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भारत धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का देश – मंत्री विजयवर्गीय

सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रदेश में किए जा रहे विकास कार्य: मंत्री श्री चौहान आगर मालवा में हुआ महाराणा प्रताप एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भारत धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का देश है। यहाँ जन्म लेना सौभाग्य है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने ऋषि-मुनियों की महान परम्परा का उल्लेख करते हुए उज्जैन को प्राचीनकाल से कालगणना का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है और वर्ष-2047 तक भारत शांति व प्रेम का संदेश देकर विश्व में नंबर-वन बनेगा। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने स्वदेशी सामग्री के महत्व पर जोर देते हुए लोगों से इसका उपयोग करने का आग्रह किया। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित हो रही हैं। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं का अनावरण कर आगर नगर को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि आगर मालवा के सर्वांगीण विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में विकास कार्य किए जाएँगे। आगर मालवा में रविवार को मंत्री द्वय श्री कैलाश विजयवर्गीय एवं श्री नागर सिंह चौहान ने विजय स्तंभ चौराहा पर 66 लाख रुपये की लागत से निर्मित विजय द्वार और महाराणा प्रताप की प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही नेहरू स्मृति वन में 14 लाख रुपये की लागत से निर्मित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि,कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल ने किया 27 हस्तियों का सम्मान

