samacharsecretary.com

जयशंकर बोले, भारत और रूस का साझा मकसद है आपसी सहयोग बढ़ाना

मॉस्को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को रूस की राजधानी मॉस्को में अपने समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत और रूस का साझा लक्ष्य आपसी रिश्तों में 'अधिकतम पूरकता' हासिल करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी चर्चाएं सार्थक रहीं और इस वर्ष के अंत में होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शिखर सम्मेलन को अधिकतम परिणामोन्मुख बनाएंगी। जयशंकर ने कहा, "आज की बैठक हमें राजनीतिक रिश्तों पर चर्चा करने का अवसर देती है, साथ ही व्यापार, आर्थिक निवेश, रक्षा, विज्ञान-तकनीक और जन-से-जन संपर्क जैसे द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा का भी। पिछले वर्ष हमारे नेताओं की 22वीं वार्षिक शिखर सम्मेलन और फिर कजान में मुलाकात हुई थी। अब हम इस साल के अंत में होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रहे हैं।" उन्होंने बताया कि बुधवार को रूस के उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ अंतर-सरकारी आयोग की बैठक बहुत उपयोगी रही और कई मुद्दों पर समाधान निकाले गए। उन्होंने कहा, "अब मैं चाहता हूं कि उन चर्चाओं को आगे बढ़ाया जाए ताकि वार्षिक शिखर सम्मेलन में अधिकतम परिणाम हासिल किए जा सकें।" विदेश मंत्री ने हाल ही में हुई अन्य उच्चस्तरीय बैठकों का भी उल्लेख किया, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, रेल और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा नीति आयोग प्रमुख सुमन बेरी की मॉस्को यात्राएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बदलते भू-राजनीतिक हालात और वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य के बीच भारत-रूस रिश्तों की निकटता और गहराई स्पष्ट झलकती है। जयशंकर ने लावरोव का गर्मजोशी से स्वागत किया और मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर उनकी नियमित मुलाकातों ने दोनों देशों के बीच सतत संपर्क बनाए रखने में मदद की है। बुधवार को जयशंकर ने मॉस्को में 26वें भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) की सह-अध्यक्षता भी की। इसके बाद उन्होंने एक्स पर लिखा, "भारत-रूस बिजनेस फोरम में शामिल होकर खुशी हुई। हमारे आर्थिक संबंधों की गहराई पर विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं की राय और आकलन उपयोगी रहे।" उन्होंने कहा, "किसी भी स्थायी रणनीतिक साझेदारी में मजबूत और टिकाऊ आर्थिक आधार जरूरी है। इस संदर्भ में मैंने हमारे कारोबारियों से अधिक व्यापार करने, नए निवेश और संयुक्त उपक्रमों पर विचार करने तथा आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्र तलाशने का आह्वान किया।"

सचिव केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य चन्द्रशेखर ने की अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा

भोपाल केन्द्रीय सचिव अल्‍पसंख्‍यक कार्य श्री चन्‍द्रशेखर की अध्‍यक्षता में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंखयक कल्याण विभाग के विंध्याचल भवन स्थित कार्यालय के सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में केंद्र सरकार के सचिव श्री चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना अंतर्गत हमीदिया अस्‍पताल के उन्‍नयन में चल रहे निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने हड्डी रोग विभाग, स्‍वशन रोग विभाग, नर्सिंग कॉलेज एवं छात्रावास, मॉर्चरी ब्‍लॉक, ड्रग स्‍टोर, वॉटर संपबैल एवं अधीक्षक कार्यालय भवन आदि की प्रगति की जानकारी प्राप्‍त की और अधिकारियों को निर्माण कार्यों को मिशन मोड में लेकर शीघ्र पूर्ण करने के लिए कहा। उन्होंने वक्‍फ-संपत्तियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्‍व विभाग के साथ समन्‍वय स्‍थापित कर वक्‍फ संपत्ति/भूमियों पर जहां पर अवैध कब्जा है, उन्हें अतिक्रमण मुक्‍त कराया जाए। वक्‍फ संपत्ति के पुरानें किराये-दारों से नवीन अनुवंध कर वर्तमान दरों पर किरायेदारी तय की जाये, जिससे वक्‍फ बोर्ड की आय में वृद्वि हो सके। बैठक में केंद्र सरकार के संयुक्‍त सचिव श्री राम सिंह, प्रदेश के प्रमुख सचिव पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण डॉ. ई रमेश कुमार, अपर सचिव श्री अनुराग चौधरी, स्‍वास्‍थ्‍य आयुक्‍त श्री तरूण राठी, आयुक्‍त पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण श्री सौरभ कुमार सुमन संचालक कौशल विकास श्री गिरीश मिश्रा और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

