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GST संरचना से जूझ रहा दवा व्यापार, इनपुट पर टैक्स कटौती की मांग

इंदौर दवाओं के निर्माण के लिए जो कच्चा माल खरीदना पड़ रहा है, उस पर (टैक्स) की दर ज्यादा है जबकि तैयार दवाओं की बिक्री पर जीएसटी की दर कम है। दवा निर्माताओं के संगठन ने मांग उठाई है कि कच्चे माल और दवा के बीच जीएसटी के अलग-अलग रेट का भेद खत्म किया जाना चाहिए। साथ ही दवा बनाने के मटैरियल और तैयार दवा दोनों पर जीएसटी की दर घटाकर पांच प्रतिशत के स्लैब में लाना चाहिए। यह मांग ठीक ऐसे समय उठाई गई है जब आने वाले दिनों में जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक होने जा रही है। इसमें जीएसटी की स्लैब व अन्य प्रविधानों में आठ वर्षों में सबसे बड़े बदलाव की उम्मीद है। बेसिक ड्रग डीलर्स एसोसिएशन मप्र ने सरकार को पत्र लिखकर दवाओं के कच्चे माल और तैयार दवाओं दोनों पर जीएसटी की दर पांच प्रतिशत करने की मांग की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में पत्र लिखा है और मांग की है कि प्रदेश की ओर से जीएसटी काउंसिल को इस बारे में प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए। बेसिक ड्रग डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव जयप्रकाश मूलचंदानी कहते हैं कि वर्तमान में दवा बनाने के कच्चे माल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होता है।   ब्रिक्री पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है इस मटैरियल से जो दवा तैयार होती है, उसकी बिक्री पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है। टैक्स की दर का यह अंतर व्यापार में व्यावहारिक परेशानी पैदा कर रहा है। टैक्स के रूप में दवा कारोबारियों का छह प्रतिशत जीएसटी विभाग के पास जमा रहता है। जबकि निर्माण लागत बढ़ने से उपभोक्ताओं के लिए दवाएं महंगी हो जाती हैं। एसोसिएशन ने मांग रखी है कि दवाओं और कच्चे माल दोनों पर ही जीएसटी की दर पांच प्रतिशत की जानी चाहिए। इनवर्टेड ड्यूटी के अलग नियम कर सलाहकार आरएस गोयल के अनुसार जीएसटी कर प्रणाली में कई वस्तुओं में कच्चे माल पर अधिक व तैयार उत्पाद पर कम टैक्स लागू है। इसके लिए एक इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर लागू होता है। इसमें सरकार ने प्रविधान किया है कि कच्चे माल पर अधिक टैक्स देकर तैयार माल कम टैक्स पर बेचा जाता है तो जो टैक्स का अंतर होता है, उसका रिफंड दिया जाए। व्यापारी को अधिकार होता है कि वह रिफंड हासिल करे। दवाओं के मामले में भी रिफंड का यह नियम लागू है। हालांकि रिफंड लेने के लिए कागजी कार्रवाई तो करना ही होगी। काउंसिल व्यापारियों को राहत देने के लिए कागजी कार्रवाई का बोझ कम कर प्रक्रिया को आसान बना सकती है।

धरती आबा की छांव में खुशहाली: योजनाओं से सशक्त हो रहे आदिवासी परिवार

आधार, आयुष्मान, राशन कार्ड, बीमा और स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ, पोषण वाटिकाएं भी बन रही रायपुर, छत्तीसगढ़  प्रदेश में चलाए जा रहे धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत  अनुसूचित जनजाति ग्रामों में शासन की योजनाओं का व्यापक क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस कड़ी में कोरिया जिले के सोनहत और बैकुंठपुर विकासखंड के इन गांवों में हजारों पात्र परिवारों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, पेंशन, श्रम कार्ड, जॉब कार्ड और बीमा योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। जनपद पंचायत सोनहत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने  बताया कि विकासखंड में 2,626 लक्षित परिवारों और 9,320 जनसंख्या के लिए शासन की महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जरूरी योजनाओं से फायदा पहुंचाने के लिए आवेदन लिया गया है, मनरेगा जॉब कार्ड, जीवन ज्योति बीमा और सुरक्षा बीमा योजना जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक पेंशन योजना के तहत 85 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 28 स्वीकृत हुए, 7 अपात्र पाए गए और शेष प्रक्रियाधीन हैं। साथ ही, 111 जाति प्रमाण पत्र और 100 निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को भी ग्रामीणों तक पहुँचाया जा रहा है। टीबी एवं सिकलसेल की जांच की जा रही है और जरूरतमंदों को उपचार से जोड़ा जा रहा है साथ ही आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क जाँच उपरांत दवाई वितरण भी किया जा रहा है। बैकुंठपुर एसडीएम से प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड में अब तक 23 क्षय रोग के सक्रिय मरीज चिन्हित किए गए हैं। वहीं, 391 जाति प्रमाण पत्र, 361 निवास प्रमाण पत्र और 269 राशन कार्ड बनाए गए हैं। पोषण सुरक्षा की दिशा में 2,837 पोषण वाटिकाएं भी तैयार की गई हैं। साथ ही, मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत टीकाकरण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। अभियान की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी के लिए धरती आबा पोर्टल बनाया गया है। अभियान का उद्देश्य दूरस्थ आदिवासी अंचलों के पात्र परिवारों को सीधे शासन की योजनाओं से जोड़ना है, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

