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भारतीय सेना की बढ़ेगी ताकत, US से आ रहे रात के अंधेरे में भी हमला करने वाले अपाचे हेलिकॉप्टर

नई दिल्ली अमेरिका से अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी इसी सप्ताह होने जा रही है। पहली खेप के तहत कुल तीन अपाचे हेलिकॉप्टर मिलेंगे, जो रात के अंधेरे में भी टारगेट को खोजने और मार करने में सक्षम होंगे। अमेरिकी सेना में लंबे समय से तैनात इन हेलिकॉप्टरों की काफी डिमांड रही है। अब तक करीब 20 देशों को अमेरिका की ओर से इन हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार भारत इन हेलिकॉप्टरों को पाकिस्तान से लगती सीमा पर तैनात करने की तैयारी में है। 2 जुलाई को ही खबर आई थी कि इन हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी का इंतजार खत्म होगा और इसी महीने ये भारत आ सकते हैं। इन हेलिकॉप्टरों को 'हवाई टैंक' भी कहा जाता है। अमेरिका से आने वाले AH-64Es अपाचे हेलिकॉप्टरों की लैंडिंग गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर होगी। भारतीय सेना की ओर से इन हेलिकॉप्टरों के लिए अलग से बेड़ा पहले ही तैयार कर लिया गया है। जोधपुर में 15 महीने पहले ही इसकी शुरुआत हो चुकी है। लेकिन हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी अटक गई थी। इसकी वजह थी कि दुनिया के भू-राजनीतिक समीकरण बदल गए और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भी ट्रेड टैरिफ आदि में व्यस्त था। बता दें कि पहले ही इंडियन एयरफोर्स के पास दो स्क्वैड्रन पठानकोट और जोरहाट में ऐक्टिव हैं। बता दें कि 2015 में भी भारत सरकार ने 22 अपाचे हेलिकॉप्टरों की डील अमेरिका से की थी। उस ऑर्डर की पूरी डिलिवरी अमेरिका की ओर से जुलाई 2020 में कर दी गई थी। इसके बाद 2020 में भारत ने 6 हेलिकॉप्टर और खरीदने की डील की थी। इसके तहत पहली खेप की डिलिवरी मई से जून 2024 के बीच की जानी थी। लेकिन इसमें देरी होती गई। बता दें कि अमेरिकी कंपनी बोइंग और टाटा की ओर से भी एक जॉइंट वेंटर हैदराबाद में चल रहा है। यहां तैयार किया गया एक अपाचे हेलिकॉप्टर 2023 में भारतीय सेना को मिला था। इस हेलिकॉप्टर की खासियत यह है कि अंधेरे में भी यह अटैक कर सकता है। इसके अलावा किसी भी मौसम में यह सटीक डेटा हासिल कर सकता है। रात के अंधेरे में भी कर लेता है टारगेट की तलाश इन हेलिकॉप्टरों में नाइट विजन नेविगेशन सिस्टम है। इसके माध्यम से रात के अंधेरे में भी टारगेट की तलाश की जा सकती है। बता दें कि अपाचे हेलिकॉप्टरों को ना सिर्फ आक्रमण के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है बल्कि इन्हें सुरक्षा और शांति ऑपरेशनों के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है।  

भारत को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी क्षमताओं का विकास करना चाहिए: CDS जनरल अनिल चौहान

