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ग्राम राँपा में हैंडपंप के जल स्रोत में क्लोरीनेशन से ग्रामीणों को मिला स्वच्छ जल का तोहफ़ा

एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम राँपा के निवासियों के लिए अब पीने का पानी पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और स्वच्छ हो गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम में स्थापित हैंडपंप के जल स्रोत में क्लोरीनेशन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से जल में उपस्थित हानिकारक जीवाणुओं और कीटाणुओं को प्रभावी ढंग से नष्ट किया गया, जिससे अब ग्रामीणों को संक्रमण मुक्त एवं गुणवत्ता युक्त पेयजल मिल रहा है। क्लोरीनेशन की यह पहल ग्रामवासियों के स्वास्थ्य की दृष्टि से एक बड़ा और कारगर कदम है, जिससे ग्रामीणों को जलजनित बीमारियों से बचाव में सीधा लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि अब तक कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बनी रहती थी, विशेषकर गर्मियों और बरसात के मौसम में जब जल स्रोतों में प्रदूषण की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा समय रहते इस पहल को अमल में लाना अत्यंत सराहनीय है। विभाग द्वारा नियमित निगरानी, पानी के सैंपल परीक्षण और आवश्यकतानुसार क्लोरीन का उपयोग कर जल स्रोतों को शुद्ध बनाया गया है, जिससे न केवल पेयजल की गुणवत्ता में सुधार आया है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए प्रसन्नता जताई है। उनका कहना है कि पहले हैंडपंप के पानी में हल्की दुर्गंध और अस्वच्छता की शिकायत रहती थी, जिससे उन्हें पीने के लिए पानी उबालना पड़ता था। अब क्लोरीनेशन के बाद पानी की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार देखने को मिल रहा है और बीमारियों की आशंका भी कम हो गई है। इस पहल ने ग्रामवासियों के जीवन में नई उम्मीदें और स्वास्थ्य के प्रति विश्वास जगाया है। स्वच्छ जल दृ स्वस्थ जीवन के मंत्र को साकार करती यह योजना सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों को स्वास्थ्य-सुरक्षा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

जनजातीय वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार है संकल्पित : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट भोपाल उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा कि महानगर और शहर ही नहीं बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के संर्वागीण विकास के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार कृत-संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ पानी मिले, आवागमन बेहतर हो, बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो और आम जनमानस बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न आए, इसके लिए हमारी सरकार दिन-प्रतिदिन काम कर रही है। यह बात उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया की निर्वाचित वार्ड पंच एवं सरपंच महिलाओं को संबोधित करते हुए कही। ब्लॉक बिछिया की जनजातीय वर्ग की महिलाओं प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा को अपना परिचय दिया और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री देवड़ा से बिछिया विकासखंड से आईं निर्वाचित महिला वार्ड पंच और सरपंचों के महिला प्रतिनिधियों द्वारा अपने गांवों की जमीनी जानकारियों को उनके समक्ष रखा। महिला प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कान्हा नेशनल पार्क के आस-पास के क्षेत्र से आती हैं, जहाँ विस्थापन की बार-बार उठती आशंकाओं ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि “हम अपने गांव नहीं छोड़ना चाहते”। उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विस्थापन को लेकर ऐसा कोई मसौदा फिलहाल नहीं है और आपको और क्षेत्रवासियों को बिलकुल भी घबराने और चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। संवाद के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने जंगलों में फैल रही लेंटाना जैसी आक्रामक झाड़ी की समस्या को भी उठाया। उन्होंने बताया कि लेंटाना जहां एक ओर अन्य वनस्पतियों को समाप्त कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह जंगली जानवरों के गांवों की ओर बढ़ते हमलों और जंगल उत्पादों पर निर्भर आमदनी में गिरावट भी हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने उनकी इस समस्या को गंभीरता से सुना शीघ्र निराकरण के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। भावुक हुए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा जनजातीय महिला प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान देवड़ा ने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक छोटे किसान के पुत्र हैं और आज इन महिला नेताओं को देखकर उन्हें अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत के दिन याद आ गए। इस आत्मीय संवाद के अंत में महिला प्रतिनिधियों ने उन्हें मंडला में माँ नर्मदा के दर्शन और सभी के साथ एक दिन की चर्चा के लिए मण्डला प्रवास के लिये आमंत्रण भी दिया, जिसे उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने स्वीकार किया। यह कार्यक्रम फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी संस्था द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुजरात हेड ऑफिस, भोपाल एवं मण्डला कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

