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खिलौना या डरावना सपना? लोगों को सहमा देने वाला ये टॉय एक साल में ही हुआ बैन

नई दिल्ली  खिलौने बच्चों के लिए मनोरंजन का साधन होते हैं जो उन्हें सीखने और उनके विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। ये बच्चों को कल्पनाशील और रचनात्मक बनने में मदद करते हैं और खेल-खेल में गिनती, अक्षर, शेप और कलर जैसी चीजें भी सिखाते हैं। कुछ खिलौने सामाजिक विकास में भी सहायक होते हैं लेकिन क्या आपने कभी ऐसे किसी खिलौने का नाम सुना है जो इतना खतरनाक साबित हुआ हो कि उसे बैन (प्रतिबंधित) करना पड़ गया हो? जी हां दुनिया में एक ऐसा खिलौना बनाया गया था जो सच में इतना खतरनाक था कि बाद में उसे प्रतिबंधित करना पड़ा। गिल्बर्ट यू-238 परमाणु ऊर्जा प्रयोगशाला: एक रेडियोएक्टिव 'लर्निंग सेट' वह खतरनाक खिलौना था 'गिल्बर्ट यू-238 परमाणु ऊर्जा प्रयोगशाला'। यह 1950 के दशक की शुरुआत में बेचा गया था। यह एक रेडियोएक्टिव खिलौना और साथ ही एक लर्निंग सेट भी था। $49.50 में मिलने वाले इस खिलौने में यूरेनियम अयस्क के चार सैंपल (ऑट्यूनाइट, टॉर्बरनाइट, यूरेनिनाइट, कॉर्नोटाइट) शामिल थे। इसके साथ इसमें एक गाइगर काउंटर (जो रेडिएशन नापने के काम आता है) और अलग-अलग कुछ अन्य औज़ार भी थे। इस सेट के साथ लोकप्रिय ब्लोंडी कॉमिक स्ट्रिप से डैगवुड पर आधारित एक कॉमिक बुक भी आई थी जिसका शीर्षक था 'लर्न हाउ डैगवुड स्प्लिट्स द एटम'। इसे मैनहट्टन प्रोजेक्ट के निदेशक जनरल लेस्ली ग्रोव्स के साथ मिलकर लिखा गया था। कैंसर और गंभीर बीमारियों का खतरा: क्यों किया गया बैन? साल 2006 में परमाणु ऊर्जा प्रयोगशाला को अब तक के 10 सबसे खतरनाक खिलौनों में से एक बताया गया था। इस खिलौने के लॉन्च के एक साल के भीतर ही इसे मार्केट से बैन करना पड़ा था क्योंकि इससे लोगों की जान पर बन आई थी। यह आज के आधुनिक टॉयगन जैसा कोई खिलौना नहीं था बल्कि बच्चों को रेडियोएक्टिव सामग्री जैसे कि यूरेनियम 238, पोलोनियम 210, लेड 210 और रेडियम 226 के साथ प्रयोग करने का मौका देता था। इससे बच्चों के लिए कैंसर और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे खतरे पैदा होने लगे थे। इस गेम के अंदर कई उपकरण और एक मैनुअल भी था जिसके ज़रिए बच्चों को बताया जाता था कि कैसे वे अपनी परमाणु चीजों के बारे में सीख सकते हैं। रेडियोएक्टिव रेडिएशन बहुत खतरनाक होता है लेकिन इस गेम में ग्लव्स या गाइडलाइन्स जैसी कोई सुरक्षा चीज़ें नहीं थीं। उस वक्त यह सोचा गया था कि बच्चे इससे चीजें सीखेंगे और विज्ञान की दुनिया में आगे बढ़ेंगे लेकिन इस भयंकर खतरे को देखते हुए इसे बाद में बैन करना पड़ा था।  

डॉक्टरों की आंखें खुली की खुली रह गईं, जब पेट में मिले 36 साल पुराने जुड़वा भ्रूण

