samacharsecretary.com

धराली के लिए सड़क मार्ग खुला, लेकिन संकट बरकरार — 11 सैनिकों समेत दर्जनों अब भी लापता

धराली  उत्तराखंड के धराली में तबाही के बाद अब जिंदगी की तलाश जारी है. रेस्क्यू ऑपरेशन में सात टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हैं. सेना के 225 से ज्यादा जवान मौके पर हर मोर्चे पर डटे हैं. हादसे में अबतक 5 लोगों की मौत हुई है जबकि 11 जवान समेत 70 लोग लापता हैं. अभी तक 190 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है. रास्ते बंद हो जाने से हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू ही एक मात्र सहारा था. हेलिकॉप्टर से ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा था. हालांकि भटवारी में बह गया राजमार्ग अब खुल गया है, जिससे अब सड़क मार्ग से धराली जाना संभव हो सकेगा. भटवारी में पहली दरार को ठीक करने में बड़ी सफलता मिली है. राहत-बचाव कार्य का आज दूसरा दिन धराली और हर्षिल में राहत-बचाव कार्य का आज दूसरा दिन है और सड़क मार्ग खुलने से धराली और हर्शिल पहुंचना अब मुमकिन हो जाएगा. बता दें कि भटवारी में राजमार्ग बह गया था. BRO & GREF की टीमें रास्ते को और बेहतर बनाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं. दो जगहों पर पहाड़ काटकर सड़क खोलने की तैयारी हो रही थी, हालांकि सीमित संसाधनों के चलते इस काम में देरी हुई. राहत की बात ये है कि मौसम अभी साफ बना हुआ है. अब उम्मीद जागी है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आएगी. हवाई सेवाओं पर रहा सारा दारोमदार बता दें कि जब तक ये रास्ता नहीं खुलता, तब तक गंगवानी में बह गए पुल को रिस्टोर करने की शुरुआत नहीं हो सकती थी इसलिए सारा दारोमदार हवाई सेवाओं पर ही रहा. छोटे-छोटे हेलीकॉप्टर के ज़रिए राहत बचाव कर्मियों को भेजा जाता रहा. धीरे-धीरे करके बचाए गए लोगों को हवाई मार्ग से नीचे लाया जा गया. राहत बचाव कर्मियों की संख्या धराली और हर्षिल में बढ़ी तो थी लेकिन संसाधन सीमित होने के चलते रेस्क्यू मिशन रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा था. वहीं, कम्युनिकेशन और बिजली अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है. 'देखते ही देखते चंद सेकेंड में ही सैलाब में समा गया पूरा इलाका' धराली में जिस इलाके में सबके ज्यादा तबाही मची है, वहां का हाल देखा जा सकता है, कैसे सैलाब के मलबे में कैसे पूरा घर समा गया है. घर के चारों तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा है. सैलाब की धार इतनी तेज थी कि इस इलाके में कई घर गिर गए या फिर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए. धराली में बादल फटने के बाद का मंजर एकदम खौफनाक था. स्थानीय मंदिर के एक पुजारी के मुताबिक, देखते ही देखते चंद सेकेंड में ही पूरा इलाका सैलाब में समा गया. धराली के लोगों को कहना है कि उन्होंने अपने जीवन काल में अभी तक ऐसी तबाही नहीं देखी है. उनका कहना है कि देखते ही देखते सैकड़ों दुकान और घरों में पानी घुस गया. तबाही को लेकर धराली के एक और निवासी ने बताया कि आसपास अचानक मलबा आ गया. जिस वक्त ये हादसा हुआ करीब दो सौ लोग गांव में मौजूद थे. धराली में बादलफाड़ तबाही के बाद अब युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. हेलिकॉप्टरों के जरिये पहुंचाई जा रही राहत सामग्री जहां चंद घंटों पहले होटलों की इमारतें खड़ी थीं, बाज़ार थे, दुकानें थी, कुदरत ने पलभर में सबकुछ मिटा डाला. अब वहां टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं और इस रेस्क्यू ऑपरेशन में एकमात्र सहारा हेलिकॉप्टर है क्योंकि यहां पहुंचनेवाली सड़कें पूरी तरह से टूट गई हैं. भारतीय सेना की 7 टीमें लगातार मोर्चे पर डटी हैं. 225 से ज़्यादा जवान राहत-बचाव में तैनात हैं. राहत की खबर ये है कि हर्षिल का मिलिट्री हेलीपैड पूरी तरह चालू कर दिया गया है. 3 सिविल हेलिकॉप्टरों के जरिये राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. भटवाड़ी और हर्षिल में हेलिकॉप्टर लैंडिंग से रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आई है. चिनूक, Mi-17 और ALH हेलिकॉप्टर स्टैंडबाय पर है. तीन जगह रेस्क्यू, बारिश और लैंडस्लाइड बनी मुसीबत आपको बता दें कि उत्तराकाशी ज़िले में तीन जगह विनाशकारी सैलाब आया. धराली, हर्षिल और सुखी टॉप. अब इन तीनों जगहों पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. वहां पर लगातार लैंडस्लाइड हो रही है, बारिश हो रही है, इसलिए रेस्क्यू में दिक्कतें आ रही हैं. सैलाब में जो भारतीय सेना के 11 जवान लापता हुए हैं, उनकी तलाश भी अभी पूरी नहीं हो पाई है. कहा ये भी जा रहा है कि केरल के 28 टूरिस्ट् का ग्रुप धराली की घटना के बाद से लापता हैं.  हालांकि हादसे के बाद से ही राहत बचाव का काम युद्ध स्तर पर जारी है. पीड़ितों तक मदद पहुंचाने और जिंदगी की तलाश में रेस्क्यू टीमें जी जान से जुटी हैं.

