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कावेरी कपूर का नया सफर! चुनौतीपूर्ण रियलिटी शो में दिखेगा दमखम

मुंबई,  आजकल बहुमुखी प्रतिभा की धनी कलाकार कावेरी कपूर सुर्खियों में हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण रियलिटी शो में हिस्सा लेने के लिए अप्रोच किया गया है। शो का फॉर्मेट प्रतिभागियों की मानसिक मजबूती और व्यक्तिगत रिश्तों की परीक्षा लेता है। हर वक्त बदलते हालात प्रतिभागियों को नए फैसले लेने के लिए मजबूर करते हैं। ऐसे माहौल में रहना आसान नहीं होता और यही इस शो की खासियत है। इस शो में वही लोग सफल हो पाते हैं जिनमें धैर्य, आत्मविश्वास और मजबूत मानसिकता होती है। ऐसे में कावेरी का नाम सामने आने से प्रशंसकों में उत्सुकता बढ़ गई है। कावेरी कपूर, जो गायिका, गीतकार, कवयित्री और अभिनेत्री के रूप में अपनी एक अलग पहचान बना चुकी हैं, अपने करियर को बहुत सोच-समझकर आगे बढ़ाती रही हैं। उनका बॉलीवुड डेब्यू ‘बॉबी और ऋषि की लव स्टोरी’ ने उन्हें दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाया था। इसके अलावा उन्होंने अपनी आवाज और लेखन से भी अलग पहचान बनाई। अब अगर वह इस चुनौतीपूर्ण रियलिटी शो में हिस्सा लेती हैं, तो यह उनके करियर का नया मोड़ साबित हो सकता है। हालांकि कावेरी या उनकी टीम की ओर से इस खबर की पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक, शो मेकर्स उनसे लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शो की लोकप्रियता और इसकी कठिनाई स्तर को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि इसमें हिस्सा लेना किसी भी सेलिब्रिटी के लिए आसान निर्णय नहीं है। कावेरी की लोकप्रियता सोशल मीडिया पर भी लगातार बढ़ रही है। उनकी रचनात्मकता और साफ-सुथरी छवि उन्हें युवाओं का आइकन बनाती है। यही वजह है कि अगर वह इस शो में उतरती हैं तो दर्शकों के बीच आकर्षण का बड़ा केंद्र बनेंगी। उनकी पर्सनालिटी, आत्मविश्वास और सोच इस शो की थीम के साथ अच्छी तरह मेल खा सकती है। इसके साथ ही कावेरी की झोली में पहले से कई प्रोजेक्ट्स मौजूद हैं। वह फिल्म ‘मासूम 2’ में नजर आने वाली हैं, जिसकी चर्चा अभी से हो रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वह इतने व्यस्त शेड्यूल के बीच इस रियलिटी शो को समय देंगी या नहीं। कुल मिलाकर, कावेरी कपूर का नाम इस शो के साथ जुड़ना ही फैंस के बीच उत्साह पैदा कर चुका है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या वह इस चुनौती को स्वीकार कर दर्शकों को अपनी नई छवि दिखाने का फैसला लेंगी। बता दें कि यह शो टेलीविज़न पर हाल के वर्षों में मानसिक और भावनात्मक रूप से सबसे कठिन रियलिटी शोज़ में गिना जाता है, जहाँ प्रतियोगियों को लगातार बदलते समीकरणों और पावर डायनामिक्स का सामना करना पड़ता है।  

मध्यप्रदेश में पहली बार स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड्स, सीएम डॉ. यादव ने किया ऐलान