क्या आपकी भी IRCTC ID हो गई है बंद? जानें 2.5 करोड़ यूजर पर क्यों गिरी गाज

नई दिल्ली अगर आप भी ट्रेन टिकट आईआरसीटीसी के जरिए बुक करते यह खबर आपके लिए है, क्योंकि आईआरसीटीसी ने 2.5 करोड़ से ज्यादा यूजर आईडी को डीएक्टिवेट कर दिया है। रेलवे को डेटा के विश्लेषण में कुछ यूजर्स के बुकिंग पैटर्न पर शक हुआ था। इसी संदेह के आधार पर इन यूजर्स की आईडी को बंद किया गया है। सरकार ने संसद में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। राज्यसभा सांसद सांसद एडी सिंह ने संसद में इस बारे में सवाल पूछा था। सिंह ने रेलवे मंत्रालय से सवाल पूछा था कि आईआरसीटीसी के करोड़ों यूजर्स की आईडी क्यों बंद की गई, टिकट बुकिंग खुलते ही टिकट कैसे गायब हो जाते हैं और इसे रोकने के लिए रेलवे क्या कदम उठा रहा है? इसके जवाब में सरकार ने जानकारी दी। मंत्रालय ने अपने जवाब में लिखा है कि,टिकट बुकिंग में हो रही गड़बड़ियों को रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने 2.5 करोड़ से ज्यादा यूजर आईडी बंद कर दी है। जांच में पता चला कि इन यूजर आईडी से बुकिंग करने में कुछ गड़बड़ है। 25 जुलाई को राज्यसभा में दिए गए एक उत्तर में रेल मंत्रालय ने कहा कि टिकट बुकिंग सिस्टम में हो रही गड़बड़ी और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने यह कदम उठाया है। डेटा एनालिसिस के दौरान पाया गया कि करोड़ों यूजर आईडी फर्जी या संदिग्ध जानकारियों से बनी थीं। जिसके बाद उनको डीएक्टिवेट कर दिया गया ताकि तत्काल टिकट बुकिंग में पारदर्शिता लाई जा सके और ईमानदार यात्रियों को नुकसान ना हो। मंत्रालय ने यह भी बताया कि, ट्रेनों में टिकटों की मांग पूरे साल एक जैसी नहीं रहती है। कुछ समय ऐसा होता है जब टिकटों की मांग बहुत ज्यादा होती है और कुछ समय ऐसा होता है जब कम होती है। जो ट्रेनें ज्यादा लोकप्रिय हैं और जो यात्रा करने में कम समय लेती हैं, उसमें टिकट जल्दी बिक जाते हैं। लेकिन दूसरी ट्रेनों में टिकट आसानी से मिल जाते हैं। यात्रियों को कन्फर्म टिकट आसानी से मिलें, टिकट बुकिंग में पारदर्शिता रहे और लोग ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन टिकट बुक करें, इसके लिए रेलवे ने कई कदम उठाए हैं। इसके अलावा वेटिंग लिस्ट की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अगर डिमांड बढ़ती है, तो स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है या फिर मौजूदा ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाते हैं। साथ ही, विकल्प और अपग्रेडेशन स्कीम जैसी योजनाएं चलाई जाती हैं ताकि वेटिंग वाले यात्रियों को भी कंफर्म सीट मिल सके। मंत्रालय ने जानकारी दी कि, यात्री ऑनलाइन या रेलवे के काउंटर पर जाकर टिकट बुक कर सकते हैं। आजकल करीब 89 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं। रेलवे के काउंटर पर भी आप डिजिटल तरीके से भी पेमेंट कर सकते हैं। 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। यात्रियों को अब आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप पर आधार कार्ड से वेरीफाई करना होगा। एजेंट तत्काल टिकट बुकिंग खुलने के पहले 30 मिनट तक टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। कैसे चेक करें आपका आईआरसीटीसी अकाउंट एक्टिव है या नहीं?     आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या एप पर जाएं। फिर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट खोलें या आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट एप डाउनलोड करे।     एप या वेबसाइट पर लॉगिन करे। इसके बाद  अपना यूजर आईडी और पासवर्ड  डालें। इसके बाद कैप्चा कोड भरें और साइन इन पर क्लिक करें।     अगर आपका अकाउंट एक्टिव है, तो आप आसानी से लॉगिन कर पाएंगे और डैशबोर्ड पर अपनी बुकिंग और अन्य जानकारी देख सकेंगे।     अगर अकाउंट निष्क्रिय है, तो आपको एक एरर मैसेज दिखाई देगा, जैसे आपका अकाउंट निष्क्रिय है।     अगर आपका अकाउंट बंद हुआ है, तो घबराएं नहीं। इसके बाद आप आईआरसीटीसी कस्टमर केयर से संपर्क कर सकते हैं।

