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बहनों ने सावन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बांधी राखी, बड़ी राखी भी भेंट की

हर बहन को बनाकर देंगे पक्का मकान बहनों के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे समाज के सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए प्राण-प्रण से आगे बढ़ रही है राज्य सरकार 30 लाख बहनों को उज्ज्वला योजना की सब्सिडी के रूप में मिले 46.34 करोड़ रुपए उज्जैन जिले की ग्राम पंचायत नलवा में हुआ राज्य-स्तरीय कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राखी भाई-बहन के परस्पर स्नेह का बंधन है। यह अनंतकाल से चला आ रहा अटूट बंधन है। राखी आई है, तो भाई का बहन को शगुन देना लाजिमी है। राखी 9 अगस्त को है। इसलिए राखी से पहले हमारी सरकार सभी लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि शगुन के रूप में देगी।  अगस्त माह में प्रत्येक लाड़ली बहन को 1500 रुपए मिलेंगे। हम यही नहीं रुकेंगे, बल्कि प्रदेश की हर लाड़ली बहन को पक्का मकान भी बनाकर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन जिले की ग्राम पंचायत नलवा में लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता राशि सहित अन्य योजनाओं के तहत बहनों को सहायता राशि वितरण के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1.27 करोड़ लाडली बहनों को 26वीं किश्त के रूप में 1543.16 करोड़ रुपए की सहायता राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 30 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 46.34 करोड़ रुपए सब्सिडी राशि तथा 56.74 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को 340 करोड़ रुपए की पेंशन राशि भी उनके बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं। इनके मान-सम्मान और कल्याण के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज तक राज्य सरकार सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपए से बढ़ाकर हर माह 1500 रूपए सहायता राशि देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार का संकल्प दोहराते हुए कहा कि लाड़ली बहनों को दी जा रही यह सहायता राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रूपये प्रतिमाह कर दी जाएगी। इस अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना एवं प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में हितग्राहियों को मंच से हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलन एवं कन्या-पूजन के साथ राज्यस्तरीय राशि अंतरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साथ ही लाड़ली बहनों का पुष्पवर्षा के साथ अभिवादन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित माता-बहनों ने पवित्र श्रावण मास में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधी। बहनों की ओर से मुख्यमंत्री को एक विशाल राखी भी भेंट की गई। चार करोड़ से अधिक पक्के मकानों की रजिस्ट्री हो रही है बहनों के नाम पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में नारी सशक्तिकरण का अभियान जारी है। बहनों के कल्याण के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार सभी दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रही है। बहनों के मान-सम्मान और उनके सिंदूर की रक्षा करना और उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना सरकार की प्राथमिकता मे है। हम देश की आधी आबादी को उनका पूरा हक दिलाने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। देश की सभी बहनों को पक्के घर की सौगात मिले, इसके लिए पीएम आवास योजना के तहत निर्मित 4 करोड़ से अधिक पक्के मकानों की रजिस्ट्री बहनों के नाम से ही की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में बहनें मायके और ससुराल दोनों को धन्य करती हैं। बहनें देश का सौभाग्य हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के त्यौहार से पहले 1543 करोड़ राशि दी गई है। राखी से पहले बहनों को 250 रुपए का शगुन अलग से भेजा जाएगा। दीपावली के बाद भाईदूज भी अलग होगी, बहनों को हर माह 1500 रुपए प्रतिमाह सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनें अपने पैसों को सहेजना अच्छी तरह से जानती हैं। बहनों के हाथ में पैसा रहे, तो परिवार और बच्चों को बेहतर जीवन मिलता है। बहनों के जतन से ही घर में खुशियां आती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश की 30 लाख बहनों को उज्ज्वला गैस योजना की सब्सिडी के रूप में 46.34 करोड़ रुपए भेजे गए हैं। इसी क्रम में अलग-अलग 6 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 56.74 लाख से अधिक हितग्राहियों को कुल 340 करोड़ रुपए की पेंशन राशि भी दी गई है।  अब मजरे-टोलों तक भी बनवाएंगे सड़कें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अब तक 5 लाख किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ गांव-कस्बों तक ही नहीं, अब हम प्रदेश के सभी मजरे-टोलों तक भी पक्की सड़कें बनाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार गांव-गांव को पक्की सड़क से जोड़ने का अभियान शुरू किया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए सम्मान निधि शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार सामाजिक सरोकारों के प्रति बेहद संवेदनशील है। गरीब और जरूरतमंदों को आवश्यकता पड़ने पर बेहतर इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस और हेली-सेवा की भी हमने शुरुआत की है। इससे गंभीर मरीज को समय पर इलाज मिलने से उसके प्राण बचाने में सुविधा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब तक लोग सड़क पर पड़े किसी दुर्घटनाग्रस्त गंभीर व्यक्ति को हॉस्पिटल पहुंचाने में हिचकते थे। सरकार ने इसी दिशा में कदम उठाया और राहवीर योजना की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि किसी की जान बचाना सबसे बड़ा पुण्य है। यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति को एक घंटे के भीतर हास्पिटल में भर्ती कराता है, तो ऐसी परोपकारी सहायता करने वाले व्यक्ति को राज्य सरकार पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए दे रही है। किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंप मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए संकल्पित है। हमारी सरकार 'हर खेत को पानी, हर हाथ को काम' की भावना से काम कर रही है। प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के तहत प्रदेश के सभी किसानों को भारी … Read more

