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शिंगणापुर का चमत्कारी शनि मंदिर

भारत में सूर्यपुत्र शनिदेव के कई मंदिर हैं। उन्हीं में से एक प्रमुख है महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शिंगणापुर का शनि मंदिर। विश्व प्रसिद्ध इस शनि मंदिर की विशेषता यह है कि यहां स्थित यहां पर शनि महाराज की कोई मूर्ति नहीं है बल्कि एक बड़ा सा काला पत्थर है जिसे शनि का विग्रह माना जाता है और वह बगैर किसी छत्र या गुंबद के खुले आसमान के नीचे एक संगमरमर के चबूतरे पर विराजित है। शनि के प्रकोप से मुक्ति पाने के लिए देश विदेश से लोग यहां आते हैं और शनि विग्रह की पूजा करके शनि के कुप्रभाव से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। माना जाता है कि यहां पर शनि महाराज का तैलाभिषेक करने वाले को शनि कभी कष्ट नहीं देते। शनि मराहाज के शिंगणापुर पहुंचने की कहानी बड़ी ही रोचक है। सदियों पहले शिंगणापुर में खूब वर्षा हुई। वर्षा के कारण यहां बाढ़ की स्थिति आ गई। लोगों को वर्षा प्रलय के समान लगने लग रही थी। इसी बीच एक रात शनि महाराज एक गांववासी के सपने में आए, शनि महाराज ने कहा कि मैं पानस नाले में विग्रह रूप में मौजूद हूं। मेरे विग्रह को उठाकर गांव में लाकर स्थापित करो। सुबह इस व्यक्ति ने गांव वालों को यह बात बताई। सभी लोग पानस नाले पर गए और वहां मौजूद शनि का विग्रह देखकर सभी हैरान रह गये। गांव वाले मिलकर उस विग्रह का उठाने लगे लेकिन विग्रह हिला तक नहीं, सभी हारकर वापस लौट आए। शनि महाराज फिर उस रात उसी व्यक्ति के सपने में आये और बताया कि कोई मामा भांजा मिलकर मुझे उठाएं तो ही मैं उस स्थान से उठूंगा। मुझे उस बैलगाड़ी में बैठाकर लाना जिसमें लगे बैल भी मामा-भांजा हों। अगले दिन उस व्यक्ति ने जब यह बात बताई तब एक मामा भांजे ने मिलकर विग्रह को उठाया। बैलगाड़ी पर बिठाकर शनि महाराज को गांव में लाया गया और उस स्थान पर स्थापित किया जहां वर्तमान में शनि विग्रह मौजूद है। इस विग्रह की स्थापना के बाद गांव की समृद्घि और खुशहाली बढ़ने लगी शिंगणापुर के इस चमत्कारी शनि मंदिर में स्थित शनिदेव का विग्रह लगभग पांच फीट नौ इंच ऊंचा व लगभग एक फीट छह इंच चैड़ा है। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां आकर शनिदेव के इस दुर्लभ विग्रह का दर्शन लाभ लेते हैं। यहां के मंदिर में स्त्रियों का शनि विग्रह के पास जाना वर्जित है। महिलाएं दूर से ही शनिदेव के दर्शन करती हैं। सुबह हो या शाम, सर्दी हो या गर्मी यहां स्थित शनि विग्रह के समीप जाने के लिए पुरुषों का स्नान कर पीताम्बर धोती धारण करना अत्यावश्क है। ऐसा किए बगैर पुरुष शनि विग्रह का स्पर्श नहीं पर सकते हैं।। प्रत्येक शनिवार, शनि जयंती व शनैश्चरी अमावस्या आदि अवसरों पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस हेतु यहां पर स्नान और वस्त्रादि की बेहतर व्यवस्थाएं हैंखुले मैदान में एक टंकी में कई सारे नल लगे हुए हैं, जिनके जल से स्नान करके पुरुष शनिदेव के दर्शनों का लाभ ले सकते हैं। पूजनादि की सामग्री के लिए भी यहां आसपास बहुत सारी दुकानें हैं, जहां से पूजन सामग्री लेकर शनिदेव को अर्पित कर सकते हैं। मंगलकारी हैं शनिदेव: आमतौर पर शनिदेव को लेकर हमारे मन में कई भ्रामक धारणाएं हैं। जैसे कि शनिदेव बहुत अधिक कष्ट देने वाले देवता हैं वगैरह-वगैरह, लेकिन वास्तविक रूप मे ऐसा नहीं है। यदि शनि की आराधना ध्यानपूर्वक की जाए तो शनिदेव से उत्तम कोई देवता ही नहीं है। शनि की जिस पर कृपा होती है उस व्यक्ति के लिए सफलता के सारे द्वार खुल जाते हैं। शिंगणापुर की विशेषता: गौरतलब है कि कि शिंगणापुर के अधिकांश घरों में खिड़की, दरवाजे और तिजोरी नहीं है। दरवाजों की जगह यदि लगे हैं तो केवल पर्दे। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां चोरी नहीं होती। कहा जाता है कि जो भी चोरी करता है उसे शनि महाराज उसकी सजा स्वयं दे देते हैं। गांव वालों पर शनिदेव की कृपा है व चोरी का भय ही नहीं है शायद इसीलिये दरवाजे, खिड़की, अलमारी व शिंगणापुर मे नही है। कई मुख्य स्थानो से शिंगणापुर की दूरी:- शिर्डी से शिंगणापुर की दूरी -70 किमी नासिक से शिंगणापुर की दूरी -170 किमी औरंगाबाद से शिंगणापुर की दूरी -68 किमी अहमद नगर से शिंगणापुर की दूरी -35 किमी।  

