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समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के शासनकाल में चुन-चुनकर हिंदुओं को निशाना बनाया गया : सीएम योगी

  जो भी प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने का प्रयास करेगा, उसे स्वयं पलायन करना होगा- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ की ₹570 करोड़ की 186 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास विकास कार्यों को देख बौखला गया है विपक्ष, प्रधानमंत्री मोदी पर अभद्र टिप्पणी में दिख रही हताशा- योगी आदित्यनाथ   प्रतापगढ़, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रतापगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने संभल में 2024 की हिंसा पर आई न्यायिक आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के शासनकाल में चुन-चुनकर हिंदुओं को निशाना बनाया गया। उस वक्त हिन्दुओं की जनसांख्यिकी को कम करके डेमोग्राफी बदलने की साजिशें रची गईं। आज डबल इंजन की सरकार किसी भी कीमत पर ऐसी विभाजनकारी राजनीति नहीं होने देगी। जो भी प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने का प्रयास करेगा, उसे स्वयं पलायन करना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतापगढ़ में 570 करोड़ रुपये की 186 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास के अवसर पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को देखकर विपक्ष बौखला गया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का इंडी गठबंधन वास्तव में एंटी इंडिया गठबंधन है। यह गठबंधन भारत की आन-बान-शान से खिलवाड़ करता है और देश को जाति-धर्म के आधार पर बांटने का काम करता है। सीएम योगी ने कहा कि जब-जब इन्हें सत्ता मिली, तब-तब इन्होंने माफिया को बढ़ावा दिया, गुंडागर्दी करवाई और गरीबों का हक छीना। अब जब जनता ने इन्हें नकार दिया है।   प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे अधिक लोकप्रिय नेता, इन पर अभद्र टिप्पणी सूरज पर थूकने जैसा- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश में विकास कार्यों को देखकर विपक्ष बौखला गया है। सीएम योगी ने हाल ही में बिहार में इंडिया गठबंधन की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां पर की गई अभद्र टिप्पणियों को विपक्ष की हताशा का नतीजा बताते हुए कहा कि ऐसे लोग राजनीति में जगह के लायक नहीं हैं। इन लोगों को समझना चाहिए भारत के प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और उनके प्रति अपशब्दों का प्रयोग करने का मतलब सूरज पर थूकने जैसा है। यह थूक इनके ऊपर आ रहा है। इन लोगों की भाषा से आज 140 करोड़ भारतवासी अपने आपको अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तुष्टिकरण नहीं संतुष्टीकरण के माध्यम से सशक्तिकरण की तरफ हम लोग आगे बढ़ रहे हैं, इसलिए 8 वर्ष में 6 करोड लोगों को गरीबी रेखा से उभारने में मदद मिली। डबल इंजन की सरकार ने खत्म किया माफियाराज- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने आज माफिया संस्कृति को खत्म कर प्रदेश को विकास की राह पर ला दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने हर जिले को एक माफिया दिया था, जो लूट-खसोट करता था, विकास योजनाओं में डकैती डालता था और गरीबों के हक छीनता था। लेकिन डबल इंजन की सरकार ने माफिया को खत्म कर वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज दिया है। सीएम योगी ने कहा कि आज प्रतापगढ़ का आवला का उत्पादन अब दुनिया भर में पहुंच रहा है, सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज बन चुका है और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाएं विकास को गति दे रही हैं। प्रतापगढ़ आज विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के किसानों ने आवला की खेती से प्रदेश को नई पहचान दी है, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी में योगदान दिया और स्थानीय उत्पाद जैसे रसमलाई की मिठास घर-घर पहुंच रही है। मां बेल्हा देवी की कृपा से प्रतापगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। सीएम योगी ने कहा कि 263 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और 306 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि यह विकास का मूर्त रूप है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और उद्यमिता को मजबूत कर रहा है। बेटी की इज्जत पर हाथ डालने वाले को अगले चौराहे पर यमराज इंतजार करेगा- सीएम योगी महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा पर जोर देते हुए सीएम ने कहा कि सरकार ने माफिया मुक्त प्रदेश बनाया है। बेटी की इज्जत पर हाथ डालने वाले को अगले चौराहे पर यमराज इंतजार करेगा। हालिया पुलिस भर्ती में 60,244 पदों पर भर्ती का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस भर्ती में 12,000 से अधिक बेटियां शामिल हुईं। महिला एवं बाल विकास विभाग में 2,425 मुख्य सेविकाओं की भर्ती भी बेटियों को सशक्त करने की दिशा में कदम है। उन्होंने कहा कि आज "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह योजना जैसे कार्यक्रमों से बेटियां आत्मनिर्भर बन रही हैं। प्रदेश के हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज बनेगा- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेजर ध्यानचंद की जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने उनके नाम पर खेल रत्न पुरस्कार दिया, हम मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल की प्रतिभा को निखारने के लिए आने वाले दिनों में प्रदेश के हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ में स्टेडियम और स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सीएम योगी ने किया मां बेल्हा देवी का दर्शन प्रतापगढ़ दौरे के दौरान सीएम योगी ने सुप्रसिद्ध बेल्हा देवी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिकारियों के दिशा-निर्देश दिए। प्रतापगढ़ में विकास की सौगात: सीएम योगी ने बांटे आवास, सोलर पंप और गोल्डन कार्ड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ में 570 करोड़ की 186 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। जनसभा में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को चाभी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों को सहायता राशि, पीएम-कुसुम योजना के तहत सोलर पंप, आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के गोल्डन कार्ड, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19) के बच्चों को चेक, तथा एक जनपद-एक उत्पाद, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार और ग्रामोद्योग योजनाओं के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। इन परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण •    पूरे ईश्वरनाथ-गडई-चकदेड़या मार्ग पर सई नदी के करौदीबाट पर सेतु, पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्य •    लालगंज-मंझनपुर-मऊ मार्ग के … Read more

