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सावधान! जिंदगी को संवारने के साथ बर्बाद भी कर सकती हैं ये 2 आदतें

आम आदमी अपने दिन का पूरा समय इन दो जगहों पर बिताता है वो है घर या फिर दफ्तर में। जैसी व्यक्ति की संगति होती है वैसी ही उसकी मति हो जाती है। इसलिए जरूरी होता है कि व्यक्ति हमेशा अपने लिए सही वातावरण चुनना चाहिए, जिससे वह सही पथ पर चले। आचार्य प्रशांत के अनुसार, एक व्यक्ति किस आधार पर विवाह करता है या फिर कैसी संगति चुनता है। यह महत्व की बात है कि वह व्यक्ति किसके साथ रह रहा है। आप चाहे विवाह करके रह रहे हो या फिर बिना विवाह करके अपनी जीवन व्यय कर रहा हो। ऐसे में व्यक्ति को जरूर हमेशा याद रखना चाहिए कि वह अपने जीवनसाथी  का चयन किस आधार पर कर रहा है। हर एक छोटी बात जैसे कि वह व्यक्ति अब से लगातार मेरे कमरे में रहेगा? किसके शब्द लगातार पड़ने लग गए हैं तुम्हारे कानों में? इन चीजों को याद करके ही निर्णय लेना चाहिए। क्योंकि इसी बात पर तुम्हारी जिंदगी या तो बन जाएगी या बिल्कुल बर्बाद हो जाएगी। आचार्य प्रशांत आगे कहते हैं कि यहीं बात दफ्तर के लिए है कि दिन के आठ से दस घंटे आप किन लोगों की शक्लें देखते हैं या आर अपना बॉस बोलते हो, वो यूं ही है कोई सड़क का आदमी जो तुम्हारी जिंदगी पर अब अधिकार रखने लग गया है तो तुम बर्बाद हो जाओगे। यही बात दफ्तर के माहौल पर और धंधे की प्रकृति पर लागू होती है। तुम्हारी संस्था किस तरह का व्यवसाय करती है और तुम्हारे काम में किस तरह के लोग लगे हुए हैं?  ये कोई छोटी बात है क्या? यही तो जिंदगी है । एक व्यक्ति दिनभर की रोजमर्रा वाली जिंदगी में क्या देख रहा है? क्या सुन रहे हो? क्या खा रहा है? क्या पी रहे हो? क्या सोच रहे हो? किस दिशा में कर्म कर रहे हो? कहां से तुम्हारी प्रेरणाएं आ रही हैं? हर एक चीज को व्यक्ति को साधारण लेना चाहिए। किसी भी चीज को ज्यादा महत्व देने से बचना चाहिए। क्योंकि अगर व्यक्ति इन दो मुद्दों शादी और नौकरी के प्रति अति गंभीर रहेगा।  अगर आपने दोनों परीक्षाएं पार कर लीं वो जीवन में उत्तीर्ण हो गया। ऐसे में व्यक्ति को हर काम में सफलता पाने के साथ तनावमुक्त जीवन जिएंगा।  

