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वैष्णो देवी जाने वालों के लिए खुशखबरी: तीर्थयात्रियों की यात्रा होगी और आसान

जम्मू उत्तर भारत के सबसे व्यस्त और आस्था से जुड़े रेल रूट में अब एक और बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने जम्मू से श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक की रेल लाइन को डबल करने के लिए अंतिम स्थान सर्वे की मंजूरी दे दी है। यह सर्वे लगभग 77.96 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को कवर करेगा, जो भविष्य में इस मार्ग की कनेक्टिविटी और गति दोनों में बड़ा सुधार लाएगा। कटरा भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मौजूदा समय में जम्मू और कटरा के बीच केवल एक सिंगल रेल लाइन है, जिसके कारण ट्रेनों की संख्या सीमित रहती है। एक ही लाइन होने के कारण ट्रेनों की रफ्तार और संचालन में बाधा आती है, साथ ही नई ट्रेनों को चलाने में भी दिक्कत होती है। अब, रेल लाइन की डबलिंग से ट्रेनों की संख्या में इजाफा, आवाजाही में तेजी और समय की बचत संभव होगी। इससे न केवल तीर्थयात्रा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय विकास भी गति पकड़ेगा।  12.59 करोड़ रुपये की लागत से होगा सर्वे उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि इस सर्वे की अनुमानित लागत करीब 12 करोड़ 59 लाख रुपये होगी। इस फाइनल लोकेशन सर्वे के जरिए निर्माण कार्य की तकनीकी योजना और व्यवहारिकता तय की जाएगी। यह प्रोजेक्ट उत्तर रेलवे के अधीन संचालित किया जाएगा।  क्यों जरूरी हो गया है डबल ट्रैक? रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जब से कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत हुई है, देश के अन्य हिस्सों से कटरा तक सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी की मांग काफी बढ़ गई है। डबल ट्रैक के ज़रिए यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ मालवाहक ट्रेनों का संचालन भी सुचारू रूप से किया जा सकेगा।

बलूच विद्रोही समूह का बड़ा दावा: क़्वेटा-कलक में पाक सेना के 29 सैन्य कर्मी हताहत

 क्वेटा बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का दावा है कि उन्होंने कलात और क्वेटा में दो अलग-अलग ऑपरेशन में पाकिस्तान के 29 सुरक्षाबलों को मार गिराया है. बीएलए ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ इस जंग को बदस्तूर जारी रखने की भी बात कही है.  बलूच लिबरेशन आर्मी ने बयान जारी कर बताया कि क्वेटा में बीएलए की स्पेशल यूनिट फतह स्क्वाड ने पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को ले जा रही बस को निशाना बनाकर IED अटैक किया. बलूच लिबरेशन आर्मी ने यह हमला अपनी इंटेलिजेंस इकाई ZIRAB के खुफिया इनपुट के बाद किया. ZIRAB पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को लेकर जा रही बस को लगातार मॉनिटर कर रहा था. यह बस पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को कराची से क्वेटा लेकर जा रही थी. इस हमले में 27 पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को मौके पर ही ढेर कर दिया गया जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए. इस बस में कव्वाली गायक भी थे.  बीएलए ने कहा कि ये कव्वाली कलाकार हमारे निशाने पर नहीं थे इसलिए इन्हें हाथ तक नहीं लगाया गया. इस बीच बीएलए ने कलात के हजार गांजी इलाके में एक और IED अटैक किया. यह हमला भी पाकिस्तानी सेना के वाहन को निशाना बनाकर किया गया. इस हमले में दो सैनिकों को मार गिराया गया. कलात में बीएलए के ऑपरेशन में पाकिस्तानी सेना से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी बड़ा नुकसान पहुंचा. बलूच लिबरेशन आर्मी ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हमारी जंग जारी तब तक जारी रहेगी, जब तक बलूचिस्तान को आजाद नहीं करा लिया जाता और तब तक पाकिस्तान की सेना इसकी कीमत चुकाएगी. इससे पहले बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने 11 मार्च को क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया था. इस दौरान ट्रेन में 440 यात्री सवार थे. लड़ाकों ने अपनी मांग मंगवाने के लिए पाकिस्तान सरकार पर दबाव बना रही थी. इस घटना में लड़ाकों ने 26 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, जिसमें 18 सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे.