नई दिल्ली  CDS जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि भारत को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी क्षमताओं का विकास करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने खासतौर से ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। उन्होंने जानकारी दी है कि पाकिस्तान की तरफ से भारत के खिलाफ चलाए गए ड्रोन नाकाम रहे थे और कोई नुकसान नहीं पहुंचा सके। हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने भी दावा किया था कि पाकिस्तान की कार्रवाई में भारत को कोई नुकसान नहीं हुआ है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान जनरल चौहान ने कहा कि भारतीय बलों ने इस्लामाबाद की तरफ से चलाए गए ड्रोन्स को काइनैटिक और नॉन काइनैटिक साधनों से तबाह कर दिया था। उन्होंने कहा, '10 मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने हथियार रहित ड्रोन का इस्तेमाल किया, इनमें से कोई भी भारतीय सैन्य और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा सका।' उन्होंने यह भी बताया कि कुछ ड्रोन सही सलामत हालत में भी बरामद हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया है कि भारत में बने काउंटर UAS सिस्टम भारत की जमीनी स्थिति और जरूरतों के हिसाब से बने हैं और सैन्य ऑपरेशन के दौरान काफी अहम हैं। उन्होंने कहा, 'विदेशी तकनीकों पर निर्भरता हमारी तैयारी को कमजोर करती है, उत्पादन बढ़ाने की हमारी ताकत को सीमित करती है। ऐसे में हर समय उपलब्ध रहने के लिए जरूरी पुर्जों की कमी हो जाती है।' पीटीआई के अनुसार, सीडीएस ने कहा, 'आज के युद्ध को अतीत के हथियारों से नहीं जीता जा सकता है। आज के युद्ध को कल की तकनीक से लड़ा जाना चाहिए।' NSA पहले ही खोल चुके पोल शुक्रवार को IIT मद्रास के एक कार्यक्रम में पहुंचे डोभाल ने कहा, 'पूरे ऑपरेशन में 23 मिनट लगे…। आप मुझे एक तस्वीर बता दें, जो दिखाता हो कि भारतीय क्षेत्र में कहीं नुकसान हुआ हो। वो लोग लिखते हैं, न्यूयॉर्क टाइम्स…, लेकिन तस्वीरें दिखाती हैं कि 10 मई के पहले और बाद में पाकिस्तान में 13 एयर बेस की हालत क्या थी।' उन्होंने कहा, 'हमें अपनी स्वदेशी तकनीक विकसित करने की जरूरत है।' उन्होंने कहा, 'हमें बहुत गर्व है कि वहां बहुत सारा स्वदेशी सामान लगा था। ब्रह्मोस से लेकर रडार तक हमने पूरी तरह से भारतीय सामान का इस्तेमाल किया था। हमने पाकिस्तान के पास 9 आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने का फैसला किया था। हम एक भी नहीं चूके। हमने वहां के अलावा कहीं भी हमला नहीं किया।'  

अपहरण कर युवक को बनाया बंधक, वीडियो भेजकर फिरौती मांगी; चार आरोपी पकड़े गए

अलवर अलवर में शेयर मार्केटिंग और ट्रेडिंग से जुड़े एक युवक का अपहरण कर उसे जंगल में ले जाकर बुरी तरह पीटने और उसका वीडियो बनाकर 3.5 लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने बदमाशों के दिए अकाउंट में 50 हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए थे। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोकेशन ट्रेस की और बूंदी टोल से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित युवक को छुड़वा लिया। अपहृत युवक हंसराज ने जानकारी देते हुए बताया कि वह बाइक से लौट रहा था, तभी बोलेरो में सवार कुछ लोगों ने उसे जबरन रोक लिया और आंखों पर कपड़ा बांधकर कार में डाल लिया। कार में लगातार उसे पीटा गया। इसके बाद जंगल में ले जाकर आरोपियों ने एक वीडियो शूट किया, जिसमें हंसराज गिड़गिड़ा रहा है- "पेमेंट कर दे भाई, वरना मैं इनके हाथों मर जाऊंगा।" यह वीडियो वॉट्सऐप के जरिए परिवार को भेजा गया। पीड़ित के मुताबिक आरोपी लगातार अलग-अलग आरोप लगाते रहे, कभी छेड़छाड़, कभी साइबर ठगी तो कभी सीधी फिरौती की मांग। आरोपियों ने हंसराज से 50 हजार रुपए एक खाते में ट्रांसफर करवाए, जिसे बाद में अलवर स्थित एटीएम से एक स्थानीय युवक द्वारा निकाला गया। इससे पुलिस को शक है कि वारदात में गैंग का स्थानीय नेटवर्क भी सक्रिय है। थानाधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि पीड़ित के भाई देशराज ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ ही देर में उन्हें मारपीट का वीडियो मिला, जिससे मामला गंभीर हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बदमाशों के पास परिवार की हर गतिविधि की जानकारी थी। इससे संकेत मिले कि कोई जानकार व्यक्ति गैंग से जुड़ा हो सकता है। एएसपी तेजपाल सिंह ने बताया कि परिजनों द्वारा रुपये भेजने के बाद आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और अलग-अलग टीमों को भेजा गया। बूंदी टोल नाके पर पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया और पीड़ित युवक को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह एक संगठित गैंग है जो फिरौती, ठगी और अपहरण जैसी वारदातों में संलिप्त है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है।

इंग्लैंड की WTC रेस में गिरावट, टीम इंडिया किस पायदान पर है?

