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ई-श्रम पोर्टल पर 5 सितम्बर 2025 तक होगा गिग व असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण

भोपाल  गिग एवं प्लेटफार्म श्रमिकों तथा अन्य असंगठित श्रमिकों के पंजीयन अभियान के अंतर्गत ई-श्रम पोर्टल www.eshram.gov.in पर अपने मोबाइल के माध्यम से अथवा अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर संपर्क कर पंजीयन किया जा सकता है। नि:शुल्क पंजीयन के लिए आधार नंबर, आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर तथा आई.एफ.एस.सी. कोड सहित बचत खाता क्रमांक की आवश्यकता होगी। श्रम विभाग द्वारा इस संबंध में व्यापक अभियान प्रारंभ किया गया है। पंजीयन की प्रक्रिया पाँच सितंबर तक होगी। पंजीयन की प्रक्रिया के अंतर्गत www.eshram.gov.in पर “ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन” पर क्लिक कर उपरोक्तानुसार समस्त जानकारी तथा चाही गई अन्य व्यक्तिगत जानकारी भरे जाने पर ई-श्रम कार्ड का प्रिंट प्राप्त होगा, जो आजीवन सम्पूर्ण भारत में मान्य होगा। पंजीयन से संबंधित किसी भी जानकारी अथवा समस्या के निदान के लिए 0731-2432822 पर संपर्क किया जा सकता है।

हरियाणा में अपराध पर सैलजा का हमला, बोलीं- आंकड़ों की बाजीगरी से नहीं मिलेगा समाधान

चंडीगढ़ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिच, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि कहा कि केंद्र सरकार ने 130वां संविधान संशोधन बिल लाकर एक प्रकार से देश में अघोषित इमरजेंसी लागू की है, और इसके सहारे सरकार लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है। दूसरी ओर हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा 1984 के दंगा पीडितों के परिजनों को 11 साल बाद नौकरी देने की घोषणा केवल पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर की गई है यह एक राजनीतिक चाल है इसके सिवाय कुछ नहीं। मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि 130वां संविधान संशोधन बिल के बाद अब 30 दिन की हिरासत किसी भी एजेंसी के दुरुपयोग से हासिल की जा सकती है। यह बिल लोकतंत्र के लिए खतरनाक मिसाल बन सकता है। सत्ता पक्ष इसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। ये सरकार ताकत का इस्तेमाल करके जन विरोधी कानून लाने की कोशिश कर रही है, मनमानी तरीके से कानून ला रही है। ये भारतीय संविधान का काला अध्याय है। विपक्ष को बोलने ना देना अधिकारों का हनन है। ये विधेयक न्यायपालिका की स्वतंत्रता खत्म कर देगा। यह विधेयक संविधान के मूल ढांचे को रौंदता है।  विधेयक देश के कानूनों के मौलिक सिद्धांतों के खिलाफ है। यह  विधेयक न्याय के खिलाफ है। हरियाण सरकार द्वारा 1984 के दंगा पीडितों के परिजनों को नौकरी दिए जाने को कुमारी सैलजा ने एक राजनीतिक षणयंत्र करार देते हुए कहा कि पिछले 11 सालों में भाजपा सरकार को सिख दंगा पीड़ितों की याद नहीं आई पर पंजाब में विधानसभा चुनाव को देखकर उसे सब कुछ याद आने लगा। भाजपा पंजाब में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है, जो उसके लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। भाजपा पंजाब में लोकसभा चुनावों में कोई सीट नहीं जीत पाई, जबकि 2022 के विधानसभा चुनावों में केवल दो सीटें जीतने में सफल रही। पंजाब में सैनी समुदाय के सदस्य हरियाणा की तुलना में अधिक संख्या में हैं। उनका होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), जालंधर, रोपड़ (रूपनगर) और गुरदासपुर में 10 से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में प्रभाव है। ऐसे में भाजपा सरकार का यह फैसला पंजाब में बीजेपी की पैठ बढ़ाने की कोशिश है। पंजाब में सैनी समुदाय की अच्छी खासी आबादी है। बीजेपी उन्हें लुभाने की कोशिश कर रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले का पंजाब के चुनावों पर क्या असर पड़ता है।    सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा में नशा और अपराध तेजी से बढ़ रहे है, जनता दहशत में जी रही है और सरकार इसे बात को मानने के लिए कतई तैयार नहीं है। प्रदेश में हत्या, लूट, रंगदारी, बलात्कार का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम देकर सरेआम घूम रहे है और शासन और पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ रखे हुए बैठे है, लोग न्याय के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे है चीख रहे है पर सरकार बहरी बुनी हुई है। हरियाणा में नशा लगातार बढ़ रहा है और युवा पीढ़ी इसके जाल में फंस रही है। सिरसा जिला में हर दूसरे तीसरे दिन नश में गिरफ्त युवा दम तोड़ रहा है।  सरकार इस पर ठोस कदम उठाने की बजाय जनता को गुमराह करने के लिए यात्राओं और दिखावटी कार्यक्रमों में लगी हुई है। नशा खत्म करने के लिए धरातल पर आकर गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है। सांसद ने कहा कि आंकडों की बाजीगरी से अपराध कम होने वाले नहीं है, अपराधियों में जब तक पुलिस का भय पैदा नहीं होगा तब तक अपराध पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता।  

