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उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने स्व. श्री ब्रह्मानंद यादव के निधन पर किया शोक व्यक्त

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ससुर श्री ब्रह्मानंद यादव के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि स्व. श्री यादव ने अपना जीवन शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित किया। श्री देवड़ा ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

स्वास्थ्य को चपत लगाने तीन गुना रफ्तार से आ रहा चिकनगुनिया, भोपाल में पॉजिटिविटी दर तीन गुना तक

 भोपाल  भोपाल शहर में चिकनगुनिया ने डेंगू का पीछे छोड़ दिया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस साल अब तक चिकनगुनिया के मामले डेंगू से ज्यादा हैं। इसकी पॉजिटिविटी दर तीन गुना तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञ इसे कम रिपोर्टिंग का संकेत मानते हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस साल अब तक चिकनगुनिया के 51 मरीज सामने आए हैं, जबकि डेंगू के 45 मामले हैं। पिछले तीन हफ्तों में चिकनगुनिया के केवल 192 टेस्ट किए गए, जिनमें तीन नए पॉजिटिव मामले सामने आए, वहीं डेंगू के 546 टेस्ट हुए और सिर्फ तीन नए मामले मिले। 2.47 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर आंकड़ों के अनुसार, चिकनगुनिया बढ़ने की दर 7.02 प्रतिशत रही, जबकि डेंगू के बढ़ने की दर केवल 2.47 प्रतिशत रही। इससे यह अंदेशा मजबूत होता है कि चिकनगुनिया के कई मामले परीक्षण के बाहर छूट रहे हैं, यानी कम रिपोर्टिंग हो रही है। 28 जून को अंतिम सप्ताह में भी यही प्रवृत्ति दिखी। तब डेंगू के 272 जांच में से नौ ग्रस्त पाए गए। यानी 1.14 प्रतिशत डेंगू के मामले बढ़े। चिकनगुनिया की 57 जांच हुई और तीन संक्रमित पाए गए। ये हैं चिकनगुनिया के लक्षण -अचानक तेज बुखार आना। -गंभीर जोड़ों का दर्द होना। -मांसपेशियों में दर्द दर्द और जकड़न होना। -तेज और लगातार सिरदर्द होना। -अत्यधिक थकान और कमजोरी होना। -शरीर पर लाल चकत्ते, जो बुखार के कुछ दिनों बाद दिखाई देते हैं। -कुछ लोगों को मतली, उल्टी, आंखों में लाली और सूजन भी हो सकती है। स्वभाविक तौर से डेंगू की जांच अधिक हुई है और चिकनगुनिया की जांच कम हुई है। चिकनगुनिया के मामले डेंगू के मामलों से सिर्फ छह ज्यादा है। हम देखते हैं कि कहां चूक हुई है।– डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल

गुफा, ध्यान और डिजिटल कमाई: रूसी महिला ने क्यों चुना भारत को अपना घर?