नई दिल्ली  चिकित्सा विज्ञान में कभी-कभी ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आते हैं जो डॉक्टरों को भी सोचने पर मजबूर कर देते हैं। ऐसा ही एक दुर्लभ और हैरान करने वाला मामला नागपुर के संजू भगत नामक व्यक्ति से जुड़ा है, जो 36 साल तक अपने पेट में एक अधूरे जुड़वा भ्रूण के साथ जीवित रहा। यह मेडिकल स्थिति 'फीटस इन फीटू' (Fetus in Fetu) कहलाती है। बचपन से पेट दिखता था फूला हुआ संजू भगत का पेट बचपन से ही सामान्य बच्चों की तुलना में कुछ ज्यादा फूला हुआ था। परिवार वालों ने इसे साधारण मोटापा समझ कर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन जैसे-जैसे संजू की उम्र बढ़ती गई, उनका पेट असामान्य रूप से बढ़ता गया। स्थिति इतनी अजीब हो गई कि लोग उन्हें मजाक में 'प्रेग्नेंट आदमी' कहकर बुलाने लगे।   1999 में बिगड़ी तबीयत, पहुंचना पड़ा अस्पताल करीब 1999 के आसपास, संजू की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उनका बढ़ता हुआ पेट डायाफ्राम पर दबाव डालने लगा, जिससे उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। जब स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हुई, तो उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।   ऑपरेशन में निकला इंसानी भ्रूण, डॉक्टर रह गए दंग अस्पताल में डॉक्टरों को शुरू में लगा कि संजू के पेट में कोई बड़ा ट्यूमर है। डॉक्टर अजय मेहता और उनकी टीम ने ऑपरेशन का फैसला किया। लेकिन जैसे ही उन्होंने सर्जरी शुरू की, नजारा देखकर सब हैरान रह गए। पेट में ट्यूमर नहीं, बल्कि एक अधूरा मानव भ्रूण मौजूद था। डॉक्टरों को ऑपरेशन के दौरान हड्डियां, बाल, जबड़ा और अन्य अंग दिखाई दिए। यह सब देखकर मेडिकल टीम भी हैरान रह गई। क्या होता है फीटस इन फीटू? 'Fetus in Fetu' एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति है, जिसमें गर्भ के दौरान एक जुड़वा भ्रूण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जबकि दूसरा भ्रूण अधूरा रह जाता है और पहले भ्रूण के शरीर के अंदर ही विकसित होता रहता है। यह अधूरा भ्रूण अक्सर पेट या शरीर के किसी हिस्से में पाया जाता है और विकसित भ्रूण के शरीर से ही रक्त आपूर्ति प्राप्त करता है। हालांकि, इसका अपना मस्तिष्क, दिल या अन्य महत्वपूर्ण अंग पूरी तरह विकसित नहीं होते। सफल ऑपरेशन के बाद मिली राहत संजू भगत का यह मामला पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया। सर्जरी के बाद उनका पेट सामान्य हुआ और उन्हें राहत मिली। डॉक्टरों का कहना है कि यह एक बेहद दुर्लभ और चिकित्सा विज्ञान के लिए अध्ययन योग्य केस था।