मध्यप्रदेश में भी दिये जायेंगे स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड्स : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में पहली बार स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड्स, सीएम डॉ. यादव ने किया ऐलान भोपाल में क्रिएटर्स समिट – 2025 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए क्रिएटर्स अवार्ड्स भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज हम डिजिटल युग में जी रहे हैं। सूचनाओं और घटनाओं का प्रसार बड़ी तेजी से होता है। ऐसे दौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि आप लोग जो भी कंटेंट वायरल करेंगे, वही समाज तक पहुंचेगा। इसलिए अपने प्रभाव और ताकत का समाजहित में सही दिशा में सदुपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि सभी क्रिएटर्स को अपने दायित्व को समझते हुए अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल समाज और देश के विकास में करना चाहिए। यही सच्ची समा सेवा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की पहुंच और प्रभाव का उपयोग शासकीय योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में किया जा सकता है। इसीलिए हमारे सरकार प्रदेश में सोशल मीडिया के जरिए पब्लिक नेटवर्किंग को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिएटर्स से कहा कि वे सरकार के कामों को भी जनता तक पहुंचाये, सरकार क्रिएटर्स को सभी जरूरी मदद और सुविधाएं प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि अब मध्यप्रदेश में स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड दिए जायेंगे। इसकी रूपरेखा जल्द ही तैयार की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार की रात भोपाल के एक निजी होटल में आयोजित भोपाल क्रिएटर्स समिट – 2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां क्रिएटर्स द्वारा आयोजित टाक शो में भी हिस्सा लिया। टॉक शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में सोशल मीडिया से जुड़े क्रिएटर्स को सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। समिट में प्रदेश भर से आए यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल आर्टिस्ट्स ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर कंटेंट मॉनेटाइजेशन, ऑडियंस इंगेजमेंट और डिजिटल दुनिया के नए ट्रेंड्स पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 प्रकार की अवार्ड कैटेगरी में बेस्ट परफॉर्मर क्रिएटर्स को ‘क्रिएटर्स अवार्ड्स’ भी प्रदान किए। समिट में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि क्रिएटर्स ने दुनिया की सोच बदल दी है। ये एक नई तरह की आरेन्ज इकानामी है जो अब दुनिया में 6 ट्रिलियन डातर की हो गई है। उन्होंने कहा कि आप अपनी क्रियेटिव सोच के साथ आगे बढ़, सरकार आपके अच्छे काम में आपके साथ है। कार्यक्रम में डिजिटल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले क्रिएटर्स को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मयंक तिवारी, नमन देशमुख सहित बड़ी संख्या में युवा इन्फ्लुएंसर्स, डिजिटल आर्टिस्ट्स और कंटेंट क्रिएटर्स मौजूद थे। 

बड़े त्योहार पर यात्रा आसान, रेलवे ने शुरू की 150 पूजा स्पेशल ट्रेनें

नर्मदापुरम  त्योहारों का मौसम शुरू होते ही रेल यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जाती है। इसी बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए, भारतीय रेल ने यात्रियों की सुविधा के लिए हजारों विशेष ट्रेन सेवाओं के संचालन का फैसला लिया है। बिहार जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए ही 12 हजार से अधिक ट्रेनों को चलाने की योजना बनाई जा चुकी है। जिन ट्रेनों के संचालन की योजना बन चुकी है उनका नोटिफिकेशन भी अब जारी किया जाना प्रारंभ हो चुका है। 21 सितंबर से 30 नवंबर तक कुल 150 पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है जिनके माध्यम से कुल 2024 अतिरिक्त फेरे (ट्रिप्स) सुनिश्चित किए जाएंगे। भारतीय रेल द्वारा यह निर्णय त्योहारों के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और उन्हें अपने प्रियजनों के साथ उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। विशेष रूप से उत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के बड़े स्टेशनों से चलने वाली इन ट्रेनों से महानगरों और ग्रामीण इलाकों के बीच बेहतर संपर्क सुनिश्चित किया गया है।   रेल प्रशासन द्वारा आगामी त्यौहारों को देखते हुए एवं यात्रियों की सुविधा तथा उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से मौजूदा कोच संरचना, पथ और समय पर स्पेशल ट्रेनों के फेरों को विस्तारित किया गया है। 09025 वलसाड-दानापुर स्पेशल 29 दिसंबर, 09026 दानापुर – वलसाड स्पेशल को 30 दिसंबर, 09031 उधना-जयनगर स्पेशल को 28 दिसंबर, 09032 जयनगर-उधना स्पेशल को 29 दिसंबर, 09039 उधना-धनबाद स्पेशल को 26 दिसंबर, 09040 धनबाद-उधना स्पेशल को 28 दिसंबर, 09045 उधना-पटना स्पेशल को 26 दिसंबर, 09046 पटना-उधना स्पेशल को 27 दिसंबर, 09343 डॉ. अंबेडकर नगर – पटना स्पेशल को 25 दिसंबर, 04156 उधना – सूबेदारगंज स्पेशल को 30 दिसंबर, 04155 सूबेदारगंज – उधना स्पेशल को 29 दिसंबर, 09043 बांद्रा टर्मिनस-बढ़नी स्पेशल को 28 दिसंबर तक चलेगी। रानी कमलापति से चलेंगी ये ट्रेनें दुर्गा पूजा, दिवाली एवं छठ पूजा त्यौहारों के पर्व पर अतिरिक्त यात्री यातायात को क्लीयर करने एवं यात्रियों की सुविधा के लिए रानी कमलापति-दानापुर-रानी कमलापति के मध्य द्वि-साप्ताहिक 11-11 ट्रिप पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह गाड़ी पश्चिम मध्य रेल के रानी कमलापति से प्रस्थान कर नर्मदापुरम, इटारसी, पीपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर एवं सतना स्टेशनों से होकर गन्तव्य को जाएगी।

