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टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर फेल, 5 कारणों में छिपी भारत की हार की कहानी

लॉर्ड्स   लॉर्ड्स टेस्ट में टीम इंडिया को रोमांचक मैच में हार का सामना करना पड़ा है. भारत के सामने 193 रनों का लक्ष्य था. लेकिन शुभमन गिल की सेना महज 170 के स्कोर पर ही ढेर हो गई. जडेजा एक छोर पर टिके रहे और नाबाद 61 रनों की पारी खेली लेकिन भारत ये मैच 22 रन से हार गया. इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में अब 2-1 से आगे है. पांचवे और आखिरी दिन भारत को 135 रनों की दरकार थी. जबकि 6 विकेट हाथ में थे. लेकिन पंत, राहुल और रेड्डी समेत कोई भी बल्लेबाज अंग्रेजों के सामने टिक नहीं सका और भारत को हार का सामना करना पड़ा. दोनों टीमों के बीच सीरीज का चौथा मुकाबला 23 जुलाई से मैनचेस्टर में होगा.  भारत की दूसरी पारी की हाइलाइट्स टारगेट का पीछा करते हुए दूसरी पारी में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. उसने यशस्वी जायसवाल का विकेट दूसरे ही ओवर में गंवा दिया, जो अपना खाता भी नहीं खोल सके. फिर भारतीय टीम ने खेल के चौथे दिन करुण नायर (14 रन), कप्तान शुभमन गिल (6 रन) और नाइवॉचमैन आकाश दीप (1 रन) का भी विकेट गंवाया. पांचवें दिन भी भारत की खराब लय जारी रही और जडेजा के अलावा कोई भी बल्लेबाज ज्यादा देर तक नहीं टिक सका. इन 5 कारणों में छिपी है लॉर्ड्स में भारत की हार की पूरी कहानी दूसरी पारी में टॉप ऑर्डर रहा फेल लीड्स और बर्मिंघम टेस्ट में शानदार बल्लेबाज़ी करने वाले शुभमन और यशस्वी इस बार दोनों पारियों में सिर्फ 39 रन ही बना सके. करुण नायर, जो पहले दो टेस्ट में एक भी अर्धशतक नहीं बना पाए, इस टेस्ट में 40 और 16 रन बनाकर आउट हुए. ऐसे में राहुल, पंत और जडेजा पर ही सारी उम्मीदें टिकी रहीं. राहुल ने 100 और 39 और जडेजा ने 72 और 61 रन की पारियां खेलीं, लेकिन उन्हें किसी भी बल्लेबाज़ से समर्थन नहीं मिला. पहली पारी की गलतियां पड़ी भारी पहली पारी में भारत 376/6 पर था लेकिन अगले 4 विकेट सिर्फ 11 रन में गिर गए. दूसरी पारी में टीम 193 रन के आसान लक्ष्य का पीछा कर रही थी, लेकिन पहले दिन का अंत 58/4 पर हुआ. पांचवें दिन पहले सत्र में तीन और विकेट सिर्फ 24 रन में गिर गए. 112 रन पर 8 विकेट गिरने के बाद भारत की हार तय हो गई थी. जोफ्रा आर्चर ने बाएं हाथ के बल्लेबाजों को किया परेशान 4 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे जोफ्रा आर्चर ने भारत के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कीं. पहली पारी में उन्होंने यशस्वी को पहली ही गेंदों में आउट किया. दूसरी पारी में उन्होंने यशस्वी, पंत और सुंदर को आउट कर दिया. बाए हाथ के बल्लेबाजों के लिए आर्चर मुश्किल बनते गए. उन्होंने इस मैच में कुल 5 विकेट लिए और कमाल की बात रही की वो सभी विकेट बाए हाथ के बल्लेबाजों के थे. कठिन होती गई पिच लॉर्ड्स की पिच मैच के दौरान लगातार मुश्किल होती गई. पहले दिन जहां 251 रन बने और 4 विकेट गिरे (प्रत्येक 