गांव में हाथी का कहर, हमले और तबाही के बाद जंगल की ओर हुई वापसी

धमतरी वनांचल क्षेत्र से भटककर मैदानी क्षेत्र पहुंचा एक हाथी अब केरेगांव क्षेत्र के जंगल में पहुंच गया है। 24 घंटे के भीतर हाथी 50 किलोमीटर चले और हाईवे पार करते हुए अब जंगल में चला गया है। हाथी के जाने के बाद मैदानी क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग इस हाथी पर नजर रखे हुए है। एक ही दिन में हाथी कई किसानों के धान फसल को रौंदकर जमकर नुकसान पहुंचाया है। हाथी के वनांचल क्षेत्र पहुंचने के बाद ही वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी राहत महसूस किया है। भखारा क्षेत्र के गांवों में जंगली हाथी कभी पहुंच जाएगा, ऐसा लोगों ने कभी नहीं सोचा था, लेकिन हाथी वनांचल क्षेत्र से भटककर 11 जुलाई को मैदानी क्षेत्र के ग्राम रीवांगहन, भेंडरा, डोमा, खम्हरिया में पहुंच गया। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। यह हाथी किसानों के खेत होते हुए पहुंचा था।   पल-पल का लोकेशन की जानकारी ले रहा था मैदानी क्षेत्र में हाथी के प्रवेश करने से वन विभाग के अमला भी रातभर नहीं सो पाया, क्योंकि हाथी किसी को मारकर नुकसान न पहुंचा दें। हालांकि हाथी ने मैदानी क्षेत्र में एक युवक पर हमला जरूर किया था, जो घायल हो गया था, ऐसे में वन विभाग की टीम इस हाथी का पल-पल का लोकेशन की जानकारी ले रहा था। रातभर यह हाथी कई किलोमीटर चले और हाईवे पार करके वनांचल क्षेत्र पहुंच गया है। मिली जानकारी के अनुसार हाथी भखारा रोड पार करके डोमा, खम्हरिया, ढिमरटिकुर नवागांव, देवपुर होते हुए केरेगांव परिक्षेत्र के जोगीडीह के जंगल में पहुंचा।   विभाग की टीम व पुलिस जवान लगे रहे हाथी पिछले 24 घंटों के भीतर 50 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर केरेगांव रेंज में पहुंच चुका है। सुरक्षा के मद्देनजर हाथी के पीछे वन विभाग की टीम व पुलिस जवान लगे रहे, ताकि किसी तरह जनहानि न हो। हाथी मानिटरिंग टीम के कर्मचारियों को सिंगल हाथी कक्ष क्रमांक 143 में पद चिन्ह मिला, तब जाकर कर्मचारियों ने राहत ली। डिप्टी रेंजर आरके तिवारी ने बताया कि हाथी केरेगांव क्षेत्र के जंगल पहुंच चुका है। किसानों के धान फसल को पहुंचाया नुकसान हाथी एक ही दिन में ग्राम भेंडरा, रीवांगहन, डोमा, खम्हरिया, डाही, छाती, डांडेसरा, ढिमरटिकुर नवागांव, देवपुर समेत कुछ अन्य गांव खेत वाले मार्ग से पहुंचे। इस दौरान हाथी कई किसानों के खेतों से होते हुए निकले, तो खेतों में लगे खरीफ सीजन के धान फसल को रौंदकर नुकसान पहुंचाया है। धान फसल के रौंदने से कई किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई से हरदा में करणी सेना का आंदोलन समाप्त, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल

हरदा मध्य प्रदेश के हरदा में धोखाधड़ी के आरोपी को पुलिस द्वारा संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए शनिवार को करणी सेना ने प्रदर्शन किया। इस दौरान इसके बाद पुलिस ने करणी सेना जिला अध्यक्ष सुनील सिंह राजपूत सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में करणी सेना के कार्यकर्ता खंडवा बायपास पर बैठ गए और जाम लगा दिया। पुलिस ने रात में इन्हें हटाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी की बौछारें डाली और फिर आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान पुलिस ने राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर सहित दर्जनों कार्यकर्ता गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद करणी सेना का यहां हो रहा प्रदर्शन खत्म हो गया।   पुलिस ने रिमांड ही नहीं मांगी करणी सेना का आरोप है कि धोखाधड़ी के आरोपी को जब कोर्ट में पेश किया गया तो पुलिस ने उसकी रिमांड भी नहीं मांगी। इस दौरान सिटी कोतवाली पर शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज भी कर दिया था। जिला अध्यक्ष सहित 4 लोगों की गिरफ्तारी के खिलाफ करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इसके साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।

फेक प्रोफाइल के जाल में फंसी अर्जिता फुकन, वायरल तस्वीरों के आरोपी की हुई गिरफ्तारी