कर्नाटक  कर्नाटक के गोकर्ण स्थित एक गुफा में मिली रूसी महिला से पूछताछ का दौर जारी है। फिलहाल, वह गुफा से बाहर निकाले जाने पर दुखी है। खबर है कि साल 2017 में उसका वीजा खत्म हो गया था, लेकिन वह भारत में बनी रही। गुफा में उसके साथ 6 और 8 साल की दो बेटियां भी हैं। वह बताती हैं कि करीबियों को खोने समेत ऐसे कई कारण थे, जिनके दुख के चलते वह रूस वापस नहीं लौटीं। पीटीआई से बातचीत में 40 वर्षीय नीना कुटीना ने बताया, 'बीते 15 सालों में मैं करीब 20 देशों में गई हूं। मेरे बच्चे अलग-अलग जगहों पर पर पैदा हुए। मैंने बगैर डॉक्टरों या अस्पताल की मदद से खुद ही उनकी डिलीवरी की, क्योंकि मैं ये सब जानती थी। किसी ने मेरी मदद नहीं की। मैंने अकेले ही किया।' गुफा में क्या करती थीं नीना ने कहा, 'हम सूर्योदय के साथ जागते थे, नदियों में तैरते थे और प्रकृति में रहते थे। मौसम को देखकर मैं आग या गैस सिलेंडर पर खाना पकाती थी और पास के गांव से सामान खरीद कर लाती थी। हम पेंटिंग करते थे, गाने गाते थे, किताबें पढ़ते थे और शांति से रहते थे।' उन्होंने कहा, 'अब हमें असहज स्थिति में रखा गया है। यह जगह गंदी है। यहां कोई निजता नहीं है और हमें खाने के लिए सिर्फ सादा चावल मिलता है। हमारा कई सामान ले लिया गया है, जिसमें 9 महीने पहले गुजरे बेटे की अस्थियां भी हैं।' कैसे चलता था खर्च नीना ने कहा कि वह आर्ट और म्यूजिक वीडियो बनाकर और कभी-कभी पढ़ाकर या बेबीसिटिंग कर पैसा कमाती थी। उन्होंने कहा, 'मैं इन सब कामों के जरिए पैसा कमाती थी और अगर मेरे पास कोई काम नहीं होता था या मुझे कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिलता था जिसे काम की जरूरत नहीं होती थी, तो मेरे भाई, मेरे पिता और मेरा बेटा भी मदद करता था। हमें जो भी जरूरत होती थी, तो उसके हिसाब से हमारे पास पर्याप्त पैसा होता था।' क्यों वापस नहीं गईं नीना बताती हैं कि कई करीबियों का गुजर जाना एक वजह थी। उन्होंने कहा, 'लगातार दुख, दस्तावेजों से जुड़े काम और अन्य समस्याओं से घिरे हुए थे।' उन्होंने कहा कि वह 4 और देशों की यात्रा कर भारत वापस आई हैं, 'क्योंकि हमें भारत और इसके पर्यावरण, इसके लोगों और सभी चीजों से बहुत प्यार है।' उन्होंने बताया कि वह अब रूसी दूतावास के संपर्क में हैं।  

सोच से परे प्रेम कहानी: शादीशुदा महिला ने छोड़ा परिवार, प्रेमी के लिए सब कुछ कुर्बान

मुरादाबाद यूपी के संभल में दो बच्चियों की मां को जाने क्या हुआ। न उम्र का ख्याल रहा न समाज की चिंता। उसने अपनी उम्र से 20 साल छोटे लड़के से संबंध बनाए और फिर एक दिन अपनी दोनों बच्चियों को लेकर उसी के घर मुरादाबाद के छजलैट पहुंच गई। यही नहीं महिला ने उम्र में काफी छोटे उस युवक से कथित रूप से शादी भी कर ली। बाद में पति उसे खोजते-खोजते अपनी मां के साथ वहां पहुंचा तो अपनी पत्नी का रुख देखकर दंग रह गया। पति और सास ने महिला को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन उसने उनके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। बाद में वह अपने प्रेमी और दोनों बच्चियों के साथ मां थाने पहुंच गई। वहां देर शाम तक विवाद चलता रहा। महिला के परिजन भी संभल से छजलैट पहुंच गए, विवाहिता ने वापस जाने से इंकार कर दिया। वह दो बेटियों को लेकर प्रेमी के साथ चली गई। मुरादाबाद के छजलैट थाना क्षेत्र के गांव भैंडी फरीदपुर का रहने वाला युवक का फेसबुक के जरिए संभल के असमोली थाना क्षेत्र के गांव निवासी विवाहिता से प्रेम प्रसंग हो गया। पहले तो दोनों में फोन पर ही बातें चलीं, लेकिन कई बार युवक और विवाहिता मुरादाबाद में एक-दूसरे से भी मिले। इस दौरान युवक ने विवाहिता को अपने साथ अपने घर शादी करके ले जाने की बात कही। जिस पर विवाहिता ने बच्चों को साथ लाने की बात कही। युवक ने बच्चों को भी अपनाने की बात कही। विवाहिता 10 दिन पहले एक 16 वर्ष और 13 वर्ष की बेटी को साथ लेकर छजलैट के गांव में आ गई। यही नहीं उसने युवक के साथ कथित तौर शादी भी कर ली। जब विवाहिता को पति और अन्य ने तलाश किया तो छजलैट क्षेत्र के गांव का पता लगा। मंगलवार को विवाहिता के परिजन थाने पहुंचे। विवाहिता अपने 20 वर्षीय प्रेमी और बेटियों के साथ थाने पहुंच गई। विवाहिता का पति और सास विवाहिता को ले जाने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन उसने जाने से साफ इंकार कर दिया। वह प्रेमी और दो बेटियों के साथ वापस प्रेमी के घर चली गई।  

