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नेकी बेला की वापसी का सच आया सामने, अब कोई राज़ नहीं छिपा

नई दिल्ली  WWE में निक्की बेला की वापसी हुई है। यह वापसी सिर्फ नाम और शोहरत के लिए नहीं है। निक्की सालों बाद फिर से WWE में आई हैं। उन्होंने बताया कि इसके पीछे क्या वजह है। उनकी प्रेरणा उनका बेटा है। एक इंटरव्यू में निक्की ने कहा कि वह अपने बेटे माटेओ को रिंग में देखना चाहती हैं। वह चाहती हैं कि माटेओ देखे कि लोग उनके लिए क्यों चीयर करते थे। वह यह भी चाहती हैं कि माटेओ जाने कि मां बनने से पहले वह क्या थीं। निक्की की यह वापसी सिर्फ एक वापसी नहीं है। निक्की की वापसी के पीछ है बड़ा कारण निक्की ने अपनी सोच की तुलना ट्रिश स्ट्रैटस से की। ट्रिश भी तब WWE में वापस आई थीं जब उनके बच्चे यह समझने लगे थे कि उन्होंने क्या बनाया है। निक्की के लिए भी ऐसा ही है। यह सिर्फ नाम कमाने के बारे में नहीं है। यह अपनी विरासत को दिखाने के बारे में है। वह अपने बेटे को दिखाना चाहती हैं कि वह कहां से आई हैं। वह चाहती हैं कि उनका बेटा उनकी लगन को करीब से देखे।निक्की ने कहा कि वह अपने आप को फिर से खोज रही हैं।  रेसलिंग हमेशा से एक ऐसी जगह रही है जहां उन्होंने खुद को मजबूत, स्वतंत्र और निडर महसूस किया है। परिवार की देखभाल के लिए ब्रेक लेने के बाद, उन्हें एहसास हुआ कि वह अपने उस रूप को मिस करती हैं। यह वापसी सिर्फ शारीरिक नहीं है, यह भावनात्मक भी है। निक्की ने की WWE के इस इवेंट की तारीफ निक्की WWE के Evolution इवेंट को भी सपोर्ट करती हैं। उनका मानना है कि यह हर साल होना चाहिए, सिर्फ एक बार नहीं। रेसलिंग में महिलाओं ने अपनी जगह बनाई है। वह अगली पीढ़ी की महिला रेसलरों के लिए कुछ ऐसा बनाना चाहती हैं जो हमेशा बना रहे। खबरें हैं कि निक्की की बहन ब्री भी वापस आ सकती हैं। निक्की ने अभी तक कुछ भी पक्का नहीं किया है। लेकिन उन्होंने इतना इशारा जरूर किया है कि फैंस बेला ट्विन्स को फिर से साथ देखने की उम्मीद कर सकते हैं।

वॉर 2 में कैमियो करेंगी आलिया भट्ट!

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट फिल्म वॉर 2 में कैमियो करती नजर आ सकती हैं।अयान मुखर्जी के निर्देशन में बनी आदित्य चोपड़ा निर्मित फिल्म 'वॉर 2' में ऋतिक रोशन, एनटीआर जूनियर और कियारा आडवाणी की मुख्य भूमिका है। वॉर 2 का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ है। चर्चा है कि वॉर 2 में आलिया भट्ट भी नजर आ सकती हैं। कहा जा रहा है कि आलिया इस फिल्म में एजेंट की भूमिका में नजर आने वाली है। आलिया भट्ट ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर फिल्म वॉर 2 का ट्रेलर शेयर किया और इसके कैप्शन में लिखा, मजेदार। उन्होंने कैप्शन में लिखा, मेरे नजदीकी सिनेमाघरों में आपसे मिलती हूं।इस पोस्ट के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर कयास लगाए जा रहे हैं कि आलिया भट्ट फिल्म वॉर 2 में कैमियो करती नजर आ सकती हैं। फिल्म 'वॉर 2' 14 अगस्त को हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज होगी।  

सरकारी स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिये राज्य सरकार वचनबद्ध

स्कूल शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को वितरित की नि:शुल्क साईकिल भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिये वचनबद्ध है। इसी उद्देश्य को लेकर स्कूल ‍शिक्षा विभाग लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनी विद्यालयों की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही है। इन विद्यालयों ने न केवल प्रदेश में बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के साईखेड़ा ब्लॉक के ग्राम बम्होरीकला में नि:शुल्क साईकिल वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के भी प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की इस कमी को भर्ती अभियान से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम के मंदिर में चबूतरा निर्माण के लिये दो लाख 50 हजार रूपये देने की घोषणा की। मंत्री श्री सिंह ने सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती मुमताज खान को उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दी गई उल्लेखनीय सेवा के लिये सम्मानित किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री नरेश पाठक, श्रीमती साधना स्थापक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