रायपुर   सागर टीएमटी के सौजन्य से आयोजित नवम अग्र अलंकरण समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया. यह प्रतिष्ठित समारोह हर वर्ष समाज के प्रख्यात व्यक्तित्वों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित करने के लिए आयोजित किया जाता है. संयोजिका अनीता अशोक अग्रवाल एवं हेमलता बंसल ने बताया कि इस आयोजन में 65 परिवारों ने सहभागिता की थी. कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि प्रदीप मित्तल राष्ट्रीय चेयरमैन और प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल ने महाराजा अग्रसेन के तेल क्षेत्र पर पुष्पांजलि अर्पित की. सप्त ऋषियों की कथा के साथ शाम 4 बजे इस कार्यक्रम का समापन भोजन भंडारे के साथ संपन्न हुआ. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रमन सिंह (विधानसभा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ शासन) ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि की आसंदी से अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि, देश के आर्थिक विकास में, अर्थव्यवस्था में विश्व में चौथे स्थान पर, अगर भारत का स्थान है, तो उसमें अग्रवाल समाज का महत्वपूर्ण योगदान है. समाज ने अपनी प्रतिभाओं का सम्मान कर इस कदम को और आगे बढ़ाया है. राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप मित्तल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, अग्रवाल समाज सदैव से सर्वहारा वर्ग के लिए कार्य करते आया है, स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, सेवा के जितने भी प्रकल्प हैं वे सभी सर्वहारा वर्ग की सुविधाओं के लिए हैं, सेवा की अलख जगाने वाला हमारा समाज है. कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में गौरीशंकर अग्रवाल (पूर्व विधानसभा अध्यक्ष), संपत अग्रवाल (विधायक, बसना विधानसभा क्षेत्र), सियाराम अग्रवाल (राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, प्रांतीय अध्यक्ष, डॉ. अशोक अग्रवाल, साथ ही राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के कई गणमान्य अतिथि भी इस समारोह में उपस्थित रहे, महेन्द्र सक्सरिया (संरक्षक) अशोक मोदी (राज्य चेयरमैन) नेतराम अग्रवाल (संरक्षक) राजेन्द्र अग्रवाल, प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष उपस्थित रहे. दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. यह समारोह लगातार 9वें वर्ष सफलतापूर्वक आयोजित किया गया. अग्र अलंकरण का विशेष उद्देश्य महाराजा अग्रसेन जी के 18 गोत्रों की गौरवशाली परंपरा को स्मरण कर समाज के 18 श्रेष्ठ विभूतियों को प्रत्येक वर्ष सम्मानित करना है. इस वर्ष भी कुल 27 विशिष्ट व्यक्तित्वों को उनके सामाजिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक, साहित्यिक, खेल, प्रशासनिक (IAS, IPS, CA, CS आदि) एवं परोपकारी कार्यों के लिए अलंकृत किया गया. प्रत्येक पुरस्कार किसी न किसी समाजसेवी परिवार द्वारा अपने परिजनों की स्मृति में प्रायोजित किया गया. पुरस्कार स्वरूप सभी सम्मानित विभूतियों को अग्रसेन माला, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और 11,000 रुपए की सम्मान राशि भेंट की गई. प्रमुख अलंकरण अग्र दीप सम्मान अग्र गौरव सम्मान, अग्र शिरोमणि सम्मान, अग्र दानी सम्मान, अग्र मित्र सम्मान, अग्र भूषण सम्मान, अग्र सम्मान, अग्र धनवंतरी सम्मान समेत अनेक अन्य अलंकरण दिया गया. इनमें पराक्रम, समाजसेवा, व्यापार, शिक्षा, खेलकूद और विशेष उपलब्धियों के लिए पुरस्कृत किया गया. मुख्य अतिथि के रूप से डॉ. रमन हुए शामिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि, “महाराजा अग्रसेन की परंपरा हमें समाज में समानता, सहयोग और सेवा की प्रेरणा देती है. आज यहां सम्मानित विभूतियां केवल अग्रवाल समाज ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और भारतवर्ष का गौरव हैं.” पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि, “अग्र अलंकरण समारोह समाज की जड़ों को मजबूत करने वाला एक प्रयास है. यह कार्यक्रम युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने वाला है. राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप मित्तल ने कहा, “अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन को गर्व है कि छत्तीसगढ़ की धरा पर इतना भव्य आयोजन लगातार नौ वर्षों से सफलतापूर्वक हो रहा है. यह पूरे देश के लिए एक आदर्श है.” डॉ. अशोक अग्रवाल (राज्य अध्यक्ष, छ.ग. प्रांतीय अग्रवाल संगठन) ने कहा कि “यह अलंकरण केवल एक सम्मान नहीं बल्कि समाज की सामूहिक चेतना और संस्कृति की पहचान है.” रायपुर जिला अग्रवाल संगठन एवं रायपुर जिला महिला अग्रवाल संगठन के आतिथ्य में यह पूरा कार्यक्रम संपन्न हुआ अग्र अलंकरण की संयोजिका डॉक्टर अनीता मोहनलाल अग्रवाल, सहसंयोजक पंकज अग्रवाल डॉक्टर निर्मल अग्रवाल ने पूरे आयोजन की रूपरेखा रखी, प्रांतीय महामंत्री संजय अग्रवाल ने मंच संचालन किया. रायपुर जिला अग्रवाल संगठन के अध्यक्ष हरिकेश पालीवाल सचिव गोविंद अग्रवाल, महिला संगठन की अध्यक्ष मती प्रियंका अग्रवाल, संरक्षिका अनीता अग्रवाल, सचिन सारिका खेतान कोषाध्यक्ष संतोष दिनोदिया शाहिद उनकी पूरी टीम ने प्रदेश के दूरस्थ स्थानों सेआए हुए सभी संगठन के पदाधिकारी का अग्रवाल समाज के अध्यक्षों का शानदार स्वागत किया, सभी ने इस आयोजन की भूरि भूरि प्रशंसा की. सभी ने कहा कि अग्र अलंकरण समारोह ने अग्रवाल समाज की गौरवशाली परंपराओं को पुनः जीवंत किया. समारोह का समापन करते हुए आभार प्रदर्शन सुनील अग्रवाल बॉबी ने समाज की एकता एवं प्रगति के संकल्प के साथ किया.

