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लव जिहाद मामले में फरार कांग्रेस नेता पर इनाम हुआ दोगुना, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इंदौर  इंदौर पुलिस ने एक कांग्रेस पार्षद की गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि दोगुनी कर दी है. वह 'लव जिहाद' के लिए पैसे मुहैया कराने के मामले में एक महीने से फरार है.   एसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपी अनवर कादरी उर्फ डकैत की गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है. अगर पार्षद को आने वाले दिनों में गिरफ्तार नहीं किया जाता है, तो उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी. दरअसल, शहर के दो युवकों साहिल शेख और अल्ताफ शाह ने बीते जून में पुलिस के सामने कबूल किया था कि कांग्रेस पार्षद कादरी ने उन्हें लड़कियों को प्रेम संबंधों में लाने और उनका धर्म परिवर्तन कराने के लिए 3 लाख रुपये दिए थे. यह पैसा लड़कियों पर खर्च किया गया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि शेख और शाह दोनों को दो लड़कियों द्वारा लगाए गए रेप और अन्य आरोपों से जुड़े अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने बताया कि उनके बयानों के आधार पर पुलिस ने कादरी पर पैसे के बल पर लोगों का धर्म परिवर्तन कराने की साजिश रचने का मामला दर्ज किया है. कादरी, जिसके खिलाफ शहर के विभिन्न पुलिस थानों में 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, तब से फरार है. उसके भूमिगत होने के बाद, जिला प्रशासन ने कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कादरी की गिरफ्तारी का आदेश दिया.

सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाना है? तो आज ही छोड़ दें ये 5 आदतें

हर इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस का होना जरूरी है। ये एक ऐसी जरूरी चीज है जिसके बल पर वो दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकता है। जिस इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी होती है वो ज्यादातर सक्सेज नहीं पाते। अगर आपके अंदर भी सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी रहती है तो जरा इन 5 आदतों पर गौर करें। अगर ये आदते आपकी लाइफ का हिस्सा हैं तो फौरन इन्हें दूर कर दें। तभी आत्मविश्वास बढ़ पाएगा। खुद के बारे में निगेटिव सोचना अगर आप खुद के बारे में हमेशा निगेटिव बातें बोलते और सोचते हैं। खुद की कमियां निकालते हैं तो इससे आपकी सेल्फ एस्टीम प्रभावित होती है। और आपके अंदर का आत्मविश्वास कमजोर होने लगता है। आपको खुद पर विश्वास नहीं रहता कि कोई काम आप अकेले कर सकते हैं। इसलिए सेल्फ वैल्यूएशन करने और खुद को क्रिटिसाइज करने के बीच का फर्क समझकर निगेटिव सोचना बंद करें। हमेशा परफेक्ट बनने की चाह किसी भी काम में परफेक्शन अच्छी बात है लेकिन यहीं परफेक्शन की चाह कई बार आत्मविश्वास को कमजोर कर देती है। क्योंकि जरा सी कमी भी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं और कई बार सेल्फ कॉन्फिडेंस पर निगेटिव असर पड़ता है। दूसरों से तुलना दूसरों से तुलना करना अगर आदत बन जाती है तो खुद में केवल कमियां ही कमियां नजर आती हैं। जिसकी वजह से आत्मविश्वास कमजोर होता है। नए चैलेंज एक्सेप्ट ना करना अगर आप लाइफ में आने वाले नए चैलेंज को एक्सेप्ट नहीं करते हैं तो ये आपकी ग्रोथ को रोक सकती है। क्योंकि मन में बात आती है कि मुझसे ये काम नहीं होगा, जो कि पूरी तरह से कमजोर आत्मविश्वास की निशानी है। खुद को जिम्मेदार ठहराना लाइफ में और अपने आसपास आपसे जुड़े लोगों के जीवन में हो रही किसी भी समस्या के लिए अगर आप खुद को जिम्मेदार ठहराते हैं, तो ये सेल्फ कॉन्फिडेंस को कमजोर बना देती है।  

सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाना है? तो आज ही छोड़ दें ये 5 आदतें

