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PM मोदी भावुक: मां को गाली देने पर कांग्रेस-आरजेडी से छठी मैया से माफी की मांग

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 'मां की गाली' के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर जमकर बरसे। पीएम ने इमोशनल होते हुए कहा कि मेरी मां को गाली देकर आरजेडी और कांग्रेस ने सिर्फ मेरा नहीं बल्कि देशभर की मां और बहनों का अपमान किया है। बिहार में नवरात्र के दौरान माताओं के 9 स्वरूपों के साथ सत बहिनी की पूजा भी की जाती है। इसके बाद छठी मैया का महापर्व आने वाला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मां को गाली देने वाली आरजेडी और कांग्रेस को सत बहिनी और छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जीविका बैंक के शुभारंभ के मौके पर वर्चुअल संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार वो धरती है, जहां मां का सम्मान होता है। यहां गंगा, कोसी, गंडकी, पुनपुन जैसी नदियों को मैया के रूप में पूजा जाता है। पूरी दुनिया की माता सीता यहां की बेटी है। छठी मैया को नमन करके हम सब धन्य हो जाते हैं। मां के प्रति श्रद्धा और विश्वास ही बिहार की पहचान है। पिछले दिनों दरभंगा में महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान एक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली दी गई। इस मुद्दे पर पीएम ने विपक्षी दलों को जमकर कोसा। आरजेडी और कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं। ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं है, यह देश की मां-बहन बेटी का अपमान है। बिहार की हर मां, बेटी, भाई को यह सुनकर बहुत बुरा लगा। इसकी जितनी पीड़ा मेरे दिल में है, उतनी ही तकलीफ बिहार के लोगों को हुई है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना पीएम ने कहा, “शाही खानदान में पैदा हुए लोग मां की पीड़ा नहीं समझ सकते हैं। वे सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। इन्हें लगता है कि कुर्सी इन्हें ही मिलनी चाहिए। इन्हें लगता है कि नामदारों को कामदारों को गालियां देने का अधिकार है। इसलिए आए दिन गालियों की झड़ी लगा देते हैं। मुझे भी कई गालियां दी गईं। लिस्ट बहुत लंबी है। कभी नीच कहते हैं, गंदी नाली का कीड़ा, जहर वाला सांप बोलते हैं। बिहार चुनाव में भी मुझे तू-तड़ाक करके गाली दी गई। इनके नामदार वाली सोच उजागर हो रही है।” पीएम मोदी ने कहा कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं है। उनका राजनीति से भी कोई लेना-देना नहीं रहा। इसके बावजूद उनकी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। यह बहुत ही दुखदायी और कष्ट देने वाला है। उस मां का क्या गुनाह है। उन्होंने कहा कि मां-बहन को गाली देने वाली सोच महिलाओं को कमजोर समझने वाली है। ये (आरजेडी-कांग्रेस) महिलाओं को शोषण और अत्याचार की वस्तु मानते हैं। सबसे ज्यादा गालियां माता-बहनों को ही झेलनी पड़ी है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि आरजेडी जैसे दल कभी महिलाओं को आगे नहीं बढ़ना देना चाहते हैं। वहीं, कांग्रेस गरीब घर की आदिवासी बेटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भी लगातार अपमान करती रहती है। पीएम ने कहा, “20 दिन बाद नवरात्र शुरू हो रहे हैं। 50 दिन बाद छठी मैया की पूजा होगी। छठ पर्व मनाया जाएगा। मां को गाली देने वालों को मोदी तो एक बार माफ कर ही देगा, भारत की धरती ने मां का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं किया है। इसलिए आरजेडी और कांग्रेस को सात बहिनी और छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए। बिहार के लोगों को इस अपमान की जवाबदेही तय करने की जिम्मेदारी है।” पीएम मोदी ने लोगों से अपील की है कि आरजेडी-कांग्रेस के नेता जिस गली, जिस शहर में जाएं, उनसे मां-बहन के अपमान का जवाब मांगें। हर मोहल्ले से आवाज आनी चाहिए- "मां को गाली नहीं सहेंगे, इज्जत पर वार नहीं सहेंगे, आरजेडी का अत्याचार नहीं सहेंगे, कांग्रेस का वार नहीं सहेंगे, मां का अपमान नहीं सहेंगे।"  

