samacharsecretary.com

जालोर में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे़ का दौरा, विकास और नशामुक्ति पर खास जोर

जालोर जालोर राजस्थान के राज्यपाल हरी भाऊ बागडे़ जालौर दौरे पर रहे। उन्होंने जालौर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्यपाल ने विभागवार विकास कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे़ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नवीन शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षण करवाये जाने तथा किताबी ज्ञान के साथ-साथ नवीन शोधपरक जानकारियां बच्चों के साथ साझा करने की बात कही। जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो साथ ही उनकी बौद्धिक और विश्लेषण करने की क्षमता बढ़ सकें। उन्होंने जिले में संचालित राजकीय स्कूलों और उनमें अध्यनरत छात्र-छात्राओं की संख्या, मिड-डे-मील योजना की जानकारी लेते हुए छात्र-छात्राओं को मिड-डे-मील योजना के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पोषण प्रदान किए जाने की बात कही। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने जिले में टी.बी. मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत क्षय रोगियों की संख्या, उनकी स्क्रीनिंग और निक्षय मित्र के माध्यम से उन्हें पोषण किट वितरण करने की प्रगति के बारे में जानकारी ली तथा चिकित्सा विभाग को टी.बी. मुक्ति की दिशा में प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन में हर घर जल पहुंचाने के लिए अधिकारी करें प्रभावी मॉनिटरिंग बैठक में उन्होंने नर्मदा नहर परियोजना के तहत ई.आर., एफ.आर. और डी.आर. प्रोजेक्ट की समीक्षा की तथा जल जीवन मिशन के तहत एफएचटी कनेक्शन की गति बढ़ाते हुए पेयजल स्त्रोत निर्माण के कार्यों को समय पर पूर्ण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या समाधान की दिशा में जल जीवन मिशन बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। हर घर जल पहुंचाने के लिए अधिकारी इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण व भू-जल स्तर सुधार से ‘‘हरियालो राजस्थान’’ की दिशा में प्रदेश अग्रसर हो सकेगा। उन्होंने वर्षा जल के सहेज कर रखने की बात कही जिसके फलस्वरूप जिले में पानी की समस्या से मुक्ति मिले। उन्होंने डिस्कॉम की कुसम योजना की प्रगति देखी तथा पंचायतीराज की स्वामित्व योजना में जारी किए गए पट्टों पर जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पीएम आवास योजना और एमजीनरेगा के तहत जिले में प्रगतिरत कार्यों और स्वीकृत कार्यों के बारे में चर्चा करते हुए नरेगा में पौधरोपण, टांका निर्माण और जल संरक्षण के कार्यों को अधिक से अधिक करवाये जाने की बात कही। उन्होंने नगरीय निकायों व ग्रामों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए घर-घर कचरा संग्रहण के माध्यम से एकत्रित किए गए कचरे के समुचित निस्तारण को लेकर निर्देशित किया। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने जिले में नशीली पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान एवं की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी लेते हुए युवाओं में नशे की प्रवृत्ति की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा नशा मुक्ति कैंप लगाकर नशे के आदी हो चुके लोगों को नशावृत्ति से मुक्ति दिलाने की बात कही। उन्होंने अवैध नशे के कारोबार में प्रवृत्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किये जाने के निर्देश दिए। बैठक में राजस्थान के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित, सांचौर विधायक जीवाराम चौधरी, जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे, जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचन्द्र यादव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिसकर्मियों द्वारा दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर सर्किट हाउस जालोर पहुंचने पर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे़ को पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे़ का माल्यार्पण और साफा पहनाकर अभिनंदन किया।