सक्ती जिले में सामूहिक पौधरोपण महाअभियान का हुआ आयोजन

कलेक्टर, सीईओ, विभिन्न जनप्रतिनिधियों सहित जिलेवासियों ने सामूहिक पौधरोपण महाअभियान में बढ़-चढ़ कर लिया भाग सक्ती, सक्ती जिले में सामूहिक पौधरोपण महाअभियान का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वाशु जैन, विभिन्न जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने सामूहिक पौधरोपण महाअभियान में बढ़-चढ़ कर भाग लिया और विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। सामूहिक पौधरोपण महाअभियान के तहत आज कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ द्वारा विभिन्न जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में नवापाराकला में पहुंचकर पौधरोपण किया गया। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा विकासखंड सक्ती अंतर्गत आमनदुला के मंडी प्रांगड़ में वन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। जिसमे बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा पौधरोपण किया गया।  सामूहिक पौधरोपण महाअभियान के तहत जिले में आज सक्ती, डभरा, मालखरौदा, जैजैपुर सभी विकासखण्ड में वृहद स्तर पर पौधरोपण अभियान का आयोजन किया गया। इसके साथ ही लोगों को विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण भी किया गया। सामूहिक पौधरोपण महाअभियान अंतर्गत आज मार्कफेड विभाग अंतर्गत जिले के सभी संग्रहण केंद्रों में, जिले के डोलोमाइट व लाइमस्टोन माइनिंग एरिया में, जिले के विभिन्न विद्यालयों में, जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर, आयुर्वेद विभाग के माध्यम से जिले के सभी 23 आयुर्वेद डिस्पेंसरीज द्वारा विभिन्न प्रजातियों का पौधरोपण किया गया।