लूणी नदी में पानी की आवक तेज़, प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा

बाड़मेर मानसून की अच्छी बारिश के बाद मारवाड़ की जीवनदायिनी लूणी नदी में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। जिला प्रशासन ने लूणी नदी की रपटों से निश्चित दूरी बनाए रखने और नदी बहाव क्षेत्र में नहाने से परहेज करने की सख्त हिदायत दी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। दरअसल जिले के समदड़ी क्षेत्र में लूणी नदी में बरसात के पानी की आवक हुई है। इससे स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। अगले एक-दो दिन में बालोतरा तक लूणी का पानी पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। पानी की आवक के बाद प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। इसके साथ ही लूणी नदी पर बनी सभी रपटों पर वाहनों और पैदल आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें इन स्थानों पर तैनात कर दी गई हैं ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे पानी के तेज बहाव में प्रवेश न करें और न ही सेल्फी लेने या वीडियो बनाने के लिए नदी के किनारों या रपटों के करीब जाएं। उन्होंने कहा कि पानी का बहाव अप्रत्याशित हो सकता है और ऐसे में कोई भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। ग्रामीणों और विशेषकर बच्चों से नदी किनारे न जाने का आग्रह किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लूणी नदी में पानी की आवक किसानों और पर्यावरण के लिए एक शुभ संकेत है, लेकिन इसके साथ ही सावधानी बरतना भी अत्यंत आवश्यक है।  

अदालत में अपील लगाने सरकारी वकील मांग रही थी रिश्वत, लोकायुक्त ने दबोचा

जबलपुर  जबलपुर में लोकायुक्त टीम ने एक महिला सरकारी वकील कुक्कू दत्त को 15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। महिला सरकारी वकील ने शिकायतकर्ता से उसकी केस की पैरवी करने के बदले में 15 हजार रुपए की मांग की थी। फरियादी ने इसी की शिकायत जबलपुर लोकायुक्त पुलिस से कर दी, जिसकी पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त ने घेराबंदी कर जाल बिछाया और महिला सरकारी वकील को 15 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। फिलहाल, लोकायुक्त टीम महिला वकील के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है। क्या कहता है नियम? दरअसल, पिछले दिनों मध्य प्रदेश शासन ने शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले बिहारी लाल की केस की पैरवी करने के लिए सरकारी महिला वकील को नियुक्त किया था। शासन के निर्देश पर नियुक्त सरकारी वकील फरियादी से पैसे नहीं मांग सकता। फिर भी महिला वकील कुक्कू दत्त शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपए मांग रही थीं। दरअसल पिछले दिनों मध्य प्रदेश शासन ने सिविल लाइन निवासी बिहारी लाल की केस की पैरवी करने के लिए सरकारी महिला वकील को नियुक्त किया था। शासन के निर्देश के अनुसार नियुक्त सरकारी वकील फरियादी से पैसे की नहीं मांग सकता। लेकिन उसके बावजूद सरकारी महिला वकील ने शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपए की मांग की थी। यही नहीं, पीड़ित का कहना है कि महिला वकील ने उसे कहा था कि यदि उसने उसे 15000 रुपए नहीं दिए तो वह उसके केस में काम नहीं करेगी। जिसके चलते वह फिर से अपना केस हार जाएगा। शिकायतकर्ता का आरोप पीड़ित का ये भी आरोप है कि, सरकारी महिला वकील ने उसे ये भी धमकी दी थी कि, अगर वो उसे 15 हजार नहीं देता तो वो केस पर किसी करह का काम नहीं करेगी, जिसके पर्णाम स्वरूप वो केस हार जाएगा।