मलाइका अरोड़ा का हॉट & स्टाइलिश लुक सोशल मीडिया पर मचा रहा धमाल

मुंबई,  बालीवुड एक्ट्रेस और पफैशन आइकान मलाइका अरोडा ने मेलबर्न से अपनी कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा की हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में मलाइका ब्लैक ओवरकोट में नजर आ रही हैं। खुले बाल, आकर्षक मुस्कान और हाथ में स्टाइलिश हैंडबैग उनके लुक को और भी खास बना रहा है। कैमरे की ओर मुड़कर उन्होंने जो ‘पलट’ पोज दिया, उसी ने फैंस का दिल जीत लिया। उनकी पोस्ट पर आते ही हजारों लाइक्स और मजेदार कमेंट्स की बाढ़ आ गई।  इन तस्वीरों में मलाइका अकेले ही नहीं, बल्कि अपनी दोस्तों के साथ भी नजर आ रही हैं। एक फोटो में वह अपनी फ्रेंड्स संग कैमरे की ओर एक साथ ‘पलट’ पोज देती दिखाई देती हैं। इस अंदाज को देखकर उनके फैंस ने तुरंत शाहरुख खान की फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे का मशहूर डायलॉग याद दिला दिया। एक फैन ने कमेंट किया, “पलट… वरना प्यार हो जाएगा।” वहीं दूसरे ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “इतनी खूबसूरती लेकर पलटना लीगल है क्या?” कुछ फैंस ने उनकी तारीफ करते हुए लिखा कि मलाइका हर उम्र में फिट और स्टाइलिश दिखती हैं। एक यूजर ने कहा, “आपने पलट कर देखा और हमारा दिन बन गया।” वहीं एक और फॉलोवर ने उन्हें “स्टाइल क्वीन” बताया। कई लोगों ने उनकी फिटनेस और ड्रेसिंग सेंस की भी जमकर सराहना की। मलाइका अरोड़ा का करियर 1990 के दशक में शुरू हुआ था, जब वह एमटीवी इंडिया पर वीजे के रूप में नजर आई थीं। इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग और बॉलीवुड फिल्मों में काम किया। हालांकि, उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता उनके डांस नंबर्स से मिली। 1998 में दिल से फिल्म के गाने छैय्या-छैय्या और 2010 में दबंग का मुन्नी बदनाम हुई आज भी उनके करियर के सबसे हिट गानों में गिने जाते हैं। उनकी पर्सनल लाइफ भी हमेशा चर्चा में रहती है। उन्होंने 1998 में अभिनेता अरबाज खान से शादी की थी, लेकिन 2017 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद से वह अक्सर अपने रिलेशनशिप और लाइफस्टाइल को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। आज भी मलाइका अपनी फिटनेस और फैशन को लेकर यूथ के लिए एक इंस्पिरेशन मानी जाती हैं। मेलबर्न की इन लेटेस्ट तस्वीरों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि चाहे स्टाइल हो या आत्मविश्वास, मलाइका हर मौके पर परफेक्ट दिखना बखूबी जानती हैं। मालूम हो कि बॉलीवुड की फिटनेस क्वीन और फैशन आइकन मलाइका अरोड़ा हमेशा अपने ग्लैमरस लुक और स्टाइलिश अंदाज को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। चाहे रेड कार्पेट हो या एयरपोर्ट लुक, उनके फैशन सेंस की चर्चा हर जगह होती है।  