चिराग पासवान की शर्तों से NDA में खींचतान, बिहार चुनावी रणनीति पर संकट

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही NDA के भीतर सीट बंटवारे पर खींचतान तेज हो गई है। जदयू और भाजपा के बीच सीटों का बंटवारा लगभग तय है, लेकिन लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपनी मांग से पूरे समीकरण को उलझा दिया है। जानकारी के मुताबिक एनडीए कोऑर्डिनेशन कमेटी ने JDU को 102, BJP को 101, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को 10 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 10 सीटें देने पर सहमति बना ली है। वहीं, लोजपा (रामविलास) को 20 सीटें दी जा रही हैं, लेकिन चिराग पासवान  इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी पार्टी 40 से ज्यादा सीटों की दावेदारी पेश कर रही है। बहनोई के जरिए NDA पर बना रहे दबाव चिराग पासवान ने अपने बहनोई और जमुई से सांसद अरुण भारती को आगे कर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है। अरुण भारती ने तो 43 से 103 सीटों तक की मांग रखकर NDA की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग पासवान का यह रुख उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा रखने के लिए है। वहीं, जदयू किसी भी हालत में उन्हें बड़ी हिस्सेदारी देने को तैयार नहीं है। भाजपा की ओर से कोशिशें जारी हैं कि चिराग को समझाकर समझौते पर लाया जाए। 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान गौरतलब है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने 145 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी। हालांकि उस चुनाव में जदयू की स्थिति कमजोर हुई और उसकी संख्या 71 से घटकर 41 रह गई। तब जदयू ने भी माना था कि लोजपा ने उसके प्रदर्शन को नुकसान पहुंचाया। लोजपा की स्थापना 2003 में हुई थी और उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन फरवरी 2005 में रहा, जब 178 सीटों पर चुनाव लड़कर 29 विधायक जीते थे और 12.62 प्रतिशत वोट हासिल किया था। रामविलास पासवान की विरासत संभाल रहे चिराग अब एनडीए में अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले सीट बंटवारे का फार्मूला तय करना एनडीए के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

ढलती उम्र के साथ ही लटकने लगी है स्किन, तो ये होममेड सीरम लौटाएंगे आपकी खोई हुई जवानी

बढ़ती उम्र, तनाव, प्रदूषण और खराब जीवनशैली के कारण त्वचा अपनी कसावट और चमक खोने लगती है। ऐसे में, ढीली और बेजान त्वचा को फिर से जवां बनाने के लिए केमिकल-युक्त प्रोडक्ट्स के बजाय घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करना एक बेहतर विकल्प है। घर पर बने सीरम, प्राकृतिक सामग्रियों से भरपूर होते हैं, जो त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं और उसे कसने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं कुछ आसान और असरदार होममेड सीरम के बारे में, जो आपकी ढलती हुई त्वचा में जान फूंक सकते हैं। 1. एलोवेरा और विटामिन-ई सीरम एलोवेरा जेल त्वचा को नमी देता है और विटामिन-ई एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना है, जो मुक्त कणों (free radicals) से लड़कर त्वचा को जवां बनाए रखता है। बनाने का तरीका: दो चम्मच एलोवेरा जेल में दो विटामिन-ई कैप्सूल का तेल मिलाएं। इस्तेमाल: रात में सोने से पहले इस मिश्रण को चेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें। 2. ग्रीन टी और एलोवेरा सीरम ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को डिटॉक्स करते हैं और ढीली त्वचा में कसाव लाते हैं। बनाने का तरीका: एक ठंडी ग्रीन टी में एक चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं। इस्तेमाल: इस सीरम से चेहरे पर हल्की मालिश करें। 3. गुलाबजल और ग्लिसरीन सीरम गुलाबजल त्वचा को टोन करता है और ग्लिसरीन त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करता है। यह कॉम्बिनेशन त्वचा को नरम, चमकदार और कसा हुआ बनाता है। बनाने का तरीका: दो चम्मच गुलाबजल में एक चम्मच ग्लिसरीन मिलाएं। इस्तेमाल: इस सीरम को रात में चेहरे पर लगाकर छोड़ दें। 4. हयालूरोनिक एसिड और गुलाबजल सीरम हयालूरोनिक एसिड त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है और उसकी लोच बनाए रखता है, जिससे झुर्रियां कम होती हैं। बनाने का तरीका: एक चम्मच हयालूरोनिक एसिड में दो चम्मच गुलाबजल मिलाएं। इस्तेमाल: इसे चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथों से थपकी दें ताकि यह त्वचा में समा जाए। 5. एलोवेरा और शहद सीरम शहद में एंटीऑक्सीडेंट्स और मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं, जो एलोवेरा के साथ मिलकर त्वचा को पोषण देते हैं और उसे कसते हैं। बनाने का तरीका: एक चम्मच एलोवेरा जेल में एक चम्मच शहद मिलाएं। इस्तेमाल: इसे चेहरे पर लगाकर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें, फिर धो लें। 6. चंदन और गुलाबजल सीरम चंदन में त्वचा को ठंडक और कसावट देने वाले गुण होते हैं, जो इसे गर्मियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं। बनाने का तरीका: एक चम्मच चंदन पाउडर में दो चम्मच गुलाबजल मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं। इस्तेमाल: इसे चेहरे पर लगाकर सूखने दें, फिर ठंडे पानी से धो लें। इन प्राकृतिक सीरम का नियमित उपयोग आपकी त्वचा को प्राकृतिक चमक और कसावट वापस लाने में मदद कर सकता है। लेकिन ध्यान रहे, किसी भी नए नुस्खे का इस्तेमाल करने से पहले अपनी त्वचा के एक छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें।  