आगामी त्यौहारों को देखते हुए मरम्मत कार्य को दें प्राथमिकता : मंत्री विजयवर्गीय

शहरी क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में रखी जाये पारदर्शिता : मंत्री विजयवर्गीय आगामी त्यौहारों को देखते हुए मरम्मत कार्य को दें प्राथमिकता : मंत्री विजयवर्गीय मंत्री विजयवर्गीय ने समीक्षा बैठक में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर दिये गये निर्देश भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि आगामी त्यौहारों के सीजन को देखते हुए सड़क मरम्मत से जुड़े कार्यों को विभाग प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में सड़क पर बोर्ड के माध्यम से निर्माण एजेंसी और निविदा शर्तों के बारे में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को उससे जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जाये। मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि शहरी क्षेत्रों पर लगातार आबादी का दबाव बढ़ रहा है। इसका असर शहरी क्षेत्र की अधोसंरचना पर पड़ रहा है। उन्होंने इस बात को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 2 करोड़ 50 लाख से ज्यादा परिवार शहरी परिधि में निवास कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहे हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र में 8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती घर बनकर तैयार हो चुके हैं और 10 लाख मकान निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में अक्टूबर 2019 से अब तक लगभग 51 हजार करोड़ रूपये के निवेश से शहरी कल्याण के कार्य चल रहे हैं। इस सब को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सड़क निर्माण को लेकर दिये दिशा-निर्देश विभागीय मंत्री के निर्देश के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सड़क निर्माण कार्य से जुड़े अमले को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में कहा गया है कि सड़क निर्माण कार्य की निविदाएं केवल ई-निविदा के माध्यम से ही जारी की जायें। सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार करते समय परियोजना प्रबंधन का भी प्रावधान किया जाये। इसी के साथ सड़क निर्माण कार्य की कार्ययोजना तैयार करते समय 3 वर्ष का मेंटनेंस प्रावधान आवश्यक रूप से रखा जाये। कांक्रीट सडक निर्माण के वक्त विभागीय अधिकारी आवश्यक प्रक्रिया का पालन कराया जाना सुनिश्चित करें। प्रत्येक कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व एवं समाप्ति के बाद जियो टैग फोटो का संधारण अनिवार्य रूप से किया जाये। निविदा की शर्तों का डिजिटाइजेशन किया जाये। नागरिकों की सुविधा का रखें ध्यान नगरीय निकायों को दिये गये निर्देश के अनुसार सड़क निर्माण के बाद संकेतक अनिवार्य रूप से लगाये जायें। नगरीय निकायों को शहरी क्षेत्रों में सड़कों के आस-पास पौधरोपण पर भी विशेष ध्यान देने के लिये कहा गया है। सड़कों की सुरक्षा एवं स्पीड ब्रेकर निर्धारित मापदंड के अनुसार हो, यह सुनिश्चित किया जाये।  

