samacharsecretary.com

भारतीय बैटर पर पाक क्रिकेटर की टिप्पणी, कहा– अय्यर पाकिस्तान में होते तो होता बड़ा फर्क

नई दिल्ली  पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने एक बड़ा बयान उन भारतीय खिलाड़ियों को लेकर दिया है, जिन्हें टी20 एशिया कप 2025 के लिए टीम में जगह नहीं मिली है। इनमें श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों का नाम शामिल है। बासित अली ने श्रेयस अय्यर को लेकर निराशा जाहिर की और कहा कि उनको बाहर किया जाना न्यायपूर्ण नहीं है। उनका कहना है कि अगर ये खिलाड़ी पाकिस्तान में होते तो ए कैटेगरी के प्लेयर होते। आईपीएल 2025 में 604 रन 50 से ज्यादा के औसत और 175 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बनाने वाले श्रेयस अय्यर बाहर हैं। पंजाब किंग्स को इस सीजन फाइनल तक का सफर तय कराने वाले कप्तान का नाम रिजर्व प्लेयर्स के पूल में भी शामिल नहीं है। यहां तक कि यशस्वी जायसवाल टी20 वर्ल्ड कप 2024 टीम का हिस्सा थे, लेकिन अब वे एशिया कप की टीम में नहीं हैं। उनको रिजर्व ओपनर के तौर पर रखा है। गेम टाइम शो में कामरान अकमल के साथ बात करते हुए बासिल अली ने कहा, “श्रेयस अय्यर, यशस्वी जयसवाल, मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी अगर पाकिस्तान में होते ना ये लोग ए कैटेगरी में होते।” बासित अली ने आगे कहा, "श्रेयस अय्यर के साथ ज्यादती हो गई है। उनको टीम में होना चाहिए था।" बासित अली ने यह भी बताया कि कौन सी टीम भारत को कड़ी टक्कर दे सकती है? हैरान करने वाली बात ये है कि बासित अली ने अपने देश पाकिस्तान का नाम नहीं लिया है। बासित अली ने कहा, "उनके पास बहुत ही विस्फोटक टीम है और मुझे लगता है कि केवल श्रीलंका ही उनसे मुकाबला कर सकता है।" बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया, जिसमें कोई भी खिलाड़ी ए कैटेगरी में शामिल नहीं है। उन्होंने एक तरह से पाकिस्तान पर तंज भी कसा है।  

प्रधानमंत्री मोदी से मिले महेश कश्यप, बस्तर के सांस्कृतिक उत्सव में आने का अनुरोध

नई दिल्ली/रायपुर छत्तीसगढ़ में हर साल आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे का न्योता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच चुका है. बस्तर सांसद महेश कश्यप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य मुलाकात की और उन्हें विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे में शामिल होने का निमंत्रण दिया. पीएम मोदी ने इस आमंत्रण को स्नेहपूर्वक स्वीकार करते हुए भरोसा दिलाया कि वे समय निकालकर इस ऐतिहासिक पर्व का हिस्सा बनेंगे. सांसद महेश कश्यप अपनी धर्मपत्नी चंपा कश्यप और सुपुत्री क्षमता कश्यप के साथ प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे थे. मुलाक़ात के दौरान क्षमता कश्यप ने पीएम मोदी को सादर नमस्कार किया, जिस पर प्रसन्न होकर प्रधानमंत्री ने उसे टॉफी भेंट की. इस अवसर पर सांसद ने प्रधानमंत्री को बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया. उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले ग्यारह वर्षों में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं.