राज्यपाल मंगुभाई पटेल गणेशोत्सव में शामिल हुए

राजभवन मंदिर परिसर में हुआ आयोजन भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल  रविवार को राजभवन में आयोजित गणेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन राजभवन परिसर के मंदिर प्रांगण में किया गया है। राज्यपाल श्री पटेल ने मंदिर प्रांगण में स्थापित भगवान श्री गणेश की झांकी का अवलोकन किया और भगवान श्री गणेश की आरती की। प्रदेश के विकास और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की।  

क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर एमपी घूमने आए, दो दिनों तक रहेंगे

खरगोन  क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर रविवार को प्रशंसकों की भीड़ में घिर गए। उनका कार तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया। एमपी के खरगोन जिले की तीर्थ नगरी महेश्वर में यह नजारा नजर आया। सचिन तेंदुलकर को यहां देख क्रिकेट के दीवाने लोगों ने उन्हें घेर लिया, उनके साथ फोटो खींचने और सेल्फी लेने की होड़ सी लग गई। ​सचिन ने भी प्रशंसकों के साथ खासा समय बिताया लेकिन बाद में भीड़ के कारण उन्हें अपनी कार तक पहुंचने में भी मशक्कत करनी पड़ी। सचिन तेंदूलकर दोपहर करीब ढाई बजे महेश्वर पहुंचे। यहां उपस्थित टूरिस्ट उन्हें देख उत्साहित हो उठे। ​सचिन के साथ सेल्फी लेने के लिए युवाओं की भीड़ लग गई। उन्होंने कुछ देर तक लोगों के साथ फोटो खिंचवाई। बताया जा रहा है कि सचिन तेंदूलकर महेश्वर सहित आसपास के टूरिस्ट स्थलों पर घूमने के लिए आए हैं। एमपी में उनका दो दिनों तक रहने का प्रोग्राम है। उनके साथ कुछ अन्य परिजन भी हैं। सचिन तेंदूलकर महारानी अहिल्याबाई के महल और किला भी जाएंगे।   सचिन तेंदुलकर महेश्वर के राजबाड़ा पहुंचे। पत्नी डॉ. अंजलि तेंदुलकर और बेटी सारा तेंदुलकर भी उनके साथ थीं। गाड़ी से राजबाड़ा पर उतरते ही प्रशंसकों ने नारे लगाने शुरू कर दिए- आला रे आला सचिन आला, गणपति बप्पा मोरया, भारत का रत्न कैसा हो सचिन जैसा हो… नारों के बीच कार से उतरते ही एसडीओपी श्वेता शुक्ला, होटल अहिल्या फोर्ड के मैनेजर हुसैन अली ने उनका स्वागत किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सचिन रविवार, सोमवार यानि 2 दिनों तक महेश्वर में रुकेंगे। वे यहां नर्मदा आरती एवं भगवान काशी बिश्वनाथ, राजराजेश्वर मंदिर दर्शन के साथ महेश्वर किले का भ्रमण भी करेंगे। देवी अहिल्या क्लब महेश्वर के सदस्यों ने सचिन से मुलाक़ात कर उन्हें क्लब का इतिहास बताया।

फ्लैट खरीदारों का इंतजार खत्म, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रजिस्ट्री का रास्ता साफ