शादी में माता-पिता की सहमति अनिवार्य करने की मांग, हरियाणा भाजपा विधायक का सुझाव

चंडीगढ़ हरियाणा के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक राम कुमार गौतम ने एक ऐसे कानून की मांग की है जिसमें शादी से पहले माता-पिता की अनुमति अनिवार्य हो। सफीदों के विधायक ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह आवश्यक है। गौतम ने कहा, ‘‘लड़के-लड़कियां भाग जाते हैं…ऐसे मामले सामने आए हैं जहां माता-पिता बाद में आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाते हैं। मेरा सरकार से अनुरोध है कि ऐसा कानून बनाया जाए जिसमें शादी से पहले लड़के-लड़कियों के लिए माता-पिता की अनुमति अनिवार्य हो।’’ गौतम 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे पहले वह जननायक जनता पार्टी (जजपा) के सदस्य थे। गौतम ने जमीन की कीमत की दरों (लैंड कलेक्टर रेट) का भी मुद्दा भी उठाया और कहा कि कुछ जगहों पर इन दरों और बाजार दरों में काफी अंतर है। उन्होंने कहा, ‘‘जहां भी बड़ा अंतर है, उसे दूर किया जाना चाहिए। इससे भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।’’ शून्यकाल में बोलने का समय समाप्त होने पर विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने उन्हें उनकी सीट पर बैठने के लिए कहा। हालांकि, गौतम अपनी बात जारी रखने पर अड़े रहे और अध्यक्ष ने उन्हें रोक दिया। कल्याण ने कहा, ‘‘अगर आप इसके अलावा कुछ और कहना चाहते हैं, तो आप नोटिस दें , मैं उसके अनुसार फैसला करूंगा।’’  