AAP-कांग्रेस पर हरियाणा का वार, महिलाओं को मासिक ₹2100 देकर खड़ा किया सवाल

चंडीगढ़  हरियाणा में नायब सैनी सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसलों से जहां प्रदेश में विपक्षी दल सकते में आ गए हैं वहीं पंजाब की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। पंजाब में वर्ष 2027 की शुरूआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजनीतिक दल अभी से चुनावी मोड पर आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी पंजाब में अभी तक शिरोमणि अकाली दल के सहारे सत्ता में आती रही है लेकिन वर्तमान में अकाली दल व भाजपा अलग-अलग राह पर चल रहे हैं।  दूसरी तरफ हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में आई है। पहले दो चुनावों के मुकाबले भाजपा को तीसरे चुनाव में अधिक सीटों पर जीत हासिल हुई है। पंजाब के फिरोजपुर, मुक्तसर, मानसा, भटिंडा, संगरूर, पटियाला, मोहाली जिले हरियाणा से सटे हुए हैं। हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पंचकूला जिले पंजाब के जिलों के साथ अपनी सीमाएं साझा करते हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा पिछले दिनों लिए गए फैसलों से इन दिनों पंजाब की राजनीति गरमाई हुई है। पंजाब की राजनीति पर वर्ष 1984 में हुए दंगों का असर आज भी दिखाई देता है। वर्ष 1984 में हुए दंगों में हरियाणा के 121 लोगों की मृत्यु हुई थी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए  सभी 121 परिवारों के वर्तमान सदस्य को उनकी सहमति से प्राथमिकता के आधार पर नौकरी देने का फैसला किया है। इसके अलावा गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर शहीदी वर्ष को गरिमापूर्ण ढंग से मनाने का फैसला किया है। अपनी यात्राओं के दौरान गुरु साहिब ने कुरुक्षेत्र, पिहोवा, कैथल, जींद, अंबाला, चीका और रोहतक में आकर इस भूमि को पवित्र किया है। सरकार इन कार्यक्रमों की रूपरेखा को जल्द जारी करेगी। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले महिलाओं को हर माह 1100 रुपये देने का ऐलान किया था, वहीं पड़ोसी राज्य हिमाचल में कांग्रेस ने महिलाओं को 1500 रुपये महीना देने का ऐलान किया था। दोनों सरकारों का आधा-आधा कार्यकाल बीत चुका है लेकिन अभी तक इस योजना को लागू करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हुआ है। दूसरी तरफ हरियाणा में भाजपा सकरार ने अपने पहले ही साल में इस योजना को लागू करके आम आदमी पार्टी तथा कांग्रेस को मुद्दा विहीन करते हुए सवाल खड़ा कर दिया है। हरियाणा के इन फैसलों का सीधा असर पंजाब की राजनीति पर हो रहा है। मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा लिए गए फैसलों से भारतीय जनता पार्टी को पंजाब में मजबूत मैदान मिल गया है। पंजाब भाजपा के नेता पड़ोसी राज्य की सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसलों को भुनाकर जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। हरियाणा द्वारा पंजाब के संबंध में लिए गए फैसलों के बल पर पंजाब में भाजपा की राह आसान बना दी है।  सदस्यता अभियान की निगरानी से हुई थी पंजाब में एंट्री हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की पंजाब में एंट्री उस समय हुई जब पंजाब में भाजपा द्वारा सदस्यता अभियान चलाया जा रहा था। नायब सैनी ने पंजाब भाजपा कार्यालय जाकर अभियान का जायजा लिया और भाजपा के साथ जुड़े लुधियाना व अमृतसर के लोगों से बातचीत की। इसके बाद चंडीगढ़ से सटे जीरकपुर व डेराबस्सी में कार्यक्रमों के दौरान कई जनप्रतिनिधियों को भाजपा में शामिल करवाया। मुख्यमंत्री नायब सैनी पिछले समय के दौरान बैसाखी के अवसर पर आनंदपुर साहिब गए तो उन्होंने जालंधर के निकट राधा स्वामी सत्संग ब्यास का दौरा किया। नायब सैनी जालंधर में हुए धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा बने वहीं शहीद उधम सिंह की जयंती के अवसर पर सुनाम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा पंजाब में भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर हुए ग्रेनेड हमले के बाद भी नायब सैनी जालंधर पहुंचे। पंजाब के सीमावर्ती जिलों के जनप्रतिनिध नियमित रूप से चंडीगढ़ मुख्यमंत्री आवास पर आकर पंजाब के कार्यक्रमों मुख्यमंत्री को शामिल कर रहे हैं। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद वर्ष 2014, 2019 तथा 2024 के संकल्प पत्रों को ध्यान में रखकर काम किया है। कांग्रेस व आम आदमी पार्टी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। वादा करके भूलना दोनों राजनीतिक दलों की पुरानी आदत रही है। हरियाणा में इस समय कोई चुनाव नहीं है। फिर भी हरियाणा सरकार द्वारा पिछले दस दिन में लिए गए फैसलों ने यह साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी सभी वर्गों के हित की सोचते हैं।  

