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कजाकिस्तान में म.प्र. खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने शूटिंग में हासिल किए 2 पदक, मंत्री सारंग ने दी बधाई

16वीं एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप 2025 भोपाल कजाकिस्तान के शिमकेंट शुटिंग प्लाजा, शिमकेंट शहर में 16 से 30 अगस्त 2025 तक 16वीं एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप 2025 का आयोजन किया जा रहा है। शिमकेंट शहर में आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप में म.प्र. खेल अकादमी के प्रतिभावान खिलाडी कु. मानसी रघुवंशी ने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन करते हुये स्वर्ण और ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने कांस्य पदक जीत कर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया। आज 16वीं एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप 2025 में म.प्र. राज्य शूटिंग (शॉटगन) अकादमी के खिलाड़ी कु. मानसी रघुवंशी ने जूनियर महिला वर्ग की शॉटगन स्कीट स्पर्धा में शारीरिक दक्षता कौशल और एकाग्रता के साथ निशाना साधकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वही इसी चैम्पियनशिप में खेल अकादमी के ही खिलाड़ी ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने जूनियर पुरूष वर्ग के स्कीट इवेन्ट में खेल कौशल और एकाग्रता का शानदार परिचय प्रस्तुत करते हुये कांस्य पदक अर्जित किया। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने 16वीं एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप 2025 कजाकिस्तान में शूटिंग खेल का दमदार प्रदर्शन करने वाले दोनों प्रतिभाशाली शॉटगन खिलाड़ियों मानसी और ज्योतिरादित्य सिंह के खेल प्रदर्शन की सराहना की है। खिलाड़ियों की इस खेल उपलब्धि को गौरवान्वित क्षण बताते हुये खेल मंत्री सारंग ने कहा कि इस तरह के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों द्वारा ऐसी अविस्मरणीय खेल उपलब्धियां ही देश और प्रदेश के युवाओं को खेल के क्षेत्र जोड़ने और प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। खेल मंत्री सारंग ने दोनों ही खिलाड़ियों को पदक जीतने पर बधाई देते हुये भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन कर देश और प्रदेश को निरंतर गौरवान्वित के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि कजाकिस्तान के शेमकेंट शूटिंग प्लाजा में आयोजित की जा रही इस एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप में एशिया महाद्वीप के 27 देशों के 748 प्रतिभाशाली शूटिंग खिलाड़ी प्रतिभागिता कर रहे है। चैम्पियनशिप महिला और पुरूष वर्ग की 120 स्पर्धाएँ आयोजित हो रही है।