मुख्यमंत्री साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पुरस्कार के लिए चयनित नगरीय निकायों को दी बधाई

रायपुर, स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। नई दिल्ली में आगामी 17 जुलाई को आयोजित होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में राज्य के सात नगरीय निकायों को स्वच्छता के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इन पुरस्कारों को प्रदान करेंगी। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल तथा केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू भी उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों को प्रेसिडेंट्स अवार्ड प्रदान करेंगी। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बिलासपुर नगर निगम को तीन लाख से दस लाख आबादी वाले (Big Cities) शहरों की श्रेणी में, कुम्हारी नगर पालिका को 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले (Small Cities) शहरों की श्रेणी में तथा बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी वाले (Very Small Cities) शहरों की श्रेणी में यह सम्मान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, रायपुर नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ कार्यों के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा मिनिस्ट्रियल अवार्ड (Ministerial Award) प्रदान किया जाएगा। स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने वाले शहरों को पहचान देने हेतु इस वर्ष सुपर स्वच्छता लीग (एसएसएल) नामक एक विशेष श्रेणी की शुरुआत की गई है। इस लीग में वे शहर शामिल किए गए हैं, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में स्थान प्राप्त कर चुके हैं तथा वर्तमान वर्ष में अपनी संबंधित जनसंख्या श्रेणी में शीर्ष 200 में बने हुए हैं। इस नवीन श्रेणी में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों का चयन हुआ है – अंबिकापुर नगर निगम (50 हजार से तीन लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी), पाटन नगर पंचायत तथा बिश्रामपुर नगर पंचायत (20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी) को एसएसएल के लिए चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयनित सातों नगरीय निकायों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा स्थानीय निकायों द्वारा सतत किए जा रहे प्रयासों का यह उत्कृष्ट परिणाम है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में राज्य के और भी अधिक नगरीय निकाय स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र सरकार तक, सभी मिलकर शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधासंपन्न बनाने हेतु अनेक नवाचारों के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं।  "छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों का स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह हमारे नगरीय प्रशासन, स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है। बिलासपुर, कुम्हारी, बिल्हा, रायपुर, अंबिकापुर, पाटन और बिश्रामपुर जैसे शहरों ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अन्य निकायों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। मैं सभी विजेता नगरीय निकायों को बधाई देता हूँ और विश्वास जताता हूं कि छत्तीसगढ़ स्वच्छता के इस अभियान में देश का अग्रणी राज्य बना रहेगा।" – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

