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राहत कैंपों की व्यवस्थाओं को पुनर्वास के संबंध में प्रभावितों से लिया फीडबैक

दंतेवाड़ा : ग्राम बालपेट और भैरमबंद के अतिवर्षा प्रभावितों के राहत कैंपों का कलेक्टर ने फिर किया मुआयना राहत कैंपों की व्यवस्थाओं को पुनर्वास के संबंध में प्रभावितों से लिया फीडबैक जब तक हालात सामान्य नहीं होंगे राहत  शिविरों  का संचालन जारी रहेगा- कलेक्टर कलेक्टर ने प्रभावितों को हर संभव मदद् का संकल्प दोहराया दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने विगत दिवस जिला मुख्यालय से लगे अति वर्षा प्रभावित ग्राम बालपेट और भैरमबंद के राहत शिविरों का निरीक्षण करते हुए प्रभावितों को हर संभव मदद की प्रतिबद्धता को दोहराया। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भैरमबंद राहत शिविर में कुल 54 परिवारों के 204 लोग निवासरत हैं, इसी प्रकार बालपेट के राहत शिविर में 89 लोग रह रहे है। जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा निरंतर सहयोग और सहायता प्रदान की जा रही है। इस दौरान उन्होंने राहत शिविरों में ठहरे ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक राहत शिविरों का संचालन जारी रहेगा और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली राहत सहायता राशि में भी वृद्धि की गई है। साथ ही, जिन ग्रामीणों के अन्य व्यक्तिगत क्षतियों का अब तक सर्वे में समावेश नहीं हो पाया है, उनका पुनः सर्वे कर उन्हें भी क्षतिपूर्ति दी जायेगी। इसके साथ ही कलेक्टर श्री दुदावत ने राहत शिविरों में व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए शिविरों में ठहरे लोगों के लिए पंखे, कूलर, मच्छरदानी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। गौरतलब है कि जिन घरों के ढंाचों में वर्षा से क्षति पहुँची है, उनके मरम्मत कार्य हेतु बाँस और बल्ली की व्यवस्था भी जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों के भोजनादि हेतु जलाऊ लकड़ी एवं पेयजल हेतु टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनके दैनिक जीवन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके अलावा इन परिवारों के स्कूली बच्चों हेतु नये पाठय पुस्तकों एवं यूनिफॉर्म आदि के भी प्रशासन द्वारा व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही कलेक्टर ने राहत शिविर का पुनः नियमित निरीक्षण करने की बात कहते हुए आवश्यकतानुसार सुविधाओं में और सुधार लाये जाने हेतु प्रभावितों को आश्वस्त किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उदित पुष्कर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जीआरडी गोरखपुर में गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण के साथ संग्रहालय बनवाएगा संस्कृति विभाग