B2B मैचमेकिंग और बैठकों के जरिए भोपाल में निवेश एवं नवाचार को बढ़ावा

जर्मन प्रतिनिधिमंडल का चौथा दिवस भोपाल ग्लोबल स्थानीय नवाचार एक्सचेंज 2025 के तहत जर्मनी से आए प्रतिनिधिमंडल का चौथा दिन भोपाल में उच्च स्तरीय सरकारी बैठकों, उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल और स्थानीय नवाचार उद्यम के साथ B2B मैचमेकिंग सत्र को समर्पित रहा। प्रतिनिधिमंडल का दौरा MPIDC के नेतृत्व में GIIC एवं IM Global के सहयोग से हो रहा है। चौथे दिन की शुरुआत मंत्रालय में प्रमुख सचिव, उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, मध्यप्रदेश शासन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह से भेंट की। श्री सिंह ने कहा कि "मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों और टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए पारदर्शी और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में तेजी से विकसित होता औद्योगिक ढांचा, आईटी एवं डेटा सेंटर सुविधाएँ और युवा उद्यमियों की ऊर्जा, जर्मन कंपनियों के लिए व्यावसायिक सहयोग और साझेदारी की अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करती हैं। विशेषकर एआई और डाप टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में मध्यप्रदेश उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे सेक्टर्स में जर्मन विशेषज्ञता व समाधानों को लागू करने की दिशा में व्यापक अवसर प्रदान करता है। श्री सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश में निवेश कर टेक्नोलॉजी सेंटर्स विकसित करने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि जर्मन कंपनियाँ प्रदेश के इनक्यूबेशन सेंटर्स के साथ मिलकर काम कर सकती हैं। यह सहयोग निवेश तक सीमित न होकर साझा व्यवसायिक परियोजनाओं, तकनीकी साझेदारी, कौशल विकास और अनुसंधान के क्षेत्र में भी दूरगामी परिणाम ला सकता है। दोपहर में MPIDC कॉन्फ्रेंस हॉल में श्री आकाश श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक, MPIDC की उपस्थिति में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल आयोजित हुआ। बैठक में Technotask, Xtra Net Technologies, Xebia, BHEL, LNCT, Mansarovar, Oriental, Netlink एवं अन्य कंपनियों ने भाग लिया। समानांतर रूप से प्रतिनिधिमंडल ने MPSEDC का दौरा कर SWAN एवं डेटा सेंटर सुविधा का अवलोकन किया। बैठक में प्रतिभागियों ने AI, DeepTech, Data Centres, IoT, ERP, Digital Transformation, Drone Technology और Healthcare Solutions जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। Xebia ने ग्लोबल इनोवेशन हब व लो-कोड प्लेटफॉर्म की अवधारणा रखी, जबकि BHEL ने पावर जनरेशन व डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की जानकारी दी। शिक्षण संस्थानों ने कौशल विकास, प्रशिक्षण और रिसर्च सहयोग पर बल दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने Jehan Numa Palace Hotel में IM Global के संस्थापक श्री चंद्रकांत तिवारी द्वारा आयोजित ब्रीफिंग सत्र में सहभागिता की, जिसमें India Digital Transformation तथा MP Innovation & Startups System पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने माना कि भारत–यूरोप बाजार में ई-कॉमर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी और हेल्थकेयर सेक्टर्स में सहयोग के व्यापक अवसर हैं। उन्होंने अगले दस वर्षों के रोडमैप, को-क्रिएशन, गो-टू-मार्केट रणनीति और वन-टू-वन मीटिंग्स के माध्यम से साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। दिन का समापन जहाननुमा पैलेस होटल में औपचारिक डिनर के साथ हुआ। इस अवसर पर जर्मन प्रतिनिधिमंडल और स्थानीय उद्योगपतियों के बीच अनौपचारिक विचार-विमर्श हुआ। डिनर के दौरान IM Global द्वारा एक Soft Launch भी किया गया, जिसके तहत कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी सेवाओं के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया। प्रतिनिधिमंडल ने इसे नवाचार एवं साझेदारी को प्रोत्साहित करने वाला कदम बताया। इसी अवसर पर, B2B Matchmaking सत्र भी आयोजित हुआ, जिसमें BrandSmashers Tech, AlgoMath, Technomancy, RotenX, Nexora Cogniware, Spark VR, Adverto, Unibazar Technologies, Codersbay Technologies, Panthar Info Hub, AmbiSpine Technologies, Next Phase, Sihari Labs, Primus सहित 14 से अधिक स्थानीय स्टार्टअप्स ने जर्मन कंपनियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद कर सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया। चौथे दिन के संवादों में स्पष्ट हुआ कि मध्यप्रदेश और जर्मनी के बीच तकनीक, नवाचार और निवेश के क्षेत्र में दीर्घकालिक एवं स्थायी साझेदारी के प्रबल अवसर मौजूद हैं।  

रायपुर में कैंसर अस्पताल का होगा उन्नयन, सीएम साय ने जनता को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात दी