बहन-बेटियों के लिए सम्मान का प्रतीक है लाड़ली बहना योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  लाड़ली बहना योजना की राशि में होगी चरणबद्ध वृद्धि परिवार परम्परा का आधार है मातृशक्ति महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और अधिकार सम्पन्नता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध सतना को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने के लिए दिलाया संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत महिला सम्मेलन को किया संबोधित सतना जिले के सिंहपुर में मना मातृशक्ति उत्सव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और सभी की अधिकार सम्पन्नता के लिए सामाजिक रचना के ताने-बाने में सभी स्तर पर आवश्यक योगदान दे रही है। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप किसान, युवा, गरीब कल्याण और महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित हैं। हमारी संस्कृति में देश के लिए मातृत्व भाव विद्यमान है, हम सब भारत माता पर सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए सदैव तत्पर हैं। आज का मातृशक्ति सम्मेलन- माताओं-बहनों के प्रति सनातन संस्कृति के अनुरूप अनन्य श्रद्धा-स्नेह-प्रेम और सम्मान का प्रकटीकरण है। भारत की कुटुम्ब या परिवार परम्परा हमारी संस्कृति को समृद्ध और सशक्त बनाती है। परिवार परम्परा का आधार मातृशक्ति ही है। बेटियां एक ही नहीं दो परिवारों का उद्धार करती हैं। बहन-बेटियों के प्रति इस सम्मान के परिणामस्वरूप ही प्रदेश में “लाड़ली बहना योजना’’ आरंभ की गई। सावन के महीने में लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रूपए के साथ 250 रूपए अतिरिक्त रूप से आने वाले हैं। यह बहन-बेटियों प्रति हमारी सरकार का आदर और स्नेह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना जिले के सिंहपुर में आयोजित मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत बहनों को जारी की जाने वाली राशि में चरणबद्ध रूप से वृद्धि होगी और वर्ष 2028 तक बहनों को तीन हजार रूपए प्रतिमाह उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए 1500 करोड़ रूपए से अधिक प्रतिमाह अंतरित किए जा रहे हैं। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं। इनके मान-सम्मान और कल्याण के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज तक राज्य सरकार सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपए से बढ़ाकर हर माह 1500 रूपए सहायता राशि देगी। बहन-बेटियों के सशक्तिकरण के‍लिए स्व-सहायता समूहों का संचालन, नौकरियों और स्थानीय व नगरीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी लोकसभा और विधानसभा में बहनों का 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। माताओं-बहनों के कल्याण के लिए ही सभी परिवारों को पक्के मकान, घर-घर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दीदीयां लखपति बनकर प्रगति कर रही हैं, बेटियों के लिए शिक्षा की उचित व्यवस्था है, उन्हें साइकिलें उपलब्ध कराने के साथ-साथ परीक्षा में अच्छा परिणाम लाने पर प्रोत्साहन स्वरूप लेपटॉप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए भी आवश्यक हरसंभव सहायता बेटियों को उपलब्ध है। उद्योगों में काम करने वाली बहनों के लिए भी राज्य सरकार विशेष सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की जिन्दगी बदलने के लिए उन्हें बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सोलर पम्प पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। अगले डेढ़ माह में बरगी नहर का कार्य पूर्ण हो रहा है, इससे रीवा-सतना क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हमारी सरकार ने हर खेत तक पानी पहुंचाने का संकल्प लिया है और हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2002-03 तक केवल 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविध उपलब्ध थी। वर्तमान में हम 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2028 तक 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया। अगले दो साल में संभवत: 2700 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के माध्यम से शीघ्र ही गरीबों के लिए 4 करोड़ आवास स्वीकृत होने वाले हैं, वर्ष 2028 तक 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन की व्यवस्था है, बच्चों की शिक्षा के लिए सांदिपनी विद्यालय जैसे स्कूल विद्यमान हैं, यह सब रामराज की संकल्पा को साकार करने के समान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार श्रीराम वन गमन पथ का निर्माण करा रही है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण ने जहां-जहां लीलाएं की हैं, वे स्थल तीर्थ के रूप में विकसित किए जाएंगे। किसानों की आय में वृद्धि के‍लिए गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से परिवार के सभी सदस्यों को पर्याप्त पोषण भी उपलब्ध हो सकेगा। अत: सरकार घर-घर गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए 'जिसके घर गाय वह गोपाल' के भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में देश का 9 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन होता है, इसे 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। यदि कोई गौ-पालक 25 गायों का पालन करता है तो उन्हें लागत के 40 लाख रूपए में से 10 लाख रूपए अनुदान के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। गौशालाओं में भी प्रति गौमाता 20 रूपए के स्थान पर 40 रूपए की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। पांच हजार से अधिक गौमाताएं पालने पर 130 एकड़ जमीन और 40 रूपए प्रति गाय के मान से सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। गौमाताओं की उचित देखभाल के लिए नगर निगम, नगर परिषद और पंचायतों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा-सतना क्षेत्र में पर्याप्त औद्योगिक गतिविधियां संचालित हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होमस्टे विकसित करने में राज्य सरकार सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिला भगवान श्रीराम से जुड़ता है अत: क्षेत्र के विकास के लिए कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमुदाय को अपने गांव-मोहल्ले का उन्नयन करते हुए सतना जिले को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने में योगदान देने का … Read more

उत्तर भारत में बरसेंगे बादल, यूपी-उत्तराखंड सहित कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी

नई दिल्ली दबाव के प्रभाव की वजह से उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड, पू्रवी मध्य प्रदेश, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में 26 जुलाई, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात में 26 व 27 जुलाई, पूर्वी राजस्थान में 27 और 28 जुलाई को भारी से बहुत भारी बरसात होने वाली है। इसके अलावा, मध्य भारत, पश्चिमी तटों पर अगले तीन दिनों तक मॉनसून काफी एक्टिव रहेगा। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26-29 जुलाई, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 जुलाई और 28-30 जुलाई को भारी बरसात होने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार में 26-30 जुलाई, विदर्भ, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 26-28 जुलाई और एक अगस्त, झारखंड में 29-31 जुलाई को भारी बरसात होने वाली है। ओडिशा में 31 जुलाई को भारी बारिश होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में 27 जुलाई, केरल, माहे में 27-30 जुलाई, तटीय कर्नाटक में 26-1 अगस्त, उत्तरी इंटीरियर कर्नाटक में 26 और 27 जुलाई, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में 26-29 जुलाई, आंध्र प्रदेश, यनम में 26 जुलाई को भारी बरसात होगी। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो पूर्वी राजस्थान में 27 और 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई, उत्तराखंड में 27 और 28 जुलाई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई, पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई, पूर्वी राजस्थान में 26-30 जुलाई के बीच बहुत भारी बरसात होने वाली है। वहीं, जम्मू कश्मीर में 28-30 जुलाई, हिमाचल प्रदेश में 27-30 जुलाई, उत्तराखंड में 26 जुलाई से एक अगस्त, हरियाणा, चंडीगढ़ में 28 और 29 जुलाई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26-29 जुलाई, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 जुलाई और 28-30 जुलाई, राजस्थान में 26-31 जुलाई के बीच भारी बरसात होने की संभावना है। भारी बारिश से केरल के विभिन्न हिस्सों में व्यापक क्षति केरल के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण व्यापक क्षति हुई है और नदियों एवं बांधों में जलस्तर बढ़ गया है। इसके मद्देनजर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के सात जिलों- अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और कोझिकोड के लिए शनिवार सुबह तीन घंटे के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया। कोझिकोड के विभिन्न हिस्सों में रातभर हुई भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए और कई मकान और वाहनों को नुकसान पहुंचा। बिजली की तार और खंभे गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। इसी तरह की घटनाएं कोट्टायम और कन्नूर जिलों से भी सामने आई हैं। वायनाड जिले में बाणासुर सागर और पलक्कड़ जिले में स्थित अलियार बांध के फाटक खोल दिए गए हैं। इन जलाशयों के पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से अग्रसर: अब तक 4106 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त घोषित

टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य टीबी जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और सुनियोजित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी व्यापक कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वित की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के दिशानिर्देशन में 7 दिसंबर 2024 को "निक्षय-निरामय छत्तीसगढ़ – 100 दिवसीय अभियान" की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य था – टीबी के विरुद्ध जमीनी स्तर पर निर्णायक लड़ाई छेड़ना। अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में घर-घर जाकर उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करते हुए आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जांच कराई गई। इस अभियान के तहत 36 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, 4.5 लाख से अधिक एक्स-रे जांचें की गईं और 1.5 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच अत्याधुनिक ‘नॉट मशीन’ से की गई। यह व्यापक परीक्षण प्रक्रिया टीबी की शीघ्र पहचान और त्वरित उपचार के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई। इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। स्वयं राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ के रूप में पोषण आहार उपलब्ध कराने की पहल की। अब तक 15,000 से अधिक नए निक्षय मित्रों ने पंजीकरण कर 34,000 से अधिक मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की है। राज्य के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा वर्ग, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक इस अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी बने हैं। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर समाज के उन वर्गों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जो आमतौर पर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाते हैं – जैसे कि जेलों में बंद बंदी, वृद्धाश्रमों के बुजुर्ग, छात्रावासों में रह रहे छात्र तथा फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिक। इनके लिए विशेष शिविरों का आयोजन कर जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इन समर्पित प्रयासों और सामूहिक भागीदारी का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। अब तक राज्य की 4106 ग्राम पंचायतों को "टीबी मुक्त" घोषित किया जा चुका है — जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब शासन की प्रतिबद्धता और जनसहयोग एक साथ मिलते हैं, तब बदलाव सिर्फ लक्ष्य नहीं, उपलब्धि बन जाते हैं – और छत्तीसगढ़ इसका जीवंत उदाहरण बनने जा रहा है।

सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कारगलि दिवस के अवसर पर देश के वीरों को किया सलाम

मुंबई,  बॉलीवुड स्टार सिद्धार्थ मल्होत्रा ने आज कारगिल दिवस के अवसर पर देश के बहादुर वीरों को सलाम किया है,जिन्होंने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और देश की रक्षा की। हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को सम्मान देने के लिए समर्पित है। वर्ष 1999 में पाकिस्तान के साथ हुए कारगिल युद्ध में भारत ने वीरता से जीत हासिल की थी और यह दिन उसी ऐतिहासिक विजय का प्रतीक है। सिद्धार्थ मल्होत्रा ने वर्ष 2021 में प्रदर्शित फिल्म शेरशाह में कैप्टन विक्रम बत्रा का किरदार निभाया था। यह फिल्म  कारगिल युद्ध के नायक कैप्टकन विक्रम बत्रा की बायोपिक है। सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कारगिल दिवस के अवसर पर इंस्टाग्राम पर कैप्टन विक्रम बत्रा की कई तस्वीरें साझा कीं। कैप्टन बत्रा कारगिल में पाकिस्तान के सैनिकों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। उन्होंने तस्वीरों को साझा करते हुए कैप्शन में लिखा, उन अनगिनत वीरों को सलाम, जो इतनी बहादुरी से खड़े रहे जिससे हम सुरक्षित और आराम से सो सकें। आप देशवासियों की धड़कनों में बसते हैं। आपकी कुर्बानी को आज और हमेशा सलाम।  