असम  असम के डिब्रूगढ़ में प्रतीम बोरा नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसने अर्चिता फुकन का फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर उनकी मॉर्फ्ड तस्वीरें अपलोड की थीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी बोरा फुकन का पूर्व साथी रहा है। उसने महिला को बदनाम करने और उत्पीड़न के मकसद से आपत्तिजनक कंटेंट अपलोड किया था। टिनसुकिया का निवासी बोरा कई हफ्तों से इस फेक प्रोफाइल को ऑपरेट कर रहा था, जिसके बाद फुकन के भाई की शिकायत पर शनिवार शाम उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अर्चिता फुकन को बेबीडॉल अर्ची के नाम से जाना जाता है। उसने बताया कि फर्जी अकाउंट से उनकी तस्वीरों को अमेरिकी एडल्ट स्टार केंड्रा लस्ट के साथ मॉर्फ करके शेयर किया गया। असम की इस युवती ने कहा कि उनके दोस्तों और परिचितों ने सोशल मीडिया पर वायरल इन मॉर्फ्ड तस्वीरों को देखा। पुलिस ने बताया कि प्रीतम बोरा छिप गया था, लेकिन उसका फोन ट्रेस करके उसे टिनसुकिया के एक किराए के अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया। उसके फोन और लैपटॉप को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। फुकन के साथ बोरा ने ऐसा क्यों किया पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी बोरा ने स्वीकार किया कि उसने फुकन के पुराने सोशल मीडिया पोस्ट से तस्वीरें लेकर उन्हें एडिट किया था। उसने बताया कि रिश्ता खत्म होने के बाद गुस्से और भावनात्मक निराशा के कारण उसने यह फर्जी अकाउंट बनाया। बोरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी, मानहानि, पहचान हेरफेर, अश्लीलता और गोपनीयता के उल्लंघन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। बोरा पुलिस हिरासत में है और जल्द ही उसे अदालत में पेश किया जाएगा।  

‘हिंदी बोलूंगा’ कहने पर हमला, ऑटो चालक को उद्धव सेना ने बनाया निशाना

मुंबई महाराष्ट्र में भाषा को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। यहां पर पालघर जिले में एक ऑटो चालक को मराठी विरोधी टिप्पणी के लिए पीटा गया है। यह मारपीट उद्धव ठाकरे सेना गुट के कार्यकर्ताओं ने की है। शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं द्वारा ऑटो चालक के साथ बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जाता है कि कुछ दिन पहले इस ऑटो चालक का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में एक व्यक्ति उससे पूछ रहा था कि वह मराठी क्यों नहीं बोल रहा है। इसके जवाब में यह ड्राइवर बार-बार कह रहा था कि वह हिंदी बोलेगा।  

हमले से राज्यसभा तक का सफर: कौन हैं संघर्ष की मिसाल बने सदानंदन मास्टर?

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान से प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया है। इनमें केरल के शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता सी. सदानंदन मास्टर भी शामिल हैं, जिनका जीवन शिक्षा और संघर्ष की प्रेरणादायक मिसाल है। उनके नाम की घोषणा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, ''सी. सदानंदन मास्टर का जीवन साहस और अन्याय के आगे न झुकने की प्रतिमूर्ति है। हिंसा और धमकी भी राष्ट्र विकास के प्रति उनके जज्बे को डिगा नहीं सकी। एक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उनके प्रयास सराहनीय हैं। युवा सशक्तिकरण के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता है। राष्ट्रपति जी द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत होने पर उन्हें बधाई। सांसद के रूप में उनकी भूमिका के लिए शुभकामनाएं।'' कौन हैं सदानंदन मास्टर? सदानंदन मास्टर केरल के त्रिशूर जिले के पेरमंगलम स्थित श्री दुर्गा विलासम हायर सेकेंडरी स्कूल में 1999 से सामाजिक विज्ञान के शिक्षक हैं। उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से बी.कॉम और कालीकट विश्वविद्यालय से बी.एड किया है। वह केरल में राष्ट्रीय अध्यापक संघ के उपाध्यक्ष और उसकी पत्रिका 'देशीय अध्यापक वार्ता' के संपादक भी हैं। 25 जनवरी 1994 को जब सदानंदन मास्टर सिर्फ 30 वर्ष के थे, तब केरल के कन्नूर जिले में उनके घर के पास उन पर जानलेवा हमला हुआ था। यह इलाका केरल में लंबे समय से राजनीतिक हिंसा का गढ़ माना जाता है। हमले में उनके दोनों पैर काट दिए गए। आरोप है कि हमला सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया था और यह उनके वामपंथ से वैचारिक असहमति का परिणाम था। इस हादसे के बावजूद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से नाता नहीं तोड़ा और लगातार सक्रिय रहे। उन्होंने पूर्व में कन्नूर की कूथुपरम्बा विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा है और भारतीय विचार केंद्रम जैसे वैचारिक संगठनों से जुड़े रहे हैं। वह राजनीतिक हिंसा के खिलाफ मुखर रहे। इसके अलावा, शैक्षिक सुधारों में उनकी रुचि रही है। वह शांति और वैचारिक संतुलन की वकालत करने के साथ-साथ वैचारिक जागरूकता का प्रचार-प्रसार करते हैं। सी. सदानंदन मास्टर की पत्नी वनीता रानी भी एक शिक्षिका हैं। उनकी बेटी यमुना भारती बीटेक की छात्रा हैं। उनका परिवार शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है।  