वॉटर स्पोर्ट्स शो में खिलाड़ियों ने बड़े तालाब में दिखाये करतब

भोपाल  राष्ट्रीय खेल दिवस के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय खेल महोत्सव का समापन रविवार को राजधानी भोपाल में फिट इंडिया साइकिल रैली और वॉटर स्पोर्ट्स शो के साथ हुआ। साइकिल रैली का नेतृत्व सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने किया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा भारतीय खेल प्रधिकरण भोपाल शाखा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित साइकिल रैली का शुभारंभ वीआईपी रोड स्थित राजाभोज प्रतिमा से हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में साइकिलिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली वीआईपी रोड होते हुए लेक व्यू स्थित वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी तक पहुँची। पूरे मार्ग में फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और अनुशासन का संदेश जन-जन तक पहुँचाया गया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश को फिट इंडिया मूवमेंट का आहवान किया था और उनका मंत्र है “फिट इंडिया से ही हिट इंडिया होगा”। “संडे ऑन साइकिल” कार्यक्रम ने उसी संदेश को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय इस खेल महोत्सव के दौरान पूरा प्रदेश खेलमय हो गया और राजधानी भोपाल ने इस आयोजन के माध्यम से पूरे देश को स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया है। मंत्री श्री सारंग ने साइकिल राइडर एसोसिएशन को बधाई देते हुए कहा कि साइकिल चलाना केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली में अनुशासन और संतुलन लाने वाला साधन है। प्रदेश में हम साइकलिंग को और बढ़ावा देने के लिये सार्थक प्रयास करेंगे। साइकिल रैली के समापन पर वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी में भव्य जल क्रीड़ा गतिविधियों का आयोजन हुआ। यहाँ खिलाड़ियों ने बड़े तालाब में अपने खेल कौशल का रोमांचक प्रदर्शन किया। कायकिंग, कैनोइंग, स्लैलम और सेलिंग जैसी प्रतियोगिताओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने राजधानी में खेल महोत्सव के समापन को यादगार बना दिया और यह आयोजन लंबे समय तक खेल प्रेमियों की स्मृतियों में अंकित रहेगा। इस अवसर पर भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक श्री राकेश गुप्ता, उप निदेशक श्री बी.एस. यादव, भारतीय खेल प्राधिकरण के मध्य क्षेत्रीय केन्द्र भोपाल के क्षेत्रीय निदेशक श्री अभिषेक सिंह चौहान सहित विभागीय अधिकारी, खेल संगठन और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। 