4 सितंबर को सीएम योगी और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ करेंगे म्यूज़ियम का शिलान्यास गोरखपुर मां भारती की आन, बान व शान में सर्वस्व न्योछावर करने का जज्बा रखने वाले गोरखा सैनिकों की वीरगाथा को संजोने के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। इसके तहत प्रदेश का संस्कृति विभाग गोरखा रेजिमेंट के गोरखा भर्ती डिपो (जीआरडी) गोरखपुर में स्थित गोरखा युद्ध स्मारक का सौंदर्यीकरण कराने के साथ यहां एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) बनवाने जा रहा है। इसका शिलान्यास 4 सितंबर (गुरुवार) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान के हाथों होने जा रहा है।  जनता पहली बार देख और जान सकेगी गोरखा रणबाकुरों की कहानी उल्लेखनीय है कि आम जनता के अवलोकनार्थ बनने वाला यह गोरखा रेजिमेंट का पहला संग्रहालय होगा। इस तरह देश विदेश में अपने शौर्य से खास पहचान बनाने वाले गोरखा रणबाकुरों की कहानी से आम लोग पहली बार रूबरू हो सकेंगे। उस तरह का यह देश का पहला संग्रहालय होगा। गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण और संग्रहालय निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश जलनिगम नगरीय की सीएंडडीएस यूनिट 42 का चयन किया गया है। स्मारक के सौंदर्यीकरण और संग्रहालय के निर्माण पर 44 करोड़ 73 लाख 37 हजार रुपये की लागत आएगी। इसके तहत संग्रहालय, टॉयलेट ब्लॉक, टिकट काउंटर, वर्तमान भवन का जीर्णोद्धार, वाटर बॉडी, चहारदीवारी, लिफ्ट आदि का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा लाइट एंड साउंड शो, सेवन डी थिएटर, म्यूरल पेंटिंग आदि की व्यवस्थाएं भी रहेंगी।  गोरखा सैनिक भारतीय सेना में अपने विशेष युद्ध कौशल के लिए विख्यात हैं। ब्रिटिश काल से लेकर अब तक भारतीय सेना में गोरखा जवानों ने 2700 से अधिक वीरता पुरस्कार प्राप्त किए हैं। गोरखा जवानों ने प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। देश के आजाद होने के बाद गोरखा सैनिकों ने युद्ध के साथ ही शांति अभियानों में अतुलनीय भूमिका का निर्वहन किया है। वर्तमान समय में करीब 40000 गोरखा सैनिक भारतीय सेना के माध्यम से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।  सौ साल पुराना है गोरखा युद्ध स्मारक 1866 में स्थापित गोरखा भर्ती डिपो गोरखपुर, सबसे पुराना भर्ती डिपो है। यहां अभी जो युद्ध स्मारक है उसकी स्थापना प्रथम विश्वयुद्ध में गोरखा जवानों के योगदान की स्मृति में 1925 में हुई थी। इस स्मारक में अब तक आठ ऐसे रणबांकुरों की कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है जिन्होंने युद्धकाल में अपूर्व शौर्य का परिचय दिया और उल्लेखनीय पुरस्कार प्राप्त किए। इनमें पहले फील्ड मार्शल मानेकशॉ, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन जीएस सलारिया, लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा, कैप्टन4 मनोज पांडेय, अशोक चक्र विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल जेआर चिटनिस, लेफ्टिनेंट पुनीत नाथ दत्त, मेजर मान बहादुर राय और नायक नर बहादुर की प्रतिमा स्थापित है।

स्कूल छुट्टियों का अपडेट: पंजाब में छुट्टियों का दौर जारी

पंजाब  पंजाब में लगातार हो रही तेज बारिश और बाढ़ जैसे हालात ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बाढ़ के कारम फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला, पठानकोट, तरनतारन, होशियारपुर, मोगा, गुरदासपुर और बरनाला गंभीर रूप से प्रभावित हैं। हालातों को देखते हुए पंजाब सरकार ने पहले ही 3 सितंबर तक स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियां घोषित की थी। वहीं अब मौसम विभाग की ताजा चेतावनी को देखते हुए छुट्टियों को और आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए अलर्ट जारी किया है। वहीं राज्य में 5 सितंबर को ईद-ए-मिलाद की सरकारी छुट्टी, 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और 7 सितंबर को रविवार होने के कारण पहले से ही अवकाश रहेगा। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा हैं कि छुट्टियां अगले हफ्ते तक खिंच सकती हैं। हालांकि इस बारे में शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। 