63 रन पर एक विकेट), वहीं पांचवें दिन पहले सत्र में 54 रन पर 4 विकेट गिरे, यानी प्रत्येक 14 रन पर एक विकेट. इसलिए टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करना इंग्लैंड के लिए फायदेमंद साबित हुआ. सिराज का बैडलक एक समय टीम इंडिया का स्कोर 112-8 था. इसके बाद बुमराह और जडेजा के बीच कमाल की साझेदारी हुई. बुमराह ने जडेजा का पूरा साथ दिया. बुमराह ने 54 गेंद खेली और केवल 5 रन बनाए. 147 पर जब बुमराह का विकेट गिरा तो सिराज ने उनका रोल निभाया. सिराज बी 30 गेंद खेल गए. लेकिन आखिर में सिराज का बैडलक उनपर भारी पड़ा और गेंद उनके पैर से टकराने के बाद स्टंप पर लग गई.   शोएब बशीर बचे दोनों टेस्ट से बाहर हो गए  लॉर्ड्स टेस्ट में मिली जीत के बाद मेजबान इंग्लैंड को एक बड़ा झटका लगा है. भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के पहले तीन मैचों में सबसे ज्यादा ओवर फेंकने वाले शोएब बशीर बचे दोनों टेस्ट से बाहर हो गए हैं. बशीर ने सबसे ज़्यादा 140.4 ओवर (844 गेंदें) डाले, जो किसी भी गेंदबाज़ द्वारा सबसे अधिक हैं. हालांकि इंग्लैंड सीरीज में 2-1 से आगे है, लेकिन अधिकतर पहलुओं में भारत ने मेज़बानों को पीछे छोड़ा है, खासकर स्पिन डिपार्टमेंट में. 20 वर्षीय ऑफ स्पिनर, जिन्होंने धीरे-धीरे इंग्लैंड के प्रमुख स्पिनर के रूप में अपनी जगह बनाई थी, को लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट के दौरान बाएं हाथ की उंगली में फ्रैक्चर हो गया. जाने क्यों बाहर हुए शोएब बशीर यह चोट तब लगी जब बशीर ने तीसरे दिन रविंद्र जडेजा का कैच पकड़ने की कोशिश की. गेंद पकड़ते वक्त उनकी उंगली पर चोट लगी और वह मैदान छोड़कर चले गए. इसके बाद वे भारत की पहली पारी में गेंदबाज़ी के लिए नहीं लौटे. शुरुआत में इंग्लैंड टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि वे अगला मैच खेल सकेंगे, क्योंकि भारत की दूसरी पारी में उन्होंने आखिर में गेंदबाजी की और सिराज का आखिरी विकेट भी झटका. लेकिन अब यह पुष्टि हो गई है कि बशीर इस सप्ताह सर्जरी करवाएंगे और सीरीज के बाकी मैचों में हिस्सा नहीं लेंगे. फ्रैक्चर के बावजूद बशीर पूरी तरह मैच से बाहर नहीं रहे. इंग्लैंड की दूसरी पारी में उन्होंने बल्लेबाज़ी की और 9 गेंदें खेलीं. इसके बाद वे पांचवें दिन के अंत में गेंदबाज़ी के लिए भी लौटे. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने ही मैच का अंतिम विकेट लिया. ऐसा रहा है बशीर का प्रदर्शन तीन टेस्ट मैचों में बशीर ने 54.1 की औसत से 10 विकेट लिए. यह प्रदर्शन शानदार तो नहीं रहा, लेकिन वे इंग्लैंड के सबसे अधिक इस्तेमाल किए गए गेंदबाज़ रहे. उन्होंने सीरीज में सबसे ज़्यादा रन (541) भी दिए. अब बशीर की अनुपस्थिति ने इंग्लैंड की योजनाओं को मुश्किल में डाल दिया है. जैक लीच, जो बशीर के आने के बाद प्लेइंग इलेवन से बाहर हुए थे, यदि फिट हैं तो उन्हें वापस लाया जा सकता है. अन्य विकल्पों में रेहान अहमद, टॉम हार्टली और लियाम डॉसन शामिल हैं. वहीं, जैकब बेटेल, जो पहले से स्क्वॉड में … Read more