महुआ मोइत्रा पर पुलिस ने दर्ज की FIR, अमित शाह पर विवादित बयान के कारण

रायपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित बयान के मामले में TMC सांसद महुआ मोइत्रा फंस गई हैं, जहां उन पर एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 197 के तहत माना कैंप पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। उनकी टिप्पणी से छत्तीसगढ़ में विरोध तेज हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे विपक्ष की दूषित मानसिकता का परिचायक बताते हुए कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर की गई टिप्पणी नहीं, बल्कि पूरे देश की गरिमा और राष्ट्रीय चेतना पर हमला है। न केवल यह आपत्तिजनक है, बल्कि यह गंभीर आपराधिक कृत्य है।   गृहमंत्री देश की सुरक्षा और एकता के सर्वोच्च प्रहरी हैं और उन पर इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी वास्तव में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अपमान है। विपक्ष किस प्रकार राजनीति में निम्न स्तर तक गिर चुका है और किस प्रकार व्यक्तिगत आक्षेपों के माध्यम से लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा को लगातार ठेस पहुंचाई जा रही है। टूलकिट एजेंडे पर अमल कर रहा विपक्ष भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पांडेय ने भी इसे गंभीर अपराध मानते हुए, विपक्ष पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल देश में अराजकता फैलाने के अपने टूलकिट एजेंडे पर अमल कर रहे हैं। बिहार में राहुल गांधी की सभा के मंच से प्रधानमंत्री व उनकी स्वर्गस्थ माताजी के लिए अश्लील टिप्पणी के बाद टीएमसी सांसद मोइत्रा ने यह कहकर विपक्ष की कलुषित मानसिकता का परिचय दिया है। एफआइआर दर्ज करने सौंपा ज्ञापन रायपुर में गोपाल सावनेर, गोपाल सामंतो और अंजना गाइन ने पुलिस अधीक्षक के नाम माना पुलिस थाना प्रभारी को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपकर टीएमसी सांसद मोइत्रा के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने इसे देशद्रोह की संज्ञा देते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत की जांच शुरू कर दी है।

खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में मध्यप्रदेश द्वारा सबसे अधिक मेडल जीतने पर दी बधाई

