगा। लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद जैसे ही दिल्ली में नई सरकार ने एक के बाद एक गरीबों के मकान तोड़ने शुरू कर दिए। आतिशी ने कहा कि मद्रासी कैंप, जेलरवाला बाग, वजीरपुर, भूमिहीन कैंप की झुग्गियां तोड़ने के बाद अब भाजपा की सरकार नंगली डेयरी के जेजे कैंप को तोड़ने की तैयारी कर रही है। झुग्गीवालों से कहा गया है कि वह अतिक्रमण कर रहे हैं और अगर पांच दिन में अपने कागज जमा नहीं दिए तो झुग्गियों को तोड़ दिया जाएगा। आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार 'जहां झुग्गी, वहीं मकान' नहीं देने वाली है, बल्कि यह तय कर लिया गया है कि जहां झुग्गी है, वहां मैदान बना दिए जाएंगे। इसलिए दिल्ली में एक-एक कर सभी झुग्गियों को तोड़ा जा रहा है। आतिशी ने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली के गरीबों के साथ खड़ी है। नंगली डेयरी जेजे क्लस्टर के निवासियों के साथ भी खड़ी है। कोर्ट, एमसीडी, दिल्ली विधानसभा या फिर सड़कों पर लड़ने की जरूरत होगी तो आम आदमी पार्टी लड़ेगी और दिल्ली सरकार को इन झुग्गियों को तोड़ने नहीं झुग्गियों को तोड़ने नहीं देगी।