हाईकोर्ट में होगी CM योगी बायोपिक की प्रीव्यू, जज तय करेंगे रिलीज का निर्णय

मुंबई  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित फिल्म ‘अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी’ को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने खुद फिल्म देखने का फैसला किया है. कोर्ट इस सप्ताह के अंत मे फिल्म देखेगी और सोमवार को आदेश सुनाएगी. बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह फिल्म ‘अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी’ को देखने के बाद ही फिल्म निर्माताओं द्वारा दायर याचिका पर फैसला करेगा, जिसमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा फिल्म को प्रमाणित करने से इनकार करने को चुनौती दी गई है. यह फिल्म ‘द मोंक हू बिकेम चीफ मिनिस्टर’ किताब से प्रेरित है और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित बताई जा रही है. जज ने सीबीएफसी से क्या कहा? जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने गुरुवार को फिल्म निर्माताओं को निर्देश दिया कि वे फिल्म की एक प्रति कोर्ट में जमा करें, जिसमें CBFC द्वारा चिह्नित किए गए दृश्यों या हिस्सों को स्पष्ट रूप से अंकित किया गया हो. फिल्म जिस किताब पर आधारित है, उसकी एक प्रति पहले ही कोर्ट को सौंपी जा चुकी है. 7 अगस्त के एक पूर्व आदेश में कोर्ट ने CBFC को निर्देश दिया था कि वे फिल्म देखें और 11 अगस्त तक अपनी आपत्तियों को फिल्म निर्माताओं के साथ साझा करें ताकि वे आवश्यक बदलाव कर सकें. सेंसर बोर्ड को क्या दिक्कत? CBFC की एग्जामिनिंग कमेटी ने 11 अगस्त को 29 आपत्तियां लिस्ट की गई थीं. हालांकि फिल्म निर्माताओं ने 12 अगस्त तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी या कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया. इसलिए CBFC की रिवाइजिंग कमेटी ने फिल्म देखने का निर्णय लिया. रिवाइजिंग कमेटी ने पहले की 8 आपत्तियों को हटा दिया, लेकिन अंततः 17 अगस्त को प्रमाणन को अस्वीकार कर दिया. सोमवार (18 अगस्त) को फिल्म निर्माताओं ने अपनी याचिका में संशोधन करने की अनुमति मांगी ताकि रिवाइजिंग कमेटी के अस्वीकार आदेश को चुनौती दी जा सके. कोर्ट ने फिर आज यानी गुरुवार को सुनवाई के लिए मामला तय किया. पहले यह तय करने के लिए कि संशोधित याचिका स्वीकार्य है या नहीं यह देखते हुए कि सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत एक अपील तंत्र उपलब्ध है. सेंसर बोर्ड का क्या है कहना? CBFC की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभय खंडेपरकर ने कोर्ट को बताया कि बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया के दौरान प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया है और फिल्म निर्माताओं के पास अभी भी सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत हाई कोर्ट में अपील करने का उपाय है. हालांकि, फिल्म निर्माताओं ने तर्क दिया कि याचिका इस कोर्ट के समक्ष स्वीकार्य है. उनके लिए पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रवि कदम ने तर्क दिया कि CBFC रिवाइजिंग कमेटी का अस्वीकार न केवल फिल्म निर्माता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, बल्कि CBFC ने उन्हें फिल्म रिलीज से पहले एक निजी व्यक्ति (योगी आदित्यनाथ) से NOC प्राप्त करने का निर्देश देकर अपने अधिकार क्षेत्र से परे कार्य किया है. कोर्ट ने इस मामले में सेंसर बोर्ड से क्या कहा? फिल्म निर्माताओं के वकील ने दलील दी कि वे एक निजी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों के संरक्षक नहीं हैं. कोर्ट ने भी देखा कि भले ही एक वैकल्पिक उपाय मौजूद हो, कोर्ट के रिट अधिकार क्षेत्र को खारिज नहीं किया जा सकता. इसने मामले के प्रबंधन और शुरुआत से ही प्राकृतिक न्याय को बनाए रखने में विफल रहने के लिए CBFC की कड़ी आलोचना की. कोर्ट ने कहा कि आपको यह शुरुआत में ही करना चाहिए था… आपने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन कब किया? यह एक अभ्यास है जो आपको हर फिल्म के लिए करना चाहिए था… आप इसे करने में विफल रहे हैं. मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी.

