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iPhone के नाम पर ठगी: सिंगरौली की महिला को थमाया नकली फोन

सिंगरौली।  सिंगरौली जिले की एक महिला ने आईफोन की खरीद में धोखाधड़ी का दावा किया है.महिला ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में भी की है. बलियरी निवासी महिला संतोषी साकेत ब्यूटी पार्लर चलाती है.उसने शहर के कॉलेज मोड़ स्थित एक शॉप से 49 हजार 700 रुपए में इस आई फोन को खरीदा था. संतोषी साकेत ने बताया कि पिछले वर्ष अक्टूबर माह में क्लासिक कंप्यूटर एंड मोबाइल शॉप से उसने आई फोन खरीदा था.एक दो माह बाद आईफोन के कई फीचर्स ठीक से काम नहीं कर रहे थे.खराबी समझ में आने पर फोन को ठीक कराने जबलपुर स्थित सर्विस सेंटर ले गई थी.12 दिन बाद जब वह वापस फोन लेने गई तो बताया गया कि उसका आईफोन मोडिफाइड है. महिला के मुताबिक आईफोन का ब्ल्यूटूथ,कैमरा और वाईफाई सही से काम नहीं कर रहे थे.सर्विस सेंटर से वापस आने के बाद 8 महीने से संतोषी साकेत दुकानदार से आईफोन को बदलने या मरम्मत करने की मांग कर रही थी.पीड़ित महिला ने बताया कि दुकानदार फोन के डैमेज होने का बहाना बना रहा है. जिसके बाद अब पीड़ित महिला ने धोखाधड़ी की शिकायत कोतवाली पुलिस के पास की है.जिसकी जांच की जा रही है.  

जोरदार बारिश से तरबतर हुआ जयपुर, रातभर छाया मौसम का रोमांच

जयपुर राजधानी जयपुर में मौसम का मिजाज बदल गया है। बुधवार शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर देर रात तक चला जिसमें पूरा शहर भीग गया।  बुधवार शाम को 22 गोदाम, सी-स्कीम, टोंक रोड, राम बाग सर्किल, स्टैच्यू सर्किल, जवाहर नगर, सोडाला, राजापार्क, वैशालीनगर, सिविल लाइंस समेत शहरभर में बारिश हुई। इसके बाद देर रात फिर से बारिश दौर शुरू हुआ जो सुबह तक जारी रहा। राजस्थान के अन्य जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान सिरोही के आबूरोड पर 31, झालावाड़ के झालरापाटन में 50, मनोहरथाना में 28, अकलेरा में 45 और झालावाड़ शहर में 46MM पानी बरसा। प्रतापगढ़ के धरियावद में 28, बांसवाड़ा के केसरपुरा में 21, राजसमंद के खमनोर में 10 और चित्तौड़गढ़ के कपासन में 20 MM बारिश हुई। उदयपुर के बारापाल में 14, गोगुंदा में 12, श्रीगंगानगर के हिंदूमलकोट में 16, कोटा में 19.5, जालोर में 18.5, बारां के किशनगंज में 25, डूंगरपुर के गलियाकोट में 15 और चिखली में 12MM बरसात दर्ज हुई। राजस्थान में अब तक हुई बारिश के आंकड़े : वहीं जल संसाधन विभाग ने राजस्थान में अब तक हुई बारिश के आंकड़े जारी किए हैं। 1 जून से 20 अगस्त तक का आंकड़ा जारी किया है। इसके अनुसार अजमेर, बारां, ब्यावर, धौलपुर, डीडवाना-कुचामन, गंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर और टोंक में सामान्य से 60 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है. अलवर, बालोतरा, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, डीग, जयपुर, जालोर, झालावाड़, जोधपुर, झुंझुनूं, करौली, कोटा, नागौर, पाली, फलोदी, राजसमंद, सवाई माधोपुर में 20 से 59 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है. जबकि बांसवाड़ा, बाड़मेर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, जैसलमेर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, सलूंबर, सिरोही और उदयपुर में 19 से माइनस 19 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है.

अब 23 सितंबर तक भारतीय विमान नहीं कर सकेंगे पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल

लाहौर  पाकिस्तान के अधिकारियों ने बुधवार को भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध 23 सितंबर तक बढ़ा दिया। पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण ने एक नया नोटम (नोटिस टू एयरमैन) जारी किया है, जिसमें पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में भारतीय विमानों पर प्रतिबंध को एक महीने के लिए बढ़ाने की घोषणा की गई है। हवाई अड्डा प्राधिकरण ने कहा कि भारतीय एयरलाइनों द्वारा संचालित सभी विमानों को पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध भारत के स्वामित्व वाले या पट्टे पर लिए गए सैन्य और नागरिक विमानों पर भी लागू रहेगा। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव के मद्देनजर यह प्रतिबंध सबसे पहले 23 अप्रैल को एक महीने के लिए लगाया गया था। इस कदम से भारतीय विमानों के पाकिस्तानी क्षेत्र में उड़ान भरने पर रोक लग गई। पाकिस्‍तान को हो रहा मोटा नुकसान पाकिस्तान के एयरपोर्ट प्राधिकरण को भारतीय एयरलाइंस के लिए हवाई क्षेत्र बंद करने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. दो महीने में ही पाकिस्‍तान को 4.1 अरब रुपये (127 करोड़ भारतीय रुपये) का नुकसान झेलना पड़ा है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने संसद में पिछले दिनों यह जानकारी दी थी.  पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि भारतीय पंजीकृत विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद करने से पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) को 4.1 अरब रुपये का ओवरफ्लाइंग राजस्व नुकसान हुआ है. 2019 में भी हुआ था नुकसान पाकिस्तान को 2019 में भी भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने का खामियाजा भुगतना पड़ा था. तब प्रतिबंध लगाने से लगभग 451 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ था. पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने से भारतीय एयरलाइन कंपनियों को भी नुकसान हो रहा है. 30 अप्रैल को एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारतीय एयरलाइनों को हर महीने करीब 306 करोड़ रुपए से ज्यादा एक्स्ट्रा खर्च करने पड़ सकता है. एअर इंडिया ने अनुमान लगाया था कि अगर एक साल तक एयर स्पेस बंद रहता है तो उसे करीब 5081 करोड़ रुपए का वित्‍तीय नुकसान होगा. कुछ दिनों बाद 30 अप्रैल को भारत ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी विमानों और एयरलाइनों के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। इस प्रतिबंध को पहली बार 23 मई को बढ़ाया गया था। ऑपरेशन सिंदूर के समय लगाई थी पाबंदी पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष के मद्देनजर यह प्रतिबंध सबसे पहले 23 अप्रैल को एक महीने के लिए लगाया गया था. 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जो पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में आतंकी ढांचों को निशाना बनाकर एक विशाल सैन्य अभियान था. जिसके बाद पाकिस्तान की ओर से भी भारत पर हमले किए गए, जिनका भारत ने मुंह तोड़ जवाब दिया था. दोनों देशों के बीच 4 दिन संघर्ष चलने के बाद सीजफायर हो गया, लेकिन पाकिस्तान ने अभी तक हवाई क्षेत्र से पाबंदी नहीं हटाई है. एक तरफ संबंध सुधारने की बात वहीं पाकिस्तान के मुख्य सहयोगी चीन ने इच्छा जताई है कि भारत पाकिस्तान रिश्तों में सुधार करें, साथ ही दोनों के बीच चीन ने मध्यस्थता कराने की भी पेशकश की है. लेकिन पाकिस्तान का कदम भविष्य में होने वाली ऐसी किसी भी वार्ता पर असर डाल सकता है.  

मुंबई रणजी टीम की कप्तानी छोड़ेंगे अजिंक्य रहाणे, जानें फैसले के पीछे की वजह

नई दिल्ली  टीम इंडिया के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने आगामी डोमेस्टिक सीजन से पहले मुंबई की कप्तानी छोड़ने का बड़ा फैसला लिया है। 37 साल के रहाणे ने यह फैसला अपनी उम्र और नए कप्तान को तैयार करने को ध्यान में रखते हुए लिया है। वह बतौर खिलाड़ी मुंबई की टीम का हिस्सा होंगे। रहाणे ने कप्तानी छोड़ने का यह ऐलान सोशल मीडिया पर किया। रहाणे का मानना ​​है कि मुंबई के लिए एक नए कप्तान को तैयार करने का यह सही समय है और उन्होंने यह भी दोहराया है कि वह टीम के लिए खेलना जारी रखेंगे।   रहाणे ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “मुंबई टीम की कप्तानी करना और चैंपियनशिप जीतना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात रही है। आने वाले घरेलू सत्र को देखते हुए, मेरा मानना ​​है कि एक नए कप्तान को तैयार करने का यह सही समय है, इसलिए मैंने कप्तानी की भूमिका जारी न रखने का फैसला किया है। मैं एक खिलाड़ी के रूप में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के साथ अपनी यात्रा जारी रखूंगा ताकि हम और अधिक ट्रॉफी जीत सकें। इस सीजन का बेसब्री से इंतजार है।” रहाणे की कप्तानी में मुंबई ने जीते दो खिताब रहाणे की कप्तानी में मुंबई ने 2023-24 सीजन में खिताब जीतकर रणजी ट्रॉफी के सात साल के इंतज़ार को खत्म किया। टीम ने 2024-25 के सीजन में ईरानी ट्रॉफी भी हासिल की। कप्तानी छोड़ने के बावजूद, रहाणे ने स्पष्ट किया कि उनका संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है और वे सभी फॉर्मेट में बल्लेबाज के रूप में मुंबई की सेवा करते रहेंगे। कौन होगा मुंबई का अगला कप्तान? मुंबई की टीम में श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, यशस्वी जायसवाल और सरफराज खान जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। जायसवाल और सरफराज को छोड़कर, बाकी सभी की कप्तानी काबिले तारीफ है – अय्यर तीन आईपीएल फ्रेंचाइजी का नेतृत्व कर चुके हैं, जबकि सूर्यकुमार भारत के वर्तमान टी20 कप्तान हैं। जायसवाल की टेस्ट प्रतिबद्धताओं को देखते हुए, चयनकर्ता घरेलू सत्र के अधिकांश समय के लिए उपलब्ध कप्तान को प्राथमिकता दे सकते हैं। अय्यर और सूर्यकुमार दोनों ही रहाणे की जगह मुंबई के कप्तान बनने के प्रबल दावेदार हैं।  