पहलगाम का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने SCO में आतंकवाद पर चेताया

शंघाई चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई शिखर सम्मेलन का आज (1 सितंबर, 2025) दूसरा दिन है. इस समिट में भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद शामिल होने पहुंचे हैं. चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट चल रहा है. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चीन के दौरे पर हैं. रविवार को तियानजिन में उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की और दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई. अब आज सोमवार को इस समिट का सबसे अहम सत्र हुआ, जिसमें सभी सदस्य देशों के नेता साझा हितों और चुनौतियों पर चर्चा की. समिट के आखिर में साझा प्रेस नोट पर दुनिया की नजर है, जिसमें यह पता चलेगा कि सभी देशों ने किन मुद्दों पर चर्चा की, किन मुद्दों पर सहमति बनी और आने वाले समय में उनका फोकस क्या होगा.  अलास्का समिट में यूक्रेन शांति का रास्ता- पुतिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, 'मैं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी अलास्का बैठक के विवरण द्विपक्षीय बैठकों के दौरान नेताओं को बताऊंगा. मैं मास्को के इस रुख को दोहराता हूं कि यूक्रेन में संकट किसी 'आक्रमण' के कारण नहीं, बल्कि यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों द्वारा समर्थित कीव में तख्तापलट के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन में बनी सहमति यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करती है.' एससीओ समिट की आज अहम बैठक हो रही है। तमाम बड़े देशों ने इसमें हिस्सा लिया है। कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है, राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों से कैसे निपटा जाए, इस पर भी मंथन हो रहा है। पीएम मोदी भी आज राष्ट्रपति पुतिन से मिलने जा रहे हैं, वहां भी कई मुद्दों पर चर्चा संभव है। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी बातचीत हो सकती है। माना जा रहा है कि कई मुद्दों पर सहमति बनेगी। पीएम मोदी की रविवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी द्विपक्षीय बैठक हुई थी। कई सालों बाद हुई इस बैठक में भारत-चीन रिश्तों पर खास फोकस किया गया। दोनों ही नेताओं ने आपसी साझेधारी की अहमियत को समझा और भविष्य में सहयोग बढ़ाने की बात कही। अब डिप्लोमेसी के उस चैप्टर के बाद आज दूसरा चैप्टर शुरू होने जा रहा है।  पुतिन ने भारत और चीन का जताया आभार शंघाई सहयोग परिषद (SCO) के मंच से रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि मैं यूक्रेन में संकट को हल करने के लिए चीन और भारत के प्रयासों की सराहना करता हूं.  : हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की- मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज भारत रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है. हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की है. मैं आप सभी को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता हूं."  SCO समय की बदलती जरूरतों के साथ विकसित हो रहा है- मोदी शंघाई सहयोग संगठन के मंच से पीएम मोदी ने कहा कि यह खुशी की बात है कि SCO समय की बदलती जरूरतों के साथ विकसित हो रहा है. संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए चार नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. हम इस सुधारोन्मुखी सोच का स्वागत करते हैं. आतंकवाद पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, 'सुरक्षा, शांति और स्थिरता किसी भी देश के विकास का आधार हैं, लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद बड़ी चुनौतियां हैं. आतंकवाद केवल किसी किसी देश की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक साझा चुनौती है. कोई देश, कोई समाज, कोई नागरिक इससे खुद को सुरक्षित नहीं समझ सकता. इसलिए, भारत ने आतंकवाद से लड़ाई में एकता पर ज़ोर दिया है. भारत ने संयुक्त सूचना अभियान का नेतृत्व करके अल-कायदा और उससे जुड़े आतंकवादी संगठनों से लड़ने की पहल की. हमने आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ आवाज़ उठाई. इसमें मिले समर्थन के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं.'   PM मोदी ने नए अवसरों के बारे में एससीओ नेताओं को बताया पीएम मोदी ने कहा कि अवसर का मतलब सहयोग और सुधार दोनों है. 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान एससीओ में नई ऊर्जा और विचार लाए गए. स्टार्ट-अप्स और इनोवेशन, पारंपरिक चिकित्सा, युवा सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन और साझा बौद्ध धरोहर जैसे नए विषयों को सहयोग में शामिल किया गया. भारत का प्रयास रहा कि एससीओ सिर्फ सरकारों तक सीमित न रहे बल्कि आम लोगों, युवा वैज्ञानिकों, विद्वानों और स्टार्ट-अप्स तक पहुंचे. लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करने के लिए मोदी ने सुझाव दिया कि एससीओ के तहत एक "सभ्यतागत संवाद मंच" बनाया जाए, जहां प्राचीन सभ्यताओं, कला, साहित्य और परंपराओं को वैश्विक मंच पर साझा किया जा सके. PM मोदी ने कनेक्टिविटी बढ़ाने पर दिया जोर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का मानना है कि मजबूत कनेक्टिविटी सिर्फ व्यापार ही नहीं बल्कि विश्वास और विकास के दरवाजे भी खोलती है. इसी सोच के साथ भारत चाबहार पोर्ट और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसी पहलों पर काम कर रहा है. इनके जरिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया से कनेक्टिविटी को बढ़ाया जा सकता है. भारत का मानना है कि हर कनेक्टिविटी के प्रयास में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए. यह एससीओ चार्टर के मूल सिद्धांतों में भी शामिल है. ऐसी कनेक्टिविटी, जो संप्रभुता को दरकिनार करे, वह विश्वास और महत्व दोनों खो देती है. PM मोदी ने आतंकवाद पर बिना नाम लिए पाकिस्तान को घेरा पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के विकास का आधार सुरक्षा, शांति और स्थिरता है. लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद इस राह में बड़ी चुनौतियां हैं. आतंकवाद किसी एक देश की सुरक्षा चुनौती नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है. कोई भी देश, कोई भी समाज और कोई भी नागरिक इससे सुरक्षित नहीं रह सकता. भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एकता पर जोर दिया है. एससीओ-आरएटीएस (SCO-RATS) ने इस दिशा में अहम योगदान दिया है. इस वर्ष भारत ने "अल-कायदा" और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ संयुक्त सूचना अभियान की अगुवाई की. हमने कट्टरपंथ से निपटने और समन्वय बढ़ाने के लिए संयुक्त कदमों का प्रस्ताव रखा. साथ ही, आतंकवाद … Read more