देहदान का पुण्यकारी निर्णय परोपकार की अद्वितीय मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देहदान का पुण्यकारी निर्णय परोपकार की अद्वितीय मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देहदान करने वाली श्रीमती रमा का गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ अंतिम संस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा का भोपाल में हुआ पहली बार अमल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देहदान करने वाली भोपाल निवासी श्रीमती रमा चौदा जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि देहदान का यह पुण्यकारी निर्णय समाज में करुणा, सहअस्तित्व की भावना और परोपकार की अद्वितीय मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुसार राज्य शासन द्वारा गांधी मेडिकल कॉलेज में देहदान के उपरांत श्रीमती रमा को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ ससम्मान अंतिम विदाई दी गई। भोपाल में यह पहला अवसर है जब किसी का राजकीय सम्मान के साथ देहदान संपन्न हुआ। 

भारतीय फैन्स के लिए तोहफा, मेसी के नेतृत्व में अर्जेंटीना टीम खेलेगी केरल में फ्रेंडली मैच

कोलकाता लियोनेल मेसी का शुमार दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में होता है. अर्जेंटीना के कप्तान मेसी की फैन फॉलोइंग भारत में भी है और युवा फुटबॉलर्स के लिए वो रोल मॉडल से कम नहीं हैं. अब भारतीय फैन्स के लिए एक शानदार खबर सामने आई है. मेसी का भारत दौरा कन्फर्म हो गया है. मेसी नवंबर में भारत आएंगे और वो अर्जेंटीना की ओर से एक फीफ फ्रेंडली मैच में भी हिस्सा लेंगे. अर्जेंटीना फुटबॉल फेडरेशन (AFA) ने पुष्टि की है कि यह फ्रेंडली मैच 10 से 18 नवंबर के बीच केरल में खेला जाएगा. 14 साल बाद जब अर्जेंटीना की फुटबॉल टीम भारत में खेलने उतरेगी. पिछली बार साल 2011 में कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना और वेनेजुएगला का मुकाबला हुआ था. उस मैच में मेसी ने भी हिस्सा लिया था. तब मेसी ने निकोलस ओटामेंडी को गोल करने में सहायता (असिस्ट) की थी. AFA ने अपने बयान में कहा, 'अर्जेंटीना फुटबॉल टीम 2025 में लियोनेल स्कालोनी के अंडर दोस्ताना मुकाबले खेलेगी. छह से 14 अक्टूबर के दौरान यूएसए में फ्रेंडली मैच खेले जाएंगे. फिर 10 से 18 नवंबर के बीच अंगोला के लुआंडा और भारत के केरल में मुकाबले होंगे. इन मैचों के लिए प्रतिद्वंद्वी टीमों और शहरों के नाम बाद में बताए जाएंगे.' अर्जेंटीना फुटबॉल फेडरेशन ने फीफा विश्व कप 2022 का खिताब जीतने के बाद केरल से मिले समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया. केरल के खेलमंत्री वी. अब्दुरहमान ने भी इस खबर को फैन्स संग शेयर किया. उन्होंने X पर लिखा, 'वर्ल्ड चैम्पियन लियोनेल मेसी की टीम नवंबर 2025 में केरल में खेलेगी.' अर्जेंटीना फुटबॉल टीम की भारत यात्रा को लेकर संशय था क्योंकि दौरे की पुष्टि नहीं हुई थी. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया था कि लियोनेल मेसी कोलकाता, अहमदाबाद, मुंबई और दिल्ली का दौरा करेंगे और प्रधानमंत्री मोदी से भी मिलेंगे. उस रिपोर्ट में बताया गया था कि लियोनेल मेसी केरल नहीं जाएंगे. लेकिन अब AFA ने साफ कर दिया है कि अर्जेंटीना का मैच केरल में ही होगा. लियोनेल मेसी ने मेजर लीग सॉकर (MLS) में इंटर मियामी के लिए धमाकेदार प्रदर्शन किया है. वे इस क्लब के लिए सर्वाधिक गोल और असिस्ट करने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं. मेसी ऐसे पहले फुटबॉलर हैं, जिन्होंने तीन अलग-अलग क्लबों के लिए सबसे ज्यादा गोल और असिस्ट का रिकॉर्ड अपने नाम किया है.

विवाहिता की रहस्यमय मौत, पंचायत के बाद ससुराल लौटने के कुछ ही समय में हुई घटना

गोरखपुर  यूपी के गोरखपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां शनिवार की सुबह एक नव विवाहिता का शव उसके कमरे में बेड पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को महिला थाने से विवाहिता को पंचायत के बाद विदा कराकर ससुराल के लोग ले गए थे और शनिवार को उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शादी के बाद से विवाहिता अक्सर मायके में रहती थी। मृतक की मां ने ससुरालियों पर दहेज हत्या का केस दर्ज कराई है। गुलरिहा पुलिस मामले की जांच कर रही है। खोराबा क्षेत्र के नौवा अव्वल के रहने वाले महेंद्र गुप्ता ने 23 वर्षीय बेटी संध्या गुप्ता की शादी 8 मई 2025 को गुलरिहा क्षेत्र के जंगल नाकिन छोटका टोला के रहने वाले अवनीश गुप्ता से की थी। शादी के बाद पति-पत्नी के बीच संबंध ठीक नहीं चल रहा था। इस वजह से संध्या अक्सर मायके में रहती थी। शुक्रवार को महिला थाने में लड़का व लड़की पक्ष की पंचायत हुई और लड़की को युवक विदा कराकर अपने घर ले गया था,शनिवार की सुबह संध्या का शव बेड पर पड़ा मिला,वही कमरे का दरवाजा खुला था। सुबह मृतका के ससुराल पक्ष ने डायल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची गुलरिहा पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु मर्चरी गृह भेज दिया है। मृतका की मां ने दहेज हत्या की दी तहरीर मृतका की मां ने गुलरिहा पुलिस को लिखित तहरीर देकर बताया है कि शादी के बाद से ससुराल के लोग बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग की बात बेटी अपनी मां से बताती थी। धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा इसी बात के इंतजार में शनिवार की सुबह फोन पर सूचना मिला कि बेटी संध्या को उसका पति अवनीश, ससुर ओमप्रकाश,सास सुमित्रा,ननद गुड़िया व मनीषा मिलकर दहेज के लिए हत्या कर दी। वहीं लड़का पक्ष का आरोप है कि शादी से पहले संध्या का गांव के एक युवक से प्रेम संबंध था। इस वजह से वह अक्सर मायके भागकर जाती थी। शादी के बाद से पति को कभी नजदीक नहीं आने दी थी।  