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कैंसर अस्पताल का होगा उन्नयन, जनता को मिलेगी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा की सौगात रायपुर में कैंसर अस्पताल का होगा उन्नयन, सीएम साय ने जनता को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात दी कैंसर अस्पताल की बिल्डिंग बनेगी जी प्लस टू (G+2) से जी प्लस सिक्स (G+6)- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विस्तार के लिए लगभग रु. 39.36 करोड़ की पुनरीक्षित राशि स्वीकृत  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कुशल नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ नई ऊंचाइयों की तरफ अग्रसर हैं। इसी क्रम में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित कैंसर अस्पताल की जी प्लस टू (ग्राउंड फ्लोर प्लस दो मंजिल) बिल्डिंग का विस्तार होकर जी प्लस सिक्स (ग्राउंड फ्लोर प्लस छः मंजिल) में उन्नयन होने जा रहा है।  स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया कि इन परियोजना के लिए लगभग 39.36 करोड़ रूपए की पुनरीक्षित राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने एक बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य को जल्द गति दी जाए। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार यह बिल्डिंग सिर्फ किसी भवन या निर्माण कार्य का विस्तार नहीं बल्कि प्रदेश की जनता के लिए उम्मीद की नई किरण है। कैंसर अस्पताल के जी प्लस सिक्स के विस्तार के साथ राज्य की जनता को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट करते हुए कहा है कि यह कदम छत्तीसगढ़ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई पहचान दिलाने की दिशा में अग्रसर होगा।

PF बैलेंस चेक करना हुआ आसान, 99% लोग नहीं जानते ये तरीका

नई दिल्ली अगर आपकी तनख्वा से PF कटता है, तो जाहिर तौर पर आप जानना भी चाहते होंगे कि आपके PF अकाउंट का बैलेंस क्या है? इसके लिए अगर आप EPFO की साइट पर जाकर, लॉग इन करके पासबुक चेक करते हैं, तो जान लें कि यही काम फोन का एक बटन दबाते ही हो सकता है। दरअसल कई बार तकनीकी या किन्हीं अन्य वजहों से आपके PF खाते में सैलरी से कटी रकम पहुंच नहीं पाती। ऐसे में समय रहते यह चेक करना बेहद जरूरी हो जाता है कि आपके PF का अकाउंट में तनख्वा से कटने वाली रकम पहुंच रही है या नहीं। इस नंबर को सेव कर लें आप अपने फोन का एक बटन दबाकर भी अपने PF बैलेंस का पता लगा सकते हैं। इसके लिए आपको 9966044425 इस नंबर को सेव करना होगा। इस नबंर पर अपने फोन से मिस कॉल देने के बाद आपको एक SMS प्राप्त होगा। इस SMS में आपको आपके PF बैलेंस की डिटेल मिल जाएगी। ध्यान रखें कि इस नंबर पर कॉल करने के बाद कॉल आपको नहीं काटना है। दरअसल आपके कॉल करने के बाद दो बार बेल बजने के बाद कॉल खुद ब खुद कट जाएगी। इसके बाद आपको अपने PF अकाउंट बैलेंस की जानकारी के साथ एक SMS मिल जाएगा। SMS से भी मिलेगा बैलेंस अगर किसी वजह से आप कॉल की जगह SMS भेज कर अपने PF अकाउंट बैलेंस की जानकारी पाना चाहते हैं, तो आप ऐसा भी कर सकते हैं। एक सेट फॉर्मेंट में SMS भेज कर भी आप अपने PF अकाउंट बैलेंस की डिटेल्स प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आपको 7738299899 इस नंबर को फोन में सेव कर लेना चाहिए। EPFO की वेबसाइट के मुताबिक आपको अपने फोन की मैसेज ऐप में जाकर एक नया मैसेज क्रिएट करना होगा। उस मैसेज में आपको “EPFOHO UAN No.” लिख कर उसे 7738299899 पर भेज देना होगा। कुछ देर बाद आपको एक SMS के तौर पर अपने PF अकाउंट बैलेंस की सारी डिटेल मिल जाएगी। इस मैसेज को भेजते हुए याद रखें कि EPFOHO लिखने के बाद आपको एक स्पेस देना होगा और उसके बाद अपना UAN नंबर लिखना होगा। ध्यान देने वाली बात अगर आप मिस कॉल के जरिए अपना PF बैलेंस पता करना चाह रहे हैं, तो आपके UAN में बैंक खाता नंबर, आधार या PAN में से कोई भी एक चीज लिंक होनी चाहिए। इसके अलावा आपका मोबाइल नंबर यूनिफाइड पोर्टल पर UAN के साथ एक्टिवेट होना चाहिए। साथ ही आपके UAN के साथ बैंक खाता नंबर, आधार या PAN में से कम से कम एक KYC डॉक्यूमेंट लिंक होना जरूरी है। अगर आप SMS भेजकर अपना PF बैलेंस पता करना चाहते हैं, तो बता दें कि यह सर्विस10 भाषाओं में उपलब्ध है। अगर आप अंग्रेजी के अलावा किसी और भाषा में SMS प्राप्त करना चाहते हैं, तो UAN के बाद उस भाषा के पहले तीन अक्षर जोड़ने होंगे। उदाहरण के लिए, तेलुगु में जानकारी पाने के लिए "EPFOHO UAN TEL" भेजना होगा। इस तरह आप आसानी से अपने PF अकाउंट बैलेंस के बारे में जान सकते हैं।

