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प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजधानी भोपाल में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सम्मान समारोह के साथ सुगम संगीत और ड्रोन शो भी होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की ली जानकारी अधिक से अधिक युवाओं को कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में आगामी 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। प्रस्तावित कार्यक्रमों के अनुसार स्थापना दिवस कार्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न प्रस्तुतियां होंगी। भोपाल के लाल परेड मैदान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन होगा। जनकल्याण, सुशासन और शौर्य के पर्याय सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और योगदान से नागरिकों को महानाट्य के माध्यम से परिचित करवाने के लिए दक्ष कलाकार राजधानी आएंगे। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष नई दिल्ली में भी सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन सफलतापूर्वक हुआ है, जिसे व्यापक प्रशंसा मिली। इसके साथ ही स्थापना दिवस पर प्रख्यात कलाकारों द्वारा सुगम संगीत कार्यक्रम एवं ड्रोन-शो का आयोजन होगा। ड्रोन-शो के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से आवश्यक तैयारियां प्रारंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ने के निर्देश दिए। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस राजधानी से लेकर जिलों तक मनाया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल सहित जिलों में होने वाले स्थापना दिवस कार्यक्रम के गरिमामय आयोजन के लिए आवश्यक तैयारी की जाए। नारी सशक्तिकरण के प्रतीक स्व-सहायता समूह की बहनों को भी आमंत्रित किया जाए। नागरिकों की व्यापक भागीदारी होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सहित विभिन्न सेवा क्षेत्र में गतिविधियों का आयोजन किया जाए। प्रदेश के स्थापना दिवस का अवसर उल्लास और उमंग का अवसर है और इसमें हर व्यक्ति की सहभागिता होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग के सहयोग से सामान्य ज्ञान और अन्य स्पर्धाएं आयोजित की जाएं। राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की जानकारी और प्रमुख उपलब्धियां भी जन-जन पहुंचे। इसके लिए प्रदर्शनी भी आयोजित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र, नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र, सुशासन और अन्य कई क्षेत्रों में नवाचार किए गए हैं। अनेक उपलब्धियां राज्य ने अर्जित की हैं। इन उपलब्धियां की जानकारी आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला पर्यटन परिषद को भी आयोजनों से जोड़ा जाए। बैठक में बताया गया कि भोपाल के लाल परेड मैदान पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ ही जिला मुख्यालय पर भी स्थापना दिवस के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला स्तर पर जिला उत्पादों का प्रदर्शन और उत्कृष्ट कार्यो पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। सभी शासकीय भवनों में एक नवंबर को प्रकाश सज्जा की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला, आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