नोएडा-ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के स्टाम्प, कोर्ट फीस और रजिस्ट्रेशन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने कहा है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फ्लैट रजिस्ट्री में देरी उनकी विभागीय वजह से नहीं हो रही है, बल्कि इसका कारण बिल्डरों और स्थानीय विकास प्राधिकरणों के बीच "नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट" (NOC) को लेकर चल रहा विवाद है. बकाया और शर्तें पूरी करने के बाद नहीं होगी देरी जायसवाल ने कहा कि जैसे ही बिल्डरों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा या यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण से एनओसी मिल जाती है, रजिस्ट्री विभाग तत्काल कार्रवाई करता है और खरीदारों की संपत्ति का रजिस्ट्रेशन कर देता है. उन्होंने साफ किया कि उनका विभाग पूरी तरह तैयार है और जैसे ही बिल्डर सभी बकाया और शर्तें पूरी करते हैं, रजिस्ट्री में किसी तरह की देरी नहीं की जाएगी. इस वजह से नहीं मिलती NOC मंत्री ने समझाया कि गौतम बुद्ध नगर जिले में तीन स्थानीय विकास प्राधिकरण हैं—नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण. ये प्राधिकरण बिल्डरों को भूमि आवंटित करते हैं, किस्तें और अन्य शुल्क वसूलते हैं और प्रोजेक्ट की स्वीकृति देते हैं. लेकिन जब बिल्डर भुगतान में देरी करते हैं या शर्तें पूरी नहीं करते, तब उन्हें एनओसी नहीं मिलती और बिना एनओसी रजिस्ट्री नहीं हो सकती. उन्होंने कहा, "जैसे ही बिल्डर एनओसी लेकर आते हैं, हमारा विभाग उसी समय रजिस्ट्री करता है. इसमें किसी भी तरह की देरी नहीं की जाती." खरीदार अक्सर करते हैं प्रदर्शन नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हजारों फ्लैट खरीदार लंबे समय से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं. कई लोगों को अपार्टमेंट का कब्जा मिल चुका है, लेकिन रजिस्ट्री न होने की वजह से वे कानूनी रूप से मालिक नहीं बन पा रहे हैं. इस समस्या के कारण खरीदार अक्सर प्रदर्शन भी करते हैं, खासकर शनिवार-रविवार को जब बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं. जमीन की लीज़होल्ड प्रकृति भी खरीदारों के लिए चुनौती बनी हुई है. कई लोग चाहते हैं कि उनकी संपत्ति को फ्रीहोल्ड में बदल दिया जाए ताकि वे भविष्य में भी बिना रुकावट अपनी संपत्ति का लाभ उठा सकें. सरकार की ओर से मंत्री का यह बयान उन हजारों खरीदारों के लिए राहत का संकेत माना जा रहा है, जो सालों से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं. अब खरीदारों की उम्मीद है कि बिल्डर जल्द बकाया चुकाकर एनओसी लेंगे और रजिस्ट्री का रास्ता साफ होगा.

IMD चेतावनी: अगले 14 घंटे में 27 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश संभव

भोपाल मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ के गुजरने के साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव होने से प्रदेश का मौसम बिगड़ने वाला है और आने वाले 14 घंटों में 27 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। रविवार को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल भोपाल, शाजापुर, उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई है। इन जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने रविवार को अगले 24 घंटों (सोमवार की सुबह 8.30 बजे) तक के लिए जो ताजा बुलेटिन जारी किया है उसमें प्रदेश के 27 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने मुरैना और श्योपुर जिलों अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है वहीं रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पांढुर्ना जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।   मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते 24 घंटों में इंदौर संभाग के अधिकांश स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है इसके साथ ही नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर, भोपाल संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर और रीवा, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में कहीं कहीं पर बारिश दर्ज हुई है। 2 सितंबर को बनेगा नया सिस्टम ! मौसम विभाग की मानें तो वर्तमान में मानसून ट्रफ बीकानेर, अजमेर, गुना, दमोह से रायपुर होते हु पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर मध्य बंगाल की खाड़ी तक विस्तर है। इसके साथ ही एक ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन उत्तर पश्चिम मध्यप्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रों में सक्रिय है। एक अन्य चक्रवातीय परिसंचरण राजस्थान के मध्य भागों पर सक्रिय है और 2 सितंबर के आसपास उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