RCB इवेंट की अव्यवस्था पर सरकार सख्त, भगदड़ के लिए विराट और टीम मैनेजमेंट को जिम्मेदार बताया

बेंगलुरु  बेंगलुरु में मची भगदड़ मामले में कर्नाटक सरकार ने RCB यानी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को ही जिम्मेदार बताया है। हाल ही में जारी हुई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। साथ ही रिपोर्ट में क्रिकेटर विराट कोहली के एक वीडियो का भी जिक्र है। 4 जून को IPL ट्रॉफी जीत के बाद हुए जश्न के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि कार्यक्रम के आयोजक डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड ने पुलिस को 3 जून को सिर्फ परेड के बारे में बताया था, लेकिन औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी। अनुमति लेना अनिवार्य है। इसमें कहा गया है कि इस तरह के आयोजन के लिए अनुमति 7 दिन पहले मांगी जाती है। बगैर पुलिस से बात किए लोगों को बुलाया रिपोर्ट में कहा गया है कि RCB ने बगैर पुलिस से विचार विमर्श किए लोगों को न्योता दे दिया। इसमें कहा गया है कि सुबह 7 बजकर 1 मिनट पर एक फोटो पोस्ट किया गया था, जिसमें 'लोगों के लिए फ्री एंट्री' की बात कही गई थी और विजय जुलूस के लिए न्योता दिया गया था। यह जुलूस विधानसभा से शुरू होना था और चिन्नास्वामी स्टेडियम पर खत्म होना था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 4 जून को सुबह 8 बजे एक पोस्ट और की गई और 8 बजकर 55 मिनट पर RCB ने एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया, जिसमें क्रिकेटर विराट कोहली नजर आ रहे थे। वह कह रहे थे कि टीम बेंगलुरु शहर के लोगों के साथ जीत का जश्न मनाना चाहती है। सरकार का कहना है कि इसके चलते 3 लाख से ज्यादा लोग आ गए और आयोजक या पुलिस इतनी भीड़ के लिए तैयार नहीं थे। इसके अलावा कन्फ्यूजन भी हुआ, क्योंकि दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर आयोजकों ने घोषणा कर दी कि स्टेडियम में आने के लिए पास की जरूरत होगी। खबर है कि इसके चलते लोग पैनिक हुए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि RCB, DNA एंटरटेनमेंट और KSCA यानी कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन सामंजस्य जमाने में असफल रहे। एंट्री गेट पर उचित प्लानिंग नहीं होना और गेट देरी से खोले जाने के चलते व्यवस्था बिगड़ी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। कोर्ट ने दिए थे रिपोर्ट सार्वजनिक करने के आदेश कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि वह चार जून को हुई भगदड़ की घटना पर अपनी स्थिति रिपोर्ट सार्वजनिक करे। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट से इस रिपोर्ट को गोपनीय रखने का अनुरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने सोमवार, 14 जुलाई को स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की गोपनीयता के लिए कोई कानूनी आधार नहीं है।  