राजशेखर की उड़ान अंतरिक्ष की ओर, भारतीय युवा को अमेरिकी स्पेस मिशन में मिला मौका

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में रहने वाले राजशेखर पैरी को अंतरिक्ष की सैर करने का मौका मिला है। ये मौका अमेरिका की एक निजी स्पेस कंपनी, टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने दिया है। कंपनी ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर पर राजशेखर को चुना है। शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से सकुशल वापसी के बाद राजशेखर पैरी के स्पेस में जाने की खबर ने एक बार फिर भारत का नाम रौशन किया है। जानिए कौन हैं राजशेखर? पढ़िए बिलासपुर से अंतरिक्ष तक की कहानी। सबसे पहले बात राजशेखर पैरी की। राजशेखर सामान्य बच्चों की ही तरह थे। प्राइमरी की पढ़ाई-लिखाई बिलासपुर से की। फिर हैदराबाद बैचलर्स करने के बाद यूके चले गए। उन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई ऑक्सफोर्ड स्कूल से भी की है। फिलहाल वह एयरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ-साथ ऑर्बिटालॉकर में प्रोजेक्ट मैनेजर-इंजीनियरिंग के तौर पर काम भी कर रहे हैं। छत्तीसगढ के पेंड्रा के रहने वाले राजशेखर पैरी जल्द अंतरिक्ष में जाने वाले हैं। एक निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है। अपने सिलेक्शन और उन्हें कैसे मौका मिला, इस बारे में राजशेखर बताते हैं कि उन्होंने 19 साल की उम्र में NASA को एक मेल किया था। केवल ये जानने के लिए कि एस्ट्रोनॉट बनने की प्रोसेस क्या होता है। उम्मीद तो थी नहीं, लेकिन 4 दिन बाद जो जवाब आया, उससे न सिर्फ उनके सवालों के जवाब मिले, बल्कि उनके सपनों को एक नई दिशा भी दी। NASA ने उन्हें एस्ट्रोनॉट बनने की प्रक्रिया, योग्यता और रिस्क फैक्टर्स की पूरी जानकारी दी और साथ ही बधाई दी कि आप नासा के एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा रखते हैं। राजशेखर कहते हैं, उस मेल ने मेरा आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया। तभी से तय कर लिया था-अब तो स्पेस में जाना ही है। बचपन से साइंस में रुचि होने के चलते उन्होंने धीरे-धीरे देखना-समझना शुरू कर दिया कि आखिर स्पेस में कैसे जाया जा सकता है। उन्हें पता चला कि यूरोप में तरह तरह के प्रोग्राम चलते हैं, जिसमें भाग लेकर सिलेक्ट होकर अंतरिक्ष में जाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने पोलैंड से एनालॉग स्पेस ट्रेनिंग ली। इसमें उन्होंने अंतरिक्ष में रहने-खाने, काम करने जैसी तमाम बातें सिखाई-समझाई गईं। अब मुझे टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज की तरफ से स्पेस में जाने का मौका मिला है। इस मिशन में मेरा काम रिसर्च और डेवलेपमेंट से जुड़ा होगा। अंतरिक्ष में जाकर हमें पता लगाना है कि वहां कौन-कौन से एक्सपेरिमेंट किए जा सकते हैं। ना केवल उन्हें किया जा सकता है, बल्कि आगे और कैसे बढ़ाया जा सकता है।