200% दवा टैरिफ की योजना, भारत और अमेरिकियों को होंगे बड़े असर

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बाहर से आने वाली दवाओं पर भी 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने के तैयारी में हैं. इसका असर भारत जैसे तमाम उन देशों पर पड़ेगा जो अमेरिका को दवा सप्लाई करते हैं. हालांकि, अभी भारत को इससे अलग रखा गया है लेकिन आने वाले समय में इसका असर भारत पर भी देखने को मिलेगा. लेकिन अगर भारत पर भी यह टैरिफ लागू हुआ तो उसके फार्मास्युटिकल, ऑर्गेनिक केमिकल्स और मेडिकल उपकरण एक्सपोर्ट पर पड़ेगा. वहीं, टैरिफ से अमेरिका को भी नुकसान होगा वहां पर दवाओं की कीमत बढ़ जाएगी. स्टाक की कमी हो सकती है. एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने आयातित दवाओं पर भारी शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है. अधिकारियों ने कुछ दवाओं पर 200 प्रतिशत तक के शुल्क सार्वजनिक रूप से लगाए हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि इस नीति से कीमतें बढ़ सकती हैं और सप्लाई चेन बाधित हो सकती है. भारत पर क्या होगा असर हालांकि, अभी भारत को फार्मा टैरिफ से दूर रखने की बात कही गई है. लेकिन अगर यह लागू होता है तो कभी न कभी इसका असर भारत के एक्सपोर्ट पर पड़ सकता है. ट्रेड इकोनॉमिक्स के डेटा के मुताबिक, इंडिया ने साल 2024 में अमेरिका को कुल 8.72 बिलियन अमेरिकी डॉलर के फार्मास्युटिकल उत्पादों का निर्यात किया था. इस पर भी असर पड़ सकता है. जो दुनिया में जेनेरिक दवाओं का एक प्रमुख निर्यातक है, विशेष रूप से असुरक्षित है। अगर अमेरिका में टैरिफ लगता है, तो भारतीय दवा निर्माताओं को नुकसान हो सकता है और उनके निर्यात पर असर पड़ सकता है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ट्रंप प्रशासन चीन से आयातित दवाओं और उनके कच्चे माल (APIs) पर बहुत फोकस कर रहा है। ट्रंप का मुख्य टार्गेट फार्मा कंपनियों को दबाव डालकर अपना प्रोडक्शनअमेरिका में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर करना है। उनका तर्क है कि अमेरिका में बनी दवाओं पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा। पहले से ही, कुछ बड़ी कंपनियों जैसे जॉनसन एंड जॉनसन और रोश ने अमेरिका में निवेश बढ़ाने की घोषणा की है। विशेषज्ञों और उद्योग समूहों का मानना है कि इतने ऊंचे टैरिफ का उल्टा असर हो सकता है। इससे दवाओं की कीमतों में वृद्धि होने और दवाओं की कमी पैदा होने का खतरा है। खासकर जेनेरिक (सामान्य) दवाएं, जो पहले से ही कम मुनाफे पर बिकती हैं, सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि 25% टैरिफ भी अमेरिकी दवा की लागत को लगभग 51 अरब डॉलर बढ़ा सकता है। कई दवा कंपनियों और उद्योग समूहों ने इस कदम की आलोचना की है। उनका कहना है कि टैरिफ से R&D और इनोवेशन पर बुरा असर पड़ेगा। दिलचस्प बात यह है कि कुछ निवेशकों और विश्लेषकों को संदेह है कि ट्रंप वास्तव में 200% जैसी ऊंची दर लागू करेंगे। उनका मानना है कि यह केवल निगोशिएशन की एक रणनीति हो सकती है। क्यों चिंता में अमेरिकी लोग? जानकारों का मानना है कि दवाओं पर भारी-भरकम टैरिफ से एक तरफ सप्लाई चेन प्रभावित होगी तो दूसरी तरफ दवाओं की कमी का खतरा बढ़ जाएगा. ट्रंप प्रशासन अपने इस कदम को सही ठहराने के लिए ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट 1962 की सेक्शन 232 का इस्तेमाल कर रहा है. दलील दी जा रही है कि दवाओं की कमी से बचने के लिए घरेलू स्तर पर उत्पादन बढ़ाना जरूरी है, ताकि कोविड-19 जैसी स्थिति दोबारा न हो. हाल ही में अमेरिका-यूरोप व्यापारिक फैसले में कुछ यूरोपीय सामानों पर 15 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया गया था, जिनमें दवाएं भी शामिल हैं. इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन और ज्यादा टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है. क्या होगा तत्काल असर? व्हाइट हाउस की तरफ से सुझाव दिया गया है कि हायर टैरिफ लागू करने में करीब डेढ़ साल का समय दिया जाना चाहिए. कई कंपनियां पहले ही आयात बढ़ा चुकी हैं और दवाओं के दाम बढ़ा चुकी हैं. जेफरीज के विश्लेषक डेविड विंडले ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह फैसला 2026 के आखिर या 2027 से पहले लागू नहीं हो सकता है. अल्पकालिक प्रभाव यह होगा कि दवाओं की कमी बढ़ेगी. जबकि लंबे समय में इसका सीधा असर लागत और आपूर्ति पर पड़ेगा. ऑर्गेनिक केमिकल्स और मेडिकल उपकरण ऑर्गेनिक केमिकल्स भारत से अमेरिका को निर्यात 2.56 बिलियन USD की तुलना में अमेरिका से भारत को आयात 3.54 बिलियन USD से अधिक रहा है. भारत वैश्विक स्तर पर ऑर्गेनिक केमिकल्स का एक प्रमुख निर्यातक है और अमेरिका इसका सबसे बड़ा बाजार है. वहीं, मेडिकल उपकरण की बात करें तो भारत अमेरिका को मेडिकल उपकरण का भी काफी मात्रा में निर्यात करता है. इस पर टैरिफ का असर पड़ेगा. क्योंकि ज्यादा टैरिफ होने से सामान महंगे होंगे. हालांकि, भारत अमेरिका से करीब 5.7 बिलियन USD का आयात करता है. क्योंकि भारत अपनी हाई-एंड मेडिकल उपकरण जरूरतों के लिए अमेरिका पर निर्भर है.  