छात्रों के लिए खुशखबरी, दीन दयाल स्पर्श योजना में मिलेगा 6000 रुपए सालाना

कटनी  भारतीय डाक विभाग ने फिलाटेली छात्रवृत्ति योजना दीन दयाल स्पर्श योजना वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन पत्र मंगाए हैं। योजना के अंतर्गत कक्षा 6 से 9 तक के विद्यार्थियों में से प्रत्येक कक्षा के 10-10 छात्रों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को 6000 रुपए की वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि 20 सितंबर तक निर्धारित की गई है। अंकित बिलैया ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का विद्यालय के फिलाटेली क्लब का सदस्य होना अनिवार्य है। यदि किसी विद्यालय में फिलाटेली क्लब नहीं है तो स्कूल क्लब खाता खोलकर विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा विद्यार्थी किसी भी डाकघर में सक्रिय फिलाटेली जमा खाता खुलवाकर सीधे आवेदन कर सकते हैं। बिना खाता खोले गए आवेदन पर विचार नहीं होगा। यह छात्रवृत्ति केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों के नियमित छात्रों को दी जाएगी। पात्रता के लिए छात्र का विगत परीक्षा परिणाम कम से कम 60 प्रतिशत होना चाहिए, वहीं अनुसूचित जाति/जनजाति विद्यार्थियों को 5 प्रशित की छूट दी जाएगी।   दो चरणों में होगी चयन प्रक्रिया बिलैया ने बताया कि पहले स्तर पर लिखित क्विज परीक्षा 28 सितंबर को आयोजित होगी। इसमें 50 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे जिनमें समसामयिकी, इतिहास, भूगोल, विज्ञान, खेल/संस्कृति से 5-5 प्रश्न, स्थानीय फिलाटेली से 10 और राष्ट्रीय फिलाटेली से 15 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा अवधि एक घंटा होगी और इसके लिए प्रवेश पत्र द्वारा स्थान व समय की सूचना दी जाएगी। परीक्षा में आने-जाने का कोई यात्रा भत्ता नहीं मिलेगा। दूसरे स्तर में क्विज में चयनित विद्यार्थियों को फिलाटेली प्रोजेक्ट प्रस्तुत करना होगा। यह प्रोजेक्ट 9 नवंबर तक जमा करना होगा, जिसके विषय अलग से सूचित किए जाएंगे।   आवेदन पत्र नजदीकी डाकघर से प्राप्त किए जा सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र को रजिस्टर्ड या स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रवर अधीक्षक डाकघर, जबलपुर संभाग, जबलपुर के पते पर भेजना अनिवार्य है। लिफाफे पर स्पष्ट रूप से दीन दयाल स्पर्श छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2025-26 अंकित करना होगा। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। योजना संबंधी जानकारी भारतीय डाक विभाग की वेबसाइट या संबंधित प्रवर अधीक्षक, अधीक्षक डाकघर से प्राप्त की जा सकती है।