स्ट्रीट वेंडर्स को राहत, पीएम स्वनिधि योजना 31 मार्च 2030 तक बढ़ी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के पुनर्गठन और विस्तार को 31 मार्च, 2030 तक मंजूरी दे दी। इस योजना के लिए कुल 7,332 करोड़ रुपए का प्रावधान है। कैबिनेट की एक रिलीज में कहा गया है कि इस पुनर्गठित योजना का लक्ष्य 50 लाख नए लाभार्थियों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ पहुंचाना है। आवास एवं शहरी मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) पर संयुक्त रूप से इस योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी रहेगी। इसमें डीएफएस की भूमिका, बैंकों/वित्तीय संस्थानों और उनके जमीनी स्तर के अधिकारियों के माध्यम से ऋण/क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने की रहेगी। बयान में कहा गया है कि पुनर्गठित योजना की प्रमुख विशेषताओं में पहली और दूसरी किस्तों में बढ़ी हुई ऋण राशि, दूसरा ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों के लिए यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड का प्रावधान और खुदरा व थोक लेनदेन के लिए डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शामिल हैं। इस योजना का दायरा चरणबद्ध तरीके से जनगणना कस्बों व अर्ध-शहरी क्षेत्रों आदि बढ़ाया जा रहा है। इस बढ़ी हुई ऋण संरचना में पहली किस्त के ऋण को 10,000 रुपए से बढ़ाकर 15,000 रुपए और दूसरी किस्त के ऋण को 20,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए तक कर दिया गया है, जबकि तीसरी किस्त 50,000 रुपए पर अपरिवर्तित रहेगी। यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की शुरुआत से रेहड़ी-पटरी वालों को किसी भी आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्काल ऋण उपलब्ध होगा। इसके अलावा, डिजिटल अपनाने को बढ़ावा देने के लिए, रेहड़ी-पटरी वाले खुदरा और थोक लेनदेन पर 1,600 रुपए तक के कैशबैक प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल स्किल और कनवर्जेंस के माध्यम से मार्केटिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए रेहड़ी-पटरी वालों की क्षमता निर्माण पर भी केंद्रित है। एफएसएसएआई के साथ साझेदारी में, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए मानक स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। रेहड़ी-पटरी वालों और उनके परिवारों के समग्र कल्याण और विकास को सुनिश्चित करने के लिए, मासिक लोक कल्याण मेलों के माध्यम से 'स्वनिधि से समृद्धि' घटक को मजबूत किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभ लाभार्थियों और उनके परिवारों तक पूर्ण रूप से पहुंचे। सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान कठिनाइयों का सामना करने वाले रेहड़ी-पटरी वालों का समर्थन करने के लिए 1 जून, 2020 को पीएम स्वनिधि योजना शुरू की थी। हालांकि, इस योजना की शुरुआत से ही, यह रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वित्तीय सहायता से कहीं अधिक साबित हुई है। प्रसिद्ध प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने पहले ही महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर ली हैं। 30 जुलाई, 2025 तक, 68 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को 13,797 करोड़ रुपए के 96 लाख से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं। लगभग 47 लाख डिजिटल रूप से सक्रिय लाभार्थियों ने 6.09 लाख करोड़ रुपए के 557 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन किए हैं, जिससे उन्हें कुल 241 करोड़ रुपए का कैशबैक प्राप्त हुआ है। 'स्वनिधि से समृद्धि' पहल के तहत, 3,564 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के 46 लाख लाभार्थियों का प्रोफाइल तैयार किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप 1.38 करोड़ से अधिक योजनाओं को मंजूरी दी गई है। बयान में कहा गया है कि इस योजना के विस्तार में व्यवसाय विस्तार और सस्टेनेबल ग्रोथ के अवसरों को समर्थन देने के लिए वित्त का एक विश्वसनीय स्रोत प्रदान कर रेहड़ी-पटरी वालों के समग्र विकास की परिकल्पना की गई है। इससे न केवल रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाया जाएगा, बल्कि समावेशी आर्थिक विकास, रेहड़ी-पटरी वालों और उनके परिवारों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को भी बढ़ावा मिलेगा, उनकी आजीविका में वृद्धि होगी और अंततः शहरी क्षेत्रों को एक जीवंत, आत्मनिर्भर इकोसिस्टम में बदला जा सकेगा।