ओडिशा के सरकारी हॉस्टल में 10वीं की दो छात्राएं गर्भवती — सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

फूलबाणी  ओडिशा के कंधमाल जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। प्रदेश में महिलाओं के यौन शोषण को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सरकारी हॉस्टल में रहने वाली दसवीं कक्षा की दो छात्राएं गर्भवती पाई गईं। यह खुलासा हॉस्टल में नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान हुआ। पुलिस ने बताया कि दोनों नाबालिग छात्रा कंधमाल जिले में सरकारी हॉस्टल में रहती हैं। मामले में हॉस्टल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है। कैसे पता चला छात्राएं हैं गर्भवती? कंधमाल जिले के जिला कल्याण अधिकारी रवि नारायण मिश्रा ने बताया कि हमने पुलिस को दो लड़कियों के गर्भवती होने की सूचना दी है। शिकायत में हमने पुलिस से मामले की जांच करने का अनुरोध किया है। राज्य सरकार की ओर से संचालित आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली लड़कियों की लंबी छुट्टियों से लौटने के तुरंत बाद मेडिकल जांच की जाती है। मिश्रा ने बताया कि हमारे कर्मचारियों ने दो लड़कियों में असामान्य लक्षण पाए गए। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए उप-मंडलीय अस्पताल भेजा गया। जहां उनकी गर्भावस्था की पुष्टि हुई। जिले के तुमुदिबांध ब्लॉक का है मामला? दरअसल इस साल गर्मी की छुट्टियों के बाद 21 जून को स्कूल फिर से खुले थे। हालांकि दोनों लड़कियां जुलाई के पहले सप्ताह में स्कूल लौट आईं। उन्होंने बताया कि ये मामले जिले के तुमुदिबांध ब्लॉक के दो अलग-अलग सरकारी आवासीय बालिका उच्च विद्यालयों से सामने आए। दोनों छात्राएं पिछले महीने गर्मी की छुट्टियों के बाद अपने छात्रावास लौट आई थीं।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट

जनजातीय वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार है संकल्पित : उप मुख्यमंत्री  देवड़ा उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा: सरकार का हर निर्णय अंतिम व्यक्ति के हित में होगा, यही हमारा संकल्प  उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया के महिला पंच-सरपंचों से की भेंट भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि महानगर और शहर ही नहीं बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के संर्वागीण विकास के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार कृत-संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ पानी मिले, आवागमन बेहतर हो, बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो और आम जनमानस बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न आए, इसके लिए हमारी सरकार दिन-प्रतिदिन काम कर रही है। यह बात उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में मण्डला जिले के ब्लॉक बिछिया की निर्वाचित वार्ड पंच एवं सरपंच महिलाओं को संबोधित करते हुए कही। ब्लॉक बिछिया की जनजातीय वर्ग की महिलाओं प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा को अपना परिचय दिया और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा से बिछिया विकासखंड से आईं निर्वाचित महिला वार्ड पंच और सरपंचों के महिला प्रतिनिधियों द्वारा अपने गांवों की जमीनी जानकारियों को उनके समक्ष रखा। महिला प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कान्हा नेशनल पार्क के आस-पास के क्षेत्र से आती हैं, जहाँ विस्थापन की बार-बार उठती आशंकाओं ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि “हम अपने गांव नहीं छोड़ना चाहते”। उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विस्थापन को लेकर ऐसा कोई मसौदा फिलहाल नहीं है और आपको और क्षेत्रवासियों को बिलकुल भी घबराने और चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। संवाद के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने जंगलों में फैल रही लेंटाना जैसी आक्रामक झाड़ी की समस्या को भी उठाया। उन्होंने बताया कि लेंटाना जहां एक ओर अन्य वनस्पतियों को समाप्त कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह जंगली जानवरों के गांवों की ओर बढ़ते हमलों और जंगल उत्पादों पर निर्भर आमदनी में गिरावट भी हो रही है। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने उनकी इस समस्या को गंभीरता से सुना शीघ्र निराकरण के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। भावुक हुए उप मुख्यमंत्री देवड़ा जनजातीय महिला प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान  देवड़ा ने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक छोटे किसान के पुत्र हैं और आज इन महिला नेताओं को देखकर उन्हें अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत के दिन याद आ गए। इस आत्मीय संवाद के अंत में महिला प्रतिनिधियों ने उन्हें मंडला में माँ नर्मदा के दर्शन और सभी के साथ एक दिन की चर्चा के लिए मण्डला प्रवास के लिये आमंत्रण भी दिया, जिसे उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने स्वीकार किया। यह कार्यक्रम फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी संस्था द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुजरात हेड ऑफिस, भोपाल एवं मण्डला कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।  