टोलकर्मी पिटाई कांड: गिरफ्त में आया आरोपी रवि, कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द

मेरठ मेरठ-करनाल हाईवे के भूनी टोल प्लाजा पर जवान कपिल के साथ बर्बर मारपीट का मामला तूल पकड़ रहा है। मुख्य आरोपी रवि को पुलिस ने दबोच लिया, अब तक आठ गिरफ्तारी हो चुकी हैं। NHAI ने ठेका रद्द कर टोल प्लाजा को फ्री कर दिया, कंपनी पर 20 लाख जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं परिवार अब भी चिंतित है। मेरठ-करनाल हाईवे पर भूनी टोल प्लाजा पर सेना के जवान कपिल से मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से ही पुलिस और प्रशासन पर सख्ती की मांग हो रही थी। अब मुख्य आरोपी रवि को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अब तक कुल आठ गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, एनएचएआई ने ठेका कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर टोल वसूली बंद कर दी है। आगे विस्तार से पढ़ें अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई हुई है। मुख्य आरोपी रवि गिरफ्तार सरूरपुर पुलिस ने बुधवार को करनावल निवासी रवि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वायरल वीडियो में वही पीली कमीज में जवान कपिल पर डंडा बरसाते नजर आया था। पुलिस अब तक आठ आरोपियों को पकड़ चुकी है। टोल कंपनी का ठेका निरस्त एनएचएआई ने टोल वसूली करने वाली कंपनी मैसर्स धर्म सिंह का ठेका रद्द कर दिया है। कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर 20 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। फिलहाल टोल प्लाजा नया ठेका मिलने तक फ्री कर दिया गया है। पोल से बांधकर की थी पिटाई जवान कपिल ने रविवार शाम टोलकर्मियों से पहचान पत्र दिखाकर जल्दी निकलने का आग्रह किया था। इसी बात पर टोलकर्मी भड़क गए और उसे पोल से बांधकर बेरहमी से पीटा। लाठी-डंडों और ईंटों से हमला किया गया। वीडियो वायरल, धरना-प्रदर्शन सोशल मीडिया पर मारपीट की वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद गांववालों और विधायक संगीत सोम ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने टोलकर्मियों की गिरफ्तारी और टोल बंद करने की मांग की। कपिल का उपचार जारी जवान कपिल का इलाज मेरठ कैंट स्थित मिलिट्री अस्पताल में चल रहा है। पिता कृष्णपाल और मां सुनीता ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। भूनी टोल प्लाजा की स्थिति 7 नवंबर 2023 से शुरू हुए भूनी टोल से पहले रोजाना करीब 20,000 वाहन गुजरते थे। अब संख्या घटकर लगभग 12,000 रह गई है। टोल फ्री होने से यात्रियों को राहत मिली है।   प्रदर्शन और मांगें जारी किसानों ने भूनी टोल को बपारसी गांव शिफ्ट करने की मांग की। मवाना में पूर्व सैनिक संगठन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर टोलकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई।

राज्यपाल पटेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से की मुलाकात

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल गुरुवार को सिवनी जिले की कुरई विकासखण्ड के ग्राम थांवरझोड़ी प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही राजेन्द्र कुमार उइके के घर पहुँचें। उन्होंने परिवारजनों से आत्मीय चर्चा की। राज्यपाल पटेल ने राजेन्द्र कुमार और परिजनों से शासन की योजनाओं के मिले लाभ की जानकारी ली। उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को जाना। राज्यपाल पटेल ने राजेन्द्र कुमार उइके के बेटों को मेहनत कर परिवार और समाज को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक शासन की योजना का लाभ लेकर समाज की मुख्य धारा से जुडे़ं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। इस अवसर पर विधायक बरघाट कमल मर्सकोले, विधायक सिवनी दिनेश राय, श्रीमती मीना बिसेन, कलेक्टर सुसंस्कृति जैन, पुलिस अधीक्षक सुसिमाला प्रसाद, सीईओ जिला पंचायत नवजीवन विजय सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।  