जरांगे के दोहरे दांव से BJP परेशान, गणेशोत्सव के बीच बढ़ा आरक्षण का शोर

मुंबई  महाराष्ट्र एक तरफ जहां 10 दिवसीय गणेशोत्सव के रंग में रंगा हुआ है और गणपति की भक्ति में डूबा हुआ है, उसी बीच मराठों को आरक्षण दिलाने के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई के आजाद मैदान में अपना अनशन शुरू कर दिया है। वे राज्य में देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार से मराठों के लिए आरक्षण का अपना वादा पूरा करने की मांग कर रहे हैं। जरांगे ने पिछले साल भी मुंबई में मार्च किया था, तब एकनाथ शिंदे सरकार ने उन्हें मराठों को आरक्षण देने का भरोसा दिलाकर मना लिया था। हालाँकि, मनोज जरांगे और मराठा आंदोलनकारियों को सरकार ने कुछ शर्तों के साथ आजाद मैदान में सिर्फ एक दिन के लिए विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी है,लेकिन जरांगे ने अनिश्चितकालीन अनशन का ऐलान किया है। लिहाजा, सरकार और आंदोलनकारियों के बीच टकराव की संभावना बढ़ गई है। त्योहारों के मौसम में मराठों के प्रदर्शन ने मुंबई पुलिस की भी चिंता बढ़ा दी है। इसकी बानगी तब देखने को मिली, जब शुक्रवार के विरोध प्रदर्शन के लिए आजाद मैदान पहुंच रहे मराठों की वजह से शहर की सड़कें जाम हो गईं और लोगों को अपने-अपने दफ्तर जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि, व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए मंबई पुलिस ने 1,500 कर्मियों को तैनात किया था लेकिन वे नाकाफी साबित हुए। भाजपा की क्या चिंता? अब बात भाजपा की टेंशन की। पहली चिंता तो गणेशोत्सव के दौरान मंबई में मराठों के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की वजह से टकराव से जुड़ी है। दूसरी, मराठा आंदोलनकारी अब धीरे-धीरे महायुति सरकार पर हमलावर हो रहे हैं। करीब नौ महीने तक शांत रहने के बाद जरांगे पाटिल ने अब अपनी बयानबाजी तेज कर दी है। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली फडणवीस सरकार पर "मराठा समुदाय को मूर्ख" बनाने का आरोप लगाया और दावा किया कि अगर उन्हें "गोलियों का सामना" करना पड़ा, तब भी वह पीछे नहीं हटेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले लड़ाई कर दी थी शिथिल बड़ी बात यह है कि 9 महीने पहले इन्हें मराठों ने विधानसभा चुनाव से ऐन पहले अपनी लड़ाई कम कर दी थी। उस समय सीएम एकनाथ शिंदे, जो खुद एक मराठा हैं, आगे बढ़ते हुए जरांगे को समझाने और शांत कराने में कामयाब रहे थे लेकिन इस बार वही शिंदे इस लड़ाई से दूर बने हुए हैं। भाजपा को इस बात की भी चिंता है कि उसके सहयोगी किनारे क्यों हैं। शिंदे ने यह कदम तब उठाया था, जब लोकसभा चुनावों में मराठा आंदोलन का भारी असर देखने को मिला था। लोकसभा चुनावों में मराठों के विरोध का खामियाजा 2024 के लोकसभा चुनावों में जरांगे पाटिल द्वारा मराठों से भाजपा का बहिष्कार करने का आह्वान कारगर रहा था। यही कारण बना कि सत्तारूढ़ भाजपा 28 संसदीय सीटों पर चुनाव लड़कर केवल 9 पर ही जीत सकी। जबकि उनके सहयोगी दल 20 सीटों पर लड़कर 8 सीट जीत सके। हालाँकि, विधानसभा चुनावों से पहले, भाजपा और उसके गठबंधन ने उन ओबीसी समुदायों को एकजुट करने पर ध्यान केंद्रित किया, जो कुनबी (सबसे बड़े ओबीसी समूहों में से एक जो अलग से ओबीसी आरक्षण की मांग कर रहा है) के लिए आवंटित मराठों को आरक्षण का लाभ देने का विरोध कर रहे हैं। इस रणनीति का चुनावों में अच्छा परिणाम मिला और पार्टी 148 सीटों पर चुनाव लड़कर 132 सीटें जीतकर सत्ता में वापस आ गई। स्थानीय निकाय चुनावों से पहले फिर आंदोलन स्थानीय चुनावों से पहले फिर से