सीएम यादव ने कहा- पीएम मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेशकों का यज्ञ चल रहा है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेशकों का यज्ञ चल रहा है, जिसमें बड़े पैमाने पर निवेशकों से समर्थन मिल रहा है। प्रदेश सरकार आकर्षक औद्योगिक और निवेश नीतियों के माध्यम से निवेश आकर्षित करने का निरंतर प्रयास कर रही है। विगत एक वर्ष में प्रदेश के संभागों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और देश के प्रमुख औद्योगिक नगरों में रोड-शो आयोजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को नई दिल्ली से दुबई रवाना होने से पहले अपने संदेश में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था, जिसमें 30 लाख करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ था। निवेश आकर्षित करने का यह सिलसिला लगातार जारी है। हाल ही में सूरत, लुधियाना और जोधपुर में भी सफल रोड-शो का आयोजन किया गया है। इसी क्रम में विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से 13 से 19 जुलाई के बीच दुबई और स्पेन की यात्रा की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की समृद्धि बढ़ाने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह दौरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के पहले वे प्रदेशवासियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि मध्यप्रदेश सरकार सभी वर्गों महिला, युवा, किसान और गरीब के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में इसी प्रकार से काम करती रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दुबई और स्पेन की यात्रा के माध्यम से विदेशी निवेशकों को प्रदेश में निवेश संभावनाओं और आकर्षक निवेश नीतियों से अवगत कराया जाएगा। इस यात्रा के दौरान दुबई और स्पेन के निवेशकों के बीच राज्य की औद्योगिक निवेश के संबंध में ब्रांडिंग की जाएगी, जिससे मध्यप्रदेश विदेशी निवेश में शीर्ष राज्य बने। प्रदेश में सभी प्रकार के उद्योग, भारी उद्योग, मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्यम, आईटी सहित पर्यटन, वन, खनन, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। साथ ही प्रदेश के विभिन्न अंचलों जैसे चंबल, महाकौशल, विंध्य, मालवा और बुंदेलखंड अंचल की विशेषताओं के आधार पर अनुकूल प्लानिंग के साथ विदेशी सरकारों के सौजन्य से विदेशी निवेशकों से चर्चा की जाएगी।  

कालीसिंध नदी में समाई कार, इंदौर-बैतूल मार्ग पर हादसे में दो की जान गई

देवास इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर हादसों के लिहाज से डेंजर जोन में शामिल मोखापीपल्या क्षेत्र में कालीसिंध नदी पर बने अंग्रेजों के जमाने के पुल पर रविवार को हादसा हो गया। पुल पर सामने से ट्रक आने के दौरान खातेगांव की ओर से आ रही एक कार अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। कार के दरवाजे लॉक हो जाने के कारण लोग समय पर बाहर नहीं निकल पाए। कार गिरती देख मौके पर मौजूद ग्रामीण नदी में कूदे, कुछ ही देर में पुलिस भी पहुंच गई। कार के कांच तोड़कर चार लोगों को बाहर निकाला गया और बागली के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच करके दो को मृत घोषित कर दिया जबकि दो अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में इंदौर रेफर कर दिया गया।   ओपी और आनंद की मौत पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कार में उच्या तेवन निवासी चंडीगढ़, आनंदराज निवासी इंदौर, ओपी निवासी अमृतसर, इलैयाराजा निवासी जयपुर सवार थे। इसमें ओपी और आनंद की मौत हुई है। बागली एसडीओपी सृष्टि भार्गव ने बताया किसी कारण से कार अनियंत्रित होकर नदी में गिरी थी, सामने से आ रहे ट्रक से टक्कर नहीं हुई है। बचाव कार्य में कई ग्रामीण कांच लगने से हुए घायल हादसे के बाद मोखापीपल्या के सरपंच जितेंद्र सिंह, अर्जनुसिंह पुत्र बने सिंह दरबार, अर्जुन सिंह पुत्र विक्रमसिंह, सूरज सिंह पुत्र गुलाब सिंह, राजपाल पुत्र अनार सिंह आदि नदी में उतरे थे, कांच तोड़ने के दौरान कई ग्रामीणों हाथ-पैर में कांच से चोट लग गई। ग्रामीणों के अनुसार जहां पर कार गिरी वहां पर करीब 8-10 फीट पानी था। पुल संकरा, हादसों का लंबा इतिहास ग्रामीणों के अनुसार मोखापीपल्या में कालीसिंध नदी पर बना पुल अंग्रेजों के समय का है। यहां हादसे होना आम बात हो गई है। बारिश के मौसम व अन्य दिनों में भी वाहन पलटकर नदी में गिरते रहते हैं। यदि पुल पर कोई वाहन खराब हो जाता है, तो कई किमी का लंबा जाम भी लग जाता है।