भारत में लॉन्च हुआ LG का AI Smart TV, लगभग 25 लाख रुपये है कीमत, जानिए फीचर्स

LG ने भारतीय बाजार में अपने नए स्मार्ट टीवी को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने OLED evo और QNED evo सीरीज को पेश किया है. इस लाइन-अप में आपको ज्यादा प्रीमियम फीचर्स मिलेंगे. इसमें AI फीचर्स दिए गए हैं, जो इन स्मार्ट टीवी को दूसरों से अलग बनाते हैं. कंपनी ने सिर्फ स्मार्ट फीचर्स को नहीं जोड़ा है, बल्कि TV को इंटेलिजेंस बनाने पर काम किया है.  यूजर किस तरह से इंटरैक्ट करता है, टीवी इसका ध्यान रखता है और फ्यूचर में वैसे ही कंटेंट को सजेस्ट करता है. दोनों ही वेरिएंट्स में कंपनी ने AI एन्हांसमेंट, एडवांस डिस्प्ले टेक्नोलॉजी और अपडेटेड WebOS दिया है. आइए जानते हैं इन स्मार्ट टीवी की कीमत और दूसरी खास बातें.  क्या है इन Smart TV में खास? 2025 OLED evo और QNED evo TV में कंपनी ने Alpha AI Gen 2 प्रोसेसर दिया है. इसकी वजह से आपको बेहतर कस्टमाइजेशन और स्मार्ट कंट्रोल्स मिलेंगे. AI मैजिक रिमोट में अब कंपनी ने अलग से AI बटन दिया गया है, जिसका इस्तेमाल वॉयस कंट्रोल और नेविगेशन के लिए किया जा सकता है.  यूजर्स के इस्तेमाल करने के तरीके पर टीवी उन्हें पर्सनलाइज्ड कंटेंट ऑफर करेगा और कीवर्ड्स पर सजेस्ट करेगा. AI सर्च का फीचर जोड़ा गया है जो लार्ज लैंग्वेज मॉडल पर बना है. टीवी में दिया गया AI चैटबॉट रियल टाइम में इशू को डिटेक्ट करता है और उसका समाधान प्रदान करता है.  लेटेस्ट टीवी में ने नया webOS दिया है, जो अपग्रेडेड और फास्ट यूजर एक्सपीरियंस ऑफर करता है. इसमें आपको रिडिजाइन होम स्क्रीन मिलेगी, जो मल्टीपल यूजर प्रोफाइल सपोर्ट करती है. इसमें बिल्ट-इन Apple AirPlay और गूगल कास्ट मिलता है, जिसकी मदद से आप अपने फोन के कंटेंट को टीवी पर शेयर कर सकते हैं.  कितनी है कीमत? QNED AI TV को कंपनी ने 74,990 रुपये (QNED8BA सीरीज) की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है. ये टीवी 43-inch से 75-inch तक के स्क्रीन साइज का ऑप्शन मिलता है. वहीं QNED evo सीरीज (QNED8GA/XA) 1,19,990 रुपये की शुरुआती कीमत पर मिलेगी. OLED स्मार्ट टीवी 1,93,900 रुपये (B5 सीरीज) की शुरुआती कीमत पर आता है.  OLED evo के C5 सीरीज को आप 1,49,990 रुपये की कीमत, G5 सीरीज को 2,67,990 रुपये में और G5 Ultra-Large टीवी सीरीज को 24,99,990 रुपये में खरीद पाएंगे. ये कीमत 97-inch के स्मार्ट टीवी की है.