दिग्विजय सिंह की पोस्ट पर घमासान, मंत्री विश्वास सारंग ने तीखी प्रतिक्रिया दी

भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की एक फेसबुक पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. दिग्विजय ने अपने पोस्ट में दो तस्वीरें शेयर की हैं. पहली तस्वीर में कांवड़ यात्रा को सड़क पर दिखाया गया है, जबकि दूसरी तस्वीर में नमाज अदा करते हुए लोग नजर आ रहे हैं. पोस्ट में सवाल उठाया गया है, 'एक देश, दो कानून?' इस पोस्ट पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. मध्यप्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने दिग्विजय सिंह को 'मौलाना' करार देते हुए कहा कि वे केवल सनातन धर्म का विरोध करते हैं. आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह कांवड़ यात्रा जैसे पवित्र पर्व को विवादास्पद बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जाकिर नाइक का महिमामंडन करने वाले, आतंकवादियों को संरक्षण देने वाले, सेना के ऑपरेशन पर विवाद खड़ा करने वाले, पाकिस्तान परस्ती की बात करने वाले, तुष्टिकरण को आगे बढ़कर राजनीति करने वाले दिग्विजय सिंह से और कुछ अपेक्षा नहीं है. विश्वास सारंग ने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह हमेशा हिंदू धर्म के अनुयायियों, साधु-संतों और हिंदू त्योहारों का अपमान करते आए हैं, इसलिए उन्हें 'मौलाना दिग्विजय सिंह' कहा जाता है. मोहन सरकार के मंत्री ने आगे कहा, ''भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों को इजाद करके दिग्विजय सिंह ने ही सनातन को इस दुनिया में बदनाम करने का काम किया है. मैं दिग्विजय सिंह से कहना चाहता हूं कि हिंदू और सनातन धर्म के किसी भी त्यौहार पर इस तरीके की टिप्पणी होगी तो यह सहन नहीं किया जाएगा.'' 

इंग्लैंड अंडर 19 ने कप्तान हमजा शेख के जुझारू शतक की बदौलत भारत की उम्मीदों पर फेरा पानी

नई दिल्ली  इंग्लैंड अंडर 19 ने कप्तान हमजा शेख के जुझारू शतक की बदौलत भारत अंडर 19 टीम की जीत की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए उसे पहले युवा टेस्ट क्रिकेट मैच के चौथे और अंतिम दिन ड्रॉ पर रोक दिया। भारतीय टीम ने इंग्लैंड के सामने 350 रन का लक्ष्य रखा था। इंग्लैंड ने 63 ओवर में सात विकेट पर 270 रन बनाकर भारत को दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल नहीं करने दी। शेख ने मंगलवार को यहां 140 गेंदों पर 11 चौकों और दो छक्कों की मदद से 112 रन बनाए। उन्हें बेन मेयस से महत्वपूर्ण सहयोग मिला, जिन्होंने 82 गेंदों पर 51 रन बनाए। उनके अलावा विकेटकीपर-बल्लेबाज थॉमस रीव ने 35 गेंदों पर 50 रन का योगदान दिया। भारत ने 14वें ओवर में इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर 62 रन कर दिया था लेकिन इसके बाद वह दबाव बनाने में असफल रहा। इंग्लैंड ने शेख की मेयस और रीव के साथ उपयोगी साझेदारियों से अच्छी वापसी की। जब खेल समाप्त होने में एक घंटे का समय बचा था तब भारत ने लगातार ओवरों में दो रन आउट करके अपनी उम्मीद जगाई। उसने पहले शेख को आउट किया और फिर अगले ओवर में एकांश सिंह को वापस पवेलियन भेजा। लेकिन राल्फी अल्बर्ट (37 गेंदों पर नाबाद नौ रन) और जैक होम (36 गेंदों पर नाबाद सात रन) ने दबाव में धैर्य से काम लिया और मैच को ड्रॉ कराया। भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 540 रन बनाए थे जिसके जवाब में इंग्लैंड ने 439 रन बनाए। भारत ने अपनी दूसरी पारी में 248 रन बनाकर इंग्लैंड के सामने 350 रन का लक्ष्य रखा था। आयुष म्हात्रे की अगुवाई में भारत अंडर-19 ने इससे पहले पांच मैचों की युवा वनडे सीरीज 3-2 से जीती थी।  