राजशेखर की उड़ान अंतरिक्ष की ओर, भारतीय युवा को अमेरिकी स्पेस मिशन में मिला मौका

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में रहने वाले राजशेखर पैरी को अंतरिक्ष की सैर करने का मौका मिला है। ये मौका अमेरिका की एक निजी स्पेस कंपनी, टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने दिया है। कंपनी ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर पर राजशेखर को चुना है। शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से सकुशल वापसी के बाद राजशेखर पैरी के स्पेस में जाने की खबर ने एक बार फिर भारत का नाम रौशन किया है। जानिए कौन हैं राजशेखर? पढ़िए बिलासपुर से अंतरिक्ष तक की कहानी। सबसे पहले बात राजशेखर पैरी की। राजशेखर सामान्य बच्चों की ही तरह थे। प्राइमरी की पढ़ाई-लिखाई बिलासपुर से की। फिर हैदराबाद बैचलर्स करने के बाद यूके चले गए। उन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई ऑक्सफोर्ड स्कूल से भी की है। फिलहाल वह एयरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ-साथ ऑर्बिटालॉकर में प्रोजेक्ट मैनेजर-इंजीनियरिंग के तौर पर काम भी कर रहे हैं। छत्तीसगढ के पेंड्रा के रहने वाले राजशेखर पैरी जल्द अंतरिक्ष में जाने वाले हैं। एक निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है। अपने सिलेक्शन और उन्हें कैसे मौका मिला, इस बारे में राजशेखर बताते हैं कि उन्होंने 19 साल की उम्र में NASA को एक मेल किया था। केवल ये जानने के लिए कि एस्ट्रोनॉट बनने की प्रोसेस क्या होता है। उम्मीद तो थी नहीं, लेकिन 4 दिन बाद जो जवाब आया, उससे न सिर्फ उनके सवालों के जवाब मिले, बल्कि उनके सपनों को एक नई दिशा भी दी। NASA ने उन्हें एस्ट्रोनॉट बनने की प्रक्रिया, योग्यता और रिस्क फैक्टर्स की पूरी जानकारी दी और साथ ही बधाई दी कि आप नासा के एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा रखते हैं। राजशेखर कहते हैं, उस मेल ने मेरा आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया। तभी से तय कर लिया था-अब तो स्पेस में जाना ही है। बचपन से साइंस में रुचि होने के चलते उन्होंने धीरे-धीरे देखना-समझना शुरू कर दिया कि आखिर स्पेस में कैसे जाया जा सकता है। उन्हें पता चला कि यूरोप में तरह तरह के प्रोग्राम चलते हैं, जिसमें भाग लेकर सिलेक्ट होकर अंतरिक्ष में जाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने पोलैंड से एनालॉग स्पेस ट्रेनिंग ली। इसमें उन्होंने अंतरिक्ष में रहने-खाने, काम करने जैसी तमाम बातें सिखाई-समझाई गईं। अब मुझे टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज की तरफ से स्पेस में जाने का मौका मिला है। इस मिशन में मेरा काम रिसर्च और डेवलेपमेंट से जुड़ा होगा। अंतरिक्ष में जाकर हमें पता लगाना है कि वहां कौन-कौन से एक्सपेरिमेंट किए जा सकते हैं। ना केवल उन्हें किया जा सकता है, बल्कि आगे और कैसे बढ़ाया जा सकता है।

सहकारिता विभाग में विवाद! शिवेन्द्र देव पांडेय प्रकरण में हाई लेवल जांच की मांग तेज

भोपाल  मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ द्वारा आज माननीय मुख्यमंत्री, माननीय सहकारिता मंत्री, अपर मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन), प्रमुख सचिव (सहकारिता), महानिदेशक (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ को ज्ञापन सौंपकर  शिवेन्द्र देव पांडेय, संयुक्त आयुक्त, सहकारिता, सागर संभाग, के विरुद्ध दर्ज प्रकरण की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच की माँग की गई है।  पांडेय को 23 जुलाई 2025 को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा कथित भ्रष्टाचार के आरोप में 50 हज़ार रुपये लेने का प्रकरण दर्ज  किया गया था, परंतु 23 जुलाई को न्यायालय द्वारा उन्हें जमानत प्रदान कर दी गई। संघ का कहना है कि यह प्रकरण पूर्व नियोजित, आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने पूर्व में सेवा सहकारी समिति पनवारी में सेल्समैन नियुक्ति हेतु आवेदन दिया था, एवं चूँकि यह उनके अधिकार क्षेत्र का कार्य नहीं रहा अतः नियमानुसार कार्यवाही हेतु श्री पांडेय द्वारा उसे संबंधित जिला कार्यालय में भेजने के निर्देश भी दे दिए गए थे। गौरतलब है कि शिकायत कर्ता के आवेदन में संलग्न समिति का प्रस्ताव अहस्ताक्षरित था तथा समिति द्वारा जारी नहीं किया गया था। संघ का कहना है कि घटना स्थल पर EOW टीम द्वारा प्रकरण दर्ज करने के लिए श्री पांडेय के हाथ के पृष्ठ भाग में जबरदस्ती कर  रकम स्पर्श करायी गई एवं कार्यालय के कुछ कर्मचारियों के साथ जोर ज़बरदस्ती भी की गई जिस पर पुलिस सहित उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है । सहकारिता विभाग एवं प्रदेश की सहकारी समितियों में ऐसी कार्यवाही से भय एवं आक्रोश का वातावरण व्याप्त है। स्पष्ट है कि यह कार्यवाही षड्यंत्रपूर्वक की गई है।  संघ ने मांग की है कि पांडेय जी की निष्कलंक छवि और उनकी वर्षों की ईमानदार सेवाओं को देखते हुए इस मामले की उच्च स्तरीय, समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और सच्चाई सामने आ सके।