मध्यप्रदेश में पेट्रोलियम खनिजों की अपार संभावनाएं

खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और ई-गवर्नेंस से पारदर्शिता व सुशासन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खनिज संसाधनों की प्रचुरता प्रदेश की समृद्धि का आधार बन रही है। क्रिटिकल मिनरल्स, रेयर अर्थ एलिंमेंट्स, हीरा और बहुमूल्य धातुओं के भंडार मिलने से प्रदेश खनन क्षेत्र में देश का सिरमौर बनने की राह पर तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में मध्यप्रदेश की भूगर्भीय संरचना पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और कोल बेड मीथेन (CBM) जैसे हाइड्रोकार्बन संसाधनों की अपार संभावनाएं है। विशेषज्ञों के अनुसार राज्य के पूर्वी हिस्से में गोंडवाना बेसिन और पश्चिमी-दक्षिणी हिस्से में नर्मदा एवं ताप्ती घाटियों में अवसादी चट्टानों का व्यापक प्रसार है। विशेषज्ञों के अनुसार ये हाइड्रोकार्बन के लिये अत्यंत अनुकूल हैं। शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, दमोह, पन्ना, छतरपुर, सागर, नरसिंहपुर, रायसेन, खंडवा, खरगोन, बड़वानी और छिंदवाड़ा जिलों में हाइड्रोकार्बन और सीबीएम (कोल बैड मीथेन) गैस की संभावनाएं विशेष रूप से चिन्हित हुई हैं। सीबीएम का वाणिज्यिक उत्पादन और नये ब्लॉक प्रदेश में वर्तमान में सीबीएम के वाणिज्यिक उत्पादन के लिये 2 पेट्रोलियम माइनिंग लीज़ रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को दी गई हैं। शहडोल-अनूपपुर जिले के 500 वर्ग किलोमीटर ब्लॉक में वाणिज्यिक उत्पादन जारी है। यहां 495 वर्ग किलोमीटर ब्लॉक में शीघ्र उत्पादन प्रारंभ होने की उम्मीद है। इसी प्रकार दमोह जिले के हटा क्षेत्र में 200.2 वर्ग किलोमीटर का प्राकृतिक गैस ब्लॉक खोजा गया है। शासन द्वारा इसे 15 वर्षों के लिये ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) को स्वीकृत किया गया है। आवश्यक स्वीकृतियां मिलते ही यहां उत्पादन कार्य प्रारंभ हो जायेगा। पेट्रोलियम खनिजों की व्यापक खोज तेल और प्राकृतिक गैस की खोज के लिये प्रदेश में कुल 18,547 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन लाइसेंस स्वीकृत किये गये हैं। खोज कार्य 5 ब्लॉक्स में प्रारंभ हो चुका है, जबकि 6 ब्लॉक्स में आवश्यक स्वीकृतियां जारी होते ही अन्वेषण शुरू हो जायेगा। इन क्षेत्रों में हाइड्रोकार्बन और सीबीएम के समृद्ध भंडार मिलने की संभावना है, जिससे प्रदेश और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। पेट्रोलियम खनिजों की खोज और उत्पादन से राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में नई ऊंचाइयां मिलेंगीं। साथ ही खनिज क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और ई-गवर्नेंस से पारदर्शिता और सुशासन के नये मॉडल स्थापित हो रहे हैं। इन उपायों से ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ ही प्रदेश के औद्योगिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। तकनीकी नवाचारों से खनन क्षेत्र में ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस खनिज साधन विभाग ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता और सुशासन सुनिश्चित करने के लिये डिजिटल नवाचारों की श्रृंखला लागू की है।खदानों की स्वीकृति, पंजीकरण, उत्पादन-प्रेषण प्रबंधन, रॉयल्टी भुगतान, ई-ट्रांजिट पास और रॉयल्टी क्लियरेंस जैसी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है। खनन योजनाओं की प्रस्तुति और स्वीकृति को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। इसमें ऑनलाइन माइनिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम, रजिस्टर्ड क्वालिफाइड पर्सन (आरक्यूपी) का पंजीकरण, रियल-टाइम ट्रैकिंग और लेट-अलर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रदेश की 7 हजार खदानों की जियोटैगिंग कर जीआईएस मैप पर चिन्हित किया गया है। इस उपग्रह आधारित सर्विलांस सिस्टम से अवैध खनन की रीयलटाइम पहचान की जाती है, साथ ही संबंधित जिलों को अलर्ट भेजा जाता है। खनन क्षेत्रों में 40 प्रमुख मार्गों पर मानव रहित एआई आधारित ई-चेकगेट स्थापित किये गये हैं। कमांड सेंटर से इनकी निगरानी कर अवैध खनिज परिवहन पर अंकुश लगाया जा रहा है। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और महिला-बाल विकास जैसी परियोजनाओं का डीएमएफ पोर्टल से डिजिटल प्रबंधन किया जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सार्थक ऐप से ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू है।  