मप्र में निवेश को लेकर दुबई के निवेशक उत्साहित, निवेश की संभावनाओं पर हुआ व्यापक संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की दुबई के निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को बताया मध्यप्रदेश है निवेश के लिए श्रेष्ठ गंतव्य मप्र में निवेश को लेकर दुबई के निवेशक उत्साहित, निवेश की संभावनाओं पर हुआ व्यापक संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई निवेश यात्रा के दौरान सोमवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशकों और औद्योगिक समूहों से वन-टू-वन चर्चा हुई, जिसमें मध्यप्रदेश में बहु-क्षेत्रीय निवेश की संभावनाओं पर व्यापक और सकारात्मक संवाद हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गल्फ इस्लामिक इन्वेस्टमेंट्स (GII) के सह-संस्थापक एवं सह-सीईओ श्री पंकज गुप्ता से मुलाकात कर स्वास्थ्य सेवा, लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक रियल एस्टेट, शिक्षा, खाद्य प्रसंस्करण एवं निर्माण क्षेत्र में संभावित निवेश पर चर्चा की। जीआईआई एक शरिया-संगत वैकल्पिक निवेश फर्म है जो वैश्विक स्तर पर विविध क्षेत्रों में निवेश करती है और अब मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाटा समूह के कॉरपोरेट अफेयर्स एवं ग्रोथ (MENA रीजन) प्रमुख श्री अंकुर गुप्ता से भी मुलाकात की। चर्चा में आईटी, ऊर्जा, स्टील, ऑटोमोबाइल, एयरलाइंस, उपभोक्ता उत्पाद और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर बात हुई। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह को मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश केंद्र स्थापित करने हेतु आमंत्रित करते हुए राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों और त्वरित अनुमतियों की जानकारी दी। गल्फ महाराष्ट्र बिजनेस फोरम (GMBF) के अध्यक्ष डॉ. सुनील मांजरेकर के साथ बैठक में GMBF द्वारा मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने, निर्यात बढ़ाने और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों से सीधे संवाद के लिए मंच प्रदान करने सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने GMBF की ग्लोबल कनेक्ट सीरीज़ के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने पर प्रसन्नता जताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बीडीओ एज के हेड ऑफ एडवायजरी श्री शिवेंद्र झा ने भेंट कर भोपाल में 150-सीटर ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर की स्थापना और इंदौर में प्रस्तावित दूसरा डिजिटल सेंटर की जानकारी साझा की। यह केंद्र डिजिटल व परामर्श सेवाओं में रोजगार सृजन करेगा। साथ ही अगले तीन वर्षों में 800-1000 उच्च-कुशल नौकरियों के सृजन का लक्ष्य है। शराफ डीजी ग्रुप के चेयरमैन श्री इब्राहिम शराफ के साथ हुई बैठक में मध्यप्रदेश में 30-50 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत से रेल साइडिंग लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिससे राज्य में 300 से 600 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एस्सार अल घुरैर इन्वेस्टमेंट के प्रतिनिधि श्री योसेफ अल गुरैर से मुलाकात कर खाद्य प्रसंस्करण, खाद्य तेल शोधन इकाई और कोल्ड चेन वेयरहाउस परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया। समूह ने राज्य के किसानों से दीर्घकालिक अनुबंधों के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की इच्छा जताई। कोनेरिस ग्रुप के सीईओ श्री भरत भाटिया ने मध्यप्रदेश में USD 75 मिलियन लागत से स्टील प्लांट की स्थापना की योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष रखी। कंपनी पहले से ही 26 देशों में स्टील उत्पाद भेजती है और भारत में अपनी उपस्थिति राज्य के माध्यम से बढ़ाना चाहती है। एतिसालात ग्रुप के सीईओ श्री खालिद मुर्शिद से स्मार्ट सिटी, 5G नेटवर्क, टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ और डिजिटल स्किल डवलपमेंट के क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव रखें। कंपनी 16 से अधिक देशों में कार्यरत है और मध्यप्रदेश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में रुचि रखती है। ब्रावो फार्मास्युटिकल्स के निदेशक श्री राकेश पांडेय ने फार्मा निर्माण और निर्यात को लेकर निवेश रुचि दिखाई, वहीं स्मार्ट स्टार्ट फंड के श्री प्रशांत गुलाटी ने आईटी और वित्तीय सेवाओं से जुड़े स्टार्टअप्स को मध्यप्रदेश में प्रोत्साहित करने की बात कही। अनलाह वेंचर पार्टनर्स के हितेश धनकानी ने म्यूचुअल फंड, बीमा और इक्विटी सेवाओं में निवेश की योजना साझा की और स्पैन कम्युनिकेशन्स के सीईओ श्री नरेश खेतरपाल ने राज्य में पर्यटन, नेचुरोपैथी रिसॉर्ट और क्रूज़ टूरिज्म को प्रोत्साहित करने हेतु 500 करोड़ रूपये निवेश के साथ 100-150 रोजगार सृजन की संभावना जताई। वहीं, ब्लूवर्स इंडिया के श्री रुशांग शाह ने पर्यावरण-अनुकूल वाहन धुलाई तकनीक और जल संरक्षण आधारित समाधान लाने की योजना साझा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार उन्हें हर संभव सहायता, नीति समर्थन और त्वरित अनुमतियाँ प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की औद्योगिक नीतियाँ, प्रशिक्षित कार्यबल, प्राकृतिक संसाधन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। यह यात्रा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश नक्शे पर और सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है।  