छत्तीसगढ़ में मौसम का बदला मिजाज: गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, उमस से बेहाल लोग

रायपुर छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग रायपुर के अनुसार, 7 से 9 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे कुछ राहत तो मिली, लेकिन उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 48 घंटों में बिजली गिरने, तेज गर्जना और तेज बौछारों की आशंका बनी हुई है। राजधानी में 7 अगस्त को आसमान सामान्यतः मेघमय रहेगा। दिन में एक-दो बार वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। बिलासपुर में पिछले चार दिनों से गर्मी और उमस ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। 2 अगस्त को तापमान सामान्य से नीचे था, लेकिन इसके बाद गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली। बुधवार को पारा 35.3 डिग्री पहुंच गया, जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक है। लोगों को तेज धूप और चिपचिपी उमस ने सावन की ठंडक तक भुला दी है। मानसून द्रोणिका यह इस समय फिरोजपुर, करनाल, मुरादाबाद, खेड़ी, जलपाईगुड़ी होते हुए अरुणाचल प्रदेश तक फैली हुई है। चक्रीय चक्रवात बांग्लादेश के मध्य भाग में स्थित है, जो 5.8 से 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला है। इस सिस्टम के कारण अगस्त माह में प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग की चेतावनी आने वाले 48 घंटों में बिजली चमकने, तेज गर्जना और आंधी के साथ बारिश की चेतावनी। लोगों से खुले में बिजली गिरने के दौरान रहने से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील।

अभी तो शुरुआत है… CSK के साथ लंबा सफर तय करने के संकेत धोनी ने दिए

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स में अपने भविष्य को लेकर लंबे वक्त तक चुप्पी साधने के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने आखिरकार इशारों में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि वह और सीएसके साथ-साथ हैं। अगले 15-20 सालों तक भी साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि सीएसके और उनका साथ सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर नहीं है। धोनी की बातों से साफ है कि अगर अगले आईपीएल सीजन में वह सीएसके के मेंटॉर या कोच की भूमिका में दिखें तो कोई हैरानी नहीं होगी। 44 साल के महेंद्र सिंह धोनी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'मैं और सीएसके, हम साथ-साथ हैं। आप जानते हैं अगले 15-20 साल भी। यह एक या दो साल के लिए नहीं है। मैं हमेशा पीली जर्सी में बैठा मिलूंगा। मैं भले ही खेलूं या नहीं, लेकिन आप खुद जानते हैं।' अभी पिछले हफ्ते ही चेन्नई में एक अलग कार्यक्रम के दौरान जब धोनी से उनके आईपीएल में भविष्य के बारे में सीधा सवाल हुआ तो उन्होंने उसका जवाब टाल दिया था। हालांकि, इस बार वह खुलकर बोले। आईपीएल 2024 के समय भी ऐसी अटकलें लगी थीं कि धोनी वो सीजन नहीं खेलेंगे लेकिन वह घुटने की समस्या से बहुत जल्दी उबरे। इतना ही नहीं, आईपीएल 2025 में सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ जब कोहनी की चोट की वजह से बाहर हुए तब धोनी ने एक बार फिर कप्तानी संभाली। हालांकि, पिछला सीजन सीएसके के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। आईपीएल की सबसे सफल टीमों में शुमार सीएसके 14 मैच में सिर्फ 4 ही जीत सकी थी और पॉइंट टेबल में सबसे फिसड्डी रही थी। धोनी ने पिछले हफ्ते चेन्नई में एक निजी समारोह के दौरान इस बात का संकेत दिया कि चेन्नई की टीम गायकवाड़ को टीम में बनाए रखेगी। उन्होंने कहा, ‘हम अपने बल्लेबाजी क्रम को लेकर थोड़े चिंतित थे लेकिन मुझे लगता है कि अब हमारा बल्लेबाजी क्रम काफी व्यवस्थित है। रुतु (गायकवाड़) वापसी करेंगे। उन्हें चोट लगी थी। वह वापसी करेंगे तो अब हम काफी व्यवस्थित हो जायेंगे।’ उन्होंने कहा था, ‘मैं यह नहीं कहूंगा कि हमने (आईपीएल 2025 में) ढिलाई बरती। कुछ कमियां थीं जिन्हें हमें दूर करने की जरूरत थी। दिसंबर में एक छोटी नीलामी होने वाली है। हम उन कमियों को दूर करने की कोशिश करेंगे।’  

अमेरिका का रूस पर वार तेज, जब्त संपत्तियों की बिक्री से बढ़ेगा तनाव, 29 अरब में बेचेगा लग्जरी नौका!