नई बस सेवा: यूपी से बिहार के लिए अब रोजाना सीधी यात्रा, जानें ठहराव वाले शहर

लखनऊ आलमबाग बस टर्मिनल से मुजफ्फरपुर की बस सेवा शुरू होने के बाद अब वाराणसी से गया के लिए विशेष बस सेवा का संचालन होगा। सरकार ने पितृपक्ष के दौरान पिंडदान व तर्पण के लिए गया बिहार जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बस शुरू कर रही है। बस सप्ताह में सातों दिन चलेगी। इनमें यात्रियों की सुरक्षा व सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा गया है। परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया, बस सेवा से पितृपक्ष में लोग गया आसानी से पहुंच सकेंगे। वाराणसी (कैंट) से संचालित बस चंदौली-सासाराम-औरंगाबाद-शेरघाटी-गया (बिहार) तक के लिए चलेगी। रूट के अन्य यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। वाराणसी स्टेशन से रात्रि आठ बजे चलकर बस गया, बिहार सुबह चार बजे पहुंचेगी। वाराणसी से बिहार तक का 465 रुपये निर्धारित किया गया है। परिवहन मंत्री ने बताया, इस बस के संचालन से निजी वाहनों पर श्रद्धालुओं की निर्भरता कम होगी, जो कि उनके खर्च और समय को भी बचाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पितृपक्ष में गया जाते हैं। उनकी सुविधा को देखते हुए परिवहन निगम ने मंथन किया। यदि सब कुछ ठीक रहा तो इस बस संचालन को नियमित करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने व श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने का प्रयास कर रही है। हरियाणा के लिए भी अंतरराज्यीय बस सेवा अंतरराज्यीय बस संचालन के तहत सारनाथ वाराणसी से बोधगया बिहार के लिए भी बस सेवा संचालित होगी। लखनऊ से मुजफ्फरपुर के लिए व मेरठ से सोनीपत (हरियाणा) के लिए भी बसों का संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ (आलमबाग बस टर्मिनल) से मुजफ्फरपुर का किराया 862 रुपये निर्धारित किया गया है। बस सेवा लखनऊ से रात्रि दो बजे चलकर बाराबंकी, अयोध्या, गोरखपुर, तुमकुही, गोपालगंज होते हुए अगले दिन सुबह चार बजे मुजफ्फरपुर पहुंचती है। मेरठ से सोनीपत के लिए चलने वाली बसें दिन में तीन फेरे लगाएंगी। यह बस बड़ौत डिपो से सुबह 06ः30 बजे, 10ः50 बजे व 15ः50 बजें चलकर सोनीपत जाएगी। यात्रियों को आवागमन में आ रही परेशानियों को देखते हुए परिवहन निगम ने सोनीपत (हरियाणा) के लिए बस संचालन शुरू करने का निर्णय लिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का भोपाल के विकास में योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

श्रमिक, गरीब व कमजोर वर्ग के लिए आवाज उठाने वाले संघर्षशील नेता थे बाबूजी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गौर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर ने प्रदेश के विकास के लिए सभी दिशाओं में अपने दायित्व का निर्वहन किया। उन्होंने श्रमिक, गरीब व कमजोर वर्ग के लिए आवाज उठाई और संघर्ष किया। साथ ही एक आदर्श विधायक के कर्तव्यों का निर्वहन किया। उनकी अनुशासित और समयबद्ध जीवनशैली तथा जनसामान्य से जीवंत सम्पर्क और जनता के रोजमर्रा के विषयों के प्रति संवेदनशीलता ने उन्हें अजेय जनप्रतिनिधि बनाया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की पुण्यतिथि पर यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर के 74 बंगला स्थित निवास पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिजन से संवेदनाएं साझा करते हुए उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल ताल पर बना वीआईपी रोड श्रद्धेय गौर साहब की देन है। मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल सदैव स्मरणीय रहेगा। जनसेवा का मार्ग चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन उनके व्यवहार और सबकी मदद के भाव के कारण लोगों का बाबूजी से आत्मीय संबंध था। उनकी मौलिक जीवन दृष्टि के कारण वे जनप्रतिनिधियों के लिए श्रद्धा और प्रेरणा का स्त्रोत रहेंगे। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।  

एक दर्जन से अधिक गरीबों के आशियाने ध्वस्त, लोगों ने महिला बीजेपी नेता को जिम्मेदार ठहराया

झांसी यूपी के झांसी में गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर कर दिया गया है। नगर निगम की अतिक्रमण टीम ने उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया और करीब एक दर्जन से अधिक घरों और झोपड़ियों को तोड़ दिया गया। जो लोग अपने घरों से बेघर हुए है, उनका कहना है कि उनके पास राशन कार्ड, वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी है। लेकिन, फिर भी निगर ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए उनके घरों को गिरा दिया।  जानिए पूरा मामला  ये पूरा मामला झांसी में सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है। यहां पर खालसा स्कूल के पास स्थित इन्द्रा नगर में करीब 20 सालों से गरीब परिवार अपनी झोपडी और घर बनाकर रह रहे थे। बुधवार को झांसी नगर निगम की अतिक्रमण टीम बुलडोजर लेकर यहां पहुंच गई। टीम ने इन गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला दिया और करीब 12 घरों और झोपड़ियों को तोड़ दिया और उन्हें घरों से बेघर कर दिया।  'सरकारी जमीन को कराया मुक्त…' नगर निगम की टीम का कहना था कि ये सरकारी जमीन है, जिस पर कब्जा कर लिया गया था। जिस पर बुलडोजर चलाकर मुक्त कराया गया है।  महिला भाजपा नेता पर आरोप अपने घरों से बेघर हुए लोगों का कहना था कि ये कार्रवाई एक महिला भाजपा नेता के कहने पर की गई है। उनका कहना था कि वो जमीन बेचने का काम कर रहीं थी। इस लिए हमारे घरों पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि हमारे पास राशन कार्ड, वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी है, फिर भी बुलडोजर चला दिया गया। 