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों को स्वदेशी अपनाने के लिए किया प्रेरित एक ही रास्ता आत्मनिर्भर भारत, एक ही लक्ष्य विकसित भारत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना जिले के पिपरसेवा में किया मन की बात कार्यक्रम का श्रवण भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश की खेल उपलब्धियों को मन की बात कार्यक्रम में दो बार उल्लेख किया। उन्होंने देश के पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में मध्यप्रदेश द्वारा सबसे अधिक मेडल जीतने पर बधाई दी। साथ ही शहडोल जिले में फुटबॉल के क्रेज और उसके प्रति जर्मनी के कोच द्वारा रूचि लेने और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की भावना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का मुरैना जिले के पिपरसेवा में श्रवण किया। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और स्थानीय रहवासी उपस्थित थे। श्रीनगर की डल झील में हुआ देश का पहला वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश में पहला खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल श्रीनगर की डल झील में हुआ। जहाँ महिला एथलेटिस भी पीछे नहीं रही उनकी भागीदारी भी लगभग पुरुषों के बराबर थी। मैं उन सभी खिलाड़ियों को बधाई देना चाहता हूँ जिन्होंने इसमें भाग लिया। विशेष बधाई मध्यप्रदेश को, जिसने सबसे ज्यादा मेडल जीते। उसके बाद हरियाणा और उड़ीसा का स्थान रहा। शहडोल के फुटबॉल खिलाड़ियों को जर्मनी में मिलेगा प्रशिक्षण प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जर्मनी के फुटबॉल कोच के शहडोल जिले के फुटबॉल खिलाड़ियों से जुड़ने का प्रसंग मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों से साझा किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बताया कि एक पॉडकास्ट में उन्होंने मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में फुटबॉल के क्रेज से जुड़े एक गांव का वर्णन किया था। यही बात जर्मनी के फुटबॉल खिलाड़ी और कोच श्री डिडमार बायर डार्फड ने सुनी। शहडोल के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों की रूचि और प्रतिभा ने फुटबॉल कोच को प्रभावित किया। किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि शहडोल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी दूसरे देशों को भी आकर्षित करेंगे। अब जर्मनी के कोच ने शहडोल के कुछ खिलाड़ियों को जर्मनी की एक ट्रेनिंग एकेडमी में ट्रेनिंग देने की पेशकश की है। मध्यप्रदेश की सरकार ने भी उनसे संपर्क किया है। जल्द ही हमारे कुछ युवा साथी फुटबॉल का प्रशिक्षण लेने के लिए जर्मनी जाएंगे। भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता बढ़ रही है। देशवासियों से अपील है कि वे एक बार शहडोल जरूर जाएं और वहां हो रहे स्पोर्टिंग रिवोल्यूशन को करीब से जरूर देखें।" भारत में विकास की अनंत संभावनाएं छुपी हैं। विचारपुर के चार खिलाड़ी और एक कोच जर्मनी में लेंगे प्रशिक्षण उल्लेखनीय है कि मिनी ब्राजील के नाम से प्रसिद्ध शहडोल के ग्राम विचारपुर की गूंज पूरे विश्व में सुनाई दे रही है। यह गौरव विचारपुर के फुटबॉल खिलाड़ियों की लगन, समर्पण और कड़ी मेहनत का नतीजा है। फुटबॉल कोच श्री रईस अहमद ने बताया कि आगामी दिनों में 2 बालक फुटबॉल खिलाड़ी, 2 बालिका फुटबॉल खिलाड़ी एवं 1 फुटबॉल कोच जर्मनी अकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि जर्मनी में होने वाला यह प्रशिक्षण खिलाड़ियों और कोच को न केवल आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्रदान करेगा बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार भी करेगा। विचारपुर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मेहनत, जुनून और सही दिशा में प्रयास करने से ग्रामीण प्रतिभाएँ भी विश्व पटल पर अपनी पहचान बना सकती हैं। गणेश उत्सव पर स्वदेशी अपनाने का दिया संदेश प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों को गणेश उत्सव पर स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक ही मंत्र 'वोकल फॉर लोकल', एक ही रास्ता 'आत्मनिर्भर भारत', एक ही लक्ष्य 'विकसित भारत' के भाव को लेकर हमें आगे चलना है। वॉटर स्पोर्ट्स में स्वर्ण पदक विजेता श्री मोहसिन ने किया भोपाल का उल्लेख प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि खेल एक भारत श्रेष्ठ भारत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले श्री मोहसिन से चर्चा की। एथलीट मोहसिन ने बताया कि वॉटर स्पोर्ट्स के सिलसिले में वे भोपाल भी आए हैं। मोहसिन ने कहा कि ओलम्पिक में मेडल जीतना और देश के लिए नेशनल एंथम बजवाना ही उनका सपना है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्राकृतिक आपदा, प्रतिभा सेतु एप सहित अन्य विषयों पर की चर्चा प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सिविल सेवा परीक्षा के विद्यार्थियों के लिए आरंभ किए गए डिजिटल प्लेटफार्म प्रतिभा सेतु के संबंध में जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने मानसून से आई प्राकृतिक आपदाओं और ऐसी स्थिति में सेना, स्थानीयजन, सामाजिक कार्यकर्ता व प्रशासन द्वारा मानवीयता के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सूरत में रहने वाले जीतेन्द्र सिंह राठौर द्वारा शहीदों की तस्वीरों के संग्रहण, सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग, इंजीनियर्स डे, विश्वकर्मा पूजा, हैदराबाद लिब्रेशन डे, लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल, कनाडा के मिसीसागार में प्रभु श्रीराम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा तथा इटली के शहर कैम्प-रोतोंदो में महर्षि वाल्मीकि जी की प्रतिमा के अनावरण तथा रूस के व्लादीवोस्टोक में रामायण के अलग-अलग प्रसंगों पर बनाई गए चित्रों पर आयोजित प्रतियोगिता के संबंध में भी चर्चा की।  