नशा मुक्ति अभियान को मिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समर्थन, संकल्प पत्र पर किए हस्ताक्षर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशे से दूरी है जरूरी अभियान के संकल्प पत्र पर किए हस्ताक्षर समाज को नशा और अपराध मुक्त बनाने के लिए प्रदेश पुलिस चला रही है जागरुकता अभियान-मुख्यमंत्री डॉ. यादव नशा मुक्ति अभियान को मिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समर्थन, संकल्प पत्र पर किए हस्ताक्षर 30 जुलाई तक जारी रहेगा अभियान अभियान समाज और पुलिस की सहभागिता का सशक्त प्रयास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान केवल अभियान नहीं, मादक पदार्थों की लत से युवाओं को बचाने की दिशा में समाज और पुलिस की सहभागिता का सशक्त प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित वृहद जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी-है जरूरी" के अंतर्गत भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह अभियान 15 से 30 जुलाई 2025 तक प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस मुख्यालय के नारकोटिक्स विंग द्वारा संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य किशोरों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें इस लत से दूर रखना और जो लोग पहले से नशे की गिरफ्त में हैं, उन्हें उचित परामर्श और सहयोग प्रदान कर पुनर्वास की दिशा में मार्गदर्शन देना है। पुलिस के नशा मुक्ति अभियान से जुड़ीं स्वयंसेवी संस्थाएं नशा मुक्ति अभियान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस अधिकारी, नगर एवं ग्राम रक्षा समितियां और कम्युनिटी पुलिसिंग के सभी विंग साथ मिलकर स्कूल, कॉलेज के युवाओं और आमजनों को नशे से दूरी बनाने के लिए जागरुक करेंगी। स्वयंसेवी संस्थाओं को भी प्रदेश स्तरीय महाअभियान से जोड़ा जा रहा है ताकि जनता में विशेषकर युवाओं में जागृति आए कि नशा किस प्रकार से उनके स्वास्थ्य एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को खत्म कर प्रगति को बाधित कर रहा है। पुलिस का यह कार्य जन-जागरुकता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि समुदाय को कानून, असुरक्षा, गलत नीतियों के बारे में जानकारी देना आवश्यक है, ताकि प्रदेशवासी नशा और अपराध मुक्त वातावरण में एक बेहतर जीवन जी सकें। जागरूकता, संवाद, सहयोग और सुरक्षा है अभियान का मूलमंत्र नशे के विरुद्ध समुदाय आधारित जन-जागरुकता अभियान में विभिन्न शासकीय विभाग, गैर-सरकारी संगठन (NGO), धर्माचार्य, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, सभी समुदायों के लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस गली-गली में जाकर आम जनता से संवाद कर रही है कि कैसे वे नशे से मुक्त रहें और युवा पीढ़ी नशे से दूरी बनाकर अपना भविष्य सुरक्षित करे। यह अभियान स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और डिजिटल माध्यमों के ज़रिए जन-जागृति फैलाने में सहायक सिद्ध होगा। जागरूकता, संवाद, सहयोग और सुरक्षा अभियान का मूलमंत्र है।  

पीएससी इंटरव्यू की निःशुल्क तैयारी का मौका, एससी-एसटी उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग 4 अगस्त से