हर इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस का होना जरूरी है। ये एक ऐसी जरूरी चीज है जिसके बल पर वो दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकता है। जिस इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी होती है वो ज्यादातर सक्सेज नहीं पाते। अगर आपके अंदर भी सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी रहती है तो जरा इन 5 आदतों पर गौर करें। अगर ये आदते आपकी लाइफ का हिस्सा हैं तो फौरन इन्हें दूर कर दें। तभी आत्मविश्वास बढ़ पाएगा। खुद के बारे में निगेटिव सोचना अगर आप खुद के बारे में हमेशा निगेटिव बातें बोलते और सोचते हैं। खुद की कमियां निकालते हैं तो इससे आपकी सेल्फ एस्टीम प्रभावित होती है। और आपके अंदर का आत्मविश्वास कमजोर होने लगता है। आपको खुद पर विश्वास नहीं रहता कि कोई काम आप अकेले कर सकते हैं। इसलिए सेल्फ वैल्यूएशन करने और खुद को क्रिटिसाइज करने के बीच का फर्क समझकर निगेटिव सोचना बंद करें। हमेशा परफेक्ट बनने की चाह किसी भी काम में परफेक्शन अच्छी बात है लेकिन यहीं परफेक्शन की चाह कई बार आत्मविश्वास को कमजोर कर देती है। क्योंकि जरा सी कमी भी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं और कई बार सेल्फ कॉन्फिडेंस पर निगेटिव असर पड़ता है। दूसरों से तुलना दूसरों से तुलना करना अगर आदत बन जाती है तो खुद में केवल कमियां ही कमियां नजर आती हैं। जिसकी वजह से आत्मविश्वास कमजोर होता है। नए चैलेंज एक्सेप्ट ना करना अगर आप लाइफ में आने वाले नए चैलेंज को एक्सेप्ट नहीं करते हैं तो ये आपकी ग्रोथ को रोक सकती है। क्योंकि मन में बात आती है कि मुझसे ये काम नहीं होगा, जो कि पूरी तरह से कमजोर आत्मविश्वास की निशानी है। खुद को जिम्मेदार ठहराना लाइफ में और अपने आसपास आपसे जुड़े लोगों के जीवन में हो रही किसी भी समस्या के लिए अगर आप खुद को जिम्मेदार ठहराते हैं, तो ये सेल्फ कॉन्फिडेंस को कमजोर बना देती है।  

विधानसभा में नारेबाजी और विरोध अब बैन, कांग्रेस बोली – लोकतंत्र की आवाज दबाई जा रही

भोपाल  मध्य प्रदेश में आगामी 28 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है जिसका कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है. इस आदेश के तहत, विधानसभा परिसर में किसी भी प्रकार की नारेबाजी या प्रदर्शन करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह रोक विधान सभा अध्यक्ष द्वारा संविधान के अनुच्छेद 94(2) के अंतर्गत लगाई गई है. आदेश में कहा गया है कि विधायकों द्वारा परिसर में प्रदर्शन, नारेबाजी या किसी प्रकार की भीड़भाड़ वाली गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा. यह निर्णय सत्र के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखने की दृष्टि से लिया गया है. हालांकि, इस निर्णय को लेकर विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है. कांग्रेस ने किया फैसले का विरोध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस आदेश को सरकार के दबाव में उठाया गया कदम बताया है. उन्होंने कहा, 'विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार के दबाव में आकर यह आदेश जारी किया है. विपक्ष बार-बार मांग कर रहा है कि विधानसभा की कार्यवाही को लाइव किया जाए ताकि जनता देख सके कि सदन में उनके मुद्दों को किस तरह उठाया जाता है लेकिन सरकार और अध्यक्ष दोनों ही लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने में लगे हैं.' कांग्रेस ने बताया संविधान का उल्लंघन सिंघार ने आगे कहा कि, 'यह संविधान की धारा 194 का उल्लंघन है, जो विधायकों को विशेषाधिकार देती है कि वो जनता के मुद्दे सदन में उठा सकें. प्रदर्शन, नारेबाजी और सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन सरकार इन सभी माध्यमों को नियंत्रित कर विपक्ष की आवाज़ को दबाना चाहती है.' कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस आदेश का खुलकर विरोध करेगी और पूर्व की भांति आगामी सत्र में भी जोर-शोर से जनहित के मुद्दे उठाएगी. कांग्रेस ने इस प्रतिबंध को लोकतंत्र का गला घोंटने वाला निर्णय बताया है.