सोमवार से शुरू हो रहा विधानसभा सत्र, सुरक्षा नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, लाल-पीली-नीली बत्ती वाले वाहन बैन

भोपाल  विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से 48 घंटे पहले ही विधानसभा परिसर को सुरक्षा घेरा बना दिया गया है। विधानसभा सचिवालय के फैसले के चलते शनिवार को यहां नियमित कामकाज बंद रहा। केवल सुरक्षा प्रबंधों से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी ही विधानसभा परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।  धरना-प्रदर्शन पर सख्ती, परिसर में सीमित एंट्री इस बार सत्र शुरू होने से पहले ही सुरक्षा प्रबंधों के साथ-साथ धरना-प्रदर्शन को लेकर भी सियासी गर्माहट देखने को मिल रही है। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर प्रमुख सचिव ने विधायकों द्वारा परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन को प्रतिबंधित कर दिया है। अब एंट्री को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। शनिवार को गेट नंबर 3 पर दिनभर पुलिस वाहनों की आवाजाही और अधिकारियों की रिहर्सल चलती रही, जबकि गेट नंबर 1, 2, 4 और 5 को बंद रखा गया। मीडिया और अन्य कार्यालय भी रहे बंद इस बार सत्र से पहले मीडिया कार्यालय शनिवार को बंद रहा, जो आमतौर पर खुला रहता है। इसके कारण पास बनवाने पहुंचे पत्रकारों को खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्हें बताया गया कि पास वितरण रविवार दोपहर से शुरू होगा। यही स्थिति अन्य समितियों से संबंधित कार्यालयों की भी रही। विधानसभा परिसर में प्रवेश के लिए नए नियम     किसी भी वाहन में लाल, पीली या नीली बत्ती (फ्लैश लाइट) नहीं लगी होनी चाहिए। हूटर लगे वाहन परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।     केवल उन्हीं एलपीजी और सीएनजी वाहनों को प्रवेश मिलेगा, जिन्हें आरटीओ से अनुमति प्राप्त है।     बिना नंबर या अनधिकृत गैस चालित वाहनों को परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।     प्राइवेट ऑटो रिक्शा को सत्र के दौरान परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।     विधायकों की ड्यूटी में लगे अंगरक्षकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।     भारी हथियारों से लैस अंगरक्षक भी परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।     वैध पास धारक अंगरक्षकों और सहायकों के बैठने की व्यवस्था नए शेड में की गई है।     विशेष आगंतुक और मंत्रियों को गेट नंबर 1 या 3 से प्रवेश मिलेगा।     विधानसभा अध्यक्ष गेट नंबर 1 से प्रवेश करेंगे और गेट नंबर 3 से बाहर निकलेंगे।     विधायक और अधिकारी भी गेट नंबर 1 से प्रवेश और गेट नंबर 3 से निकास करेंगे।     पत्रकारों और दोपहिया वाहन पासधारकों को गेट नंबर 5 से प्रवेश और निकास की अनुमति दी गई है।  

कारगिल विजय दिवस, देशवासियों के लिए है गौरव का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस की बधाई देते हुए कहा है कि भारतीय सैनिकों ने पराक्रम की पराकाष्ठा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पाकिस्तान को पराजित किया था। साठ दिन तक चलने वाले युद्ध की छवियां आज भी देशवासियों के मन मस्तिष्क पर बनी हुई है। भारतीय सैनिकों ने दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों में एक-एक चोटी को फतह कर अपने शौर्य का परचम फहराया, देश को गौरवान्वित किया और हमारा मनोबल बढ़ाया। हमें विश्वास है कि भारतीय सेना सभी चुनौतियों का सामना करने मैं सदैव समर्थ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शौर्य और बलिदान की अमर गाथा, कारगिल विजय दिवस हम सभी के लिए गौरव का उत्सव है। मां भारती के वीर सपूतों ने सर्वस्व न्यौछावर कर कारगिल में शत्रु का संहार कर विजय प्राप्त की। यह अवसर राष्ट्र के प्रति समर्पण के प्रण का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के माध्यम से जारी अपने संदेश में, प्रदेशवासियों से मां भारती की सेवा में सर्वस्व समर्पित करने का संकल्प लेने का आहवान किया है।