छांगुर बाबा का मेरठ कनेक्शन एयर होस्टेस बनने का था सपना, मॉडलिंग का दिया झांसा

उत्तर प्रदेश ATS ने छांगुर और नसरीन पर ले सकती है बड़ा फैसला, कई राज खुलने बाकी मास्टरमाइंड छांगुर बाबा का भतीजा सोहराब गिरफ्तार, आजमगढ़ में बड़ी कार्रवाई छांगुर बाबा का मेरठ कनेक्शन एयर होस्टेस बनने का था सपना, मॉडलिंग का दिया झांसा मेरठ उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण रैकेट से जुड़े हाई-प्रोफाइल केस में जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है. मामले की तह तक पहुंचने के लिए यूपी एटीएस अब मुख्य आरोपी छांगुर बाबा और उसकी साथी नसरीन का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी में है. सूत्रों के अनुसार, दोनों से हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. लेकिन कुछ अहम सवालों के जवाब अब तक अधूरे हैं, जिनकी गुत्थी सुलझाने के लिए यह टेस्ट जरूरी माना जा रहा है. एटीएस सूत्रों का कहना है कि छांगुर, नसरीन और उनके सहयोगी नवीन रोहरा ने पूछताछ में कई राज खोले हैं, लेकिन कई जानकारियां या तो अधूरी हैं या जानबूझकर भ्रम फैलाने वाली. ऐसे में एजेंसियों को शक है कि ये आरोपी सच्चाई छुपाने की कोशिश कर रहे हैं. अब तक चार गिरफ्तार यूपी धर्मांतरण के मामले में एटीएस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है , जिसमें 5 जुलाई को छांगुर और उसकी कारखास नीतू को गिरफ्तार किया था. उसके बाद उनकी रिमांड मांगी गई थी. कोर्ट ने Ats को नीतू और छांगुर की 7 दिनों की PCR दी थी, जिसमें ये दोनों 10 जुलाई से लेकर 16 जुलाई तक ATS के पास थे. इस दौरान Ats ने इनसे तमाम अलग-अलग तरीके से पूछताछ भी है. इस पूछताछ में नीतू और छांगुर के बताए गए तथ्यों के अलावा नीतू के पति नवीन उर्फ जमालुद्दीन के बताए तथ्यों को भी खंगाला गया है जिसमें कई पहलू सामने है. तो वहीं कुछ पहलू भ्रमित करने वाले हैं , जिस कारण अब एटीएस उनका नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट करने की लिए सोच रही है. दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय ने छांगुर के कई देशी और विदेशी खातों की जांच भी शुरू कर दी है. ईडी ने इस मामले में छापेमारी भी की है. मास्टरमाइंड छांगुर बाबा का भतीजा सोहराब गिरफ्तार, आजमगढ़ में बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से छांगुर बाबा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई। अवैध धर्मांतरण गिरोह के मास्टर माइंड छांगुर बाबा के भतीजे सोहराब को आजमगढ़ से गिरफ्तार कियाहै। ये कार्रवाई बुधवार देर रात यूपी एसटीेफ ने उतरौला से की है। सोहराब पर आजमगढ़ में धर्मांतरण कराने का आरोप लगा है। बता दें कि इससे पहले जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को यूपी एटीएस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में मामले में अब तक 5 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं छांगुर बाबा का मेरठ कनेक्शन एयर