शिक्षकों ने दी चेतावनी, 5 सितंबर को पंजाब में सड़क पर उतरेंगे हजारों टीचर

लुधियाना पंजाब एवं चंडीगढ़ कॉलेज शिक्षक संघ (PCCTU) ने आज पंजाब सरकार के खिलाफ राज्यभर के 136 सहायता प्राप्त कॉलेजों में दो पीरियड का विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण पंजाब में उच्च शिक्षा अस्तित्व के संकट से गुजर रही है। लुधियाना जिले के 22 एडेड कॉलेजों में भी शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष डॉ. चमकौर सिंह ने बताया कि पिछले पांच महीनों से सरकार ने अनुदान जारी नहीं किया है, जिस कारण प्रोफेसरों को बिना वेतन के रहना पड़ रहा है। जिला सचिव डॉ. सुंदर सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर निकाली गई नियुक्तियों पर रोक लगाना सरकार का शिक्षा विरोधी रवैया दर्शाता है। वहीं, डॉ. रोहित ने आरोप लगाया कि अनुदान को 95% से घटाकर 75% कर दिया गया है, जिससे कॉलेजों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि सरकार सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों को खत्म कर निजी संस्थानों को बढ़ावा देना चाहती है, जबकि डॉ. वरुण गोयल ने 7वें वेतन आयोग को लागू न करने और ग्रेच्युटी न देने पर सवाल उठाए। शिक्षक संघ ने ऐलान किया है कि 27 से 29 अगस्त तक सभी कॉलेजों में दो घंटे का धरना दिया जाएगा। इसके बाद 2 सितंबर को जिला स्तरीय कैंडल मार्च और 5 सितंबर को मोहाली में राज्य स्तरीय धरना आयोजित किया जाएगा। 

श्रीराम मंदिर निर्माण में मध्यप्रदेश का भी रहा अहम योगदान

म.प्र. के तांबे का हुआ है उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सराहना भोपाल  अयोध्या में बने भगवान श्रीराम के मंदिर में मध्यप्रदेश का भी योगदान है। यह योगदान इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। इसकी जानकारी हाल में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव में हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के एमडी श्री संजीव कुमार सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि अयोध्या में बने मंदिर में मध्यप्रदेश की खदानों से निकले ताँबे का उपयोग हुआ है। हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के चेयरमैन श्री सिंह ने कहा कि तांबा एक शाश्वत धातु है। भारत में तांबे के उपयोग का प्राचीन इतिहास रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने 32 टन कॉपर राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपने उद्बोधन में इस तथ्य पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तांबे के साथ मानव जीवन का संबंध रहा है। यह संबंध सोने, चांदी से बढ़कर है। हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड द्वारा 70 हज़ार कॉपर स्ट्रिप और 775 कॉपर वायर की रॉडस् मंदिर में लगे पत्थरों को जोड़ने के लिए आपूर्ति की गई थी। हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड द्वारा सप्लाई की गई इस धातु में 99 प्रतिशत शुद्धता और इलेक्ट्रो रिफ़ाइंड कैटेगरी की है। यह ताँबे का शुद्धतम रूप है, जो हज़ारों साल तक पत्थरों को जोड़ने में कारगर सिद्ध होगा।  