वैश्विक कंपनी जेबिल भारत में विनिर्माण क्षेत्र में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही है: अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली, वैश्विक विनिर्माण कंपनी जेबिल का गुजरात के साणंद स्थित संयंत्र लगभग पूरा हो चुका है। यह संयंत्र देश में सिलिकॉन फोटोनिक्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्माण करेगा।जेबिल के 25 से अधिक देशों में 100 से अधिक स्थानों पर 1,40,000 से अधिक कर्मचारी हैं। वैष्णव ने एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, "जेबिल भारत में सिलिकॉन फोटोनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण सेवाओं के निर्माण में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही है।" मंत्री ने कहा, "साणंद स्थित संयंत्र लगभग पूरा हो चुका है।"जेबिल के ग्राहकों की सूची में स्वास्थ्य सेवा, पैकेजिंग, स्मार्टफोन और क्लाउड उपकरण से लेकर ऑटोमोटिव और घरेलू उपकरणों तक, हर बाजार में दुनिया के 300 सबसे बड़े ब्रांड शामिल हैं।इस बीच, दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार ने कहा है कि उसने 31 मार्च तक दूरसंचार उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत 1,162 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। 1 अप्रैल, 2021 को शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य दूरसंचार क्षेत्र में घरेलू विनिर्माण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। यह चालू वित्त वर्ष के अंत में समाप्त होने वाली है।इस योजना के तहत चयनित 42 कंपनियों में से 21 निर्माताओं ने अब तक सफलतापूर्वक प्रोत्साहन प्राप्त कर लिए हैं। सरकार ने इस योजना के लिए 4,115 करोड़ रुपये निर्धारित किए थे, जिसका लक्ष्य अनुमानित 2.45 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिक्री और इसके दौरान 44,000 से अधिक नए रोजगार सृजित करना था। जेबिल शीर्ष लाभार्थी के रूप में उभरा, जिसने दो वित्तीय वर्षों में 235.87 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त किया। अन्य प्रमुख प्राप्तकर्ताओं में फ्लेक्सट्रॉनिक्स (165.12 करोड़ रुपये), नोकिया (157.32 करोड़ रुपये), फॉक्सकॉन राइजिंग स्टार्स (80.33 करोड़ रुपये) और सिरमा एसजीएस (53.23 करोड़ रुपये) शामिल हैं।उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि दूरसंचार ऑपरेटरों और सरकार के दृष्टिकोण के बीच मज़बूत तालमेल ज़रूरी है। वे आत्मनिर्भरता और रोज़गार सृजन के लक्ष्यों को सही मायने में साकार करने के लिए उच्च स्थानीय मूल्य संवर्धन वाले दूरसंचार उत्पादों की खरीद को प्रोत्साहित करने के महत्व पर ज़ोर देते हैं।  