ऐंड्रॉयड यूजर्स के लिए 10 काम के ट्रिक्स

ऐंड्रॉयड एक ओपन प्लैटफॉर्म है, इसलिए इसमें कस्टमाइजेशन का काफी स्कोप रहता है। अपने फोन को पर्सनलाइज करने के अलावा भी कुछ ऐसे खास ट्रिक्स हैं जिनसे अपने फोन को आप साफ सुथरा रखकर उसकी बैटरी लाइफ का मैक्सिमम फायदा उठा सकते हैं। ये 10 ट्रिक्स हर ऐंड्रॉयड यूजर को मालूम होनी चाहिए। गूगल नाउ सेटअप करना गूगल नाउ को अपने पर्सनल असिस्टेंट की तरह समझें। गूगल ऐप खोलें, गेट गूगल नाउ पर टैप करें और अपने प्रेफरेंस भर दें। अब आप गूगल नाउ को अपने फेवरिट स्टॉक्स, स्पोर्ट्स टीम्स और दूसरी चीजें बताकर उनसे संबंधित नोटिफिकेशन्स पा सकते हैं। आप गूगलल मैप्स के लिए गूगल नाउ को यह भी बता सकते हैं कि आप किस वाहन से सफर करना पसंद करते हैं, मसलन कार, बस, मेट्रो इत्यादि। लॉन्चर और लॉक स्क्रीन रिप्लेसमेंट्स का इस्तेमाल करें एक ही तरह का वेदर विजेट देखते-देखते परेशान हो गए हैं? आपको बता दें कि आप गूगल प्ले स्टोर से ऐसे फ्री ऐप्स डाउनलोड कर सकते हैं जिनसे आप अपने ऐंड्रॉयड फोन का पूरा इंटरफेस बदल सकते हैं। पावर सेंविग मोड सेटिंग्स मेन्यू पर जाएंग और पावर सेविंग मोड को ऑन कर लें। इससे बैटरी काफी हद तक बचती है। कुछ फोन्स में हाई लेवल, बैटरी सेविंग मोड भी होता है। उदाहरण के लिए, सैमसंग गैलक्सी ै6 के अल्ट्रा पावर सेविंग मोड से आप कॉल और मेसेज कर सकते हैं, इंटरनेट ब्राउज कर सकते हैं। सभी ऐंड्रॉयड फोन्स में बैटरी-सेवर हो, यह जरूरी नहीं। लेकिन अधिकतर में होता है। एक एक्स्ट्रा बैटरी रखें गौर कीजिएगा अकसर फोन्स की बैटरी गलत टाइम पर बंद हो जाती है। वहीं जाकर जहां चार्ज करने की सुविधा हो ही न। कई ऐंड्रॉयड फोन्स की बैटरी रिमूवेबल होती है। ऐसे में आप एक अलग बैटरी खरीदकर मुश्किल वक्त के लिए रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर बैटरी रिप्लेस कर सकते हैं। अब तो खैर पावर बैंक्स भी ऐसी मुश्किल घड़ी से आपको उबार सकते हैं। गूगल क्रोम साइन इन करें अगर आप अपने फोन में मौजूद गूगल क्रोम ब्राउजर पर अपने गूगल अकाउंट में साइन-इन कर लेते हैं तो आपके बुकमार्क्स और प्रेफरेंस खुद-ब-खुद सेव होने लगेंगे। ऐप्स को फोल्डर्स में ऑर्गनाइज कर लें आप अपने ऐप्स को अलग-अलग कैटिगरी मे रखने के लिए फोल्डर्स क्रिएट कर सकते हैं। इससे बिखराव कम होता है और जल्दबाजी में ढूंढने पर ऐप जल्दी मिल जाता है। फोल्डर क्रिएट करने के लिए एक ऐप को प्रेस कर होल्ड करें और उसे खींचकर ऊपर बाईं तरफ क्रिएट फोल्डर ऑप्शन पर ले जाएं। कुछ फोन्स में आप आईओएस की तरह एक ऐप पर दूसरे ऐप को ड्रैग कर ड्रॉप कर सकते हैं। फोल्डर खुद-ब-खुद बन जाएगा। थर्ड पार्टी कीबोर्ड यूज करें कई बार स्वाइप करना टाइप करने से आसान लगता है। जरूरी नहीं कि आप सिर्फ गूगल के कीबोर्ड का ही इस्तेमाल करें, कई सारे कीबोर्ड ऐप्स हैं जिन्हें गूगल प्ले स्टोर से चुना जा सकता है। मसलन, स्वायप के जरिये आप टाइप करने की जगह लेटर्स को स्वाइप कर लिख सकते हैं। क्रोम में बैंडविड्थ मैनेजमेंट अजस्ट करें आप क्रोम में रिड्यूस डेटा यूजेज ऑप्शन ऑन कर सकते हैं जिससे बेकार का वाइटस्पेस हटाकर क्रोम छोटे फॉर्मैट में तस्वीरें ट्रांसलेट कर देता है। इससे ब्राउजिंग के वक्त काफी डेटा बचता है। डेटा सेफ रखने के लिए गूगल ऑथेंटिकेटर गूगल ऑथेंटिकेटर आपको आपके गूगल अकाउंट के लिए टू-स्टेप वेरिफिकेशन सिक्यॉरिटी देताहै। ताकि, जब भी आप लॉग इन करें, आपको ऐप द्वारा जेनरेट किया हुआ एक कोड आपके पासवर्ड के साथ नजर आए। इससे अजनबी आपके अकाउंट में लॉग इन नहीं कर सकेंगे। डिफॉल्ट ऐप्स बदलें सेटिंग्स में नेविगेट कर ऑल पर जाएं और क्लियर डिफॉल्ट्स को प्रेस करें। सभी डिफॉल्ट सेटिंग्स और ऐप्स हट जाएंगे। इसके बाद आप अपने फेवरिट ऐप्स को अपनी सहूलियत के हिसाब से सेटअप कर सकते हैं।  