एटा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर किया करारा वार

पहले मुगलों ने लूटा, अंग्रेजों ने तबाह किया, फिर कांग्रेस-सपा ने पहचान मिटाई : सीएम योगी एटा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर किया करारा वार  सीएम बोले- कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिर्फ अपने परिवार का कियाः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने कहा- डबल इंजन सरकार ने माफिया के अड्डे को बनाया निवेश का हब डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाः सीएम   मुख्यमंत्री ने एटा में 750 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित श्री सीमेंट प्लांट का किया उद्घाटन एटा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर करारा वार करते हुए कहा कि पहले भारत को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने तबाह किया और जो कुछ बचा रह गया, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने तबाही का नया मंजर पैदा कर देश के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया। आज डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। सीएम योगी ये यह बातें जनपद एटा में 750 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित श्री सीमेंट प्लांट के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहीं।  कांग्रेस-सपा पर सीधा हमला सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही। इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिर्फ अपने परिवार का किया। इनके समय में न व्यापारी सुरक्षित था, न बेटी सुरक्षित थी। यही वजह रही कि देश और प्रदेश पिछड़ते चले गए। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार और डबल इंजन की यूपी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के मंत्र से देश और प्रदेश को नई पहचान दी है। माफिया का गढ़ अब बना निवेश का केंद्र सीएम योगी ने कहा कि 8-9 साल पहले एटा की पहचान अपराध और माफिया के गढ़ के रूप में थी। गरीबों की जमीन पर कब्जा होता था, उनकी सुनवाई नहीं होती थी। जब नागरिक की संपत्ति ही सुरक्षित न हो, तब सरकार उसके कल्याण के लिए क्या करेगी? यही स्थिति तब थी। लेकिन आज एटा बेहतरीन कानून व्यवस्था और निवेश की नई पहचान बना है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट से 1500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और उसके बगल में श्री सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया है। इससे 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 3000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। रोजगार और व्यापार के नए अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से सिर्फ सीधे रोजगार ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, व्यापार और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल से जुड़े हजारों लोगों को भी काम का अवसर मिला है। यही है आत्मनिर्भर भारत की नींव, यही है विकसित भारत की आधारशिला। सीएम योगी ने कांग्रेस काल को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब सीमेंट कंट्रोल से मिलता था। अगर पहुंच है तो एक बोरा मिल जाएगा, वरना चोरी-छिपे खरीदना पड़ता था। घर बनाना मुश्किल था। यही कांग्रेस की नीयत और नीति थी। विकास कैसे होता?  भारत की अर्थव्यवस्था की कहानी सीएम योगी ने कहा कि भारत 17वीं–18वीं सदी में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था था। 1947 से 1960 तक छठे स्थान पर रहा, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीतियों ने इसे 2014 तक 11वें स्थान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास” का मंत्र दिया और आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अगले दो वर्षों में यह तीसरे स्थान पर होगा। दुनिया के सामने भारत का नया गौरवशाली चेहरा उभरेगा। योगी ने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार बनी तो उत्तर प्रदेश देश की सातवीं अर्थव्यवस्था था। आज यूपी दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह तब हुआ जब सत्ता पोषित गुंडों-माफिया पर कार्रवाई हुई, दंगाइयों के खिलाफ कठोर कदम उठे और निवेशकों में विश्वास पैदा हुआ। 45 लाख करोड़ का निवेश, 60 लाख युवाओं को रोजगार सीएम ने कहा कि यूपी अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित कर चुका है, जिनमें से 15 लाख करोड़ जमीनी धरातल पर उतारे गए हैं। इससे अब तक 60 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई है, जिसमें एटा के भी युवा शामिल हैं। नौकरी बिना भेदभाव, बिना चेहरा देखे, सिर्फ योग्यता के आधार पर दी जा रही है।  साथ ही मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत 70,000 युवाओं को ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण तथा मार्जिन मनी दी गई है ताकि वे अपना उद्यम स्थापित कर सकें। ओडीओपी से एटा की परंपरागत पहचान सीएम ने कहा कि आज एटा की पहचान न सिर्फ सीमेंट और पावर प्लांट से है, बल्कि अपने परंपरागत उद्यम जलेसर के घंटा और घुंघरू से भी है। देवस्थान की पूजा और संगीत की महफिल, दोनों जलेसर के बिना अधूरी हैं। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में यूपी को भी विकसित करना होगा। विधानसभा और विधान परिषद में 24 घंटे लगातार बहस हुई, सेक्टर और थीम तय किए गए। अब विशेषज्ञ हर जिले में जाकर युवाओं को तैयार करेंगे और जनता के सुझावों से रोडमैप बनेगा। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र सीएम ने कहा कि श्री सीमेंट सिर्फ उद्योग नहीं, बल्कि राष्ट्रीय उत्तरदायित्व भी निभा रहा है। अकेले एटा यूनिट ने अब तक 183 शहीद परिवारों को मुफ्त सीमेंट उपलब्ध कराया है। सीएम योगी ने कहा कि जब भारतीय जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए, तो यह तभी संभव हुआ जब पूरा देश एकजुट खड़ा रहा। श्री सीमेंट का योगदान इसी राष्ट्रीय भावना को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि बुलंदशहर और एटा के बाद, चित्रकूट में श्री सीमेंट ने 40 मेगावाट का ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाया है। सरकार ने उन्हें ओपन एक्सेस की सुविधा दी है ताकि वहां बनी बिजली का उपयोग यहीं हो सके। सीएम ने श्री सीमेंट को … Read more

सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए प्रदेश के 27 जिलों में चलाया जा रहा जागरूकता कार्यक्रम

योगी सरकार रात्रि चौपाल, नुक्कड़ नाटक और एमडीए यात्रा से फालेरिया काे दे रही मात   सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए प्रदेश के 27 जिलों में चलाया जा रहा जागरूकता कार्यक्रम सीएम की अपील, अभियान से जुड़े प्रदेश का हर नागरिक, खुद खाएं दवा और दूसरों को भी करें प्रेरित  प्रधान लगा रहे रात्रि चौपाल तो बच्चे नुक्कड़ नाटक से फैला हरे जागरूकता, अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी स्वास्थ्य जागरूकता  लखनऊ  योगी सरकार प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी के तहत योगी सरकार के निर्देश पर  फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान के तहत 27 जिलों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में यह अभियान जनमानस को फाइलेरिया से बचाव के उपायों और दवा सेवन के महत्व के प्रति जागरूक कर रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासी शत-प्रतिशत दवा का सेवन करें। इसके लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें रात्रि चौपाल, नुक्कड़ नाटक और एमडीए यात्रा प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग और जनहित के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं की मदद से भी ग्रामीण क्षेत्रों में फाइलेरिया के बारे में जानकारी दी जा रही है। बता दें कि फाइलेरिया उन्मूलन योगी सरकार की  प्राथमिकता में शामिल है। यही वजह है कि प्रदेश में लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी भी बढ़ाई जा रही है। योगी सरकार ने इस अभियान के जरिए राज्य के हर कोने में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया है। रात्रि चौपाल लगा फाइलेरिया के बारे में कर रहे जागरुक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप कानपुर, रायबरेली समेत कई जिलों में प्रधान रात्रि चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को फाइलेरिया के बारे में जागरूक कर रहे हैं। इस दौरान जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें यह समझा रहे हैं कि फाइलेरिया के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को दवाओं के सेवन से रोका जा सकता है। कानपुर के बिधनु ब्लॉक के मटियारा गांव में पीएसपी सदस्य प्रधान राहुल चौबे और फाइलेरिया रोगी राकेश ने कई दिनों से रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को वीडियो के माध्यम से फाइलेरिया के बारे में बताया और दवाइयों के सेवन का महत्व बताया। इसी तरह सरसौल ब्लॉक के तिलशहरी बुजुर्ग गांव में सीएचओ आशीष ने लोगों की भ्रांतियां दूर करते हुए उन्हें दवा लेने के फायदे समझाए। घाटमपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में भी पीएसपी सदस्य प्रधान जयनारायण सिंह और पंचायत सहायक ने लोगों को दवा खाने के लिए प्रेरित किया। नुक्कड़ नाटक से बच्च्चे बता रहे दवा के फायदे फाइलेरिया के प्रति नवयुवकों को जागरूक करने के लिए रायबरेली के राजदुलारी तालुकेदारी इंटर कॉलेज के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। कक्षा 12 की छह छात्राओं ने शिक्षकों और पीएसपी सदस्यों के सहयोग से प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक में एक फाइलेरिया रोगी की यात्रा और उस व्यक्ति के परिवार द्वारा सामना किए गए संघर्षों को दर्शाया गया। नाटक में यह संदेश दिया गया कि साधारण दवाइयां वर्षों की पीड़ा से लोगों की जान बचा सकती हैं और इससे फाइलेरिया से बचाव संभव है। अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए एमडीए यात्रा भी निकाली गई। इस यात्रा के जरिए पीएसपी सदस्यों ने जनमानस को फाइलेरिया के बारे में जागरूक किया। यात्रा का पहला चरण उन्नाव से रायबरेली तक रहा, जहां पीएसपी सदस्यों ने स्थानीय लोगों से गहन चर्चा की और फाइलेरिया के प्रति जागरूक किया। इस यात्रा के दौरान ग्राम प्रधान, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा कार्यकर्ता, संगिनी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और स्वयंसेवक सक्रिय रूप से शामिल हुए। एमडीए यात्रा का दूसरा चरण बाराबंकी से सीतापुर के लिए रवाना हुआ। अभियान से ग्रामीण इलाकों में बढ़ी स्वास्थ्य जागरूकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। इसके लिए योगी सरकार द्वारा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान की सफलता के लिए जनसहयोग को आवश्यक बताया है और प्रदेश के हर नागरिक से अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में अपनी भूमिका निभाएं और दवाइयां जरूर खाएं। राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के. चौधरी ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि अभियान के तहत अब तक काफी सफलता प्राप्त हुई है, और उम्मीद जताई है कि इस बार एमडीए अभियान में हम शत-प्रतिशत लोगों को दवा खाने में सफल होंगे। अभियान से न केवल फाइलेरिया की समस्या को समाप्त करने की दिशा में काम हो रहा है, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ रही है। इस प्रयास को हर नागरिक का समर्थन मिल रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे फाइलेरिया जैसी गंभीर समस्या का समाधान किया जा सकेगा।    