UPSC CSE Mains परीक्षा का शेड्यूल जारी, 22 अगस्त से होगा एग्जाम

संघ लोक सेवा आयोग ( यूपीएससी ) ने upsc.gov.in पर सिविल सेवा मुख्य परीक्षा, 2025 का टाइम टेबल जारी कर दिया है. कार्यक्रम के अनुसार, परीक्षा 22 अगस्त (शुक्रवार) को निबंध पेपर (Essay paper) के साथ शुरू होगी और 31 अगस्त को वैकल्पिक विषय (पेपर 2) के साथ समाप्त होगी. यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएंगी, सत्र 1 सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और सत्र 2 दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 2025 के लिए सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है. कार्यक्रम के अनुसार, यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 22, 23, 24, 30 और 31 अगस्त को आयोजित की जाएगी. UPSC CSE Mains 2025: परीक्षा 2025 प्रत्येक दिन दो सत्रों में आयोजित की जाएगी: सुबह का सत्र: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक दोपहर का सत्र: दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक यूपीएससी सीएसई मेंस 2025: तारीख तय नहीं यूपीएससी सीएसई मेंस 2025: परीक्षा पैटर्न सिविल सेवा परीक्षा में तीन चरणों के बाद सेलेक्शन होता है. सबसे पहले प्रारंभिक(Prelims), मुख्य परीक्षा ( Mains)और साक्षात्कार (Interview). प्रारंभिक चरण में दो वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर (Objective Type Question Paper) होते हैं, जिनमें से प्रत्येक 200 अंकों का होता है. प्रश्नपत्र II (CSAT) अर्हता प्राप्त करने वाला होता है, जिसमें उम्मीदवारों को न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करने होते हैं. इस परीक्षा में दोनों प्रश्न पत्र अंग्रेजी और हिंदी में उपलब्ध होते हैं. लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, जिसके लिए 275 अंक निर्धारित हैं. साक्षात्कार में कोई न्यूनतम अर्हक अंक (Minimum Qualifying Marks) आवश्यक नहीं है. मुख्य परीक्षा में दो अर्हक प्रश्नपत्र (Two qualifying papers) होते हैं – प्रश्न पत्र 'अ' (भारतीय भाषा) और प्रश्नपत्र 'ब' (अंग्रेजी), प्रत्येक 300 अंकों का होता है. इन्हें अंतिम मेरिट लिस्ट में नहीं गिना जाता है. मेरिट सूची में शामिल होने वाले प्रश्न पत्रों में शामिल हैं: निबंध, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र I से IV, और एक वैकल्पिक विषय पर दो प्रश्नपत्र. इन सातों प्रश्नों में से प्रत्येक 250 अंकों का होता है. सीएसई मुख्य परीक्षा के लिए कौन पात्र हैं? इस परीक्षा में केवल वे ही मुख्य परीक्षा के लिए पात्र होंगे जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा 2025 पास की है. प्रारंभिक परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों को विस्तृत आवेदन पत्र-I (DAF-I) जमा करना था. कब हुई थी प्रारंभिक परीक्षा यूपीएससी सीएसई प्रारंभिक परीक्षा 25 मई, 2025 को आयोजित की गई थी. इसमें दो वस्तुनिष्ठ प्रकार के पेपर (एमसीक्यू) शामिल थे, प्रत्येक दो घंटे का था और अधिकतम 200 अंक थे. प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जून में घोषित किया गया था. मुख्य लिखित परीक्षा के बाद, यूपीएससी साक्षात्कार/व्यक्तित्व परीक्षण दौर आयोजित करेगा और अंतिम परिणाम घोषित करेगा. अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अधिक जानकारी के लिए नियमित रूप से आयोग की वेबसाइट देखते रहें.

ग्वालियर विधानसभा में पहुंचे ऊर्जा मंत्री तोमर, लोगों से सीधा संवाद

 ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उप नगर ग्वालियर के विभिन्न  वार्डो में जनसम्पर्क कर जनसमस्याएं सुनी तथा उनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। ऊर्जा मंत्री के साथ जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन तथा विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के अलावा स्थानीय पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  ऊर्जा मंत्री तोमर ने सोमवार की सुबह उप नगर ग्वालियर के वार्ड क्रमांक 16 पहुंचकर स्थानीय रहवासियों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने नाली में गंदगी देख स्वयं सफाई भी की। ऊर्जा मंत्री तोमर ने  मौजूद अधिकारियों को सड़क, पेयजल, सीवर तथा बिजली से सम्बंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से आव्हान किया कि अपनी दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर ग्वालियर को स्वच्छ, हरा-भरा, प्रदूषण मुक्त और नशा मुक्त बनाने के अभियान के लिए समय दें।  

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में NEP-2020 पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन

रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीतिः 2020 के पुनः उन्मुखीकरण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय में लागू स्नातक पाठ्यक्रमों में एनईपी के एक वर्ष के क्रियान्वयन की समीक्षा करना और आवश्यक सुधारों पर विचार करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति एवं रायपुर संभागायुक्त महादेव कावरे ने कहा कि एनईपी 2020 न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी, बल्कि यह युवाओं को उनकी स्थानीय परंपरा और ज्ञान से जोड़ने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि यह नीति विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का अवसर देगी, जिससे वे देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। प्रथम तकनीकी सत्र में उच्च शिक्षा के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (NEP) डॉ. डी.के. श्रीवास्तव ने नीति के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनईपी बहु-विषयक शिक्षा को बढ़ावा देती है, जिसमें छात्र अपनी रुचि एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार विषयों का चयन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य एक समग्र और लचीला शिक्षा प्रणाली को विकसित करना है। द्वितीय तकनीकी सत्र में उच्च शिक्षा के संयुक्त संचालक डॉ. जी.ए. घनश्याम ने भारतीय ज्ञान परंपरा और भारत दर्शन पर विचार रखते हुए कहा कि यह नीति आधुनिकता और सांस्कृतिक मूल्यों के बीच सेतु का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को भारत की समृद्ध चिंतन परंपरा और नैतिक मूल्यों से जोड़ना एनईपी का अहम लक्ष्य है, जिससे वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने एनईपी को वर्तमान और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि व्यावसायिक कौशल और बाज़ार योग्यताओं से छात्रों को लैस करना है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के एनईपी संयोजक पंकज नयन पाण्डेय ने एनईपी 2020 पर वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा बीते एक वर्ष में पाठ्यक्रम संरचना और वैकल्पिक विषयों के क्रियान्वयन के तहत अनेक प्रभावी पहल की गई हैं, जिससे छात्रों को अपनी रुचियों के अनुरूप अध्ययन का अवसर मिला है।  इस अवसर पर विभागाध्यक्ष शैलेन्द्र खंडेलवाल, डॉ. नृपेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. आशुतोष मांडवी, डॉ. राजेंद्र मोहंती, उप कुलसचिव सौरभ शर्मा, विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। ’विश्वविद्यालय परिसर में बिहान कैंटीन का शुभारंभ’ इसी दिन विश्वविद्यालय परिसर में ‘बिहान कैंटीन’ का भी शुभारंभ कुलपति महादेव कावरे द्वारा किया गया। यह कैंटीन जिला पंचायत रायपुर के माध्यम से बिहान स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित की जा रही है। इस अवसर पर कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा, सहायक कुलसचिव डॉ. देव सिंह पाटिल एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना केवल आधारभूत ढांचे के विकास से नहीं, जैविक विविधता की रक्षा से ही पूर्ण होती:CM

रायपुर जैव विविधता एवं आर्द्रभूमियों (वेटलैण्ड्स) के संरक्षण के उद्देश्य से आज नवा रायपुर स्थित दण्डकारण्य अरण्य भवन में एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा सहित कैबिनेट के सभी मंत्री एवं विधायकगण उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना केवल आधारभूत ढांचे के विकास से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जैविक विविधता की रक्षा से ही पूर्ण होती है। उन्होंने आह्वान किया कि हर जनप्रतिनिधि व नागरिक जैव विविधता एवं वेटलैण्ड संरक्षण के लिए व्यक्तिगत दायित्व समझें और 'वेटलैण्ड मित्र' बनकर इस अभियान को जनांदोलन में परिवर्तित करें। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जैव विविधता और वेटलैण्ड्स का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल भी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से जैव विविधता के संरक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करने और “वेटलैण्ड मित्र” बनकर जनजागरण फैलाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी ने व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने 1992 के अर्थ सम्मिट, जैव विविधता अधिनियम 2002, राष्ट्रीय जैव विविधता बोर्ड की भूमिका और जैव विविधता प्रबंधन समितियों की संरचना एवं कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है, जहां जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं। आर्द्रभूमि संरक्षण के संदर्भ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि वेटलैण्ड्स पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और जिला स्तरीय आर्द्रभूमि संरक्षण समितियों के गठन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इन समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर वेटलैण्ड्स की निगरानी एवं संरक्षण को मजबूती मिल रही है। कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि राज्य का गिधवा-परसदा पक्षी अभ्यारण्य अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित रामसर साइट बनने की पात्रता रखता है। इसके अतिरिक्त, बलौदाबाजार जिले के खोखरा ग्राम को छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट के रूप में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। कार्यशाला के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से “वेटलैण्ड मित्र” के रूप में जुड़कर जैव विविधता और आर्द्रभूमियों के संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। यह भागीदारी राज्य में पर्यावरणीय चेतना को जनआंदोलन का रूप देने में सहायक होगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव (वन) श्रीमती ऋचा शर्मा, छत्तीसगढ़ वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव राजेश कुमार चंदेले सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।