मुख्यमंत्री साय बोले – जीवन में सफलता के लिए शिक्षा है मजबूत आधार

छत्तीसगढ़ ने शिक्षा के क्षेत्र में हासिल किया नया मुकाम : नई शिक्षा नीति से बदली तस्वीर, छत्तीसगढ़ में स्थानीय भाषाओं में मिल रही शिक्षा रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में विभिन्न विधाओं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र सेवा का मार्ग है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, और यही किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल आधार शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और बीते वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज वहां 15 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान भी राज्य में कार्यरत हैं। गांव-गांव में स्कूल खोले गए हैं, और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि हमारे समय में कई गांवों के बच्चों के लिए केवल एक स्कूल होता था। मुझे याद है कि मैंने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दूसरे गांव में दी थी, क्योंकि हमारे गांव में परीक्षा केंद्र नहीं था। आज छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए असीम अवसर मौजूद हैं और प्रत्येक बच्चे को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है, और इसी संकल्प को लेकर हम विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में भी तेज़ गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश ने वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त किया है और भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है। श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा अब स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है, और प्रदेश में मेडिकल की शिक्षा भी हिंदी में दी जा रही है। रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने संस्था द्वारा सम्मानित प्रतिभावान छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में इन बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में हमारे युवाओं का योगदान निर्णायक सिद्ध होगा। विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य न केवल प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करना है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं में पारंगत बनाने की दिशा में ठोस कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की भी सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ चित्रकार श्री राज सैनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को एक विशेष उपहार के रूप में उनके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ की पेंटिंग भेंट की। कार्यक्रम में पीएसवाय के प्रेसिडेंट डॉ. एस.के. मिश्रा, सलाहकार श्री महेंद्र गुप्ता, सीईओ श्रीमती शुभ्रा शुक्ला, सहित अनेक प्रबुद्धजन, शिक्षाविद्, गणमान्य अतिथि, एवं स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

वन राज्यमंत्री ने जनसुनवाई कर आमजन की परिवेदनाओं को सुना, अधिकारियों को परिवेदनाओं के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

जयपुर,  पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने अलवर जिले के सर्किट हाउस में जनसुनवाई कर आमजन की परिवेदनाओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। वन राज्यमंत्री श्री शर्मा ने जनसुनवाई में आए पेयजल, विद्युत, सडक, पुलिस आदि की परिवेदनाएं लेकर आए फरियादियों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि समस्याओं का निराकरण होने पर उन्हें सूचित कर उनके संतुष्टि स्तर में वृद्धि करें। उन्होंने निर्देश दिये कि आमजन को मूलभूत समस्याओं की प्राथमिकता से सुनवाई करें। इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अंतिम पंक्ति तक के पात्र व्यक्ति के कल्याण हेतु विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है जिनका जागरूक रहकर न केवल स्वयं लाभ उठाएं बल्कि अन्य पात्र व्यक्तियों को भी इन योजनाओं के प्रति जागरूक कर लाभांवित करावे।