नई दिल्ली बुधवार 16 जुलाई को आईसीसी ने इंग्लैंड की टीम के खाते में से वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी डब्ल्यूटीसी के 2 अंक काट लिए। इसका नुकसान इंग्लैंड की टीम को पॉइंट्स टेबल में उठाना पड़ा, क्योंकि टीम को एक पायदान नीचे खिसकना पड़ गया है। लॉर्ड्स में भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में स्लो ओवर रेट के कारण इंग्लैंड की टीम के दो WTC पॉइंट्स काटे गए हैं। इसके अलावा बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली टीम पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया गया है। इंग्लैंड ने यह मैच 22 रन के करीबी अंतर से जीता था। इंग्लैंड को हुए इस नुकसान के बाद WTC की पॉइंट्स टेबल क्या है, भारतीय टीम किस पायदान पर है? ये जान लीजिए। ICC के फाइन के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में इंग्लैंड के खाते में पॉइंट्स 24 से घटकर 22 हो गए हैं। इस कारण उसका जीत प्रतिशत (पीसीटी) 66.67 प्रतिशत से घटकर 61.11 प्रतिशत हो गया है। श्रीलंका को इसका फायदा मिला, जिसका प्रतिशत 66.67 है और वह इंग्लैंड को पीछे छोड़कर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया अब तक अपने तीनों मैच जीतकर 100 प्रतिशत अंकों के साथ डब्ल्यूटीसी तालिका में शीर्ष पर है, जबकि भारत का जीत प्रतिशत 33.33 है और टीम पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है। बांग्लादेश की टीम पांचवें पायदान पर है, जिसका जीत प्रतिशत 16.670 है। हालांकि, टीम ने कोई मैच नहीं जीता है, बल्कि उनका एक मैच ड्रॉ रहा था, जिसके लिए आपको चार पॉइंट्स मिलते हैं। वेस्टइंडीज की टीम इस पॉइंट्स टेबल में छठे नंबर पर है, जिसका खाता नहीं खुला है। वहीं, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड दो अन्य टीमें पॉइंट्स टेबल में अभी कहीं नहीं हैं, क्योंकि दोनों ने अभी तक इस नए चक्र में एक भी टेस्ट मुकाबला नहीं खेला है। पाकिस्तान का तो हाल फिलहाल में कोई टेस्ट मैच ही शेड्यूल नहीं है। पोजिशन    टीम    मैच खेले    जीत    हार    ड्रॉ    अंक    जीत प्रतिशत 1.    ऑस्ट्रेलिया    3    3    0    0    36    100 2.    श्रीलंका    2    1    0    1    16    66.670 3.    इंग्लैंड    3    2    1    0    24    61.110 4.    भारत    3    1    2    0    12    33.330 5.    बांग्लादेश    2    0    1    1    4    16.670 6.    वेस्टइंडीज    3    0    3    0    0    0

छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष ने जताई संतुष्टि, बिजली बढ़ोतरी पर सरकार का जवाब प्रभावी