रक्षा मंत्री का ज्ञान: बाढ़ का पानी बाल्टी में भरकर रखें, अल्लाह का तोहफा बताया

लाहौर पाकिस्तान इस समय बाढ़ और बारिश की भारी मार झेल रहा है। देश के कई हिस्सों में बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है। बाढ़ के कारण कई लोग अपने घर छोड़कर पलायन कर चुके हैं। इस संकट के बीच पाकिस्तानियों को ऐसी अजीब सलाह दी जा रही है, जिसे सुनकर लोग हैरान और परेशान हैं। दरअसल, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक अटपटा बयान दिया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में ख्वाजा आसिफ कहते दिख रहे हैं कि पाकिस्तानियों को बाढ़ का पानी जमा कर लेना चाहिए। बाढ़ अल्लाह का आशीर्वाद ख्वाजा आसिफ से बाढ़ राहत के बारे में सवाल किया था। जवाब में उन्होंने कहा कि लोग इसे अल्लाह का आशीर्वाद मानें और पानी को अपने घरों में जमा करें। ख्वाजा ने कहा कि पूरी दुनिया में पानी की कमी से हाहाकार मचा है। ऐसे में पाकिस्तान में बाढ़ का आना एक सुखद संयोग है। इसे आपदा नहीं, बल्कि अल्लाह की कृपा समझना चाहिए। पानी जमा करें: ख्वाजा बाढ़ और बारिश से त्रस्त लोग सड़कों पर उतरकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वे सड़कें जाम कर सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं। इस पर ख्वाजा ने कहा कि लोगों को पहले पानी जमा करने पर ध्यान देना चाहिए। पानी को अपने घरों में ले जाएं, इससे सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि पानी जमा करने के लिए बड़े बांधों की जरूरत है, जो अभी संभव नहीं है। इसलिए लोग अपने घरों में ही पानी जमा करें। ख्वाजा ने यह भी कहा कि बाढ़ रोकने का कोई सिस्टम सरकार के पास नहीं है। लोग बेवजह सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ के लिए स्थानीय सरकार जिम्मेदार है, जो शक्तिहीन है। लोग अतिक्रमण कर रहे हैं और पानी का रास्ता बदल रहे हैं, जिससे बाढ़ आना निश्चित है। पाकिस्तान में अब तक 854 लोगों की मौत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 जून से 31 अगस्त तक पाकिस्तान में मरने वालों की संख्या 854 हो गई है और 1100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। बाढ़ से पंजाब प्रांत के लगभग 20 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। पंजाब की सूचना मंत्री अजमा बुखारी ने कहा कि ऐसी बाढ़ पंजाब ने पहली बार देखी है। इस बार झेलम, चिनाब और रावी तीनों नदियां उफान पर हैं। पंजाब सरकार के अनुसार, बाढ़ से अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि पंजाब प्रांत से 10 लाख से अधिक लोगों को उनके घरों से सुरक्षित निकाला गया है। देश चार दशकों की सबसे भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है, जिसने सैकड़ों गांवों को तबाह कर दिया और अनाज की फसलों को डुबो दिया। पंजाब की सूचना मंत्री अजमा बुखारी ने कहा कि इस भीषण बाढ़ से 20 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। सरकार ने बाढ़ में फंसे 7,60,000 लोगों और 5,00,000 से अधिक पशुओं को बचाया है।  

भय के साये में पढ़ने को मजबूर हैं ये ​विद्यार्थी, हाथों में किताब, नजरें पानी से निकलने वाले सांपों पर

चरखी दादरी लगातार हो रही बारिश के बाद से बने हालातों की झलक चरखी दादरी के राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में देखने को मिल रही है। स्कूल परिसर से लेकर कमरों व लैब तक पानी से लबालब हैं। हालात ऐसे बने हैं कि विद्यार्थियों के हाथों में किताब होती है तो उनकी नजरें पानी से निकलने वाले सांपों व अन्य कीड़ों पर लगी रहती है।  भय के साये में पढ़ रहे विद्यार्थियों को अपनी जान की परवाह है बावजूद इसके स्कूल से पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध नहीं हुए। पानी से लबालब स्कूल होने के चलते स्कूल को दो शिफ्टों में शुरू करना पड़ा है। हालांकि स्कूल भवन के लिए करीब 6 करोड़ की राशि मंजूर की गई है लेकिन कार्य शुरू नहीं होने व बारिश ज्यादा होने से हालात बुरे हो सकते हैं। बता दें कि मानसून सीजन के दौरान लगातार कई वर्षों से जिला मुख्यालय पर राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल परिसर में जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इस बार से हालात ऐसे बन गए कि पूरा स्कूल पानी से लबालब हो गया। यहां तक कि कमरों से लेकर लैब व शौचालय भी पानी में डूबे हुए हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन द्वारा दो शिफ्टो में क्लासें शुरू की हैं।  वहीं विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल के हालातों के चलते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल में कभी सांप तो कभी बिच्छू निकलते हैं। वे भय के साये में पढ़ाई करने पर मजबूर हैं। स्कूल प्राचार्य सुरेश यादव ने बताया कि सरकार द्वारा करीब 6 करोड़ का बजट नये भवन के लिए मंजूर किया है,  जिसका टेंडर भी हो चुका है। कार्य शुरू नहीं होने से स्कूल में पानी ज्यादा भर गया है। हालांकि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को पत्र भी लिखे हैं। अब प्रशासन द्वारा स्कूल से पानी की निकासी करवाने का आश्वासन मिला है। जल्द ही पानी निकलवाया जाएगा और अध्यापकों को क्लासों के दौरान सजग रहने के निर्देश दिए हैं।  