अगले हफ्ते भी नहीं मिलेगी राहत, दिल्ली-NCR में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर में मानसून ने अब अपनी रफ्तार पकड़ ली है, भले ही इस बार यह तय समय से थोड़ी देरी से आया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में भी दिल्ली और आसपास के इलाकों के लोगों को बारिश, तेज़ हवाओं के साथ उमस का सामना करना पड़ सकता है। इस सप्ताहांत तक हल्की बारिश की संभावना है, जबकि अगले सप्ताह रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आज और कल के लिए भारी बारिश का अलर्ट IMD की मानें तो आज (12 जुलाई) हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है, और 13 जुलाई की रात से बारिश की तीव्रता में इज़ाफ़ा हो सकता है। यह स्थिति 17 जुलाई तक बनी रह सकती है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में मौसम सुहाना बना रहेगा। तापमान भी मौसम के साथ खेल रहा इस समय दिल्ली का तापमान भी मौसम के साथ आँख-मिचोली खेल रहा है। 13 जुलाई तक तापमान में हल्का इज़ाफ़ा हो सकता है, लेकिन 17 जुलाई तक अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। फिलहाल, दिल्ली में जुलाई महीने में केवल 57 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत 195.8 मिमी होता है। बीते दिन भी बादलों और धूप की लुकाछिपी के बीच कुछ इलाकों में हल्की और कुछ जगहों पर तेज़ बारिश दर्ज की गई। सप्ताह के अंत तक सक्रिय रहेगा मानसून ट्रफ मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के आसपास मानसून ट्रफ सक्रिय है, जिससे वीकेंड तक हल्की बारिश होती रहेगी। इसके बाद यह ट्रफ उत्तर की ओर बढ़ेगा, जिससे अगले सप्ताह बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है। राजधानी से सटे फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाज़ियाबाद और नोएडा जैसे इलाकों में भी मौसम का मिज़ाज कुछ ऐसा ही बना हुआ है। इन इलाकों में आज के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार (11 जुलाई) सुबह 8:30 बजे तक 17.1 मिमी और शाम 5:30 बजे तक 1.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा कम है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि दिल्ली-एनसीआर में 25 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चल सकती हैं। इस बीच, लोग मौसम के ट्रिपल अटैक यानी बारिश, तेज़ धूप और उमस से जूझते नज़र आ रहे हैं।

उपभोक्ताओं को बिजली का झटका, पिछले साल की तुलना में 1.89% की वृद्धि, अब 300 से 400 यूनिट पर देना होगा 50 रुपये अधिक

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने आम उपभोक्ताओं को बिजली का झटका दे दिया है। अगर आप 300 से 400 यूनिट तक बिजली की खपत करते हैं तो अगस्त के बिल में 40 व 50 रुपये अधिक बिल जुड़ जाएगा। इसी तरह से 500 से 600 यूनिट तक खपत होने पर 60 व 70 रुपये अतिरिक्त देना पड़ेगा। आयोग ने शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिजली की नई दरों को स्वीकृति दे दी है। यह एक जुलाई 2025 से प्रभावशील होंगी। विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार एक यूनिट बिजली की उत्पादन लागत जहां 7.20 रुपये है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को यह न्यूनतम 4.10 रुपये प्रति यूनिट की दर से दी जा रही है। कंपनी के एमडी भीमसिंह कंवर और नियामक आयोग ने बिजली की नई दरों को संतुलित, विकासोन्मुखी और प्राथमिकता श्रेणियों के हित में बताया है। इससे सरकार पर सब्सिडी का भार जरूर बढ़ेगा, लेकिन उपभोक्ताओं को अपेक्षित राहत मिलती रहेगी। गौरतलब है कि राज्य सरकार 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल में हाफ यानि 50 प्रतिशत की छूट दे रही है।