AC बस सेवा से फरीदाबाद से गोल्डन टेंपल पहुंचना अब और सुविधाजनक

हरियाणा  हरियाणा परिवहन विभाग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगातार नई सेवाएं शुरू कर रहा है। इसी कड़ी में रोडवेज विभाग ने फरीदाबाद से अमृतसर के लिए सीधी एसी बस सेवा शुरू करने का फैसला लिया है। इस बस के शुरू होने के बाद बल्लभगढ़ से स्वर्ण मंदिर और वाघा बॉर्डर तक बिना किसी परेशानी के आसानी से पहुंच सकेंगे। एसी बस के चलने से यात्रियों का सफर न केवल आरामदायक होगा, बल्कि गर्मी के मौसम में भी उन्हें राहत मिलेगी।   13 एसी बसें हो रही संचालित फरीदाबाद रोडवेज डिपो में पहले से ही 13 एसी बसें संचालित हो रही हैं, जो चंडीगढ़, पंचकूला, शिमला, यमुनानगर, हरिद्वार, हिसार और भिवानी जैसे प्रमुख शहरों के लिए चलाई जा रही हैं। अब डिपो में 10 और नई एसी बसें जोड़ी गई हैं, जिनकी सभी जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इन रूटों पर चलाई जाएंगी बसें  फरीदाबाद रोडवेज डिपो के ट्रांसपोर्ट मैनेजर नवनीत बजाज के अनुसार, नई एसी बसों को अमृतसर, डबवाली, जयपुर और कैथल जैसे लंबे रूटों पर चलाने की योजना है। इन रूटों पर सीधी बस सेवा मिलने से यात्रियों को काफी सुविधा होगी। अब दिल्ली जाने की जरूरत नहीं अब तक अमृतसर जाने के इच्छुक यात्रियों को दिल्ली जाकर बस पकड़नी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें बल्लभगढ़ बस डिपो से ही सीधी एसी बस सेवा मिल सकेगी। इन बसों में बेहतर सीटिंग अरेंजमेंट और आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिससे यात्रियों को एक आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा।