शुरू किए गए आंदोलन के बीच इस बार फिर से ओबीसी, जरांगे पाटिल के आरक्षण के विरोध में कमर कस रहे हैं। महाराष्ट्र ओबीसी महासंघ के अध्यक्ष बबनराव तायवाड़े ने दीर्घकालिक रणनीति बनाने के लिए शुक्रवार को नागपुर में एक बैठक बुलाई है। महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अनुसार, ओबीसी राज्य की कुल आबादी का लगभग 38% हिस्सा हैं। तायवाड़े ने कहा, “ओबीसी एक बड़ी ताकत हैं और अगर कोई भी इससे छेड़छाड़ करने की कोशिश करता है, तो हम सड़क पर उतरकर आंदोलन के जरिए उसका मुकाबला करेंगे। हम मराठा आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे ओबीसी कोटे से ऊपर और ऊपर होना चाहिए।” MVA सियासी लाभ के फेर में दूसरी तरफ, जारंगे पाटिल के विरोध प्रदर्शन से सियासी लाभ की उम्मीद कर रही कांग्रेस, शरद पवार की NCP और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन ने उनका समर्थन किया है। इंडियन एक्सप्रेस से कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट ने कहा, "मैं जारंगे पाटिल के आंदोलन की सफलता के लिए प्रार्थना करता हूँ ताकि मराठों को आरक्षण मिले। साथ ही, सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ओबीसी कोटा बरकरार रहे।"  

अंबाला के रिहायशी इलाकों में बाढ़ का खतरा, अनिल विज ने लिया जायजा, NDRF जुटाई राहत टीम

अंबाला बरसाती दिनों में अक्सर परेशानी खड़ी करने वाली टांगरी नदी बृहस्पतिवार सुबह अचानक उफान पर आ गई। सुबह करीब 30 हजार क्यूसिक से अधिक पानी नदी में पहुंचा, जो सामान्य से कई गुना ज्यादा था। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला जाने पर आसपास की कॉलोनियों में चिंता फैल गई। हालात का जायजा लेने ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज खुद मौके पर पहुंचे और प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। मंत्री अनिल विज ने सुबह सबसे पहले टांगरी नदी पुल पर खड़े होकर बहाव की स्थिति देखी। इसके बाद उन्होंने टांगरी बांध रोड, मतिदास नगर, गोल्डन पार्क, बब्याल, रामपुर, सरसेहड़ी, प्रभु प्रेम पुरम, करधान और नग्गल तक का दौरा किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को बार-बार अनाउंसमेंट कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। मौके पर भाजपा नेता कपिल विज, संजीव वालिया, अजय बवेजा और विशाल टांगरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। विज ने कहा कि बरसात से पहले टांगरी नदी की खुदाई कर इसे गहरा किया गया था, जिससे पानी का बहाव सुरक्षित निकल सके। हालांकि अवरोधों के कारण केवल 25 फीसदी काम ही हो पाया है। “इसके बावजूद हमें उम्मीद है कि पानी सुरक्षित निकल जाएगा, लेकिन खतरे को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने को कहा गया है।” स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंबाला छावनी में एनडीआरएफ की टीम तैनात कर दी गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कश्तियां भी मंगवाई हैं। मंत्री विज ने कहा कि जिनके घर टांगरी नदी के किनारे या कैचमेंट एरिया में हैं, उन्हें अपना जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।   मंत्री ने मौके पर सिंचाई विभाग, पुलिस, नगर परिषद और अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक भी की और सभी को मिलकर काम करने के आदेश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग से जानकारी ली कि दोपहर तक नदी में और कितना पानी आ सकता है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान: यूपी समेत कई राज्यों में अगले हफ्ते तक बरसेंगे बादल