बचत के साथ खरीदारी में ही है समझदारी

शॉपिंग करने का क्रेज है, तो थोड़ा प्लान करके चलने से इसका मजा और भी बढ़ जाएगा। आखिर इस तरह कुछ बचत होगी और आपकी पसंद का सामान भी आएगा। जानते हैं इसी से जुड़े कुछ टिप्स… अगर आपको शॉपिंग करने का क्रेज है, तो आपका मन सेल सीजन में और भी उतावला हो जाता होगा। लेकिन शॉपिंग पर जाने से पहले उन बातों का जरूर ध्यान रखें, जिनसे सेविंग भी हो जाए और खरीदारी भी बढ़िया हो। सेल का इंतजार करें अगर आपको एक साथ ज्यादा चीजें खरीदने की आदत है, तो बेहतर होगा कि सेल सीजन का वेट करें। जब तक सेल ना लगे, तब तक मॉल में शॉपिंग करना बिल्कुल अवॉयड करें। यहां आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। शॉपिंग का अलग अकाउंट जब भी आपको पे चेक मिले, तो इसे दो अकाउंट्स में डिवाइड करें। एक को अपने बिल्स और जरूरतों के लिए रखें और दूसरे को शॉपिंग के लिए। दूसरे अकाउंट से शॉपिंग वाला दिन आने तक कोई ट्रांजैक्शन ना करें। फिजूल शॉपिंग से बचें ऐसा कुछ भी नहीं खरीदें, जिसकी जरूरत आपको तुरंत न हो। कभी तो इसकी जरूरत होगी वाली सोच रखेंगे, तो फालतू की शॉपिंग ज्यादा होगी। इस पैसे को बचाएं और अपनी जरूरत की चीजों पर खर्च करें। खर्चों का हिसाब-किताब अपने खर्चों का ट्रैक रखना बेहद जरूरी है। बेहतर है कि अपनी डिजिटल डायरी या मोबाइल फोन में नोट बनाकर आप रोजाना होने वाले खर्च का ध्यान रखें। हर महीने के अंत में चेक करें कि कहां सेविंग हो सकती थी। अगर हो सके, तो महीने की बजाय हफ्ते का हिसाब रखें। सेविंग कर दें शुरू आमतौर पर सेल जनवरी और अगस्त के आसपास लगती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए एक-दो महीने पहले ही सेविंग्स करना शुरू कर दें। मॉनसून में भी बड़ी-बड़ी सेल लगा करती हैं। ऐसे में आप सेल शुरू होने से एक महीने पहले ही सेविंग शुरू कर दें। एक बार करेंगे, तो आपको खुद ही इसमें मजा आने लगेगा। तो मॉनसून सेल एन्जॉय करने की तैयारी अभी से शुरू कर दें!  

यूपी में भीगेंगे ये जिले! चित्रकूट-कानपुर में रिकॉर्ड बारिश के बाद IMD का नया अलर्ट

लखनऊ  मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय है। शनिवार को चित्रकूट और कानपुर में सबसे ज्यादा बारिश हुई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए पूर्वानुमान जारी किया है।  बुंदेलखंड समेत प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में शनिवार को अच्छी बारिश हुई जिससे तापमान में भी एक से दो डिग्री की गिरावट महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अभी एक हफ्ते तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कहीं कम तो कहीं मध्यम व तेज बारिश होती रहेगी। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने बताया कि शनिवार को सबसे ज्यादा बारिश बुंदेलखंड क्षेत्र में दर्ज की गई। चित्रकूट में शनिवार शाम तक सबसे अधिक 216 मिमी. बारिश दर्ज की गई। वहीं कानपुर में 126 मिमी. और बांदा में 115 मिमी. बारिश दर्ज की गई। राजधानी लखनऊ में भी औसत 39.5 मिमी. बारिश हुई। मोहम्मद दानिश ने बताया कि दक्षिणी यूपी से बारिश का असर उत्तरी क्षेत्र की ओर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को आगरा और उसके आसपास के क्षेत्र में अच्छी बारिश की संभावना है।मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में ड्राई फेज समाप्त हो रहा है। अगले एक हफ्ते तक अच्छी बारिश की संभावना है। बीच में कहीं कहीं केवल बूंदाबांदी से भी संतोष करना पड़ सकता है लेकिन ज्यादातर जगह बारिश होती रहेगी। शनिवार की तरह ही रविवार को भी मौसम का मिजाज बने रहने की संभावना है। आज यहां भारी वर्षा की संभावना सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, बिजनौर, मुरादाबाद, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास के इलाकों में।   यहां मेघगर्जन/वज्रपात होने की संभावना बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुर, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास के इलाकों में।  