मौसम विभाग की बड़ी अपडेट: सितंबर में झमाझम बारिश, ऑरेंज अलर्ट जारी

मुंबई  मुंबई और आसपास के जिलों में बुधवार से बारिश का जोर बढ़ने की भविष्यवाणी भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने की है। मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को मुंबई और ठाणे में भारी बारिश का अनुमान जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के साथ ही पुणे, कोल्हापुर, सतारा के घाट क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। इससे गणेशोत्सव पर्व पर लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। इसके साथ ही हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने का अनुमान हैं। लेकिन कोंकण और दक्षिण महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों में अगले चार दिन बारिश तीव्रता राज्य के अन्य हिस्सों से अधिक रहेगी। विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) की वजह से कोंकण में लगातार बारिश हो रही है।   सितंबर में होगी अच्छी बारिश सितंबर में देशभर में मानसून का रुख कैसा रहेगा, इसे लेकर मौसम विभाग ने संभावित अनुमान जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, इस महीने देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सितंबर 2025 में झमाझम बारिश की संभावना- हालांकि, पूर्वोत्तर और पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में, दक्षिण भारत के कई इलाकों में और उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका जताई गई है। इसका असर इन इलाकों में खेती-किसानी और जलस्रोतों पर पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर में महाराष्ट्र के कोंकण और मराठवाडा के अधिकांश हिस्सों को छोड़कर राज्य के बाकि हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान जताया गया है। कुल मिलाकर देखा जाए तो सितंबर का महीना ज्यादातर राज्यों के लिए बेहतर बारिश वाला साबित हो सकता है, जबकि कुछ चुनिंदा क्षेत्रों को कम बारिश से जूझना पड़ सकता है।

CM ने PM से मांगी 60 हजार करोड़ की सहायता, भेजा आधिकारिक पत्र

पंजाब  पंजाब में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने राज्य को गहरे संकट में डाल दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से तत्काल 60,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करने की मांग की। मान ने दावा किया कि यह राशि राज्य के कोष से संबंधित है, जो केंद्र सरकार के पास फंसी हुई है। दशकों की सबसे विनाशकारी बाढ़ पंजाब इस समय दशकों में आई सबसे भयावह बाढ़ आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। भारी बारिश और नदियों के उफान ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई, सैकड़ों गांव प्रभावित हुए और लाखों लोग बेघर हो गए। बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है, जिसमें सड़कें, पुल और बिजली व्यवस्था शामिल हैं।   मुख्यमंत्री का पत्र: केंद्र पर गंभीर आरोप मुख्यमंत्री मान ने अपने पत्र में कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के हक की राशि को रोक रखा है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति और कमजोर हुई है। उन्होंने इस राशि को तुरंत जारी करने की मांग की ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य तेज किए जा सकें। मान ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र की उदासीनता के कारण राज्य को इस आपदा से निपटने में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। राहत कार्यों में तेजी की जरूरत पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू किए हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण कार्य धीमा पड़ रहा है। एनडीआरएफ और सेना की टीमें बचाव कार्यों में जुटी हैं, लेकिन प्रभावित लोगों की संख्या इतनी अधिक है कि तत्काल बड़े पैमाने पर सहायता की जरूरत है।