टैरिफ पर सख्ती से अमेरिका ने खुद उठाया खतरा, भारत बना मजबूत खिलाड़ी

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का कदम रणनीतिक और आर्थिक रूप से गलत साबित हुआ है। कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। वन वर्ल्ड आउटलुक के एक लेख के मुताबिक टैरिफ संबंधी उथल-पुथल के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। यह ट्रंप के भारत की अर्थव्यवस्था को "मृत" या कमजोर बताने की धारणा के बिल्कुल विपरीत है। आयात पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से भारत पर 'दंड' के तौर पर लगाए गए इस भारी भरकम टैरिफ के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने पांच तिमाहियों में उच्च विकास दर हासिल की है। यह बाहरी व्यापार विवादों से परे अंतर्निहित मजबूती का संकेत देती है। इस लेख में बताया गया है कि भारत की आर्थिक वृद्धि अन्य उभरते बाजारों की तरह निर्यात आधारित नहीं है, क्योंकि इसके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 68 प्रतिशत हिस्सा घरेलू खपत से आता है, जिसमें घरेलू और सरकारी खर्च शामिल हैं। 'एप्पल' जैसी वैश्विक कंपनियां भारत में विनिर्माण निवेश को बढ़ा रही हैं, जो इसके मजबूत बाजार और क्षमताओं में विश्वास को दर्शाता है। परिणामस्वरूप, अमेरिका का दबावपूर्ण रुख उसे एक ऐसे प्रभावशाली साझेदार से अलग-थलग कर सकता है, जो महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक क्षमता रखता है। एंड्रयू विल्सन के लेख में कहा गया है कि उभरती आर्थिक वास्तविकताएं ऐसी नीतियों की जरूरत की ओर संकेत देती हैं, जो भारत की विकास गतिशीलता को पहचानें। अमेरिका-भारत साझेदारी को पारस्परिक लाभ के लिए स्थापित करें न कि कलह को बढ़ावा दें। अमेरिकी कंपनियों से भारत के संबंध कम करने और अमेरिका में निर्माण करने के डोनाल्ड ट्रंप के आह्वान के बावजूद एप्पल की ओर से उठाए गए कदम एक बिल्कुल अलग दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच चीन से दूर अपनी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने के लिए एप्पल ने व्यापक रणनीति अपनाई है। एप्पल भारत में अपने आईफोन उत्पादन क्षमताओं का विस्तार करने के लिए लगभग 2.5 बिलियन डॉलर का निवेश कर रहा है। इस तरह के कदम भारत के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र, कौशल उपलब्धता और नीतिगत माहौल में कॉर्पोरेट विश्वास को दर्शाते हैं, जो अमेरिकी कंपनियों में भारतीय श्रम या प्रभाव को सीमित करने के ट्रंप के बयानों का खंडन करते हैं। लेख में कहा गया है कि द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को कम करने से अमेरिका की पहुंच तेजी से बढ़ते बाजार और एक ऐसे साझेदार तक सीमित हो सकती है, जो अमेरिकी आर्थिक और तकनीकी शक्तियों का पूरक है। लेख के अनुसार, भारी भरकम शुल्क लगाने और दंडात्मक रुख के कारण, ट्रंप प्रशासन रणनीतिक रूप से भारत संग अपने संबंधों को नुकसान पहुंचाने का जोखिम उठा रहा है। भारत न केवल एक आर्थिक महाशक्ति है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक साझेदार भी है। अमेरिकी टैरिफ भारत में हजारों निर्यातकों और नौकरियों के लिए खतरा है। यह तनाव बढ़ा रहा है और दोनों देशों के बीच अविश्वास को बढ़ा रहा है। व्यापार और निवेश पर बातचीत और सहयोग से संबंधों को मजबूत करने के बजाए अमेरिका का टकराव वाला यह रवैया भारत को चीन या रूस जैसी अन्य वैश्विक शक्तियों के करीब ला सकता है। लेख में आगे कहा गया है कि दीर्घकालिक जोखिमों में अमेरिका की भू-राजनीतिक क्षमता में कमी और प्रौद्योगिकी सह-विकास, आपूर्ति शृंखला विविधीकरण और सेवा व्यापार जैसे क्षेत्रों में आर्थिक अवसरों का चूकना शामिल है।