‘स्प्री’योजना :नियोक्ताओं और कर्मचारियों को मिलेगा पंजीकरण का विशेष अवसर

सतना कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए 'स्प्री' ( एसपीआरईई ) योजना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के शिमला में आयोजित 196वीं ईएसआईसी बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री ने की। इस संबंध में निश्चल कुमार नाग, संयुक्त निदेशक (जॉइंट डायरेक्टर) एवं प्रभारी, उप क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल ने जानकारी दी कि यह योजना मध्यप्रदेश सहित देशभर में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। योजना के अंतर्गत नियोक्ता अपने प्रतिष्ठान और कर्मचारियों का पंजीकरण ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल और एमसीए पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से कर सकते हैं। पंजीकरण की तिथि वही मानी जाएगी जो नियोक्ता द्वारा घोषित की जाएगी। इस योजना के तहत पंजीकरण से पूर्व की अवधि के लिए न तो किसी योगदान (Contribution) की मांग की जाएगी और न ही कोई निरीक्षण (Inspection) या रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।  नियोक्ताओं को सुनहरा अवसर यह योजना उन नियोक्ताओं के लिए सुनहरा अवसर है जो अब तक ईएसआईसी के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने सभी पात्र कर्मचारियों (ठेका, अस्थायी, अनियमित आदि) को शामिल नहीं किया है। योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी, जो पंजीकरण के लिए एक अवसर प्रदान करती है। क्या है 'स्प्री' का उद्देश्य 'स्प्री' योजना का उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन  को बढ़ावा देना और पिछली देनदारियों के भय को दूर कर पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना है। पहले ईएसआईसी में पंजीकरण नहीं कराने पर कानूनी कार्रवाई और बकाया मांग की जा सकती थी। लेकिन 'स्प्री' 2025 योजना उन अड़चनों को दूर कर रही है ताकि अधिक प्रतिष्ठान और श्रमिक ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकें।पंजीकरण के पश्चात कर्मचारी और उनके परिवार ईएसआईसी के तहत चिकित्सा सुविधाओं, बीमारी, मातृत्व, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में नकद लाभ  प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें दीर्घकालीन सामाजिक सुरक्षा  भी मिलेगी। श्री नाग ने बताया कि यह योजना न केवल नियोक्ताओं को उनके कार्यबल को नियमित करने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि ठेका और अस्थायी श्रमिकों को भी ईएसआईसी एक्ट 1948 के तहत आवश्यक सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि यह पहल ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देती है और यूनिवर्सल सोसल सेक्योरिटी कवरेज के लक्ष्य की ओर एक ठोस कदम है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे इस स्वैच्छिक और सरल योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत लाएं। जानकारी के लिए यहां संपर्क करें सतना जिले में ईएसआईसी से संबंधित जानकारी के लिए नियोक्ता या कर्मचारी बिरला कॉलोनी कैम्पस पर स्थित ऑफिस में संपर्क सकते हैं या फिर ब्रांच के फोन नम्बर 07672-257196 अथवा मेल आईडी bo-satna.mp@esic.nic.in से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं रीवा जिले में  औषधालय सह शाखा कार्यालय एमआईजी-1/28/508 वार्ड नम्बर 11 इंद्रानगर रीवा तथा फोन नम्बर 07662-299318 या मेल आईडी dcbo-rewa.mp@esic.nic.in में संपर्क कर सकते हैं।