दमे की बीमारी में एलर्जी से बचना जरुरी

महानगरों में बढ़ते प्रदूषण ने स्वच्छ हवा, पानी, रोशनी और हरियाली को किताबी बातें बना दिया है। प्रदूषण के कारण ही सांस की बीमारी एक आम समस्या बन चुकी है। बड़ी संख्या में पेड़-पौधों के कटाव से वातावरण दूषित होता है। सांसों की एलर्जी अर्थात दमा भी इसी दूषित वातावरण की ही देन है। आज न केवल बड़े बल्कि छोटे-छोटे बच्चे और नवजात शिशु भी सांस की घुटन से राहत पाने के लिए अपने साथ नेबुलाइजर रखने को विवश हैं। दमा के बारे में अलग-अलग डॉक्टर अलग-अलग राय रखते हैं। कुछ डॉक्टरों के अनुसार यह श्वास का स्नायुविक रोग रेसपीरेटरी न्यूरोसिस है तो कुछ कहते हैं कि यह रोग रक्त में एलर्जी और टॉक्सिन्स उत्पन्न हो जाने से होता है। जो वायु हम ग्रहण करते हैं वह नाक, गला, फैंरिक्स और वायुनली से होते हुए श्वासनली के द्वारा फेफड़ों में पहुंचती है और जब हम सांस छोड़ते हैं तो इसी प्रकार वायु शरीर से बाहर निकल जाती है। वायु का यह स्वतंत्र ग्रहण और निष्कासन ही हमारी श्वसन क्रिया का आधार है। दमा को एलर्जी का ही एक प्रकार माना जाता है। कोई भी ऐसा पदार्थ जो शरीर के लिए हानिकारक हो, एलर्जी कहलाता है। जब यह पदार्थ हमारे शरीर में प्रवेश करता है तो शरीर इसका विरोध करता है। जब एलर्जीकारक हमारी श्वसन नली में प्रवेश करता है तो फेफड़ों के बचाव के लिए हमारी श्वसन व्यवस्था उसे बीच में ही रोकने का प्रयास करती है, इससे सांस लेने में कष्ट होता है। जो एलर्जी पहले से ही सिस्टम में प्रवेश कर चुकी होती है उससे बलगम और खांसी होती है और गले में सूजन आ जाती है और उसी से श्वास नली में रुकावट आ जाती है और सांस लेने में कठिनाई होती है। इस स्थिति के बार-बार उत्पन्न होने की दशा में इसे दमा की संज्ञा दी जाती है। दमा कोई बीमारी नहीं अपितु एक एलर्जी तथा वंशानुगत रोग है। सांस लेने में तकलीफ होना, दम घुटना, श्वास लेते समय सीटी जैसी आवाज होना, अक्सर छाती का दबाव या भारीपन महसूस होना, खांसते समय पसीना आना, चेहरे पर पीलापन, हाथ-पैर ठंडे रहना व्यायाम आदि करने से सांस फूल जाना, आदि कुछ ऐसे लक्षण हैं जिसके द्वारा दमा की पहचान संभव है। लगातार या बार-बार खांसी हो या दो सप्ताह से भी अधिक समय से खांसी ठीक न हो रही हो तो भी तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना उचित होता है अन्यथा आगे चलकर आपको दमे का सामना करना पड़ सकता है। दमे का दौरा अचानक और वह भी प्रायः मध्यरात्रि के बाद ही होता है। रक्त के प्लाज्मा कोर्टिसोल लेवल में प्रतिकूल परिवर्तन आने से फेफड़ों की नलिकाओं में ऐंठन पैदा हो जाती है और रोगी को दमे का दौरा पड़ जाता है। दौरे के समय रोगी को लेटने में कठिनाई होती है इसलिए वह बैठकर ही अपना समय व्यतीत करता है। दमा के उपचार के लिए ज्यादातर इन्हेलर दवाएं दी जाती हैं। दवा देने की अन्य विधियां भी हैं जैसे पंप के पाउडर सूंघने देना और सोल्यूशन नेबुलाइजर में दवा का धुआं बनाकर उस धुएं को इनहेल करने देना। इसके अतिरिक्त गोलियों व इंजेक्शन के रूप