नोरा फतेही ने स्टेज पर लगी आग! प्रतिभागियों संग डांस कर जीता सबका दिल

मुंबई,  हाल ही में लॉस एंजिल्स में आयोजित एक हाई-एनर्जी डांस वर्कशॉप में अभिनेत्री नोरा फतेही ने न केवल अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इतना ही नहीं, उन्होंने मंच पर उतरकर प्रतिभागियों के साथ डांस कर हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस वर्कशॉप में सैकड़ों युवा डांसर्स और फैन्स मौजूद थे, जहां नोरा ने ‘ओ मामा! टेटेमा’ गाने पर विशेष कोरियोग्राफी पेश की। उनकी एनर्जी और जुनून ने पूरे हॉल का माहौल जोशीला बना दिया। फैन्स लगातार उनके हर मूव को कैमरे में कैद करते रहे। नोरा की यह वर्कशॉप केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि डांस और म्यूजिक का ऐसा उत्सव बन गई, जिसने लोगों को एक कम्युनिटी की तरह जोड़ दिया। यही कारण है कि उन्हें केवल एक डांसर या एक्ट्रेस नहीं, बल्कि ग्लोबल कल्चर की ध्वजवाहक माना जाता है। इसी बीच उनका नया गाना ‘ओ मामा! टेटेमा’ दुनियाभर के चार्ट्स पर धमाल मचा रहा है। यह ट्रैक स्पॉटिफ़ाई के ग्लोबल वायरल सॉन्ग्स चार्ट में 29वें पायदान तक पहुंच चुका है, जबकि भारत में यह चौथे स्थान पर है। इतनी बड़ी उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यह गाना सीमाओं से परे जाकर क्रॉसओवर हिट बन चुका है। नोरा ने भी सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि उन्हें लगता है यह गाना 2025 का सबसे बड़ा समर एंथम साबित होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इंस्टाग्राम पर इस गाने पर एक मिलियन से ज्यादा रील्स बनने वाली हैं। नोरा के मुताबिक, “यह मेरे लिए बहुत स्पेशल है। एक सिंगर और आर्टिस्ट के तौर पर इतना बड़ा रिस्पॉन्स मिलना मेरे करियर का अहम मोमेंट है।” जहां एक ओर यह गाना ग्लोबल चार्ट्स में धूम मचा रहा है, वहीं नोरा फिल्मी दुनिया में भी लगातार सक्रिय हैं। वह जल्द ही अपनी फिल्म ‘उफ्फ ये सियापा’ के साथ पर्दे पर नजर आएंगी। इसके अलावा वह ‘कांचना 4’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स से भी जुड़ी हुई हैं। लॉस एंजिल्स की इस वर्कशॉप में जिन फैन्स ने उनके साथ डांस किया, उनके लिए यह अनुभव अविस्मरणीय रहा। नोरा का सहज स्वभाव और फैन्स के प्रति अपनापन उन्हें औरों से अलग बनाता है।  

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की देरी पर जताया सख्त रुख

नई दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश अपलोड होने पर में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा ऐक्शन लिया है। शीर्ष अदालत ने जज के सचिव की स्टेनो बुक जब्त करने का निर्देश दे दिया, ताकि यह पता चल सके कि आदेश कब टाइप किया गया था और उसमें कब सुधार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करने के पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले को अपलोड करने में हुई देरी पर संज्ञान लेते हुए दिया। न्यायाधीश के सचिव की स्टेनो बुक जब्त करने का निर्देश दिया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आदेश कब टाइप किया गया था और उसमें कब सुधार किया गया था। मामले की जांच की जाए जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने इस बात पर गौर किया कि यह फैसला 31 जुलाई 2025 का था। 20 अगस्त तक इसे हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया। बेंच ने कहा कि मामले की विवेकपूर्ण जांच की जाए और आदेश को टाइप एवं अपलोड किए जाने के बारे में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) से रिपोर्ट हासिल की जाए। बेंच ने कहा कि 20 अगस्त को मामले पर विचार करते हुए उसने हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से रिपोर्ट मांगी थी। 29 अगस्त को मामले की सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि रिपोर्ट से ऐसा प्रतीत होता है कि रजिस्ट्रार जनरल ने 22 अगस्त को न्यायाधीश के सचिव से स्पष्टीकरण मांगा था। उसने कहा कि सचिव ने 22 अगस्त को स्पष्टीकरण दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि सचिव ने आदेश अपलोड किए जाने के समय के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने सिर्फ इतना बताया था कि न्यायाधीश एक अगस्त से 20 अगस्त के बीच कुछ चिकित्सा प्रक्रिया एवं सर्जरी से गुजरे थे। बेंच ने कहा कि सचिव की ओर से स्पष्टीकरण दिए जाने की तिथि पर आदेश अपलोड किया गया था। हालांकि, इस तथ्य का जिक्र उन्होंने ही किया था। उसने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह आदेश 31 जुलाई को पारित नहीं किया गया था, बल्कि वास्तव में यह हाई कोर्ट के आदेश के बाद दिया गया था। जब्त की जाए स्टेनो बुक बेंच ने कहा कि सचिव की स्टेनो बुक जब्त की जाए और पता लगाया जाए कि किस तारीख को आदेश टाइप किया गया और पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) पर इसमें सुधार किया गया। एक विवेकपूर्ण जांच की जाए और आदेश टाइप एवं अपलोड किए जाने के संबंध में एनआईसी से पीसी की रिपोर्ट ली जाए और उसे हलफनामे के साथ दाखिल किया जाए। शीर्ष अदालत ने एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत खारिज किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। उसने हरियाणा राज्य सहित सभी पक्षों को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की। बेंच ने निर्देश दिया कि इस बीच, अंतरिम उपाय के रूप में, फरीदाबाद में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, बशर्ते वह (याचिकाकर्ता) जांच में सहयोग करे। याचिकाकर्ता ने 20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि हाई कोर्ट की ओर से 31 जुलाई को पारित आदेश उसकी वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है।  