मॉस्को  अमेरिका अब रूस के साथ टेंशन बढ़ाने की राह पर चल रहा है. अमेरिका प्रशासन ने रूस की जब्त अरबों की संपत्तियों की नीलामी करने का फैसला शुरू किया है. इसी सिलसिले में अमेरिका रूस के एक जब्त लग्जरी नौका अमेडिया (Amadea) को नीलाम करने जा रहा है. रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद ये अमेरिका किसी रूसी संपत्ति की पहली बार नीलामी कर रहा है. विलासिता की सभी सुविधाओं से लैस इस नौका की कीमत अमेरिका ने 325 मिलियन डॉलर रखी है. रुपये में ये रकम लगभग 29 अरब होती है.   10 सितंबर को समाप्त होने वाली यह नीलामी ऐसे समय में हो रही है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव बढ़ाना चाहते हैं. अमेरिका ने कहा है कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रूसी धनाढ्य वर्ग पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. इनमें कुछ रईस पुतिन के करीबी हैं. अमेरिकी सरकार ने इन रईसों की लग्जरी नौकाएं जब्त कर ली है. ताकि ये अमीर लोग राष्ट्रपति पुतिन को युद्ध रोकने के लिए मजबूर करें. विलासिता का दूसरा नाम अमेडिया तीन साल पहले ज़ब्त की गई और वर्तमान में सैन डिएगो में खड़ी 106 मीटर लंबी नौका को जर्मन कंपनी लुर्सेन ने 2017 में विशेष रूप से निर्मित किया था.  फ़्रांस्वा ज़ुरेट्टी द्वारा डिजाइन की गई इस नौका में संगमरमर लगे हैं. इस लग्जरी जहाज में आठ राजकीय कक्ष, एक ब्यूटी सैलून, एक स्पा, एक जिम, एक हेलीपैड, एक स्विमिंग पूल और एक लिफ्ट है.  इसमें 16 मेहमानों और 36 चालक दल के सदस्यों के रहने की व्यवस्था है.  कौन है अमेडिया का मालिक? अमेडिया  का असली मालिक कौन है, ये निर्धारित करना काफी विवादास्पद रहा है. क्योंकि कई ट्रस्ट और शेल कंपनियों के नाम इस लग्जरी नौका से जुड़े हैं. यह नौका केमैन द्वीप समूह में पंजीकृत है और इसका स्वामित्व केमैन द्वीप समूह में ही स्थित मिलमारिन इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के पास है.  अमेरिका का दावा है कि अर्थशास्त्री और पूर्व रूसी राजनेता सुलेमान केरीमोव, जिस पर 2018 में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया था इस नौका के मालिक हैं. वहीं सरकारी नियंत्रण वाली रूसी तेल और गैस कंपनी रोसनेफ्ट के पूर्व अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एडुआर्ड खुदैनातोव इस नौका के मालिक होने का दावा कर रहे हैं. एडुआर्ड खुदैनातोव अभी अमेरिकी प्रतिबंधों से मुक्त हैं.  अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि खुदैनातोव नौका के नकली मालिक हैं, इसका उद्देश्य नौका के असली मालिक केरीमोव को बचाना और छुपाना है. नौका के असली स्वामित्व को लेकर मुकदमा चल रहा है. खुदैनातोव के एक प्रतिनिधि ने बुधवार को ईमेल के ज़रिए दिए गए एक बयान में कहा कि नौका की बिक्री की योजना "अनुचित और समय से पहले" है क्योंकि खुदैनातोव इस ज़ब्ती के एक फैसले के ख़िलाफ़ अपील कर रहे हैं. प्रतिनिधि एडम फोर्ड ने कहा, "हमें संदेह है कि यह उचित बाजार मूल्य पर किसी भी तर्कसंगत खरीदार को आकर्षित करेगा, क्योंकि स्वामित्व को संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर की अदालतों में चुनौती दी जा सकती है और दी जाएगी, जिससे खरीदारों को कई वर्षों तक महंगी, अनिश्चित मुकदमेबाजी का सामना करना पड़ेगा." 2022 में अमेरिका ने किया था जब्त 2022 में नेशनल मेरीटाइम सर्विस के अधिकारियों ने इस नौका को अपने कब्जे में लिया था. इसके बाद से इसका उपयोग नहीं किया गया है. अब अमेरिका इसकी नीलामी कर रहा है. बोली लगाने वालों को सीलबंद लिफाफे में इस नौका की कीमत भेजनी होगी. इसके अलावा उन्हें पेशगी के तौर पर 11.6 मिलियन डॉलर भी जमा करने होंगे.  मई 2024 में अमेरिका ने यूक्रेन की मदद के लिए एक पैकेज दिया था. इसे यूएस में कानून का दर्जा दिया गया है. इसके आधार पर अमेरिकी क्षेत्र में मौजूद किसी भी रूसी संपत्ति को जब्त किया जा सकेगा और इसे बेचकर इसका इस्तेमाल यूक्रेन के फायदे के लिए किया जा सकेगा. 