राज्यपाल पटेल ने बिरवा में ईमलाबाई के घर किया भोजन

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल गुरूवार को बालाघाट जिले के बैहर के ग्राम बिरवा में प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही ईमलाबाई मरकाम के घर पहुंचे। उनके बच्चों के साथ आत्मीय चर्चा की। शासन की योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। परिवार के साथ सहभोज में शामिल हुए। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने ईमलाबाई के बच्चों के साथ चर्चा कर उनके बारे में जानकारी प्राप्त की। उनको बड़ी बेटी भावगती ने बताया की वह आईटीआई की पढ़ाई कर रही है। छोटी बेटी सोमवती ने बताया की उसने दसवीं के बाद पढ़ाई रोक दी है। बेटे दीपक मरकाम ने बताया की उसने नवमी कक्षा तक पढ़ाई की है। अब वह खेती कर रहा है। उसने बताया की वह सर्विस सेंटर खोलना चाहता है। राज्यपाल श्री पटेल ने उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल श्री पटेल द्वारा ईमलाबाई से शासन की योजनाओं के लाभों के संबंध में जानकारी ली गई। ईमलाबाई ने बताया कि वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत उन्हें आवास स्वीकृत किया गया था। शौचालय निर्माण के लिये भी राशि मिली है। उन्होंने बताया कि उन्हें विधवा पेंशन मिलती है, मनरेगा जॉब कार्ड भी उनके पास है। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना, प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना, आयुष्मान भारत योजना, संबल योजना का लाभ भी मिल रहा है। उसने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में भी अपना बीमा कराया हैं। राज्यपाल श्री पटेल का घर पहुंचने पर ईमलाबाई ने पारंपरिक रीति रिवाज के साथ उनका स्वागत किया। पारंपरिक भोजन परोसा, जिसमें कोदो का भात, कुटकी की खीर, चैच भाजी, चिरोटा भाजी, करील की सब्जी व भोंडों पिहरी की सब्जी शामिल थी। राज्यपाल श्री पटेल के साथ जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक श्री गौरव पारधी और ईमलाबाई की बेटियों भागवती, सोमवती एवं बेटे दीपक मरकाम ने भी भोजन किया।

जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, सराहनीय पहल : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने किया बैहर में महा आरोग्य शिविर का शुभारंभ भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि बैहर (बालाघाट) जैसे दूरस्थ और जनजातीय बहुल इलाके में स्‍वास्‍थ्‍य शिविर का आयोजन किया जाना सराहनीय प्रयास है। इसका लाभ इस क्षेत्र की स्थानीय और जनजातीय जनता को मिलेगा। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गुरूवार को बालाघाट जिले के जनजातीय बहुल क्षेत्र बैहर के एकलव्य विद्यालय परिसर में आयोजित महा आरोग्य शिविर के शुभारंभ अवसर पर कही। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि अधिकांशत: जनजातीय समुदाय में अनुवांशिक सिकल सेल बीमारी बहुतायत में पाई जाती है। इस बीमारी की रोकथाम के लिये बच्चों के विवाह से पहले जिस तरह कुण्डली मिलाई जाती है उसी तरह बच्चो के सिकलसेल कार्ड का मिलान करना चाहिये। यदि लड़का और लड़की दोनो सिकल  सेल के वाहक है तो उनकी आपस में शादी नहीं करनी चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वनांचल क्षेत्र में औषधि पौधों से दवाई बनाने के कारखाने लगाने के शासन स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने वर्ष-2047 तक सिकल सेल रोग के उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। इसके लिये 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि हम सभी को संकल्प लेना होगा कि सामूहिक प्रयास और जागरूकता से वर्ष 2047 तक कोई भी बच्चा सिकल सेल से ग्रसित पैदा नही होना चाहिये। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि बालाघाट में सिकलसेल की पहचान के लिये 4 लाख 36 हजार  818 लोगो की जांच की गई है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजातीय बैगा, भारिया और सहरिया रहती है। इन जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिये पीएम जनमन योजना लागू की गई है। इस योजना में केन्द्र सरकार द्वारा 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना में 9 विभागों को शामिल किया गया है। इसी प्रकार जनजातीय बाहुल्‍य क्षेत्रों के विकास के लिये धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना लागू की गई है। इस योजना में 80 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा 70 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा 30 प्रतिशत राशि दी जा रही है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग की बेहतरी और कल्याण के लिये योजनाऍ बना रही है। इन योजनाओं से गरीबो का जीवन संवर रहा है। आयुष्मान कार्ड पर 5 लाख रूपये तक का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये स्व‍-सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार मूलक गतिविधि से जोड़ा जा रहा है। इससे गरीब महिलाऍ लखपति बन रही है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण देकर ड्रोन दीदी के नाम से नई पहचान दिलाई जा रही है। उज्‍जवला योजना में गरीब परिवार की महिला को नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार गरीब लोगों को पक्का मकान बनाकर दे रही है। स्वच्छता अभियान में हर गरीब के घर पक्के शौचालय बनाये जा रहे है। हितग्राहियों को किया हितलाभ वितरण राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल  सेल से पीड़ित युवती को दिव्यांग प्रमाण पत्र, वनाधिकार अधिनियम के अन्तर्गत घुरसीबहरा एवं मुरैण्डा के हितग्राहियों को सामुदायिक वन पट्टा तथा लातरी के हीरालाल, बिसनलाल एवं फूलचंद को व्यक्तिगत वन पट्टा प्रदान किया। आजीविका मिशन के अन्तर्गत 34 महिला समूहों को 1.06 करोड़ रूपये की राशि का चेक प्रदान किया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग की ओर से हितग्राहियों को वृद्धावस्था पेंशन एवं दिव्यांग पेशन 280 वृद्धजनों को व्हील चेयर, कान की मशीन, छड़ी, कमोड चेयर एवं अन्य सहायक उपकरण प्रदाय किये गये। कृषि विभाग की ओर से  हितग्राहियों को फसल बीमा दावा राशि व कृषि यंत्र की अनुदान राशि वितरित की गई। राज्यपाल श्री पटेल के शिविर में पहुंचने पर पारंपरिक बैगा नृत्य से उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में आयुष विभाग द्वारा आयुष पद्धति से उपचार के प्रदर्शन के स्टॉल लगाये गये थे। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, पूर्व मंत्री श्री रामकिशोर कावरे, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, गणमान्य नागरिक, बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

DGP ने दिया सैल्यूट, सैनिकों की श्रद्धांजलि में बना ‘ऑपरेशन सिंदूर पार्क’

करनाल देश की सरहद पर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने वाले जांबाज सैनिकों को सम्मान देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI), करनाल ने एक अनोखी पहल की है। यहां सैनिकों की बहादुरी और शौर्य को नमन करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर पार्क' विकसित किया गया है। इस पार्क को महिलाओं के सुहाग और सौभाग्य के प्रतीक माने जाने वाले सिंदूर के पौधों से सजाया जा रहा है। इस पार्क का शुभारंभ हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर ने किया। उन्होंने पहला सिंदूर का पौधा रोपकर सैनिकों के शौर्य को सैल्यूट किया। NDRI प्रशासन ने बताया कि आने वाले समय में इस पूरे पार्क में सैकड़ों सिंदूर के पौधे लगाए जाएंगे। ऑपरेशन सिंदूर का नामकरण NDRI के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने बताया कि पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद भारतीय सैनिकों द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई को "ऑपरेशन सिंदूर" नाम दिया गया था। इस ऑपरेशन ने भारतीय सेना की ताकत को विश्व स्तर पर स्थापित किया। उसी बहादुरी को सलाम करने के लिए संस्थान में यह पार्क तैयार किया गया है।   शुभ माना जाता है यह पौधा मान्यताओं के अनुसार, घर में सिंदूर का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और परिवार में शांति बनी रहती है। यह पौधा वास्तु शास्त्र के लिहाज से भी सकारात्मक ऊर्जा देने वाला माना जाता है। क्या है सिंदूर का पौधा? सिंदूर का पौधा विक्सा ओरेलाना (Bixa Orellana) के नाम से जाना जाता है। इस पर गुच्छों में छोटे-छोटे हरे फल लगते हैं, जो पकने पर लाल हो जाते हैं। इन्हें सुखाकर पाउडर बनाया जाता है, जिसे सिंदूर कहा जाता है। भारत में यह पौधा मुख्यतः उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में मिलता है, जबकि इसकी अधिकता दक्षिण और मध्य अमेरिका में पाई जाती है।