हर महीने 10 हजार डॉग बाइट केस, इंदौर में 9 साल में दोगुनी हुई घटनाएं

इंदौर इंदौर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रोजाना 150 से ज्यादा लोग कुत्तों के हमले (डॉग बाइट) के मामलों में अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस गंभीर समस्या पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। कोर्ट के इस कदम से शहरवासियों में राहत की उम्मीद जगी है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आदेश का स्वागत करते हुए इंदौर के लिए भी ऐसे ही निर्देश जारी करने की मांग की है। नगर निगम शेल्टर हाउस बनाकर कुत्तों को वहां स्थानांतरित करने की तैयारी कर रहा है। लाल अस्पताल के डॉक्टर आशुतोष शर्मा ने बताया कि रोज 150 से अधिक केस आ रहे हैं और यह घटते बढ़ते रहते हैं। प्रशासन ने कई अस्पतालों में डॉग बाइट के इंजेक्शन की व्यवस्था की है लेकिन मामले तेजी से बढ़ते ही जा रहे हैं।   इंदौर डॉग बाइट के मामले में प्रदेश में तीसरे पायदान पर है। यहां हर रोज औसतन 134 लोगों को कुत्ते अपना निशाना बना रहे हैं। एक दिन पहले ही बीएसएफ के छह जवानों को एक पागल कुत्ते ने अपना शिकार बनाया। शहर में हर महीने लगभग 10 हजार लोगों को स्ट्रीट डॉग शिकार बना रहे हैं। सिर्फ इंदौर के प्रमुख हुकुम चंद पॉलीक्लिनिक के आंकड़ों की बात करें तो औसतन 4 हजार 20 लोगों को आवारा कुत्तों ने शिकार बनाया है। यानी रोजाना 134 लोगों पर स्ट्रीट डॉग ने हमला किया है। 2 साल पहले 2023 में यह आंकड़ा कम था। 2023 तक हर महीने स्ट्रीट डॉग इंदौर में एवरेज 3 हजार 600 और रोजाना 120 लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। अब यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। हुकुम चंद पॉलीक्लिनिक (लाल अस्पताल) से मिले आंकड़ों के अनुसार इंदौर में जनवरी से लेकर जुलाई 2025 तक 28 हजार 142 लोगों को स्ट्रीट डॉग अपना शिकार बना चुके है। इसमें 28 अन्य वेक्सिन सेंटर और 350 नर्सिंग व प्राइवेट हॉस्पिटल का डेटा शामिल नहीं है। 9 साल में स्ट्रीट डॉग की संख्या दोगुनी इंदौर की अधिकांश कॉलोनियों और चौराहों पर देर रात निकलना अब और खतरनाक हो चुका है। पिछले 9 साल में स्ट्रीट डॉग के काटने की संख्या दोगुनी हो गई है। वहीं हर साल स्ट्रीट डॉग के शिकार लोगों की संख्या में 20% तक की बढ़ोतरी हो रही है। इनके काटने के बाद लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने के लिए एमटीएच स्थित हुकुम चंद पॉलीक्लिनिक पहुंचते हैं। आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2025 तक इंदौर में 28 हजार 142 लोग आवारा कुत्तों के हमले से घायल हुए हैं। जबकि 9 साल पहले 2016 में यह आंकड़ा 20 हजार 455 था। यानी 2016 में सालभर में जितने स्ट्रीट डॉग ने लोगों को शिकार बनाया था उससे 8 हजार ज्यादा लोगों को 2025 में स्ट्रीट डॉग सिर्फ 7 महीने में ही अपना शिकार बना चुके हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो 9 साल में इंदौर में डॉग बाइट के केस डबल हो गए हैं। इंदौर तीसरे, रतलाम पहले पायदान पर इंदौर डॉग बाइट के मामले में प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) द्वारा राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत भारत सरकार के निर्देश पर