वोटर बनने की प्रक्रिया में हुए अजीब बदलाव, साजन और सजनी की कहानी

पूर्णिया एसआईआर की समीक्षा में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इसके अलावा, बीएलओ द्वारा आंख बंदकर दस्तावेज अपलोड करने का भी मामला सामने आ रहा है। मतदाता बनने की जुगाड़ में कहीं किसी का साजन बदल गया है तो कहीं किसी की सजनी बदल गई है। पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने गुरुवार को पूर्णिया के विधानसभा क्षेत्रों के एसआईआर की समीक्षा में इस तरह के कई खामियां पकड़ी है। आयुक्त ने इस मामले में संबंधित मतदान केन्द्र के बीएलओ को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए गलत कागजात प्रस्तुत करने वाले मतदाता सहित उसे अपलोड करने वाले बीएलओ के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई का निर्देश पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार को दिया है। अमौर विधान सभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र संख्या-85 के सभी अभिलेखों गणना प्रपत्र पंजी, गणना प्रपत्र आदि की जांच में कई कॉलम खाली पाए गए। बीएलओ के स्तर से गणना प्रपत्र पंजी तथा गणना प्रपत्र एवं कागजात प्रमाण पत्र का सही-सही संधारण नहीं किया हुआ पाया गया। जांच के क्रम में इस मतदान केन्द्र के तीन गणना प्रपत्र संदेहास्पद पाए गए। एक गणना प्रपत्र में निर्वाचक का नाम-सुखफजा, इपिक नंबर- जेडओएल .2718922 जन्म तिथि-01.1.1949, पिता का नाम-ईसा फली, माता का नाम-जैनफ एवं पति का नाम-मो मुस्लिम गणना प्रपत्र प्रारूप में अंकित है। गणना प्रपत्र पर बीएलओ द्वारा 2003 मतदाता सूची का पार्ट-51 क्रमांक 744 अंकित किया गया है। जबकि गणना प्रपत्र के साथ संलग्न 2003 मतदाता सूची में इस क्रमांक पर नाम सुरब्जा अंकित है। इस प्रकार गलत कागजात गणना प्रपत्र के साथ पाया गया। उक्त निर्वाचक 2003 के मतदाता सूची में नाम अंकित नहीं पाया गया। दूसरे मामले में निर्वाचक का नाम-आसमीन इपिक-जेडओएल 1955384 जन्म तिथि-01.1.1980, पिता-मो अफाक, माता-नूर दाना, पति-आजाद गणना प्रपत्र प्रारूप में अंकित है। गणना प्रपत्र पर बीएलओ द्वारा 2003 मतदाता सूची का पार्ट-51 क्रमांक 137 अंकित किया गया है, जबकि उक्त गणना प्रपत्र के साथ संलग्न 2003 के मतदाता सूची में क्रमांक-137 पर नाम आसमीन, पति-सरीफ अंकित है। जांच में यह कागजात भी गलत पाया गया। तीसरे मामले में निर्वाचक का नाम-रुकसाना बेगम, इपिक जीक्यूबी 5273362, पिता-हनीफ, माता-मुरनपा, पति-मोहम्मद फैयाज गणना प्रपत्र में अंकित है। गणना प्रपत्र पर बीएलओ द्वारा 2003 मतदाता सूची का पार्ट-51 क्रमांक-865 अंकित किया गया है, जबकि उक्त प्रपत्र के साथ संलग्न 2003 के मतदाता सूची के क्रमांक-865 पर निर्वाचक का नाम फकरीन, पति-फैयाज अंकित है। यह भी जांच में गलत पाया गया। समीक्षा के बाद आयुक्त ने माना कि अमौर विधान सभा के मतदान केन्द्र संख्या 85 के बीएलओ ने गणना प्रपत्र को बिना जांच पड़ताल किये कागजात संलग्न कर दिया है जो उनके लापरवाही का परिचायक है। इस संबंध में पृच्छा करने पर बीएलओ द्वारा कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। इस मामले में इआरओ को आदेश दिया गया कि तत्काल इस मामले की जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध करावें। इस मामले में बीएलओ सहित गलत कागज देने वाले दोषी लोगों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। बायसी विधानसभा में भी पकड़ी गई कई गड़बड़ी आयुक्त ने 57-बायसी विधान सभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र संख्या-115 एवं 205 के सभी अभिलेखों यथा-गणना प्रपत्र पंजी, गणना प्रपत्र आदि के जांच में भी अनियमितताएं पायी। यहां जांच के क्रम में पाया गया कि गणना प्रपत्र प्रारूप में निर्वाचक का नाम जीरानी बेगम, जन्म तिथि-01.1.1960, पिता-महमुद आलम, माता-तहमीना खातून, पति-मो० अकबर हुसैन अंकित है। गणना प्रपत्र पर बीएलओ द्वारा 2003 मतदाता सूची का पार्ट-172 क्रमांक-352 अंकित किया गया है, जबकि उक्त प्रपत्र के साथ संलग्न 2003 के मतदाता सूची के क्रमांक-352 में निर्वाचक का नाम सैदा खातून, पति-अकबर अंकित है। इससे बीएलओ की कार्य के प्रति लापरवाही पाई गई। इस संबंध में संबंधित इआरओ को इसकी जांच कर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया। इसके अलावा इस मतदान केन्द्र के बीएलओ को बदलते हुए उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया। बनमनखी विधानसभा की जांच में मिली कई खामियां 59-बनमनखी विधान सभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र संख्या-45 एवं 115 के सभी अभिलेखों यथा-गणना प्रपत्र पंजी, गणना प्रपत्र आदि के जांच की गई। जांच के क्रम में गणना प्रपत्र पंजी के कई कॉलम खाली पाया गया। कई गणना प्रपत्र प्रारूप में लगे फोटो अस्पष्ट एवं संलग्न कागजात सही नहीं पाए गए तथा कुछ गणना प्रपत्र में निर्वाचकों का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान नहीं पाया गया। इस संबंध में संबंधित इआरओ को अभियान चलाकर उक्त त्रुटियों के सुधार के लिए निर्देश दिया गया। समीक्षा बाद आयुक्त ने जिला पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी को वरीय पदाधिकारी के माध्यम से समय-समय पर इनके कार्यों की औचक जांच कराने तथा कार्य में लापरवाही पाये जाने की स्थिति में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।  