बरसात का मिज़ाज: राजधानी में बादल-धूप की लुका-छिपी, कई जिलों में बारिश से राहत

जयपुर राजस्थान में मानसून मेहरबान है। राजधानी जयपुर में शनिवार को सावन की रिमझिम फुहारें चलीं। बादलों ने आसमान में ऐसा नजारा बनाया कि मानों कैनवास पर पहाड़ों की सुंदर तस्वीर हो। दुर्गापुरा से महारानी फार्म की तरफ जाने वाली सड़क पर बादलों ने ऐसा आभास दिया कि जैसे बड़े-बड़े पहाड़ यहां अचानक आ खड़े हुए हों। जबकि असल में यहां कोई पहाड़ नहीं हैं लेकिन बादलों के समूह ने खुद ऐसा नजारा आसमान में बना डाला। देखने में यह नजारा आंखों को बेहद सुकून देने वाला था। जयपुर में शनिवार को मौसम उतार-चढ़ाव वाला रहा। यहां दिन में हल्के बादल रहे और कई जगह बूंदाबांदी हुई। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप निकली। अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। झालावाड़, धौलपुर, करौली और अलवर में तेज बारिश हुई। झालावाड़ में 4 इंच से ज्यादा पानी बरसा। पिछले 24 घंटे के दौरान राजस्थान सबसे ज्यादा बरसात झालावाड़ के मनोहर थाना में 108 एमएम दर्ज हुई। वहीं धौलपुर के सैंपऊ में 50, भरतपुर के नगर में 38, बांसवाड़ा के सलोपत में 35 एमएम बारिश हुई। अलवर के थानागाजी में 50, गंगानगर के केसरीसिंहपुर में 31 और उदयपुर में 36 एमएम बरसात हुई। इन जिलों के अलावा सिरोही, चित्तौड़गढ़, करौली, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

राज्यपाल पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल श्री पटेल का श्री तोमर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।  बैठक के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।  

एक्सप्रेसवे बना मौत का रास्ता: दर्दनाक हादसे में चार मृत, छह से अधिक घायल

कोटा जिले के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर हुए भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, वहीं आधा दर्जन लोग घायल हो गए। यह हादसा जिले के बूढ़ादीत थाना इलाके में चम्बल नदी पर हुआ। हादसे में मरने वाले लोग करौली के रहने वाले थे। जो कि मध्यप्रदेश के इंदौर से एक कार्यक्रम में भाग लेकर वापस करौली लौट रहे थे। हादसे में गाड़ी बुरी तरह से चकनाचूर हो गई। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां पर उनका उपचार जारी है। बूढ़ादीत थाना अधिकारी रघुनाथ सिंह ने बताया कि करौली का एक परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ गोद भराई के कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के इंदौर गया था। कार्यक्रम समाप्ति के बाद सभी लोग इंदौर से वापस दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के रास्ते करौली लौट रहे थे। तभी बूढ़ादीत के पास चंबल नदी पर अज्ञात वाहन ने टेंपो ट्रैक्स को टक्कर मार दी, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। इस जोरदार टक्कर के बाद टेंपो ट्रैक्स वाहन पीछे से एक अन्य वाहन से टकरा गया। पुलिस ने बताया कि हादसे में सुरेश सोनी, गीता सोनी और अनिल की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बृजेश को अस्पताल ले जाते समय उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। हादसे के दौरान गाड़ी में 15 से अधिक लोग सवार थे। घायलों को पहले बूंदी जिले के दहीखेड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें कोटा एमबीएस अस्पताल रैफर कर दिया गया। जहां सभी का उपचार जारी है। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया है। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान करने के प्रयास कर रही है।