होस्टेस बनने का था सपना, मॉडलिंग का दिया झांसा दिल्ली और वेस्ट यूपी में धर्मांतरण कराने वाले छांगुर बाबा और उसके करीबी बदर अख्तर सिद्दीकी के नेटवर्क की पोल अब खुलती जा रही है। इस गैंग का मेरठ से भी पुराना कनेक्शन सामने आया है। मेरठ के सरूरपुर क्षेत्र के भूनी गांव की रहने वाली प्रिया त्यागी वर्ष 2019 में इसी गिरोह का शिकार बनी थी। वह दिल्ली में एयर होस्टेस का कोर्स कर रही थी, तभी इस्लामाबाद, लिसाड़ीगेट मेरठ निवासी बदर अख्तर सिद्दीकी के संपर्क में आई। बदर ने उसे मॉडलिंग और बेहतर जीवनशैली का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लिया। कुछ ही समय बाद प्रिया लापता हो गई, जिसके बाद परिजनों ने सरूरपुर थाने में अपहरण की धारा में रिपोर्ट (मुकदमा संख्या 223/2019) दर्ज कराई। हालांकि, प्रिया बालिग थी, इसलिए कोर्ट ने उसे अपनी मर्जी से कहीं भी रहने की छूट दी। लेकिन 18 अक्टूबर 2019 को जब वह वापस घर लौटी, तो परिजनों और पुलिस को चौंका देने वाले खुलासे किए। प्रिया ने बताई बदर की हैवानियत प्रिया ने बताया कि बदर ने उसे जबरन नशे की लत लगवाई, कई बार सिगरेट से जलाया, भूखा रखा और धर्मांतरण का लगातार दबाव बनाया। यह वही तरीका था, जिसे अब छांगुर बाबा और बदर पर लगे ताजा आरोपों में दोहराया जा रहा है। उस समय भी प्रिया के पिता दर्शन त्यागी ने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी नोएडा की गौर सिटी में पढ़ाई कर रही थी, तभी बदर ने उसे निशाना बनाया। कई लड़कियों के गायब होने का आरोप प्रिया की वापसी के बाद, उसके परिजनों ने बदर अख्तर के खिलाफ कई अन्य युवतियों को गायब करने के भी आरोप लगाए थे। उन्होंने बताया था कि असिया नाज पुत्री कमर हुसैन निवासी चुड़ीवालान, दिल्ली भी बदर के संपर्क में आने के बाद लापता हो गई थी। पुलिस उसे आज तक तलाश नहीं सकी। इसके अलावा एक आशा नाम की लड़की भी लापता बताई गई थी, जिसका कोई सुराग नहीं मिला। वहीं अंतरा शर्मा नाम की युवती ने बदर से शादी की थी, लेकिन 2019 में कोर्ट से तलाक हो गया था। इन सभी मामलों में पुलिस की जांच उस वक्त निष्क्रिय रही, जिससे धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश छह साल पहले ही हो सकता था। ड्रग्स और ब्रेनवॉश का नेटवर्क छांगुर बाबा और बदर के नेटवर्क को लेकर अब जो खुलासे हो रहे हैं, वो साल 2019 की प्रिया कांड से मेल खाते हैं। युवतियों को पहले नशा देकर मानसिक रूप से कमजोर किया जाता था और फिर ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण के लिए मजबूर किया जाता था। प्रिया और उसके पिता पहले ही इन तरीकों की जानकारी पुलिस को दे चुके थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब जब छांगुर और बदर के खिलाफ कई राज्यों में शिकंजा कस रहा है, तो मेरठ की यह पुरानी घटना इस नेटवर्क की गहराई और तैयारी को उजागर करती है। यह सवाल भी खड़ा होता है कि अगर 2019 में ही इस मामले को गंभीरता से लिया जाता, तो कितनी ही बेटियां बच सकती थीं।    