मोहन यादव का बड़ा बयान: प्रदेश में असामाजिक तत्वों का होगा सफाया, कानून-व्यवस्था पर फोकस

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश कई मामलों में देश में अव्वल है. प्रदेश को और आगे ले जाना है. हमारी सरकार खेती-किसानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और नए-नए उद्योग-धंधों की स्थापना के जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सबके साथ और सहयोग से सबके विकास के लिए साझा प्रयासों एवं सबको पूरे विश्वास में लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित 'इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव (भोपाल चैप्टर)' में मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. किसानों के रोजगार और जीवन सुधार के लिए नई पहल मुख्यमंत्री ने इस कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश की विशेषताओं के बारे में विस्तार से चर्चा कर प्रदेश के नवनिर्माण एवं बेहतरी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी.  उन्होंने मीडिया संवाद में कहा कि हम प्रदेश के किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं. इसीलिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन से दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक खेती के प्रोत्साहन और किसानों को सम्मान निधि देकर उनके जीवन में स्वावलंबन लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं. धार जिले में देश का पहला पीएम मित्रा पार्क मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग रोजाना नए-नए उद्योग-धंधों की स्थापना हो रही है. इससे हमारे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन होना है. उन्होंने कहा कि इससे पहले, बुधवार, 3 सितम्बर को नई दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए इच्छुक निवेशकों के साथ मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की जाएगी. प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन सहित मेडिकल टूरिज्म के साथ फॉरेस्ट और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की ओर स्पेशल फोकस किया जा रहा है. प्रदेश के तीर्थस्थलों का विकास और हेलीकॉप्टर सेवा जल्द शुरू  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 13 प्रमुख तीर्थस्थानों में स्थायी प्रकार के निर्माण कार्यों एवं नियमित प्रबंधन कर इनका विकास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि श्रीमहाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में तेजी से टूरिज्म बढ़ा है. साल 2024 में करीब 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए. उन्होंने कहा कि इसी से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार अब प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को हेलीकाप्टर के जरिए पहुंचाने का प्रबंध कर रही है. बहुत जल्द हम प्रदेश में इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं. नए कानून और नीतियों से निवेश बढ़ाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का दिल है. मध्य प्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति का हम समुचित लाभ उठाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भरपूर लैंड बैंक, सरप्लस बिजली और मजबूत अधोसंरचना है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश निवेशकों के लिए अनुकूल है. प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश लाने के लिए हमने कई अप्रासंगिक कानून बदले हैं. उद्योग लगाने के लिए शासकीय अनुमतियां भी कम से कम कर दी गई हैं. हम निवेशकों के हित में 18 नई औद्योगिक नीतियां भी लागू की गई हैं. मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता- मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. असामाजिक और गुंडा तत्वों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है. कानून को अपने हाथ में लेने वाले ऐसे तत्वों का प्रदेश से सफाया कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम राज्य की बेहतरी के लिए नए फैसले लेने में पीछे नहीं हटेंगे. लोकलुभावन वादों की जगह हम जनहित के निर्णयों पर तेजी से आगे बढ़ेंगे. उन्होंने मीडिया संवाद कार्यक्रम में एक निजी संस्थान से चलाए जा रहे हाईजीन प्रोग्राम के पोस्टर्स का विमोचन किया. कार्यक्रम में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मीडिया समूह के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारी/प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे.