नक्सलियों का खौफनाक खेल: तिरंगा फहराने पर दी मौत की सजा, युवक की हत्या का पर्दाफाश

कांकेर नक्सली हिंसा का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. दो दिन पहले नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर आदिवासी युवक की हत्या की थी. इस घटना की असली वजह अब उजागर हुई है. जानकारी के अनुसार, युवक मनेश नरेटी ने (स्वतंत्रता दिवस) 15 अगस्त को नक्सलियों के स्मारक में तिरंगा फहराया था और भारत माता के जयकारे लगाए थे. इससे बौखलाकर नक्सलियों ने मनेश की हत्या की थी. पूरा मामला कांकेर जिले के बिनागुंडा गांव का है. इस घटना से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है. छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के बिनागुंडा गांव में सोमवार की रात हथियारबंद नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर आदिवासी युवक मनेश नुरुटी को मौत की सजा सुनाई और बेरहमी से उसकी हत्या की थी. साथ ही माओवादियों ने कई ग्रामीण नेताओं और पुलिस अधिकारियों को भी खुली धमकी दी थी. बताया जा रहा है कि बिनागुंडा गांव के मनेश नुरुटी पर नक्सलियों ने पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाया. उसे सोमवार की रात उसके घर से उठाकर गांव के बीच ले गए, जहां ग्रामीणों को मीटिंग के नाम पर पहले से ही इकट्ठा किया गया था. इस कथित जन अदालत में माओवादियों ने दो आदिवासी युवकों की पिटाई की. उन पर पुलिस को जानकारी देने और माओवादी गतिविधियों के बारे में सूचना देने का आरोप लगाया. इसके बाद माओवादियों ने मनेश नुरुटी को मौत के घाट उतार दिया. नक्सलियों ने परतापुर थाना इलाके में बैनर लगाकर इस घटना की जानकारी दी थी. माओवादियों की परतापुर एरिया कमेटी ने ली है हत्या की जिम्मेदारी माओवादियों की परतापुर एरिया कमेटी ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेते हुए पखांजूर थाना के प्रभारी लक्षण केंवट और अन्य पुलिस अधिकारियों पर आदिवासियों को गोपनीय सैनिक के रूप में काम कराने का आरोप लगाया था. साथ ही नक्सलियों ने कोंगे पंचायत के सरपंच रामजी धुर्वा, डीआरजी के जोयो, बुद्धु, आयतू, टुब्बा कोरेटी, धनी और अर्जून ताती को चेतावनी देते हुए उन्हें भी मौत की सजा देने की धमकी दी थी.

बेनामी संपत्ति जांच: आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों पर नजर

भोपाल  मध्य प्रदेश के बहुचर्चित आरटीओ के पूर्व आरक्षक और धनकुबेर कहे जाने वाले सौरभ शर्मा केस में आयकर विभाग ने भ्रष्टाचार मामले में अपनी कार्रवाई और कड़ी कर दी है। सौरभ शर्मा, उनके सहयोगी चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और उनकी कंपनी अविरल बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन की कई संपत्तियों को बेनामी संपत्ति प्रतिषेध अधिनियम, 1988 के तहत पहले ही अटैच की जा चुकी हैं। अब आयकर विभाग की बेनामी विंग सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी संपत्तियों की गहन जांच में जुट गई है। अबतक की जांच से पता चला है कि, सौरभ शर्मा ने अपनी अवैध कमाई को बेनामी संपत्तियों में निवेश कर रखा है, जिसमें उनकी मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या तिवारी, जीजा और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर जमीन और प्रॉपर्टी खरीदी गई है। आयकर विभाग ने भोपाल, ग्वालियर और इंदौर में इन संपत्तियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो सौरभ के जीजा और उनके परिवार की संपत्तियों को भी अटैच करने की तैयारी की जा रही है। अबतक ये कार्रवाई हुई आपको बता दें कि, दिसंबर 2024 में लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के घर और दफ्तर में छामामार कार्रवाई कर 2.95 करोड़ रुपए नकद, 234 किलो चांदी और 50 लाख की सोने-हीरे के जेवरात बरामद किए थे। यही नहीं, आयकर विभाग ने भोपाल से सचे मेंडोरी गांव में एक एसयूवी से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद जब्त किए थे, जो सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर की गाड़ी से बरामद हुए थे। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर 92.07 करोड़ की संपत्तियों को अटैच किया था।