कुबेरेश्वर धाम हादसे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायकों ने मांगा जवाब, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सीहोर मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ में हुई श्रद्धालुओं की मौत पर मानव अधिकारी आयोग के बाद बीजेपी और कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी सरकार में पूर्व मंत्री रही कुसुम महदेले ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा पर हमला बोला है। उन्होंने मामले को लेकर सोशल मीडिया एक्स (X) पर पोस्ट किया है।  सीहोर में तीन दिनों में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम आए 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मंगलवार को कथित तौर पर भगदड़ के कारण दो महिलाओं की जान चली गई, बुधवार को तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई और आज गुरुवार सुबह एक युवक का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूत्रों के मुताबिक, मृतक की पहचान उपेंद्र गुप्ता (22 वर्ष) के रूप में हुई है। मृतक गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) का बताया जा रहा है। इस घटना के बाद सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों के विधायक सवाल उठा रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं। एक ओर जहां सरकार ने इस घटनाक्रम पर न्यायिक जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा पर कड़ी टिप्पणी की है। इसके साथ ही मानवाधिकार आयोग ने इसको लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है। जानें कुबेरेश्वर धाम का क्या है पूरा मामला…     बुधवार (6 अगस्त) को पंडित प्रदीप मिश्रा के जरिए सीहोर की सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा निकाली गई। इसमें दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने का दावा किया गया।     मंगलवार को कथित तौर पर भगदड़ के कारण दो महिलाओं की जान चली गई, बुधवार को अलग-अलग कारणों से अलग-अलग जगहों पर तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई और आज गुरुवार सुबह एक युवक का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया। खबर है कि श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत हुई है। पूर्व मंत्री कुसुम महदेले की प्रतिक्रिया पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा को रुद्राक्ष वितरण बंद करने की सलाह दी है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि इस तरह के आयोजनों से सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर खतरे उत्पन्न होते हैं और इनसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। महदेले ने मांग की है कि सरकार को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए और धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के उपाय बढ़ाने चाहिए। कुबेरेश्वर धाम की घटना पर उठ रहे सवाल भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेताओं ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायक कंचन तनवे ने पंडित प्रदीप मिश्रा से रुद्राक्ष वितरण बंद करने की अपील की। कांग्रेस विधायक राजेन्द्र कुमार सिंह ने भी महदेले के विचार का समर्थन किया और कहा कि धर्म में आडंबर की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्मगुरुओं का उद्देश्य लोगों को अच्छा इंसान बनाना होना चाहिए, न कि इस तरह के हंगामों को बढ़ावा देना। पंडित प्रदीप मिश्रा पर हो कार्रवाई पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने ट्वीट कर पंडित प्रदीप मिश्रा को रुद्राक्ष वितरण बंद करने की नसीहत दी है। उन्होंने लिखा- कुबरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण बंद होना चाहिए। सरकार को पंडित प्रदीप मिश्रा पर कार्रवाई करना चाहिए। लोगों को धर्म के प्रति उन्मादी ना बनाएं। उन्होंने सवाल उठाया है कि तुम्हारे रुद्राक्ष बांटने से पुण्य मिल रहा है या हत्याएं हो रही है? कांग्रेस ने स्थानीय प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार सीहोर में कुबरेश्वर धाम पर हुई अव्यवस्था और मौतों पर कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने भी बड़ा बयान दिया है। कहा- बड़ा आयोजन होता है सरकार जिम्मेदारी की रहती है। कुबेरेश्वर धाम को लेकर व्यवस्था सरकार को करना चाहिए थी। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए प्लान तैयार होना था। हादसे का जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन है। सरकार को इस घटना पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और हादसे ना हो इसको लेकर कदम भी उठाना चाहिए। मंगलवार को भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की हुई मौत मंगलवार को कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण के दौरान मची भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हुई थी। उनकी पहचान बुधवार को हुई है। मृतकों के नाम..     जसवंती बेन (उम्र 56 वर्ष) पति चंदू भा, निवासी, ओम नगर राजकोट गुजरात     संगीता गुप्ता (उम्र 48 वर्ष) पति मनोज गुप्ता, निवासी फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश बुधवार को इन श्रद्धालुओं की हुई मौत     चतुर सिंह (उम्र 50 वर्ष) पिता भूरा पांचवल, निवासी गुजरात – बताया जा रहा है कि चतुर सिंह की दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल के पीछे स्थित आनंद होटल के पास अचानक तबीयत बिगड़ गई। वे खड़े-खड़े गिर गए। जिससे उनकी मौत हो गई।     ईश्वर सिंह (उम्र 65 वर्ष) पिता मवासीराम यादव, निवासी, रोहतक हरियाणा – बताया जा रहा है कि ईश्वर सिंह की शाम करीब 4 बजे कुबेरेश्वर धाम में तबीयत बिगड़ गई। वे अचानक चक्कर आने से गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई।     दिलीप सिंह (उम्र 57 वर्ष) निवासी रायपुर छत्तीसगढ़ – दिलीप सिंह को बुधवार शाम करीब सवा 7 बजे कुबरेश्वर धाम से जिला अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। गुरुवार को एक श्रद्धालु की गई जान गुरुवार सुबह एक डेड बॉडी जिला अस्पताल लाई गई। सूत्रों के मुताबिक, मृतक का नाम उपेंद्र गुप्ता (22) पिता प्रेम गुप्ता वर्ष निवासी बड़ा टोला, जिला गोरखपुर, उत्तर प्रदेश है। उपेंद्र को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हार्ट अटैक के कारण मौत होना बताया गया। ये श्रद्धालु हुए घायल     सुनीता, निवासी हरियाणा – सुनीता नाम की एक महिला कावड़ ले जाते समय भोपाल-इंदौर हाईवे पर गिरने से घायल हो गई।     पूजा सैनी, निवासी मथुरा – कुबेरेश्वर धाम में मथुरा से आई पूजा सैनी नाम की महिला भी गिरने से जख्मी हो गई।     मनीषा, निवासी नागपुर – नागपुर की मनीषा भी अचानक धाम में पास बेहोश हो गई। इन्हें अस्पताल लाया गया है। कुबेरेश्वर धाम की घटना को शॉर्ट में समझें     पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में 11 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। वहीं कुबेरेश्वर धाम आए 6 श्रद्धालुओं की अलग-अलग कारणों से अलग-अलग जगहों पर मौत हो गई।     कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप … Read more