रिटायर्ड कर्मचारी का बड़ा खुलासा: नहर मरम्मत में करोड़ों की लूट का आरोप

गरियाबंद जलसंसाधन अनुविभाग फिंगेश्वर में नहरों को क्षतिग्रस्त बता लाखो रुपए मरम्मत के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है. यह खुलासा रोबा के रहने वाले कृषक याद राम साहू ने किया है. आरटीआई के तहत जानकारी लेकर जब किसान ने अन्य किसानों और अनुभविभाग अफसरों के साथ मौके पर जांच करने निकले तब फर्जीवाड़े का पता चला. किसान द्वारा निकाले गए दस्तावेज के मुताबिक फिंगेश्वर वितरक शाखा नहर और टेल एरिया में भसेरा, पसौद, सीरीकला, रोबा समेत 10 से ज्यादा गांव को सिंचाई करने वाले कुल 9 नहरों को कुल 56 जगह में 1600 मीटर से भी ज्यादा लंबाई का क्षतिग्रस्त बताया गया. इसकी मरम्मत के लिए 4600 प्लास्टिक बोरी में रेत भर कर क्षतिग्रस्त स्थलों का मरम्मत किया गया. मरम्मत से पहले स्थानों की साफ सफाई और अन्य मटेरियल के इस्तेमाल होने का जिक्र किया गया है. इसके एवज में कोरबा के डी क्लास ठेकदार विजय कुमार सहिस और इंडियन इंफ्रा बिल्ड नाम के फर्म को कुल 4.46 लाख का भुगतान किया गया. सारा कार्य वित्तीय वर्ष 2025 खत्म होने के ठीक 1 माह पहले 20 से 25 फरवरी के बीच कराया जाना दर्शाया गया है. किसान को मरम्मत कार्य में काम करने वाले मजदूरों का मस्टररोल नहीं दिया गया, जिन्हें 2 लाख से ज्यादा का भुगतान किया गया है. कार्य फर्जी था इसलिए मस्टरोल तक गायब कर दिया गया है. किसान याद राम ने विभाग के रवैया देख कर सत्यापित दस्तावेजों के साथ मामले की लिखिए शिकायत एसपी से किया है. सिंचाई सुविधा नदारद हुई तो खुली पोल, मरम्मत के नाम पर 1 करोड़ के बंदरबांट का दावा किसान याद राम 4 साल पहले तक सिंचाई विभाग के टाइम कीपर का काम करता था. रिटायरमेंट के बाद किसानी कार्य में लग गया. इस खरीफ सीजन में नहरों से सिंचाई सुविधा मिलना बंद हो गया था. किसानों ने फिंगेश्वर सिंचाई दफ्तर का दो बार घेराव कर दिया. मौजूदा एसडीओ वी. वी. मलैया ने नहर मरम्मत का प्रस्ताव डिविजन कार्यालय भेजा. जल्द मरम्मत का आश्वासन मिला पर मरम्मत के लिए कोई नहीं आए. ऐसे में रिटायर्ड कर्मचारी याद राम को गड़बड़ी की आशंका हुई. उन्होंने नहरों के मरम्मत की जानकारी आरटीआई के तहत मांगी. इसके बाद याद राम ने किसानों के साथ मिलकर अफसरों को माइनर नहरों का मुआयना कर क्षतिग्रस्त स्थान और मरम्मत के लिए भरे गए बोरों की तलाश भी की. इस दौरान ना तो टूट-फूट के कोई प्रमाण मिले और न ही मरम्मत के बोरे. किसान ने इस गड़बड़ी के बाद पूरे फिंगेश्वर उपसंभाग के नहरों के मरम्मत की जानकारी निकलनी चाही लेकिन फिर बड़ा खेल कर दिया गया. सब डिविजन कार्यालय से मरम्मत कार्यों के रिकॉर्ड गायब कर दिए गए. किसानों का दावा है कि अकेले फिंगेश्वर अनुविभाग में नहरों और अन्य सिंचाई योजनाओं के मरम्मत के नाम पर फरवरी 2025 में फर्जी बिल लगाकर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का गबन किया गया है. किसानों को सच्चाई बताने वाला एसडीओ किए गए दरकिनार मार्च के पहले मरम्मत के बजट को खपाने राजिम के एसडीओ को एक माह के लिए स्पेशल प्रभार सौंपा गया था. मामला सामने आया तो पदस्थ एसडीओ मलैया ने किसानों को न केवल सच्चाई बताई, बल्कि पाई गई गड़बड़ी को लेकर डिविजन कार्यालय में पत्राचार किया. सब डिविजन से गायब मरम्मत कार्य के रिकॉर्ड को लेकर विभाग और एसपी तक पत्राचार कर दिया. पोल खुलते देख डिविजन के अफसरों ने मलैया को ही हटा दिया. हालांकि हाईकोर्ट से स्टे आर्डर लेकर फिर एसडीओ के प्रभार में मलैया मौजूद है, लेकिन उनसे वित्तीय प्रभार छीन लिया गया है. फिंगेश्वर के एसडीओ सिंचाई अनुविभाग वी वी मलैया का इस पूरे मामले पर कहना है कि किसानों ने जानकारी निकाली, उनकी मांग पर स्थल निरीक्षण किसानों के साथ किया गया. मरम्मत कार्य मौके पर नहीं किए गए. माइनर नहरों में इतना क्षतिग्रस्त संभव भी नहीं है, जितना लंबाई क्षतिग्रस्त में बताया गया है उसी तो नहरों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा. जांच के लिए डिविजन कार्यालय से मार्ग दर्शन मांगा गया है, जो अब तक अप्रप्त है.