मध्य प्रदेश के 6 बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम में डाग बाइट्स के मामलों का सर्वे किया गया। यह सर्वे साल 2024 और जनवरी से जून 2025 के मध्य में किया गया है। इस सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार छह शहरों में राजधानी भोपाल में डाग बाइट्स के सबसे कम मामले दर्ज हुए, जबकि रतलाम इस मामले में पहले स्थान पर रहा। वहीं उज्जैन दूसरे, इंदौर तीसरे, जबलपुर चौथे और ग्वालियर पांचवें स्थान पर रहा। खास बात यह है कि एनएचएम की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2025 से जून 2025 तक इंदौर में 30 हजार 304 लोगों स्ट्रीट डॉग अपना शिकार बना चुके है। इंदौर में भी डॉग्स के लिए शेल्टर होम महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है "सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश केवल दिल्ली-एनसीआर के लिए है. इंदौर नगर निगम सुप्रीम कोर्ट में इंटरवेंशन एप्लिकेशन दायर करेगा. इंदौर की स्थिति भी न्यायालय के समक्ष रखी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया जाएगा कि इंदौर जैसे बड़े शहरों के लिए भी ऐसे ही दिशा-निर्देश जारी किए जाएं. इसके लिए नगर निगम शेल्टर हाउस बनाकर वहां डॉग्स को शिफ्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार है." इंदौर में डॉग बाइट के मामले इसलिए बढ़े दरअसल, इंदौर में डॉग्स द्वारा आम लोगों को काटने के मामले इसलिए भी अन्य शहरों की तुलना में ज्यादा है क्योंकि यहां सार्वजनिक स्थानों पर भोजन सामग्री अथवा कचरा डालना प्रतिबंधित है. ऐसी स्थिति में डॉग्स को आहार मिल पाना आमतौर पर मुश्किल रहता है, यही स्थिति अन्य मांसाहारी पक्षियों और पशुओं के साथ है. कई बार इस स्थिति में डॉग्स ज्यादा उग्र होने के कारण लोगों पर हमले कर देते हैं. इंदौर में हाल ही में एक बच्चे पर डॉगी के झुंड ने ऐसी ही स्थिति में हमला कर दिया था, जबकि परीक्षा देने जा रही एक छात्रा को घायल कर दिया था. 30 हजार डॉग्स की नसबंदी बड़ी चुनौती दरअसल, इंदौर में प्रतिदिन 600 से 800 लोगों को प्रतिदिन डॉगी के काटने के चलते बीते दिनों इंदौर जिला प्रशासन ने इनकी नसबंदी का अभियान चलाने के निर्देश दिए. इसमें नगर निगम के अलावा स्वयंसेवी संगठन ओर पशुपालन विभाग की टीम को मैदान में उतारा था, जो प्रतिदिन शहर में 25 से 30 नसबंदी कर पा रही है. हालांकि जिला प्रशासन ने 175 नसबंदी प्रतिदिन का टारगेट तय किया है, लेकिन नगर निगम की टीम इतनी संख्या में डॉग्स को पकड़ पाने की स्थिति में भी नहीं है. डॉग बाइट के मामले में इंदौर प्रदेश में तीसरे नंबर पर गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में डॉग द्वारा काटने की घटनाओं को लेकर हाल ही में नेशनल हेल्थ मिशन की एक रिपोर्ट आई है. इसके अनुसार भोपाल डॉग बाइट्स के मामले में 6वें नंबर पर है. वहीं अन्य 5 जिलों में भोपाल से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए है. नेशनल हेल्थ मिशन ने राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के 6 शहरों में सर्वे किया था. इस सर्वे में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और … Read more

गजब! भिंड में छात्र को स्वतंत्रता दिवस पर मिला सिर्फ एक लड्डू, पहुंची शिकायत CM तक