निर्माण एजेंसियाँ पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ युद्ध स्तर पर कार्य करें: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। निर्माण एजेंसियाँ पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना का समय पर विकास प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय में राज्य में संचालित चिकित्सा शिक्षा से संबंधित अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों, पीजी व यूजी अपग्रेडेशन योजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि किसी भी परियोजना में कोई तकनीकी या प्रशासनिक अवरोध उत्पन्न होता है, तो उसकी सूचना तुरंत उच्च स्तर पर दी जाए, ताकि समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण कार्यों एवं यूजी, पीजी अपग्रेडेशन परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के साथ-साथ फर्नीचर एवं आवश्यक उपकरणों की खरीदी की प्रक्रिया को भी समांतर रूप से संपादित किया जाए, ताकि भवन के पूर्ण होते ही उसमें स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ की जा सकें और किसी भी प्रकार के अनावश्यक विलंब से बचा जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। प्रत्येक चरण की तकनीकी निगरानी एवं दस्तावेजी समीक्षा सुनिश्चित की जाए, जिससे कार्य की पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। बैठक में केंद्रांश मद से संचालित श्योपुर, सिंगरौली, राजगढ़ और मंडला मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसी प्रकार राज्यांश मद से निर्माणाधीन उज्जैन, बुधनी, छतरपुर और दमोह मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों की स्थिति की भी गहन समीक्षा कर सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। डायरेक्टर प्रोजेक्ट श्री नीरज कुमार सिंह, बीडीसी के एमडी श्री सिवी चक्रवर्ती, स्वास्थ्य विभाग, पीआईयू एवं बीडीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

लाखों की संख्या में शामिल हुए भक्त, वैदिक मंत्रों के उद्घोष के साथ हुआ सवारी का शुभारंभ

सावन का पहला सोमवार मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप  जनजातीय समूहों के कलाकारों ने सवारी में मनमोहक प्रस्तुतियां देकर किया बाबा श्रीमहाकाल का स्वागत भगवान श्रीमहाकाल मनमहेश स्वरूप में निकले उज्जैन नगर भ्रमण पर लाखों की संख्या में शामिल हुए भक्त, वैदिक मंत्रों के उद्घोष के साथ हुआ सवारी का शुभारंभ उज्जैन  श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर भगवान श्रीमहाकालेश्वर मनमहेश स्वरूप में उज्जैन नगर भ्रमण पर निकले। सवारी के निकलने के पूर्व श्रीमहाकालेश्वर मंदिर परिसर के सभामंडप में सर्वप्रथम भगवान महाकालेश्वर का षोड़षोपचार पूजन-अर्चन और आरती की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप जनजातीय दल भगवान श्रीमहाकालेश्वर की प्रथम सवारी में पालकी के आगे मनमोहक प्रस्तुति देते हुए शामिल हुए। सावन-भादो मास की प्रथम सवारी में वैदिक उदघोष के साथ महाकालेश्वर भगवान का स्वागत किया गया। सवारी में 5 लाख से ज्यादा भक्तगण शामिल हुए।  जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार और उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन कर आरती की। इस अवसर पर  विधायक सतीश मालवीय, महेश परमार, जीतेंद्र पंड्या, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संभागायुक्त संजय गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों ने  सभामंडप में भगवान मनमहेश का पूजन किया।  अवंतिकानाथ भगवान श्रीमनमहेश के स्वरूप में पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने और भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। पालकी जैसे ही श्रीमहाकालेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची, सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने पालकी में विराजित भगवान श्रीमनमहेश को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी। सवारी मार्ग के दोनों ओर हजारों की संख्या में दर्शनार्थियों ने पालकी में विराजित मनमहेश भगवान के भक्तिभाव से दर्शन लाभ लिये। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सवारी महाकालेश्वर मंदिर से गुदरी चौराहा,  बक्षी बाजार,  कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंची। भगवान महाकालेश्वर मनमहेश के स्वरुप में अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए माँ क्षिप्रा के तट पर पहुँचे। रामघाट पर भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन और जलाभिषेक पुजारी आशीष गुरु ने संपन्न कराया। रामघाट पर भगवान मनमहेश के पूजन उपरांत सवारी रामघाट से पुन: रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मन्दिर, सत्यनारायण मन्दिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होती हुई महाकालेश्वर मन्दिर वापस पहुंची। सवारी के आगे-आगे घुड़सवार, पुलिस बल, विभिन्न भजन मण्डलियां, जनजातीय नृत्य दल आदि भगवान भोलेनाथ के गुणगान एवं भजन-कीर्तन करते हुए साथ चल रहे थे। संस्कृति विभाग भोपाल, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद व त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के माध्यम से भगवान महाकालेश्वर की सवारी में जनजातीय कलाकारों के दल ने सहभागिता की। भजन मण्डलियों में सैंकड़ों महिलाओं ने शिव स्तुतियां की। सवारी में सम्मिलित भजन मंडलियां उत्साहपूर्वक डमरू और मजीरे बजाते हुए सवारी में आगे-आगे चले। विशाल ध्वज के साथ बाबा महाकाल की पालकी निकाली गयी।  महाकाल के चरणों की सेवा मेरे लिए गौरव का विषय- मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल सावन माह के अवसर पर प्रथम शाही सवारी में मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि महाकाल की नगरी में चारों ओर हर हर महादेव के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। उनके चरणों में सेवा करना मेरे लिए किसी गौरव से कम नहीं है। मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि महाकाल आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखना मेरी जिम्मेदारी और कर्तव्य है। उज्जैन के विकास में कोई भी कमी नहीं रहेगी। जनता की प्रत्येक सुख सुविधा का ध्यान रखते हुए विकास कार्य को और तेज गति के साथ किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पूरे प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर सक्रिय हैं। भक्ति के साथ सेवा का जो अवसर हम सभी को प्राप्त हुआ है वह अद्भुत है। हम सभी बाबा महाकाल से प्रदेश में सुख शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं। सवारी मार्ग पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल पर पुष्प वर्षा कर दर्शन किए। श्रीमहाकाल की प्रथम सवारी का जनसम्पर्क सहित अन्य सोशल मीडिया पर पहली बार लाइव प्रसारण किया गया।  