इजरायल को लेकर ट्रंप की चिंता, बोले- गाजा में जीत तो मिल रही है पर नुकसान भारी

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इजरायल गाजा का युद्ध जीत रहा है। लेकिन उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ट्रंप ने कहा कि पब्लिक रिलेशंस की दुनिया में इजरायल की लॉबी को काफी नुकसान पहुंचा है। डेली कॉलर के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस में भी कांग्रेस का नियंत्रण कम होता जा रहा है। अगर आप 20 साल पहले जाएं तो कांग्रेस में इजरायल की लॉबी काफी मजबूत थी। गौरतलब है कि इजरायली राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिकी राष्ट्रपति का समर्थन हासिल है। हाल ही में नेतन्याहू ने कहा था कि वह हमास के साथ समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। माना जा रहा है कि नेतन्याहू के इस फैसले को ट्रंप का समर्थन हासिल है। सात अक्टूबर पर क्या बोले ट्रंप ने कहा कि एक समय था कि अगर किसी को पॉलिटिशियन बनना है तो उसे इजरायल के बारे में बोलने से बचना होता था। इसके साथ ही उन्होंने सात अक्टूबर को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले को भी याद किया। उन्होंने कहा कि यह एक विध्वंसक दिन था। उन्होंने जोर दिया कि इजरायल को इस युद्ध से उबरना होगा। यह जेरुसलम को नुकसान पहुंचा रहा है। ट्रंप ने कहा कि इजरायल से उन्हें अच्छा समर्थन मिल रहा है, यह देश बेहद शानदार है। मैंने इजरायल के लिए सबकुछ किया इस इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी दावा किया उन्होंने जितना कुछ इजरायल के लिए किया है, उतना किसी अन्य ने नहीं किया। उन्होंने ईरान के ऊपर हालिया बम गिराए जाने का भी जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि जिस तरह से हमने ईरान के ऊपर से वह जहाज उड़ाए, कोई और नहीं कर सकता। गौरतलब है कि ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन तक चले युद्ध के दौरान अमेरिका ने इजरायली परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। ब्रिटेन ने जताई थी नाराजगी इससे पहले ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी ने सोमवार को गाजा में पर्याप्त सहायता सामग्री नहीं पहुंचने देने पर इजराइल के प्रति आक्रोश जताया था। उन्होंने गाजा के लिए चिकित्सा सहायता हेतु 1.5 करोड़ पाउंड की अतिरिक्त राशि की घोषणा की। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन के अधिकारी गंभीर रूप से बीमार और घायल बच्चों को गाजा से बाहर निकालकर ब्रिटेन के अस्पतालों में विशेष उपचार दिलाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है, यह 21वीं सदी में एक मानव-निर्मित आपदा है।  

गौरेला-पेंड्रा- मरवाही : स्वामित्व योजना के तहत 24 गांवों में ड्रोन सर्वे जारी

ड्रोन टेक्नोलॉजी से बदलेंगे गांवों के नक्शे, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही में 24 गांवों का सर्वे संबंधित ग्रामों में चूना मार्किंग करते हुए ड्रोन फ्लाई सर्वे के लिए टीम गठित गौरेला पेंड्रा मरवाही स्वामित्व योजना के तहत पेण्ड्रारोड (गौरेला) तहसील के 22 और पेण्ड्रा तहसील के 2 गांवों में ड्रोन सर्वे का कार्य 1 सितम्बर से प्रारंभ हो गया है। यह कार्य 8 सितम्बर तक चलेगा। संबंधित ग्रामों में चूना मार्किंग करते हुए ड्रोन फ्लाई से सर्वे कार्य पूर्ण कराने के लिए राजस्व निरीक्षक, संबंधित हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं ग्राम कोटवार को शामिल करते हुए ड्रोन सर्वे टीम गठित किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 सितम्बर को पेण्ड्रा तहसील के ग्राम जमड़ीखुर्द एवं लाटा और पेण्ड्रारोड तहसील के ग्राम मेढ़ुका का सर्वे किया गया। 2 सितम्बर को साल्हेघोरी, खम्लीकला, पंडरीपानी, लालपुर एवं मदनपुर का सर्वे किया गया। इसी कड़ी में 3 सितम्बर को बिजरवार, दौंजरा, धनौली, चुकतीपानी एवं बढ़ावनडांड़ में, 6 सितम्बर को आन्दु, डुमरिया, भदौरा, धनगंवा एवं ललाती में और 8 सितम्बर को बेलपत, करगीखुर्द, टीकरखुर्द एवं आमगांव में ड्रोन सर्वे निर्धारित है।