सरकार ने दी चेतावनी: जनधन खाते में पैसा नहीं आएगा, तुरंत करें ये काम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत देश के गरीब लोगों को बैंकिंग सुविधा से जोड़ना था। इस योजना ने रिकॉर्ड तोड़ लोकप्रियता हासिल की। करोड़ों गरीबों ने कुछ वर्षों में करोड़ों नए खाते खुलवाए। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बैंक में खाता खुलवाने के लिए कोई रकम जमा नहीं करनी पड़ी। इसमें जीरो बैलेंस सुविधा दी गई थी। यह योजना उनके लिए बहुत बड़ा वरदान साबित हुई, क्योंकि सरकारी योजना का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में आने लगा। अब जनधन खातों के लिए जरूरी KYC अपडेट हाल ही में जनधन खाताधारकों को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। सभी खाताधारकों को अपने खाते की दोबारा से KYC (Know Your Customer) करवानी होगी। विशेष रूप से वे खाते, जो 10 साल से पुराने हैं। उनमें यह प्रक्रिया अनिवार्य है। KYC न कराने पर हो सकता है खाता इनएक्टिव बैंकों की शर्तों के अनुसार अगर समय पर KYC अपडेट नहीं की गई, तो खाता इनएक्टिव हो सकता है। इसका असर यह होगा कि खाताधारक लेन-देन नहीं कर पाएंगे। इससे सरकारी योजनाओं की रकम भी खाते में नहीं पहुंचेगी। कई बार ऐसे खाते अस्थायी रूप से बंद भी कर दिए जाते हैं। समय पर KYC कराना बहुत जरूरी जनधन खाताधारकों को सलाह दी गई है कि वे समय पर KYC अपडेट जरूर करवाएं। ऐसा न करने पर सरकारी लाभ रुक सकता है। पैसों की दिक्कत झेलनी पड़ सकती है। बैंक समय-समय पर खाताधारकों से जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने को कहता है, इसलिए सतर्क रहना और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

वास्तु शास्त्र: सही दिशा में तुलसी लगाने से कभी नहीं होगी अन्न-धन की कमी

धार्मिक मान्यता के अनुसार, रोजाना तुलसी की पूजा-अर्चना करने से साधक को मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही घर में सुख-शांति का वास होता है। इस पौधे को साफ जगह और उत्तम दिशा में लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस पौधे को सही दिशा में लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। अगर आप भी घर में मां लक्ष्मी का आगमन चाहते हैं, तो ऐसे में चलिए जानते हैं कि इस पौधे को किस दिशा में लगाने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। इस दिशा में लगाएं तुलसी वास्तु शास्त्र में तुलसी को लगाने के नियम के बारे में विस्तार से बताया गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में तुलसी का पौधा उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना उत्तम माना गया है। माना जाता है कि इस दिशा में तुलसी लगाने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और परिवार के सदस्यों पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इस दिन लगाएं तुलसी वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में तुलसी का पौधा लगाने के लिए गुरुवार और शुक्रवार का दिन बेहद शुभ माना जाता है। अगर महीने की बात करें, तो कार्तिक और चैत्र के महीने में तुलसी को लगाने के लिए उत्तम माना जाता है। तुलसी लगाने के लिए नियम का पालन करने से घर में धन की देवी मां लक्ष्मी का वास होता है और आर्थिक तंगी की समस्या से छुटकारा मिलता है और हमेशा धन से तिजोरी भरी रहती है। इन बातों का रखें ध्यान जिस स्थान पर आप तुलसी का पौधा लगा रहे हैं। उस जगह की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें, क्योंकि मां लक्ष्मी साफ-सफाई वाली जगह पर ही वास करती हैं। इसके अलावा पौधे के पास जूठे बर्तन भी नहीं रखने चाहिए। ऐसी गलती करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। तुलसी से जुड़े नियम रोजाना दीपक जलाकर तुलसी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए और भोग में तुलसी के पत्ते शामिल करने चाहिए। लेकिन एक बात का खास ध्यान रखें कि एकादशी और रविवार को तुलसी में जल अर्पित नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन तुलसी में जल देने और पत्ते तोड़ने से एकादशी माता का व्रत खंडित हो जाता है।