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टूरिस्ट बस हादसे में हाहाकार, 5 की जान गई, भारतीय नागरिक भी शामिल

न्यूयॉर्क सिटी  नियाग्रा फॉल्स से न्यूयॉर्क सिटी लौट रही एक टूरिस्ट बस के पलटने से उसमें सवार एक भारतीय समेत पांच लोगों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। बस में भारतीय और चीनी नागरिकों सहित कुल 54 यात्री सवार थे। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह हादसा ड्राइवर का ध्यान भटकने की वजह से हुआ है।   मृतकों की पहचान रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में बिहार के शंकर कुमार झा (65), न्यू जर्सी की पिंकी चांगरानी (60), चीन के झी होंगझुओ (22) और न्यू जर्सी के झांग शियाओलान (55) और जियान मिंगली (56) शामिल हैं।   हादसा कैसे हुआ? न्यूयॉर्क के पेमब्रोक इलाके में अंतरराज्यीय राजमार्ग-90 पर शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ। प्रांतीय पुलिस प्रमुख आंद्रे रे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि ड्राइवर का ध्यान भटक गया जिससे उसने बस पर से नियंत्रण खो दिया और बस पलट गई। रे ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि कई यात्री बस से बाहर गिर गए और मौके पर ही पांच वयस्क यात्रियों की मौत हो गई। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे जिन्हें बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि किसी भी अन्य यात्री को जानलेवा चोटें नहीं आई हैं और हादसे के कारणों की आगे जांच जारी है।  

ड्यूटी के दौरान हरियाणा के लाल ने दी शहादत, लेह में ऑक्सीजन की कमी बनी वजह

सोहना  सोहना खंड के गाँव अभयपुर के रहने वाले 34 वर्षीय प्रीतम सिंह 14 साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए थे, जो कि 14 साल तक मां भारती की रक्षा में तैनात रहने के बाद ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। शहीद प्रीतम सिंह फिलहाल लेह में तैनात थे। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन कम होने की वजह से शहीद प्रीतम सिंह की अचानक तबीयत खराब हो गई, जिनको उपचार के लिए शीघ्र अस्पताल में दाखिल कराया गया, लेकिन वह मौत से जिंदगी की जंग हार गए। पार्थिव शरीर को सैन्य टुकड़ी द्वारा उनके पैतृक गांव अभयपुर में लाया गया, जहा में हजारों लोगों के काफिले के साथ बंदे मातरम व भारत माता की जय के उदघोषों के बीच उनको गांव की शमशान भूमि ले जाया गया। जहां पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के 12 वर्षीय पुत्र प्रतीक ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। बता दें कि हवलदार शहीद प्रीतम सिंह फिलहाल लेह की 5014 ASC बटालियन में तैनात थे, जिनके पिता व चाचा ताऊ भी भारतीय सेना में रहकर मां भारती के लिए समर्पित रह चुके है।14 साल पहले प्रीतम सिंह भी मां भारती की रक्षा करने के लिए भारतीय सेना में भर्ती हुए थे, जो अपनी शहादत देने के बाद अपनी वीरांगना पत्नी 12 वर्षीय बेटा प्रतीक व 9 वर्षीय बेटी पंछी छोड़ गए है। इस मौके पर गांव की तरफ से गांव के सरकारी स्कूल का नाम शहीद प्रीतम सिंह के नाम से किए जाने की माग की गई है।