नई दिल्ली मॉनसून अपने दूसरे फेज में चल रहा है और कुछ समय बाद धीरे-धीरे खत्म होने लगेगा। ऐसे में जाने से पहले देशभर में मॉनसून की वजह से झमाझम बरसात हो रही है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड से लेकर हिमाचल प्रदेश तक में नदियां ऊफान पर हैं, वहीं, उत्तर प्रदेश, पंजाब जैसे मैदानी इलाकों में भी भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में भारी बरसात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाके में 29 अगस्त से दो सितंबर तक भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 अगस्त, एक और दो सितंबर को भारी बारिश होगी। वहीं, अन्य राज्यों की बात करें तो 30 अग्सत तक कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात, केरल, तटीय कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। आज गुजरात में अत्यधिक भारी बरसात हो सकती है। अगले पांच दिनों तक उत्तर पश्चिम भारत में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने वाली है। 29-31 अगस्त के दौरान हिमाचल प्रदेश, 29 अगस्त से दो सितंबर के दौरान उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बरसात होगी। उत्तर-पश्चिम भारत की बात करें तो उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान में अगले सात दिनों तक, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 अगस्त से दो सितंबर, पश्चिमी राजस्थान में 31 अगस्त और एक सितंबर, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 अगस्त, एक और दो सितंबर को अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 29-31 अगस्त तक, उत्तराखंड में 29 अगस्त से दो सितंबर तक, पंजाब में 30 अगस्त को बहुत भारी बारिश होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय कर्नाटक में अगले सात दिनों तक, केरल में 29, 30 अगस्त और तीन व चार सितंबर, आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तेलंगाना, लक्षद्वीप, तमिलनाडु में 29 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने वाली है। तटीय कर्नाटक में 29 और 30 अगस्त को और केरल में 29 अगस्त को बहुत भारी बरसात होगी। अगले सात दिनों तक इलाके में अधिकांश जगह गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पूर्व और मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश में अगले सात दिनों तक, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 29-31 अगस्त तक, विदर्भ में 29 अगस्त और चार सितंबर को, बिहार में 29 और 30 अगस्त को, झारखंड में 30 अगस्त, दो सितंबर, ओडिशा, छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त से तीन सितंबर तक अलग-अलग स्थानों में भारी बारिश की संभावना है। उत्तर पूर्व भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में 29, 30 अगस्त, चार सितंबर, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 29 अगस्त से चार सितंबर तक अलग अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मिजोरम में 29 अगस्त को बहुत भारी बरसात होगी।  

कर्मठता को सलाम! हरियाणा के पांच कर्मचारियों को मिला HSSC चेयरमैन का सम्मान

हरियाणा  हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी)-2025 के सफल आयोजन में असाधारण योगदान देने वाले पांच कर्मचारियों को बुधवार को विशेष प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। यह आयोजन पंचकूला स्थित आयोग मुख्यालय में हुआ। एचएसएससी के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने सम्मानित कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि सीईटी जैसी बड़ी परीक्षा का सफल आयोजन केवल टीम भावना, मेहनत और ईमानदारी से ही संभव है। उन्होंने बताया कि सम्मानित कर्मचारियों ने परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में उत्कृष्ट निष्ठा और समर्पण दिखाया, जो सभी के लिए प्रेरणास्पद है। सम्मानित कर्मचारियों में सोनीपत के स्पेशल पुलिस अधिकारी देवेंद्र कुमार और पवन कुमार, ईएसआई पद पर कार्यरत ऋषिपाल, पंचकूला में क्लर्क पद पर कार्यरत अमित कुमारी और रोहतक रोडवेज में क्लर्क पद पर कार्यरत सतीश कुमार शामिल हैं। इन सभी ने परीक्षा के दौरान अनुकरणीय कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। चेयरमैन हिम्मत सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वयं निरीक्षण दौरे के दौरान इन कर्मचारियों के कार्य को देखा और उनकी मेहनत को देखते हुए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, आयोग ने प्रत्येक जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को भी प्रशंसा पत्र जारी किया है और सुझाव दिया कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी प्रेरित करें।   हिम्मत सिंह ने आगे कहा कि जल्द ही एचएसएससी स्टाफ के अन्य कर्मचारियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे, जिन्होंने सीईटी परीक्षा की प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उल्लेखनीय है कि 26 और 27 जुलाई को सीईटी परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इसमें कुल 13 लाख 48 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जारी किए गए थे। इस बड़ी परीक्षा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी कर्मचारियों की मेहनत और प्रतिबद्धता सराहनीय रही।  

प्रदेश की फॉरेंसिक संरचना को ‘नई वैज्ञानिक शक्ति’ उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगा एमओयू

-राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला उ.प्र तथा सेंचुरियन विश्वविद्यालय ओडिशा में अहम समझौता ज्ञापन पर हुए हस्ताक्षर -सीएम योगी के विजन अनुसार यह पहल प्रशासनिक, शैक्षणिक और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने में होगी निर्णायक -उत्तर प्रदेश को वैज्ञानिक अन्वेषण व फॉरेंसिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में प्रभावी होगा कदम -पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा की उपस्थिति में एमओयू पर हुए हस्ताक्षर लखनऊ,  उत्तर प्रदेश को आधुनिक तकनीक से युक्त प्रदेश के तौर पर रूपांतरित कर रहे सीएम योगी का विजन धरातल पर उतरने लगा है। इसी कड़ी में, प्रदेश में फॉरेंसिक संरचना को भी नई वैज्ञानिक शक्ति प्रदान करने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक बड़ी पहल हुई। पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उ.प्र के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा की उपस्थिति में राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला उ.प्र व सेंचुरियन विश्वविद्यालय ओडिशा के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ। यह एमओयू कई मायनों में विशिष्ट होगा। यह सहयोग हाल ही में प्रदेश में शुरू की गई कई फॉरेंसिक पहलों को और गति देगा। उल्लेखनीय है कि नए आपराधिक कानूनों के अंतर्गत अब गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ का घटनास्थल पर पहुंचना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे सबूतों का वैज्ञानिक और सटीक संकलन सुनिश्चित हो रहा है। राजीव कृष्णा ने की सराहना पुलिस महानिदेशक (उ.प्र) राजीव कृष्णा ने इस एमओयू की सराहना करते हुए कहा कि यह ज्ञान-विनिमय, नवाचार और फॉरेंसिक क्षमता-वृद्धि की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल शैक्षणिक शोध को मज़बूत करेगा बल्कि प्रदेश की फॉरेंसिक संरचना को भी नई वैज्ञानिक शक्ति प्रदान करेगा। उनके अनुसार, यह पहल उत्तर प्रदेश को वैज्ञानिक अन्वेषण और फॉरेंसिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने वाला कदम अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा (तकनीकी सेवाएं) ने बताया कि इस समझौता ज्ञापन के कई लाभ हैं। यह संयुक्त शिक्षण/प्रशिक्षण और अनुसंधान पहल, शोध सामग्री प्रकाशनों और पुस्तकालय संसाधनों का आदान-प्रदान, वैज्ञानिक उपकरणों/ सॉफ्टवेयर और प्रयोगशाला सुविधाओं का सदुपयोग, वैज्ञानिकों/शोधार्थियों के लिए सह-मार्गदर्शन के अवसर प्रदान करेगा। यह एमओयू छात्रों को तेजी से विकसित हो रहे फॉरेंसिक विज्ञान क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करेगा, उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा तथा अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जो देश भर में कानून प्रवर्तन और न्यायिक प्रणालियों का समर्थन करेगा। उल्लेखनीय है कि इसी महीने 75 अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेन्सिक वैन का शुभारम्भ सीएम योगी द्वारा किया गया है। ये वैन डीएनए सैंपलिंग, फिंगरप्रिंट विश्लेषण, टॉक्सिकोलॉजी परीक्षण और अन्य आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इससे प्रदेश में फॉरेंसिक-आधारित पुलिसिंग को नया आयाम मिला है। उत्कृष्टता केन्द्र के तौर पर है अधिसूचित सेंचुरियन विश्वविद्यालय, व्यावसायिक शिक्षा व प्रशिक्षण स्कूल को हाल ही में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर फॉर एक्सिलेंस) के रूप में अधिसूचित किया गया है, जो अब तक यह मान्यता प्राप्त करने वाला भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है। सेंचुरियन विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट, प्रोफेसर मुक्तिकान्त मिश्र ने कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की फॉरेंसिक विशेषज्ञता के साथ हमारे शैक्षिक संसाधनों को संयोजित करके, हम छात्रों और शोधकर्ताओं को फॉरेंसिक विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी में प्रगति में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाएंगे।              समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिदेशक के जनरल स्टाफ ऑफिसर, पुलिस उपमहानिरीक्षक, तकनीकी सेवायें मुख्यालय एवं प्रभारी निदेशक, विधि विज्ञान प्रयोगशाला उपस्थित रहे। साथ ही, सेंचुरियन विश्वविद्यालय, ओडिशा के प्रेसीडेंट, प्रोफेसर मुक्तिकान्त मिश्र, वॉयस चांसलर डॉ. सुप्रिया पटनायक, निदेशक मोनालिशा घोष एवं एसोसिएट डीन डॉ. रीना सी. झमतानी व अन्य उपस्थित रहे।

इस दिशा में तर्पण करने से पितरों की कृपा प्राप्त, खुलेगा सुख-समृद्धि का मार्ग

श्राद्ध पक्ष, जिसे पितृ पक्ष भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा से अमावस्या तक का समय होता है। यह समय पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का होता है। इस दौरान तर्पण या श्राद्ध करने के विशेष दिशा निर्देश भी होते हैं, जो वास्तु शास्त्र के अनुसार महत्वपूर्ण होते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, श्राद्ध पक्ष के दौरान तर्पण करते समय उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठना चाहिए। इसका कारण यह है कि उत्तर दिशा को पितरों और पूर्वजों की दिशा माना जाता है। उत्तर दिशा में ध्यान केंद्रित करने से पितरों को श्रद्धा और सम्मान का अहसास होता है, जो कि उन्हें आर्शीवाद देने की ओर प्रेरित करता है। उत्तर दिशा में तर्पण करने का एक महत्वपूर्ण कारण यह है कि उत्तर दिशा की ओर इशारा करते हुए तर्पण करने से पूजा स्थल की पवित्रता बनी रहती है। इस दिशा की ओर मुंह करके तर्पण करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पितरों के प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट होती है। उत्तर दिशा को ज्ञान और समृद्धि की दिशा भी माना जाता है इसलिए इस दिशा की ओर मुंह करके तर्पण करने से पितरों के आशीर्वाद के साथ-साथ पारिवारिक समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, तर्पण करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पूजा स्थल स्वच्छ और पवित्र हो। इसके अलावा, तर्पण के समय सही दिशा का पालन करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और पितर भी अपने संतोष और आशीर्वाद से परिवार को लाभ पहुंचाते हैं। इसलिए उत्तर दिशा की ओर मुंह करके तर्पण करना श्राद्ध पक्ष में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

उत्तर प्रदेश से ही है भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र : योगी आदित्यनाथ

    – जनता ही है हमारे लिए जनार्दन – 12 करोड़ से अधिक मतदाता त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाग लेते हैं, यह किसी भी राज्य की आबादी से अधिक है – 57,600 ग्राम पंचायतें और 14,000 से अधिक पार्षदों का चुनाव कराने का दायित्व निभा रहा है यूपी का निर्वाचन आयोग – लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता है, जो केवल मतदाता नहीं बल्कि जनार्दन है – अब तक निर्वाचन आयोग किराए के भवन से काम कर रहा था, अब उसे मिलेगा अपना आधुनिक कार्यालय – भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा, विकसित उत्तर प्रदेश के बिना यह सपना अधूरा – उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र को नई मजबूती देगा राज्य निर्वाचन आयोग का अपना भवन – ₹50 करोड़ की लागत से छह मंजिला भवन होगा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस – लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत बनाने में निर्वाचन आयोग की भूमिका सबसे अहम लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अवध विहार योजना में उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के आधुनिक कार्यालय भवन का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन पारदर्शी और सुव्यवस्थित निर्वाचन व्यवस्था को नई मजबूती देगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाएगा। करीब 50 करोड़ की लागत से बनने वाला यह भवन 2618.59 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला होगा और इसमें स्टिल्ट फ्लोर सहित कुल छह मंजिलें होंगी। भवन की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए छत पर 25,000 लीटर क्षमता का आरसीसी टैंक और भूमिगत स्तर पर एक लाख लीटर क्षमता का अंडरग्राउंड टैंक स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि जनता हमारे लिए केवल जतना नहीं बल्कि जनार्दन है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश से ही भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उत्तर प्रदेश से ही है भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग का स्वयं का भवन होना लोकतंत्र की मजबूती की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव की विशाल प्रक्रिया को आयोग अब और बेहतर तरीके से संपन्न कर सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में अकेले 12 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान में भाग लेते हैं, जो किसी भी अन्य राज्य की कुल आबादी से अधिक है। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 57,600 ग्राम पंचायतें, 826 क्षेत्र पंचायतें और 75 जिला पंचायतें हैं। वहीं, 17 नगर निगम, 199 नगर पालिकाएं और 544 नगर पंचायतें भी हैं, जिनके साथ 14,000 से अधिक पार्षदों के चुनाव की जिम्मेदारी भी राज्य निर्वाचन आयोग ही निभाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है तो उसमें उत्तर प्रदेश की यह व्यापक चुनावी प्रक्रिया अहम भूमिका निभाती है। जनता की आवाज को सुनना और महत्व देना ही जनप्रतिनिधियों का दायित्व योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि जनता केवल मतदाता नहीं है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की जनार्दन है। उसकी आवाज को सुनना और महत्व देना ही जनप्रतिनिधियों का दायित्व है। यदि कोई जनप्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं की अनदेखी करता है तो पांच साल बाद जनता उसे नकार देती है। यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है और इसी व्यवस्था ने भारत को एक सशक्त राष्ट्र के रूप में खड़ा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए विकसित उत्तर प्रदेश की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और निर्वाचन व्यवस्था का मजबूत होना ही इस दिशा में सबसे बड़ी गारंटी है। नए भवन के निर्माण से आयोग को कामकाज में और गति मिलेगी उन्होंने कहा कि अब तक राज्य निर्वाचन आयोग किराए के भवन से कामकाज कर रहा था, जिससे कई प्रकार की कठिनाइयां आती थीं, लेकिन अब नए भवन के निर्माण से आयोग को कामकाज में और गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राजकीय निर्माण निगम 18 महीनों से भी कम समय में इस छह मंजिला आधुनिक भवन का निर्माण पूरा कर देगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल होगा जिनके पास निर्वाचन आयोग का स्वयं का भवन होगा। नये भवन में होंगी ये सुविधाएं भवन की विशेषताओं की बात करें तो परिसर में रोड पाथवे, ओपन पार्किंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। 25 के.एल.डी. क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाया जाएगा। पूरे भवन में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी सिस्टम होगा। कर्मचारियों और आगंतुकों की सुविधा के लिए 13 यात्री क्षमता वाली दो लिफ्ट और 8 यात्री क्षमता वाली एक लिफ्ट लगाई जाएगी। इसके साथ ही आंतरिक विद्युतीकरण और पावर वायरिंग की अत्याधुनिक व्यवस्था भी की जाएगी। यह भवन न केवल निर्वाचन आयोग के कामकाज को गति देगा बल्कि तकनीक और सुविधाओं से लैस होकर एक मॉडल ऑफिस के रूप में भी उदाहरण प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, राज्य निर्वाचन आयुक्त राजन प्रताप सिंह, यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष, एससी-एसटी आयोग की अध्यक्ष, पंचायती राज्य आयोग के अधिकारीगण और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। भवन की विशेषताएं – परिसर में रोड पाथवे, ओपन पार्किंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था – 25 के.एल.डी. क्षमता का एस.टी.पी. (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) – पूरे भवन में सीसीटीवी सिस्टम से सुरक्षा – कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए 13 यात्री क्षमता वाली दो लिफ्ट और 8 यात्री क्षमता वाली एक लिफ्ट – आंतरिक विद्युतीकरण और पावर वायरिंग की आधुनिक व्यवस्था

आम आदमी पार्टी को गुजरात में बड़ा झटका, रावल ने छोड़ी पार्टी

अहमदाबाद गुजरात में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता चेतन रावल ने अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। रावल ने अपने इस्तीफे में व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है, लेकिन वास्तविक वजहों को लेकर अटकलों को दौर शुरू हो गया है। गुजरात में पार्टी के मुखिया इशुदान गढ़वी को भेजे इस्तीफे में रावल ने कहा है कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों की वजह से तत्काल प्रभाव से आम आदमी पार्टी से से इस्तीफा दे दिया है। चेतन रावल पूर्व टीवी एक्टर हैं और गुजरात के अहमदाबाद में प्रमुख राजनीतिक शख्सियत हैं। 2022 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर 'आप' का दामन थाम लिया था। वह अहमदाबाद शहर के कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य महासचिव भी रह चुके हैं। वह असारवा और खाडिया सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। गौरतलब है कि रावल के पिता प्रबोध रावल भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं और गुजरात गृह मंत्री भी रह चुके हैं। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए वह कांग्रेस में सक्रिय हुए और अहमदाबाद शहर के कांग्रेस अध्यक्ष बने। बाद में खुद को दरकिनार बताते हुए वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे। अब तीन साल बाद उन्होंने अरविंद केजरीवाल की अगुआई वाली पार्टी छोड़ दी है। रावल का अगला कदम क्या होगा, इसको लेकर उन्होंने कोई खुलासा नहीं किया है।