भिंड  भिंड में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां 15 अगस्त के रोज दो की जगह एक लड्डू मिलने से नाराज एक शख्स ने सीधे सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर दी। उसका कहना था कि मैंने दो लड्डू मांगे पर मुझे एक ही लड्डू मिला। यह घटना भिंड के नौधा ग्राम पंचायत की है, जहां स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम हुआ था। शख्स की शिकायत के बाद अब उसे बाजार से लड्डू खरीदकर दिए जाएंगे। 15 अगस्त के दिन नौधा पंचायत भवन में ध्वजारोहण का कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में गांववाले भी सम्मिलित हुए थे। परंपरा के अनुसार,सबको खाने के लिए लड्डू दिए गए। सबको एक-एक लड्डू ही मिला था। उस भीड़ में मौजूद शिकायतकर्ता ने एक लड्डू की जगह दो की मांग कर दी,लेकिन पंचायत भवन के कर्मचारी ने उसे एक ही लड्डू दिया जिसपर वह शख्स नाराज हो गया और सीधे इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर कर दी। शख्स ने शिकायत में लिखा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय त्योहार पर झंडा फहराने के बाद भी ग्राम पंचायत ने उन्हें उम्मीद के मुताबिक मिठाई नहीं दी। उन्होंने अपनी समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने को कहा। ग्राम पंचायत के सूत्रों के अनुसार, इस शिकायत के बाद अब पंचायत बाजार से लड्डू खरीदकर कमलेश कुशवाहा को देने की तैयारी कर रही है। पंचायत सचिव रविंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि सभी ग्रामीणों को बराबर मात्रा में लड्डू बांटे गए थे, लेकिन शिकायत करने वाले ने और ज़्यादा लड्डू माँगे थे। अब बाज़ार से लड्डू खरीदकर दिए जाएंगे।

टीम इंडिया के चयन पर दिग्गज का सवाल, 1983 वर्ल्ड कप विजेता बोले- हैरान करने वाले फैसले

नई दिल्ली एशिया कप के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड पर 1983 वर्ल्ड कप के हीरो मदन लाल ने हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ियों के शामिल नहीं किए जाने से उन्हें आश्चर्य है। उन्होंने हार्दिक पांड्या पर भी चयन समिति पर सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने साथ में यह भी कहा कि भारतीय टीम एशिया कप जीत सकती है। बातचीत में पूर्व चयनकर्ता मदन लाल ने कहा, 'कभी-कभी आप यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों के शामिल नहीं किए जाने पर हैरान महसूस करते हैं…मुझे नहीं पता हार्दिक पांड्या को क्यों हटाया गया।' उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन गिल एक अच्छी पसंद हैं क्योंकि वह बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं। आने वाले समय में यह संभव है कि गिल तीनों ही फॉर्मेट में खेलेंगे…वे खिलाड़ी जो मैच जिताते हैं, उन्हें बाहर नहीं किया जाना चाहिए…हमारे पास इतनी अच्छी टीम है कि हम एशिया कप जीत सकते हैं।’ मदन लाल ने भले ही कहा कि हार्दिक पांड्या को क्यों हटाया गया, लेकिन वह एशिया कप के स्क्वाड का हिस्सा हैं। पूर्व चयनकर्ता का इशारा पांड्या को उपकप्तान नहीं बनाए जाने की तरफ था। वैसे भी ऑलराउंडर को पहले ही उपकप्तानी से हटा दिया गया था और पिछली सीरीज में अक्षर पटेल इस भूमिका में थे। पांड्या ने 2024 के वर्ल्ड कप में उपकप्तानी की थी। एशिया कप के लिए ये जिम्मेदारी शुभमन गिल को मिली है। यशस्वी जायसवाल 15 खिलाड़ियों के स्क्वाड में नहीं हैं, लेकिन उन्हें रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर रखा गया है। अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयनसमिति ने मंगलवार को एशिया कप के लिए 15 सदस्यों वाले भारतीय दल का ऐलान किया। यशस्वी जायसवाल को इसमें जगह नहीं मिली। इसी तरह चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत के हीरो और टूर्नामेंट में टीम के टॉप स्कोरर रहे श्रेयस अय्यर को भी नजरअंदाज किया गया। अय्यर ने आईपीएल 2025 और पिछले साल घरेलू सीजन में भी जबरदस्त प्रदर्शन किया था। जायसवाल को तो स्क्वाड में जगह नहीं मिली लेकिन रिजर्व खिलाड़ियों की लिस्ट में उन्हें जरूर रखा गया है। दूसरी तरफ अय्यर को रिजर्व खिलाड़ी के लायक भी नहीं समझा गया। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।  