नक्सलियों को तगड़ा झटका! कोईमेंटा जंगल से मिला विस्फोटक डंप

सुकमा नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर मेट्टागुड़ा कैंप से जवानों की टीम नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान जवानों को नक्सलियों के खुफिया डंप को बरामद कर बड़ी सफलता हासिल हुई है. नक्सलियों के छिपाए गए कंट्रीमेड रायफल, विस्फोटक और भारी मात्रा में लोहे की सामग्री सुरक्षाबलों ने बरामद की है. जानकारी के मुताबिक, 23 अगस्त को जवानों को नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसके बाद 203 कोबरा वाहिनी, 241 बस्तर बटालियन सीआपीएफ और जिला बल की संयुक्त पार्टी नक्सल विरोधी अभियान के लिए ग्राम बोटेलंका, ईरापल्ली, कोईमेंटा पहाड़ी, दारेली व आस-पास क्षेत्र की ओर रवाना हुई. अभियान के दौरान कोईमेंटा पहाड़ी में नक्सलियों द्वारा डंप कर कंट्रीमेड हथियार और अन्य नक्सल सामग्राी को बरामद किया गया.   नक्सल डंप से क्या-क्या मिला ? बरामदगी के दौरान जवानों को नक्सलियों के डंप से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली है. इसमें कंट्रीमेड रायफल, बीजीएल लांचर और उसका बैरल, यूएवी नेत्रा का टूटा हुआ प्रोपेलर, इलेक्ट्रिक होल्डर वेल्डिंग, बैंच वाइस और स्टील पाइप शामिल है. इसके अलावा 7 लोहे के छड़, करीब 2 किलो वजनी 45 लोहे के बेस प्लेट, 8 किलो के 47 पोल एंगलर और लगभग 480 भारी-भरकम आयरन क्लैंप बरामद किए गए. वहीं 35 ग्राउंड सपोर्टर, 1 किलो, 18 और 12 इंच के दर्जनों क्लैंप, एक टी-टाइप क्लैंप, काला वर्दी, एम्युनेशन पाउच और टूटी हुई इन्वर्टर बैटरी भी मिली. मौके से करीब 20 मीटर इलेक्ट्रिक वायर और एक इलेक्ट्रिकल एक्सटेंशन बोर्ड भी जब्त किया गया.

US में पंजाबी ड्राइवरों की बड़ी परेशानी, भारतीय समुदाय ने सरकार से लगाई गुहार

वाशिंगटन  अमेरिका में हाल ही में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने न केवल भारतीय समुदाय को झकझोर दिया है, बल्कि वहां काम कर रहे  1.5 लाख से अधिक पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवरों की रोज़ी-रोटी पर भी संकट खड़ा कर दिया है।   क्या है मामला ? 12 अगस्त को  फ्लोरिडा के फोर्ट पियर्स राजमार्ग पर पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवर हरजिंदर सिंह (28) ने अचानक ट्रक से गलत यू-टर्न ले लिया। उसी वक्त पीछे से आ रही एक मिनीवैन ट्रक से टकरा गई। इस टक्कर में  तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि हरजिंदर सिंह और उसके साथ ट्रक में मौजूद एक अन्य व्यक्ति सुरक्षित बच निकले। अमेरिका का कड़ा कदम  इस घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए विदेशी ट्रक ड्राइवरों (खासकर भारतीय और पंजाबी मूल के) को वर्क वीज़ा जारी करने पर रोक लगा दी। इस फैसले से अमेरिका में काम कर रहे हजारों पंजाबी परिवारों की  आर्थिक स्थिति पर संकट मंडरा गया है।  दशकों से पंजाबी ड्राइवर अमेरिकी सप्लाई चेन की रीढ़ बने हुए हैं। मंत्री संजीव अरोड़ा की अपील  इस मामले को लेकर पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री संजीव अरोड़ा ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर  को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है।अरोड़ा ने कहा: “हम हादसे की गंभीरता को समझते हैं, लेकिन किसी एक व्यक्ति की गलती की सज़ा पूरे समुदाय को नहीं दी जानी चाहिए। ” “अमेरिका में रह रहे करीब 1.5 लाख पंजाबी ट्रक ड्राइवरों की रोज़ी-रोटी पर यह फैसला भारी पड़ रहा है।” “विदेश मंत्रालय को तुरंत  अमेरिकी अधिकारियों से उच्च-स्तरीय बातचीत कर वीज़ा रोक पर समाधान निकालना चाहिए।” परिवारों की चिंता और पंजाब से डॉलर फ्लो  अमेरिका में बसे पंजाबी ट्रक ड्राइवर न केवल वहां की सप्लाई चेन को संभाल रहे हैं, बल्कि पंजाब के गांवों में भी  डॉलर भेजकर हजारों परिवारों की आजीविका चला रहे हैं। वीज़ा रोक से ड्राइवरों का भविष्य अंधकारमय हो सकता है।  बच्चों की पढ़ाई, घर-परिवार की देखभाल और पंजाब की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ सकता है।