हमास को मिटटी में मिला दो … ट्रंप ने इजरायल को क्यों दी खुली छूट, अब गाजा में सीजफायर का क्या होगा?

वाशिंगटन/ गाज़ा  Gaza में तबाही का सायरन बज रहा है। Donald Trump ने Israel को Gaza में कार्रवाई के लिए खुली छूट दी है, वहीं Netanyahu ने भी सख्त रुख अपनाया है। Gaza में जिंदगी हर पल मौत से जंग लड़ रही है, हालात बद से बदतर हो रहे हैं और भूख से लोग परेशान हैं। करीब 52000 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद भुखमरी और कुपोषण की तस्वीरें पूरी दुनिया को हैरान कर रही हैं। मुझे लगता है कि वह मरना ही चाहते हैं और यह वास्तव में बहुत ज्यादा बुरा है… ये बात हमास पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी स्कॉटलैंड की यात्रा के दौरान कही है. लेकिन, आखिर ऐसा क्या हुआ कि ट्रंप हमास पर भड़क गए और इजरायल को हमास के खिलाफ सैन्य अभियान को आगे बढ़ाने के लिए खुली छूट दे दी है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में सीजफायर को लेकर चल रही वार्ता के टूटने के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने इजरायल को फ्री हैंड देते हुए कहा कि बात उस हद तक पहुंच गई है, जहां आपको काम पूरा करना ही होगा. अमेरिकी प्रयासों को लगा झटका अमेरिका गाजा पट्टी में शांति स्थापित करने के प्रयास में लगा था और इसके लिए स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व में एक दल को मिडिल ईस्ट शांति वार्ता के लिए भेजा गया था. लेकिन अब स्टीव विटकॉफ ने कहा है कि अमेरिका इस बातचीत से पीछे हट रहा है और किसी अन्य ऑप्शन पर विचार करना चाहिए. इसके तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी सामने आई. गौरतलब है कि ट्रंप ने हमास की गिरफ्त से अमेरिकी-इजराइली नागरिक एडन एलेक्जेंडर की रिहाई में अहम भूमिका निभाई थी. हमास बन रहा है बाधा : नेतन्याहू इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एक बयान जारी किया गया है. बयान में नेतन्याहू ने स्टीव विटकॉफ की बात दोहराते हुए कहा कि हमास ही बंधकों की रिहाई में बाधा बना हुआ है. उन्होंने कहा कि हम अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर अब वैकल्पिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, ताकि बंधकों को घर लाया जा सके. यही नहीं, हमास के आतंकवादी शासन का अंत हो और इजराइल व पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित की जा सके. तो क्या पूरी तरह खत्म हो जाएगा हमास? इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपनी हालिया बातचीत के बारे में पूछे जाने पर डोनाल्ड ट्रंप ने बस इतना कहा कि 'कुछ हद तक निराशाजनक' थी. उन्होंने आगे कहा, 'उन्हें लड़ना होगा और उन्हें सफाई करनी होगी. आपको उनसे छुटकारा पाना होगा.' ट्रंप ने कहा कि हमास बातचीत के आखिरी दौर में आकर मुकर गया, जिससे पता चलता है कि वे सिर्फ हिंसा चाहते हैं. गाजा में हालात बहुत बुरे हैं, बच्चे भूखे मर रहे हैं. इन सब को देखते हुए ट्रंप ने कहा है कि अब कूटनीति से कोई फायदा नहीं होगा. उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा है कि 'लड़ो और उन्हें खत्म कर दो.' ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि अमेरिका इजरायल के सैन्य अभियान में पूरी तरह से उसके साथ है. उन्होंने कहा कि अब हमास का बच पाना मुश्किल है. मिस्र और कतर ने सीजफायर को लेकर क्या कहा? डोनाल्ड ट्रंप ने जहां सीधे तौर पर हमास को दोषी ठहराया है, वहीं मिस्र और कतर के अधिकारियों ने वार्ता में मौजूदा ठहराव को 'इन जटिल वार्ताओं के संदर्भ में सामान्य' बताया है. एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने भी कहा कि वार्ता 'बिल्कुल भी' विफल नहीं हुई है. ट्रंप ने दावा किया कि हमास के पास बातचीत करने के लिए कोई खास वजह नहीं है, क्योंकि बंधकों की संख्या अब कम होती जा रही है. ट्रंप ने कहा, 'अब हमारे पास सिर्फ आखिरी कुछ बंधक बचे हैं और वे जानते हैं कि आखिरी बंधकों के रिहा होने के बाद क्या होता है. इसी वजह से वे वास्तव में कोई समझौता नहीं करना चाहते थे.' अब गाजा में सीजफायर का क्या होगा? सीएनएन के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन को उम्मीद है कि ट्रंप के कड़े बयान और विटकॉफ के हटने से हमास पर बातचीत की मेज पर लौटने का दबाव बनेगा. विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा, 'हमने कोशिश की है. दुनिया ने इसे देखा है. विकल्प क्या हैं – स्पष्ट रूप से राष्ट्रपति ट्रंप के पास कई हथियार हैं. विशेष दूत विटकॉफ के पास भी कई विकल्प हैं.' ट्रंप ने अमेरिकी सहायता पर आलोचना का भी जवाब दिया और कहा, 'लोगों को यह नहीं पता और हमें निश्चित रूप से कोई आभार या धन्यवाद नहीं मिला. लेकिन, हमने भोजन, आपूर्ति और बाकी सभी चीजों के लिए 60 मिलियन डॉलर का योगदान दिया. हमें उम्मीद है कि पैसा वहां पहुंच जाएगा, क्योंकि आप जानते हैं, वह पैसा छीन लिया जाता है. भोजन छीन लिया जाता है. हम और भी कुछ करने वाले हैं, लेकिन हमने बहुत सारा पैसा दिया है.' इमैनुएल मैक्रों की बात पर ट्रंप ने क्या कहा? फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी यह घोषणा करके दुनिया का ध्यान खींचा कि फ्रांस सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता देगा. ट्रंप ने इस कदम को खारिज करते हुए पत्रकारों से कहा, 'इस बयान का कोई महत्व नहीं है। वह बहुत अच्छे इंसान हैं। मैं उन्हें पसंद करता हूँ। लेकिन इस बयान का कोई महत्व नहीं है.'  आखिर, क्यों इतना भड़क गए डोनाल्ड ट्रंप? बता दें कि कुछ सप्ताह पहले तक अमरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि एक समझौता होने वाला है, जिससे संघर्ष समाप्त हो जाएगा और बाकी बचे बंधकों को रिहा किया जाएगा. इसके साथ ही गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाई जा सकेगी. ट्रंप लगातार गाजा में शांति स्थापित करने की कोशिश में लगे थे और इसके लिए उन्होंने स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व में मिडिल ईस्ट में शांति वार्ता के लिए एक दल भी भेजा था. लेकिन, अब ट्रंप के प्रयासों को झटका लगा है और स्टीव विटकॉफ ने कहा कि वह बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.