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भोपालपटनम से आए परिवार को दिया संपूर्ण इलाज का भरोसा

रायपुर : 'पापा, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?' – दिल की बीमारी से जूझ रही मासूम शांभवी गुरला का सवाल   स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भोपालपटनम से आए परिवार को दिया संपूर्ण इलाज का भरोसा रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में होगा रियूमेटिक हार्ट डिजीज (आरएचडी) का इलाज रायपुर, रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में होगा रियूमेटिक हार्ट डिजीज (आरएचडी) का इलाज बीजापुर जिले भोपालपटनम ब्लॉक के वरदली गांव की 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय शांभवी गुरला की मासूम आंखों में एक ही सवाल था— “पापा, मुझे क्या हुआ है, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?” खेती-किसानी कर परिवार का गुजारा करने वाले उसके पिता इस सवाल पर अक्सर चुप हो जाते थे। तीन महीने पहले जिला अस्पताल बीजापुर में जब डॉक्टरों ने बताया कि शांभवी को रियूमेटिक हार्ट डिजीज (RHD) है, तो पिता के पांव तले जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने रायपुर में इलाज कराने की बात कही, लेकिन परिवार को लगा कि रायपुर में इलाज में तो बहुत ज्यादा खर्च लगता होगा, ये सोच कर परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं। घर में हर रोज यही चर्चा होती—“अब क्या होगा? हम अपनी बेटी का इलाज कैसे कराएंगे?” मां रोती और शांभवी को सीने से लगाकर कहती—“बेटा, सब ठीक होगा।” लेकिन उसके पिता की आंखों में चिंता साफ झलकती थी। आखिरकार उन्होंने हिम्मत जुटाई और बेटी को लेकर सीधे स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के पास पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने बच्ची से मुलाकात की और तुरंत ही रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में डॉ. स्मित श्रीवास्तव से बात की। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज तुरंत शुरू किया जाए। खर्च की चिंता मत करें, सरकार पूरी जिम्मेदारी लेगी।” स्वास्थ्य मंत्री की यह बात सुनते ही शांभवी की मां की आंखों से आंसू बह निकले। उन्होंने कांपती आवाज़ में कहा— “मंत्री जी, आप हमारी बेटी को नया जीवन दे रहे हैं। आप हमारे लिए किसी डाक्टर से कम नहीं।” स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर शांभवी को इलाज के लिए एसीआई रायपुर में लाया गया है। यहां डॉक्टरों की टीम उसकी जांच करेगी और उसका इलाज शुरू करेगी। गौरतलब है कि सरकार का यह कदम सिर्फ एक बच्ची के लिए नहीं, बल्कि राज्य के हर एक गरीब परिवार के लिए भरोसे का संदेश है। अब माता पिता के चेहरे पर खुशी के भाव देखकर आज शांभवी भी मुस्कुरा रही है और पिता से बार-बार पूछती है— “पापा, मैं जल्दी खेल पाऊंगी ना?” और इस बार पिता की आंखों में आंसू नहीं, बल्कि उम्मीद की चमक है।