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, पंजाब के मशहूर बारों पर रेड

अमृतसर  जिला आबकारी विभाग अंग्रेजी शराब की बिक्री को सुरक्षित करने और अवैध तौर पर बाहर से आई शराब को रोकने के लिए हर प्रकार से सतर्क है। इसको लेकर अमृतसर की मशहूर बारों तक निरंतर इंस्पैक्शन की जा रही है। इसी क्रम में अमृतसर की बीयर और हार्ड-लिक्कर बारों में नामवर दी-कबीला बार, दी-बाग बार, होटल हयात बार, आर.आर.वी. होटल बीयर बार, बार.बी.क्यू. नैशन एंड बार रेड की गई। बारों को स्टॉक व रिकार्ड जांचा गया। यह कार्रवाई पंजाब आबकारी विभाग की तरफ से दी गई हिदायतों के मुताबिक अमृतसर रैंज के सहायक कमिश्नर आबकारी महेश गुप्ता के निर्देश पर की गई है। इन निर्देशों का पालन करते हुए जिला आबकारी अधिकारी ललित कुमार की निगरानी में उपरोक्त नामवर बारों पर सर्वेक्षण और चैकिंग के लिए इंस्पैक्टर आर.एस. बाजवा के नेतृत्व तले टीम का गठन करके रवाना किया गया। इंस्पैक्टर आर.एस बाजवा ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में बाहर के सर्किल से शराब को अवैध तौर पर लाने वाले सक्रिय हो रहे हैं, क्योंकि सरकार की तरफ से किसी भी स्थान पर दूसरे सर्किल से आई हुई शराब न तो बेची जा सकती है, न उसका सेवन किया जा सकता है । हालांकि इस पूरी रेड के बावजूद उपरोक्त बड़ी बारों पर किसी भी प्रकार की कोई कोताही विभाग के सामने नहीं आई, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि विभाग हमेशा सतर्कता को लेकर चलता है, ताकि कोई चूक न हो जाए। रात 1 बजे महानगर की सभी बारें होंगी बंद अमृतसर रेंज के सहायक कमिश्नर आबकारी महेश गुप्ता ने कहा है कि पंजाब सरकार के निर्देश पर महानगर की सभी बीयर और हार्ड-बार होल्डर्स को चेतावनी दी जा रही है कि रात्रि 1 बजे के बाद न तो किसी बार से शराब की बिक्री अथवा सर्विस होगी और न ही किसी को किसी होटल अथवा बार में लिक्कर सेवन की आज्ञा दी जाएगी। नियम का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। इन चीजों पर रखा गया चैकिंग में फोक्स! -बार होल्डरों के पास सेल रिकॉर्ड रजिस्टर्ड कंप्लीट है, क्या दर्ज स्टॉक के अतिरिक्त कोई लिक्कर तो नहीं? -स्टॉक की फिजिकल चेकिंग के तौर पर निश्चित किया जाता है कि क्या बिके हुए लिक्कर के ब्रांड मैच करते हैं अथवा नहीं? -शराब की खप्त के उपरांत खाली बोतलों को समय रहते नष्ट किया जा रहा है अथवा नहीं? -बोतलों को नष्ट करने का मंतव्य उनकी री-फिलिंग को लेकर है । -खप्तकारों को सर्वे किए जाने वाली शराब, विशेष कर बियर की एक्सपायरी चैकिंग।

