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डॉ. यादव 8 अगस्त को देंगे राहत की सौगात, बाढ़ प्रभावितों को मिलेगा आर्थिक सहारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि और बाढ़ से हुई विभिन्न क्षतियों जैसे जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति एवं अन्य क्षति के लिये प्रभावितों को 8 अगस्त को सिंगल क्लिक के माध्यम से राहत राशि वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राहत राशि वितरित करेंगे और हितग्राहियों से चर्चा भी करेंगे। प्रमुख सचिव राजस्व श्री विवेक पौरवाल ने बताया कि प्रदेश के जिलों में मानसून काल वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा एवं अतिवृष्टि, बाढ़ से हुई क्षति के प्रभावितों को राहत राशि वितरित की जा रही है।  

विश्व आदिवासी दिवस के चलते हेरिटेज ट्रेन की बुकिंग रद्द, रेलवे ने लिया निर्णय

इंदौर   प्रदेश के एकमात्र पातालपानी से कालाकुंड हेरिटेज ट्रैक पर हर शनिवार को चलने वाली हेरिटेज ट्रेन इस बार 9 अगस्त को नहीं चलेगी। रेलवे ने बुधवार को आदेश जारी कर हेरिटेज ट्रेन के संचालन को निरस्त कर दिया है। यह निर्णय विश्व आदिवासी दिवस पर पातालपानी स्थित शहीद टंट्या मामा भील के मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए लिया गया है। शहीद टंट्या मामा की कर्मस्थली है पातालपानी पातालपानी टंट्या मामा की कर्मस्थली रही है, जहां हर साल जनजातीय समाज बड़ी संया में दर्शन के लिए पहुंचता है। आमतौर पर हेरिटेज ट्रेन शनिवार और रविवार को चलती है और पातालपानी स्टेशन पर रुकती है, जिससे सैलानी झरने और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते हैं, लेकिन दर्शनार्थियों को असुविधा न हो, इसके लिए ट्रेन स्थगित की है।  पहले भी हो चुका है संचालन निरस्त यह कोई पहला मौका नहीं है, जब वर्षा सीजन के दौरान हेरिटेज ट्रेन का संचालन रोका गया हो। साल 2020 में भी 9 अगस्त को प्रशासन ने ट्रेन का संचालन निरस्त किया था। इस सीजन के लिए रेलवे पोर्टल पर हेरिटेज ट्रेन के लिए टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग चालू है। अगस्त और सितंबर माह के सभी शनिवार-रविवार के लिए ट्रेन की बुकिंग पहले ही हाउसफुल है। पातालपानी स्टेशन का नाम टंट्या मामा के नाम पर गौरतलब है कि पातालपानी रेलवे स्टेशन का नाम शहीद टंट्या मामा के नाम पर किया जा चुका है। राज्य सरकार के अनुमोदन के बाद केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी की थी। नवंबर 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका ऐलान किया था। टिकट निरस्त, आगामी ट्रेनों में होगा एडजस्टमेंट 9 अगस्त के लिए बुक की गई सभी टिकटें निरस्त कर दी गई हैं। रेलवे के अनुसार, यात्रियों के टिकट आगामी सफर की रिक्त सीटों में एडजस्ट किए जाएंगे। हालांकि समूह में सफर की योजना बनाने वाले पर्यटकों को अलग-अलग टिकट मिलने की स्थिति में असुविधा हो सकती है। एएसपी ने लिखा पत्र, रद्द करने की सिफारिश इंदौर ग्रामीण एएसपी रुपेश ‌द्विवेदी ने रेलवे को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि विश्व आदिवासी दिवस पर बड़ी संया में श्रद्धालु टंट्या मामा मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में हेरिटेज ट्रेन के रुकने से सुरक्षा और व्यवस्थाओं में बाधा आ सकती है। पत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रेन रद्द करने का आग्रह किया गया था, जिस पर रेलवे ने सहमति जताते हुए ट्रेन संचालन निरस्त कर दिया।