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष में इतिहास बन गया. बिजली दर में वृद्धि पर विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव आसंदी ने अस्वीकार्य कर दिया. लेकिन प्रस्ताव अस्वीकार्य होने के बाद भी विपक्ष ने हंगामा नहीं किया. वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा विषय को गंभीरता से लेने पर आभार जताया. इस पर सत्तापक्ष ने मेजें थपथपाई. शून्यकाल में नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने बिजली दर में वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिजली दर में वृद्धि से पूरा छत्तीसगढ़ परेशान है. गरीबों को बिजली दर में वृद्धि आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है. विपक्ष ने जो स्थगन दिया है, उस पर चर्चा होनी चाहिए. इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में वक्तव्य देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2025-26 हेतु घोषित बिजली टैरिफ में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो कि विगत वर्षों में न्यूनतम वृद्धि में से एक है. यह निर्णय जनसुनवाई की प्रक्रिया के बाद पारदर्शी ढंग से लिया गया है और इसे घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर स्टील और रोलिंग मिल उद्योगों तक ने सराहा है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घरेलू विद्युत दरों में केवल 10 से 20 पैसे तक की मामूली वृद्धि की गई है, जबकि कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है — जिसका सीधा असर किसानों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह राशि शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में पहले से अग्रिम भुगतान की जा रही है. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के कृषक वर्ग पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े. सरकार किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा कर रही है. उद्योगों को बढ़ावा — स्टील इंडस्ट्री की दरों में कटौती मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखने हेतु मिनी स्टील, रोलिंग मिल और फेरो एलॉय जैसे ऊर्जा-गहन उद्योगों की दरों में कटौती की है. यह निर्णय उद्योगों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में औसतन 23.55 घंटे/दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 23.45 घंटे/दिन बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. विशेष रूप से कृषि फीडरों में 18 घंटे प्रतिदिन की आपूर्ति दी जा रही है, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक आंकड़ों में शामिल है. तकनीकी और वाणिज्यिक हानि (AT&C Loss) को 2020-21 में 23.14% से घटाकर 2024-25 में 13.79% किया गया है. यह उपलब्धि दक्ष संचालन, पारदर्शी व्यवस्था और तकनीकी सुधारों का प्रमाण है. कोरबा में 1320 मेगावॉट का नया प्लांट वर्तमान टैरिफ में केपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान का भी समावेश है जिसके अंतर्गत ट्रांसमिशन कंपनी के लिए ₹2433 करोड़, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के लिए ₹3977 करोड़ और जनरेशन कंपनी के लिए ₹2992 करोड़ का प्रावधान है. कोरबा में 1320 मेगावॉट के प्लांट की स्थापना का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, जिसकी लागत ₹15,800 करोड़ है. इससे छत्तीसगढ़ भविष्य में ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनेगा और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए डबल अनुदान योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹78,000 तक केंद्र सरकार से अतिरिक्त 2 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹30,000 तक राज्य शासन से अनुदान दिया जाएगा. यह योजना छत्तीसगढ़ के घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रांतिकारी पहल है. ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपए के करार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि पॉवर कंपनी/शासन द्वारा 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के करार किए गए हैं, जिससे आने वाले समय में ऊर्जा उत्पादन और रोजगार दोनों के क्षेत्र में क्रांति आएगी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हमारी प्राथमिकता है कि बिजली उपभोक्ताओं को न केवल निर्बाध आपूर्ति मिले, बल्कि वह गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और टिकाऊ हो. वर्तमान और भावी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ ऊर्जा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक स्थापित करेगा. नेता प्रतिपक्ष ने सीएम को दिया धन्यवाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने काम करने की बात कही है. उन बातों से हमें लगा कि वह ध्यान दे रहे हैं. हमें लगा कि उन्होंने इसको सीरियस माना है. इसलिए हमने उनका धन्यवाद दिया.

ठगी, धमकी और मौत: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लूटी जिंदगी

बेंगलुरु ऑनलाइन फ्रॉड के मामले हर दिन आ रहे हैं। सरकार की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए कैंपेन भी चलाए गए हैं कि वे किसी फर्जी जांच अधिकारी, पुलिस और जज के झांसे में ना आएं। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज भी नहीं होती। यह बात भी बार-बार बताई जा रही है। फिर भी लोग ऐसे मामलों में झांसे में आ रहे हैं और अपनी पूंजी खो रहे हैं। बेंगलुरु में तो बेहद दर्दनाक घटना हुई है, जिसमें स्कैमर के झांसे में आए बिजली विभाग के क्लर्क ने पहले तो 11 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। फिर जब उसे हकीकत का पता चला तो वह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाया और आत्महत्या कर ली। कुमार नाम के शख्स को किसी ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए फोन किया था और अरेस्ट कर लेने की धमकी दी थी। कुमार के सुसाइड नोट से पता चला है कि उन्हें ब्लैकमेल किया गया और अलग-अलग बैंक खातों में 11 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। शख्स ने कहा कि मैं इस ठगी से परेशान था और अपनी जिंदगी ही समाप्त कर रहा हूं। यह मामला कर्नाटक केलागेरे गांव का है। कुमार ने पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। कुमार बेंगलुरु इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड यानी BESCOM में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थे। कुमार ने आत्महत्या का कारण बताते हुए लिखा है कि मुझे विक्रम गोस्वामी नाम बताते हुए एक शख्स का कॉल आया था। उसने दावा किया कि वह सीबीआई का अधिकारी है और मेरे नाम का अरेस्ट वॉरंट उसके पास है। उसे पहले 1.95 लाख रुपये जमा कराने की धमकी दी गई। उसने ऐसा कर दिया तो फिर और रकम की डिमांड हुई। धीरे-धीरे उसने 11 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद भी वसूली खत्म नहीं हुई और कुमार ने टेंशन में आकर जान दे दी। कुमार ने नोट में लिखा है कि वह इस दबाव से आजिज आ चुके थे। खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाला शख्स उन्हें अब भी परेशान कर रहा था। अपने सुसाइड नोट में कुमार ने उन मोबाइल नंबरों का भी जिक्र किया है, जिनसे उन्हें कॉल आते थे। इस मामले में अब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा ट्रांजेक्शन और सुसाइड नोट का भी वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। कुमार का फोन भी लॉक था, जिसके चलते पुलिस का चैलेंज बढ़ गया था।  