कल्पेश याग्निक आत्महत्या केस में फर्जी जमानतदार, महिला आरोपी दोबारा गिरफ्तार

इंदौर  वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक ने 2018 में मुंबई के रहने वाली महिला सलोनी अरोड़ा से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी. इस मामले में पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया था, जिसको पिछले दिनों जमानत मिल गई है. जिस व्यक्ति ने उनकी जमानत दी थी, उसने पर पूर्व में कई लोगों को फर्जी तरीके से जमानत दिलवाई थी, जिसके चलते एक बार फिर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मुंबई से महिला और जमानत देने वाले इंदौर निवासी केदार को गिरफ्तार किया है. नए केस में फंसी सलोनी अरोड़ा वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक की आत्महत्या मामले में आरोपी सलोनी अरोड़ा एक नए केस में फंस गईं. उन पर फर्जी कागजात पर जमानत लेने का मामला दर्ज हुआ है. सलोनी के साथ जमानतदार केदार डाबी को भी इंदौर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है और अब उनसे पूछताछ की जाएगी. इंदौर क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई नीरज याग्निक की शिकायत पर की थी. नीरज स्वर्गीय कल्पेश याग्निक के भाई हैं. उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. आत्महत्या मामले में हुई थी गिरफ्तार दरअसल मामला यह है कि साल 2018 में वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक जिस अखबार में काम करते थे, उसी दफ्तर में आत्महत्या कर ली थी. उस समय यह मामला काफी सुर्खियों में था. मृतक कल्पेश याग्निक के साथ काम कर चुकी मुंबई निवासी महिला सलोनी अरोड़ा पर ब्लैकमेल करने सहित अन्य आरोप लगे थे, जिसे पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. करीब 1 साल बाद साल 2019 में सलोनी को कोर्ट से जमानत मिल गई थी. फर्जी कागज से कराई थी जमानत सलोनी की जमानत उनकी भाभी डिंपल संजय अरोड़ा ने कराई थी. कोई विवाद सामने आया उसके चलते उनकी भाभी ने साल 2021 में कोर्ट में अर्जी डालकर जमानत वापस ले ली थी. उसके बाद उनकी जमानत केदार डाबी नामक व्यक्ति के द्वारा कराई गई थी. जिस केदार डाबी ने सलोनी की जमानत करवाई थी. उसे पुलिस ने फर्जी जमानत कांड के मामले में गिरफ्तार किया था. हाई कोर्ट ने केदार डाबी को सशर्त पर जमानत दी थी कि वह अब किसी भी व्यक्ति की जमानत नहीं करवाएगा. इसके बावजूद उसने सलोनी की जमानत करवा दी. धोखाधड़ी सहित अन्य धाराएं लगी जब इस मामले की जानकारी पुलिस को लगी तो पुलिस ने सलोनी की जमानत को खारिज करवा दिया. वहीं इस मामले में नीरज याग्निक की शिकायत पर सलोनी और उनकी जमानत करवाने वाले केदार डाबी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित फर्जी दस्तावेज लगाकर जमानत लेने के मामले में प्रकरण दर्ज किया है. पुलिस ने केदार डाबी को तो पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. अब सलोनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे इंदौर लाया जा रहा है. इन धाराओं में केस दर्ज इंदौर पुलिस ने सलोनी के खिलाफ IPC की धारा 115, 120बी (षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 465, 466, 467, 470, 471, 474 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना और उपयोग करना) के तहत केस दर्ज किया है। सलोनी अरोरा के अलावा इस मामले में सिमरोल निवासी केदार डाबी और आनंद नगर निवासी मधु श्रीवास्तव को भी आरोपी बनाया है। केदार डाबी पेशेवर जमानतदार है। कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?     वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक की आत्महत्या के बाद सलोनी अरोरा पर ने जुलाई 2018 को ब्लैकमेलिंग और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज हुआ था।     सलोनी अरोरा ने पहले डिंपल अरोरा की जमानत दी, लेकिन बाद में बदलकर केदार डाबी को जमानतदार बनाया।     जनवरी 2024 में केदार डाबी ने फर्जी ऋण पुस्तिका (लोन बुक) के आधार पर सलोनी के लिए ₹5 लाख की जमानत पेश की। मधु श्रीवास्तव ने केदार के शपथपत्र को सत्यापित करने वाली गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए।  हाईकोर्ट का पुराना ऑब्ज़र्वेशन नीरज याग्निक के अनुसार, केदार डाबी के खिलाफ पहले भी फर्जी जमानत से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं। डाबी आदतन पेशेवर जमानतदार है, यह टिप्पणी भी कर चुका है। कोर्ट में 3 साल से पेश नहीं हुई सलोनी जनवरी 2024 में जमानत के समय को छोड़कर, सलोनी 3 वर्षों से कोर्ट में पेश नहीं हुई। नीरज याग्निक का कहना है कि यह पूरी योजना न्यायालय की प्रक्रिया को धोखा देने और देश छोड़कर भागने की तैयारी का हिस्सा हो सकती थी। क्या है कल्पेश याग्निक आत्महत्या केस? 14 जुलाई 2018 को वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक ने दैनिक भास्कर ऑफिस की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। जांच में सामने आया कि पूर्व सहकर्मी सलोनी अरोरा उन्हें लंबे समय से ब्लैकमेल कर रही थी। तब से यह मामला 28वें न्यायाधीश हेमंत रघुवंशी की कोर्ट में ट्रायल पर है।  अग्रिम कार्रवाई में जुटी पुलिस इंदौर डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया," आरोपी सलोनी अरोड़ा ने जमानतदार केदार डाबी के साथ मिलकर फर्जी कागज लगाकर जमानत ली थी. जिसकी शिकायत मिलने पर जांच की गई तो जमानत फर्जी पाई गई. इसी के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी सलोनी अरोड़ा और फर्जी जमानतदार को अरेस्ट कर लिया है. पुलिस मामले की अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है." 

बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बताया- विराट और रोहित के ओडीआई भविष्य पर अनिश्चितता के छंटे बादल

नई दिल्ली विराट कोहली और रोहित शर्मा क्या अभी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की तरफ से खेलते दिखेंगे? दोनों ने टी20 और टेस्ट से संन्यास ले लिया है। माना जा रहा कि दोनों का लक्ष्य 2027 का एकदिवसीय विश्व कप खेलने और भारत को फिर चैंपियन बनाने का है। वे तब तक खेल पाएंगे? यह सवाल तो बाद में आएगा, अभी तो सवाल यही है कि क्या वे वनडे में दिखेंगे? इसे लेकर बीसीसीआई ने बड़ा अपडेट दिया है। बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने विराट और रोहित के ओडीआई भविष्य पर अनिश्चितता के छंटे बादलों को साफ कर दिया है। शुक्ला ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में दो टूक कहा कि टेस्ट और टी20 से संन्यास ले चुके ये दोनों दिग्गज एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं इसे एकदम से स्पष्ट कर देना चाहता हूं।' राजीव शुक्ला ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर कहा, ‘हमें उनकी कमी हमेशा खलेगी, वो महान बल्लेबाज हैं और हमारे लिए अच्छी बात है कि वनडे के लिए वो सब उपलब्ध हैं।’ शुक्ला के दो टूक के बाद अब इस बात की उम्मीद बढ़ गई है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा 2027 में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में दिख सकते हैं। भारतीय टीम अभी इंग्लैंड के दौरे पर है जहां दोनों देशों के बीच 5 टेस्ट मैच की सीरीज चल रही है। 3 टेस्ट हो चुके हैं जिनमें भारत को एक में जीत और 2 में हार मिली है। सीरीज का अगला टेस्ट 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेला जाएगा। आखिरी और पांचवा मैच 31 जुलाई से 4 अगस्त तक खेला जाएगा। इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज की मेजबानी करेगी। अगर टीम के अगले वनडे सीरीज की बात करें तो वेस्टइंडीज के साथ टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद भारतीय टीम 3 वनडे मैच की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। उम्मीद है कि उसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा खेलते हुए नजर आएंगे।