ब्रिटेन की संसद में धीरेंद्र शास्त्री सम्मानित, बागेश्वर धाम आने का दिया निमंत्रण

लंदन  कथावाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को ब्रिटेन की संसद में सम्मानित किया गया. उन्हें सांसदों के एक समूह द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, जहां संसद परिसर के एक विशेष कक्ष में यह सम्मान समारोह आयोजित हुआ. यह सम्मान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर को मानवता के लिए उनके कार्यों, वैश्विक प्रेम, शांति और सामंजस्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया.कार्यक्रम में यूके की सांसद सीमा मल्होत्रा, हैरो सिटी की मेयर अंजना पटेल, सांसद बॉब ब्लैकमैन और हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्य बारोनेस वर्मा मौजूद थीं. मानवता के कार्यों के लिए सांसद समूह ने किया शास्त्री का सम्मान लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स में आयोजित इस विशेष समारोह में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भारत में गरीब कन्याओं के विवाह समारोह, हर दिन हजारों लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा और जरूरतमंद मरीजों के लिए कैंसर अस्पताल निर्माण जैसे कार्यों की सराहना की गई. इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि उनके सभी कार्यों की प्रेरणा भारतीय शास्त्रों और संस्कृति से मिलती है, जो नर को नारायण मानकर सेवा का संदेश देती है. उन्होंने लंदनवासियों को बागेश्वर धाम आने का न्यौता भी दिया. धीरेंद्र शास्त्री के कार्यों की सराहना की कार्यक्रम में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यों की सराहना की गई। उनके द्वारा भारत में गरीब बेटियों के विवाह, हजारों लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा और जरूरतमंद मरीजों के लिए कैंसर अस्पताल बनाने जैसे कार्यों की चर्चा हुई। इस मौके पर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उन्हें यह प्रेरणा अपने शास्त्रों और भारतीय संस्कृति से मिलती है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में 'नर को ही नारायण मानकर सेवा' का संदेश दिया गया है।   बागेश्वर धाम आने का न्यौता इस कार्यक्रम में ब्रिटेन की सांसद सीमा मल्होत्रा, हैरो शहर की मेयर अंजना पटेल, सांसद बॉब ब्लैकमैन, हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्य बैरोनेस वर्मा मौजूद थीं. इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि उन्हें इन सभी कार्यों की प्रेरणा उनके धर्मग्रंथों और भारतीय संस्कृति से मिलती है जिसमें नर को नारायण मानकर सेवा का संदेश दिया जाता है. लंदन में इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने सभी भारतीयों और लंदनवासियों को बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण भी दिया. उन्होंने आगे कहा कि 'भारतीय जीवन पद्धति और सनातन का मार्ग ही विश्व शांति का सर्वोत्तम मार्ग है. एक सनातनी ही पूरे विश्व को अपना परिवार मानता है और उसके कल्याण की कामना करता है. हमें ऐसी महान संस्कृति को समझने और अपनाने की आवश्यकता है'.  बागेश्वर धाम आने का न्यौता दिया उन्होंने लंदन में एक भाषण दिया और सभी भारतवंशियों और लंदन के लोगों को बागेश्वर धाम आने का न्यौता दिया। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि विश्व शांति के लिए भारतीय जीवनशैली और सनातन धर्म सबसे अच्छा रास्ता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक सनातनी पूरे विश्व को अपना परिवार मानता है और सबके कल्याण की कामना करता है। हमें अपनी संस्कृति को समझने और अपनाने की जरूरत है। हनुमान चालीसा का हुआ पाठ ब्रिटेन की संसद में हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। कभी यहाँ भारत की बात नहीं सुनी जाती थी, लेकिन आज यहां हनुमान चालीसा गूंज रही है। बागेश्वर महाराज की मौजूदगी में सांसदों और अन्य लोगों ने मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। महाराज ने कहा कि सुभाष शुक्ला ने जो संदेश दिया, उसे सबको याद रखना चाहिए। गीता पढ़कर हिंदू हो गए ब्रिटेन की संसद में पाकिस्तानी मूल के मोहम्मद आरिफ ने कहा कि उनका जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन भगवत गीता पढ़कर वे हिंदू हो गए हैं। उन्होंने धीरेन्द्र शास्त्री से पूछा कि क्या हिंदू होने के लिए नाम बदलना जरूरी है? क्या बिना नाम बदले हिंदू नहीं हो सकते?पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने जवाब दिया कि हिंदू धर्म एक मानवता की विचारधारा है। यदि आप भागवत गीता पढ़ रहे हैं, तो आपका इतना ही परिचय काफी है। दिल में विचार बदल गए तो आप सनातनी हो गए। बागेश्वर धाम में ली जाएंगी सेवाएं एक सवाल के जवाब में बागेश्वर महाराज ने कहा कि जो लोग भी दुनिया में मानवता के लिए काम कर रहे हैं, उनकी सेवाएं बागेश्वर धाम में ली जाएंगी। इससे गरीबों की समस्याएं हल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कैंसर अस्पताल बनने के बाद डॉक्टरों का दल उसे चलाएगा। साथ ही, दुनिया के विशेषज्ञ डॉक्टरों को सेमिनार के माध्यम से बागेश्वर धाम बुलाकर गरीबों की सेवा का मौका दिया जाएगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर लंदन में विश्व शांति के लिए रोजाना हवन पूजन कर रहे हैं. इससे विश्व में शांति और सद्भावना बनी रहे. बाबा बागेश्वर ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि हम भारत से इतनी दूर हैं, लेकिन दिल के बहुत करीब हैं। उन्होंने कहा कि वे लोगों को देखकर समझ रहे हैं, लेकिन उन्हें ज्यादा अंग्रेजी नहीं आती है। उन्होंने कहा कि अगर लंदन लोगों की कर्मभूमि है, तो दोनों देशों का प्रेम बना रहे।

पूर्व ऑलराउंडर ने गिल की आक्रामकता का किया समर्थन- इंग्लैंड का बेस्ट निकला, सोया शेर जगा दिया