तमिलनाडु में बड़ा हादसा: डीजल ले जा रही मालगाड़ी में लगी भीषण आग

तिरुवल्लूर तमिलनाडु में तिरुवल्लूर के निकट डीजल ले जा रही मालगाड़ी में रविवार सुबह भीषण आग लग गई। रेलवे के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग पहले मालगाड़ी के एक डिब्बे में लगी और फिर तेजी से दूसरे डिब्बों में फैल गई। आग की तेज लपटें काफी ऊपर तक उठती नजर आईं, जिसका वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। रेलवे अधिकारी ने कहा कि सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल पर भेज दिया गया। रेल सेवाओं के लिए ओवरहेड विद्युत आपूर्ति रोक दी गई। दक्षिणी रेलवे ने एक बयान में कहा, 'एहतियाती उपाय के तौर पर लोकल ट्रेन सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा 8 एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और 5 अन्य ट्रेनों के मार्ग बदल दिए गए हैं। 8 ट्रेनों को उनके गंतव्य स्थान से पहले ही रोक दिया गया है।’ आग लगने के कारण की चल रही जांच सीनियर अधिकारी ने बताया कि आग लगने का कारण तत्काल पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसकी जांच की जा रही है। वहीं, नवी मुंबई के तुर्भे सेक्टर 20 में कृषि उपज बाजार समिति बाजार से सटे ट्रक पार्किंग स्थल में बीते दिनों भीषण आग लग गई थी। इससे वाणिज्यिक वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आग ऊंची लपटें और धुएं काफी दूर से दिखाई दे रहे थे। आग में कश्मीरी ट्रांसपोर्टरों के वाहन सहित लगभग 8 ट्रक और टेम्पो जलकर खाक हो गए। आग अस्थायी ट्रक पार्किंग के लिए बनाए गए एमएसआरटीसी बस डिपो में लगी थी।

एमपी में पकड़ा गया खुद को डी कंपनी से जोड़ने वाला युवक, पीएम पर बोले थे आपत्तिजनक शब्द