स्कूल में सुविधाओं का अभाव, जींद में पेरेंट्स ने किया विरोध, गेट पर लगाया ताला

जींद सरकारी प्राइमरी स्कूलों की दयनीय स्थिति ने शिक्षित भारत के सपने को चुनौती दी है। विश्कर्मा कॉलोनी के प्राइमरी स्कूल में 131 बच्चों के लिए केवल दो कमरे और एक बरामदे की व्यवस्था है, जिसके कारण अभिभावकों ने नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए स्कूल के गेट पर ताला लगा दिया।  बारिश के मौसम में बच्चे 20 मिनट तक बाहर खड़े रहे, क्योंकि स्कूल में बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं है। पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चे इन सीमित संसाधनों में पढ़ने को मजबूर हैं।अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों के लिए न तो बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही पढ़ाई के लिए समुचित सुविधाएँ।  इस स्थिति से क्षुब्ध होकर उन्होंने स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया। सूचना मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी राजपाल देशवाल मौके पर पहुँचे और अभिभावकों को समझाकर ताला खुलवाया। खंड शिक्षा अधिकारी राजपाल देशवाल ने कहा, "हमें सूचना मिली थी कि विश्कर्मा कॉलोनी के प्राइमरी स्कूल के गेट पर अभिभावकों ने ताला लगाया है। हमने मौके पर जाकर स्थिति को संभाला और ताला खुलवाया। स्कूल में जगह की कमी है, यह सत्य है।  हमने अभिभावकों को समझाया और वैकल्पिक स्थान की तलाश शुरू कर दी है।"उन्होंने बताया कि स्कूल में 131 बच्चों के लिए केवल दो कमरे और एक बरामदा उपलब्ध है, जिसके कारण पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। अभिभावकों की शिकायतों को दूर करने का प्रयास किया गया है, और अब स्कूल में शांतिपूर्ण ढंग से कक्षाएँ संचालित हो रही हैं।यह घटना सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को रेखांकित करती है, जो बच्चों के भविष्य और शिक्षित भारत के लक्ष्य के लिए एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत करती है।

फोन कॉल विवाद: BJP MLA के संपर्क पर हाई कोर्ट जज ने केस से हटाया नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक जस्टिस ने हाल ही में खुलासा किया कि हाल ही में एक भाजपा विधायक ने किसी मामले के सिलसिले में उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। ऐसे में उन्होंने इस केस से खुद को दूर कर लिया है। मामला अवैध खनन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हाई कोर्ट में दायर एक रिट याचिका से जुड़ा है। 1 सितंबर को पारित एक आदेश में, जस्टिस विशाल मिश्रा ने कहा कि। भाजपा विधायक संजय पाठक ने एक पेंडिंग केस को लेकर उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की थी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा, संजय पाठक ने इस विशेष मामले पर चर्चा करने के लिए मुझे फो करने की कोशिश की है, इसलिए मैं इस रिट याचिका पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं हूं। इसलिए, जस्टिस मिश्रा ने मामले से खुद को अलग कर लिया और मामले को किसी अन्य पीठ के सामने सूचीबद्ध करने के लिए हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने रखने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा, इस मामले को उचित पीठ के पास सूचीबद्ध करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए। आशुतोष दीक्षित नाम के एक शख्स ने अवैध खनन का आरोप लगाते हुए आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), भोपाल का रुख किया था। इसके बाद उन्होंने ईओडब्ल्यू पर कोई ऐक्शन ना लेने का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट का रुख किया। दीक्षित ने दलील में कहा कि ईओडब्ल्यू समयबद्ध अवधि के भीतर शुरुआती जांच पूरी करने में विफल रहा। वहीं संजय पाठक ने इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर किया और कहा कि उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए। हालांकि इस रिट याचिका में पाठक पक्षकार नहीं थे।

राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर

कुल राजस्व मामले के निस्तारण में प्रयागराज दूसरे, गोरखपुर तीसरे और जाैनपुर चौथे स्थान पर     जनपद स्तरीय न्यायालयाें में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर पहले, लखीमपुर खीरी दूसरे और आजमगढ़ तीसरे स्थान पर      पिछले दस माह से जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में जौनपुर टॉप फाइव में     लखनऊ प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी खुद हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते रहते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) द्वारा अगस्त माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। बता दें कि जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले दस माह से जौनपुर टॉप फाइल जिलों में बना हुआ है।    राजधानी में सबसे अधिक कुल 19,178 मामले निस्तारित किये गये  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रदेश के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की अगस्त माह की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में पूरे प्रदेश में कुल 3,69,293 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 19,178 मामले निस्तारित किये गये, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज में कुल 10,693 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरे, गोरखपुर 9,560 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है। इसी तरह जाैनपुर ने 8,779 मामले निस्तारित कर चौथा और बाराबंकी ने 8,615 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।     जनपद स्तरीय न्यायालयाें में जौनपुर ने मारी बाजी, सबसे अधिक 612 मामले किये निस्तारित  जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की अगस्त माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 612 मामलों का निस्तारण किया है। इसका रेश्यो 244.80 प्रतिशत है। इसी के साथ जनपदीय न्यायायल में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 300 के सापेक्ष 379 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर लखीमपुर खीरी और मानक 350 के सापेक्ष 400 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर आजमगढ़ है। इसी तरह अगस्त में मऊ के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 91 मामलों का निस्तारण कर 303.33 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो की प्रदेश भर में सबसे अधिक है और मऊ प्रदेश भर में पहले स्थान पर है। वहीं बुलंदशहर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 79 मामले निस्तारित किये गये। वहीं जाैनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 68 मामले निस्तारित किये गये। इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किये गये मामलों में बुलंदशहर दूसरे और जौनपुर तीसरे स्थान पर है।     भू राजस्व संबंधित मामलों के निस्तारण में भी जौनपुर अव्वल  इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व जौनपुर निर्धारित मानक 50 के सापेक्ष कुल 208 वादों का निस्तारण कर प्रदेश में प्रथम स्थान पर हैं। वहीं अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व गाजीपुर कुल 30 वादों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर हैं तथा अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व मीरजापुर कुल 24 वादों का निस्तारण कर तीसरे स्थान पर हैं। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने 50 के मानक के मुकाबले 211 मामलों का निस्तारण कर 422 प्रतिशत हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि 105 मामले निस्तारित कर आजमगढ़ दूसरे और 80 मामले निस्तारित कर झांसी तीसरे स्थान पर है।  

6th नेशनल थाई बॉक्सिंग चैंपियन शीप 2025 में छत्तीसगढ़ ने दूसरा स्थान हासिल किया

रायपुर  थाई बॉक्सिंग इंडिया 6th नेशनल थाई बॉक्सिंग चैंपियन शीप 2025 का आयोजन थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन उत्तरप्रदेश द्वारा 29 अगस्त से 31अगस्त को बनारस में किया गया। इसमें पूरे देश भर से 22 राज्यों ने प्रतिनिधित्व कर  बनारस में अपना तीनों कैटेगरी सब जूनियर, जूनियर और सीनियर कैटेगरी खेल में अपना जौहर सभी राज्यों द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य से भी सभी जिलों से अपने स्कूलों से बच्चों को प्रतिनिधित्व के लिए उत्तर प्रदेश भेजा गया था। जिसमें मुख्य रूप से दंतेवाड़ा जिला, रायपुर जिला, कोरबा जिला एवं बिलासपुर जिले से लगभग 91 बच्चे खेल में भाग लिए। थाई बॉक्सिंग में बच्चे अपनी प्रतिभा दिखाते हुए छत्तीसगढ़ को दूसरा स्थान दिलाकर राज्य का गौरव बढ़ाया। जीत से लबरेज बच्चों का रायपुर आगमन पर रायपुर नगर निगम के महापौर मीनल चौबे ने बच्चों से मिलकर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की एवं साथ में उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं बच्चों को बधाई दी।