नई दिल्ली  लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने फील्ड पर जिस तरह आक्रामकता दिखाई, इंग्लैंड के खिलाड़ियों से उलझे, उसकी तुलना विराट कोहली की आक्रामकता से की जा रही है। हालांकि, तमाम पूर्व क्रिकेटर गिल की आक्रामकता को गैरजरूरी बता रहे। लॉर्ड्स में टीम की हार के बाद गिल अपनी आक्रामकता के लिए भारत और इंग्लैंड के आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। इस बीच इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली ने गिल का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान की आक्रामकता में कोई बुराई नहीं है। हालांकि, साथ में उन्होंने यह भी दावा किया कि संभवतः भारतीय कप्तान की आक्रामकता से ही लॉर्ड्स में इंग्लैंड के भीतर का सोया शेर जाग गया। लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन गिल इंग्लैंड के ओपनर्स जैक क्रॉली और बेन डकेट से मैदान में ही उलझ गए थे। दिन का खेल खत्म होने तक भारत को ज्यादा ओवर डालने का मौका न मिले, इसके लिए इंग्लैंड की टीम ने जानबूझकर देरी की रणनीति अपनाई। उनकी इस पैंतरेबाजी से गिल का सब्र जवाब दे गया और वह मैदान में ही अंग्रेज खिलाड़ियों से उलझ पड़े। इस दौरान गुस्से में उनके मुंह से शायद कुछ अपशब्द भी निकल गए थे। उसका नुकसान ये हुआ कि बल्लेबाजी के दौरान उनकी एकाग्रता भंग हुई और वह दूसरी पारी में 9 गेंद पर 6 रन बनाकर आउट हो गए। लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को आखिरी पारी में जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला था लेकिन पूरी टीम 170 रन पर आउट हो गई। फिलहाल ग्लोबल सुपर लीग में हिस्सा ले रहे मोईन अली ने गिल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान तो बस प्रतिस्पर्धी बनने की कोशिश कर रहे थे। गिल का समर्थन करने के साथ-साथ मोईन ने एक अहम बात भी कही। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान की आक्रामकता से इंग्लैंड के भीतर की जुझारू प्रवृत्ति जाग गई। मोईन अली ने कहा, 'यह ठीक है। मुझे लगता है कि वह सिर्फ प्रतिस्पर्धी बनने और लड़ने की कोशिश कर रहे थे, बिल्कुल वैसे ही जैसे विराट कोहली करते थे। मुझे लगता है कि ये ठीक है। लेकिन आपने जो किया, उससे इंग्लैंड का बेस्ट बाहर निकल आया। सोया शेर जगा गया। मुझे लगता है कि यह इंग्लैंड का एक अलग तरह का पहलू है जिसे खिलाड़ियों ने दिखाया। यह सीरीज के लिए बहुत अच्छा है, मुझे नहीं पता उनकी (गिल) की आलोचना क्यों हो रही है।'  

महिला ने बौद्ध भिक्षुओं से ठगे 100 करोड़, वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

बैंकॉक थाईलैंड में एक बड़े सेक्स स्कैंडल का भंडाफोड़ हुआ है। यहां एक महिला को कई साधुओं के साथ यौन संबंध बनाने और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। खबर है कि पहले लुभा कर सेक्स में फंसाने और ब्लैकमेल के इस खेल के जरिए करीब 385 मिलियन बाथ की उगाही की गई है। भारतीय मुद्रा में यह रकम 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। रॉयल थाई पुलिस सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने बताया कि इस कांड में शामिल कम से कम नौ बौद्ध भिक्षुओं और वरिष्ठ भिक्षुओं को भिक्षु पद से हटा दिया गया है। पुलिस ने बताया कि उत्तरी थाईलैंड स्थित एक बौद्ध मंदिर के बैंक खाते से एक वरिष्ठ भिक्षु की तरफ से विलावान एम्सावत के खाते में भेजी गई धनराशि का भी पता चला है। कौन है विलावान एम्सावत लगभग 35 वर्षीय विलावान एम्सावत को राजधानी बैंकॉक के उत्तर में नोंथबुरी प्रांत स्थित उसके घर से जबरन वसूली, धन शोधन और चोरी का सामान लेने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। अपनी गिरफ्तारी से पहले विलावान ने ऐसे एक संबंध की बात स्वीकारी थी और कहा था कि उसने उस बौद्ध भिक्षु को पैसे दिए थे। गिरफ्तारी के बाद से विलावान ने कोई बयान नहीं दिया है और यह स्पष्ट नहीं है कि उसका प्रतिनिधित्व करने के लिए कोई वकील है या नहीं। कैसे बनाती थी शिकार रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि विलावान ने वित्तीय लाभ के लिए जानबूझकर वरिष्ठ भिक्षुओं को निशाना बनाया। पुलिस ने पाया कि प्रेम संबंध शुरू करने के बाद कई भिक्षुओं ने बड़ी धनराशि विलावान को ट्रांसफर की थी। पुलिस ने बताया कि पिछले तीन साल में विलावान के बैंक खाते में 1.19 करोड़ अमेरिकी डॉलर की धनराशि प्राप्त हुई लेकिन इसमें से अधिकतर राशि ऑनलाइन जुए वाली वेबसाइट पर खर्च की गई। सेंट्रल इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो के उपायुक्त जारूनकियात पंकेव ने कहा कि जांच पिछले महीने तब शुरू हुई जब बैंकॉक के एक प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर के वरिष्ठ भिक्षु ने अचानक अपना पद छोड़ दिया। इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, जारूनकियात ने बताया कि जांचकर्ताओं ने पाया है कि विलावान ने एक भिक्षु से कहा था कि वह गर्भवती है और मदद के लिए 7.2 मिलियन बाथ मांगे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस का मानना है, 'यह महिला बहुत ही खतरनाक है और हमें इसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करना होगा।' खबरें ये भी हैं कि विलावान के फोन से हजारों फोटो और वीडियो मिले हैं। साथ ही इसमें कई चैट भी हैं, जो कई भिक्षुओं के साथ संबंधों की ओर इशारा कर रही हैं।