जमजम बेकरी पर प्रशासन की कार्रवाई, लाइसेंस रद्द होने के बावजूद जारी था उत्पादन

खरगोन  लाइसेंस सस्पेंड किए जाने के बावजूद बेकरी संचालित करना भारी पड़ गया। टीम ने भारी मात्रा में टोस्ट जब्त कर बेकरी पर ताला जड़ दिया है। मध्य प्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय स्थित जमजम बेकरी को विभिन्न अनियमिताओं के चलते सील कर नौ क्विंटल टोस्ट जब्त किए गए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई खरगोन के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एच एल अवास्या ने बताया कि जिला कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने करीम नगर स्थित जमजम बेकरी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने खाद्य पदार्थ पाम तेल, मैदा और टोस्ट का नमूना संग्रहित कर जांच हेतु भोपाल स्थित प्रयोगशाला में भेजा है। नौ क्विंटल टोस्ट जब्त बेकरी में खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006, नियम 2011 के प्रावधानों के तहत पैकेजिंग एवं लेबलिंग में अनियमितता पाए जाने एवं खाद्य लाइसेंस निरस्त होने पर भी संचालन किये जाने पर 9 क्विंटल टोस्ट जब्त कर परिसर को सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में बेकरी का निरीक्षण किए जाने पर विभिन्न अन-हाइजीनिक कंडीशंस और अनियमितता पाई गई थी। बेकरी संचालक को सेक्शन 32 के तहत नोटिस दिया गया था, लेकिन उसके निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने पर उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया था। लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद बेकरी को संचालित किए जाने पर टीम द्वारा छापा मार कार्यवाही की गई। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 नियम 2011 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

दफ्तरों में टिके पुलिसकर्मियों की होगी छंटनी, थानों में भेजने के आदेश जारी

भोपाल  पुलिस मुख्यालय द्वारा व्यवस्था के बदलाव की दिशा में लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे है। अब अधिकारियों के कार्यलयों में बरसों से अटैच पुलिसकर्मियों को मूल पदस्थापना में भेजने के डीजीपी कैलाश मकवाना द्वारा निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने कहा है कि अतिरिक्त या अटैच स्टाफ को वापस थानों में भेजा जाए। इसी के साथ अधिकारियों को अपने अधीनस्थ स्टाफ की समीक्षा यानी कार्यों का मूल्यांकन कर सूची तैयार करने के लिए भी कहा गया है। कर्मचारियों का होगा रोटेशन बता दें, कुछ दिन पूर्व पीएचक्यू में ऐसे भी पुलिसकर्मी अटैच रहे, जोकि कई महीनों से दफ्तर ही नहीं आते थे। विदिशा और फिर सीहोर जिले में ऐसे दो पुलिसकर्मियों को जांच के दौरान लापता पाया गया। इस बात को लेकर भी पुलिस विभाग का मजाक बना था। डीजीपी मकवाना ने नियम के अनुसार मुयालय में अटैच और पदस्थ कर्मचारियों का रोटेशन करने को कहा है। ऐसे अधिकारी जो लंबे समय से दफ्तर में मौज काट रहे हैं अब उन्हें थानों में वापस लौटाया जाएगा। अफसरों के चालकों का होगा रोटेशन पुलिस मुख्यालय की कई शाखाओं में जरूरत से ज्यादा लोग हैं। लिहाजा दफ्तर का प्रबंधन बेहतर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों के नियमानुसार रोटेशन करने के लिए निर्देशित किया गया है। खासतौर पर उन वाहन चालकों का रोटेशन किया जाए, जो लंबे समय से एक ही अधिकारी के साथ या थानों पर कार्यरत हैं।

भोपाल में नशे के खिलाफ कार्रवाई, 1.75 लाख की स्मैक के साथ युवक दबोचा गया

भोपाल  राजधानी में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत क्राइम ब्रांच ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 5.84 ग्राम स्मैक के साथ एक 20 वर्षीय युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जब्त की गई स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.75 लाख आंकी जा रही है। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का नाम आदित्य नामदेव है। आरोपी विज्ञान भवन के सामने लाल ग्राउंड क्षेत्र में स्मैक की डिलीवरी के इरादे से खड़ा था। इसी दौरान क्राइम ब्रांच ने उसे धर दबोचा। एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बतया कि क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध युवक नशे की खेप लेकर विज्ञान भवन के पास खड़ा है। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर आदित्य नामदेव को पकड़ लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पेशे से डिलीवरी बॉय है, लेकिन स्मैक की अवैध तस्करी में भी संलिप्त था। आरोपी के खिलाफ पहले से कटारा हिल्स थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और यह नेटवर्क कहां तक फैला है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी आदित्य को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। क्राइम ब्रांच अब इस मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ने में लगी है ताकि नशे के इस नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।