क्रिस वोक्स की दिलचस्प बात- एक हाथ से खेलना जोखिम भरा, शुक्र है सब ठीक रहा

नई दिल्ली  जिस तरह की बहादुरी ऋषभ पंत ने चौथे टेस्ट मैच में दिखाई, उसी तरह की दिलेरी क्रिस वोक्स ने पांचवें टेस्ट में दिखाई। पंत टूटी हुई उंगली के साथ बल्लेबाजी करने उतरे, जबकि वोक्स कंधे की गंभीर चोट के साथ बल्लेबाजी करने उतरे। हालांकि, उनकी टीम को जीत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने अपनी जान को जोखिम में जरूर डाल दिया। उनको इस खतरे का भी अंदाजा था कि भारतीय पेसर उनके खिलाफ बाउंसर गेंदबाजी कर सकते हैं और वे और भी ज्यादा चोटिल हो सकते हैं, लेकिन फिर वे भी बल्लेबाजी के लिए आए। अब उन्होंने कहा है कि भगवान का शुक्र है, मुझे 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार वाली बाउंसर का सामना एक हाथ से नहीं करना पड़ा। क्रिस वोक्स उस समय बल्लेबाजी करने उतरे जब इंग्लैंड की टीम को 17 रनों की दरकार थी। उनका एक हाथ पूरी तरह से स्वेटर के अंदर था और वह सपोर्ट के जरिए बंधा हुआ था। उसका इस्तेमाल वे किसी भी तरह से नहीं कर सकते थे। हालांकि, उनकी बल्लेबाजी एक गेंद के लिए भी नहीं आए। इससे वह खुश भी हैं, क्योंकि उनको शरीर के किसी अन्य हिस्से पर भी चोट लग सकती थी या फिर वही चोट और भी गहरी हो सकती थी। वोक्स को लंदन के ओवल में फैंस से स्टैंडिंग ओवेशन मिला और भारतीय खिलाड़ियों ने भी उनकी तारीफ की। तेज दर्द और उससे भी अधिक दबाव के बावजूद वोक्स भारत के तेज गेंदबाजों के आक्रमण का सामना करने के लिए तैयार थे। अब उस रोमांचक मैच के कुछ दिन द गार्जियन से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने सिर्फ कोडीन (पेनकिलर) ली थी और बहुत दर्द हो रहा था। हाथ में पट्टी बंधे होने के बावजूद, मैं स्वाभाविक रूप से दौड़ने की कोशिश कर रहा था। मुझे सचमुच चिंता हुई कि मेरा कंधा फिर से बाहर निकल आया है। इसलिए मैंने अपना हेलमेट उतार दिया, दांतों से दस्ताने फाड़ दिए और जांच की कि सब ठीक है या नहीं। मैंने एक भी गेंद का सामना नहीं किया, लेकिन वहां होना ही मायने रखता था। अंत में यह कड़वा-मीठा अनुभव था।" वोक्स ने बताया, "मेरे मन में एक हिस्सा सोच रहा था कि यह कैसा होगा…यह देखने के लिए कि क्या मैं गेंद का बचाव कर सकता था, शायद एक ओवर बचा सकता था, एक रन ले सकता था या चौका लगा सकता था, लेकिन इसका दूसरा पहलू यह था: 'भगवान का शुक्र है कि मैंने 90 मील प्रति घंटे की रफ़्तार वाली बाउंसर का सामना नहीं किया, एक हाथ से, उल्टी दिशा में मुंह करके।'" वोक्स ने गस एटकिंसन के साथ 10 बहुमूल्य रन जोड़े, लेकिन मोहम्मद सिराज ने एक जबरदस्त यॉर्कर से एटकिंसन को आउट करके इंग्लैंड की उम्मीदें तोड़ दीं। इस मैच में इंग्लैंड को 6 रन से हार मिली और इस तरह सीरीज 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुई।  