हेटमायर की बैटिंग से मची तबाही, एक ओवर में 5 छक्कों से ग्लोबल सुपर लीग में गूंजा बल्ला

नई दिल्ली  ग्लोबल सुपर लीग 2025 के सेमी-फाइनल में शिमरन हेटमायर ने बल्ले से गदर काट दिया। गुयाना ऐमजॉन वॉरियर्स की तरफ से होबार्ट हरिकेंस के खिलाफ उन्होंने फैबियन एलेन के एक ही ओवर में 5 छक्के समेत 32 रन बटोरे। मंगलवार को गुयाना के प्रोविडेंस स्टेडियम में हेटमायर ने सिर्फ 10 गेंद में 39 रन की पारी खेलकर अपनी टीम के लिए फाइनल का टिकट कटा लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए होबार्ट हरिकेंस की पूरी टीम 16.1 ओवर में 125 रन बनाकर आउट हो गई। जवाब में ऐमजॉन वॉरियर्स का 9 ओवर के बाद स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 43 रन था। तब जीत के लिए 72 गेंदों में 82 रन चाहिए थे और सेमीफाइनल मैच के दबाव की वजह से यह चेज बहुत चुनौतीपूर्ण था। नौवे ओवर में ही जब ऐमजॉन का स्कोर 42 रन था तब 3 विकेट गिरने के बाद हेटमायर बल्लेबाजी के लिए आए थे। उन्होंने 10वें ओवर में पूरा गेम ही पलट दिया। फैबियन एलेन गेंदबाजी के लिए आए और हेटमायर ने छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने पहला सिक्स लॉन्ग ऑन के ऊपर से लगाया। दूसरी गेंद पर बाउंड्री के एकदम पास खड़े ओडीन स्मिथ ने उनका कैच छोड़ दिया और गेंद सिक्स के लिए बाउंड्री पार चली गई। तीसरी और चौथी गेंद पर भी उन्होंने छक्का जड़ा। पांचवीं गेंद पर वह दो रन दौड़कर लिए और फिर ओवर की आखिरी गेंद पर भी सिक्स लगा दिया। इस तरह उन्होंने एक ही ओवर में 5 छक्कों की बदौलत 32 रन कूट दिए। हेटमायर को उसामा मीर ने आउट किया। 10 गेंदों पर 39 रन की विस्फोटक पारी में उन्होंने 6 छक्के उड़ाए। ऐमजॉन वॉरियर्स ने 17वें ओवर में ही 4 विकेट बाकी रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। अब 18 जुलाई को फाइनल में उसका मुकाबला रंगपुर राइडर्स से होगा।  

CM साय की बड़ी पहल: गांव-गांव पहुंचेगी चिकित्सा सुविधा, 151 वाहन किए रवाना

रायपुर  प्रदेश के कोने-कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण हेतु राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा आमजन तक पहुँचाने की दिशा में उठाया गया यह कदम ऐतिहासिक है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन वाहनों के माध्यम से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलों में भी लोगों को समय पर प्रभावी उपचार मिल सकेगा. यह ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है. पुराने, अनुपयोगी हो चुके वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह अत्याधुनिक नए वाहन शामिल किए गए हैं. यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निरीक्षण और निगरानी को भी गति प्रदान करेगी. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिला और विकासखंड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वाहनों से नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविरों की निगरानी, दूरस्थ अंचलों तक त्वरित पहुँच और आपातकालीन परिस्थितियों में समयबद्ध हस्तक्षेप संभव हो सकेगा. इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी और गतिशील होगा और राज्य में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली और अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनेगी. यह पहल प्रदेश के संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को गति देने का कार्य करेगी. मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को ये वाहन चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे. प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 12 जिलों को ये वाहन भेजे जा रहे हैं. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शीघ्र ही प्रदेश में 851 नवीन एंबुलेंस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें से 375 एंबुलेंस 108 आपातकालीन सेवाओं के लिए, 30 एंबुलेंस ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाइयों के लिए और 163 ‘मुक्तांजली’ शव वाहन निःशुल्क सेवा के अंतर्गत दी जाएंगी. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनजातीय समुदायों के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं. उनके मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री ‘जन मन योजना’ के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वर्षा ऋतु जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी राज्य सरकार घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को पूरी तत्परता से पूर्ण कर सकेगी. उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है. उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और मैदानी स्वास्थ्य अमले को इस विशेष सौगात के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं. इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण और गणमान्यजन उपस्थित थे.