‘स्प्री’योजना :नियोक्ताओं और कर्मचारियों को मिलेगा पंजीकरण का विशेष अवसर

सतना कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए 'स्प्री' ( एसपीआरईई ) योजना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के शिमला में आयोजित 196वीं ईएसआईसी बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री ने की। इस संबंध में निश्चल कुमार नाग, संयुक्त निदेशक (जॉइंट डायरेक्टर) एवं प्रभारी, उप क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल ने जानकारी दी कि यह योजना मध्यप्रदेश सहित देशभर में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। योजना के अंतर्गत नियोक्ता अपने प्रतिष्ठान और कर्मचारियों का पंजीकरण ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल और एमसीए पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से कर सकते हैं। पंजीकरण की तिथि वही मानी जाएगी जो नियोक्ता द्वारा घोषित की जाएगी। इस योजना के तहत पंजीकरण से पूर्व की अवधि के लिए न तो किसी योगदान (Contribution) की मांग की जाएगी और न ही कोई निरीक्षण (Inspection) या रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।  नियोक्ताओं को सुनहरा अवसर यह योजना उन नियोक्ताओं के लिए सुनहरा अवसर है जो अब तक ईएसआईसी के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने सभी पात्र कर्मचारियों (ठेका, अस्थायी, अनियमित आदि) को शामिल नहीं किया है। योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी, जो पंजीकरण के लिए एक अवसर प्रदान करती है। क्या है 'स्प्री' का उद्देश्य 'स्प्री' योजना का उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन  को बढ़ावा देना और पिछली देनदारियों के भय को दूर कर पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना है। पहले ईएसआईसी में पंजीकरण नहीं कराने पर कानूनी कार्रवाई और बकाया मांग की जा सकती थी। लेकिन 'स्प्री' 2025 योजना उन अड़चनों को दूर कर रही है ताकि अधिक प्रतिष्ठान और श्रमिक ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकें।पंजीकरण के पश्चात कर्मचारी और उनके परिवार ईएसआईसी के तहत चिकित्सा सुविधाओं, बीमारी, मातृत्व, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में नकद लाभ  प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें दीर्घकालीन सामाजिक सुरक्षा  भी मिलेगी। श्री नाग ने बताया कि यह योजना न केवल नियोक्ताओं को उनके कार्यबल को नियमित करने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि ठेका और अस्थायी श्रमिकों को भी ईएसआईसी एक्ट 1948 के तहत आवश्यक सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि यह पहल ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देती है और यूनिवर्सल सोसल सेक्योरिटी कवरेज के लक्ष्य की ओर एक ठोस कदम है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे इस स्वैच्छिक और सरल योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत लाएं। जानकारी के लिए यहां संपर्क करें सतना जिले में ईएसआईसी से संबंधित जानकारी के लिए नियोक्ता या कर्मचारी बिरला कॉलोनी कैम्पस पर स्थित ऑफिस में संपर्क सकते हैं या फिर ब्रांच के फोन नम्बर 07672-257196 अथवा मेल आईडी bo-satna.mp@esic.nic.in से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं रीवा जिले में  औषधालय सह शाखा कार्यालय एमआईजी-1/28/508 वार्ड नम्बर 11 इंद्रानगर रीवा तथा फोन नम्बर 07662-299318 या मेल आईडी dcbo-rewa.mp@esic.nic.in में संपर्क कर सकते हैं।

वडोदरा में राहुल गांधी का कार्यक्रम तय: सहकारी संगठनों से मुलाकात पर फोकस