लॉर्ड्स में नीतीश ने जैक क्रॉउली का किया शिकार, इंग्लैंड की पारी लड़खड़ाई

लॉर्ड्स भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर तीसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है। मैच के चौथे दिन मोहम्मद सिराज ने बेन डकेट को आउट करके इंग्लैंड को पहला झटका दिया। सिराज ने ओली पोप को भी अपना शिकार बनाया। बेन 12 और ओली 4 रन बनाकर आउट हुए। नीतीश रेड्डी ने जैक क्रॉउली को पवेलियन भेजा। क्रॉउली ने 22 रन बनाया। इंग्लैंड ने पहली पारी में जो रूट के शतक की बदौलत 387 रन बनाए। इसके जवाब में भारत लोकेश राहुल के शानदार शतक की मदद से इंग्लैंड के स्कोर को बराबर करने में सफल रहा। हालांकि भारतीय टीम ने अंतिम सेशन में 71 रन के अंदर पांच विकेट गंवाए, जिससे उसे बढ़त नहीं मिली। मोहम्मद सिराज ने ओली पोप को भी किया आउट मोहम्मद सिराज ने रविवार को लॉर्ड्स टेस्ट के चौथे दिन ओली पोप को पवेलियन का रास्ता दिखाया। पोप 4 रन ही बना सके। बुमराह ने जैक क्रॉउली को किया परेशान जसप्रीत बुमराह ने जैक क्रॉउली को चौथे दिन के शुरुआती ओवर से ही परेशान किया हुआ है। लगातार गेंदों पर क्रॉउली रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 

मनेंद्रगढ़ को मिली शैक्षणिक सौगात, चैनपुर में बनेगा नवोदय विद्यालय

एमसीबी मनेंद्रगढ़ अब स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हो रहा है। क्षेत्रवासियों के लिए एक और बड़ी सौगात के रूप में जवाहर नवोदय विद्यालय की  स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। चैनपुर में इस विद्यालय के लिए 11.8 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया गया है।   स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निरंतर प्रयासों से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हो सकी है। उनके नेतृत्व में मनेंद्रगढ़ को पहले ही मेडिकल कॉलेज जैसी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा मिल चुकी है, और अब शिक्षा के क्षेत्र में भी नई क्रांति की शुरुआत हो रही है।    जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना से अब जिले के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही जिले में मिल सकेगी। उन्हें उच्च स्तर की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे अभिभावकों की चिंता भी कम होगी और विद्यार्थियों का समग्र विकास संभव होगा।    यह कदम मनेंद्रगढ़ क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा और आने वाले वर्षों में यहां की नई पीढ़ी को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएगा।

विदिशा में लापरवाही पर भड़के शिवराज, चेताया- केंद्र से दल बुलाया तो सबकी खैर नहीं

विदिशा जिले में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री और सांसद शिवराज सिंह चौहान अधिकारियों पर जमकर बरसे। मनरेगा कार्यों में मशीनों के उपयोग और योजना में अनियमितताओं को लेकर उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि केंद्र से जांच दल आया, तो सभी नप जाएंगे। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जिले में मनरेगा के तहत मशीनों से काम कराया जा रहा है। विधायक उमाकांत शर्मा और जिला पंचायत के कृषि समिति अध्यक्ष धनराज दांगी ने कहा कि मजदूरी दर इतनी कम है कि मजदूर काम ही नहीं करना चाहते। इस पर चौहान ने स्पष्ट किया कि मनरेगा कानून के अनुसार 60 प्रतिशत राशि मजदूरी पर खर्च होनी चाहिए।   मनरेगा में सबसे ज्यादा गड़बड़‍ियां उन्होंने कहा, मनरेगा में सबसे अधिक गड़बड़ियां होती हैं। अगर मैंने केंद्रीय टीम भेजी, तो कोई नहीं बचेगा। चौहान ने 121 अमृत सरोवरों का भौतिक सत्यापन कराने और आवास योजना में धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आवंटन में कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। दो साल से जिले में हो, कुछ नहीं जानते कृषि विभाग की समीक्षा में भी अधिकारियों की तैयारियों की पोल खुल गई। जब शिवराज ने बीज वितरण और लक्ष्य की जानकारी मांगी, तो उप संचालक कृषि केएस खपेड़िया जवाब नहीं दे सके। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दो साल से जिले में हो और कुछ नहीं जानते। जिले में 287 किसानों की सोयाबीन बोवनी खराब होने की जानकारी पर चौहान ने तत्काल राहत और मुआवजा प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। दुकानों के साथ कंपनियों पर भी कार्रवाई हो उन्होंने अमानक खाद और कीटनाशक मामले में सिर्फ दुकानदारों पर कार्रवाई को नाकाफी बताया और उत्पादक कंपनियों पर भी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा विधायक मुकेश टंडन और गीता रघुवंशी ने ठेकेदारों के डंपरों द्वारा ग्रामीण सड़कों को नुकसान पहुंचाने की शिकायत की। इस पर एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के आदेश दिए गए।