यूएस ओपन में जीत आसान नहीं, सिनर ने टूर्नामेंट को बताया बेहद चुनौतीपूर्ण

नई दिल्ली गत विजेता जानिक सिनर एक बार फिर से यूएस ओपन 2025 में पुरुष एकल वर्ग का खिताब जीतने के लिए तैयार हैं। लगातार दो साल यूएस ओपन जीतना आसान नहीं होता। लेकिन, इस कठिन उपलब्धि को हासिल करने के लिए सिनर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। बीमारी की वजह से सिनसिनाटी ओपन के फाइनल के बीच से हटने वाले सिनर यूएस ओपन के लिए न्यूयॉर्क पहुंचकर खुश हैं। एटीपी के मुताबिक सिनर ने कहा, “मैं यहां वापस आकर बहुत खुश हूं। यह एक शानदार टूर्नामेंट है। सीजन का यह आखिरी ग्रैंड स्लैम है, इसलिए हमारा उत्साह ज्यादा है। शारीरिक रूप से मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैं लगभग पूरी तरह से ठीक हो गया हूं। टूर्नामेंट शुरू होने से पूर्व में फिटनेस के उच्चतम स्तर पर पहुंचना चाहता हूं।” सिनर से पूछा गया कि हाल के वर्षों में यूएस ओपन में खिताब बचाना इतना मुश्किल क्यों रहा है? उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यहां रात में या दिन में खेलने से बहुत कुछ बदल जाता है। इस ग्रैंड स्लैम में कई छोटी-छोटी बातें भी फर्क डालती हैं। यह बेहद मुश्किल टूर्नामेंट है, जीतना कभी भी आसान नहीं है।” रोजर फेडरर एकमात्र ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने लगातार पांच साल (2004 से 2008) तक यूएस ओपन का खिताब जीता। टेनिस में मौजूदा समय में जानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज के बीच कड़ी प्रतियोगिता देखने को मिलती है। पिछले सात ग्रैंड स्लैम इन्हीं दोनों खिलाड़ियों ने जीते हैं। ऐसे में यूएस ओपन के पुरुष वर्ग का फाइनल भी इन्हीं दोनों के बीच होने की प्रबल संभावना है। अल्काराज के साथ अपने रिश्ते पर सिनर ने कहा, “प्रतिद्वंद्विता होना बहुत अच्छी बात है, यह खेल के लिए अच्छा है। यह व्यक्तिगत दृष्टिकोण के लिए भी अच्छा है, क्योंकि कभी-कभी जब आप अभ्यास में थक जाते हैं, तो आप कुछ चीजों की नकल करने की कोशिश करते हैं, क्योंकि वे असली मैच में भी हो सकती हैं। इस समय मैं और कार्लोस बड़ी ट्रॉफियां साझा कर रहे हैं, लेकिन चीजे बदल भी सकती हैं। आप कभी नहीं जानते। मैदान पर बहुत ही शानदार खिलाड़ी हैं और फाइनल तक पहुंचना बहुत मुश्किल है। मैं हमेशा कहता हूं कि हमें सुधार करना होगा, क्योंकि खिलाड़ी अब हमें समझते हैं कि हम कैसे हैं।”  

दबंग सरपंच का कारनामा: जमीन मालिक को पीटा, खुद को MLA का रिश्तेदार बताया

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सरपंच साहिल मधुकर द्वारा गुंडगर्दी करने और जान मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. आरोप है कि सरपंच ने खुद को विधायक का नाती बताते हुए समर्थकों के साथ जमीन की बाउंड्री वॉल तोड़ दी. आरोपियों ने जमीन मालिक को इस दौरान जान से मारने की भी धमकी दी. घटना का वीडियो भी सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, सामने आया वीडियो मस्तूरी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. जहां सरपंच साहिल मधुकर ने जमीन मालिक के साथ गुंडागर्डी की है. अपने समर्थकों के साथ मिलकर गाली-गलौच करते हुए पिटाई कर दी. बदमाशों के हौसले इतने बुलंद है कि वह वायरल वीडियो में बाउंड्री वॉल तोड़ने के साथ स्माइल करते हुए विक्ट्री साइन दिखा रहे हैं. पीड़ित की शिकायत के बाद मस्तूरी थाने में अपराध दर्ज कर लिया गया है. वहीं सरपंच के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है. वहीं सरपंच के खिलाफ स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है.