गांधीनगर गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने मिशन 2027 की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में संसद में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को गुजरात पहुंचे। इस दौरान वडोदरा एयरपोर्ट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। राहुल गांधी आणंद में पार्टी के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। वहीं, आज वो वडोदरा के जितोदिया गांव में सहकारी दुग्ध उत्पादकों और सहकारी समुदाय के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इस मुलाकात में दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं, स्थानीय सहकारी समितियों की स्थिति और किसानों के हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि सहकारी मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है। बैठक में स्थानीय किसानों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी। गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने मिशन 2027 की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी 26 जुलाई को गुजरात के आनंद शहर में पार्टी के नए जिला अध्यक्षों को संबोधित करेंगे और सहकारी दुग्ध समितियों से जुड़े किसानों व नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। यह दौरा खासकर उन मुद्दों पर केंद्रित रहेगा, जो वर्तमान में गुजरात की सहकारी व्यवस्था और दुग्ध उद्योग को प्रभावित कर रहे हैं। नए जिला अध्यक्षों से भी करेंगे बात गुजरात कांग्रेस ने हाल ही में जिला कांग्रेस समितियों के नए अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इन नए अध्यक्षों के लिए 26 से 28 जुलाई तक आनंद के एक रिसॉर्ट में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है। पार्टी प्रवक्ता मनीष दोषी के अनुसार, राहुल गांधी 26 जुलाई को सुबह 11 बजे उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इस सत्र का उद्देश्य आगामी 2027 के चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना और संगठन को जमीनी स्तर पर मज़बूत बनाना है। दूध किसानों के साथ संवाद शिविर के उद्घाटन के बाद राहुल गांधी शाम करीब 3 बजे गुजरात की विभिन्न दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े किसानों और नेताओं से मुलाकात करेंगे। यह बातचीत खासकर हाल ही में साबर डेयरी के बाहर हुए प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में हो रही है, जिसमें दूध किसानों ने दूध खरीद दरों को लेकर विरोध जताया था। साबर डेयरी, गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन से जुड़ी हुई है, जो अमूल ब्रांड के तहत उत्पाद बेचती है। सहकारी मॉडल को लेकर भाजपा पर निशाना गुजरात कांग्रेस ने भाजपा पर राज्य के सहकारी मॉडल को नष्ट करने का आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि कभी गुजरात का सहकारी मॉडल पूरे देश के लिए एक उदाहरण था, लेकिन भाजपा के लंबे शासनकाल में इस व्यवस्था में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन बढ़ा है। राहुल गांधी का यह संवाद इसी मुद्दे पर केंद्रित रहेगा कि कैसे इन सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता लाई जा सकती है और किसानों को उनका उचित हक मिल सके। किसानों की समस्याएं और समाधान की पहल राहुल गांधी का यह संवाद दौरा किसानों की समस्याएं समझने और उन्हें पार्टी की आगामी रणनीति में शामिल करने का एक प्रयास है। दूध उत्पादन से जुड़ी लागत, भुगतान में देरी, मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे किसानों को लंबे समय से परेशान कर रहे हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को 2027 के चुनावी एजेंडे में शामिल कर किसानों को एक नई आवाज देना चाहती है। मिशन 2027 की ओर पहला कदम गुजरात कांग्रेस राहुल गांधी के इस दौरे को 'मिशन 2027' की औपचारिक शुरुआत मान रही है। प्रशिक्षण शिविर, संगठन सशक्तिकरण, और जमीनी स्तर के मुद्दों पर संवाद जैसे कार्यक्रमों से पार्टी नेतृत्व आगामी विधानसभा चुनावों के लिए माहौल तैयार करने में जुट गया है। राहुल गांधी की मौजूदगी पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ-साथ किसानों के बीच कांग्रेस की सक्रियता का संकेत भी देती है।  