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य सेवा परीक्षा-2024 में होने वाले साक्षात्कार की तारीख घोषित कर दी। 18 अगस्त से साक्षात्कार रखे हैं। मगर साक्षात्कार की तैयारी कर रहे अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए निश्शुल्क प्रशिक्षण रखा गया है। परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र ने साक्षात्कार के लिए चार अगस्त से निश्शुल्क प्रशिक्षण रखा है। इसके लिए 28 जुलाई तक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र की प्राचार्य आशा चौहान ने बताया कि इस विशेष प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को साक्षात्कार की तैयारी करवाई जाएगी। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में उम्मीदवारों को साक्षात्कार से जुड़ी बारीकियां बताएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा मॉक इंटरव्यू, संचार कौशल, करंट अफेयर्स और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। योजना का लाभ लेने के इच्छुक उम्मीदवार 28 जुलाई तक परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर केंद्र पर पहुंचना जरूरी है। इधर… डीएवीवी में इंटरनल अंक नहीं मिलने से रुका रिजल्ट इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में कई छात्र रुके हुए (विथहेल्ड) रिजल्ट को लेकर परेशान हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिकायत दर्ज करवा रहे हैं। उनका कहना है कि इंटरनल परीक्षा देने के बावजूद रिजल्ट रोक दिया गया है। इंटरनल परीक्षा में अनुपस्थिति दर्शाई जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुराने परीक्षा परिणामों की समीक्षा की, जिसमें सामने आया कि कुछ कॉलेजों ने समय पर इंटरनल असेसमेंट (आंतरिक मूल्यांकन) के अंक नहीं भेजे, जिस कारण रिजल्ट रोका गया है। अधिकारियों के मुताबिक जिले के छह कॉलेज ऐसे हैं जिन्होंने तय समयसीमा में इंटरनल मार्क्स विश्वविद्यालय को नहीं भेजे। इन्हें नोटिस दिया गया है। विद्यार्थियों का रिजल्ट ‘विथहेल्ड’ रहने के दो मुख्य कारण हैं। पहला, कुछ छात्र देर से असाइनमेंट और जरूरी दस्तावेज कॉलेज में जमा कर पाए। इस कारण कॉलेज समय पर मूल्यांकन नहीं कर सका और अंक नहीं भेजे गए। विश्वविद्यालय का कहना है कि इस मामले में गलती छात्रों की है। इसलिए रिजल्ट में संशोधन नहीं होगा। रिजल्ट अपडेट किए जाएंगे दूसरी ओर कुछ ऐसे कॉलेज भी हैं जिन्होंने समय पर इंटरनल मार्क्स तैयार तो कर लिए थे, लेकिन उन्हें विवि को नहीं भेजा। इससे रिजल्ट रुका। ऐसे मामलों में अधिकारियों का कहना है विवि ये रिजल्ट अपडेट किए जाएंगे। शैक्षणिक संस्थानों की लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी दोषी छह कॉलेजों को नोटिस जारी किया है। उनसे जवाब मांगा गया है कि आखिर क्यों इंटरनल मार्क्स नहीं भेजे गए। विश्वविद्यालय ने निर्देश दिए हैं कि तय समयसीमा के भीतर सभी इंटरनल अंक भेजे जाएं। यदि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित कॉलेजों पर आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।

जेनिफर विंगेट का दिल चुराने वाला कौन? एक्ट्रेस ने फोटो शेयर कर किया खुलासा

मुंबई दिल मिल गए, सरस्वतीचंद्र, बेपनाह जैसे टीवी शोस में काम कर चुकीं टीवी एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट  काफी समय से किसी शो में नजर नहीं आई हैं. एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और आए दिन अपने फैंस के साथ फोटोज और वीडियो शेयर करती हैं. हाल में एक्ट्रेस ने एक पोस्ट शेयर किया हैं और फैंस को बताया हैं कि उनका दिल किसने चुरा लिया है. बता दें कि जेनिफर विंगेट टेलीविजन की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली एक्ट्रेस में से एक हैं और उन्हें भारतीय टेलीविजन अकादमी पुरस्कार सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. उन्होंने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम की स्टोरीज पर एक ‘बॉर्डर कॉली डॉग’ के साथ अपनी फोटो शेयर किया है. फोटो में वो उस डॉग को गले लगाती नजर आ रही हैं. इस फोटो के साथ एक्ट्रेस ने कैप्शन में लिखा, “इसने मेरा दिल जीत लिया है.” जेनिफर का टेलीविजन सफर एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट ने अपने करियर की शुरुआत साल 1995 की चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्म ‘अकेले हम अकेले तुम’ से किया था. इस बाद साल 2002 में फेमस शो ‘शाका लाका बूम बूम’ में नजर आईं. इस शो के बाद तो मानों उनके पास शोज की लाइने लग गई. एक्ट्रेस ने ‘कसौटी जिंदगी की’, ‘संगम’, ‘दिल मिल गए’, ‘सरस्वतीचंद्र’, ‘बेहद’ और ‘बेपनाह’ जैसे शोज में काम किया है. जेनिफर का ओटीटी डेब्यू बता दें कि जेनिफर विंगेट  ने साल 2020 में आई वेब सीरीज ‘कोड एम’ से अपना ओटीटी डेब्यू किया था. इसके बाद उन्हें सीरीज ‘रायसिंघानी वर्सेस रायसिंघानी’ में भी देखा गया था. वहीं, अब वो जल्द ही एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा के साथ मिस्ट्री थ्रिलर में नजर आने वाली हैं. जो नेटफ्लिक्स पर प्रसारित होगा.