में भी दवा दी जाती है। दवाइयों के अतिरिक्त कुछ छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर भी दमे को सुरक्षित व प्रभावशाली ढंग से नियंत्रण में रखा जा सकता है। जिन्हें धूल से एलर्जी है उनके लिए आवश्यक है कि वे इससे बचें इसके लिए घर के वातावरण को साफ-सुथरा रखें। घरों में मोटे पर्दे, गलीचे आदि न लगाएं। ऐसे में सफाई के लिए झाडू के स्थान पर वैक्यूम क्लीनर का प्रयोग करें क्योंकि यह धूल के महीन से महीन कण खींच लेता है। फर्श की सफाई गीले कपड़े से करें। पालतू जानवर न पालें और तेज सुंगध से बचें आदि। विभिन्न रोगियों में एलर्जीकारक तत्व अलग अलग होते हैं। जो विभिन्न क्रियाओं से उनके भीतर प्रवेश कर सकते हैं जैसे धारा के पास रहना, आटा छानना गेहूं साफ करना आदि। इनसे भी दमे का दौरा पड़ सकता है। इसी प्रकार फूड एलर्जी का ध्यान रखना जरूरी है। खट्टी चीजें, तले हुए पदार्थ व दही न लें। जिन खाद्य पदार्थों में रंग का प्रयोग किया गया हो उनसे बचें। किसी भी दवा का लंबे समय तक सेवन करते रहना भी नुकसानदायक हो सकता है। विभिन्न रोगियों पर किए परीक्षणों से डॉक्टरों ने यह निष्कर्ष भी निकाला है कि कई बार क्रोध, चिन्ता, डर, उत्तेजना या अधिक मेहनत करने के कारण हुई थकावट भी इस रोग को बढ़ा सकते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि ऐसी स्थिति से बचा जाए। प्राकृतिक चिकित्सा के पक्षधरों का मानना है कि दोषपूर्ण खान-पान रहन-सहन, बढ़ती भौतिक सुख-सुविधाएं और घटता हुआ शारीरिक श्रम और व्यायाम से जी चुराने की प्रवृत्ति ही दमे के लिए उत्तरदायी है। जलनेति, सुत्रनेति और कुंजल आदि क्रियाओं का दमे के उपचार में महत्वपूर्ण स्थान है। जलनेति और सूत्रनेति करने से नासामार्ग के अवरोध दूर हो जाते हैं और रोगी को सांस लेने में सुविधा होती है। ऊपरी श्वसन मार्ग को साफ करने के लिए ये क्रियाएं बहुत उपयोग होती हैं। ये क्रियाएं श्वसन मार्ग के संक्रमण को न्यूनतम करने का प्रयास करती हैं। दूसरी क्रिया कुंजल है। इस क्रिया द्वारा सभी अनपचे खाद्य पदार्थों को रोगी के शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। प्रायः इस क्रिया के बाद अम्लीय गंध लिए हरा-पीला सा म्यूक्स जैसा स्राव निकलता है। इस क्रिया से भी रोगी को आराम मिलता है। इनके अतिरिक्त गहरी सांस लेना और प्राणायाम ऐसी क्रियाएं हैं जो दमा के रोगियों के लिए बहुत लाभकारी होती हैं। दमा के रोगियों को अपने आहार तथा सांस में कठिनाई का रिकार्ड रखना चाहिए। एक या दो मास इस तरह का रिकार्ड रखने पर रोगी की यह ज्ञात हो जाता है कि कौन सी चीजें खाने पर उसकी तकलीफ बढ़ती है। इससे रोगी के आहार से आसानी से एलर्जीकारक चीजों को निकाला जा सकता है। दमा के रोगी को तरोताजा अहसास व शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम जैसे जॉगिंग, स्वीमिंग तथा योगासन आदि करने चाहिए। तैरने से श्वसन क्षमता में वृद्धि होती है। खुली हवा में घूमना-फिरना भी लाभकारी है इससे ताजी हवा फेफड़ों में पहुंचती है। हालांकि … Read more