पीड़िता की साड़ी बनी गवाही की सबसे बड़ी ताकत, पूर्व सांसद दोषी करार

बेंगलुरु  कर्नाटक के हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। 47 साल की घरेलू सहायिका से बलात्कार के मामले में उसे सजा सुनाई गई है। खास बात है कि पुलिस जांच में एक साड़ी ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। खबर है कि यह साड़ी पीड़िता की ही थी, जो बाद में मौका-ए-वारदात से बरामद की गई थी। प्रज्वल को शनिवार को शेष जीवन तक कारावास में रहने की सजा सुनाई गई और कुल 11.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अदालत ने निर्देश दिया कि 11.25 लाख रुपये पीड़िता को दिए जाएं। रेवन्ना को एक अदालत ने यौन शोषण और बलात्कार के चार मामलों में से एक में दोषी ठहराया था। कैसे साड़ी ने रेवन्ना को जेल पहुंचाया मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ता बताते हैं कि बलात्कार के बाद प्रज्वल ने जबरदस्ती पीड़िता की साड़ी खींच ली थी। कथित तौर पर प्रज्वल ने इसे फार्महाउस के एटिक या अटारी में छिपा दिया था। जनता दल सेक्युलर नेता के इसी फैसले ने उसे जेल तक पहुंचाने अहम भूमिका निभाई। जांच के दौरान जब अधिकारियों ने पीड़िता से पूछा कि वारदात के समय वह क्या पहनी हुईं थीं, तो उन्होंने बताया कि वह साड़ी पहनी थीं। उन्होंने बताया कि प्रज्वल ने वो साड़ी उन्हें नहीं लौटाई, जो अब तक फार्महाउस में हो सकती है। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने फार्महाउस पर रेड की और साड़ी बरामद कर ली। रिपोर्ट के अनुसार, साड़ी को बाद में फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया, जिसपर वीर्य की पुष्टि हुई। डीएनए जांच में इसके तार प्रज्वल से जुड़े। जांचकर्ताओं का कहना है कि पीड़िता के बयान के साथ साड़ी केस के लिए काफी अहम साबित हुए। क्या है केस यह मामला उस महिला से जुड़ा है जो हासन जिले के होलेनरसीपुरा में स्थित रेवन्ना परिवार के गन्निकाडा फार्महाउस में सहायिका के रूप में काम करती थी। वर्ष 2021 में उसके साथ दो बार बलात्कार किया गया था और इस कृत्य को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया गया था। प्रज्वल ने कथित तौर पर कर्मचारियों को सूचित किया है कि उसने अपनी सजा को चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। सजा सुनने के बाद रो पड़ा सांसदों/विधायकों की विशेष अदालत के न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने शुक्रवार को रेवन्ना को दोषी ठहराने के बाद शनिवार को फैसला सुनाया था। पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, सजा सुनाए जाने के बाद जेल में पहली रात वह रो रहा था और काफी व्यथित दिखाई दे रहा था। इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'चिकित्सीय जांच के दौरान वह रो पड़ा और उसने कर्मचारियों के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त की।'  

अनोखी शादी की अनोखी बारात, नदी पार कर नाव से दुल्हन लेने पहुंची बारात

बलिया यूपी के बलिया में एक अनोखी शादी देखने को मिली है। यहां पर गंगा नदी में आई बाढ़ से सड़क मार्ग बंद हो जाने के कारण बिहार से एक बारात नाव पर सवार होकर बलिया पहुंची। नाव पर सवार बारातियों को नदी की मौजों से बेखबर पूरे उत्साह से तालियां बजाते हुए मंजिल की तरफ बढ़ने का यह नजारा ग्रामीणों के लिए कौतूहल भरा रहा। यह पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।  बाढ़ के कारण शादी पर लगा ग्रहण जानकारी के मुताबिक, बिहार के बक्सर जिला के नैनीजोर लाल डेरा गांव के रहने वाले कमलेश राम के बेटे राजेश कुमार की शादी बलिया के बेयासी गांव में तय हुई थी। शादी की तैयारियों के बीच बक्सर जिला भारी बारिश के कारण गंगा नदी की बाढ़ की चपेट में आ गया। बाढ़ की वजह से सारे रास्ते जलमग्न होकर बंद हो गए। सड़क मार्ग के पूरी तरह जलमग्न हो जाने से बारात लेकर जाना मुश्किल हो गया। कमलेश राम ने बताया कि बाढ़ के कारण शादी पर ग्रहण लग गया। ऐसी विषम स्थिति में परिवार ने नाव से बारात ले जाने का फैसला किया।  सज धज के निकली नाव  गंगौली गांव के पास तटबंध के नीचे से एक सजी-धजी नाव पर बारात निकली। दूल्हा राजेश साफा पहन कर पारंपरिक पोशाक में नाव पर बैठा और उसके साथ तकरीबन 25 बाराती दो नावों पर सवार होकर निकले। नाव पर कोई डीजे नहीं था, न ही बैंड-बाजा लेकिन गंगा की लहरों की थपकी और नाविकों की ताल ने माहौल को खास बना दिया। बारातियों ने भी पूरे जोश में ढोलक की जगह तालियां बजाईं। ग्रामीणों के लिए यह दृश्य अनोखा था।  वीडियो हुआ वायरल  लोगों ने अपने मोबाइल से इस खास बारात की फोटो ली व वीडियो बनाई और सोशल मीडिया पर साझा शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह बारात इलाके में चर्चा का विषय बन गई। दूल्हे के पिता कमलेश राम ने बताया कि शादी की तारीख पहले से तय थी और इसे रद्द करना संभव नहीं था, इसीलिए नाव से बारात ले जाने का निर्णय लिया गया। गंगा मैया की लहरों ने इस बारात को यादगार बना दिया। 

DL के लिए अब ना लाइन, ना भागदौड़ — सीधा घर पर होगी डिलीवरी

भोपाल   विधानसभा का मानसून सत्र अपनी मियाद से दो दिन पहले पूरा हो गया। 8वें दिन सत्र में कई महत्त्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हुई। विपक्ष ने पुलिस आरक्षक भर्ती में घोटाले के आरोप लगाते हुए सरकार को घेरने का प्रयास किया। सदन में गहमा-गहमी रही। इस दौरान परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मप्र मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक में संशोधन की जानकारी दी। उन्हाेंने कहा, जल्द नागरिक सुविधाओं को बेहतर बना फेसलेस सुविधा देंगे। ड्राइविंग लायसेंस (DL) और वाहनों के रजिस्ट्रेशन कार्ड (RC) में पासपोर्ट की तरह घर पहुंच सेवा शुरू होगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद आरटीओ ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी। मंत्री ने कहा, परिवहन कार्यालयों को पारदर्शी बना रहे हैं। पेनल्टी की वसूली में नकद कलेक्शन बंद होगा। अब मशीन के माध्यम से ऑनलाइन पेनल्टी वसूल कर रहे हैं। परमिट व्यवस्था भी सुलभ बनाएंगे। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10 लाख रुपए से कम कीमत वाले पेट्रोल वाहनों पर सबसे कम टैक्स लिया जाता है। मप्र में 8त्न टैक्स है, जबकि छत्तीसगढ़ में 10, महाराष्ट्र में 11, राजस्थान में 10 और उत्तर प्रदेश में 9त्न टैक्स है। मानसून सत्र ने रचा इतिहास संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयर्गीय ने मानसून सत्र के सफल आयोजन के लिए विस अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सिंह सत्तापक्ष और विपक्ष के प्रति आभार जताया। कहा, ऐतिहासिक सत्र चले। 8 विधेयक पास हुए और प्रदेश के जनहित में सार्थक चर्चाएं की गई। बिना फॉर्म भरे घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल पर होगा सीधा डाउनलोड अगर आप भी महीनों से ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर आरटीओ के चक्कर काट रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. क्योंकि सरकार की तरफ ऐसी सुविधा शुरू की गई है, जिससे आप घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकते हैं. न ही आरटीओ का इंतजार करना पड़ेगा और न ही कोई फॉर्म भरने की जरूरत पड़ेगी. आइए इन स्टेप के बारे में विस्तार से जानते है.  ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया 1. सबसे पहले सारथी पोर्टल पर जाएं और ऑनलाइन आवेदन करें. 2. आवेदन करने के बाद आपको ड्राइविंग टेस्ट देना होगा. 3. टेस्ट पास करने के बाद आपकी फोटो वहीं ली जाएगी. 4. फिर दस्तावेजों की जांच होगी और आरटीओ से ऑनलाइन मंजूरी मिल जाएगी. 5. मंजूरी के बाद आप अपना ड्राइविंग लाइसेंस मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते हैं. घर बैठे डाउनलोड करें लाइसेंस 1. ड्राइविंग टेस्ट पास होने के बाद आवेदक के मोबाइल पर SMS से एक लिंक भेजी जाएगी. 2. लिंक खोलने पर अपना आईडी नंबर और जन्मतिथि (DOB) भरनी होगी. 3. जानकारी सही भरते ही आप डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस डाउनलोड कर सकेंगे. 4. जरूरत पड़ने पर डीएल और आरसी को कितनी भी बार डाउनलोड कर सकते हैं.