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना एक बार फिर विवादों में, दुकानदार को WhatsApp स्टेटस के कारण पीटा

मुंबई  राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) एक बार फिर विवादों में है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुंबई के विक्रोली इलाके में एक राजस्थानी दुकानदार की पिटाई कर दी। दुकानदार के एक व्हाट्सऐप स्टेटस को एमएनएस कार्यकर्ताओं ने मराठी समुदाय के खिलाफ अपमानजनक मानते हुए उसकी पिटाई कर दी। घटना विक्रोली के टैगोर नगर क्षेत्र की है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। एमएनएस कार्यकर्ताओं ने दुकानदार से जबरन माफी मंगवाई, थप्पड़ मारे और मराठी मानुष के खिलाफ कुछ भी लिखने से बचने की चेतावनी भी दी। पीड़ित दुकानदार मारवाड़ी समुदाय से है। उसने अपने व्हाट्सऐप पर लिखा था, "देख लिया राजस्थानी का पावर। हम मारवाड़ी, हमारे सामने किसी की नहीं चलती।" इस स्टेटस को एमएनएस कार्यकर्ताओं ने मराठी लोगों का अपमान मानते हुए हमला कर दिया। वीडियो में दुकानदार कानों को पकड़कर माफी मांगते हुए कहता है, “ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी।” वीडियो बना कर खुद ही किया वायरल एमएनएस कार्यकर्ताओं ने इस पूरी घटना का वीडियो खुद बनाया और एडिट कर सोशल मीडिया पर फैलाया। इसमें मराठी गीत और संदेश लिखा है, “जो मराठी लोगों के खिलाफ बोलेगा, उसके साथ ऐसा ही होगा।” इस वीडियो में एमएनएस का लोगो भी स्पष्ट रूप से दिखता है। राज ठाकरे खुद कार्यकर्ताओं को ऐसी रिकॉर्डिंग से मना कर चुके हैं ताकि कानूनी रूप से फंसने से बचा जा सके। इसके बावजूद एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने ऐसा किया है। मारपीट के बाद दुकानदार को पुलिस स्टेशन ले जाया गया और शिकायत दर्ज की गई। स्थानीय एमएनएस नेता विश्वजीत ढोलम ने दुकानदार के कारोबार के बहिष्कार की अपील की और कहा, “ऐसे व्यापारियों से सामान न खरीदें जो मराठी लोगों का अपमान करते हैं।” आपको बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल के कुछ समय में मराठी भाषा और पहचान के नाम पर हिंसक घटनाएं बढ़ी हैं। एक जुलाई को ठाणे में एक स्ट्रीट फूड वेंडर की इसलिए पिटाई हुई क्योंकि उसने मराठी बोलने से इनकार कर दिया। इस घटना में शामिल एमएनएस के सात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। बीते 8 जुलाई के मीरा-भायंदर में एमएनएस, शिवसेना (उद्धव) और एनसीपी (शरद पवार गुट) ने मराठी अस्मिता के समर्थन में मार्च निकाला। वहीं, विरार स्टेशन के पास उत्तर प्रदेश के ऑटो चालक ने "मैं हिंदी बोलूंगा" कहा, तो एमएनएस और शिवसेना (उद्धव गुट) के कार्यकर्ताओं ने उसे पीटकर सार्वजनिक माफी मंगवाई। शिवसेना (UBT) के स्थानीय प्रमुख उदय जाधव ने कहा, “जो महाराष्ट्र और मराठी भाषा का अपमान करेगा, उसे शिवसेना स्टाइल में जवाब मिलेगा।” इन घटनाओं ने एक बार फिर मराठी बनाम बाहरी बहस को हवा दी है।