सलीम की मौत के बाद कासगंज चंदन गुप्ता हत्याकांड में हुई बड़ी घटना

लखनऊ कासगंज के चर्चित चंदन गुप्ता हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी सलीम की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। लखनऊ जिला कारागार के जेलर ने सलीम की मौत की पुष्टि की है। सलीम को इलाज के लिए लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भर्ती कराया गया था, जहां पुलिस सुरक्षा में उसका इलाज चल रहा था। बुधवार को उसकी हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। सलीम, 2018 में कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता की हत्या का शामिल था। एनआईए स्पेशल कोर्ट, लखनऊ ने सलीम को अन्य 27 दोषियों के साथ इस मामले में दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कोर्ट का फैसला आने के बाद सलीम ने अन्य दोषियों के साथ आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद से वह जेल में बंद था। गौरतलब है कि कासगंज में 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा निकाली गई थी। चंदन गुप्ता अपने भाई विवेक गुप्ता और अन्य साथियों के साथ तिरंगा यात्रा में शामिल था। जब तिरंगा यात्रा कासगंज के तहसील रोड स्थित जीजीआईसी गेट के पास पहुंची, उसी दौरान विवाद हुआ। आरोप थे कि सलीम, वसीम और नसीम समेत कई लोगों ने रास्ता रोक लिया। जब चंदन ने आपत्ति जताई तो इससे हालात बिगड़ गए और पथराव होने लगा। तिरंगा यात्रा के दौरान गोलीबारी की भी घटना हुई। मुख्य आरोपियों में से एक, सलीम ने चंदन गुप्ता पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौत हो गई। हिंसा के कारण शहर में अशांति फैल गई, जिसके कारण एक सप्ताह तक कर्फ्यू लगा रहा और इंटरनेट बंद रहा। मामले में करीब 6 साल की कानूनी लड़ाई के बाद चंदन के परिवार को जनवरी 2025 में न्याय मिला। एनआईए स्पेशल कोर्ट ने चंदन गुप्ता हत्याकांड में 28 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दो लोगों को इस मामले से बरी भी कर दिया, क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे।  

गिल और रोहित नंबर-1 पर कायम, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने रैंकिंग में बनाई बढ़त

दुबई  आईसीसी पुरुष वनडे खिलाड़ी रैंकिंग की नई जारी सूची में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने बढ़त हासिल की है जबकि शुभमन गिल और रोहित शर्मा बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर बने हुए हैं। हालांकि ऑस्ट्रेलिया को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर 2-1 से श्रृंखला हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैके में श्रृंखला के अंतिम मैच में शानदार जीत के बाद आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम को नवीनतम रैंकिंग में बढ़त मिली।  ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 50 ओवरों के इस मुकाबले में 431/2 का विशाल स्कोर बनाया, जिसमें उनके तीन बल्लेबाजों ट्रैविस हेड (142), मिच मार्श (100) और कैमरन ग्रीन (नाबाद 118) ने शतक जड़े। परिणामस्वरूप, तीनों ने वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में अच्छी बढ़त हासिल की, जिसमें हेड एक स्थान ऊपर चढ़कर 11वें स्थान पर, मार्श चार पायदान ऊपर चढ़कर 44वें स्थान पर और ग्रीन 40 पायदान ऊपर चढ़कर 78वें स्थान पर पहुँच गए।  ऑस्ट्रेलियाई टीम के उनके साथी जोश इंगलिस ने भी वनडे बल्लेबाजों की सूची में जगह बनाई है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला के दूसरे मैच में 87 रनों की पारी की बदौलत यह दाएं हाथ का बल्लेबाज 23 स्थानों के सुधार के साथ 64वें स्थान पर पहुंच गया है। भारतीय जोड़ी शुभमन गिल (784 रेटिंग अंक) और रोहित शर्मा (756) वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि पाकिस्तान के दाएं हाथ के बल्लेबाज बाबर आजम (739) शीर्ष तीन में शामिल हैं।  वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में शीर्ष पर स्थिति और भी कड़ी है, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच श्रृंखला समाप्त होने के बाद श्रीलंका के स्पिनर महेश दीक्षाना 671 रेटिंग अंकों के साथ साथी स्पिनर केशव महाराज के साथ शीर्ष पर हैं। महाराज ने सीरीज के आखिरी मैच में 57 रन देकर 1 विकेट चटकाने के बाद अपनी रैंकिंग खो दी है। उनकी रेटिंग दीक्षाना के बराबर हो गई है, जबकि श्रीलंकाई स्पिनर पूरे हफ्ते मैदान पर नहीं उतरे।  गेंदबाजों की वनडे रैंकिंग में सबसे बड़ा उछाल लुंगी एनगिडी के जरिए आया। दक्षिण अफ़्रीकी तेज गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के ख़लिाफ तीन मैचों में सीरीज में सबसे ज्यादा 7 विकेट लेने के बाद छह स्थान की छलांग लगाकर 28वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी सीन एबॉट (नौ स्थान की छलांग के साथ 48वें स्थान पर) और नाथन एलिस (21 स्थान की छलांग के साथ 65वें स्थान पर) ने भी प्रोटियाज के साथ सीरीज के दौरान कुछ अच्छे प्रदर्शन के बाद वनडे गेंदबाजों की सूची में जगह बनाई है।   