₹31,500 करोड़ की डील रद्द कर भारत ने दिखाया सख्त रुख, बौखलाए ट्रंप ने दी तीखी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के खिलाफ हाथ धोकर पड़ गए हैं. उन्होंने रूस से तेल आयात करने के कारण भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की है. लेकिन, पूरी दुनिया को पता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का ये दोहरा रवैया है. अमेरिका और यूरोपीय देश खुद रूस से भारी मात्रा में तेल, गैस और फर्टिलाइजर खरीदते हैं. अमेरिका के इसी रवैये को भारत बार-बार दोहराता रहा है. यूरोपीय संस्था सीआरईए (सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर) ने भी एक खास रिपोर्ट में डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे की पोल खोल दी है. खैर, अब भारत भी मन बना चुका है कि वह डोनाल्ड ट्रंप के इस दोगलापन के आगे नहीं झुकेगा. लंबे समय तक डोनाल्ड ट्रंप के बकवास पर चुप रहने के बाद भारत ने पिछले दिनों एक बयान जारी कर अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है. इसके साथ ही भारत ने एक्शन लेना भी शुरू कर दिया है. भारत ने लिया बड़ा एक्शन एक बड़ी डील रद्द कर दी है. दरअसल, भारत ने अपनी नौसेना के लिए अमेरिका की बोइंग कंपनी से छह पी-8I पोसेडन विमान खरीदने का सौदा किया था. ये विमान समंदर में निगरानी के लिए हैं. भारत के विशाल समुद्री क्षेत्र को देखते हुए नौसेना को ऐसे कई विमानों की जरूरत हैं. ये बेहद आधुनिक और उन्नत विमान हैं और अरब सागर से लेकर हिंद महासागर तक में चीन के बढ़ते प्रभाव पर नजर रखने के लिए इनकी बहुत जरूरत है. डिफेंस वेबसाइट आईडीआरडब्ल्यू की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने तीन अगस्त को सौदे को फिलहाल के लिए रोकने का फैसला कर लिया. नौसेना के पास 12 विमान भारतीय नौसेना के पास पहले से ही ऐसे 12 विमान है. भारत ने बोइंग से 2009 में ये विमान खरीदे थे. तब अमेरिका से इन विमानों को खरीदने वाला भारत पहला अंतरराष्ट्रीय खरीददार बना था. 2008 में पहले आठ विमानों का सौदा हुआ. उस वक्त इसकी लागत करीब 2.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 19 हजार करोड़ रुपये आई थी. फिर 2016 में भारत ने ऐसे चार और विमान खरीदे. उस पर करीब 8500 करोड़ रुपये खर्च हुए. नौसेना के लिए बेहद अहम हैं ये विमान इसके बाद मई 2021 में अमेरिका ने भारत को ऐसे छह विमान बेचने को मंजूरी दे दी. इस सौदे पर करीब 2.42 अरब डॉलर (करीब 21 हजार करोड़ रुपये) की लागत आने वाली थी. यह सौदा ईस्टर्न नेवल कमांड के लिए था. लेकिन, बाद के दिनों लागत बढ़ने के कारण यह डील अटक गई. जुलाई 2025 तक इस सौदे की लागत बढ़कर 3.6 बिलियन डॉलर यानी करीब 31,500 करोड़ रुपये हो गई. बावजूद इसके भारत सरकार इस साल फिर से इस डील को फाइनल करने करने वाली थी. क्योंकि भारतीय नौसेना ने इस विमान को बेहतरीन बताया था. ये पी-8I पोसेडन विमान की क्षमता बेहद एडवांस है. इसमें एंटी शिप मिसाइल NASM-MR लगे है. इसकी रेंज 350 किमी है. यह हिंद महासागर में चीन के नौसैनिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखने में बेहद कारगर है. लेकिन, अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ वार के कारण भारत ने इस सौदे पर रोक लगा दी है. अगर इस डील को पूरी तरह रद्द की जाती है तो यह अमेरिकी कंपनी बोइंग के लिए बड़ा झटका साबित होगी. बोइंग ने भारत में करीब पांच हजार लोगों को रोजगार दिया है. वह भारत की अर्थव्यवस्था में 1.7 बिलियन डॉलर यानी करीब 15 हजार करोड़ रुपये का कारोबार करती है. इस डील को रोके जाने से भारतीय नौसेना की ताकत पर असर पड़ सकता है. इन विमानों का भारत के समुद्री क्षेत्र में सैकड़ों नौसैनिक जहाजों और 20 हजार मर्चेंट जहाजों पर निगरानी में किया जाता है. हालांकि भारत खुद अपना निगरानी विमान बना रहा है. पी-8I पोसेडन को खरीदने में भारी लागत को देखते हुए माना जा रहा है कि भारत अपने स्वदेसी विमान को प्राथमिकता दे सकता है. डीआरडीओ और एचएएल ऐसे विमान विकसित कर रहे हैं.

एनकाउंटर में खत्म हुआ आतंक: माफिया छोटू सिंह के पास से एके-47 और पिस्टल बरामद

प्रयागराज प्रयागराज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।शातिर अपराधी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड , धनबाद, झारखंड को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। अपराधी के कब्जे से पुलिस को एके 47 समेत भारी मात्रा में कारतूस और खोखे बरामद हुए हैं। घेराबंदी के दौरान अपराधी ने पुलिस पर एके 47 से हमला कर दिया। इसमें एसटीएफ टीम बाल-बाल बच गई। जवाबी कार्रवाई में शातिर बदमाश को मार गिराया गया। एसटीएफ यूनिट प्रयागराज के तीन कर्मचारी व अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन व रोहित सिंह एके 47 के हमले में बाल-बाल बच गए। जवाबी फायरिंग में एसटीएफ ने बदमाश को गोली मार दी। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारा गया बदमाश कई मामलों में वांछित था और उसके ऊपर पुलिस ने चार लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। उसके कब्जे से पुलिस ने एके-47, नाइन एमएम पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस का खोखा के साथ ही एक बाइक बरामद किया है। झारखंड का रहने वाला है बदमाश शंकरगढ़ क्षेत्र में गुरुवार को एसटीएफ प्रयागराज यूनिट और एक कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ में 4 लाख रुपये का इनामी बदमाश आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह निवासी जे सी मल्लिक रोड , धनबाद, झारखंड मारा गया। बिहार और झारखंड से जुड़ा यह अपराधी कई संगीन मामलों में वांछित था। वह अंतरराज्यीय गैंग से जुड़ा था और पुलिस को लंबे समय से इसकी तलाश थी। एसटीएफ प्रयागराज को इनपुट मिला था कि यह वांछित अपराधी शंकरगढ़ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम में शामिल अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन और रोहित सिंह ने जब उसे पकड़ने की कोशिश की, तो अपराधी ने एके-47 राइफल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले में एसटीएफ के सभी सदस्य बाल-बाल बच गए।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। कुछ ही देर चली मुठभेड़ में अपराधी को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे तत्कालत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शंकरगढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। माफिया छोटे सिंह के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले कुख्यात माफिया आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह के खिलाफ कई चर्चित हत्याकांड में केस दर्ज हैं। छोटू सिंह मूल रूप से धनबाद का रहने वाला है और धनबाद जेल में बंद होने के बाद भी वह अपना बाहुबल बरकरार रखने में कामयाब रहा। पुलिस के मुताबिक आशीष यूपी और बिहार में सक्रिय था। अमन सिंह की हत्या की भी ली थी जिम्मेदारी 12 मई 2021 को धनबाद के वासेपुर में जमीन कारोबारी सरफुल हसन की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी आशीष रंजन आरोपी है और फरार था। आशीष रंजन पर झरिया के टायर व्यवसायी रंजीत सिंह की हत्या का भी आरोप है. उस पर रंगदारी मांगने और अमन सिंह की हत्या का आरोप है। अमन सिंह की हत्या के बाद उसने एक ऑडियो जारी कर इसकी जिम्मेदारी ली थी। जेल में बंद अमन हत्याकांड के तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया था कि आशीष रंजन के कहने पर उन्होंने हत्या की थी। यूपी और बिहार में था सक्रिय आशीष रंजन के खिलाफ धनबाद जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में रंगदारी, बमबाजी, हत्या समेत जानलेवा हमले के मामले दर्ज हैं। गैंगस्टर अमन सिंह की तीन दिसंबर 2023 को धनबाद जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह ने सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल कर अमन की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। बाइक चोरी के आरोप में जेल में बंद सुंदर उर्फ रितेश यादव ने तीन दिसंबर 2023 को अमन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसकी हत्या का मास्टरमाइंड आशीष रंजन था। आशीष रंजन के इशारे पर ही अमन सिंह की हत्या की गई थी। वहीं सरायढेला के जमीन कारोबारी समीर मंडल की हत्या हुई थी। जिसमें आशीष पहली बार जेल गया था। 12 मई 2021 को सरफुल हसन उर्फ लाला की हत्या में भी उसका नाम आया था।  

घर से भगाई गई नाबालिग हिंदू लड़की बरामद, सैनुल पर जबरन धर्म परिवर्तन और विवाह की साजिश का आरोप

देवरिया उत्तर प्रदेश के देवरिया में हिन्दू नाबालिग लड़की को उसके घर से भगाने के मामले में पुलिस ने सैनुल को गिरफ्तार करते हुए लड़की को बरामद कर लिया है. आपको बता दें कि थाना गौरीबाजार क्षेत्र का रहने वाला अन्य समुदाय का युवक सैनुल अपने ही गांव की हाईस्कूल की छात्रा को 27 जुलाई को भगा ले गया था. इसमें पुलिस केस दर्ज कर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उसकी तलाश कर रही थी. बताया जा रहा है कि इसकी आखिरी लोकेशन झांसी में मिली थी. आरोपी गुजरात में प्राइवेट काम कर चुका है आशंका जताई जा रही है कि लड़की को यह गुजरात भी ले गया होगा. लड़की के घर वाले धर्म परिवर्तन व शादी की आशंका जता रहे थे. फिलहाल गौरीबाजार पुलिस की मानें तो गौरीबाजार के देवगांव के पास मंदिर से इसकी गिरफ्तारी कर लड़की की बरामदगी की गई है. सी ओ रुद्रपुर हरिराम यादव ने बताया कि थाना गौरीबाजार देवरिया में दिनांक 28.07.2025 को महिला अपराध से संबंधित मु0अ0सं0 342/2025 पंजीकृत किया गया था, जिसमें अपहृता की बरामदगी के लिये टीम का गठन किया गया था, जिसमें अपहृता की सकुशल बरामदगी कर ली गयी है . साथ ही अभियुक्त को नियमानुसार गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है. आपको बता दें कि गौरीबाजार थाना क्षेत्र में एक हफ्ते में दो अलग अलग क्षेत्रो में अन्य समुदाय के युवकों द्वारा हिन्दू लड़कियों को भगाया गया. पहला मामला 24 जुलाई को हुआ जो CCTV में कैद हुआ था. समीर अंसारी, हिन्दू नाबालिग लड़की को बुर्का पहना कर ले जाता दिखाई पड़ा था. इसे पुलिस ने गौरीबाजार से ही 4 दिन पूर्व गिरफ्तार कर लिया था लेकिन सूत्रों की मानें तो इसकी लोकेशन नेपाल के बुटवल में मिली थी. इन दोनों मामलों को लव जिहाद से जोड़ते हुए देवरिया सदर भाजपा विधायक शलभ मणि ने DGP को चिट्ठी लिखी थी जिसके बाद पुलिस की जांच पड़ताल तेज हुई और अब दोनों समीर और सैनुल सलाखों के पीछे है.

हाइवे पर अवैध कट पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, NHAI ने शुरू किया सुधार अभियान