इंदौर  मध्य प्रदेश में खुद को डी कंपनी का बताकर लोगों को धमकाने और प्रधानमंत्री मोदी के बारे में असभ्य बातें करने के आरोप में एक आदमी को गिरफ्तार किया गया है। पीएम मोदी के बारे में आपत्तिजनक बातें करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिंदूवादी भड़क गए। उन लोगों ने उसकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए थाने पर प्रदर्शन भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करने वाले भूमाफिया को खजराना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को डी कंपनी का आदमी बताकर लोगों को धमका रहा था।जानकारी के अनुसार, आरोपी का नाम रहमत पटेल है और वह खजराना का रहने वाला है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक मुस्लिम बुजुर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में अर्मादित बातें कह रहा था। खजराना पुलिस ने जांच की तो आरोपी की पहचान हुई। पूछताछ में सामने आया कि वह लसूड़िया क्षेत्र के पिपलिया कुमार में तुलसी नगर स्थित अपनी जमीन पर खड़े होकर कुछ लोगों को धमकी दे रहा था। इस दौरान वह खुद को डी कंपनी (दाउद इब्राहिम) से जुड़ा होना बता रहा था। मामले में गौतम टिक्वल निवासी शिवबाग कालोनी ने शिकायत दर्ज करवाई थी। खजराना पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। खजराना थाना के इंचार्ज मनोज सेंधव के मुताबिक रहमत ने माफी मांगी और कहा कि उसने उम्रदराज होने के चलते आवेश में आकर बढ़-चढ़कर बातें बोली थीं। सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराई जाए और रहमत पटेल के डी कंपनी से कथित संबंधों की गहराई से जांच हो। सवाल उठा रहे हैं कि जब आरोपी खुलकर देश विरोधी बयानबाजी कर रहा है, सहकारी जमीन पर कब्जा कर रहा है और खुद को आतंकी नेटवर्क से जोड़ रहा है तब भी प्रशासन क्यों शांत है? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो यह समाज में भय और अविश्वास का माहौल पैदा करेगा। हिंदू संगठन ने वीडियो वायरल किया यह वीडियो मोहर्रम के वक्त का बताया गया है। इसमें लसूड़िया थाने में एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। लसूड़िया थाना प्रभारी ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब यह वीडियो हिंदू संगठन द्वारा तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।  

वसंत विहार केस में बड़ा अपडेट, दिल्ली पुलिस ने आरोपी ड्राइवर की फोटो की जारी

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने ऑडी कार से फुटपाथ पर सो रहे 5 लोगों को कुचलने वाले आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार करने के बाद उसका फोटो जारी किया है। आरोपी का नाम उत्सव शेखर है। उसने 9 जुलाई 2025 को दिल्ली के वसंत विहार में फुटपाथ पर सो रहे लोगों पर अपनी कार चढ़ा दी थी और 5 लोगों को घायल कर दिया था। पुलिस ने बताया कि ऑडी कार का 40 वर्षीय चालक उत्सव शेखर द्वारका का रहने वाल है और प्रॉपर्टी का काम करता है। जब वसंत विहार स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास यह दुर्घटना हुई वह नोएडा से घर वापस लौट रहा था। कार चालक कथित तौर पर नशे में था और दुर्घटना के बाद जब पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसने एक ट्रक को भी टक्कर मार दी थी। दिल्ली पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस हफ्ते की शुरुआत में वसंत विहार इलाके में फुटपाथ पर सो रहे पांच लोगों को कुचलने वाली तेज रफ्तार ऑडी कार ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह घटना के समय कथित तौर पर शराब के नशे में था। यह घटना बुधवार तड़के करीब 1:45 बजे हुई, जब नोएडा से आ रही एक तेज रफ्तार ऑडी कार ने वसंत विहार के शिवा कैंप के सामने इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास फुटपाथ पर सो रहे लोगों को कुचल दिया था। घायलों को अस्पताल ले जाया गया और मामले के मुख्य आरोपी कार ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने कहा, "दिनांक 09.07.2025 को तड़के 01:45 बजे, वसंत विहार थाने को डीडी संख्या 3A के माध्यम से शिवा कैंप, वसंत विहार के सामने, इंडियन पेट्रोल पंप के पास हुई दुर्घटना के संबंध में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। घटनास्थल पर पहुंचने पर पता चला कि घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सभी फुटपाथ पर सो रहे थे।" कौन-कौन घायल घायलों की पहचान 40 वर्षीय लाधी, 8 वर्षीय बिमला, 45 वर्षीय सबामी, 35 वर्षीय नारायणी और 45 वर्षीय रामचंदर के रूप में हुई है। ये सभी राजस्थान के रहने वाले हैं। पुलिस ने कहा, "प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें उन्होंने बताया है कि एक सफेद रंग की ऑडी कार ने फुटपाथ पर सो रहे इन लोगों को कुचल दिया था। दोषी वाहन चालक उत्सव शेखर को गिरफ्तार कर लिया गया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।"