बाबा महाकाल की कृपा से सिंहस्थ-2028 पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन में तीर्थाटन को दिया जायेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में मिट्टी गणेश प्रतिमा वितरण कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल की कृपा से इस बार उज्जैन में सिंहस्थ-2028 पिछले सभी रिर्काड तोड़ेगा। उज्जैन में तीर्थाटन को बढ़ावा दिया जायेगा और उज्जैन के विकास में किसी प्रकार कि कमी नहीं आने दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में लोकमान्य तिलक गणेश उत्सव महाआयोजन समिति द्वारा आयोजित मिट्टी की गणेश प्रतिमा वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक मंगलकामना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के प्रारंभ में भगवान श्रीगणेश का पूजन-अर्चन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में श्रीगणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। रिद्ध‍ि सिद्धि दाता शुभ कार्य को सफल बनाते हैं, इसलिए हर मंगल कार्य के आरंभ में श्रीगणेश की वंदना अनिवार्य समझी गई है। हमारी प्रकृति का यही संदेश है कि घर-घर में मिट्टी के श्रीगणेश हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वदेशी के वातावरण के साथ मिट्टी के गणेश के वितरण का उत्सव मनाया जा रहा है। यह हमारे लिए आनन्द का उत्सव है। भगवान की कृपा से देश के विकास के साथ प्रदेश का विकास हो रहा है, यह हमारे लिए गौरव की बात है। उज्जैन शहर का निरंतर सौन्दर्यीकरण कार्य किया जा रहा है। साथ ही सड़क निर्माण, चौड़ीकरण आदि कार्यों के साथ शीघ्र ही शहर में फ्लाईओवर का निर्माण किया जायेगा। पीथमपुर-इंदौर-उज्जैन त‍क मेट्रो ट्रेन भी चलेगी। गोपाल मंदिर चौक का शीघ्र विस्तारीकरण किया जायेगा। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने स्वागत भाषण और कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मूर्ति वितरण कार्यक्रम में लगभग 300 मिट्टी से बनी मुर्त‍ियों का वितरण शहर की विभिन्न समितियों और संगठनों को किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विधायक श्री जैन, महापौर श्री मुकेश ट्टवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री संजय अग्रवाल आदि ने आत्मीय स्वागत किया और उन्हें श्रीगणेश की प्रतिमा भेंट की। कार्यक्रम में श्री विवेक जोशी, श्री रूप पमनानी, श्री रमेशचंद्र शर्मा, श्री सत्यनारायण खोईवाल, श्री विशाल राजोरिया, श्री शिवेंद्र तिवारी, श्री ओम जैन सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। संचालन श्री जगदीश पांचाल ने किया।