राजकीय अधिवक्ताओं को तोहफ़ा : सरकार ने बढ़ाई राजस्व न्यायालयों में रिटेनरशिप

जयपुर राजस्थान के राजस्व न्यायालयों में राज्य सरकार की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं की रिटेनरशिप फीस एक सितंबर से बढ़ा दी जाएगी। रिटेनरशिप फीस बढ़ाने के  राजस्व विभाग के प्रस्ताव को सीएम भजनलाल शर्मा ने मंजूरी दे दी है। राजस्व विभाग ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार- न्यायालय राजस्व मण्डल अजमेर एवं अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों, संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, राजस्व अपीलीय प्राधिकारी में विचाराधीन राजस्व वादों में राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने वाले पूर्णकालिक राजकीय अधिवक्ताओं की मासिक रिटेनरशिप फीस में बढ़ोतरी की गई है। राजस्व विभाग के शासन उप सचिव हरिसिंह मीना ने बताया कि राजस्व मंडल अजमेर में राज्य सरकार  की पैरवी करने वाले स्टेट एडवोकेट को 11,250 रुपए, एडिशनल स्टेट एडवोकेट को 10,200 रुपए, डिप्टी स्टेट एडवोकेट को 9000 रुपए मासिक रिटेनरशिप मिलेगी। सभी सम्भागीय आयुक्त और अतिरिक्त सम्भागीय आयुक्त कोर्ट में पैरवी करने वाले राजकीय अधिवक्ता को 6 हजार रुपए, जयपुर, अलवर,भरतपुर, चित्तोडगढ़, उदयपुर, कोटा, श्रीगंगानगर, जोधपुर, नागौर और पाली के जिला कलेक्टर कोर्ट और अतिरिक्त जिला कलेक्टर कोर्ट में पैरवी करने वाले राजकीय अधिवक्ता को 6 हजार रुपए, बूंदी, झालावाड़, टोंक, जालोर, सिरोही, सीकर,झुन्झुनू, दौसा, बारां और राजसमंद में जिला कलेक्टर कोर्ट और अतिरिक्त जिला कलेक्टर कोर्ट में पैरवी करने वाले राजकीय अधिवक्ता को चार हजार 500, बांसवाड़ा, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, डूंगरपुर, धौलपुर,जैसलमेर, हनुमानगढ़ और करौली जिला कलेक्टर कोर्ट और अतिरिक्त जिला कलेक्टर कोर्ट में पैरवी करने वाले राजकीय अधिवक्ता को 3 हजार रुपए मासिक रिटेनरशिप मिलेगी। अन्य जिलों के जिला कलेक्टर कोर्ट और अतिरिक्त जिला कलेक्टर कोर्ट के सम्बंध में यह राशि 4500 रुपए प्रति माह होगी। राजस्व अपीलीय प्राधिकारी (रेवेन्यू अपीलेट अथॉरिटी) और उनके कैम्प कोर्ट के वाद में यह राशि 3 हजार रुपए होगी। इसके अतिरिक्त न्यायिक दायित्वों के पेटे इन अधिवक्ताओं को देय राशि में भी वृद्धि की गई है। अब जवाबदावा के लिए 700 रुपए, प्रति पृष्ठ डिक्टेशन व टंकण शुल्क  के लिए 25 रुपए, प्रति पृष्ठ फोटो स्टेट के 2 रुपए, अधिवक्ता कल्याण कोष के लिए 200 रुपए, स्टेशनरी फाईल कवर, टेग्स आदि के लिए 60 रुपए, प्रति प्रमाण पत्र शपथ पत्र प्रमाणीकरण के लिए  100 रुपए एवं अन्य विधिक खर्चे के रुपए में 200 रुपए देय होंगे।

आंखों की सेहत पर बड़ा सवाल: क्या कॉन्टैक्ट लेंस चश्मे से ज्यादा सुरक्षित हैं?