विश्व में सबसे लोकप्रिय नेता हैं नरेंद्र मोदी : मुख्यमंत्री साय का बयान

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु  देव साय ने  कहा  है  कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्व के सर्वाधिक  लोकप्रिय  नेता हो गए हैं। नरेंद्र  मोदी का प्रधानमंत्री  के  रूप  में सर्वाधिक लंबा कार्यकाल होने  पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते  हुए  मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि मोदी ने  प्रधानमंत्री  के रूप  में हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाया है।  पूरे विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ाया है। 140 करोड़ भारतवासियों का मान-सम्मान बढ़ा है और सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सब का प्रयास को मूल मंत्र मानते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत का नारा बुलंद  किया है।  देश के पूरे 140 करोड़ भारतीयों के उत्थान के लिए वे  काम कर रहे हैं। मोदी आज विश्व के सर्वाधिक  लोकप्रिय  नेता के रूप में उभरे हैं।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश के चलते खुले बरगी, सतपुड़ा और तवा डैम के गेट तो सुनामी सा दिखा नजारा

भोपाल मध्य प्रदेश में फिर से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है. साइक्लोन सर्कुलेशन, ट्रफ, डिप्रेशन और लो प्रेशर एरिया बनने की वजह से प्रदेश में अगले 2 दिनों तक मानसून का सिस्टम स्ट्रांग है. मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है. साथ ही शनिवार को 27 जिलों में बाढ़ का खतरा होने की चेतावनी भी जारी की है. प्रदेश में अब तक दीर्घावधि बारिश का 49 प्रतिशत कोटा पूरा हो गया है. तवा, बरगी, हरसी, बारना और पगरा समेत 60 प्रतिशत डैम भी फुल हो चुके हैं. 10 से अधिक डैमों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. तवा समेत इन डैम के गेट खोले गए नर्मदापुरम में तवा डैम का जलस्तर बढ़ने पर इसके 7 गेट खोले गए हैं. जबकि जबलपुर के बरगी और रायसेन बारना डैम के भी गेट खोले गए. इसके साथ ही सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोले गए, मुरैना के पगारा गेट का जलस्तर खतरे के निशान तक पहंचते ही उसके भी 6 गेट ऑटोमैटिक खुल गए. वहीं श्योपुर के औदा डैम, रायसेन के दाहोद टैंक, गुना का गोपीकृष्ण सागर, ग्वालियर का हरसी डैम, ग्वालियर का काकेता डैम, मुरैना का कोतवाल टैंक और शिवपुरी के महुआ डैम समेत अन्य जलाशय लबालब हो चुके हैं. नर्मदापुरम में तवा डैम के 7 गेट 10-10 फीट तक खोले गए हैं। वहीं, बैतूल में सतपुड़ा डैम के 7 गेट 8-8 फीट तक खोले गए हैं। बरगी और बारना डैम के भी गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। मंडला में सुबह 9 बजे नर्मदा नदी का जलस्तर वॉर्निंग लेवल को पार कर 437.2 मीटर पहुंच गया, जिससे माहिष्मती घाट का छोटा रपटा पुल डूब गया है। ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि जलभराव के हालात बन गए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में पानी भर गया। हजीरा इलाके में पुरानी इमारत ढह गई। शनिवार को 41 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट है। सिंगरौली में स्कूलों की छुट्‌टी रहेगी। सीधी में 24 घंटे में गिरा 5 इंच पानी बंगाल की खाड़ी से उठे लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) का असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। इस वजह से कहीं अति भारी और कहीं भारी बारिश हो रही है। शुक्रवार को प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश का दौर रहा। सीधी में 9 घंटे में गिरा 4.8 इंच पानी गिर गया। वहीं, सिंगरौली में 7 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके चलते सिंगरौली के स्कूलों में शनिवार को छुट्‌टी रहेगी। डीईओ ने यह आदेश जारी किए हैं। इसी तरह पचमढ़ी में डेढ़ इंच, उमरिया, मलाजखंड, छिंदवाड़ा और गुना पौन इंच, सागर, ग्वालियर और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, बैतूल, दतिया, रायसेन, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, सिंगरौली, सतना, अनूपपुर, मऊगंज, मुरैना, अशोकनगर, सीहोर, देवास, राजगढ़, शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। बाारिश के चलते जबलपुर में बरगी डैम के 7 गेट खोले गए। बैतूल के सारणी में सतपुड़ा डैम के भी 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। मुरैना जिले में पगारा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 655.88 फीट तक पहुंच गया। इसके सभी 6 ऑटोमैटिक गेट खुल गए। 30 जिलों में तेज बारिश, सिंगरौली में स्कूलों की छुट्टी शुक्रवार को भोपाल, छिंदवाड़ा, सागर, ग्वालियर, जबलपुर, मंडली, सिवनी और शाजापुर समेत 30 जिलों में जोरदार बारिश हुई. सबसे अधिक बीते 24 घंटों में सिंगरौली में 7 इंच और सीधी में 4.5 इंच बारिश दर्ज की गई. तेज बारिश और जलभराव के कारण शनिवार को सिंगरौली जिले में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है. वहीं ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया. राजगढ़ में भी निचली बस्तियों में पानी भर गया. खंडवा, शाजापुर और भोपाल समेत अन्य जिलों में शुक्रवार रात से ही बारिश का दौर जारी है. अगले दो दिनों तक भारी बारिश मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल पर बना अवदाब पिछले 6 घंटों के दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. अगले 48 घंटों के दौरान इसके गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं इससे सटे उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वाेत्तर मध्यप्रदेश की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. जिससे अगले दो दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश के आसार हैं.'' दिव्या ने बताया कि, ''वर्तमान में एक मानसून द्रोणिका जम्मू, चंडीगढ़, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा, कोलकाता, तटीय पश्चिम बंगाल से अवदाब के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है." रायसेन, रीवा, सतना, पन्ना, दमोह और सागर जिले में अत्याधिक बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, मैहर और पांढुर्णा में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही भोपाल, राजगढ़, हरदा, खंडवा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, टीकमगढ़, निवाडी, ग्वालियर और दतिया में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 27 जुलाई को बारिश का ऑरेंज अलर्ट अशोकनगर और शिवपुरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, मैहर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 28 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां साढ़े 4 इंच से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, सागर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा. 29 जुलाई … Read more