लोकसभा में चमके ये 17 सांसद! संसद रत्न पाने वालों की पूरी लिस्ट देखें यहाँ

नई दिल्ली  लोकसभा में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विभिन्न पार्टियों के 17 सांसदों को संसद रत्न से सम्मानित किया जाएगा। इस लिस्ट में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से सुप्रीम सुले, भाजपा के रवि किशन व निशिकांत दुबे, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अरविंद सांवत समेत 17 सदस्यों को लोकसभा में उनके अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए ‘संसद रत्न’ सम्मान- 2025 से सम्मानित किया जाएगा। विशेष पुरस्कार भर्तृहरि महताब (भाजपा, ओडिशा), एन के प्रेमचंद्रन (रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, केरल), सुप्रिया सुले (राकांपा-एसपी, महाराष्ट्र), और श्रीरंग अप्पा बारणे (शिवसेना, महाराष्ट्र) को प्रदान किए जाएंगे। इन सभी ने 16वीं लोकसभा के बाद से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बनाए रखा है। मेघा कुलकर्णी को भी किया जाएगा सम्मानित अन्य सम्मानित किये जाने वाले सांसदों में स्मिता उदय वाघ (भाजपा), नरेश म्हस्के (शिवसेना), वर्षा गायकवाड़ (कांग्रेस), मेधा कुलकर्णी (भाजपा), प्रवीण पटेल (भाजपा), विद्युत बरण महतो (भाजपा) और दिलीप सैकिया (भाजपा) शामिल हैं। समिति श्रेणी में, भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त संबंधी स्थायी समिति और डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी (कांग्रेस) की अध्यक्षता वाली कृषि संबंधी स्थायी समिति को उनकी रिपोर्ट की गुणवत्ता और विधायी निगरानी में योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। वहीं 21 जुलाई को शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सुचारु रूप से चल नहीं पा रहा है। जैसे ही सदन की शुरुआत होती है, विपक्षी पार्टियों के सदस्य ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा और बिहार में एसआईआर सर्वे को वापस लेने की मांग पर हंगामा शुरू कर देते हैं। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन को स्थगित करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त जगदीप धनखड़ के अचानक उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफे को लेकर भी विपक्ष जबरदस्त हंगामा कर रहा है।

Army Agniveer Result Out! मोबाइल से ऐसे करें अपना स्कोर चेक

 नई दिल्ली Agniveer CEE Result 2025: इंडियन आर्मी अग्निवीर भर्ती परीक्षा का रिजल्ट joinindianarmy.nic.in पर घोषित कर दिया गया है। अग्निवीर सीईई लिखित परीक्षा 10 जुलाई को संपन्न हुई थी। अग्निवीर भर्ती परीक्षा के जरिए जनरल ड्यूटी (जीडी), टेक्निकल, क्लर्क व स्टोर कीपर टेक्निकल, ट्रेडसमैन, सैनिक फार्मा, सैनिक तकनीकी नर्सिंग सहायक, वोमेन पुलिस के पदों पर भर्ती होगी। इसके अलावा हवलदार एजुकेशन, हवलदार सर्वेयर ऑटोमेटेड कार्टोग्राफर, जेसीओ कैटरिंग, जेसीओ रिलिजियस टीचर के पदों पर भी बहाली की जाएगी। लिखित परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। Agniveer Result 2025: ऐसे चेक कर सकेंगे अग्निवीर रिजल्ट स्टेप-1 – जॉइन इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.com पर जाएं। स्टेप-2 – होम पेज पर अग्निवीर सेक्शन पर जाएं। स्टेप-3- CEE Result के सेक्शन पर क्लिक करें। अपने एआरओ के नाम से जुड़ी रिजल्ट की फाइल लिंक पर क्लिक करें। स्टेप-4- पीडीएफ फाइल खुलने पर आप अपना रोल नंबर तलाश सकते हैं। फिजिकल टेस्ट कैसा होगा चार कैटेगरी में दौड़ इस बार 1600 मीटर की रेस की कैटेगरी भी चार कर दी गई है। इसी के अनुसार अभ्यर्थी अलग-अलग पदों के लिए चुने जाएंगे। अग्निवीर भर्ती में दौड़ के लिए अभ्यर्थियों को आधे मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। अब छह मिनट 15 सेकंड में दौड़ पूरी करने पर क्वालीफाई किया जाएगा। दौड़ में दो की जगह चार ग्रुप होंगे। पहले पांच मिनट 45 सेकंड में दौड़ पूरी करने पर अभ्यर्थी क्वालीफाई होते थे। अब छह मिनट 15 सेकंड में दौड़ पूरी करने पर भी क्वालीफाई हो सकते हैं। पांच मिनट तीस सेकंड में दौड़ पूरी करने पर 60, पांच मिनट 31 सेकेंड से पांच मिनट 45 सेकंड में 48, पांच मिनट 46 सेकंड से छह मिनट तक 36 और छह मिनट एक सेकंड से छह मिनट 15 सेकंड में दौड़ पूरी करने पर 24 अंक मिलेंगे। यह इसलिए किया गया है कि तकनीशियन, ट्रेड के दो वर्ग और ऑफिस असिस्टेंट या स्टोर कीपर जैसे पदों के लिए काबिल अभ्यर्थी बाहर न हो सकें। ग्रुप 1 – अग्निवीरों की भर्ती के लिए होने वाले फिजिकल टेस्ट की बात करें कि ग्रुप-1 के तहत साढ़े 5 मिनट में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके लिए 60 मार्क्स दिए जाएंगे। 10 पुल अप्स लगाने होंगे जो 40 मार्क्स के होंगे। ग्रुप 2 – ग्रुप-2 के तहत 5 मिनट 45 सेकेंड में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 48 मार्क्स होंगे। 9 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 33 मार्क्स होंगे। ग्रुप 3 – ग्रुप-3 के तहत 6 मिनट में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 36 मार्क्स होंगे। 8 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 27 मार्क्स होंगे। ग्रुप 4 – ग्रुप-2 के तहत 6 मिनट 15 सेकेंड में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 24 मार्क्स होंगे। 7 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 21 मार्क्स होंगे। 6 बार पुल अप्स लगाने वाले को 16 मार्क्स मिलेंगे। उपरोक्त सभी ग्रुप में दो चीजें महज क्ववालिफाइंग होंगी – 9 फीट लंबी कूद मारनी होगी। यह केवल क्वालिफाई करना होगा। – जिग जैग बैलेंस टेस्ट महज पास करना होगा।