नई दिल्ली इन दिनों नजरों का कमजोर होना आम बात हो चुकी है। लगातार स्क्रीन का इस्तेमाल और खानपान में लापरवाही अक्सर इसकी वजह बनती है। ऐसे में आंखों की कम होती रोशनी के लिए लोग अक्सर कॉन्टैक्ट लेंस या चश्मे का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, इसे लेकर अक्सर बहस होती रहती है कि इन दिनों में से क्या ज्यादा बेहतर है। कई लोग चश्मे का सपोर्ट करते हैं, तो वहीं कुछ लैंस को बेहतर मानते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर दोनों में से ज्यादा बेहतर क्या है। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने आई 7 हॉस्पिटल लाजपत नगर और विजन आई क्लिनिक, नई दिल्ली में सीनियर मोतियाबिंद एवं रेटिना सर्जन डॉ. पवन गुप्ता से बातचीत की। कॉन्टैक्ट लेंस पहनें या नहींं? डॉक्टर ने बताया कि कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करने वाले लोग लेंस को सुविधाजनक और फैशनेबल होने की वजह से पसंद करते हैं, लेकिन कुछ जोखिम भी हैं। कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को सही हाइजीन के नियमों का पालन करने में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। सोने से पहले लेंस उतारना जरूरी है; अगर इन्हें पहनकर सोया जाए, तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सभी सही तरीकों के बावजूद, आंखों में कोई बाहरी चीज के जाने से कभी-कभी कुछ देर जलन या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। कॉन्टैक्ट लेंस के नुकसान कॉन्टैक्ट लेंस के इस्तेमाल की वजह से कॉर्निया को समस्या हो सकती है। कॉर्निया एक पारदर्शी परत है, जो आंख के सामने होती है। यह आंख की एकमात्र परत है, जिसे हवा से ऑक्सीजन मिलती है और जब कॉन्टैक्ट लेंस इस पर लगाए जाते हैं, तो यह ऑक्सीजन कम हो जाती है। लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से कॉर्निया में इस्केमिया या ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऑक्सीजन की इस लगातार कमी की वजह कॉर्निया के किनारों पर नई ब्लड वेसल्स विकसित हो सकती हैं, जिससे विजन कम हो जाती है और आंखों का स्वास्थ्य खराब हो जाता है। इसलिए चश्मा है बेहतर! भले ही कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से कॉर्निया में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, लेकिन चश्मे से ब्लड वेसल्स बनने का कोई खतरा नहीं होता। कांच (और अन्य पारदर्शी लेंस) साफ विजन देते देते हैं और इससे कॉर्निया तक ऑक्सीजन पहुंचने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। भले ही अगर कुछ सावधानियां बरती जाएं, तो कॉन्टैक्ट लेंस का सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सकता है। कैसे करें कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल? हालांकि, लोग सावधानियों का पालन करते हुए कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सुरक्षित रूप से काम कर सकते हैं। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के लिए जरूरी है कि पूरी तरह से स्वच्छता बनाए रखें। उन्हें लगाने से पहले हाथ साफ करें, उन्हें अच्छी तरह से साफ करके रखें, और दूसरों को उन्हें इस्तेमाल करने से रोकें। साथ ही घर से बाहर निकलते ही कॉन्टैक्ट लेंस उतार देने चाहिए और लेंस पहनकर नहीं सोना चाहिए। कुल मिलाकर चश्मा और कॉन्टैक्ट लेंस दोनों ही विजन सुधारने के प्रभावी साधन हैं, फिर भी रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए चश्मा ही सुरक्षित विकल्प है। अगर कोई कॉन्टैक्ट लेंस पहनना पसंद करता है, तो उसे लंबे समय बाद होने वाले नुकसान से बचने के लिए स्वच्छता और उपयोग संबंधी दिशानिर्देशों का ध्यान रखते हुए जिम्मेदारी से पहनना चाहिए।  

प्रदेश की जेलों से आई राहत की खबर, जन्माष्टमी पर 14 हजार पात्र बंदियों को मिली सजा में छूट