नई पहल: बच्चों को पढ़ाई जाएगी शिबू सोरेन की जीवनगाथा, स्कूली पाठ्यक्रम में होगा समावेश

रांची झारखंड के स्कूलों में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी पढ़ाई जाएगी। जी हां, झारखंड सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने ये घोषणा की है। स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की घोषणा के अनुसार, वर्ष 2026 से राज्य के सभी विद्यालयों में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन और योगदान से जुड़ी सामग्री को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। पहली से बारहवीं कक्षा तक की कुल 8 किताबों में शिबू सोरेन के जीवन पर आधारित अध्याय जोड़े जाएंगे। छोटे बच्चों (कक्षा 1 से 5) के लिए शिबू सोरेन का परिचय सरल भाषा और कहानियों के माध्यम से कराया जाएगा, जबकि बड़ी कक्षाओं में उनके सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष, आदिवासी पहचान की रक्षा में उनकी भूमिका, और संसदीय जीवन जैसे पहलुओं को विस्तार से पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट वर्क और शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से भी इस विषय से जोड़ा जाएगा। बता दें कि शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त को दिल्ली के सर गंगा अस्पताल में हुआ था। उनका 5 अगस्त को उनके पैतृक गांव नेमरा में अंतिम संसकार हुआ था। बेशक शिबू सोरेन दुनिया छोड़ कर चले गए, लेकिन वह हमेशा सभी के दिलों में रहेंगे।  

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- हर घर तक सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

नल से जल पहुंचाने में मध्यप्रदेश ने हासिल की 70 प्रतिशत से अधिक सफलता मार्च-2027 तक हर ग्रामीण परिवार तक पहुंचेगा जल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता केवल हर घर तक नल से जल पहुँचाने की ही नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि पेयजल सुविधा आने वाले वर्षों तक सतत और गुणवत्तापूर्ण रूप में उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नलजल योजनाओं के संचालन और संधारण की नीति को इस प्रकार तैयार किया जाय, जिससे हर गांव में स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था बने और किसी भी परिवार को पानी के लिए कठिनाई न उठानी पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण नीति के प्रारूप पर हुई बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन योजनाओं को निर्माण कार्य तक ही सीमित न रखकर संचालन और रखरखाव की ऐसी स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे आने वाले वर्षों में भी योजनाएँ पूरी क्षमता से कार्य करती रहें। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम स्तर पर सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए, जिससे ग्रामीण अपने स्तर पर भी योजनाओं की देखरेख कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ किए गए जल जीवन मिशन ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल दी है। मध्यप्रदेश ने इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। बैठक में निर्णय लिया गया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा तैयार किये गये "ग्रामीण नलजल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन नीति" को सक्षम स्वीकृति उपरांत 03 वर्षों के लिये लागू किया जाये। इस नीति के लागू होने से समूह जलप्रदाय योजनाओं की भांति एकल ग्राम नलजल योजनाओं का सुचारू एवं दीर्घकालिक संचालन हो सकेगा। इस नीति के अनुसार ग्रामीण नलजल योजनाओं का संचालन, संधारण एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जायेगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि ने बताया कि प्रदेश में अगस्त 2019 तक जहाँ केवल 12.11 प्रतिशत अंतर्गत 13 लाख 53 हजार ग्रामीण परिवारों को ही नल से जल मिल रहा था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 78 लाख 64 हजार से अधिक हो गई है। इस प्रकार 70.41 प्रतिशत ग्रामीण परिवार नल से जल सुविधा से जुड़ चुके हैं। कुल 1 करोड़ 11 लाख 69 हजार परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। जल जीवन मिशन का कार्य वर्ष 2027 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। समूह नलजल की 147 इसी प्रकार कुल योजनाओं में से अब तक 52 योजनाएँ पूर्ण की जा चुकी हैं जिनसे 4 हजार 285 ग्रामों में जलापूर्ति की जा रही है। शेष 95 योजनाएँ प्रगति पर हैं। प्रमुख सचिव श्री नरहरि द्वारा प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियान्वित हो रही नलजल योजनाओं के दीर्घकालिक एवं प्रभावी संचालन हेतु विभाग द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न स्तरों पर विचार विमर्श उपरांत तैयार की गई "ग्रामीण नलजल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन नीति" की विस्तार से जानकारी दी गई। इस नीति के प्रावधानों के अनुसार ग्रामीण नलजल योजना का संचालन पूर्व की भांति संबंधित ग्राम पंचायत के द्वारा किये जाने तथा ग्राम पंचायतों को योजना के संचालन में सहयोग देने हेतु तथा योजना संचालन की व्यवस्था को सदृढ करने के उददेश्य से योजना के संधारण से संबंधित कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से किये जाने की जानकारी दी गई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव, वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रबंध संचालक जल निगम श्री के. वी.एस. चौधरी कोलसानी भी उपस्थित थे।  

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य समय पर एवं गुणवत्ता के साथ करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

विकास कार्यों की संभागवार गहन समीक्षा की भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभीम) एवं 15वें वित्त आयोग मद अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य अधोसंरचना निर्माण कार्यों की विस्तृत संभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन के प्रस्तावों की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी ) जाँच शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने तकनीकी मैनपावर की पर्याप्त भर्ती कर कार्यों की गहन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इन कार्यों की प्रगति प्रदेश में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। समय पर कार्यों के पूर्ण होने से प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, संचालक प्रोजेक्ट श्री नीरज कुमार सिंह, एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बताया गया कि पीएम अभीम मद अंतर्गत प्रदेश में कुल 71 कार्य स्वीकृत हैं। इनमें से 27 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 30 कार्य प्रगतिरत हैं और 14 कार्य टेंडर स्तर पर हैं। स्वीकृत 93 करोड़ लाख रुपये में से अब तक 50 करोड़ 58 लाख रुपये का व्यय किया गया है। 15वें वित्त आयोग मद अंतर्गत कुल 1934 कार्य स्वीकृत हैं। इनमें से 267 कार्य पूर्ण, 1543 कार्य प्रगति पर तथा 19 कार्य टेंडर स्तर पर हैं। स्वीकृत 1 हजार 357 करोड़ रुपये में से 410 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि 4 जुलाई 2025 तक 201 कार्य पूर्ण थे, 19 अगस्त तक यह संख्या बढ़कर 267 पर पहुँची। समीक्षा अवधि में 66 अतिरिक्त कार्य पूर्ण हुए हैं।  

विपक्ष पर योगी का निशाना, कहा—कांग्रेस और सपा ने परिवारवाद को बढ़ावा दिया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एटा में कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने सत्ता के लिये सबका साथ लिया मगर विकास सिफर् अपने अपने परिवारों का किया है। एटा में 750 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित  सीमेंट प्लांट के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुये उन्होने कहा कि पहले भारत को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने तबाह किया और जो कुछ बचा रह गया, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने तबाही का नया मंजर पैदा कर देश के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया। आज डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही योगी ने कहा कि कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही। इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिफर् अपने परिवार का किया। इनके समय में न व्यापारी सुरक्षित था, न बेटी सुरक्षित थी। यही वजह रही कि देश और प्रदेश पिछड़ते चले गए। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार और डबल इंजन की यूपी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के मंत्र से देश और प्रदेश को नई पहचान दी है। उन्होने कहा कि 8-9 साल पहले एटा की पहचान अपराध और माफिया के गढ़ के रूप में थी। गरीबों की जमीन पर कब्जा होता था, उनकी सुनवाई नहीं होती थी। जब नागरिक की संपत्ति ही सुरक्षित न हो, तब सरकार उसके कल्याण के लिए क्या करेगी। यही स्थिति तब थी। लेकिन आज एटा बेहतरीन कानून व्यवस्था और निवेश की नई पहचान बना है। सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट से 1500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और उसके बगल में  सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया है। इससे 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 3000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से सिफर् सीधे रोजगार ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोटर्, व्यापार और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल से जुड़े हजारों लोगों को भी काम का अवसर मिला है। यही है आत्मनिर्भर भारत की नींव, यही है विकसित भारत की आधारशिला। भारत 17वीं-18वीं सदी में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था था सीएम योगी ने कांग्रेस काल को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब सीमेंट कंट्रोल से मिलता था। अगर पहुंच है तो एक बोरा मिल जाएगा, वरना चोरी-छिपे खरीदना पड़ता था। घर बनाना मुश्किल था। यही कांग्रेस की नीयत और नीति थी। विकास कैसे होता। योगी ने कहा कि भारत 17वीं-18वीं सदी में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था था। 1947 से 1960 तक छठे स्थान पर रहा, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीतियों ने इसे 2014 तक 11वें स्थान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ‘‘सबका साथ, सबका विकास'' का मंत्र दिया और आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अगले दो वर्षों में यह तीसरे स्थान पर होगा। सत्ता पोषित गुंडों-माफिया पर कार्रवाई हुई दुनिया के सामने भारत का नया गौरवशाली चेहरा उभरेगा। योगी ने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार बनी तो उत्तर प्रदेश देश की सातवीं अर्थव्यवस्था था। आज यूपी दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह तब हुआ जब सत्ता पोषित गुंडों-माफिया पर कारर्वाई हुई, दंगाइयों के खिलाफ कठोर कदम उठे और निवेशकों में विश्वास पैदा हुआ। पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई उन्होंने कहा कि यूपी अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित कर चुका है, जिनमें से 15 लाख करोड़ जमीनी धरातल पर उतारे गए हैं। इससे अब तक 60 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई है, जिसमें एटा के भी युवा शामिल हैं। नौकरी बिना भेदभाव, बिना चेहरा देखे, सिफर् योग्यता के आधार पर दी जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत 70,000 युवाओं को ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण तथा मार्जिन मनी दी गई है ताकि वे अपना उद्यम स्थापित कर सकें।   

जर्मन डीप टेक लीडर्स के साथ भागीदारी से म.प्र. को डिजिटल प्रदेश बनने में मिलेगी गति

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश एवं नवाचार को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड का भ्रमण किया। इसका उद्देश्य डिजिटल परिवर्तन, डीप टेक और निवेश संवर्धन के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना था। जर्मन डीप टेक लीडर्स का यह दौरा प्रदेश में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तेजी से प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र बन रहे प्रदेश की जर्मन डीप टेक लीडर्स के साथ साझेदारी डिजिटली सशक्त राज्य बनने की यात्रा को गति प्रदान करेगी। प्रतिनिधिमंडल में जर्मनी के अग्रणी उद्यमी और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ जिनमें टाइलर्स के श्री स्टीवन रेनविक, टैलोनिक के श्री निकोलस एडमोपोलोस एवं सुश्री जोआना माजा मोर्ज़ी, स्टेएक्स के श्री एलेक्जेंड्रा के मिकीटयूक, क्यू-नेक्ट एजी के श्री गेब्रियल वेटज़ेल एवं श्री आंद्रे लैंग, क्लाउडस्क्विड के श्री फिलिप रेजमस और जर्मनी इंडिया इनोवेशन कॉरिडोर के श्री सिद्धार्थ भसीन शामिल थे।ये कंपनियाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कार्यप्रवाह स्वचालन, विकेन्द्रीकृत सॉफ्टवेयर, डेटा अवसंरचना और अगली पीढ़ी के उद्यम समाधानों में अग्रणी हैं। डिजिटल नवाचार का प्रदर्शन प्रतिनिधिमंडल ने राज्य डेटा सेंटर का भ्रमण किया और एमपीएसईडीसी की प्रमुख परियोजनाओं से परिचित हुए। प्रस्तुतियों में स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (एमपी स्वान), राज्य डेटा सेंटर, और उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से डिजिटल रूप से सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में मध्यप्रदेश के प्रयासों के साथ एकल नागरिक डेटाबेस, साइबर तहसील, संपदा 2.0, ई-नीलामी, आपदा चेतावनी और प्रतिक्रिया प्रणाली, यूनीपे, कार्य प्रबंधन प्रणाली, और ई-एचआरएमएस जैसी परियोजनाओं पर प्रकाश डाला गया।नवीन डिजिटल शासन अनुप्रयोगों जैसे ज्ञानकोष, एआई/एमएल-आधारित डिस्कॉम समाधान, सीसीटीएनएस के तहत पुलिस चैटबॉट, चक्षु भावना विश्लेषण मंच, और आबकारी डैशबोर्ड का भी प्रदर्शन किया गया। प्रगतिशील निवेश नीतियां और अवसर प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश की प्रगतिशील निवेश नीतियों और उभरती प्रौद्योगिकी पर केंद्रित योजनाओं जैसे जीसीसी नीति-2025, एवीजीसी-एक्सआर नीति-2025, ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति-2025 और आगामी सेमीकंडक्टर नीति-2025 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इन नीतियों के माध्यम से मध्यप्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। साथ ही बताया गया कि लागत, प्रतिभा, बुनियादी ढांचे, और जीवन स्तर के मामले में मध्यप्रदेश टियर-2 शहरों में निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी लाभ प्रदान करता है, जिसके कारण कंपनियां टियर-1 से टियर-2 शहरों की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। एमपीएसईडीसी के परियोजना निदेशक श्री गुरु प्रसाद ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र बन रहा है। जर्मनी और मध्यप्रदेश नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में मजबूत समन्वय साझा करते हैं। जीसीसी, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, और एवीजीसी-एक्सआर जैसे क्षेत्रों में प्रगतिशील नीतियों के माध्यम से हम एक जीवंत स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो जर्मन भागीदारों के साथ गहन सहयोग से और समृद्ध होगा। जर्मन डीप टेक उद्यमियों के इस दौरे में मेहमान टीम की विशेषज्ञता और प्रदेश के डिजिटल गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच तालमेल पर केंद्रित विचार विनिमय हुआ। इससे नवाचार, अनुसंधान और निवेश की भावी साझेदारियों के लिए ठोस आधार तैयार हुआ है।  

सीएम हेल्पलाइन पर आयुष्मान योजना को लेकर लगातार मिल रही शिकायतें

भोपाल  केंद्र सरकार ने गरीब, जरूरतमंदों के लिए निश्शुल्क स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। जिसमें हर प्रति वर्ष पांच लाख रूपये तक का उपचार करवाया जा सकता है। लेकिन निजी अस्पतालों ने योजना के नाम पर अवैध वसूली शुरू कर दी है। हाल ही में कनाड़िया क्षेत्र के फिनिक्स अस्पताल से शिकायत मिली है, जांच में आयुष्मान कार्ड धारक मरीज से राशि लेना पाया गया है। लेकिन इस तरह राशि वसूलने का खेल सिर्फ फिनिक्स अस्पताल में ही नहीं बल्कि शहर के कई निजी अस्पतालों में चल रहा है।   सीएम हेल्पलाइन पर हर माह करीब 10 शिकायतें आयुष्मान कार्ड धारकों द्वारा वसूली, इलाज नहीं मिलने, लंबे समय तक भर्ती रखने आदि की आती है। यानि हर वर्ष 100 से अधिक शिकायतें होती है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच के लिए भी अस्पतालों में जाते हैं। अधिकारियों के मुताबिक इंदौर में 68 निजी अस्पताल और 35 शासकीय अस्पताल जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल है। यहां आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीजों का उपचार होता है। मरीजों को स्वस्थ होने के बाद भी नहीं करते डिस्चार्ज शहर के निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के अंतर्गत सबसे अधिक शिकायत इस संबंध में आती है कि मरीजों को स्वस्थ होने के बाद भी यह डिस्चार्ज नहीं करते हैं। छोटी बीमारी में भी उपचार के लिए मरीजों को लंबे समय तक भर्ती रखा जाता है। ताकि मोटा बिल बनाकर राशि ले सकें। लेकिन इस संबंध में कभी बड़ी कार्रवाई होते हुए नजर नहीं आती है। निजी अस्पतालों पर हो चुकी कार्रवाई इससे पहले भी मरीजों से राशि वसूलने, मरीजों को जबरन भर्ती करने सहित आयुष्मान से जुड़ी अन्य गड़बड़ी सामने आ चुकी है। यह गड़बड़ी शहर के बड़े निजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सामने आई थी। जिसकी भोपाल से आई टीम ने जांच की थी और कार्रवाई भी हुई थी।     इंदौर के 68 निजी अस्पतालों आयुष्मान योजना से इलाज।     शहर के 35 शासकीय अस्पताल, प्राथमिक केंद्रों पर योजना से इलाज।     अस्पतालों में आयुष्मान के अप्रुवल के लिए परेशान होते हैं मरीज। 

मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में आकार ले रहा है भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आसपास के जिले भी होंगे लाभान्वित वेस्टर्न बायपास के निर्माण से आवागमन होगा बेहतर अक्टूबर 2025 तक भोपाल में आरंभ होगी मेट्रो ट्रेन भोपाल के प्रमुख मार्गों पर बनेंगे द्वार और बड़े तालाब में कश्मीर की डल झील के समान चलाए जाएंगे शिकारे अमृत 2.0 परियोजना के अंतर्गत भोपाल शहर के 30 हजार घरों तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता होगी सुनिश्चित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगरनिगम के 582 करोड़ 32 लाख रूपए लागत के जलापूर्ति संबंधी कार्यों और 16 करोड़ 76 लाख रूपए के 50 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन और वितरित किए नियुक्ति-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भोपाल के सफाई मित्रों का सम्मान कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल देश के सुंदरतम शहरों में से एक है। प्रदेश की राजधानी के विकास को सुनियोजित करते हुए भोपाल को राज्य सरकार मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसका लाभ भोपाल के आसपास के जिलों को भी मिलेगा। भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के आवागमन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वेस्टर्न बायपास भी विकसित किया जा रहा है। अक्टूबर 2025 तक भोपाल में मेट्रो ट्रेन का संचालन भी आरंभ होगा। भोपाल के बड़े तालाब में कश्मीर की डल झील के समान शिकारो का संचालन भी पर्यटन विकास निगम के सहयोग से किया जाएगा। भोपाल में नगर निगम के माध्यम से प्रमुख मार्गों पर भव्य द्वार बनाए जा रहे हैं। साथ ही नगर में विशाल कन्वेंशन सेंटर का निर्माण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नगरपालिका निगम भोपाल द्वारा निर्माण कार्यों के भूमिपूजन, नियुक्ति-पत्र वितरण और सफाई मित्रों के सम्मान के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में अमृत 2.0 परियोजना के अंतर्गत रुपए 582.32 करोड़ की लागत से विभिन्न जलापूर्ति संबंधी कार्यों और 16 करोड़ 76 लाख रूपए लागत से विभिन्न वार्डों में होने वाले 50 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। साथ ही नियुक्ति एवं अनुकंपा-पत्र प्रदान किए और स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रत्येक भारतवासी के जीवन को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता के परिणाम स्वरूप ही अमृत 2.0 परियोजना में भोपाल शहर के 30 हजार घरों तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी की जीवटता के परिणामस्वरूप ही देश में नगरीय विकास के साथ नागरिकों के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार भी तीव्र गति से हो रहा है। इससे आम आदमी का जीवन सरल और सुगम होगा। प्रदेश में 295 नगरों में विकास कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि भारत में नगरीय व्यवस्था प्राचीनकाल से ही व्यवस्थित और समृद्ध रही है। हड़प्पा और मोहनजोदाड़ो इसके उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था आज दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच गई है। विश्व में भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की साख है। भारतीय लोकतंत्र में स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र हो या राज्य, जब कोई भी योजना लागू होती है तो सबसे पहली भूमिका निकायों की होती है। भोपालवासियों ने ऐतिहासिक रूप से अपने जीवंत लोकतांत्रिक संस्कारों का परिचय दिया है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भोपाल में आरंभ हुआ विलीनीकरण आंदोलन इसका उदाहरण है। देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की सक्रियता और भारतीय सेना द्वारा देशवासियों को दिए गए सुरक्षा के अहसास से हमारी अर्थव्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में विकास की गति तेज हुई है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास में नगरों का विकास अति महत्वपूर्ण है। नगरों में लगातार रोजगार के अवसर सृजित होते हैं तो नगरों का आकार बढ़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शहरों के विकास के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जो मील का पत्थर साबित हो रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्मार्ट सिटी विकसित करने और स्वच्छता सर्वेक्षण की शुरुआत की। इस वर्ष भोपाल को स्वच्छता में दूसरा स्थान मिला है। अमृत परियोजना 2.0 योजना से शहरों की समस्याओं को दूर करने और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए टंकियों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के कार्य हो रहे हैं। उन्होंने भोपलवासियों से भोपाल को अगले स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर-1 बनाने के लिए हरसंभव योगदान देने का आहवान किया। महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय ने कहा कि भोपाल नगर निगम द्वारा अमृत परियोजना 2.0 योजना के अंतर्गत भविष्य की दृष्टि से पेयजल के लिए 4 फिल्टर प्लांट और 4 इंटेकवेल बनाए जाएंगे। साथ ही 36 उच्चस्तरीय टंकियों से 700 किमी लंबी पाइपलाइन से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। भोपाल नगर निगम के 31 कर्मचारियों की असमय मृत्यु के बाद उनके परिवार के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति के पत्र वितरित किए जा रहे हैं। सीधी भर्ती से चयनित 24 अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। सफाई मित्रों के सहयोग के कारण ही भोपाल को स्वच्छता सर्वेक्षण में उपलब्धि प्राप्त हुई है। इस सफलता के लिए सफाई मित्रों का सम्मान हम सबका दायित्व है। कार्यक्रम मेंपूर्व प्रोटेम स्पीकर एवं विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, श्री रवीन्द्र यति, भोपाल नगर निगम के पार्षद, अधिकारी-कर्मचारी, सफाई मित्र तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित 