भोपाल  भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (NHAI) पर रोजाना भीषण हादसे हो रहे हैं। भारत सरकार भी समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रहा है। लेकिन, हाईवे के किनारे बने ढाबा और पेट्रोल पंप हादसों को न्योता दे रहे हैं।जिसके चलते ना सिर्फ हाईवे के बीच में वाहन खड़े हो रहे हैं बल्कि दुर्घटना भी तेजी से बढ़ी है। एनएच 30 के स्लीमनाबाद से जबलपुर होते हुए धूमा (सिवनी) तक अवैध तरीके से 60 से अधिक स्टापेज बनाए गए हैं। जिसके लिए ढाबा और पेट्रोल पंप संचालकों ने दोनों सड़कों के बीच में मिट्टी से भरकर बराबर कर दिया है। ऐसे में अब राइट से लेफ्ट और लेफ्ट से राइट जाने वाले वाहन कहीं से भी टर्न हो जाते हैं, नतीजन बड़ी दुर्घटना हो जाती है। सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के चेयरमैन बीते एक माह से मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। उन्होंने देखा कि इंदौर, भोपाल, नरसिंहपुर में हाइवे पर अवैध डिवाइडर कट बनाए गए हैं। फायदे के लिए हाईवे पर कर लिया कब्जा कटनी जिले के स्लीमनाबाद से लेकर जबलपुर होते हुए नागपुर रोड में धूमा के बीच में एनएचएआई ने जांच की। इस दौरान 60 से अधिक स्थानों में हाईवे के बीच में अवैध रास्ता और स्टापेज बने मिले। एनएचएआई की तरफ से नोटिस भी दिए गए, लेकिन स्थिति जस की तस है। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी कमेटी ने इस और ध्यान देते हुए राज्य सरकार और एनएचएआई को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बीते एक सप्ताह के दौरान 50 से अधिक ऐसे स्थानों को जेसीबी मशीन की मदद से ध्वस्त किया गया है। शिवहरे ढाबे की सबसे खराब स्थिति जबलपुर-धूमा के पास में शिवहरे ढाबा और पेट्रोल पंप है। दोनों के मालिक एक ही है। इन्होंने अपने फायदे और अधिक से अधिक ग्राहकों को रोकने के लिए हाईवे के बीच में मिट्टी डालकर प्लेन कर दिया। ऐसे में नागपुर से जबलपुर और जबलपुर से नागपुर जाने वाली अधिकतर गाड़ी इसी ढाबे या फिर पेट्रोल पंप पर रुकती है। एनएचएआई ने कई बार नोटिस जारी किया है। पुलिस से शिकायत भी की, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। बुधवार को एनएचएआई के अधिकारियों ने हाइवे के बीच में बिछाई गई मिट्टी को जेसीबी से अलग किया है। हिदायत दी है कि अगर फिर से ऐसा कृत्य किया जाता है, तो कानूनी कार्रवाई करते हुए FIR कराई जाएगी। एनएचएआई का शुरू हुआ अभियान सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के चेयरमैन जस्टिस अभय मनोहर सप्रे सड़कों पर हो रहे हादसे को जानने के लिए लगातार अलग-अलग रोड में घूम-घूमकर देख रहे हैं। हाल ही में जस्टिस अभय मनोहर जब इंदौर, भोपाल और नरसिंहपुर दौरे पर थे, तब उन्होंने देखा कि हाईवे के बीच में अवैध तरीके से रोड को कट करते हुए डिवाइडर बनाए गए हैं, जिसके चलते वाहन चालक कहीं से भी गाड़ी को टर्न कर देता है। जिसके चलते गंभीर सड़क हादसे होते है। चेयरमैन जस्टिस अभय मनोहर के सख्त निर्देश के बाद राज्य सरकार और एनएचएआई ने अवैध डिवाइडर कट बनाने वालों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। जबलपुर में बीते एक सप्ताह के दौरान 50 से अधिक वह स्थान जहां पर कि डिवाइडर बनाए गए थे, उन्हें बंद किए गए हैं। लोकल लोग बनाते हैं दबाव एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने दैनिक भास्कर से कहा कि कई दिनों से हिदायत दी जा रही है कि पेट्रोल पंप और ढाबे के सामने अवैध तरीके से बनाए गए डिवाइडर कट को बंद कर दिया जाए, क्योंकि इससे दुर्घटनाएं हो रही है, लेकिन लोकल के लोगों के कारण हमारी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। धीरे-धीरे ये लोग अपनी सुविधा अनुसार हाईवे पर डिवाइडर कट बनाते चले गए। जब हाईवे बनाया जा रहा था, तब यह प्लान किया था कि बीच में जो जगह छोड़ी गई है, उसमे पौधे लगेंगे। लेकिन, रोड किनारे के ढाबे और पेट्रोल पंप संचालकों ने अनअथोराइज एक्सेस बना रखे हैं। कई बार इन्हें समझाया भी, पर नहीं माने। एक सप्ताह में पूरे अवैध डिवाइडर खत्म किए जाएंगे एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर जितने भी अवैध डिवाइडर कट बने हैं, उन्हें खत्म किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में अब दोबारा कोई इस तरह का काम ना करता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर भी थाने में दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि एनएचआई की एक टीम अब लगातार ऐसे लोगों पर निगरानी भी रखेगी, जो कि हाईवे में अवैध काम करते है। एनएचएआई के मुताबिक हाईवे में अभी तक स्लीमनाबाद से धूमा के बीच 40 लोगों की जान गई हैं, जिसमें 6 लोगों ने अवैध डिवाइडर के चलते जान गंवाई है। 8 अगस्त को चेयरमैन लेंगे बैठक सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के चेयरमैन इन दिनों मध्यप्रदेश के दौरे में है। अभी तक उन्होंने भोपाल,इंदौर सहित कई अन्य जिलों में जाकर हाईवे और सड़क की स्थिति देखी। 8 अगस्त को चेयरमैन जस्टिस अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार मे होगी। जिसमें कलेक्टर,एसपी सहित ट्रैफिक पुलिस, एनएचएआई, स्टेट हाईवे के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी की बैठक में भी अवैध डिवाइडर कट की समीक्षा की जाएगी। हाईवे पर अचानक नहीं लगा सकते ब्रेक…मानें जाएंगे दोषी, क्या बोली सुप्रीम कोर्ट रोड सेफ्टी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाया है. इस फैसले में कोर्ट ने ये स्पष्ट किया कि हाईवे पर बिना चेतावनी अचानक वाहन रोकना लापरवाही माना जाएगा. कोर्ट ने ये टिप्पणी एक ऐसे मामले की सुनवाई के दौरान की जिसमें एक गंभीर सड़क हादसे में एक युवक का पैर काटना पड़ा. ये मामला साल 2017 में तमिलनाडु के कोयंबटूर से जुड़ा हुआ है. हाईवे पर अचानक ब्रेक बन सकता है बड़ा खतरा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नेशनल हाईवे तेज स्पीड से सफर के लिए बनाए जाते हैं. ऐसे में अगर कोई ड्राइवर अचानक गाड़ी रोकता है और पीछे आने वाले वाहनों को संकेत नहीं देता है, तो ये न सिर्फ उसकी बल्कि दूसरों की जान को भी खतरे में डाल सकता है. कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के कई हाईवे पर शोल्डर या स्पीड … Read more