एक्शन, रोमांस और टक्कर: ऋतिक और जूनियर एनटीआर की वॉर 2 का दमदार ट्रेलर रिलीज

मुंबई ऋतिक रोशन की इस साल की जबरदस्त फिल्म वॉर 2 का ट्रेलर रिलीज हो गया है और वो इसमें कभी न देखे गए अवतार में नजर आ रहे हैं। ऋतिक के साथ जूनियर एनटीआर की जोड़ी भी खूब जम रही है। दोनों के बीच में कियारा आडवानी 'चेरी ऑन द केक' से कम नहीं लग रही हैं। 'वॉर 2' का ट्रेलर शुक्रवार, 25 जुलाई को बड़े ही धूमधाम से रिलीज हो गया। ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की ज़बरदस्त टक्कर वाला यह ट्रेलर धमाकेदार एक्शन, रोमांस और दोनों के बीच तीखी नोकझोंक से भरपूर है जो आगे आने वाली जासूसी कहानी की एक झलक पेश करता है। जैसा कि उम्मीद थी, दो मिनट पैंतीस सेकंड का यह ट्रेलर रोमांच से भरपूर स्टंट, शानदार एक्शन सीन्स और जबरदस्त ड्रामा से भरपूर है। इसकी शुरुआत ऋतिक रोशन की आवाज से होती है, जो अपना काम, अपना नाम और यहां तक कि अपनी पहचान भी छोड़कर एक साया बनने की कसम खाते हैं। फिल्म के सीन्स के साथ इसके डायलॉग्स भी दमदार लग रहे हैं। इसमें एक डायलॉग संस्कृत में भी है 'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन', यह श्रीमद्भगवद्गीता के दूसरे अध्याय के 47वें श्लोक का एक बेहद मशहूर वाक्‍य है। इसका अर्थ है, 'तुम्हारा अधिकार सिर्फ कर्म करने में है, उसके फल में नहीं।' सरल शब्‍दों में समझे तो, हमें अपने कर्मों के फल की चिंता किए बिना, सिर्फ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। इसकी चर्चा इंटरनेट पर खूब हो रही है। 'वॉर 2' के ट्रेलर का दमदार सीन इंटरनेट पर जिस चीज ने तहलका मचा दिया है, वह है ऋतिक रोशन और कियारा आडवाणी का फुल-ब्लोअर एक्शन अंदाज में एक बेहद खास पल। कियारा के लिए, यह बड़े पैमाने पर एक्शन में उनका पहला बड़ा कदम है और बॉलीवुड के सबसे अनुभवी एक्शन स्टार्स में से एक के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करना बहुत बड़ी बात है। इस सीन में दोनों यूनिफॉर्म में, हथियारों के साथ एक बड़े और अहम मिशन पर दिखाई देते हैं। ट्रेलर के इस हिस्से को देखकर लग रहा है कि फिल्म की कहानी में ये एक बहुत बड़ा मोड़ होगा। ऋतिक रोशन और NTR एक साथ साल 2019 की एक्शन ब्लॉकबस्टर का सीक्वल 'वॉर 2' जल्द ही फैंस के बीच धूम मचाने के लिए आ रहा है। अयान मुखर्जी की यह फिल्म दो दमदार सितारों को एक साथ ला रही है – ऋतिक रोशन कबीर के अपने रोल को दोहरा रहे हैं और एनटीआर वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स में शामिल हो रहे हैं, जिसे एक जबरदस्त मुकाबला बताया जा रहा है। 'वॉर 2' रिलीज डेट फिल्म का निर्देशन अयान मुखर्जी ने किया है और इसमें जूनियर एनटीआर भी अहम रोल में हैं। 'War 2' YRF स्पाई यूनिवर्स का अगला बड़ा चैप्टर है और ट्रेलर ने साफ कर दिया है कि एक्शन और ड्रामा इस बार दोगुना होगा। 15 अगस्त को रिलीज हो रही इस फिल्म के लिए अब फैंस और भी ज्यादा एक्साइडेट हैं।