बाहर से आने वाले निर्माण सामग्री पर टैक्स घटा, हरियाणा में घर बनाने वालों को मिलेगा लाभ

चंडीगढ़ हरियाणा में अब दूसरे राज्यों से आने वाले पत्थर, गोला पत्थर और रेत-बजरी पर कम टैक्स लगेगा। खनिज से भरे वाहनों को 100 रुपये की बजाय 80 रुपये प्रति टन शुल्क देना होगा। पत्थर और बोल्डर पर रायल्टी को भी 100 रुपये से घटाकर 80 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। खान एवं भू विज्ञान विभाग के आयुक्त एवं सचिव टीएल सत्यप्रकाश ने दूसरे राज्यों से आने वाली खनन सामग्री पर टैक्स दरें 20 रुपये प्रति टन घटाने का लिखित आदेश जारी कर दिया है। हरियाणा में छह राज्यों से खनन सामग्री लाई जाती है।26 जून को हुई मंत्रिमंडल बैठक में खनिजों के अंतरराज्यीय परिवहन के लिए 100 रुपये प्रति टन, पत्थर की रायल्टी को 45 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति टन और रेत की रायल्टी को 40 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति टन कर दिया गया था। इससे पत्थर, गोला पत्थर और रेत-बजरी की कीमतों में तेजी आ गई। मामला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंचा तो फिर टैक्स की दरें घटाने का निर्णय लिया गया, जिस पर एक अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में मुहर लग गई। अधिसूचना जारी होने के बाद अब दूसरे राज्यों से आने वाले खनिज से लदे वाहनों और राज्य के बाहर के स्थानों पर खनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों पर 80 रुपये प्रति टन शुल्क लगाया जाएगा। वहीं, पत्थर और बोल्डर पर रायल्टी की दर 80 रुपये प्रति टन होगी। खनन पट्टे के मामले में लघु खनिज के लिए रायल्टी की दर खनिज के लिए लागू दरों के अतिरिक्त 25 प्रतिशत होगी।