खाटू श्याम जाने का बना रहे हैं मन, तो जरूर ध्यान रखें ये बातें

आज हम आपको खाटू श्याम मंदिर से जुड़ी कुछ जरूरी बातें बताने जा रहे हैं। इन बातों का ध्यान रखते हुए अगर आप खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए जाते हैं, तो इससे आपको दर्शन का पूरा लाभ मिलता है। चलिए जानते हैं इस बारे में। इस जगहों पर जरूर लगाएं हाजिरी कई भक्त खाटू श्याम मंदिर जाते समय रिंगस निशान उठाकर मंदिर तक पैदल यात्रा करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से खाटू श्याम जी अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसके साथ ही खाटू श्याम मंदिर से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी श्याम कुंड स्थापित है, जिसमें स्नान करने का विशेष महत्व है। इस कुंड में स्नान किए बिना खाटू श्याम मंदिर की यात्रा अधूरी मानी जाती है। ऐसे में अगर आप खाटू श्याम जी के मंदिर जा रहे हैं, तो इस स्थानों के भी दर्शन जरूर करने चाहिए। किस दिन दर्शन करना है शुभ हर महीने की एकादशी और द्वादशी तिथि पर खाटू श्याम जी के दर्शन करना काफी शुभ माना गया है। विशेषकर फाल्गुन माह में आने वाली आमलकी एकादशी के दिन खाटू श्याम मंदिर में दर्शन करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है, क्योंकि भक्त इस दिन को खाटू श्याम जी के जन्मदिवस के रूप में मनाते हैं। वहीं कुछ अन्य मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक महीने में आने वाली देवउठनी एकादशी को भी खाटू श्याम जी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में आप इन खास दिनों पर बाबा के दर्शन के लिए जा सकते हैं। खाटू श्याम जी को अर्पित करें ये चीजें खाटू श्याम जी को गुलाब, इत्र और नारियल अर्पित करने की परंपरा है। ऐसे में आप मंदिर में दर्शन के लिए जाते समय ये चीजें चढ़ा सकते हैं। इसी के साथ भोग के रूप में आप खाटू श्याम जी को गाय के दूध से बनी मिठाई, खीर और चूरमा जरूर अर्पित करें। ये भोग खाटू श्याम जी को बहुत प्रिय हैं। साथ ही यह भी मान्यता है कि श्याम बाबा को खिलौने अर्पित करने से साधक को संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है।  

हरियाणा में सुरक्षा बढ़ाने के लिए दो खास बटालियन तैयार करेगा राज्य

हरियाणा   हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में हरियाणा आपदा राहत बल की दो बटालियन बनाई जाएगी, जो राज्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने और लोगों की सहायता के लिए काम करेगी। इसके अलावा, जिला जींद में बनने वाले फायर एवं डिजास्टर ट्रेनिंग इंस्टीटयूट का शिलान्यास जल्द किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। नायब सिंह सैनी ने कहा कि फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की रिन्यूअल के लिए एनओसी आवदेन करते ही ऑटोमैटिक मिल जाएगी। लेकिन रिन्यूअल होने के बाद विभाग के अधिकारी 15 दिन में रैन्डम चैक करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही और समय सीमा तय की जाए। साथ ही फायर एनओसी को सीएम डैशबोर्ड के साथ जोड़ा जाए।  मुख्यमंत्री ने फायर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंडिंग एनओसी रखने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई तकनीक से लैस 101 मीटर वाली अग्निशमन की दो गाड़ियां जल्द ही खरीदी जाएं। साथ ही हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की 13 अग्निशमन वाहन, जो विभिन्न मीटर के होंगे तथा 250 अग्निशमन वाहन भी खरीदे जाएंगे, जो ब्लॉक लेवल तक होंगे। इसके अलावा, फायर गाड़ियों में लगे पानी के पाइप की क्षमता को एक हजार मीटर तक बढ़ाया जाए ताकि भीड़भाड वाले क्षेत्रों में आपदा के दौरान यह काम आ सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला जींद में बनने वाले फायर एवं डिजास्टर ट्रेनिंग इंस्टिटयूट में एनडीआरएफ के मानदंडों के तहत कार्य होंगे और भूकंप, आग, बाढ़ आदि आपदा से संबंधित ट्रेनिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश में जितने भी तैराक है उनका डाटा तैयार कर एक पोर्टल बनाया जाए। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश में फायर स्टेशन खोलने के लिए मैपिंग करवाई गई थी, जिसके तहत प्रदेश में 59 नए फायर स्टेशन खोले जाएंगे। इसके अलावा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि 10 आधुनिक फायर फाइट रोबोट भी जल्द खरीदे जाए। इनका पायलट के तौर उपयोग किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अग्निशमन सेवाएँ, हरियाणा के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव राहुल हुड्डा सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- औद्योगिक और ऊर्जा क्रांति का आधार बनेगी नई हाइड्रोजन निर्माण इकाई