फिल्मी जोड़ी से अब पैरेंट्स की जोड़ी: कियारा और सिद्धार्थ को हुई बेबी गर्ल

मुंबई बॉलीवुड के स्टार कपल कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा पेरेंट्स बन गए हैं. इस कपल के घर एक बेबी गर्ल ने जन्म लिया है. इसकी जानकारी खुद एक्टर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दी है. शादी के 2 साल बाद एक्ट्रेस ने 15 जुलाई यानी मंगलवार की रात को बेटी को जन्म दिया है. इस कपल ने इसी साल 28 फरवरी को प्रेग्नेंसी की न्यूज फैंस के साथ शेयर किया था. एक रिपोर्ट के अनुसार, कियारा आडवाणी ने बेबी गर्ल को मुंबई के रिलायंस अस्पताल में जन्म दिया है. वहीं मां और बेटी दोनों को स्वस्थ बताया जा रहा है. इस खबर के मिलने के बाद ये फैंस इस कपल को बधाइयां दे रहे हैं. 28 फरवरी को प्रेग्नेंसी का ऐलान करते हुए इस कपल ने एक फोटो शेयर किया था. जिसमें दोनों अपने हाथ में छोटे-छोटे मोजे पकड़े हुए थे. इस फोटो को शेयर करते हुए कियारा आडवाणी ने कैप्शन में लिखा, ‘जल्द आ रहा है हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा.’ 2023 में हुई थी कपल की शादी बता दें कि कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने 7 फरवरी 2023 में सात फेरे लिए थे. राजस्थान के जैसलमेर में सूर्यगढ़ पैलेस में कपल ने अपने परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में शाही अंदाज में शादी किया था. इस कपल की लव स्टोरी की बात करें तो दोनों की पहली मुलाकात फिल्म ‘शेरशाह’ के सेट पर हुई थी. सेट में दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. सिद्धार्थ और कियारा का वर्कफ्रंट वर्कफ्रंट की बात करें, तो सिद्धार्थ मल्होत्रा जल्द ही फिल्म ‘परम सुंदरी’ में नजर आने वाले हैं. वहीं, 14 अगस्त 2025 को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘वॉर 2’ में कियारा आडवाणी नजर आने वाली हैं.