झूम तराना महोत्सव: नन्हीं आशिका की चमक, छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य में मिली प्रथम उपाधि

रायपुर नरेंद्र मोदी विचार मंच, कृष्णा पब्लिक स्कूल सरोना और भारत विकास परिषद द्वारा संयुक्त रूप से “झूम तराना महोत्सव” कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया था. इस कार्यक्रम में रायपुर की 7 वर्षीय बेटी आशिका सिंघल ने सब-जूनियर केटेगरी में छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य में प्रथम स्थान हासिल किया है. बता दें कि आशिका सिंघल महज 7 साल की हैं, लेकिन उन्हें कथक का अच्छा खासा अनुभव है. आशिका ने पहले भी कई बड़े मंचो में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है. वहीं, अब “झूम तराना महोत्सव” कार्यक्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य में प्रथम स्थान हासिल किया है. “झूम तराना महोत्सव” कार्यक्रम में पूरे राज्य से 300 प्रतिभागी शाम्मिल हुए थे. वही, छत्तीसगढ़ के राज्य गठन 1 नवंबर को राज्योत्सव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना दी आशिका सिंघल के परिवार का उद्देश्य है.

जनता दरबार में ड्रामा: पूर्व फौजी ने जहर खाकर लगाया बीजेपी विधायक पर गंभीर आरोप

लखनऊ राजधानी लखनऊ में गुरुवार को एक रिटायर्ड फौजी जहरीला पदार्थ खाकर सीएम योगी के जनता दरबार में पहुंच गया। उसने वहां पर तैनात सिक्योरिटी स्टॉफ को यह बात बताई। इसके बाद उसे तत्काल सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। फौजी का आरोप है कि उसने गाजियाबाद से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के उत्पीड़न से तंग आकर यह कदम उठाया है। बताया गया कि गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के सिरौली निवासी रिटायर्ड फौजी सतबीर गुर्जर सीएम जनता दरबार में पहुंचे थे। यहां सुरक्षा में तैनात स्टाफ को उन्होंने बताया कि वह जहरीला पदार्थ खाकर आए हैं। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। इस दौरान सतबीर ने भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर पर कई गंभीर आरोप लगाए। रिटायर्ड फौजी के पास से एक शिकायती पत्र मिला। इसमें उन्होंने लिखा था कि विधायक ने बीते अप्रैल महीने में कलश यात्रा निकाली थी। उनका उद्देश्य सरकार गिराना था। इसकी जानकारी होने पर रिटायर्ड फौजी ने साजिश को पहचानकर सोशल मीडिया पर खुलासा कर दिया था। इसके बाद से विधायक उन पर अत्याचार कर रहे हैं। इंस्पेक्टर गौतम पल्ली रत्नेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल सतबीर की हालत ठीक है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

स्कूल प्रार्थना के समय गिरी छात्रा, डॉक्टरों की जांच में ज़हर खाने का खुलासा

बलरामपुर जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां छात्रा जहर खाकर स्कूल पहुंच गई. प्रार्थना के दौरान बेहोश होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके जहर खाने की बात सामने आई. घटना वाड्रफनगर स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल की है, जहां अध्ययनरत छात्रा प्रार्थना के दौरान बेहोश हो गई. स्कूल स्टॉफ उसे आनन-फानन अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों की जांच में कीटनाशक का सेवन करने की बात सामने आई. इस बात से स्कूल स्टॉफ के साथ पालक भी अवाक रह गए. फिलहाल, छात्रा ने किस कारण से कीटनाशक का सेवन किया था, इस बात का खुलासा नहीं हुआ है. मामले की रघुनाथनगर पुलिस जांच में जुटी है.