चंबल के बीहड़ अब बन रहे विकास और प्रगति की नई पहचान मुरैना उभर रहा है औद्योगिक हब के रूप में मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से किया संवाद और वितरित किए आशय-पत्र ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अप्रैल 2024 से अब तक 220 औद्योगिक इकाइयों को भूमि हुई आवंटित, 21 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुरैना के पिपरसेवा में हो रहा हाईड्रोजन निर्माण इकाई का भूमिपूजन नई औद्योगिक क्रांति, नई ऊर्जा क्रांति और नए मध्यप्रदेश की नींव है। मुरैना की ऐतिहासिक धरती पर स्थापित हो रही यह इकाई ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की नई विकास यात्रा का प्रतीक बनेगी। चंबल की भूमि उपजाऊ और कमाऊ होने के साथ ही टिकाऊ भी है। मुरैना जो कभी बीहड़ों के कारण जाना जाता था, आज विकास और प्रगति की नई पहचान बना रहा है। मुरैना अब सिर्फ कृषि प्रधान जिला नहीं रहा बल्कि औद्योगिक हब के रूप में भी उभर रहा है। मुरैना की गजक ग्लोबली ट्रेंड हो रही है। देश की संसद के पुराने भवन का डिजाइन भी मुरैना के मितावली मंदिर से लिया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुरैना जिले के पिपरसेवा में जीएचटू सोलर लिमिटेड की हाईड्रोजन निर्माण इकाई के भूमि-पूजन अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उद्योगपतियों से संवाद कर आशय-पत्र भी वितरित किए। देश को ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी एनर्जी स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ेगी यह इकाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी किसानों, गरीबों और लघु उद्यमियों के लिए स्वदेशी की लड़ाई लड़ रहे हैं। राज्य सरकार और प्रदेशवासी पूरी प्रतिबद्धता से उनके साथ हैं। मुरैना में आरंभ हो रही हाईड्रोजन इकाई में कोरिया और ब्रिटेन की अग्रणी कम्पनियां तकनीकी सहयोग कर रही हैं। निकट भविष्य में इससे ग्रीन हाईड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना से लगभग 500 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, साथ ही रोजगार के कई अप्रत्यक्ष अवसर भी सृजित होंगे। सात एकड़ भूमि पर बनने वाली यह परियोजना पूरे देश को ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी एनर्जी स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत 21वीं सदी की वैश्विक विकास यात्रा का इंजन बना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत पूरी दुनिया में एक नए आत्मविश्वास और क्षमता के साथ उभर रहा है। जी20 की सफल अध्यक्षता हो, इंडिया-मीडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमी कॉरिडोर जैसी ऐतिहासिक पहल हो या यूनाईटेड किंगडम के साथ हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, हर जगह भारत केवल सहभागी नहीं बल्कि मार्गदर्शक राष्ट्र के रूप में खड़ा है। वर्तमान में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और हम प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में तेजी से तीसरे स्थान की ओर अग्रसर हैं। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने भारत को 21वीं सदी की वैश्विक विकास यात्रा का इंजन बना दिया। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र इतिहास और संस्कृति के साथ निवेश-नवाचार और ग्रीन एनर्जी का भी केन्द्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र इतिहास और संस्कृति के प्रतीक होने के साथ निवेश, नवाचार और ग्रीन एनर्जी का भी केन्द्र हैं। यहां उद्योग, पर्यटन, संस्कृति और तकनीक सभी का संगम है। हाल ही में ग्वालियर में हुई रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3 हजार 500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस क्षेत्र में अप्रैल 2024 से अब तक 220 इकाइयों को भूमि आवंटित हुई है। जिनमें 12 हजार 500 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा, जिससे 21 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। सीतापुर में फुटवियर एंड एक्सेसरीज क्लस्टर का विकास कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिसमें लगभग 300 करोड़ रूपए का निवेश और 1200 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मालनपुर में एलेक्ज़र इंडस्ट्रीज ने 1500 करोड़ रूपए का निवेश किया है। गौतम सोलर प्रायवेट लिमिटेड 4 हजार करोड़ रूपए के निवेश से सोलर सेल निर्माण इकाई स्थापित कर रही है। राज्य सरकार ने ग्वालियर-चंबल में औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों की श्रृंखला विकसित की है। राज्य सरकार कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने है प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि राज्य सरकार किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही प्रदेश के किसानों के लिए बड़ा आयोजन होने वाला है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और दुग्ध उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग केलिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में गढ़ रहा है नए कीर्तिमान : विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मुरैना के विकास के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3500 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है। चंबल क्षेत्र में लेदर पार्क की स्थापना हुई है, जिसके लिए उद्योग समूहों द्वारा रूचि प्रकट की जा रही है। कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, ग्रीन हाईड्रोजन फैक्ट्री के सूत्रधार श्री अनुराग जैन सहित अनेक उद्यमी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। शनिचरा मंदिर के नवनिर्मित तोरण द्वार का किया उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना स्थित असीम आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र शनिचरा मंदिर पहुंचकर मंदिर के नवनिर्मित तोरण द्वार का फीता काटकर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने न्याय के देवता शनि महाराज की मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अभिषेक किया और प्रदेश की उत्तरोत्तर तरक्की एवं प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।