विद्युत उपभोक्ता ऑनलाइन कराएं स्वैच्छिक भार (लोड) वृद्धि

  682 घरेलू उपभोक्ताओं ने उठाया ऑनलाइन भार वृद्धि सुविधा का लाभ भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को घर बैठे अपने बिजली कनेक्शन में भार (लोड) वृद्धि की सुविधा उपलब्ध कराई गयी है। अब उपभोक्ता अपने बिजली कनेक्शन के पूर्व स्वीकृत भार में अपनी वर्तमान आवश्यकता के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा का लाभ उठाकर भार (लोड) वृद्धि करा सकेंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को त्वरित रूप से पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कंपनी द्वारा पहल करते हुए 10 किलोवाट भार तक के घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए त्वरित स्वचालित भार वृद्धि की एक नई सुविधा 15 जुलाई से उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई है। सुविधा के शुरू होने से अब तक 682 उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन आवेदन कर अपने बिजली कनेक्शन की भार वृद्धि कराई है। कंपनी ने बताया है कि ऑनलाइन भार वृद्धि की सुविधा के लिए उपभोक्ताओं को किसी फेज परिवर्तन या मीटर प्रतिस्थापन की आवश्यकता नहीं होगी। इस पहल के तहत पात्र उपभोक्ता द्वारा अपने स्वीकृत भार (निर्दिष्ट सीमा के भीतर) में वृद्धि का अनुरोध करने पर उनके उनुरोध को अब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप या जोन-स्तरीय अनुमोदन के बिना कंपनी द्वारा त्वरित और निर्बाध रूप से स्वीकृत कर भार (लोड) वृद्धि की जा रही है। इस हेतु लगने वाले शुल्क का भुगतान कंपनी द्वारा आगामी देयक में शामिल किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को अलग से भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस प्रक्रिया से बिलिंग सिस्टम में स्वचालित रूप से त्वरित भार वृद्धि सुनिश्चित हो रही है, जिससे कंपनी के मानव संसाधन के साथ ही उपभोक्ताओं के समय और श्रम की भी बचत हो रही है। कंपनी के महाप्रबंधक (सूचना प्रौद्योगिकी) श्री अभिषेक मार्तंड ने बताया है कि ऐसे उपभोक्ता जिनके कनेक्शन में भार (लोड) वृद्धि के उपरांत फेस परिवर्तन अथवा मीटर बदलने की आवश्यकता होगी, उनके लिए ये सुविधा लागू नहीं है। गौरतलब है कि विद्युत उपभोक्ता कंपनी द्वारा स्वीकृत विद्युत भार से अधिक भार का उपयोग करते हैं जिससे कम्पनी की विद्युत अधोसंरचना अतिभारित हो जाती है जो कि अनावश्यक रूप से विद्युत व्यवधानों का कारण बनती है। अतः सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे स्वेच्छा से अपने विद्युत भार की वृद्धि करा लें जिससे कम्पनी द्वारा भार अनुरूप उपयुक्त विद्युत अधोसंरचना का विकास कर बेहतर एवं निर्बाध विद्युत प्रदाय सुनिश्चित किया जा सके। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी सम्मानीय विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर के वास्तविक विद्युत भार के अनुरूप अपने कनेक्शन की भार वृद्धि कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/apply/other/services पर ऑनलाइन आवेदन कर स्वीकृत कराना सुनिश्चित करा लें। इसके लिए उन्हें तुरंत कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।  

यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए तैयार लिस्ट, 6 नामों में पूर्व उपमुख्यमंत्री भी शामिल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में राज्य इकाई प्रमुख का चुनाव भाजपा के सामने प्रमुख फैसलों में से एक माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई ने राष्ट्रीय नेतृत्व को छह नामों की एक सूची भेजी है। इनमें दो ब्राह्मण, दो पिछड़े समुदाय से और दो दलित समुदाय से हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही राज्य इकाई के अगले प्रमुख का चयन और ऐलान हो जाएगा। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने  यह जानकारी दी। सुझाए गए नामों में पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और बस्ती के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी (दोनों ब्राह्मण), उत्तर प्रदेश के वर्तमान मंत्री धर्मपाल सिंह और वर्तमान केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा (दोनों ओबीसी), और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया और वर्तमान एमएलसी विद्या सागर सोनकर (दोनों दलित) शामिल हैं। नेता ने कहा, ‘हमने अपनी ओर से केंद्रीय नेतृत्व को उपयुक्त नाम सुझाए हैं जिन पर उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए विचार किया जा सकता है और नेतृत्व सक्रिय रूप से उनका मूल्यांकन कर रहा है। अगले दो हफ़्तों में, संभवतः उससे भी पहले, कोई निर्णय होने की संभावना है।’ भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य में 2027 की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं और राज्य इकाई प्रमुख का चुनाव भाजपा के सामने प्रमुख फैसलों में से एक माना जा रहा है। भाजपा, यूपी में पिछले लोकसभा चुनाव की अपनी हार को पलटने और प्रदेश में लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने की कोशिश करेगी। भाजपा ने पहले ही 37 संगठनात्मक इकाइयों में से 25 से अधिक में राज्य प्रमुखों का चयन कर लिया है। अपने अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की भी तैयारी कर रही है। वर्तमान में यूपी भाजपा की कमान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट नेता भूपेन्द्र सिंह चौधरी संभाल रहे हैं। नए अध्यक्ष उनकी जगह लेंगे। लिस्ट में शामिल नामों की खासियत अपनी स्वच्छ छवि और शैक्षणिक योग्यता के लिए जाने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा (ब्राह्मण) को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और शीर्ष नेतृत्व का विश्वास प्राप्त है। हरीश द्विवेदी भी ब्राह्मण हैं और अपने साथ संसदीय अनुभव लेकर आते हैं। वे बस्ती से सांसद और पार्टी में राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं। धर्मपाल सिंह और बीएल वर्मा दोनों ही प्रभावशाली लोध समुदाय से हैं। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में वरिष्ठ मंत्री सिंह को विधायी और मंत्री पद का दशकों का अनुभव है। वर्मा, जो वर्तमान में केंद्रीय राज्य मंत्री हैं, एक अनुशासित और साधारण संगठनकर्ता माने जाते हैं जिनके आरएसएस से गहरे संबंध हैं। संगठन के भीतर उन्हें विश्वास प्राप्त है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष कठेरिया हिंदुत्व और दलित पहचान के अपने आक्रामक रुख के लिए जाने जाते हैं। एमएलसी सोनकर एक साधारण लेकिन वफादार पार्टी कार्यकर्ता हैं जिनका पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रभाव है। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा, "हमने आलाकमान को अपने विचारों से अवगत करा दिया है। अब, केंद्रीय नेतृत्व को राज्य के नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा करनी है और हमें उम्मीद है कि यह बहुत जल्द हो जाएगा।"