मोदी सरकार का नया बिल, पीएम और सीएम को हटाने की योजना और केजरीवाल का असर

नई दिल्ली मोदी सरकार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को गंभीर आरोप के मद्देनजर 30 दिनों से ज्यादा की जेल के बाद पद से हटाने वाला बिल लेकर आई है, जिसपर हंगामा मच गया है। अमित शाह के बुधवार को बिल लोकसभा में पेश करते हुए कांग्रेस, सपा, एआईएमआईएम समेत पूरे विपक्ष ने इसका जमकर विरोध किया। विपक्ष का आरोप है कि इस बिल के कानून बनने के बाद केंद्र सरकार उन राज्यों को टारगेट करेगी, जहां विपक्षी दलों की सरकार है, जबकि कानून के हिसाब से जब तक कोई आरोपी दोषी न साबित हो जाए, तब तक उसे निर्दोष ही माना जाता है। फिलहाल, इस बिल को ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) को भेज दिया गया है, जहां पक्ष-विपक्ष, दोनों के सांसद बिल के प्रावधानों पर विचार करेंगे, और फिर इसे अगले संसद सत्र में पास करवाने की कोशिश की जा सकती है। इस बिल के लाए जाने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सरकार ने इसे लाने का फैसला क्यों किया। इसके पीछे वजह दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी बताए जा रहे हैं। केजरीवाल और बालाजी से कैसा कनेक्शन? जहां अरविंद केजरीवाल दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री हैं तो वहीं, सेंथिल बालाजी तमिलनाडु सरकार के पूर्व मंत्री हैं। हालांकि, दोनों में एक खास कनेक्शन यह है कि दोनों पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और फिर जेल हुई, लेकिन काफी समय तक पद से इस्तीफा नहीं दिया। पिछले साल लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली के कथित शराब घोटाले में केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई और लंबे समय तक उन्होंने जेल से ही सरकार चलाई। एनडीटीवी ने सरकार के सूत्रों के हवाले से बताया, ''केजरीवाल के गिरफ्तारी के बाद भी इस्तीफा न देने की वहज से केंद्र सरकार ने एक महीने से ज्यादा जेल में बंद सीएम, मंत्रियों को हटाने के लिए कानून बनाने का फैसला किया।'' दिल्ली के कथित शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी के कई मंत्रियों की गिरफ्तारी हुई थी। इसमें मार्च में केजरीवाल को अरेस्ट किया गया। माना जा रहा था कि वह गिरफ्तारी होने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने जेल से ही सरकार चलाई और जब वे जेल से बाहर आ गए, तब सितंबर में उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा देते हुए आतिशी को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी। सरकार के सूत्रों ने बताया कि जब केजरीवाल ने जेल से ही सरकार चलाने का फैसला किया था और इस्तीफा देने से मना कर दिया था, तभी सरकार यह कानून लेकर आना चाहती थी, लेकिन उस समय इसे प्रतिशोध की राजनीति की तरह विपक्ष इसे पेश करता। इसी वजह से सरकार ने इंतजार किया और अब मॉनसून सत्र में यह बिल लेकर आई। बालाजी के मामले से भी ऐक्शन में आई सरकार वहीं, तमिलनाडु के पू्र्व मंत्री सेंथिल बालाजी को भी 2023 में भ्रष्टाचार के एक मामले में अरेस्ट किया गया था, लेकिन उसके बाद भी वह बिना विभाग के मंत्री बने रहै। इस पर मद्रास हाई कोर्ट तक को आपत्ति जतानी पड़ी, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। हालांकि, जमानत मिलते ही उन्हें फिर से मंत्री पद दे दिया गया। लेकिन एक सुनवाई के दौरान जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इस्तीफा देने या जमानत रद्द करने की धमकी दी, तब उन्होंने अपना पद छोड़ा। सरकारी सूत्र ने बताया कि इस मजाक को खत्म करने की जरूरत है। इसी के चलते सरकार अब पीएम-सीएम और मंत्रियों को हटाने वाला बिल लेकर आई है। हालांकि, चूंकि संविधान संशोधन के तहत दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है, जिसकी वजह से बिल के संसद में पारित होना मुश्किल लगता है। अगर सरकार को बिल पास करवाना है तो उसे विपक्ष को भी साथ लेना पड़ेगा। हालांकि, विपक्षी सांसदों के विरोध के स्तर को देखते हुए यह कहना कठिन है कि वे बिल के वर्तमान प्रावधानों पर सहमत होंगे।  