एकादशी पर करें ये राशि वाले उपाय, हर समस्या होगी दूर

हिन्दू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है. सालभर में 24 एकादशी व्रत होते हैं. हर माह में 2 बार एकादशी व्रत होता है. मान्यता है कि एकादशी तिथि पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है. वहीं, भादो का यह माह बहुत ही पवित्र माना गया है. ऐसे में भादो मास की एकादशी का खास महत्व होता है. कुछ ही दिनों बाद 03 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी आने वाली है. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायक होती है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार इस दिन किया गया राशि अनुसार उपाय से सालभर लक्ष्मी-नारायण की कृपा बनी रहेगी. राशि के अनुसार जरूर करें यह काम – मेष राशि के जातकों को परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए लाल रंग का फूल अर्पित करना चाहिए. – वृषभ राशि के जातकों को परिवर्तिनी एकादशी के दिन सफेद चीजों का दान करना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन सफेद चीजों का दान करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. – मिथुन राशि के जातक को इस दिन हरे रंग के वस्त्र भगवान विष्णु को अर्पित करने चाहिए. इससे भगवान प्रसन्न होते हैं. – कर्क राशि के जातकों को परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए खीर का भोग अर्पित करना चाहिए. मान्यता है कि खीर का भोग अर्पित करने से घर में खुशियां आती हैं. – सिंह राशि के जातक को परिवर्तिनी एकादशी के दिन पीले रंग का वस्त्र भगवान विष्णु को अर्पित करना चाहिए. इसके साथ ही पीले रंग का वस्त्र भी धारण करना चाहिए. इससे भगवान प्रसन्न होते हैं. – कन्या राशि के जातक जो कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. उन्हें परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए सफेद मिठाई के साथ केसर अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने से घर में सालभर सुख-शांति बनी रहेगी. – तुला राशि वाले जातकों को इस दिन सफ़ेद चीजों का दान करना चाहिए. इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है. साथ ही सौभाग्य की प्राप्ति भी होती है. – वृश्चिक राशि के जातक नौकरी-व्यापार में तरक्की पाने के लिए इस दिन गुड़ का दान अवश्य करें. इससे नारायण की कृपा हमेशा बनी रहेगी. – धनु राशि के जातक परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए पीले वस्त्र और पीले चंदन का दान करें. साथ ही पीले फल का भी दान करें. इससे नौकरी मिलने के चांस बढ़ते हैं. – मकर राशि के जातक परिवर्तिनी एकादशी के दिन दही और इलायची का भोग अर्पित करें. इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. शादी के योग खुलते हैं. – कुंभ राशि के जातक परिवर्तिनी एकादशी के दिन पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं. इससे भगवान प्रसन्न होते हैं. – मीन राशि के जातकों को परिवर्तिनी एकादशी के दिन गरीबों की सेवा करना चाहिए. साथ ही गरीबों को दान करना चाहिए. और भगवान को मिश्री का भोग लगाना चाहिए.

जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से करें निराकरण

गौरेला पेंड्रा मरवाही : फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से करें निराकरण दो पहिया वाहन का उपयोग करने वाले शासकीय सेवकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने के निर्देश कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक गौरेला पेंड्रा मरवाही साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने फ्लैगशिप योजनाओं के साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए। उन्होंने जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने कहा। उन्होंने पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना, उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने, आकांक्षी ब्लॉक गौरेला में नीति आयोग के दिशा निर्देशों के तहत सभी 40 इंडिकेटर में हितग्राहियों को संतृप्त करने, स्कूली बच्चों का आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने, न्यायालयीन प्रकरणों में समय-सीमा में जवाब-दावा प्रस्तुत करने, वन अधिकार पट्टा, कार्यालयों में स्मार्ट विद्युत मीटर लगाने, सभी विभागों को अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस का क्रियान्वयन करने, जिला रेडक्रॉस सोसायटी में सदस्यों की संख्या बढ़ाने के साथ ही आगामी जनगणना 2027 के लिए प्रारंभिक तैयारी आदि के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।           कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को मैदानी भ्रमण के दौरान विभागीय कार्यों के साथ-साथ आवास, पेंशन, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, मूलभूत सुविधाओं सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का अवलोकन करने और निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा। उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए छूटे हुए सभी किसानों से अनिवार्य रूप से एग्रीस्टेक पंजीयन कराने, स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन फ्लाई सर्वे का कार्य पूर्ण कराने, जिले में चिन्हित 169 ग्रामों में आदि सेवा केंद्र की स्थापना के लिए 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पर्व का आयोजन एवं आदि कर्मयोगी सेवा अभियान और रजत जयंती वर्ष के तहत विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।       कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौत सिर में चोट लगने से होने के कारण जानमाल की सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन के लिए दो पहिया वाहन का उपयोग करने वाले सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने के संबंध में जारी निर्देश का पालन सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करने के लिए जनजागरूकता के तहत पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों की बैठक लेकर ‘‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’’ के संबंध में निर्देशित किया गया है। उन्होंने ‘‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’’ का कड़ाई से पालन कराने खाद्य निरीक्षकों से पेट्रोल पंपों का निरीक्षण कराने जिला खाद्य अधिकारी को निर्देश दिए। बैठक में वनमण्डलाधिकारी ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, प्रभारी अपर कलेक्टर अमित बेक, संयुक्त कलेक्टर दिलेराम डाहिरे, एसडीएम पेण्ड्रारोड विक्रांत अंचल, एसडीएम मरवाही निकिता मरकाम, डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र सिरमौर, डिप्टी कलेक्टर आकांक्षा तिवारी सहित जिला, अनुविभाग एवं खण्डस्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

क्या मुख्य द्वार के पास खिड़की बनवाना सही है? जानिए वास्तु का मत

घर के निर्माण से लेकर इसके अंदर की हर एक चीज जैसे दरवाजा, खिड़की, कमरे की दिशा या उनका स्थान का वास्तु में बहुत खास महत्व है। घर का निर्माण केवल ईंटों और दीवारों से नहीं होता, बल्कि उसमें बहने वाली ऊर्जा और सकारात्मकता भी अहम भूमिका निभाती है। अक्सर घर बनवाते समय हम दरवाजे और खिड़कियों की जगह सजावट या रोशनी के हिसाब से तय करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मुख्य दरवाजे के पास खिड़की रखना वास्तु के अनुसार शुभ होता है या अशुभ? तो आइए जानते हैं कि घर में दरवाजे के साथ खिड़किया बनानी चाहिए या नहीं। वास्तु के अनुसार दरवाजे के पास खिड़की सही या गलत? वास्तु शास्त्र के अनुसार, दरवाजे के पास खिड़की रखना पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन इसकी दिशा और दूरी का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। अगर आप सही दिशा और जगह पर खिड़की बनाते हैं, तो यह घर में ताजगी, रोशनी और सकारात्मक ऊर्जा लाने में मदद करती है। सही दिशा क्या होनी चाहिए? पूर्व और उत्तर दिशा में दरवाजे के पास खिड़की बनाना शुभ माना जाता है। इससे सूरज की रोशनी आसानी से घर में आती है, जिससे ऊर्जा और स्वास्थ्य दोनों बेहतर रहते हैं। दक्षिण दिशा में खिड़की रखने से बचना चाहिए, खासकर अगर वह मुख्य दरवाजे के बहुत पास हो। इससे घर में गर्मी और नकारात्मक ऊर्जा का असर बढ़ सकता है। दक्षिण-पश्चिम में दरवाजे और खिड़कियों का निर्माण वास्तु दोष पैदा कर सकता है। इससे धन की हानि और मानसिक तनाव हो सकता है।