अस्पताल तक नहीं पहुंची एंबुलेंस, महिला ने सड़क पर ही जन्मा दिया बच्चा

विदिशा जिले के शमशाबाद तहसील क्षेत्र के बरखेड़ा जागीर में शनिवार रात को डिलीवरी के लिए अस्पताल जा रही एक महिला ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया। जानकारी के अनुसार गांव की 27 वर्षीय ममता बाई पति छगन सिंह बंजारा को प्रसव पीड़ा हुई तो ससुराल वाले उन्हें गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने निकले, लेकिन गांव का उप स्वास्थ्य केंद्र बंद मिला। इसके बाद महिला का पति और ससुर उसे मोटरसाइकिल से 15 किलोमीटर दूर शमशाबाद अस्पताल लेकर जा रहे थे। तभी रास्ते में गिरधर मार्केट पहुंचते ही महिला को तेज दर्द हुआ और वहीं प्रसव हो गया। आसपास मौजूद नागरिकों ने मदद कर एक लोडिंग वाहन की व्यवस्था की और मां-बच्ची को शमशाबाद के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल दोनों स्वस्थ हैं।   स्वास्थ्य केंद्र में लगे थे ताले, नहीं मिली मदद महिला के ससुर घीसा लाल बंजारा ने बताया कि रात में उनकी बहू को दर्द शुरू होने के बाद वह तुरंत गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां गेट पर ताला लगा हुआ था। पास के सरकारी क्वार्टर में रहने वाली सफाई कर्मी ने कहा कि अस्पताल बंद है आप शमशाबाद लेकर चले जाओ। घीसालाल ने कहा कि हमने उनसे एम्बुलेंस बुलाने या नंबर देने को कहा लेकिन नंबर भी नहीं दिया गया। जब रास्ते में डिलीवरी हो गई तब शमशाबाद का अस्पताल 2 किलोमीटर दूर था। वह मोटरसाइकिल से अस्पताल पहुंचे। वहां की स्टाफ नर्स से एक वाहन उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन स्टाफ नर्स ने भी मदद नहीं की। हमसे कहा गया कि अपनी व्यवस्था से मां और बच्ची को अस्पताल लेकर आ जाओ। तब जाकर वहां एक लोडिंग वाहन मिला, जिस पर मां और बच्ची को अस्पताल पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ को दिया नोटिस मामला सामने आने के बाद रविवार सुबह शमशाबाद तहसीलदार प्रेमलता पाल ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरखेड़ा जागीर का निरीक्षण किया। इस दौरान कर्मचारियों को 24 घंटे अस्पताल में रहने के निर्देश दिए, वही ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर नीतू राय ने स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।