पति ने प्रेमिका के साथ रहने के लिए पत्नी की सुपारी दी, इंदौर में पांच गिरफ्तार

इंदौर कनाड़िया पुलिस ने 28 वर्षीय रानी की हत्या में उसके पति ईश्वर सोनगरा, तोषिका सोनगरा, शूटर मुजफ्फर सहित पांच को गिरफ्तार किया। तोषिका निजी स्कूल की एडमिन है और उसने तीन साल पूर्व स्कूल बस के ड्राइवर ईश्वर से शादी कर ली थी। दोनों ने साथ रहने के लिए की मंशा से रानी को रास्ते से हटाने साजिश की और मुजफ्फर को सुपारी देकर हत्या करवा दी। एडिशनल डीसीपी जोन-2 अमरेंद्रसिंह के मुताबिक ग्राम कनाड़िया निवासी रानी पति ईश्वर सोनगरा की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या की थी। ईश्वर एमवाय अस्पताल ले गया और एक्सीडेंट में मृत बताकर शव मर्च्युरी में रखवा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली मिलने पर पुलिस ने ईश्वर को हिरासत में लिया तो हत्या स्वीकार ली पर तोषिका और शूटर की जानकारी नहीं दी। पुलिस ने कॉल डिटेल (सीडीआर) और पब्लिक स्वीच्ड टेलिफोन नेटवर्क (पीएसटीएन) डेटा के आधार पर तोषिका सोनगरा निवासी कनाड़िया, अमन पुत्र महेश मिमरोट निवासी गणराज नगर(खजराना), मोहम्मद समद पुत्र मोहम्मद रफीक निवासी गोसिया मंदिर के पास (खजराना) मुजफ्फर पुत्र सलीम खान निवासी गांधी ग्राम कॉलोनी (खजराना) को भी गिरफ्तार कर लिया।   पुलिस कर रही बदमाश की तलाश आरोपी मुजफ्फर भी स्कूल बस चलाता है और ईश्वर और तोषिका से दोस्ती है। उसने ही सुपारी लेकर रानी को गोली मारी थी। पुलिस हथियार की सप्लाई करने के मामले में एक बदमाश की तलाश कर रही है। एक की तो सड़क हादसे में आठ दिन पूर्व मौत हो चुकी है। हत्या और पिस्टल के लिए गोल्ड आई एडमिन टीआइ डा.सहर्ष यादव के मुताबिक तोषिका से तीन साल पूर्व ईश्वर ने शादी कर ली थी। रानी इसका विरोध करती थी। उसको बच्चों के लिए स्कूल में नौकरी करना पड़ी थी। गोली मारकर फरार हो गया मुजफ्फर तोषिका और ईश्वर ने साथ में साजिश की और रुपयों की व्यवस्था के लिए गोल्ड लोन लिया। ईश्वर ने पिस्टल के लिए 20 हजार और हत्या के लिए रानी ने 40 हजार रुपये दिए। मुजफ्फर ने समद से पिस्टल मांगी। समद ने अमन मिमरोट और अमन ने अमन देवड़ा व एक अन्य से मुलाकात करवाई। देवड़ा और उसके साथी का एक्सीडेंट हो चुका है। देवड़ा की उसमें मौत हो गई जबकि साथी की हालत गंभीर है। पुलिस के मुताबिक हत्या के पूर्व रानी की रैकी की गई थी। 14 अगस्त को स्कूल से आते वक्त मुजफ्फर बगैर नंबर की बाइक से हेलमेट लगाकर कनाड़िया पहुंचा और गोली मारकर फरार हो गया।