भयानक सड़क हादसा: आमने-सामने टकराए ट्रक, चालक व खलासी की मौके पर ही मौत

भदोही भदोही जिले के ऊंज थाना क्षेत्र के नवधन गांव के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में एक ट्रक चालक और खलासी की मौत हो गई। इससे दक्षिणी लेन पर जाम लग गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से वाहनों को हटाकर जाम खुलवाया। दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सावन के कारण हाईवे का उत्तरी लेन कावड़ियों के लिए आरक्षित किया गया है। दक्षिणी लेन से वाहनों का आवागमन हो रहा है। बृहस्पतिवार की देर रात विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक आपस में टकरा गए। इसमें चालक इंद्रजीत नट पुत्र महेंद्र नाथ (40) निवासी ग्राम भभौरा चकिया चंदौली तथा खलासी देवेंद्र यादव (45) पुत्र श्याम बिहारी निवासी मंगला विहार कॉलोनी कानपुर की मौत हो गई। एक ट्रक पर बैटरी तो दूसरे में प्याज लदा हुआ था। टक्कर इतनी तेज थी कि एक ट्रक का अगला हिस्सा ही ध्वस्त हो गया। दूसरे ट्रक का चालक और खलासी फरार हो गए। घटना के बाद हाईवे पर जाम लग गया। सूचना पर मौके पर पहुंचकर क्षेत्राधिकार ज्ञानपुर प्रभारी निरीक्षक ऊंज रमाकांत यादव ने जाम को हटाया और दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिए हैं।    

यश दयाल की कानूनी मुश्किलें बढ़ीं, रेप के दूसरे केस में नामजद

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाड़ी यश दयाल की मुश्किलें बढ़ गई है. तेज गेंदबाज यश दयाल पर एक महीने में दूसरी बार बलात्कार का आरोप लगाया गया है. यश दयाल पर अब जयपुर की युवती ने रेप केस का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवाया है. इससे पहले यूपी के गाजियाबाद की एक लड़की ने भी यश पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया था. इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से यश को राहत मिली थी. लेकिन अब दूसरे मामले से यश दयाल की मुश्किलें बढ़ने वाली है. जयपुर के सांगानेर में दर्ज हुआ FIR इंडियन प्रीमियर लीग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज यश दयाल एक बार फिर यौन शोषण के आरोपों में घिर गए हैं. जयपुर की एक युवती ने सांगानेर सदर थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. युवती ने आरोप लगाया है कि यश दयाल ने क्रिकेट में करियर बनाने का झांसा देकर और भावनात्मक दबाव बनाकर करीब दो साल तक उसका शोषण किया. पीड़िता के अनुसार उस वक्त वह नाबालिग 17 वर्ष की थी. POCSO केस में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने इस मामले में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है. एफआईआर में यह भी बताया गया है कि आईपीएल 2025 के दौरान जब यश दयाल जयपुर आए थे तब उन्होंने सीतापुरा के एक होटल में बुलाकर युवती के साथ दोबारा दुष्कर्म किया. पीड़िता ने 23 जुलाई को मामला दर्ज कराया. यूपी की लड़की से 5 साल तक यौन शोषण इससे पहले 8 जुलाई को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी एक महिला ने यश दयाल पर शादी का झांसा देकर पांच साल तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था. उस मामले में BNS की धारा 69 धोखे से यौन संबंध बनाना के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उस प्रकरण में उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है.