SC ने खारिज की जावेद की बेल रद्द करने की याचिका, जानें कन्हैया लाल केस में क्या हुआ

नई दिल्ली उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की हत्या के मामले एनआईए और कन्हैया के बेटे को सुप्रीम कोर्ट से मायूसी हाथ लगी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2022 के कन्हैया लाल मर्डर केस के एक आरोपी की जमानत के खिलाफ एनआईए और कन्हैया के बेटे की याचिकाओं को मंगलवार को खारिज कर दिया। याचिकाओं में जमानत रद्द किए जाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट के आदेश में दखल से इनकार जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने मोहम्मद जावेद को जमानत देने के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से मना कर दिया। सुप्रीम कोर्ट राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से जावेद को जमानत देने के आदेश के खिलाफ एनआईए और कन्हैया लाल के बेटे यश तेली की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। इन तथ्यों पर किया गौर रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए इस तथ्य पर विचार किया कि अभियोजन पक्ष ने 170 से अधिक गवाहों में से केवल 8 से ही पूछताछ की है। अदालत ने यह भी देखा कि घटना के समय आरोपी जावेद किशोर था। इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं का निपटारा करते हुए जावेद की जमानत बरकरार रखी। यश तेली की क्या दलील? यश तेली के वकील की दलील थी कि जावेद की भूमिका गंभीर है। उसने हमलावरों को बताया था कि कन्हैया उस समय कहां था। राजस्थान हाईकोर्ट ने अपराध की गंभीरता पर गहराई से विचार किए बिना ही फैसला दिया जो उचित नहीं था। हत्या देश भर में सांप्रदायिक रूप से उत्तेजित माहौल में की गई थी। सुनियोजित हत्या इस याचिका में दावा किया गया कि मुख्य अभियुक्त ने हत्या की साजिश रची, हथियार जुटाए, जगह की रेकी की और ठिकाने की जानकारी के लिए जावेद को लगाया। आरोपी ग्राहक बनकर कन्हैया लाल दर्जी की दुकान में घुसे। जब वह उनका नाप ले रहा था तो आरोपियों ने एक कैमरा लगा दिया साथ ही सांप्रदायिक नारे लगाए, मृतक पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी। वीडियो बना जारी किया वहीं एनआईए ने अपनी दलील में कहा कि आरोपी जावेद, कन्हैया लाल की दुकान के पास एक दुकान में काम करता था। जावेद ने ही हमलावरों को जानकारी दी थी कि कन्हैया लाल कहां मिलेगा। इस घटना की जांच एनआईए कर रही है। आरोपी मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस ने इस खौफनाक हत्याकांड का वीडियो बनाया और उसे ऑनलाइन साझा किया था। वीडियो पोस्ट कर ली थी जिम्मेदारी इस्लाम के खिलाफ नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट पर कन्हैया लाल की आरोपियों ने 28 जून, 2022 को उदयपुर के हाथीपोल इलाके में उसकी दुकान पर हत्या कर दी थी। 2022 की पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य अभियुक्त मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद कपड़े सिलवाने के बहाने लाल की दुकान में घुसे और चाकू से हमला कर उसका गला रेत दिया। आरोपियों ने वीडियो में जघन्य कृत्य की जिम्मेदारी भी ली थी। इसलिए की हत्या कन्हैया लाल दर्जी की दिनदहाड़े की गई हत्या, नारेबाजी और सोशल मीडिया में आरोपियों की ओर से वीडियो पोस्ट किए जाने की घटना से पूरा देश स्तब्ध था। आरोपियों ने निलंबित भाजपा नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में कथित पोस्ट करने पर कन्हैया लाल दर्जी की हत्या करने की बात कही थी। उदयपुर के इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस जघन्य कृत्य के खिलाफ पूरे देश में जन आक्रोश देखा गया था।