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सरकार का संकल्प: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित

रायपुर : ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार दृढ़संकल्पित– साय सरकार का संकल्प: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित मुख्यमंत्री साय ने अत्याधुनिक ओ-एआरएम विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेविगेशन मशीन का किया शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल में स्पाइन चिकित्सा हेतु अत्याधुनिक ओ-एआरएम विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेविगेशन मशीन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मात्र 20 माह के इस अल्प समय में राज्य सरकार ने गांव से लेकर शहरों तक स्वास्थ्य क्षेत्र की बुनियादी व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया है। इसका परिणाम है कि हमारे स्वास्थ्य केंद्रों को लगातार उच्च स्तरीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ एवं अंबिकापुर में 100-100 बिस्तरों वाले नए अस्पतालों की स्थापना हेतु देश की प्रतिष्ठित संस्था अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के साथ एमओयू किया गया है। आम जनता को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए शासन लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए किसानों को खेत बेचने और कर्ज लेने की स्थिति आ जाती थी, परंतु आज आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बड़े से बड़े अस्पताल से लेकर छोटे अस्पताल तक में निःशुल्क इलाज संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए वेलनेस सेंटरों के संचालन और जेनरिक दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहे हैं, ताकि लोगों को अधिक खर्च न उठाना पड़े। मुख्यमंत्री साय ने अत्याधुनिक ओ-एआरएम विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेविगेशन मशीन की स्थापना के लिए नारायणा हॉस्पिटल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि निश्चित ही इसका लाभ केवल छत्तीसगढ़ के मरीजों को ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों से उपचार हेतु आने वाले मरीजों को भी मिलेगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और नारायणा हॉस्पिटल में शुभारंभ हुई इस अत्याधुनिक मशीन के लिए पूरी टीम को बधाई दी। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा,  विधायक किरण देव, मोती लाल साहू, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. सुब्बीर मुखर्जी, नारायणा हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. सुनील खेमका सहित हॉस्पिटल समूह के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

दिल्ली में स्कूल सुरक्षा संकट, 50 स्कूलों को धमकी मिलने पर टीम ने जांच शुरू की

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के स्कूलों को फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है. जानकारी के मुताबिक, मालवीय नगर के एक स्कूल, करोल बाग के अन्य स्कूलों समेत 50 से ज्यादा स्कूलों को ई-मेल के जरिए धमकी दी गई है. हौज रानी और प्रसाद नगर में आंध्रा स्कूल को भी बम से उड़ने की धमकी भरे मेल भेजे गए हैं. अभी दो दिन पहले ही 32 स्कूलों को धमकी दी गई थी. दिल्ली में आज ही 50 से ज़्यादा स्कूलों को बम की धमकी वाले ईमेल मिले हैं. जांच में कभी कुछ नहीं निकला दिल्ली पुलिस की टीम डॉग स्क्वायड की टीम बम डिस्पोजल टीम और फायर विभाग की टीम स्कूलों में पहुंचकर तलाश कर रही है. खबर लिखे जाने तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है. इससे पहले 18 अगस्त को द्वारका में दो स्कूल और एक कॉलेज को बम की धमकी मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल को खाली कराया गया. इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, द्वारका भी शामिल है.  मौके पर पुलिस और बम निरोधक दस्ते को तलाशी के लिए बुलाया गया था. जानकारी के मुताबिक, स्कूलों को मेल करके बम से उड़ाने की धमकी दी गई. पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है. फायर डिपार्टमेंट को 7 बजकर 24 मिनट पर इसकी जानकारी मिली. सूत्रों के मुताबिक खबर लिखे जाने तक जांच में कुछ नहीं मिला है. इससे पहले भी दिल्ली के कई स्कूलों को धमकी मिली है, लेकिन जांच के बाद आजतक कुछ भी सामने नहीं आया है. 16 जुलाई को भी मिली थी धमकी  इससे पहले भी 16 जुलाई को राजधानी दिल्ली में स्कूलों और कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकियां मिली थी. 16 जुलाई को पांच स्कूलों को बम की धमकियां दी गई थी, जो द्वारका, पश्चिम विहार और हौज खास में स्थित थीं. इन धमकियों से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में दहशत है. हैरानी की बात यह है कि ये धमकियां ईमेल के जरिए भेजी जा रही हैं, जिन्हें लेकर दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते सतर्क हो गए हैं.