स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए 16 से 31 जुलाई तक अतिरिक्त सीएलसी चरण

स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए 16 से 31 जुलाई तक अतिरिक्त सीएलसी चरण एनसीटीई पाठयक्रमों में प्रवेश में लिए भी अतिरिक्त चरण की समय सारणी जारी, 15 से 18 जुलाई तक होंगे पंजीयन भोपाल उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के शासकीय और अनुदान प्राप्त अशासकीय एवं निजी अशासकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए यह अतिरिक्त सीएलसी चरण 16 से 31 जुलाई तक आयोजित किया जायेगा। विद्यार्थियों के लिए 16 जुलाई से प्रतिदिन प्रवेश पोर्टल पर महाविद्यालय वार रिक्त सीटों का प्रदर्शन किया जायेगा। विद्यार्थी रिक्त सीटों पर सीधे महाविद्यालय में उपस्थित होकर प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे। विद्यार्थी 16 जुलाई से प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे तक पंजीयन/विकल्प चयन कर सकेंगे। हेल्प सेंटर द्वारा सायं 4 बजे तक प्राप्त आवेदनों का सत्यापन किया जायेगा और सायं 5 बजे मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। मेरिट लिस्ट जारी होने के 24 घंटे के भीतर विद्यार्थियों को प्रवेश शुल्क जमा करना होगा। प्रवेश शुल्क जमा न किये जाने की स्थिति में प्रवेश मान्य नहीं होगा। विद्यार्थियों को निर्धारित अवधि में प्रवेश शुल्क जमा न करने की दशा में, पुनः रीचॉइस करनी होगी। अतिरिक्त सीएलसी चरण की यह प्रक्रिया 31 जुलाई तक ही होगी। एनसीटीई पाठयक्रमों में प्रवेश में लिए भी अतिरिक्त चरण की समय सारणी जारी उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिये एनसीटीई पाठयक्रम (बी.एड., एम.एड., बी.पी.एड., एमपीएड, बीएड एमएड (एकीकृत तीन वर्षीय ) एवं बी.एल.एड. तथा बी.एड. (अंशकालीन तीन वर्षीय) संचालित करने वाले शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए भी अतिरिक्त चरण की समय सारणी जारी की है। विद्यार्थी 15 से 18 जुलाई तक ऑनलाइन पंजीयन/आवेदन कर सकेंगे। पंजीकृत आवेदनों के दस्तावेजों का सत्यापन 15 से 19 जुलाई तक होगा। मेरिट सूची का प्रकाशन 21 जुलाई को होगा। विद्यार्थियों के लिए 23 जुलाई को सीट आवंटन किया जाएगा। आवंटित हेल्प सेंटर पर मूल दस्तावेजों, टीसी माइग्रेशन के साथ भौतिक सत्यापन के लिए विद्यार्थियों को उपस्थित होकर 23 से 25 जुलाई तक लिंक इनिशिएट कराना होगा। विद्यार्थियों को आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश शुल्क का भुगतान 23 से 26 जुलाई तक करना होगा। आवंटित महाविद्यालय में शुल्क के भुगतान की अंतिम तिथि 26 जुलाई है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रवेश शुल्क का भुगतान किए गए आवेदकों का ही प्रवेश मान्य होगा।