खाना खाते समय की ये छोटी गलती बना सकती है मां लक्ष्मी को नाराज़

वास्तु शास्त्र का संबध न केवल घर के निर्माण से जुड़ा हुआ होता, बल्कि हमारे दैनिक जीवन की आदतों पर भी असर डालता है। आज कल लोग कहीं पर भी बैठकर भोजन करते हैं, जिसका हमारे जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। भोजन करने  की सही दिशा और स्थान का बहुत खास महत्व है। ऐसा माना जाता है कि यदि हम गलत जगह पर भोजन करते हैं, तो इससे न केवल सेहत पर असर पड़ता है, बल्कि घर की सुख-समृद्धि भी प्रभावित हो सकती है। साथ ही और इसका सीधा असर मां लक्ष्मी की कृपा पर पड़ता है। तो आइए जानते हैं कौन सी जगहों पर बैठकर भोजन करने से बचना चाहिए। सीढ़ियों पर या उसके नीचे भोजन वास्तु के अनुसार, सीढ़ियां घर के ऊर्जावान मार्गों में से एक हैं। वहां भोजन करना या भोजन रखना भी अशुभ माना जाता है। इससे घर के सदस्यों की तरक्की में रुकावट आ सकती है। टॉयलेट या उसके पास भोजन करना शौचालय गंदगी और नकारात्मक ऊर्जा का स्थान होता है। वास्तु के अनुसार, उसके पास या उसके भीतर कभी भोजन नहीं करना चाहिए। इससे सेहत खराब होती है और घर में दरिद्रता आ सकती है। बिस्तर पर बैठकर भोजन करना वास्तु शास्त्र के अनुसार, बिस्तर पर बैठकर खाना खाने से आलस्य बढ़ता है और स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। साथ ही यह स्थान विश्राम का होता है, न कि भोजन का। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है। पूजा स्थान में भोजन करना जहां पूजा-पाठ होता है, वहां भोजन करना वास्तु के अनुसार अशुद्ध माना जाता है। इससे देवी-देवताओं का अपमान होता है और धन की देवी लक्ष्मी नाराज़ हो सकती हैं।