इस दीवाली सस्ती होंगी कारें-बाइकें? टैक्स बदलाव से बढ़ी उम्मीदें

नई दिल्ली ऑटो सेक्टर इस साल की शुरुआत से ही सुस्ती झेल रहा है. लेकिन अब उम्मीद की किरण नजर आ रही है. माना जा रहा है कि इस दीवाली सरकार GST दरों में बदलाव कर सकती है, जिससे गाड़ियों की कीमतों में बड़ी कटौती देखने को मिल सकती है. मौजूदा समय में छोटी कारों और टू-व्हीलर्स पर 28% GST लगाया जाता है. खबर है कि सरकार इस टैक्स को घटाकर 18% तक लाने पर विचार कर रही है. अगर ऐसा हुआ तो ऑटो इंडस्ट्री को जबरदस्त राहत मिलेगी और ग्राहकों के लिए भी गाड़ियां खरीदना आसान हो जाएगा. सेल्स का हाल – गिरावट से जूझ रहा सेक्टर ऑटो सेक्टर पिछले कुछ समय से दबाव में है. ट्रैक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेगमेंट की सेल्स में कमी आई है. टू-व्हीलर की बिक्री में लगभग 4% की गिरावट दर्ज की गई है. पैसेंजर व्हीकल की सेल्स भी सालाना आधार पर करीब 1% घट गई है. वहीं, कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट अपेक्षाकृत स्थिर नजर आया है. टैक्स कटौती से क्या होगा असर? अगर टू-व्हीलर्स और छोटी कारों पर GST घटकर 18% हो जाता है, तो सीधा फायदा ग्राहकों और कंपनियों दोनों को मिलेगा. वाहनों की कीमतें करीब 7% तक सस्ती हो सकती हैं. कीमत घटने से त्योहारों के सीजन में डिमांड में उछाल आएगा. टू-व्हीलर और पैसेंजर कार की बिक्री बढ़ने से ऑटो सेक्टर को दोबारा रफ्तार मिल सकती है. फेस्टिव सीजन में बढ़ सकती है चमक दीवाली का समय वैसे भी गाड़ियों की बिक्री के लिए अहम माना जाता है. अगर इस बार GST में कटौती लागू होती है, तो ग्राहक ज्यादा संख्या में गाड़ियां खरीदने आगे बढ़ेंगे. इससे न केवल ऑटो कंपनियों की बिक्री में तेजी आएगी बल्कि बाजार का समग्र माहौल भी सकारात्मक होगा.

इतनी सी गलती से महंगा फोन बन सकता है ‘खाली डिब्बा’

नई दिल्ली आज स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. ये छोटे से डिवाइस हमारे कई काम आसान कर देते हैं. AI और नई तकनीक की वजह से फोन पहले से भी ज्यादा स्मार्ट हो गया है. स्मार्टफोन कंपनियां समय-समय पर नए सॉफ्टवेयर अपडेट लाती रहती हैं. इन अपडेट्स में नए फीचर्स, सुधार और सुरक्षा पैच होते हैं. लेकिन कई यूजर्स इन्हें अनदेखा कर देते हैं. ऐसा करना आपके फोन के लिए कई परेशानियां पैदा कर सकता है. आइए जानते हैं, फोन अपडेट न करने के 5 बड़े नुकसान: 1. बढ़ता है सिक्योरिटी खतरा: हर महीने कंपनियां सिक्योरिटी पैच जारी करती हैं, जो हैकर्स से बचाने में मदद करते हैं. अगर आप अपडेट नहीं करते तो आपका फोन साइबर अटैक और डेटा चोरी के लिए कमजोर हो सकता है. 2. नए फीचर्स नहीं मिलेंगे: हर अपडेट में नए फीचर्स और बेहतर यूजर एक्सपीरियंस भी आता है. अपडेट न करने पर ये सुविधाएँ आपके फोन तक नहीं पहुँच पातीं. 3. ऐप्स में दिक्कत: ज़्यादातर ऐप्स लेटेस्ट OS के हिसाब से डिजाइन किए जाते हैं. अगर आपका फोन पुराना सॉफ्टवेयर चला रहा है तो ऐप्स क्रैश कर सकते हैं या कभी काम ही करना बंद कर सकते हैं. 4. बैटरी और परफॉर्मेंस कम होना: फोन अपडेट न करने से उसकी परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ कम हो सकती है. नए अपडेट में बैटरी और प्रोसेसर के लिए ऑप्टिमाइजेशन भी होता है. इन्हें स्किप करना फोन को स्लो कर सकता है. 5. बग्स और डेटा लॉस का खतरा: पुराने वर्जन में बग्स की वजह से फोन हैंग करने लगता है और कभी-कभी डेटा लॉस का खतरा भी बढ़ जाता है. अपडेट करने से बग्स सही होते हैं और परफॉर्मेंस भी बेहतर हो जाती है. फोन अपडेट करना सिर्फ नए फीचर्स के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा और बेहतर प्रदर्शन के लिए भी जरूरी है. इसलिए समय पर अपने फोन को अपडेट करते रहें.

निवेशकों के लिए खुशखबरी: अब IPO से पहले भी खरीद-बिक्री कर सकेंगे शेयर

नई दिल्ली शेयर बाजार नियामक सेबी जल्द ही एक विनियमित प्लेटफॉर्म लॉन्च कर सकता है, जहां प्री-आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक पेशकश से पहले) कंपनियां कुछ खुलासे करने के बाद कारोबार कर सकेंगी। नियामक के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह पहल पायलट आधार पर होगी। फिक्की की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए पांडे ने कहा कि निवेशकों के लिए निवेश निर्णय लेने के लिए कंपनियों की लिस्टिंग से पहले अक्सर पर्याप्त नहीं होती है। सेबी प्रमुख ने संकेत दिया कि हम पायलट आधार पर एक ऐसा प्लेटफॉर्म ला सकते हैं, जहां आईपीओ से पहले कंपनियां कुछ खुलासे कर व्यापार करने का विकल्प चुन सकती हैं।" सेबी प्रमुख ने कहा कि इस पहल के अनावश्यक प्रक्रियाओं और समस्याओं के दूर करने की उम्मीद है। यह धन जुटाने, प्रकटीकरण और निवेशक को शामिल करने में अनावश्यक परेशानी पैदा करती हैं। इसके अलावे यह प्लेटफॉर्म उन उभरते क्षेत्रों, उत्पादों और परिसंपत्ति वर्गों का पता लगाएगी जो पूंजी की मांग और आपूर्ति दोनों का सृजन करते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या प्री-आईपीओ ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर डिपॉजिटरीज के साथ कोई चर्चा हुई है, तो उन्होंने कहा, "यह केवल सिद्धांत रूप में है, जो मैं कह रहा हूं।" यह नया प्लेटफॉर्म निवेशकों को आईपीओ आवंटन और लिस्टिंग के बीच तीन दिनों की अवधि में विनियमित तरीके से शेयरों का व्यापार करने की अनुमति दे सकता है। यह पहल मौजूदा अनियमित ग्रे मार्केट की जगह ले सकती है, जो वर्तमान में इस अवधि के दौरान संचालित होता है।

बच्चे समलैंगिक हों तो भारतीयों की क्या प्रतिक्रिया? कई देशों में सर्वे में मिली जानकारी

 नई दिल्ली थाइलैंड में इसी साल समलैंगिक संबंधों को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा भारत में सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से हटा दिया है, लेकिन शादी को परमिशन देने को लेकर बहस जारी है। भले ही भारत में समलैंगिक संबंध अपराध के दायरे से बाहर हैं, लेकिन समाज में इसे लेकर बहस जारी है। एक बड़ा वर्ग इसे लेकर असहज है। इस बीच एक दिलचस्प सर्वे अमेरिकी रिसर्च संस्था प्यू ने किया है। प्यू रिसर्च के सर्वे में भारत समेत 15 देशों के लोगों से पूछा गया था कि यदि उनके बच्चे समलैंगिक हो जाते हैं तो वे कैसा अनुभव करेंगे। इसे सहजता से स्वीकार करेंगे या फिर ऐतराज होगा। इस सर्वे में शामिल भारतीयों से जब ऐसा ही सवाल पूछा गया तो 56 फीसदी ने कहा कि उन्हें परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि उनके बच्चे समलैंगिक संबंधों की ओर आकर्षित होते हैं या ऐसा करते हैं तो यह उन्हें पसंद नहीं है और उन्हें परेशानी होगी। इसके अलावा 9 फीसदी लोगों ने कहा कि वे ना तो पसंद करेंगे और ना ही असहज होंगे। इसके अलावा 16 पर्सेंट लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने कहा कि उन्हें कोई समस्या नहीं होगा। वहीं 19 फीसदी लोगों ने कोई जवाब देने से ही इनकार कर दिया। प्यू रिसर्च की तरफ से जिन 15 देशों में यह सर्वे किया गया है, उनमें से ज्यादा मध्यम आय वर्ग वाले हैं। इनमें इंडोनेशिया, तुर्की, बांग्लादेश, साउथ अफ्रीका, ब्राजील और अर्जेंटीना शामिल हैं। बच्चों के समलैंगिक संबंधों का सबसे प्रबल विरोध करने वाले देशों में घाना है। यहां के 95 फीसदी लोगों ने कहा कि बच्चों का समलैंगिक होना वह पसंद नहीं करेंगे। वहीं इंडोनेशिया में ऐसे 94 फीसदी लोग हैं, जो बच्चों का गे या लेस्बियन होना एकदम पसंद नहीं करते। नाइजीरिया में ऐसे लोगों की संख्या 91 फीसदी है तो वहीं तुर्की में 87 पर्सेंट लोग इसके खिलाफ हैं। अहम तथ्य यह है कि ज्यादातर मुस्लिम बहुल देशों की बड़ी आबादी समलैंगिक संबंधों को एकदम पसंद नहीं करती और वे नहीं चाहते कि उनके बच्चे इसकी ओर बढ़ें। केन्या में 87 फीसदी और बांग्लादेश में 60 फीसदी लोग बच्चों के ऐसे संबंधों में जाने के खिलाफ हैं। पेरू में 59 फीसदी और समलैंगिक शादियों को मान्यता देने वाले थाइलैंड में ऐसे लोगों की संख्या 57 पर्सेंट ही है। इसके अलावा साउथ अफ्रीका में ऐसे 56 फीसदी लोग हैं। अर्जेंटीना में ऐसे लोगों की संख्या अधिक है, जो बच्चों के समलैंगिक संबंधों में जाने को लेकर असहज नहीं हैं। अर्जेंटीना के 32 फीसदी लोगों ने ही कहा कि वे बच्चों के समलैंगिक संबंधों में जाने के खिलाफ हैं। ब्राजील में ऐसे लोगों की संख्या 38 फीसदी है, जबकि मेक्सिको में 45 फीसदी हैं।