उज्जैन से दिल्ली जा रही बस शिवपुरी में दुर्घटनाग्रस्त, 20 यात्री घायल

 शिवपुरी  देहात थानांतर्गत ग्राम रायश्री के निकट गुरुवार अल सुबह एक यात्री बस सड़क पर लगे लोहे के पोल से टकरा गई। हादसे में बस में सवार यात्रियों में से 20 यात्री घायल हो गए। घायलों में चार की हालत नाजुक बनी हुई है। उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। शिवपुरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार मां वैष्णो ट्रेवल्स की यात्री बस बुधवार की रात करीब 8:30 बजे यात्रियों को लेकर उज्जैन से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान गुरूवार की अल सुबह करीब 4:30 बजे यात्री बस यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क पर लगे पोल से टकरा गई। हादसे में बस चालक सहित कुल 20 यात्री घायल हो गए। घायलों में शामिल गंभीर रूप से घायल चार लोगों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। घायलों में ये लोग हैं शामिल बस चालक बृजभूषण पुत्र श्रीलाल शर्मा, पूजा पत्नी सुमित शर्मा उम्र 38 साल, अनामिका पुत्र राजेंद्र पाठक उम्र 38 साल, प्रदीप पुत्र जगदीश उम्र 24 साल, आरती पत्नी दिनेश तोमर उम्र 45 साल, मेघा पत्नी शुभम कश्यप उम्र 29 साल, शुभम पुत्र मोहनलाल कश्यप उम्र 31 साल, भावना पत्नी धर्मेन्द्र पाटीदार उम्र 33 साल, सुशीला पत्नी मोहन पाटीदार उम्र 53 साल, जया पत्नी प्रदीप पाटीदार उम्र 27 साल, कविता पत्नी प्रकाश उम्र 33 साल, राकेश पुत्र ब्रजमोहन जाटव उम्र 32 साल, मुन्नालाल पुत्र रामचरण उम्र 62 साल, अक्षत सिंह पुत्र वासुदेव सिकरवार, मनोरमा पत्नी मुन्नालाल उम्र 50 साल, दिनेश पुत्र राजेश उम्र 47 साल, महेश पुत्र गेंदालाल पाटीदार उम्र 59 साल, सतवीर पुत्र ब्रजपाल उम्र 26 साल, रूपेश पुत्र प्रकाश चंद्र उम्र 45 साल, रैवर पुत्र मोहम्मद रफीक खान उम्र 26 साल शमिल हैं। क्लीनर चला रहा था बस देहात थानांतर्गत ग्राम रायश्री के पास घटित हुए सड़क हादसे के कारणों को जानने के लिए जब घायल यात्रियों से बात करने का प्रयास किया तो नईदुनिया को घटना का एक चश्मदीद यात्री रणधीर सिंह निवासी हाथरस उप्र मिला। रणधीर के अनुसार वह करीब पौने चार बजे बाथरूम करने के लिए उठे थे। बाथरूम करने के बाद वह 15 मिनट बस के ड्रायवर के पास बैठे रहे। उन्होंने देखा कि बस का चालक बोनट पर सो रहा था, जबकि बस का क्लीनर बस चला रहा था। बकौल रणधीर इसी दौरान उसने बस को कच्चे रास्ते पर उतार दिया। इस पर उसने बस चला रहे दिनेश को टोका। इसके बाद दिनेश बस के चालक को जगाता रहा परंतु वह नहीं जागा। इस वजह से वही गाड़ी को करीब 50-60 की स्पीड पर चलाता रहा। रणधीर के अनुसार करीब 4:10 मिनट पर एक्सीडेंट हो गया। वही बस में सवार क्लीनर दिनेश के भाई मुकेश का कहना है कि वह स्लीपर पर बच्चे के साथ सो रहा था। अचानक से बस ब्रेकर जैसी किसी चीज से उचकी और पोल पर जा टकराई। यही बात बस में सवार एक अन्य महिला यात्री ने भी बताई कि बस अचानक से उचकी और पोल पर जा टकराई। ऐसे में यह प्रतीत हो रहा है कि बस चला रहा व्यक्ति बस पर नियंत्रण नहीं कर पाया और इसी कारण बस दुर्घटना ग्रस्त हुई। अगर पुल की दीवार नहीं होती तो 50 फीट गहराई में गिरती बस जिस जगह बस का एक्सीडेंट हुआ है और बस पोल से टकराई है, उस जगह पर पुल बना हुआ था। बस पुल पर बनाई गई ऊंची दीवार के सहारे जाकर टकरा गई। अगर पुल की दीवार नहीं होती तो, निश्चित तौर पर बस हाईवे से नीचे करीब 50 फीट की गहराई में जाकर गिरती। ऐसे में यह हादसा बहुत बड़ा भी हो सकता था। दिनेश की पत्नी की हालत भी नाजुक जिस समय हादसा घटित हुआ, उस समय बस में बस चला रहे दिनेश की गर्भवती पत्नी आरती तोमर निवासी झुंझुनु राजस्थान भी सवार थी। हादसे के साथ ही वह काफी तेजी के साथ उचट कर फिकी। ऐसे में उसके पेट में काफी तेज दर्द होने लगा। इसके अलावा उसकी रीढ़ की हड्डी में भी गंभीर चोट आई है। उसकी हालत भी नाजुक बताई जा रही है।