बचपन से अंतरिक्ष तक का सफर: शुभांशु शुक्ला ने शेयर किए अनमोल किस्से

नई दिल्ली  अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने रविवार को कहा कि वह बचपन में शर्मीले और संकोची थे। युवावस्था में उन्होंने कभी अंतरिक्ष में जाने का सपना नहीं देखा था। भारतीय वायुसेना के एक कार्यक्रम में शुक्ला ने कहा कि उन्होंने राकेश शर्मा की ऐतिहासिक अंतरिक्ष उड़ान की कहानियां सुनीं। लेकिन युवावस्था तक उन्होंने यह नहीं सोचा था कि वह अंतरिक्ष यात्रा पर जाएंगे। अंतरिक्ष यात्री ने हाल में संपन्न एक्सिओम 4 मिशन का हिस्सा बनने के अपने अनुभव को भी साझा किया। इस मिशन के जरिए वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बने। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्ला सहित गगनयान मिशन के चार अंतरिक्ष यात्रियों को सम्मानित किया और कहा कि गगनयान मिशन आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में एक नए अध्याय का प्रतीक है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य चयनित गगनयात्रियों को रविवार को रत्न बताया। उन्होंने कहा कि गगनयान मिशन आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में एक नए अध्याय का प्रतीक है। सिंह ने यहां सुब्रतो पार्क में भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में चार गगनयात्रियों को सम्मानित किया। यह समारोह एक्सिओम 4 मिशन की सफलता के बाद आयोजित किया गया है जिसमें शुक्ला भी शामिल थे। ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला चार चुने गए गगनयात्री हैं। इनके नामों का पहली बार खुलासा फरवरी 2024 में तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में किया गया था। मोदी ने गगनयान परियोजना की औपचारिक घोषणा 2018 में की थी। इस परियोजना का उद्देश्य तीन सदस्यीय चालक दल को 2027 में तीन दिवसीय मिशन के लिए 400 किलोमीटर की कक्षा में भेजना है।  

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को मिल रही राहत

कोनी निवासी रमेश साहू का बिजली बिल हुआ शून्य रायपुर, केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अब उपभोक्ताओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला रही है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ लेने आगे आ रहे हैं। ऐसे ही बिलासपुर जिले के ग्राम कोनी के निवासी श्री रमेश साहू ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। इसके बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।इस अभिनव योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का आभार जताया है। कोनी में रहने वाले श्री रमेश साहू बताते हैं कि उनके घर पर बिजली की खपत काफी अधिक थी प्रतिमाह आने वाले बिजली के बिल से उन्हें बड़ा आर्थिक भार झेलना पड़ता था। सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया जिसकी लागत करीब दो लाख रुपए थी। इस प्लांट पर उन्हें केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है, जबकि राज्य सरकार से मिलने वाली 30 हजार रुपये की सब्सिडी भी शीघ्र मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें बिजली बिल की चिंता से मुक्ति मिल गई है।अब उन्हें किसी तरह का बिल नहीं भरना पड़ रहा। एक बार निवेश करने पर 25 वर्षों तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और इस पर कोई विशेष मेंटेनेंस खर्च भी नहीं है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में सप्लाई कर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में यह योजना बड़ा कदम है। श्री साहू ने आम नागरिकों से अपील की कि वे भी इस योजना का लाभ उठाएं और सौर ऊर्जा को अपनाकर बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनें। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये तक सब्सिडी और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही सरकार 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है। योजना में घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की सुविधा मिलती है जिससे बनने वाली खपत से अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर बिजली उत्पादक भी बना जा सकता है। योजना के तहत ऋण का भी प्रावधान है जिसमें एक बार निवेश पर 25 वर्षों तक मुफ्त और सतत बिजली पाई जा सकती है।

रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने की पहल, मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिका के द्वारा हाल ही में भारत के खिलाफ टैरिफ को लेकर कार्रवाई की गई। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि भारत रूस से लगातार तेल खरीद रहा है इसके कारण यह युद्ध अनवरत जारी है। इन तमाम आरोप प्रत्यारोपों के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा की खबरें सामने आई। वहीं, अब भारत में यूक्रेन के राजदूत अलेक्जेंडर पोलिशचुक ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की भारत यात्रा की बात कही है। इसके अलावा, यूक्रेन ने एक बार फिर रूस के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने में भारत की अधिक सक्रिय भूमिका की अपील की है। भारत में यूक्रेन के राजदूत अलेक्जेंडर पोलिशचुक ने शनिवार को एएनआई से बात करते हुए कहा कि रूस के साथ भारत के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए यूक्रेन भारत को संभावित शांति वार्ताओं में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में देखता है। भारत-यूक्रेन के बीच बढ़ी बातचीत पोलिशचुक ने यूक्रेन के राष्ट्रीय ध्वज दिवस के अवसर पर बोलते हुए कहा कि 2023 से यूक्रेन और भारत के बीच बातचीत में वृद्धि हुई है, जिसका उन्होंने स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान की भी सराहना की कि भारत युद्ध में तटस्थ नहीं है, बल्कि दृढ़ता से शांति, कूटनीति और राजनीतिक संवाद का समर्थन करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सितंबर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र में दोनों देशों के बीच यह बातचीत जारी रहेगी। जेलेंस्की जल्द आएंगे भारत जेलेंस्की की भारत यात्रा के बारे में पूछे जाने वाले पर राजदूत ने कहा, 'दोनों देश यात्रा की तारीख और वार्ता के विषय को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जल्द ही इसका ऐलान कर दिया जाएगा।' भारत-यूक्रेन के पुराने संबंध यूक्रेनी राजदूत ने 'द वीक' में एक लेख लिखकर भारत-यूक्रेन संबंधों के बारे में चर्चा की है। उन्होंने लिखा, ''यूक्रेन के तीन राष्ट्रपतियों ने भारत का आधिकारिक दौरा किया, जबकि भारत के दो राष्ट्रपतियों ने यूक्रेन का दौरा किया। 2021 तक यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण से पहले द्विपक्षीय व्यापार लगभग 3.4 अरब तक पहुंच गया था।'' भारत यात्रा के दौरान क्या होगी बात उन्होंने कहा, ''एक लंबे विराम के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री के बीच पहली बैठक नवंबर 2021 में ग्लासगो में जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। मई 2023 से ऐसी बैठकें और टेलीफोन वार्ता नियमित हो गई हैं। 23 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय खोला। इसने रणनीतिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ने के लिए दोनों लोकतंत्रों के नेताओं की आकांक्षा की पुष्टि की। आज, दोनों देशों के विदेश मंत्रालय और राजनयिक मिशन इस साझा उद्देश्य को लागू करने के लिए लगन से काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की की भारत की आगामी यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी के लिए एक रोडमैप पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।'' राजदूत ने एएनआई से बातचीत में आगे कहा, “हम यूक्रेन में शांति-निर्माण प्रक्रिया में भारत की अधिक भागीदारी की उम्मीद करते हैं। मेरा मानना है कि हमारी सभी बैठकें इस बात पर चर्चा का हिस्सा होंगी कि भारत सीधे या परोक्ष रूप से रूस के साथ राजनीतिक बातचीत में कैसे शामिल हो सकता है। विशेष रूप से रूस और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को ध्यान में रखते हुए हमें इसकी उम्मीद है।”

यूपी की सियासत में गरमाहट, प्रयागराज की होर्डिंग से तेज हुई पूजा पाल के भविष्य की अटकलें