गंभीर अपराध के दोषी बंदियों की सजा यथावत रहेगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जेल विभाग को प्रदेश की जेलों के पात्र दंडित बंदियों की सजा में लगभग 60 दिन की छूट देने के निर्देश दिए हैं। सजा में दी गई इस छूट से विभिन्न जेलों में बंद 21 हजार बंदियों में से लगभग 14 हजार बंदी लाभान्वित होंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की इस समय पूर्व रिहाई नीति में आतंकवादी गतिविधि, लैंगिक अपराध (पास्को, बलात्कार), मादक पदार्थ और दो से अधिक हत्या जैसे गंभीर अपराध के दोषी बंदी पात्र नहीं होते हैं, उनकी सजा यथावत रहेगी।  इसकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस वर्ष भी प्रदेश की जेलों के दंडित बंदियों को सजा में करीब 60 दिन की छूट हेतु जेल विभाग को निर्देश दिए हैं। आतंकवादी गतिविधि, लैंगिक अपराध, हत्या के गंभीर आरोपी इसमें शामिल नहीं हैं। इससे 21 हजार बंदियों में से लगभग 14 हजार लाभान्वित होंगे। सरकार का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व समाज में सद्भाव और मानवीय संवेदना का संदेश देते हैं। ऐसे में जन्माष्टमी जैसे अवसर पर कैदियों को सजा में छूट देकर सुधार की भावना को बल मिलेगा। बता दें कि इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी प्रदेश की जेलों से बड़ी संख्या में कैदियों की सजा माफ कर उन्हें रिहा किया गया। मध्य प्रदेश जेल मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भोपाल केंद्रीय जेल से 25, सतना से 17, उज्जैन से 14, नर्मदापुरम से 11, ग्वालियर से 16, जबलपुर से 14, रीवा से 19, सागर से 14, इंदौर केंद्रीय जेल से 10, नरसिंहपुर से 6 और बड़वानी से 3 बंदियों को रिहा किया गया। इसके अलावा, जिला जेल देवास से 1, टीकमगढ़ से 2, इंदौर से 2 तथा उप जेल पवई और बंडा से 1-1 बंदी को भी स्वतंत्रता दिवस पर रिहा किया गया था।    

24 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, रविवार से जारी होगा नया अलर्ट

लखनऊ  यूपी में मानसून एक बार फिर से लौट आया है। मौसम विभाग ने शनिवार को 24 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।  उत्तर प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से माैसम ने करवट ली है। माैसम विभाग ने 25 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रुक-रुक कर कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। शुक्रवार को दक्षिणी, पूर्वी और तराई के इलाके में कहीं हल्की तो कही मध्यम बारिश देखने को मिली।  पूर्वी यूपी के जाैनपुर में सर्वाधिक 80 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं लखीमपुर खीरी और महराजगंज में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। माैसम विभाग ने शनिवार के लिए प्रयागराज, सोनभद्र, वाराणसी, आगरा समेत प्रदेश के 24 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 59 जिलों में गरज चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने नये वेदर सिस्टम के असर से यूपी के ज्यादातर इलाकों में अच्छी बारिश के आसार हैं। 24 व 25 अगस्त को बारिश के और जोर पकड़ने के संकेत हैं।   यहां है भारी बारिश का येला अलर्ट बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, लखनऊ, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाकों में। यहां है वज्रपात की आशंका सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर आदि में।   राजधानी में आज से बढ़ेगा बारिश का जोर राजधानी में बीते दो दिनों से माैसम ने करवट ली है। बादलों की सक्रियता बढ़ने से यहां छिटपुट बूंदाबांदी का दाैर जारी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक अगले दो दिनों तक लखनऊ में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। 24 व 25 अगस्त को लखनऊ में मध्यम से भारी बारिश की परिस्थितियां बन सकती हैं। शुक्रवार को दोपहर में हजरतगंज, डालीबाग, गोमतीनगर, आलमबाग आदि इलाकों में हल्की फुहारें पड़ीं। दिन भर बादलों की आवाजाही बने रहने से उमस भरी गर्मी में कमी आई। इससे अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री की मामूली गिरावट के साथ 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान एक डिग्री की गिरावट के साथ 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ।