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नेहरू की रिपोर्ट में भी स्पष्ट- संभल में हिंदु सदा पीड़ित रहेः डिप्टी सीएम

  बोले- महाराज पृथ्वीराज चौहान ने बनवाया था हरिहर मंदिर, बाबर ने इसे मस्जिद में बदलने का कार्य किया आर्थिक दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ रहा संभल, 2024-25 में संभल में हुआ 2405 करोड़ रुपये का निर्यातः उप मुख्यमंत्री निर्यात के मामले में संभल प्रदेश के मानचित्र पर दसवें स्थान पर पहुंच चुका संभलः पाठक बोले- 2017 के बाद से संभल, शामली, कैराना, मुजफ्फरनगर में पूरी तरह से रूका पलायन लखनऊ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संभल मु्ददे पर शनिवार को लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच आयोग ने रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। हम इसे कैबिनेट में ले जाएंगे, इसके उपरांत कार्रवाई के लिए उसे आगे भेजेंगे, फिर इस संदर्भ में बात करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि आज की बातचीत न जांच रिपोर्ट से प्रेरित है और न ही उसका संदर्भ लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले और 2024 से लेकर कई बार संभल की चर्चा आई है। महात्मा गांधी के कहने पर नेहरू जी ने किया था संभल का दौरा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में डेमोग्राफी बदलने के बारे में समय-समय पर मीडिया रिपोर्ट आती रहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार चर्चा करते हैं कि यूपी व अन्य राज्यों में डेमोग्राफी बदलने के लिए संगठित रूप से कुछ गिरोह विदेशी ताकतों के इशारे पर करते हैं। हमारी प्रतिबद्धता सभी को साथ लेकर चलने की है। हम किसी भी स्थिति में डेमोग्राफी बदलने नहीं देंगे और पूर्ववर्ती स्थिति मेंटेन करेंगे। पाठक ने कहा कि 1924 में संभल में दंगा हुआ था। कई हिंदु परिवारों को मौत के घाट उतार गया था। उस समय महात्मा गांधी ने जवाहर लाल नेहरू से कहा था कि आप वहां का दौरा कीजिए। 8-10 सितंबर1924 को जवाहर लाल नेहरू ने दौरा किया और 12 सितंबर को 13 पन्नों की रिपोर्ट महात्मा गांधी को सौंपी थी। नेहरू की रिपोर्ट में भी स्पष्ट- संभल में हिंदु सदा पीड़ित रहे डिप्टी सीएम ने एक सदी पहले नेहरू की उस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में स्पष्ट है कि संभल में हिंदु सदा पीड़ित रहे। तुष्टिकरण और समाज को बांटने वाली सरकारों ने जनसंख्या संतुलन को बिगड़ने दिया। उस पर कार्रवाई नहीं की, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। हमारी सरकार संभल सहित पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था को बरकरार रखेगी। नेहरू जी ने अपनी रिपोर्ट में कहा-पृथ्वीराज चौहान ने बनवाया था हरिहर मंदिर पाठक ने कहा कि संभल में जो दंगा हुआ था, मुस्लिम समाज के उपद्रवियों ने मंदिरों को निशाना बनाया था। कई हिंदु परिवारों को मौत के घाट उतार दिया था। एक हिंदु को कुएं में ढकेल कर असमय मौत के मुंह में फेंक दिया गया था। कई लोगों की हत्या हुई, कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस समय नेहरू जी ने रिपोर्ट में कहा था कि हरिहर मंदिर महाराज पृथ्वीराज चौहान ने बनवाया था। बाबर ने इसे मस्जिद में बदलने का कार्य किया। यह ऐतिहासिक दस्तावेज बताता है कि संभल में हिंदुओं की पीड़ा अचानक नहीं हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन परंपरा के धार्मिक ग्रंथों में जानकारी मिलती है कि संभल में भगवान कल्कि का अवतार होने वाला है, इसलिए हर भारतवासी के मन में संभल के प्रति अटूट आस्था रही है। कभी सभी के खिलाफ अत्याचार करके सरकार चलाई जाती थी, आज रूक गया पलायन उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय से लेकर अब तक संभल में एससी, एसटी समाज हो या रस्तोगी-दुबे परिवार के सदस्य, डेमोग्राफी बदलने में किसी को भी बख्शा नहीं गया। सबके खिलाफ हमेशा अत्याचार होते हुए सरकार चलाई गई। नतीजतन हिंदु भाई-बहनों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। उनके घर-मकान छीन लिए गए। कानून व्यवस्था नाम मात्र की रह गई, लेकिन 2017 के बाद से संभल, शामली, कैराना, मुजफ्फरनगर में पूरी तरह से पलायन रूका है और लोग अपने घरों को लौट रहे हैं। संविधान के दायरे में रहकर सरकार धर्मांतरण, लव जेहाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और न्यायालय के माध्यम से कड़ी सजा दिला रहे हैं। हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश को आतंक के अड्डे के रूप में बदलना चाहते थे तत्कालीन सीएम उप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व सपा सरकारों को आड़े हाथ लिया। बोले कि इन सरकारों ने तुष्टिकरण व वोटबैंक की राजनीति की। 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव की सरकार में तुष्टिकरण की हद बहुत अधिक हो गई थी। अयोध्या, वाराणसी व लखनऊ में बम विस्फोट करने वाले आतंकवादियों के मुकदमे पहली कैबिनेट में ही वापस लिए गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रदेश को आतंक के अड्डे के रूप में बदलना चाहते थे, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का जिक्र करते हुए उप मुख्यमंत्री ने  धन्यवाद ज्ञापित किया। उप मुख्यमंत्री ने बताई संभल में हुई कार्रवाई   पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारी सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत कर रही है। संभल में हिंसा की घटना के बाद 68 से अधिक पौराणिक स्थलों व 19 प्राचीन कूपों को कब्जे से मुक्त कराकर पुनः उनका स्वरूप प्रदान करने का काम किया गया है। संभल में 1067 अतिक्रमण हटाकर 73 हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई गई है। मस्जिद, मजार, मदरसे व कब्रिस्तान से भी 37 अवैध कब्जे हटाए गए। शासन किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं करेगा।   संभल में दो नए थाने बने, बिजली चोरी के लिए चला अभियान उन्होंने बताया कि संभल में कानून व्यवस्था के लिए दो नए थाने व 45 नई चौकी स्थापित की गईं। संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी व ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की गई। जनपद मुख्यालय, जिला कारागार, 24वीं वाहिनी पीएसी व स्पोर्ट्स स्टेडियम जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है। संभल में बिजली चोरी की गंभीर स्थिति भी सामने आई। बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चला। लाइन लास कभी 82 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जो अब मात्र 18  प्रतिशत बचा है। इससे 84 करोड़ रुपये की बचत हुई है। वहां फर्जी बीमा क्लेम लेते थे। बीमा माफिया पर कार्रवाई हुई है। 100 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया गया है। 67 लोगों को … Read more

इंदौर के ग्राम बांक में एम.आर.एफ. प्लांट का निरीक्षण, मंत्री पटेल ने लिया जायजा

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शनिवार को इंदौर की ग्राम पंचायत बांक में संचालित सामग्री पुनर्चक्रण सुविधा (MRF) प्लांट का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्था ‘सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट’ द्वारा पिछले 2 वर्षों से किए जा रहे सूखा कचरा प्रबंधन कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। संस्था द्वारा प्रतिदिन 3700 घरों, 425 दुकानों, स्कूलों, मैरिज गार्डन और अस्पतालों से लगभग 800 किलोग्राम सूखा कचरा एकत्रित कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाता है। इस नवाचार की सराहना करते हुए श्री पटेल ने कहा कि यह मॉडल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि इस पूरी प्रक्रिया पर प्रतिमाह लगभग 2 लाख 80 हजार रूपये का व्यय आता है, जबकि समुचित प्रबंधन के बाद संस्था को 70 हजार रूपये का लाभ भी हो रहा है। श्री पटेल ने इस कार्य को प्रशंसनीय, पर्यावरण हितैषी और सतत विकास की दिशा में प्रेरणादायक पहल बताया। इस अवसर पर सर्वश्री मधु वर्मा, मनोज पटेल, कान्हा पटेल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

शहडोल के खिलाड़ी हुए प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात में चर्चा का हिस्सा

शहडोल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार सुबह मन की बात रेडिया कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के विचारपुर गांव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा एक पॉडकास्ट में कही बात से जर्मनी के खिलाड़ी ने शहडोल के फुटबॉल खिलाड़‍ियों को ट्रेनिंग देने की पेशकश की। अब यहां के बच्चे ट्रेनिंग के लिए जर्मनी जाएंगे। पीएम ने कहा कि बीते दिनों में कुछ पॉडकास्ट में शामिल हुआ था। ऐसा ही एक पॉडकास्ट दुनिया के बहुत फेमस पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ हुआ था। उस पॉडकास्ट में बहुत सारी बाते हुईं और दुनियाभर के लोगों ने उसे सुना भी और जब पॉडकास्ट पर बात हो रही है, तो बातों-बातों में मैंने एक विषय उठाया था। यूपी में होगी 44 हजार होमगार्डों की भर्ती, सीएम योगी का बड़ा ऐलान पीएम ने कहा कि जर्मनी के एक खिलाड़ी ने उस पॉडकास्ट को सुना और उसका ध्यान मैंने उसमें जो बात बताई थी उस पर केंद्रित हो गया। उन्होंने उस टॉपिक पर इतना कनेक्ट किया कि पहले उन्होंने उस टॉपिक पर रिसर्च की और फिर जर्मनी के भारतीय दूतावास से संपर्क किया और उन्होंने चिट्ठी लिखकर यह बताया कि वो उस विषय को लेकर भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पॉडकास्ट के दौरान एक सवाल के जवाब में मैंने शहडोल के फुटबॉल खिलाड़‍ियों का जिक्र किया था। यही बात जर्मनी के फुटबॉल खिलाड़ी और कोच डायटमार बेयर्सडॉर्फर ने भी सुनी। शहडोल के युवा फुटबॉल खिलाड़‍ियों की लाइफ जर्नी ने उन्हें बहुत प्रभावित और प्रेरित किया। अब जर्मनी के इस कोच ने शहडोल के कुछ खिलाड़‍ियों को जर्मनी की एक एकेडमी में ट्रेनिंग देने की पेशकश की है। इसके बाद मध्य प्रदेश की सरकार ने भी उनसे संपर्क किया। जल्द ही शहडोल के हमारे कुछ युवा साथी ट्रेनिंग कोर्स के लिए जर्मनी जाएंगे। दो बालक और दो बालिका जाएंगे जर्मनी मिनी ब्राजील के नाम से मशहूर हो रहे शहडोल जिले के विचारपुर गांव के चार फुटबॉल खिलाड़ी व प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए जर्मनी भेजा जाएगा। इसमें दो बालक व दो बालिका तथा एक प्रशिक्षक शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार अपने खर्च पर प्रदेश की इन प्रतिभाओं को अक्टूबर में जर्मनी भेजना प्रस्तावित है। बालक वर्ग में वीरेंद्र बैगा व राज सइस शामिल है। दो बालिका व प्रशिक्षक का नाम अभी तय नहीं हुआ है। वीरेंद्र को रोनाल्डो और राज को सुनील छेत्री पसंद है।

रेशम उत्पादन से जुड़े किसानों को उप मुख्यमंत्री साव ने किया सम्मानित

  रेशम कृषि मेला-सह-मेरा रेशम, मेरा अभिमान कार्यक्रम का आयोजन रायपुर, उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने रेशम कृषि मेला-सह-मेरा रेशम, मेरा अभिमान का शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यक्रम में रेशम उत्पादक किसानों को चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अपने उद्बोधन में श्री साव ने कहा कि मेरा रेशम, मेरा अभिमान कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक मशीनों के संबंध में जानकारी प्रदान करना, प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर हुए रेशम उत्पादन से जोड़ना ही नहीं है, बल्कि आमदनी बढ़ाना, आत्मनिर्भर बनाकर प्रदेश और देश को आर्थिक प्रगति की राह में आगे ले जाना भी है। अभी रेशम उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे नंबर पर है, इसे पहले पायदान पर लेकर जाना है। श्री साव ने इस आयोजन को मील का पत्थर बताते हुए इसमें सभी की सहभागिता को आवश्यक बताया। उन्होंने किसानों के प्रशिक्षण तथा मेरा रेशम, मेरा अभिमान कार्यक्रम की प्रगति के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास से एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की।      कोरबा के पाली विकासखंड में केंद्रीय रेशम बोर्ड- बुनियादी बीज का प्रगुणन एवं प्रशिक्षण केन्द्र में केरेबो-बुनियादी टसर रेशम कीट बीज संगठन, केन्द्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार बिलासपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री साव ने रेशम उत्पादन को आमदनी का प्रमुख स्रोत बताते हुए कहा कि किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। किसान जितने सक्षम होते जाएंगे, हमारा प्रदेश और देश भी उतना ही सक्षम होगा। इस अभियान से किसानों को प्रशिक्षण की सुविधा मिलने के साथ ही रेशम उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। श्री साव ने रेशम उत्पादन में आने वाली बाधाओं को दूर करने की बात कही। इसके लिए रेशम विभाग से जुड़े अधिकारियों को कार्यालय आकर समस्याओं को चिन्हित कराने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री साव और अन्य अतिथियों ने मेरा रेशम, मेरा अभिमान के पोस्टर का विमोचन भी किया। उन्होंने रेशम कृषि मेले में लगे स्टॉल्स का अवलोकन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल ने कहा कि हमारे जिले में बड़ी मात्रा में रेशम का उत्पादन होता है। यह रेशम कीमती होने के साथ ही किसानों के आय का प्रमुख जरिया भी है। रेशम उत्पादन से बहुत से लोगों को रोजगार भी मिला है। प्रधानमंत्री की मंशा है कि किसानों की आमदनी भी दोगुनी हो, ऐसे में स्थानीय किसानों को इससे जुड़कर आमदनी अर्जित करना होगा। पाली-तानाखार के विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम ने कहा कि कोरबा की पहचान पहले से ही रेशम के पटल पर विश्व विख्यात है। यहाँ से बड़ी संख्या में किसान जुड़े हुए हैं। मेरा रेशम, मेरा अभिमान स्थानीय किसानों के लिए लाभदायक होगा। कोरबा के कलेक्टर अजीत वसन्त, केंद्रीय रेशम बोर्ड रांची के निदेशक डॉ. एन.बी. चौधरी, बिलासपुर के डॉ. नरेन्द्र कुमार भाटिया, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, महापौर संजू देवी राजपूत, नगर पंचायत पाली के अध्यक्ष अजय जायसवाल, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, डीएफओ कुमार निशांत, रेशम विभाग के सी.एस. नोन्हारे, डॉ. जयप्रकाश पाण्डेय, डॉ. हसनसाब नदाफ, डॉ. विनोद सिंह, बलभद्र सिंह भंडारी और कृषि महाविद्यालय अनुसंधान केन्द्र कटघोरा के डॉ. एस.एस.पोर्ते सहित रेशम विभाग से जुड़े वैज्ञानिक एवं अधिकारी, जनप्रतिनिधि गोपाल मोदी, डॉ. राजीव सिंह तथा आम नागरिकगण भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

मंत्री परमार ने बताया: भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा ही विश्व कल्याण की कुंजी

आयुर्वेद, योग और ध्यान की परम्परा ने विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया जेएनएस महाविद्यालय में "आधुनिक शिक्षा एवं अनुसंधान में प्राचीन ज्ञान की भूमिका विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भारत की समृद्ध प्राचीन ज्ञान परंपरा, वर्तमान परिदृश्य में भी विश्व कल्याण की आधारशिला है। भारतीय शिक्षा पद्धति, जो प्राचीन काल से ही मानवता को दिशा देती रही है, आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक है। यह बात मंत्री श्री परमार ने शनिवार को जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय शुजालपुर में, उच्च शिक्षा विभाग एवं आईक्यूऐसी के संयुक्त तत्वावधान में "आधुनिक शिक्षा एवं अनुसंधान में प्राचीन ज्ञान की भूमिका" विषय पर आयोजित एक दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय वेबिनार में सहभागिता कर कही। मंत्री श्री परमार ने भारत की समृद्ध प्राचीन ज्ञान परंपरा और इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चिकित्सा, दर्शन, शिक्षा और न्याय प्रणाली में भारत ने जो अद्वितीय योगदान दिए, वही स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 के सशक्त भारत के निर्माण की आधारशिला बन रहे हैं। आयुर्वेद, योग और ध्यान की परंपरा ने विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया, तो गणित और खगोल विज्ञान ने आधुनिक विज्ञान की नींव रखी। मंत्री श्री परमार ने कहा कि न्याय व्यवस्था और शिक्षा पद्धति ने समाज को संतुलन और सामंजस्य का स्वरूप दिया। मंत्री श्री परमार ने कहा कि भारत की जीवन-दृष्टि “वसुधैव कुटुंबकम्” संपूर्ण विश्व एक परिवार है। यही जीवन दृष्टि, सदैव से मानवता के कल्याण का मार्गदर्शन करती रही है। यही नीति आज विश्व शांति और सह अस्तित्व की सबसे बड़ी आवश्यकता के रूप में उभर रही है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि अमृतकाल की ओर बढ़ते हुए भारत की यही प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर नए भारत की आधारशिला है, जो न केवल देश बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगी। मुख्य वक्ता प्रशांत पौराणिक ने विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा विश्व में आकर्षण का केंद्र है। सिंधु घाटी सभ्यता, हड़प्पा की मिट्टी कला, धातुकर्म और लिपि इसके प्रमाण हैं। शून्य का आविष्कार, आर्यभट का पाई (π) मान और सूर्यग्रहण की गणना भारतीय गणित की गौरवशाली धरोहर हैं। यह धरोहर वर्ष 2047 के सशक्त भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में मार्गदर्शक है। विषय विशेषज्ञ डॉ.अनुपम जैन ने "द रूल ऑफ़ ऐंसीइन्ट इंडियन नॉलेज इन मॉडर्न एजुकेशन एंड रिसर्च" पर अपने व्याख्यान दिए। द्वितीय विषय विशेषज्ञ के रूप में सहा. प्राध्यापक भौतिकी प्रो. लोकेंद्र सिंह चौहान ने अपने व्याख्यान में भोपाल स्थित राजा भोज के मंदिर की वास्तुकला, शिल्प कला और एस्ट्रो फिजिक्स पर प्रकाश डाला। उन्होंने पृथ्वी के घूर्णन की गति, राजा भोज द्वारा बनाए गए जहाजों की माप और भोज मंदिर भोपाल की विशेषताओं का उल्लेख किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार, विशेष अतिथि श्री आलोक खन्ना अध्यक्ष महाविद्यालय जनभागीदारी समिति शुजालपुर, डॉ. एच. एल. अनिजवाल अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा उज्जैन संभाग, मुख्य वक्ता श्री प्रशांत पौराणिक, गर्ल्स पीजी कॉलेज उज्जैन, विषय विशेषज्ञ डॉ. अनुपम जैन सेवानिवृत प्राध्यापक गणित उच्च शिक्षा विभाग, विषय विशेषज्ञ प्रो. लोकेंद्र सिंह चौहान, असिस्टेंट प्रोफेसर फिजिक्स आर.आई. ई.भोपाल एवं विशेष अतिथि के रूप में आईक्यूऐसी कोऑर्डिनेटर डॉ. बी.के. त्यागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार शर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया। मंत्री श्री परमार ने व्याख्यान विभिन्न वक्ताओं के व्याख्यान की सराहना की। वेबीनार में विभिन्न प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने अपने शोध पत्रों का वाचन भी किया।महाविद्यालय के समस्त स्टॉफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग अध्यक्ष डॉ.आनंद अजनोदिया द्वारा किया गया तथा संपूर्ण कार्यक्रम का आभार भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. रवि राठौर द्वारा किया गया।  

कंवर समाज ने मुख्यमंत्री साय को दी बधाई, करमा तिहार में आने का न्योता

रायपुर, जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास से लौटने के उपरांत  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री हरवंश मिरी एवं महासचिव श्री नकुल चंद्रवंशी के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास में भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या साय को बधाई दी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी भादो एकादशी पर्व पर आयोजित होने वाले करमा तिहार के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। यह आयोजन दिनांक 03 सितम्बर 2025 को नवा रायपुर, अटल नगर स्थित नवीन मुख्यमंत्री निवास परिसर में संपन्न होगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज के उपाध्यक्ष थानसिंह दीवान, कोषाध्यक्ष बसंत दीवान, कार्यकारिणी सदस्य शिवकुमार कंवर, महानगर इकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष मनोहर पैंकरा, सचिव मनहरण चंद्रवंशी, सदस्य हेमलाल कंवर सहित युवा कंवर प्रभाग के युवा संरक्षक  तीरमेंद्रू सिंह कंवर एवं टुकेश कंवर भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में हुए शामिल, फोड़ी मटकी

इकॉनामिक कॉरिडोन बनने से सागर-छतरपुर का सफर होगा आसान कन्या विवाह एवं सामुदायिक भवन भी बनेगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छतरपुर में 10 करोड़ रुपए की लागत से स्टेडियम बनाया जाएगा। जिले में 30 एकड़ क्ष्रेत्र में गौशाला, एक करोड़ रुपए की लागत से कन्या विवाह भवन और सामुदायिक भवन के निर्माण सहित अन्य कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। इसके साथ ही मैडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को गति प्रदान की जाएगी। इसके पास एक चिकित्सालय भी बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि एमपी-यूपी इकॉनामिक कॉरिडोर के अंतर्गत सागर-कबरई फोर लेन का निर्माण हो जाने पर संभागीय मुख्यालय सागर से छतरपुर मात्र दो घंटे में पहुंचा जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को छतरपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माखन से भरी हुई मटकी भी फोड़ी। वे रोड शो में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम उत्तर से दक्षिण और श्रीकृष्ण पूर्व से पश्चिम की तरफ गए। भारतीय संस्कृति को समझना है तो इनका स्मरण कर लीजिए। दुनिया भर में श्रीराम और श्रीकृष्ण से भारत की पहचान है। विश्व में बड़ी-बड़ी ताकतों से लड़ने का साहस दोनों आराध्यों से मिलता है, जिन्होंने आसुरी शक्तियों का अंत उन्हीं के घर में जाकर किया। बुंदेलखंड की धरती, वीरों की धरती है। यहां के पराक्रमी छत्रसाल महाराज और वीर आल्हा-ऊदल ने चंदेल राजाओं के लिए बड़ी लड़ाईयां लड़ीं। छतरपुर का गौरवशाली अतीत रहा है। विश्व धरोहर स्थल खजुराहो दुनिया में प्रख्यात है। पन्ना में हीरे मिलते हैं। पन्ना अपने टाइगर्स के लिए भी प्रसिद्ध है। केन-बेतवा लिंक परियोजना का मिलेगा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती ने नदी जोड़ो अभियान का संकल्प लिया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अटलजी और उमा दीदी के सपने को पूरा किया है। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखण्ड के किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा। खेतों को पानी मिले तो फसल सोने सी हो जाती है। बुंदेलखंड की धरती के लिये यह नदी जोड़ो परियोजना वरदान है। बुंदेलखंड की धरती अनाज उत्पादन में पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ेगी। आजकल तो पर्यटन भी उद्योग की तरह है। आज ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब मैं उच्च शिक्षा मंत्री था, उस समय छतरपुर के महाविद्यालय को विश्वविद्यालय बनाने का कार्य शुरू किया गया था। राज्य सरकार का कोई संकल्प अधूरा नहीं रहेगा। भगवान श्रीकृष्ण के चरण जहां-जहां पड़े, राज्य सरकार उन्हें तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करेगी। श्रीराम के वन-गमन पथ की तरह श्रीकृष्ण पाथेय बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके घर गाय है वो गोपाल हैं। खेती के साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की गई है। इसमें गोवंश क्रय पर पात्र हितग्राहियों को सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। राज्य सरकार गोपालकों से गाय का दूध खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 22 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती के साथ 1 लाख नए पद सृजित किए गए हैं। उद्योगों के साथ स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को 1500 रुपए भेजे गए। अब दीवापली के बाद भाईदूज से हर माह लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की सौगात मिलेगी। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि महाराज छत्रसाल की नगरी में लोगों के लिए आज का दिन गौरवशाली है। मध्यप्रदेश में श्रीराम वन-गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय, महाकाल लोक, ओंकारेश्वर लोक बन रहे हैं। विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छतरपुर को अनेकों सौगात दी हैं। छतरपुर में मैडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य 60 प्रतिशत हो गया है। छत्रसाल महाविद्यालय का कार्य भी प्रगति पर है। छतरपुर को जल्द नए बस स्टैंड और ऑडिटोरियम मिलेंगे। बहुत जल्द छतरपुर को नगर निगम भी बनाया जाएगा, जिससे यहां विकास कार्यों को गति मिलेगी। छतरपुर की ऐतिहासिक विरासत को संजोए रखने के लिए चारों दिशाओं में छत्रसाल- द्वार तैयार करने का सुझाव है। यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री जगदीश यादव ने कहा कि द्वापर में भगवान श्रीकृष्ण ने वंचित, शोषित, दलित वर्ग के लोगों के लिए कार्य किया, इसी प्रकार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। छतरपुर की जनता को राज्य सरकार से बहुत उम्मीदें हैं। कार्यक्रम में विधायक श्री राजेश शु्क्ला, विधायक श्री अरविंद पटेरिया, विधायक श्री कामाख्या प्रसाद सिंह, पूर्व विधायक श्री प्रद्युम्न सिंह लोधी, यादव समाज के पदाधिकारियों सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया सर्व सुविधा युक्त सेंट्रल ग्रंथालय का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5 करोड़ की लागत से छतरपुर सिंचाई कॉलोनी स्थित आधुनिक सेंट्रल ग्रंथालय (लाइब्रेरी) का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तकालय की ज्ञान अर्जन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने पुस्तकालय में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों से चर्चा की और कहा कि इस लाइब्रेरी का पूरा लाभ लें और आगे बढ़ें। इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, विधायक श्रीमती ललिता यादव, कमिश्नर श्री अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

पश्चिम यूपी और बुंदेलखंड में बारिश का खतरा, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

लखनऊ पश्चिमी यूपी और तराई के इलाकों में रविवार से एक बार फिर से अच्छी बारिश के आसार हैं। माैसम विभाग ने 26 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही बुंदेलखंड में भी जमकर बारिश होने का अनुमान है। रविवार को सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास के इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और पहाड़ दरकने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। उत्तराखंड के धारचूला में भारी बारिश के बाद चीन सीमा से जोड़ने वाले तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर ऐलागाड़ और कुलागाड़ के पास पहाड़ी दरक गई। इसकी वजह से दारमा, चौदास और व्यास तीनों घाटियों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। जम्मू संभाग में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश और भूस्खलन ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दो सितंबर तक बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने पंजाब, राजस्थान, यूपी समेत सात राज्यों में 2 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश जारी रहने के आसार है। धारचूला में तवाघाट-लिपुलेख के साथ सोबला सड़क पहाड़ी दरकने के कारण बंद हो गई है। लगातार मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप बनी हुई है।

मोदी सरकार का नया स्ट्रैटेजी मोड: ट्रंप टैरिफ के बीच लॉकडाउन जैसी योजनाओं पर नजर

नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लागू कर दिया है। इस टैरिफ का सीधा असर भारतीय निर्यातकों और कामगारों पर पड़ने वाला है। वहीं टैरिफ से लाखों नौकरियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बम से बचने का रास्ता मोदी सरकार ने निकाल लिया है। कोविड लॉकडाउन के दौरान जिस तरह की योजनाएं लागू की गई थीं, कुछ उसी स्टाइल में सरकार लोगों को राहत देने की योजना बना रही है। इसके अलावा अमेरिका से अलग बाजार तलाशने और ग्लोबल सप्लाई चेन के एकीकरण के लिए लंबी अवधि की रणनीतियों पर काम किया जा रहा है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दो सीनियर अधिकारियों ने बताया कि सरकार सबसे पहले नकदी की समस्या का समाधान निकालने पर विचार कर रही है। वहीं निर्यात और रोजगार बचाने के लिए सरकार कोविड स्टाइल में योनजाएं चलाना चाहती है। ट्रंप के टैरिफ की वजह से कई तरह के दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे कि भुगतान में देरी, देर से सामान का पहुंचना, ऑर्डर रद्द होना। वहीं निर्यात को बरकरार रखने के लिए नई मार्केट की जरूरत है। जब तक नई मार्केट नहीं मिलती, निर्यातकों को ऑपरेशन जारी रखने के लिए राहत देना जरूरी है। सरकार कर सकती है राहत पैकेज का ऐलान अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने कोरोना लॉकडाउन के दौरान जिस तरह के राहत पैकेज का ऐलान किया था, उसी तरह के राहत पैकेज का एक बार फिर ऐलान हो सकता है। उद्योगों में नकदी की समस्या, खास तौर पर लघु और मध्यम उद्योगों के लिए इस तरह की योजनाएं जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इमर्जेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) जैसी योजनाओं पर फोकस करना चाहती है जो कि 100 फीसदी गारंटी के साथ बिना जमानत के लोन उपलब्ध करवा सकें। इससे लाखों छोटे और मध्यम उद्योग दीवालिया होने से बच जाएंगे। लॉकडाउन के दौरान जब 68 दिनों के लिए औद्योगिक गतिविधियां ठप हो गई थीं, तब इसी योजना ने उद्योगों को बचा लिया था। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा समस्या और उसके समाधान को देखते हुए इन योजनाओं में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के साथ सरकार चरणबद्ध तरीके से भी योजानाएं लागू करेगी जिससे लंबी अवधि की रणणनीति तैयार हो सके। नकदी उपलब्ध करवाने के साथ ही मौजूदा व्यापार समझौतों को मजबूत करने और नई मार्केट में अवसरों की तलाश का काम भी तेज होगा। जीएसटी से भी राहत अधिकारियों ने कहा कि टैक्स से जुड़ी भी कई राहत देने पर सरकार विचार कर रही है। इसमें जीएसटी रिफॉर्म भी शामिल है। अगले सप्ताह होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स घटाने से संबंधित कई फैसले हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर मजबूती की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था को खतरा नहीं है। टैरिफ जैसे बाहरी फैक्टर भारत की अर्थव्यवस्था को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाएंगे। जीडीपी में निर्यात का मामूली योगदान अधिकारियों ने कहा कि घरेलू उपभोग की वजह से अर्थव्यवस्ता लचीली है। निर्यात अर्थव्यवस्ता के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन यह भारत की जीडीपी 4.12 ट्रिलियन डॉलर का छोटा हिस्सा है। निर्यात का जीडीपी में योगदान केवल 10 फीसदी यानी 438 मिलियन डॉलर का ही है। ऐसे में जून में समाप्त होने वाली तिमाही में भी आर्थिक वृद्धि दर 7.8 फीसदी रही।  

चयनित अभ्यर्थियों की आंसू भरी पुकार, एसआई भर्ती 2021 में न्याय की गुहार

दौसा एसआई भर्ती 2021 के चयनित अभ्यर्थियों ने शनिवार को अपने परिजनों संग कलेक्ट्रेट पहुंचकर आंसुओं के साथ न्याय की गुहार लगाई। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए निर्दोष चयनित उपनिरीक्षकों को न्याय दिलाने की मांग की। परिजनों का कहना था कि बच्चों ने इस भर्ती की तैयारी में जीवन के पाँच साल समर्पित किए और कड़ी मेहनत से सफलता पाई। चयन के बाद परिवारों की समाज में प्रतिष्ठा बढ़ी, लेकिन न्यायालय के "एकपक्षीय निर्णय" से अभ्यर्थी और उनके परिवार गहरे मानसिक तनाव में हैं। ज्ञापन के जरिए मुख्यमंत्री से अपील की गई कि निर्दोष युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए न्यायसंगत समाधान निकाला जाए। इस दौरान कन्हैयालाल, भरत मीना, रोहित, सचिन गुर्जर सहित कई चयनित अभ्यर्थी और उनके परिजन मौजूद रहे।