लखनऊ  अपने पति राजू पाल की हत्या के सालों बाद मिले ‘न्याय’ के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करके यूपी की सियासत में हलचल मचा देने वाली विधायक पूजा पाल का अगला कदम क्या होगा? यह सवाल इस समय उनसे जुड़े या फिर यूपी की राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर शख्स की जुबान पर है। पूजा पाल ने पिछले दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इसके बाद उनके भाजपा में शामिल होने से लेकर मंत्री बनने तक की अटकलें लगनी शुरू हो गईं। यह भी कहा जाने लगा कि पूजा को 2027 में भाजपा अपना उम्मीदवार भी बना सकती है। जानकार उन्हें समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे की काट और चुनाव से पहले भाजपा के हाथ आया हथियार बताने लगे। इस बीच प्रयागराज के धूमनगंज के सुलेम सराय इलाके में लगी एक होर्डिंग ने लोगों को चौंका दिया है। दधिकांदो मेले को लेकर लगाए गए नीले रंग के इस होर्डिंग को देखकर लोग उनके बसपा के पाले में जाने के भी कयास लगाने लगे। दरअसल, विधायक पूजा पाल अतीत में बसपा में रह भी चुकी हैं। 2007 से 2012 तक वह प्रयागराज पश्चिमी सीट से बसपा की ही विधायक थीं। 2019 में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गई थीं और सपा के ही टिकट पर उन्होंने कौशांबी की चायल सीट से 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि राज्यसभा चुनाव में उनका सपा से अलग रुख देखने को मिला। क्रॉस वोटिंग के बाद उनके और सपा के रिश्ते बिगड़ते चले गए। फिर हाल में जब पूजा पाल ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ की तो यूपी के सियासी गलियारों में हलचल मच गई। हर कोई अपने-अपने ढंग से इसकी व्याख्या करने लगा। समाजवादी पार्टी ने पूजा पाल को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए निष्कासित कर दिया। इसके बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए पूजा पाल के बयान आने लगे। सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात करने के बाद पूजा पाल ने अखिलेश यादव को एक पत्र लिखकर कई चुभते सवाल पूछे और उन्हें खूब सुनाया। यहां तक कह दिया कि यदि मेरी हत्या होती है तो वास्तविक दोषी समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को ही माना जाए। पूजा पाल को लेकर यूपी में जबरदस्त सियासी घमासान के बीच उनके समर्थन में भाजपा नेताओं के भी बयान आने लगे। कुल मिलाकर जानकारों को लगने लगा कि जल्द ही पूजा पाल भाजपा ज्वाइन कर सकती हैं लेकिन इसी बीच प्रयागराज में नीले रंग की होर्डिंग लगी तो उनके बसपा में जाने को लेकर भी अटकलें तेज हो गईं। इस होर्डिंग ने कई लोगों को चौंकाया भी। पूजा पाल ने अभी साफ नहीं किया है रुख एक तरफ यूपी की सियासत में पूजा पाल को लेकर कयासबाजियों का सिलसिला तेज है तो दूसरी तरफ उन्होंने खुद अभी तक इस बारे में अधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा है। सपा से निष्कासन के बाद उनका अगला कदम क्या होगा, इस पर उनके समर्थकों और विरोधियों सबकी नजर है।  

तेज बारिश से पंजाब बेहाल, कई गांवों की सड़कें बंद, खतरे का अलर्ट जारी

दीनानगर  जहां पिछले दिनों पहाड़ों पर लगातार बारिश के कारण जलस्तर काफी बढ़ गया था, जिसके चलते प्रशासन ने पिछले हफ्ते भी रावी नदी में लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। आज फिर से लगातार बारिश के कारण आज 2 लाख 70 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से रावी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया और दूसरी तरफ के गांवों में आने-जाने के लिए नाव सुविधा भी बंद कर दी गई। जलस्तर इतना बढ़ गया है कि नदी के बाहर से पानी आने लगा है, जिसके चलते आस-पास के खेतों और गांव मकौड़ा जाने वाले रास्ते तक पानी पहुंच गया है, जिसके चलते प्रशासन ने आस-पास के गांवों के सरपंचों को गांवों में अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रावी नदी के पास सुनसान इलाके में जो गुज्जर समुदाय का डेरा है और लोगों का डेरा है, वे अपने डेरे छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं क्योंकि जलस्तर अभी भी काफी हद तक बढ़ सकता है। इस बीच जब इस संबंध में एस.डी.एम. दीनानगर जसपिंदर सिंह भुल्लर से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि जलस्तर फिर बढ़ने के कारण आज नदी में पानी छोड़ा गया है, जिसके चलते नदी के आस-पास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बाकी इलाके के लोगों से अपील है कि वे बिना किसी काम के नदी की तरफ न जाएं। प्रशासन इस पर कड़ी नजर रखे हुए है। अगर किसी भी तरह की बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होती है, तो प्रशासन ने सभी अप्रत्याशित प्रबंध कर लिए हैं और लोगों के ठहरने के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था भी पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी तरह की जरूरतमंद टीमों को सख्त आदेश जारी किए हैं, जो नदी के आस-पास के इलाकों पर पूरी तरह से नजर रखेंगी और लोगों के साथ समन्वय बनाए रखेंगी। बाकी लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए सभी तरह के इंतजाम पूरे कर लिए हैं।