इंदौर में जर्मन प्रतिनिधिमंडल: नवाचार और निवेश के नए अवसर खुलने की संभावना

मध्यप्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज प्रोग्राम-2025 इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश और नवाचार को प्रोत्साहन देने के प्रयासों को नया आयाम मिला है। गुजरात इंडस्ट्रियल इंवेस्टमेंट कार्पोरेशन के नेतृत्व एवं एमपीआईडीसी और आईएम ग्लोबल के सहयोग से जर्मनी की पाँच अग्रणी टेक कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल "मध्यप्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज प्रोग्राम-2025" में शामिल हुआ। प्रतिनिधि मंडल 18 से 22 अगस्त तक इंदौर और भोपाल के दौरे पर रहेगा। प्रतिनिधिमंडल ने  इनोवेशन लैब्स का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने एआई, डेटा एनालिटिक्स, आईओटी एवं एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर परियोजनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। शुरुआत डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप से हुई, जिसमें नवाचार एवं समस्या समाधान पर गहन चर्चा हुई। जिसमें मध्यप्रदेश एवं वैश्विक उद्यमों ने अपने अभिनव उत्पादों और तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन किया तथा अंतर्राराष्ट्रीय विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। "Collaborating on Product Innovation" पर इंटरैक्टिव राउंडटेबल और द्विपक्षीय बैठकें एमपीआईडीसी में हुईं। कार्यकारी निदेशक आईएएस हिमांशु प्रजापति एमपीआईडीसी इंदौर ने राउंडटेबल सत्र का नेतृत्व करते हुए कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, तकनीकी सहयोग एवं एंटरप्राइज विकास में सक्रिय और प्रेरक भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि आज का दिन मध्यप्रदेश और जर्मनी के प्रमुख AI एवं IoT इनोवेटर्स के बीच साझेदारी की नई शुरुआत का प्रतीक है। प्रजापति ने कहा कि समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह स्पष्ट है कि भारत में डेटा का डिजिटलीकरण अभी आरंभिक अवस्था में है, तथा डेटा की पुनरावृत्ति (data duplicity) दीर्घकाल में दक्षता को प्रभावित करती है। इसी कारण भारत आज AI और डेटा-आधारित प्रक्रियाओं के एकीकरण पर विशेष बल दे रहा है। ऐसे समय में आपका भारत आना अत्यंत अवसरपूर्ण है। प्रजापति ने यह भी विशेष रूप से रेखांकित किया कि इंदौर में ऑपरेटिंग कॉस्ट अन्य मेट्रो शहरों की तुलना में कहीं कम है, वहीं शहर की लिवेविलिटी उद्यमियों और निवेशकों को यहाँ काम करने के लिए और भी आकर्षक बनाती है। प्रजापति ने यह भी उल्लेख किया कि जर्मन कंपनियों द्वारा विकसित अभिनव उत्पाद और भारत चाहे वह सरकार हो अथवा उद्योग की आवश्यकताओं में अद्भुत सामंजस्य एवं संभावित सामंजस्य (synchronization & synergies) निहित है। यही कारण है कि यह दौरा दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक उद्यमियों ने भागीदारी की, जिनमें इंदौर के अग्रणी स्टार्टअप्स भी शामिल रहे। सावन लढ्डा (वर्की) , नीलेश माहेश्वरी (एमोर्फिस टेक्नोलॉजीज), सुपूजा माहेश्वरी (समग्र टेक) और राज सिंह सेंगर (टेक्नोमेंसी) ने अपने इनोवेशन मॉडल्स और तकनीकी समाधानों तथा जर्मन कंपनियों के साथ संभावित सहयोग पर चर्चा की। जर्मन प्रतिनिधिमंडल की प्रतिक्रिया प्रतिनिधिमंडल में शामिल Tilers, Halonic, Stax, Q-Connect AG और Cloud Squid जैसी अग्रणी कंपनियों ने इस कार्यक्रम को सकारात्मक और उपयोगी अनुभव बताया। उनके अनुसार भारतीय उद्यमी पारिस्थितिकी तंत्र की गतिशीलता, नवाचार क्षमता और अवसरों की प्रचुरता अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि भारत का उद्यमी माहौल, युवा प्रतिभा और तकनीकी नवाचार उन्हें अत्यधिक प्रभावित किया। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से इंदौर को नवाचार का उभरता हुआ केंद्र मानते हुए यहाँ अपना टेक्नोलॉजी/इनोवेशन सेंटर स्थापित करने में गहरी रुचि दिखाई और इसके लिए एमपीआईडीसी के साथ आगे की समन्वय प्रक्रिया पर सहमति व्यक्त की। सांध्यकालीन कार्यक्रम प्रतिनिधिमंडल ने इंदौर के प्रमुख पर्यटन स्थलों-राजवाड़ा पैलेस, लालबाग पैलेस और सराफा बाजार का भ्रमण किया और स्थानीय संस्कृति एवं उपभोक्ता बाजार की विशेषताओं का अनुभव प्राप्त किया।  

भारत दुनिया का सबसे सक्षम देश बन रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

घर में बहन-बेटियों के साथ आती है हर सिद्धि, बहनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत दुनिया का सबसे सक्षम देश बन रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव को चांदबड़ के वार्ड 37 में बहनों ने बांधी राखी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति में रक्षाबंधन का विशेष महत्व है। जब तक घर में बेटा न आए सिद्धि नहीं होती, लेकिन घर में जब तक बेटी न जाए हर सिद्धि अर्थात पूर्णता प्राप्त नहीं हो सकती है। रक्षाबंधन त्यौहारों का राजा है। बहनों के आशीर्वाद से जीवन सफल हो जाता है। बहनों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के चांदबड़ क्षेत्र के वार्ड 37 में आयोजित विशाल रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का सिर धड़ से अलग किया तब भगवान श्रीकृष्ण की उंगली में चोट लग गई थी। इस पर द्रौपदी ने साड़ी का पल्लू फाड़कर भगवान श्रीकृष्ण की अंगुली पर बांधा था। यह राखी का प्रतीक था। इसके बाद से रक्षाबंधन की परम्परा प्रारंभ हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब परिवारों को आवास, गैस चूल्हा और अन्य सुविधाएं देने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बहनों को लोकसभा और राज्यसभा में अधिक प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे किसानों और जवानों की क्षमताओं पर भरोसा करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का सबसे सक्षम देश बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कतिपय लोग चुनाव आयोग और सेना का भी सम्मान नहीं करते। रक्षाबंधन कार्यक्रम के पूर्व चांदबड़ क्षेत्र में हुए रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नागरिकों ने पुष्पहारों से और गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बहनों ने रक्षासूत्र बांधे। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि नरेला क्षेत्र में 16 साल से भव्य रक्षाबंधन महोत्सव मनाया जा रहा है। पिछले साल डेढ़ लाख बहनों ने महोत्सव में राखियां बांधी थीं। भाई-बहन का रिश्ता अटूट होता है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश भी विकास के पथ पर अग्रसर है। हमें लव जिहाद के कुचक्र के खिलाफ और नशा मुक्ति के लिए संकल्प लेने की आवश्यकता है। रक्षाबंधन महोत्सव में महापौर श्रीमती मालती राय, पार्षद श्रीमती वंदना हेमराज कुशवाहा, रविंद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।  

CM रेखा गुप्ता पर हमले की वारदात, BJP का दावा- सिर पर मेज लगने से चोट आई

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को साप्ताहिक जन सुनवाई के दौरान हमला हुआ है. यह घटना मुख्यमंत्री आवास पर जन सुनवाई के दौरान की है. आरोपी शख्स को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है. मुख्यमंत्री आवास के अधिकारियों के मुताबिक, जिस समय सीएम जन सुनवाई कर रही थी. उसी समय एक शख्स अपनी शिकायत लेकर वहां पहुंचा. इस दौरान उसने मुख्यमंत्री को थप्पड़ मार दिया. शख्स को हिरासत में ले लिया गया है. आरोपी को सिविल लाइन पुलिस स्टेशन ले जाया गया है.  शुरुआती जानकारी में आरोपी ने अपना नाम राजेश भाई खिमजी सकरिया बताया है. आरोपी राजकोट का रहने वाला है. उसकी उम्र 41 साल है. गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को दिल्ली की मुख्यमंत्री पर हुए हमले की जानकारी दी है. दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर ने भी बताया कि जन सुनवाई के बहाने एक शख्स सीएम गुप्ता के पास पहुंचा. उसने पहले सीएम को कुछ कागज दिया, फिर चिल्लाने लगा और थप्पड़ मार दिया. हालांकि, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने दिल्ली सीएम को थप्पड़ मारे जाने से इनकार किया है. दिल्ली BJP अध्यक्ष ने हमले पर क्या कहा? दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस पूरी घटना का ब्योरा बताते हुए कहा कि आज सुबह जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जनता के बीच में थी और उनसे बात कर रही थी. इस बीच एक शख्स उनके पास आता है, कुछ कागज रखता है और अचानक उनका हाथ पड़कर उन्होंने खींचने की कोशिश करता है. इस दौरान धक्का-मुक्की होती है और उनका सिर शायद मेज के एक कोने पर लगा. वहां मौजूद लोगों ने उसे व्यक्ति को पकड़ लिया. पुलिस अभी जांच कर रही है कि वह शख्स कौन है अभी पुलिस पूरी जांच में जुटी है. मुख्यमंत्री की हालत स्थिर है. डॉक्टर उन्हें देख चुके हैं. उन्हें सदमा लगा है. मैंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की है वह मजबूत महिला है,  जानती हैं कि दिल्ली को लेकर एक कमिटमेंट है. उन्होंने कहा है कि वह अपने रोजमर्रा के कामों से नहीं रुकेंगी. उन्हें पत्थर नहीं मारा, थप्पड़ नहीं मारा है, जो भी यह चल रहा है वह गलत है. दिल्ली सीएम पर हमले करने वाले आरोपी शख्स की उम्र 35 साल बताई जा रही है. दिल्ली बीजेपी ने इस घटना की निंदा की है. बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी ने कहा कि मुझे लगता है कि रेखा गुप्ता पर हमले की यह कोशिश जन सुनवाई को डीरेल करने की मंशा से की गई है. बीजेपी नेता तेजिंदर बग्गा ने कहा कि जन सुनवाई के दौरान दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता पर हमले की खबर से हैरान हूं. मैं उनकी सुरक्षा और जल्द ठीक होने की कामना करता हूं. बजरंग बली आप पर कृपा बनाए रखें.  आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सीएम पर हमले की निंदा की है. आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है. हमारी पार्टी का इस तरह के मामलों पर स्पष्ट रुख है.  पुलिस का कहना है कि डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस मुख्यमंत्री आवास पर पहुंच गए हैं और मामले की जांच कर रहे हैं. इस घटना पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने कहा कि दिल्ली सीएम पर हुआ  हमला निंदनीय है. लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह होती है लेकिन हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी. आशा है कि मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित है.  इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली कांग्रेस प्रमुश देवेंद्र यादव ने कहा कि यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. मुख्यमंत्री पूरी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करती है और मुझे लगता है कि इस तरह की घटनाओं की निंदा होनी चाहिए. लेकिन इस घटना ने महिला सुरक्षा की पोल खोल दी है. अगर दिल्ली की मुख्यमंत्री ही सुरक्षित  नहीं है तो एक आम महिला राजधानी में कैसे सुरक्षित हो सकती है? सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने अपना जो नाम और पता बताया है, उसे वेरिफाई किया जा रहा है. इसके िलए दिल्ली पुलिस ने गुजरात पुलिस से संपर्क किया है.

रायपुर : मंत्रिपरिषद के निर्णय : दिनांक – 19 अगस्त 2025

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –  1)    मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली  के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी।         इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए। 2)    मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।          इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

रायपुर: वित्तीय समावेशन में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मिली महत्वपूर्ण सफलता – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति : मुख्यमंत्री साय रायपुर: वित्तीय समावेशन में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मिली महत्वपूर्ण सफलता – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने इंद्रावती भवन नया रायपुर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा का किया शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा, एटीएम और डिपॉजिट मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन के कर्मचारियों, नवा रायपुर के आसपास निवासरत नागरिकों तथा बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पहले योजनाओं की राशि का वितरण नगद रूप में किया जाता था, जिससे लीकेज की समस्या बनी रहती थी, लेकिन अब बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हितग्राहियों तक राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना के साथ-साथ बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार भी तीव्र गति से हो रहा है। सरगुजा और बस्तर अंचल के दूरस्थ गाँवों में बैंक शाखाओं की स्थापना से सरकार का “अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाने” का संकल्प साकार हो रहा है। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में गुड गवर्नेंस की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश के बैंकिंग सेक्टर और अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और उन्होंने बैंकों से भी इस दिशा में अपनी सक्रिय व प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल और पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक अशोक चंद्र सहित अन्य अधिकारीगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

ट्रेन इमरजेंसी कोटे में गिरावट, वंदे भारत और शताब्दी के मुकाबले इन 3 ट्रेनों में ज्यादा

ग्वालियर हाई स्पीड वंदे भारत, शताब्दी, राजधानी जैसी ट्रेनें ग्वालियर से निकलती हैं लेकिन इन ट्रेनों से ज्यादा इमरजेंसी कोटे की डिमांड बरौनी मेल, बुंदेलखंड एक्सप्रेस और रतलाम इंटरसिटी में रहती है। ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब इसमें सीट पाने के लिए आवेदन नहीं किया जाता हो। हालात यह है कि ग्वालियर से चलने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग होने के बाद इमरजेंसी कोटे का सहारा लेना पड़ रहा है। झांसी मण्डल से गुजरने वाली 143 ट्रेन में इमरजेंसी कोटा प्रदान किया गया है। इस कोटे की बर्थ सांसद, विधायक, रेल अधिकारियों व अन्य वीआईपी को उपलब्ध कराई जाती है। अधिकांश ट्रेनों में स्लीपर और एसी का अलग- अलग इमरजेंसी कोटा फिक्स है। उसी के आधार पर रेलवे यह कोटा देती है। ग्वालियर से चलने वाली बरौनी, बुंदेलखंड और रतलाम इंटरसिटी में अधिक भीड़ होने की वजह से इमरजेंसी कोटे की डिमांड भी ज्यादा आती है। हालात यह हो जाते हैं कि कभी- कभी सीट से ज्यादा कोटे आ जाते हैं। वहीं वंदे भारत, शताब्दी आदि ट्रेनों में यात्रियों के कोटे इतने नहीं आते हैं।- अमन वर्मा, सीनियर डीसीएम झांसी ग्वालियर से बरौनी जाने वाली बरौनी मेल, रतलाम जाने वाली रतलाम इंटरसिटी और बनारस के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेस एक मात्र सीधी ट्रेनें हैं। इसमें से बरौनी मेल बिहार से होकर हावड़ा तक पहुंचती है। इसमें सबसे ज्यादा भीड़ छठ पूजा के दौरान होती है लेकिन दीपावली से काफी पहले ही यह ट्रेन फुल हो जाती है। इसे देखते हुए इस क्षेत्र में स्पेशल ट्रेन को भी चलाया जाता है। उसके बावजूद भी यात्रियों को जगह नहीं मिल पाती है। वंदे भारत, शताब्दी में आसानी से मिलती है सीट ग्वालियर से निकलने वाली वंदे भारत, शताब्दी और अन्य ट्रेनों में यात्री को आसानी से टिकट मिल जाता है। इन ट्रेनों में अगर वेटिंग भी होती है तो अक्सर वह वेटिंग भी कंफर्म हो जाती है। लेकिन ग्वालियर से चलते वाली ट्रेनों में काफी बुरा हाल है।

चंद्र ग्रहण 2025: भाद्रपद पूर्णिमा पर इन राशियों पर पड़ेगा असर, सावधान रहें

नई दिल्ली वैदिक पंचांग के अनुसार, रविवार 07 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा (Chandra Grahan 2025 Date) है। इस शुभ अवसर पर स्नान-ध्यान कर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा की जाती है। साथ ही पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। इस साल भाद्रपद पूर्णिमा पर साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने वाला है। साल का दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। इसके लिए सूतक भी मान्य होगा। ज्योतिषियों की मानें तो साल के दूसरे चंद्र ग्रहण के दिन 3 राशि के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है। अनदेखी करने से जातक पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। आइए, इन राशियों के बारे में जानते हैं।   कुंभ राशि भाद्रपद पूर्णिमा के दिन कुंभ राशि के जातकों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। इस शुभ तिथि पर चंद्र देव कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे। हालांकि, पूर्व से राहु कुंभ राशि में उपथित हैं। अतः चंद्र और राहु की युति से कुंभ राशि के जातकों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। मानसिक तनाव की समस्या होगी। किसी से विवाद हो सकता है। मन भ्रमित रहेगा। चाहकर भी शुभ कामों में सफलता मिलेगी। कुछ करने की सोचेंगे, तो रूकावट आ सकती है। मन में भय बना रहेगा। राहु की कुदृष्टि से बचाव के लिए देवों के देव भगवान शिव के नामों का जप करने की सलाह है। आप चाहे तो महामृत्युंजय मंत्र का भी जप कर सकते हैं। कर्क राशि कर्क राशि के जातकों के लिए भी चंद्र ग्रहण शुभ नहीं रहने वाला है। आपको कई अनचाहे फल प्राप्त होंगे, जिससे आपका मन अशांत रहेगा। कारोबार से जुड़े लोग परेशानी का सामना करेंगे। मन में अकारण बैचेनी रहेगी। इस वजह से किसी से कहासुनी हो सकती है। ज्यादा बोलने से कोई प्रभावित हो सकता है। विषय वासना में मन लिप्त रहेगा। शुभ काम में बाधा आएगी। माता जी की सेहत अच्छी नहीं रह सकती है। किसी प्रकार का शारीरिक कष्ट हो सकता है। आपको ध्यान रखना होगा। चंद्र देव की कृपा पाने के लिए शिव पंचाक्षरी मंत्र का जप करें।  

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तैयार, UP के इस जिले में युवाओं को मिलेगा रोजगार

औरैया बुंदेलखंड में विकास की नई परियोजनाओं को उतारा जा रहा है। औरैया जिले के युवाओं को अपने शहर में ही रोजगार देने के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेस पर औद्योगिक गलियारा बनाया जा रहा है। जिसको लेकर पिछले एक साल से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जो अब लगभग पूरा होने को है। 620 से अधिक किसानों से की खरीदी जा चुकी है जमीन अब तक करीब 620 से अधिक किसानों से की जमीन खरीदी जा चुकी है और 273 से अधिक बैनामा हो चुके है। 95 प्रतिशत से अधिक जमीन उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के नाम की जा चुकी है। वहीं यूपीडा की तरफ से जल्द से जल्द उद्योग लग लगाने को लेकर तैयारी शुरू हो गई है।   बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही सरकार बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर उद्योगों को बढ़ावा दे रही। जिससे अधिक से अधिक उद्योग लग सके और स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। इसके लिए दो गांवों की जमीन पर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर औद्योगिक गलियारा बनाए जाने की कवायद चल रही। नवंबर 2023 में जमीन को चिन्हित की गई थी और इसके बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई। औद्योगिक गलियारा के लिए 369 करोड़ का बजट जारी औद्योगिक गलियारे के लिए 124 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। पिछले वर्ष के शुरूआत में जिला प्रशासन से लेकर यूपीडा के अधिकारियों ने इसपर काम शुरू कर दिया। जनवरी से लेकर अब तक 93 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण हो गया। 618 किसानों के कराए जा चुके हैं। बता दें कि औद्योगिक गलियारा के लिए गांव मिहौली से 639 किसानों व निगड़ा 232 किसानों से जमीन खरीदी जा रही थी। बता दें कि औद्योगिक गलियारा तैयार करने के लिए शासन की तरफ से 369 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। जमीन खरीद की प्रक्रिया हुई पूरी इसमें जमीन खरीदने से लेकर गलियारा स्थापित किया जाएगा। इसमें मिहौली व निगड़ा गांव के किसानों की जमीन खरीदी जानी थी, जिसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अविनाश चंद्र मौर्य ने बताया कि 95 प्रत‍िशत जमीन का भूमि अधिग्रहण हो चुका है।