शशि थरूर का ट्रंप को दो टूक: भारत भी लगा सकता है भारी टैक्स, धमकियों से नहीं डरेगा देश

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने के फैसले को अनुचित, दोहरे मानदंड वाला और भारत-अमेरिका संबंधों के प्रति असंवेदनशील बताया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर अमेरिका भारत के उत्पादों पर 50% शुल्क लगाएगा, तो भारत को भी चाहिए कि अमेरिकी वस्तुओं पर उतना ही टैरिफ लगाए। उन्होंने कहा, “हमारा अमेरिका के साथ 90 अरब डॉलर का व्यापार है। अगर हर चीज 50% महंगी हो जाएगी, तो वहां के खरीदार सोचेंगे कि भारतीय वस्तुएं क्यों खरीदें?” शशि थरूर ने गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “अमेरिका हमें धमकाकर कुछ नहीं कर सकता। अभी हम अमेरिकी उत्पादों पर औसतन 17% शुल्क लगाते हैं। तो हम वहीं क्यों रुकें? हम भी 50% टैरिफ लगा दें। अगर अमेरिका को भारत से रिश्ता नहीं चाहिए, तो भारत को भी अमेरिका की जरूरत नहीं।” आपको बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अगस्त को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत भारत से आयातित वस्तुओं पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया गया है। यह कदम भारत के रूस से तेल खरीदने के चलते उठाया गया है। पहले ही 25% शुल्क की घोषणा हो चुकी थी। अब कुल टैरिफ 50% तक पहुंच चुका है। चीन को छूट, भारत को सजा क्यों? शशि थरूर ने अमेरिका की नीति को "दोहरे मापदंड" वाली बताते हुए कहा कि चीन रूस से भारत से भी ज्यादा तेल और सामग्रियां खरीदता है, लेकिन उसे 90 दिन की छूट दी गई है। उन्होंने कहा, “अगर चीन को राहत दी जा सकती है, तो भारत को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? ये मित्रता नहीं, दबाव की राजनीति है।”  

MCA चेयरमैन ने खोली कहानी: कैसे रोहित शर्मा ने यशस्वी जायसवाल को दिलाया दूसरा मौका

नई दिल्ली भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने पूरी तरह से इस बात का मन बना लिया था कि वे मुंबई की टीम के लिए डोमेस्टिक क्रिकेट नहीं खेलेंगे। उन्होंने एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की भी मांग मुंबई क्रिकेट संघ यानी एमसीए से कर दी थी। एमसीए ने भी एनओसी उनको प्रदान कर दी थी, लेकिन एक शख्स है, जिसने यशस्वी जायसवाल को मुंबई के लिए ही खेलने को मनाया। ये शख्स कोई और नहीं, बल्कि भारत की वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा हैं। रोहित शर्मा के कहने पर ही यशस्वी जायसवाल मुंबई के लिए खेलना जारी रखना चाहते हैं। मुंबई मिरर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह रोहित शर्मा ही थे, जिन्होंने यशस्वी जायसवाल को मुंबई की टीम में रोका। रिपोर्ट में एमसीए के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक बताते हैं, "रोहित शर्मा ने करियर के इस पड़ाव पर यशस्वी जायसवाल को मुंबई की टीम के साथ बने रहने के लिए कहा। उन्होंने समझाया कि मुंबई के लिए खेलना बड़े सम्मान की बात है, क्योंकि ये टीम 42 रणजी टाइटल जीत चुकी है। रोहित ने यशस्वी से ये भी कहा था कि ये मत भूलो कि आपको मुंबई ने ही मंच दिया था, जिसके बाद आप इतनी छोटी उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में नाम कमा रहे हैं। रोहित ने यशस्वी को ये भी कहा था कि मुंबई शहर को भी मत भूलो, क्योंकि यहीं के मैदानों पर आपने एज ग्रुप क्रिकेट खेली है।" अजिंक्य नाइक ने आगे बताया, "रोहित शर्मा और अन्य दिग्गजों से यशस्वी जायसवाल ने इस बारे में बात की, जिन्होंने इंडिया और मुंबई का प्रतिनिधित्व किया है। इसके बाद उन्होंने एमसीए को एनओसी वापस लेने के लिए ईमेल किया और हमने उनको अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।" जायसवाल ने अप्रैल के महीने में एमसीए से एनओसी की मांग की थी। जायसवाल के इस फैसले से हर कोई हैरान था कि वे गोवा क्यों जाना चाहते हैं? हालांकि, अगले ही महीने उन्होंने एनओसी वापस लेने की अनुरोध एमसीए से कर दिया था और अब वे फिर से मुंबई के लिए डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हैं।