तीन दिन, पांच बम अलर्ट: दिल्ली के स्कूलों में दहशत का माहौल

नई दिल्ली दिल्ली के 5 प्राइवेट स्कूलों को बुधवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद दहशत फैल गई और इन्हें खाली कराना पड़ा। यह लगातार तीसरा दिन है जब दिल्ली के स्कूलों को ईमेल से बम रखे होने की धमकी दी गई है। इससे पहले पिछले दो दिन में कुछ स्कूलों में बम रखे होने की धमकी जांच में झूठी साबित हुई है। लगातार तीन दिन से मिल रही धमकियों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर जोरदार प्रहार किया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि भाजपा दिल्ली में जगलराज बनाने पर तुली है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चार इंजन वाली सरकार है, लेकिन किसी को चिंता नहीं है। केजरीवाल ने एक्स पर पर लिखा, 'लगातार तीसरे दिन आज फिर से दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। दिल्ली के लोगों और उनके बच्चों की ना तो गृहमंत्री अमित शाह जी को कोई चिंता है और ना ही उनकी चार-चार इंजन वाली सरकारों को। दिल्ली को जंगलराज बनाने पर तुली है बीजेपी।' केजरीवाल ने एक दिन पहले भी धमकी मिलने पर निशाना साधते हुए कहा था कि बीजेपी की चार इंजन वाली सरकारें फेल हो चुकी हैं। आम आदमी पार्टी ने भी निशाना साधते हुए कहा कि अभी तक पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है। यदि किसी दिन एक भी धमकी सच निकली तो कौन जिम्मेदार होगा। एक्स पर पार्टी ने कहा, 'दिल्ली में लगातार तीसरे दिन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है लेकिन BJP की पुलिस और जांच एजेंसियां अभी तक एक सुराग तक नहीं ढूंढ़ सकी हैं। BJP ने पुलिस और अपनी सभी जांच एजेंसियों को विपक्षी पार्टियों के नेताओं को परेशान करने और उन्हें फर्जी केसों में फंसाने में लगा रखा है। अगर गलती से भी किसी दिन एक भी धमकी सच निकली और हादसा हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? केंद्र और दिल्ली की BJP सरकार आख़िर कब जागेगी?' आज किन स्कूलों को धमकी फायर ब्रिगेड एक अधिकारी ने बताया कि द्वारका स्थित सेंट थॉमस स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद सुबह पांच बजकर 26 मिनट पर इसकी जानकारी अग्निशमन विभाग को दी गई। उन्होंने बताया कि वसंत कुंज स्थित वसंत वैली स्कूल को सुबह साढ़े छह बजे, हौज खास स्थित मदर इंटरनेशनल को सुबह 8.12 बजे और पश्चिम विहार स्थित रिचमंड ग्लोबल स्कूल को सुबह 8.11 बजे धमकी भरा ईमेल मिला। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि लोधी एस्टेट स्थित सरदार पटेल विद्यालय को भी धमकी भरा ईमेल मिला है। उन्होंने बताया कि स्कूल की गहन जांच की गई और अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। अभिभावकों को भेजे गए एक ईमेल में स्कूल अधिकारियों ने कहा, ‘आज सुबह बम की धमकी मिलने के कारण और पुलिस की सलाह के अनुसार सरदार पटेल विद्यालय आज बंद रहेगा। बम निरोधक दस्ता परिसर की गहन जांच कर रहा है।’ सेंट थॉमस स्कूल को दो बार धमकी, अब तक 9 स्कूलों में दहशत सेंट थॉमस स्कूल को बम से उड़ाने की यह धमकी 24 घंटे से भी कम समय में दूसरी बार दी गई है। कुल मिलाकर दिल्ली के नौ स्कूलों को बम धमकी के 10 ईमेल प्राप्त हुए हैं। इन स्कूलों में रात में भी रहने वाले कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते, श्वान दस्ते और साइबर विशेषज्ञों की टीम स्कूलों में पहुंचीं और उन्होंने गहन तलाशी ली। अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।

निवेशकों को मध्यप्रदेश की सरल निवेश नीति से करवायेंगे अवगत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन पहुँचे, बोले दुबई जैसे ही स्पेन का दौरा भी होगा सफल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को मध्यप्रदेश की सरल निवेश नीति से करवायेंगे अवगत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल        मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार की रात स्पेन के मैड्रिड पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सीधे सरल व्यक्तित्व से सभी अभिभूत हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई से विमान द्वारा मैड्रिड पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को उद्योग संपन्न राज्य बनाने के लिए उनका यह प्रवास दुबई के जैसे ही सफल होगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित भारत के सभी राज्य एक छत के नीचे निवेश और उद्योग से रोजगार सम्पन्न बनाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित कर रहे है।        मुख्यमंत्री डॉ यादव मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेश और रोजगार के नये अवसरों को सृजित करने के लिये वहाँ के उद्योगपतियों को निवेश के लिये सरकार की सरल एवं उपयोगी नीतियों से अवगत करवायेंगे। इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। रोजगार सृजन के साथ तकनीकी उन्नयन और संस्कृति से अवगत होकर निवेशकों के माध्यम से मध्यप्रदेश को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। औद्योगिक विकास और आर्थिक रूप से समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने में उनकी यह यात्रा कारगर साबित होगी।         मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को पर्यटन, आईटी एवं अधोसंरचना क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिये आकर्षित करेंगे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दी ब्रह्मानंद यादव को श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ससुर ब्रह्मानंद यादव के निधन पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वर्गीय यादव ने अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अनुषांगिक संगठनों के कार्य में समर्पित करते हुए राष्ट्र सेवा में योगदान दिया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।